जेआईसीए ने दिल्ली मेट्रो पर रिपोर्ट जारी की
फोटो में तीनों को बातचीत करते दिखाया गया है. इसमें मोदी दोनों से यह पूछते दिखाई देते हैं, ‘आप लोगों ने देखा विपक्ष मेरे कैसे कैसे मेमे बनवाता है?’
इसके बाद ट्रंप की तस्वीर के साथ लिखा है कि उसे मेमे नहीं मीम कहते है. फिर थेरेसा मे को यह कहते दिखाया गया है, ‘तू चाय बेच.’
यह ट्वीट मंगलवार को शाम 6 बजे किया गया. इस ट्वीट पर विवाद हो गया है. विवाद बढ़ने के बाद ट्वीट को हटा लिया गया.गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया. उन्होंने पूछा, ‘क्या राहुल गांधी इस तरह के गरीब विरोधी ट्वीट का समर्थन करते हैं.’
रुपाणी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘युवा कांग्रेस की ओर से किया गया इस तरह का भेदभावभरा और गरीब विरोधी ट्वीट भारत के गरीबों के प्रति मानसिकता को दिखाता है. क्या शहजादे राहुल इसका समर्थन करते हैं?’
नई दिल्ली। पिछले साल की गई नोटबंदी के बाद से ही सरकार की लगातार कोशिश है कि देशभर में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दिया जाए, ताकि भ्रष्टाचार और काले धन पर लगाम लगाई जा सके, और इसी उद्देश्य से अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बैंकों में मिलने वाली चेक की सुविधा को भी खत्म कर सकती है.
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स का कहना है कि नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही चेक की व्यवस्था को खत्म करने का आदेश जारी कर सकती है. संगठन के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि सरकार क्रेडिट और डेबिट कार्डों के इस्तेमाल को लगातार बढ़ावा दे रही है, और इसे अधिक सुचारु और लोकप्रिय बनाने के लिए वह चेकबुक की सुविधा को भी खत्म कर सकती है.।
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महासचिव के मुताबिक नोटबंदी से पहले तक केंद्र सरकार को नए करेंसी नोटों की छपाई पर लगभग 25,000 करोड़ रुपये खर्च किया करती थी, और उनकी सुरक्षा पर 6,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ती थी। चेक की सुविधा को खत्म करने से कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में कितना लाभ होगा, इस सवाल के जवाब में प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि अधिकतर व्यापारिक लेनदेन चेक के जरिये ही होते है. उनका कहना था कि फिलहाल देश में 95 फीसदी लेनदेन नकदी या चेक के जरिये ही होते हैं. नोटबंदी के बाद नकदी के लेनदेन में कमी आई, सो, चेकों का इस्तेमाल निश्चित रूप से बढ़ा है.।
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डॉ. ठाकुर ने बताया कि आरटीआई में दी गई सूचना के अनुसार, कैबिनेट मंत्री को कार्यालय के कार्यों के लिए 1 वरिष्ठ चपरासी और 4 चपरासी यानी कुल 5 लोग मिलते हैं.
राज्यमंत्री को 1 वरिष्ठ चपरासी और 3 चपरासी यानी 4 लोग तथा उपमंत्री को 1 वरिष्ठ चपरासी तथा 1 चपरासी यानी 2 लोग कार्यालय में सहायता के लिए दिए जाते हैं.
डॉ. ठाकुर ने बताया कि सूचना के मुताबिक, अफसरों में सचिव से लेकर संयुक्त सचिव स्तर के अफसरों को मात्र 1 चपरासी अनुमन्य है, जबकि उपसचिव तथा अनुसचिव स्तर के अफसरों को 2 अफसर पर 1 चपरासी अनुमन्य है.इसी आरटीआई सूचना के अनुसार, सचिव स्तर के अधिकारी को 3 स्टेनोग्राफर और 1 व्यक्तिगत सहायक, अतिरिक्त तथा संयुक्त सचिव स्तर पर 2 स्टेनोग्राफर और 1 निजी सहायक एवं निदेशक स्तर पर 1 स्टेनोग्राफर दिया जाता है.
गौरतलब है कि साल 1995 में सीएजी की रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया था. इसके जरिए बिहार में करीब 950 करोड़ रुपए का बड़ा चारा घोटाला सामने आया. इस घोटाले में अलग-अलग जिलों के कोषागारों से अवैध रूप से निकासी की बात सामने आई थी.
चारा घोटाले में लालू यादव, जगन्नाथ मिश्र सहित कई बड़े अधिकारी आरोपी हैं. हाल ही में सीबीआई कोर्ट ने चाईबासा के तत्कालीन उपायुक्त सजल चक्रवर्ती को चारा घोटाले के एक मामले में दोषी करार दे दिया है. झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती घोटाले के समय चाईबासा के उपायुक्त पद पर तैनात थे. चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया. अब 21 नवंबर को इनकी सजा पर फैसला होगा. दोषी ठहराए जाने के बाद सजल को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया.
दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) को शहर के सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने के लिए “बहुत कम” करने के लिए उठाए जाने की घोषणा की, अगले एक साल में 2,000 नई सीएनजी बसें शुरू की जाएंगी।
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर स्कीम के लिए मानक गैर-एसी बसों की खरीद के लिए योजना- 1000 प्रत्येक को परिवहन विभाग द्वारा अंतिम रूप दिया गया है, जो कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में लिखा गया है।
“1,000 क्लस्टर बसों की खरीद के लिए 30 नवंबर तक निविदा आमंत्रित करने की सूचना है और विभाग को 10 महीने के भीतर इन बसों का रोलआउट पूरा करने का निर्देश दिया गया है।”
डीटीसी ने पहले ही एक बोली प्रबंधन सलाहकार की नियुक्ति के लिए ब्याज की अभिव्यक्ति प्रकाशित की है
ईपीसीए द्वारा खींचा गया
“बोली प्रबंधन सलाहकार की नियुक्ति के बाद, 1,000 डीटीसी बसों की खरीद के लिए निविदा जारी की जाएगी। लक्ष्य एक साल में इन बसों को बाहर रोल करना है, “बयान में कहा।
इससे पहले, ईपीसीए के अध्यक्ष भुरलाल ने श्री गहलोत को एक पत्र में कहा था कि दिल्ली सरकार के पास 2000 बसों तक पार्क करने के लिए पर्याप्त जमीन है और दावा किया गया है कि “अभी तक कोई भी बसें नहीं खरीदी गई हैं”।
डीपीसी टर्मिनलों में भूमि के बेहतर उपयोग के लिए ईपीसीए ने बहु स्तरीय पार्किंग के लिए भी खड़ा किया था, श्री लाल ने कहा
ईपीसीए प्रमुख ने कहा, “लेकिन हमें यह पता करने में मुश्किल हो रही है कि आपके [एएपी] सरकार द्वारा बसों की खरीद में तेजी लाने के लिए कौन सी कार्रवाई की गई है जिसके लिए पार्किंग की जगह उपलब्ध है,” ईपीसीए प्रमुख ने कहा, “उंगली की ओर इशारा करते हुए” ।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईपीसीए ने दिल्ली सरकार को अजीब-जहां तक योजना लागू करने का निर्देश नहीं दिया है, और कहा कि यह किसी भी अपवाद के पक्ष में नहीं है।
श्री गहलोत ने बुधवार को लाल लाल को अपने पत्र में कहा था कि ईपीसीए प्रदूषण से निपटने के लिए एनसीआर शहरों के दायित्वों पर “चुप रहता” था, जबकि दिल्ली सरकार की आलोचना की गई थी, जो कि अजीब-कार पर “फ्लिप-फ्लॉपिंग” राशन योजना
नशे में धुत दो युवकों ने इंडिगो के महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी की. घटना हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है.
न्यूज 18 पर छपी खबर के मुताबिक, हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो युवकों ने विमानसेवा के महिलाकर्मियों के साथ बदसलूकी. दोनों ही नशे में धुत थे.
मामला बढ़ता देख पुलिस बुलानी पड़ी. बाद में युवकों ने महिलाओं से पैर पकड़ कर माफी मांगी. इस पूरे वाकए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सब इंस्पेक्टर रमेश नाइक के मुताबिक महिलाकर्मियों ने उन दोनों के खिलाफ किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है. दोनों युवक छात्र बताए जा रहे हैं. माफी के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.
बीते 7 नवंबर को एक वीडियो सामने आया जिसमें इंडिगो स्टाफ एक यात्री के साथ धक्कामुक्की करते देखा गया. इसके बाद विमानन कंपनी ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांग ली थी.
वहीं फेमस शटलर पी. वी सिंधु के साथ भी बदलूकी की खबर आई थी.
हालांकि, वह अभी भी अपने ब्रिक्स (रिपीट) ब्रिक्स समकक्षों की तुलना में नीचे हैं. मुद्राकोष की सूची में खनिज तेल सम्पन्न कतर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है. यह रैंकिंग अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की अक्टूबर 2017 की क्रय शक्ति समानता पर आधारित आंकड़ों पर जारी की गई है.
भारत में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी पिछले साल 6,690 डॉलर के मुकाबले बढ़कर इस साल 7,170 डॉलर हो गया और वह 126वें पायदान पर पहुंच गया. दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में क्रेडिट सुइस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2.45 लाख करोड़पति हैं और देश की कुल घरेलू संपदा 5000 अरब डॉलर है.
प्रति व्यक्ति औसत 1,24,930 डॉलर के जीडीपी के साथ कतर 2017 में सबसे अमीर देश रहा. इसके बाद मकाउ (प्रति व्यक्ति जीडीपी -1,14,430 डॉलर) और लक्ज़मबर्ग (1,09,109 डॉलर) का स्थान है.ब्रिक्स देशों में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी के लिहाज से भारत का स्थान सबसे नीचे हैं. रूस में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी 27,900 डॉलर जबकि चीन में 16,620 डॉलर, ब्राजील में 15,500 डॉलर और दक्षिण अफ्रीका में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी 13,400 डॉलर है. शीर्ष 10 देशों में चौथे स्थान पर सिंगापुर ( 90,530 डॉलर), पांचवें पर ब्रूनई (76,740 डॉलर), छठवें पर आयरलैंड (72,630 डॉलर), सातवें पर नोर्वे ( 70,590 डॉलर), आठवें पर कुवैत ( 69,670 डॉलर), 9वें पर संयुक्त अरब अमीरत ( 68,250 डॉलर), 10वें पर स्विट्जरलैंड ( 61,360 डॉलर) है.
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‘डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए चेकबुक बंद करेगी सरकार’
इसके बाद सभी सरपंच जिला परिषद सीईओ के कार्यालय पहुंचे और सीईओ केसर लाल मीणा का घेराव कर अपनी बात रखी. इस दौरान सरपंचों ने जमकर नाराजगी जताई. सरपंचों ने सीईओ से कहा कि जल्द से जल्द अटके हुए पैसे का भुगतान किया जाए ताकि ठेकेदार सामग्री का भुगतान कर सकें.
सरपंचों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं होता है तो वे मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित ग्राम पंचायतों को मिले हुए सभी कार्यों को ठप कर देंगे. वहीं मनरेगा के तहत कच्चे व पक्के निर्माण कार्यों के 60-40 के अनुपात बिगड़ने के पीछे भी सरपंचों ने अधिकारियों को ही जिम्मेदार बताया.
सरपंचों ने कहा कि जिस वित्तीय वर्ष में कार्य पूरा हुआ हो उसे उसी में माना जाए. जबकि वर्तमान में भुगतान के वित्तीय वर्ष में कार्य को पूर्ण माना जा रहा है. जिससे कच्चे व पक्के कार्यो का 60-40 का अनुपात गड़बड़ हो रहा है और अधिकारी भुगतान को अटका देते हैं. सरपंचों ने सीईओ व एसीईओ से जमकर बहस की.(रिपोर्ट- महेंद्र )
नौ अन्य उम्मीदवार हैं: अबदास सीट से प्रद्युम्न सिंह जडेजा, भुज से आदम बी चाकी, रापार से संतोक अरेथिया, राजकोट से मिथुल डोंगा, राजकोट दक्षिण से दिनेश चोवातिया, जामनगर उत्तरी से जीवन कुंभरवादिया , जामनगर दक्षिणी से अशोक लाल, खांभालिया से विक्रम मदाम और द्वारका से मेरामन गारिया.
गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए दो चरणों में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे. मतों की गणना 18 दिसंबर को होगी. कांग्रेस ने कल ही पहले चरण के वास्ते 77 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी.