सास तो सास होती है. सास अक्सर बहुओं को सुनाती हैं कि उन्होंने जिंदगी में क्या-क्या पापड़ नहीं बेले, उन्होंने बहुओं से ज्यादा दुनिया देखी हैं. उन्होंने जिंदगी में जो झेला है, बहुए तो वो कर ही नहीं सकतीं. उलाहनों की इस रेस में शायद ही कोई बहू अपनी सास से आगे निकले, लेकिन देश की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी में से एक इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी एक मामले में अपनी सास इंदिरा गांधी से काफी आगे निकल गई हैं.
4 दिसंबर को आईएनसी के अध्यक्ष पद पर होने जा रही राहुल गांधी की ताजपोशी के बाद सोनिया गांधी अध्यक्ष का पद छोड़ देंगी. सोनिया गांधी इस पद पर सबसे लंबे समय तक काबिज रहने वाली शख्सियत हैं.
यही वजह है कि 19 साल तक पार्टी नेतृत्व करने वाली सोनिया गांधी ने कुल 6 साल आइएनसी का अध्यक्ष पद संभालने वाली अपनी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया है.
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सोनिया गांधी और उनकी सास इंदिरा गांधी PHOTO_PTI
इंदिरा गांधी ने अपने जीवन में तीन बार आईएनसी के अध्यक्ष का पदभार संभाला था. 1959 में एक साल विशेष सत्र में आईएनसी की अध्यक्ष रहने के साथ ही इंदिरा गांधी ने 1978-83 और फिर 1883-84 तक पदभार संभाला.
जबकि इंदिरा गांधी से तीन गुना से ज्यादा समय तक उनकी बहू सोनिया गांधी ने कांग्रेस को एक सूत्र में पिरोने में योगदान दिया है.
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बर्लिन में इंदिरा गांधी, Photo- PTI
बता दें कि सोनिया गांधी 1998 में इंडियन नेशनल कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं. तब से लेकर अब तक इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर सोनिया गांधी को 19 साल हो गए हैं. सोनिया ने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान पार्टी को दो बार केंद्र की सत्ता तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया है.
पंडित नेहरू और महात्मा गांधी भी हैं सोनिया से पीछे
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देश के पहले प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी. Photo_PTI
सोनिया गांधी ने नाना ससुर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी कांग्रेस की कमान संभाली. यहां तक कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कुल 8 साल तक इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. पंडित नेहरू 1929-30 के बाद 1936, 37, 51-52, 53, 54 तक 6 बार अध्यक्ष बनाए गए. हालांकि उनका कार्यकाल एक-दो साल का ही रहा. वहीं महात्मा गांधी ने भी 1924 में इंडियन नेशनल कांग्रेस में अध्यक्ष रहते हुए सेवा की.
सोनिया गांधी से ज्यादा लंबे समय तक कोई भी नेता अध्यक्ष पद पर नहीं रहा. ऐसे में इंदिरा गांधी, सरोजिनी नायडू, एनी बेसेंट महिला अध्यक्षों के अलावा पुरुषों में भी सोनिया ने ही सबसे ज्यादा समय तक जिम्मेदारी संभाली है.
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सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह, PHOTO- PTI
सोनिया के नेतृत्व में दो बार केंद्र की सत्ता पर रहा कब्जा
सोनिया गांधी के नेतृत्व में आम चुनाव लड़ने वाली इंडियन नेशनल कांग्रेस का दो बार केंद्र की सत्ता पर कब्जा हुआ. 2004-2014 तक केंद्र में दो बार कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन, यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) सत्ता में रही. इसके साथ ही कई राज्यों में भी कांग्रेस ने कुर्सी पर कब्जा जमाया. अक्सर ही यह बात उठती है कि उस दौरान सोनिया गांधी चाहती तो पीएम की कुर्सी पर बैठ सकती थीं, लेकिन उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया. वहीं खुद गठबंधन और पार्टी को मजबूती देने के साथ ही राजनीति में अहम भूमिका निभाती रहीं.
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राहुल गांधी, अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका बाड्रा के साथ. PHOTO_PTI
अब तक 59 रहे हैं कांग्रेस के अध्यक्ष
बता दें कि 1885 से लेकर 2017 तक कांग्रेस के कुल 59 अध्यक्ष रहे हैं. लेकिन सोनिया के अलावा किसी ने 10 साल से अधिक कांग्रेस का नेतृत्व नहीं किया. आजादी से पहले इंडियन नेशनल कांग्रेस के सबसे पहले अध्यक्ष डब्ल्यू सी बनर्जी बने. वहीं अन्य लोगों के कुर्सी संभालने के कई सालों बाद सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, राजीव गांधी आदि ने भी कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी ली. अब राहुल यह जिम्मेदारी उठाने वाले हैं.