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  • गुजरात चुनाव: कांग्रेस के साथ नहीं बनी राकांपा की बात, अपनी सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव

    गुजरात चुनाव: कांग्रेस के साथ नहीं बनी राकांपा की बात, अपनी सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव

     

     

    कांग्रेस के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की बातचीत सभी तरह से विफल रही है. जिसके बाद (राकांपा) का कहना है कि वह गुजरात विधानसभा चुनाव में सभी 182 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी.

    शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी और कांग्रेस ने राज्य में 2007 और 2012 के चुनाव एकसाथ लड़े थे. वर्तमान में गुजरात विधानसभा में राकांपा के दो विधायक हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गठबंधन राकांपा द्वारा अधिक सीटों की मांग करने के कारण टूटा है.

    राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, हम सभी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. हम जल्द ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगे.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, मुझे लगता है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की बजाय हमारा सभी सीटों पर स्वयं चुनाव लड़ना बेहतर होगा. आज राकांपा द्वारा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किये जाने की संभावना है.कांग्रेस ने रविवार रात 77 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी. इस पहली सूची में वे सीटें भी शामिल थीं जिनकी मांग राकांपा कर रही थी.

    कांग्रेस के राज्य प्रभारी अशोक गहलोत ने कहा, राकांपा को गुजरात में अपनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सीटों की मांग करनी चाहिए थी. उन्होंने पत्रकारों से कहा, सीटों का बंटवारा तभी संभव हो पाता, अगर उन्होंने सीमित मांग रखी होती. गुजरात में चुनाव नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को दो चरणों में होंगे और मतगणना तथा परिणाम की घोषणा 18 दिसंबर को की जाएगी.

  • हरियाणा BJP नेता का ऐलान- भंसाली-दीपिका का सिर काटने वाले को 10 करोड़ रुपये

    हरियाणा BJP नेता का ऐलान- भंसाली-दीपिका का सिर काटने वाले को 10 करोड़ रुपये

     

     

    ‘पद्मावती’ के निर्माताओं के फिल्म रिलीज़ को टालने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हरियाणा बीजेपी प्रमुख मीडिया संयोजक सूरज पाल अमू ने रविवार को कहा कि जो भी संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का सिर कलम करेगा उसे 10 करोड़ का इनाम दिया जाएगा.

    अमू का बयान मेरठ निवासी एक क्षत्रिय समुदाय के व्यक्ति के बयान के दो दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने निदेशक और पद्मावती का किरदार निभाने वाली अदाकारा के सिर कलम करने वाले को 5 करोड़ इनाम देने की घोषणा की थी. अमू ने युवक को बधाई दी.

    उन्होंने कहा, ‘मैं उन लोगों के परिवाप को भरन-पोषण करूंगा जो भंसाली और दीपिका का सिर काटकर लाएंगे.’ उन्होंने धमकी दी कि वो अभिनेता रणवीर सिंह के पैर तोड़ देंगे अगर उन्होंने अपने शब्द वापिस नहीं लिए.

    अमू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं बख्शा और उनके ‘भाइयों और बहनों’ बोलने के तरीके पर कटाक्ष किया. मोदी की चुप्पी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ‘आपको बोलना पड़ेगा. अगर मुझे मेरे पद से इस्तीफा भी देना पड़ा, आपको बोलना पड़ेगा, मोदी जी.’

    वो राजपूत नेताओं की एक सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को भी आड़े हाथों लिया जिन्होंने केंद्र से आग्रह किया था कि पद्मावती को तब तक रिलीज़ ना किया जाए जब तक कि उसमें ज़रूरत के हिसाब से बदलाव न किए जाएं.

    जनसभा में उठ रहे गर्जन के बीच उन्होंने कहा, ‘फिल्म में संशोधन की बात करने की ज़रूरत नहीं है. हम इसे थिएटरों में घुसने ही नहीं देंगे.’

    ‘पद्मावती’ को करणी सेना समेत कई राजपूत समुहों से विरोध का सामना करना पड़ रहा है जिनका कथित तौर पर दावा है कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है.

    इस हफ्ते की शुरुआत में विवाद ने उस वक्त व्यापक रूप अख्तियार किया जब करणी सेना के नेताओं ने दीपिका पदुकोण की नाक काटने की धमकी दे डाली.

  • INTERVIEW: विजय रुपाणी बोले, पाटीदार हमारे साथ हैं

    INTERVIEW: विजय रुपाणी बोले, पाटीदार हमारे साथ हैं

     

     

    गुजरात विधानसभा चुनाव में कुछ दिन बचे हैं. बीजेपी और कांग्रेस ने इस राज्य में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट (70 उम्मीदवार) और दूसरी लिस्ट (36 उम्मीदवार) जारी कर दी है. इसमें सीएम विजय रुपाणी का नाम भी शामिल है. रुपाणी राजकोट पश्चिम से चुनाव लड़ेंगे.

    गुजरात चुनाव हमेशा से बीजेपी के लिए नाक का सवाल रहा है. यहां विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की रणनीति, कांग्रेस की हालत और पाटीदार नेताओं को लेकर News18 हिंदी ने गुजरात के सीएम विजय रुपाणी से बात की. पेश है रुपाणी से हुई बातचीत के मुख्य अंश…

    -22 साल की सबसे कठिन चुनौती है आपके सामने?
    आप गलत कह रहे हैं. जनता हमें 150 सीट देने वाली है. मोदीजी ने जिस तरह से गुजरात का विकास किया है, देश का विकास किया है, जनता हमारा साथ जरूर देगी.-हार्दिक और कांग्रेस के बीच बात नहीं बनी, पास (PAAS) का तोड़फोड़?
    हमें हार्दिक पटेल से कोई लेना देना नहीं है. दोनों को शक्ति मिले ऐसी कामना है. ये उन दोनों के बीच की बात है. इसमें मैं क्या बोल सकता हूं?

    -125 साल पुरानी कांग्रेस की स्थिति नि:सहाय जैसी है. कांग्रेस तीन लोगों के साथ आउटसोर्सिंग करके चुनाव लड़ रही है. इसपर क्या कहेंगे?
    ऐसा नहीं है. हम 150 से ज्यादा सीटें जीतेंगे.

    -आपकी पार्टी में भी टिकट को लेकर असंतोष है?
    कमलम (बीजेपी दफ्तर) बीजेपी कार्यकर्ताओं का घर है. एक सीट पर 50 लोगों ने टिकट मांगा था. इनमें से किसी एक को मिलेगा. कार्यकर्ता दुखी होते हैं, थोड़ा रोना धोना होता है. भरोसा है कि दो या तीन दिन में मामला शांत हो जाएगा.

    -अगर कांग्रेस के साथ सभी हैं, तो कांग्रेस 3 लोगों के सामने सरेंडर क्यों कर रही है? 
    कांग्रेस के साथ कोई नहीं है.

    -कांग्रेस के तीन एजेंट एक्सपोज़ हो गए हैं?
    पाटीदार हमारे साथ हैं.

    -राहुल के गुजरात दौरे और मंदिर दर्शन पर क्या कहेंगे?
    मोदी जी अक्षरधाम आए तो पीछे पीछे राहुल गांधी भी आ गए. दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर राहुल गांधी के फार्म हाउस से 5 किमी है दूर है. लेकिन, वह वहां नहीं गए. राहुल चुनाव की वजह से गुजरात के मंदिरों में माथा टेक रहे हैं. हम प्रार्थना करते हैं कि राहुल की मैच्योरिटी बढ़े.

    -गुजरात में पीएम मोदी कब से प्रचार शुरू करेंगे?
    27 या 28 तारीख से प्रधानमंत्री का गुजरात दौरा शुरू होगा.

  • सरकार ने 10 करोड़ किसानों को विस्‍थापित किया : मेधा पाटकर

    सरकार ने 10 करोड़ किसानों को विस्‍थापित किया : मेधा पाटकर

     

     

    फसलों के बेहतर दाम और कर्जमुक्ति की मांग को लेकर देशभर के किसान संसद मार्ग पहुंच चुके हैं. बताया जा रहा है कि 21 राज्‍यों के करीब 180 से ज्यादा संगठनों के किसान दिल्ली पहुचे हैं.किसानों की मांग है कि किसानों को आत्‍महत्‍या करने से बचाया जाए.

    किसान मुक्ति संसद का नेतृत्‍व कर रहीं मेधा पाटकर ने कहा कि यह एतिहासिक क्षण है कि देशभर की किसान महिलाएं संसद मार्ग पर आई हैं और अपना मांगपत्र पेश कर रही हैं. किसान महिलाओं की मांग है कि किसानों, कृषि श्रमिकों, आदिवासियों और भूमिहीन कृषि कामगारों के जीवनस्‍तर को सुधारा  जाए.

    उन्‍होंने कहा कि सरकार ने नर्मदा घाटी के किसानों सहित देशभर से करीब 10 करोड़ किसानों को बिना पुनर्वास की सुविधाएं दिए विस्‍थापित कर दिया है. किसानों के विकास के संबंध में कोई वैकल्पिक नीति लागू नहीं की गई. उन्‍होंने कहा कि किसान विकास चाहते हैं विनाश नहीं.

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    फसल का लाभकारी मूल्‍य दिलाने की मांग लेकर आई किसान महिलाएं

    इस दौरान संसद मार्ग पर पहुंचे लोगों में मौजूद जय किसान आंदोलन और स्‍वराज अभियान के योगेंद्र यादव ने भी किसानों के समर्थन में कहा कि किसानों की कृषि उपज के लाभकारी मूल्‍य का विधेयक बने और जल्‍द से जल्‍द लागू हो. उन्‍होंने कहा कि किसान ही है जो पूरे देश के लिए रोजी-रोटी पैदा कर रहा है. अगर इसी को दरकिनार किया जाएगा तो सभी के लिए मुश्किलें होंगी.

    इस दौरान किसान मुक्ति संसद में बीएम सिंह, सांसद राजू शेट्टी आदि भी शामिल हुए. उनका कहना है कि सरकार लगातार किसान विरोधी नीतियां ला रही है. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए.

  • चार साल में 78 कुष्ठरोगियों की मौत का कारण नहीं बता पाई दिल्ली सरकार

    चार साल में 78 कुष्ठरोगियों की मौत का कारण नहीं बता पाई दिल्ली सरकार

     

     

    दिल्ली सरकार कुष्ठ और क्षय रोग पीड़ितों के लिए बने सरकारी भिक्षु गृह में 78 रोगियों की मौत का कारण राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के बीते चार साल में बार-बार पूछे जाने के बावजूद अब तक नहीं बता पायी है. आयोग अब तक तीन विभागों के अधिकारियों से अलग-अलग जांच कराने को कह चुका है लेकिन नतीजा सिफर ही रहा.

    आयोग ने सरकार के इस रवैये पर हैरानी जताते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव को ताहिरपुर स्थित भिक्षु गृह में साल 2008 से 2012 के बीच 78 कुष्ठ रोगियों की मौत के कारणों की जांच कराने को कहा है. आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव को जारी नोटिस में एसडीएम की जांच रिपोर्ट अगले साल 21 जनवरी तक पेश करने का निर्देश दिया है.

    इस बारे में दिल्ली सरकार की ओर से ये कहते हुए कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार कर दिया गया कि मामला आयोग में विचाराधीन है और सरकार आयोग के समक्ष ही अपना जवाब प्रस्तुत करेगी.

    दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के संचालित इस भिक्षु गृह में 78 कुष्ठ रोगियों की मौत का खुलासा अप्रैल 2013 में विभाग की ओर से दिए गए आरटीआई के जवाब में हुआ था. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निगरानी परिषद के आरटीआई आवेदन में इस भिक्षु गृह में कुष्ठ और क्षय रोगियों की देखभाल के बदइंतज़ामों के बारे में पूछा गया था. इसके जवाब में विभाग ने माना कि भिक्षु गृह की क्षमता 300 लोगों को रखने की है लेकिन उस समय इसमें 595 रोगी रह रहे थे.विभाग ने सीमित संसाधनों वाले इस भिक्षु गृह में साल 2008 से 2012 के बीच 78 रोगियों की मौत का ब्योरा तो अपने जवाब में दे दिया था लेकिन इनकी मौत की वजह अब तक नहीं बता पाया है.

    विभाग के जवाब पर संगठन के प्रमुख राजहंस बंसल ने सितंबर 2013 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष भिक्षु गृह में वित्तीय अनियमितताओं को रोगियों की मौत की वजह बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की.

    आयोग के बार-बार के नोटिस पर समाज कल्याण विभाग ने फरवरी 2015 में आयोग के समक्ष एक रिपोर्ट तो पेश कर दी लेकिन इसमें रोगियों की मौत का कारण और वित्तीय अनियमितताओं पर एक शब्द नहीं बोला. इस पर आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर गृह विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी को रोगियों की मौत का कारण पता कर भिक्षुओं की दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी भी देने का आदेश दिया.

    इस पर भी सरकार से कोई रिपोर्ट नहीं मिलने से नाराज़ आयोग ने इस साल दो अगस्त को मुख्य सचिव को समन जारी कर 26 अगस्त को खुद पेश होने का निर्देश दिया. इस पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने गत सितंबर में आयोग के समक्ष दो रिपोर्ट तो पेश कर दीं लेकिन इनमें सिर्फ 22 रोगियों की मौत की वजह का खुलासा किया जबकि आयोग ने प्रत्येक रोगी की मौत का अलग-अलग कारण बताते हुए रिपोर्ट देने को कहा था.

    मामले की 13 नवंबर को हुई पिछली सुनवाई पर आयोग ने मुख्य सचिव से कुष्ठ एवं क्षय रोग से पीड़ित भिक्षुओं के लिए ताहिरपुर स्थित भिक्षु गृह में चिकित्सा एवं अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है. साथ ही 78 रोगियों की मौत के कारणों की जांच पूर्वी दिल्ली के एसडीएम से किसी प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि की मौजूदगी में करा कर अगले साल 21 जनवरी तक रिपोर्ट देने का अंतिम अवसर दिया है.

    आयोग ने मुख्य सचिव से ये बताने को भी कहा है कि केजरीवाल सरकार के हाल ही में गरीबों को दस रुपये में भोजन मुहैया कराने की हाल ही में शुरू की गयी योजना के तहत क्या दिल्ली के सभी आश्रय स्थलों में रहने वालों को भी भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है.

  • VIDEO: विदेश में करनी है पढ़ाई तो ये 15 देश हैं सबसे सस्ते!

    VIDEO: विदेश में करनी है पढ़ाई तो ये 15 देश हैं सबसे सस्ते!

     

     

    विदेश की किसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का सपना तो हर किसी का होता है लेकिन इसे पूरा कैसे किया जाएगा ये कम ही लोगों को पता होता है. दुनिया में इतने सारे देश हैं और कहां पढ़ाई करना आपकी जेब के मुफीद होगा, ये जानना भी बेहद ज़रूरी है. बता दें कि दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां विदेशी स्टूडेंट्स के लिए भी शिक्षा मुफ्त है साथ ही कुछ शर्तों के साथ रहने-खाने का खर्चा निकालने के लिए काम करने की भी आज़ादी है. आज हम आपको ऐसे ही 20 देशों के बारे में बता रहे हैं जहां पढ़ाई करना बेहद सस्ता है…

    1. Norway:

    नॉर्वे उन देशों में से एक है जहां पढ़ाई करने के लिए आपको यूनिवर्सिटी को कोई भी ट्यूशन फीस नहीं चुकानी होती. आप ऑनलाइन यहां की यूनिवर्सिटी में अप्लाई कर सकते हैं और एडमिशन कंफर्म होने पर वीजा भी आसानी से मिल जाता है. हालांकि नॉर्वे लिविंग कॉस्ट के मामले में बाकी देशों से महंगा है. यहां स्टूडेंट वीजा पर आए लोगों को नौकरी करने की आज़ादी नहीं है हालांकि लोकल ऑथोरिटी से इजाज़त लेकर पार्ट टाइम का परमिट मिल जाता है. ओस्लो यूनिवर्सिटी, बर्जेन यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी बेस्ट मानी जाती हैं.

    2. Taiwanसस्ती और वर्ल्ड क्लास पढ़ाई के लिए ताइवान एशिया में ताइवान सबसे सस्ता देश है. हालांकि यहां पढ़ाई फ्री नहीं है लेकिन दुनिया में 68वें रैंक पर काबिज ताइवान यूनिवर्सिटी के सबसे महंगे कोर्स की सालाना फीस 2 लाख रुपए के आस-पास है. यहां रहना भी बेहद सस्ता है और सालाना आपकी जेब पर यहां डेढ़ लाख रुपए का बोझ पड़ता है. यूरोप-अमेरिका के मुकाबले यहां पढ़ाई आधे से भी कम पैसों में पूरी की जा सकती है. Taiwan और Chiao Tung यूनिवर्सिटी टॉप 2 हैं.

    4. France
    पढ़ाई के लिहाज से फ्रांस भी दुनिया के सबसे सस्ते देशों में से एक है. सरकारी यूनिवर्सिटी में बैचलर्स के लिए यहां अधिकतम सालाना फीस 15 हज़ार जबकि मास्टर्स के लिए करीब 30 हज़ार के आस-पास है. फ्रांस की सबसे अच्छी बात है ‘राइट टू वर्क’ जो कि इंटरनेश्नल स्टूडेंट्स के लिए समान रूप से लागू होता है. यहां पढ़ाई के दौरान आप नौकरी भी कर सकते हैं. पेरिस छोड़ दें तो लिविंग कॉस्ट के मामले में भी फ्रांस बाकी यूरोपीय देशों के मुकाबले सस्ता है. यहां रहने के लिए सालाना आपको 4 लाख रुपए के आस-पास खर्च करने होंगे. Ecole Normale Supérieure और Pierre et Marie Curie टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    5. Mexico
    मैक्सिको लैटिन अमेरिका का स्टडी हब माना जाता है. अमेरिकी कॉन्टिनेंट के बाकी देशों के मुकाबले ये सस्ता भी है. यहां यूनिवर्सिटी की सालाना फीस 3 लाख रुपए के आस-पास है. रहने के लिए राजधानी मैक्सिको सिटी छोड़ दें तो लिविंग कॉस्ट एवरेज है. यहां रहने के लिए आपको सालाना 4 लाख रुपए तक खर्च करने पड़ेंगे. UNAM और Tec de Monterrey टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.

    6. Finland
    फिनलैंड भी उन देशों में से है जहां यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए किसी तरह की ट्यूशन फ़ीस नहीं ली जाती है. यहां पढ़ाई के दौरान हर हफ्ते 25 घंटे काम करने की भी आज़ादी है. लिविंग कॉस्ट के मामले में ये यूरोप के सबसे महंगे देशों में से एक है इसलिए आपको हर महीने करीब 70 हज़ार रुपयों की ज़रुरत होगी. फिनलैंड की यूनिवर्सिटी इंटरनेश्नल स्टूडेंट्स को कई तरह की स्कॉलरशिप भी देती है. http://www.studyinfinland.fi पर विजिट कर इसकी जानकारी हासिल की जा सकती है. Aalto और Helsinki टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    7. Argentina
    साउथ अमेरिकन देश अर्जेंटीना में भी पढ़ाई मुफ्त नहीं है लेकिन बाकी अमेरिकी कॉन्टिनेंट के देशों के मुकाबले सस्ती है. यहां कि यूनिवर्सिटी फीस करीब तीन लाख रुपए सालाना के आसपास है. लिविंग कॉस्ट भी यहां एवरेज है और साल भर खर्चा चलाने के लिए आपको करीब 4 लाख रुपए की ज़रुरत पड़ने वाली है. पढ़ाई के साथ यहां पार्ट टाइम करने की इजाज़त मिल जाती है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ अर्जेंटीना और Buenos Aires यूनिवर्सिटी टॉप 2 हैं.
    8. Poland
    पोलैंड भी उन देशों में से है जहां यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से किसी तरह की ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है. अगर आपको पॉलिश भाषा आती है तो यूनिवर्सिटी में आपको अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाती हैं. लिविंग कॉस्ट के मामले में ये देश थोड़ा महंगा है क्योंकि एक साल रहने पर आपको करीब 6 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे. यहां भी स्टूडेंट्स को पार्ट टाइम काम करने की इजाज़त है. Warsaw और Jagiellonian टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    9. Malaysia
    पढ़ाई के लिहाज से मलेशिया फ्री तो नहीं है लेकिन बेहद सस्ता है. यहां पब्लिक यूनिवर्सिटी में अधिकतम फीस 2 लाख रुपए है जबकि लिविंग कॉस्ट के मामले में ये देश बेहद ही सस्ता है. यहां रहने के लिए आपको सालाना करीब सवा लाख रुपए खर्च करने होंगे. Nottingham Malaysia और University Sunway टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    10. South Africa
    साउथ अफ्रीका भी पढ़ाई के लिए बाकी के मुकाबले काफी सस्ता है. यहां यूनिवर्सिटी में एवरेज ट्यूशन फीस 2 लाख रुपए सालाना के आस-पास है. हालांकि लिविंग कॉस्ट के मामले में ये देश थोड़ा महंगा है. रहने-खाने पर आपको सालाना 4 लाख रुपए खर्च करने होंगे. साउथ अफ्रीका की यूनिवर्सिटी कई तरह के स्कॉलरशिप प्रोग्राम्स भी चलती हैं जो इंटरनेश्नल स्टूडेंट्स के लिए काफी फायदेमंद हैं. Cape Town और Wits टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    11. Ukrain
    पढ़ाई के लिए यूक्रेन दुनिया के सबसे सस्ते देशों में से एक है. यहां एजुकेशन फ्री नहीं है बल्कि बेहद सस्ती है. यूक्रेन की यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस 20 हज़ार रुपए के आस-पास है. लिविंग कॉस्ट के मामले में भी ये देश सस्ता है और इस पर सालाना आपको करीब 2 लाख रुपए खर्च करने होंगे. VNKKN और Taras Schevchenko टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    12. New Zealand
    न्यूजीलैंड भी पढ़ाई के लिए बजट में आने वाले देशों में से एक माना जाता है. यहां यूनिवर्सिटी में एवरेज ट्यूशन फीस 10 लाख रुपए है जबकि लिविंग कॉस्ट भी सालाना 10 लाख रुपए के आस-पास है. न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी कई ऐसे फंडिंग प्रोग्राम्स चलाती हैं जिससे आपकी पूरी ट्यूशन फीस फंड हो सकती है. Auckland और Otago टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    13. Sweden
    बीते साल तक स्वीडन की हर यूनिवर्सिटी में भी स्टूडेंट्स को किसी तरह की ट्यूशन फीस नहीं चुकानी होती थी. अब यूरोपीयन यूनियन से बाहर के स्टूडेंट्स के लिए फीस इंट्रोड्यूस की गई है. हालांकि ये फीस भी करीब 8 लाख रुपए सालाना है. लिविंग कॉस्ट के मामले में स्वीडन एवरेज है और यहां आपको सालाना 5 लाख रुपए खर्च करने होंगे. Karolinska और Uppsala टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    14. Denmark
    यहां भी यूरोपीयन यूनियन के स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई फ्री है. हालांकि मास्टर्स के लिए कहीं के भी स्टूडेंट को ट्यूशन फीस नहीं चुकानी होती. लिविंग कॉस्ट के मामले में डेनमार्क यूरोप का तीसरा सबसे महंगा देश है और रहने-खाने पर यहां आपको सालाना 10 लाख रुपए तक खर्च करने होते हैं. Aarhus और Copenhagen टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.
    15. Austria
    यूरोपीयन यूनियन के स्टूडेंट्स के लिए कोई ट्यूशन फीस नहीं है लेकिन बाकी के लिए सालाना करीब 30 हज़ार रुपए फीस है. लिविंग कॉस्ट भी करीब 8 लाख रुपए सालाना है. यहां आप पढ़ाई के साथ साथ पार्ट टाइम काम भी कर सकते हैं. Vienna और Innsbruck टॉप 2 यूनिवर्सिटी हैं.

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  • कश्मीर घाटी में लश्कर के शीर्ष नेतृत्व का सफाया

    कश्मीर घाटी में लश्कर के शीर्ष नेतृत्व का सफाया

     

     

    सेना ने रविवार को कहा कि
    जम्मू एवं कश्मीर के बांदीपोरा जिले में छह आतंकवादियों के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष नेतृत्व का सफाया हो गया है. सेना की 15वीं कोर के श्रीनगर स्थित मुख्यालय के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जे एस संधू ने संवाददाताओं को बताया, ‘कल लश्कर-ए-तैयबा के छह आतंकवादी कमांडरों के खात्मे के साथ घाटी में इसके शीर्ष नेतृत्व का सफाया हो चुका है.’

    उन्होंने शनिवार को चलाए गए अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हाजिन क्षेत्र चिंता का विषय था. इस क्षेत्र में आतंकवादियों ने कुछ लोगों को मार डाला था.

    संधू ने बताया कि क्षेत्र में विशेष बल तैनात किए गए और अच्छी जानकारियां आनी शुरू हो गईं. हम चांदेगीर गांव पर नज़र बनाए हुए थे. ये आतंकवादी दो-तीन दिन से एक घर में रह रहे थे.

    जनरल ने मारे गए एक आतंकवादी की पहचान ओसामा जांगवी उर्फ ओवैद के रूप में की है, जो जकी-उर-रहमान का रिश्तेदार और शायद जकीउर रहमान मक्की का बेटा है.औवेद सहित छह पाकिस्तानी आतंकवादी और लश्कर के दो अन्य शीर्ष कमांडर जरगर और महमूद शनिवार को मारे गए. मुठभेड़ में भारतीय वायुसेना का एक कमांडो शहीद हो गया.

    जनरल ने कहा, ‘हम घाटी में अभियान को जारी रखने और जल्द ही शांति बहाल होने का इंतज़ार कर रहे हैं.’

    जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एस पी वैद्य ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) के उन दावों का खंडन किया है, जिसमें आतंकवादी संगठन ने दावा किया था कि शुक्रवार को श्रीनगर के जाकुरा में हुआ हमला कश्मीर में आईएस का पहला हमला है. हमले में एक पुलिसकर्मी के शहीद होने के साथ ही एक आतंकवादी मारा गया था.

    इस बारे में टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर उन्होंने कहा, ‘नहीं, इसकी पुष्टि होनी अभी बाकी है. मुझे नहीं लगता कि यहां आईएसएस की कोई मौजूदगी है.’

  • बिहार BJP चीफ का बयान- ‘PM मोदी के खिलाफ उठने वाले हाथ काट दें’

    बिहार BJP चीफ का बयान- ‘PM मोदी के खिलाफ उठने वाले हाथ काट दें’

     

     

    बिहार के उजियारपुर से लोकसभा सांसद और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधियों को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जिस तरह से देश का नेतृत्व कर रहे हैं, उसपर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए. उनके खिलाफ उठने वाली हर उंगली तोड़ दी जाएगी, हर हाथ काट दिए जाएंगे.

    नित्यानंद राय ने ये बयान सोमवार को ओबीसी कम्युनिटी की एक सभा में दिया. पीएम मोदी के बीते दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, “जिनकी मां खाना परोसती थी. मोदी को खाना खिलाने बैठती थी. आज उस थाली के सामने मां को बेटा दिखाई नहीं देता. ऐसे हालात से उठकर एक गरीब का बेटा पीएम बना है. एक-एक व्यक्ति को उनका सम्मान करना चाहिए.”

    उन्होंने कहा, “पीएम मोदी की ओर उठने वाली हर उंगली को, उठने वाले हर हाथ को हम सब मिलकर या तो तोड़ देंगे. जरूरत पड़ी तो काट देंगे.” ओबीसी कम्युनिटी की सभा में नित्यानंद राय के साथ बीजेपी नेता सुशील मोदी भी मौजूद रहे.

    इस बारे में नित्यानंद राय का कहना है, “मैंने पीएम मोदी, देश के गौरव और सुरक्षा के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को जवाब दिया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका बयान किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी के लिए नहीं था.बता दें कि दिसंबर 2016 में बीजेपी ने नित्यानंद राय को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. वह पहले हाजीपुर से विधायक थे. 2014 के चुनाव में बीजेपी ने उन्हें उजियापुर से टिकट दिया. नित्यानंद राय बिहार के टॉप नेताओं में से हैं.

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  • पश्चिम बंगाल : स्कूल के पास ग्रेनेड धमाके से भगदड़, 68 छात्राएं घायल

    Grenade blast near West Bengal school

    पश्चिम बंगाल के हल्दीबारी इलाके के एक स्कूल में भगदड़ मचने से 68 छात्राएं घायल हो गईं. छात्राओं ने स्कूल के पास स्थित एक पुलिस स्टेशन में हुए ग्रेनेड धमाके को गलती से भूकंप समझ लिया.

    धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि कुछ छात्राएं उसे सुनकर बेहोश हो गईं और कई घबराहट में जान बचाने के लिए भागने लगीं, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया.

    यह घटना तब हुई जब हल्दीबारी पुलिस स्टेशन में एक जिंदा ग्रेनेड को निष्क्रिय किया जा रहा था और उसमें विस्फोट हो गया. पुलिस ने 15 नवंबर को ये बम टाउन क्लब इलाके से बरामद किया था.

    हल्दीबारी पुलिस स्टेशन से सटे हल्दीबारी गर्ल्स हाई स्कूल में घटना के समय परीक्षा चल रही थी. ग्रेनेड धमाके की आवाज़ जैसे ही छात्राओं तक पहुँची, वो चौंक गईं. धमाके की आवाज़ और धुएं को देखकर छात्राएं अपनी जान बचाने के लिए भागने लगीं.


    भगदड़ के बाद कई छात्राएं घायल हो गईं और कुछ सकते में हैं. स्कूल प्रशासन ने घटना के बाद परीक्षा को भी रद्द कर दिया है.

  • 24MP कैमरे के साथ फीचर्स भी दमदार, आज लॉन्च होगा VIVO V7

    24MP कैमरे के साथ फीचर्स भी दमदार, आज लॉन्च होगा VIVO V7

     

     

    विवो अपना नया स्मार्टफोन V7 लॉन्च करने के लिए तैयार है. कंपनी का ये फोन भारत में 20 नवंबर को पेश किया जाएगा. फ्लिपकार्ट पर देखें तो इस फोन की प्री-बुकिंग काफी दिनों से शुरू कर दी गई थी. और जानकारी के मुताबिक इसे आज 1 बजे लॉन्च किया जाएगा.

    Vivo V7 की सबसे खास बात इसका 24 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा है, जो मूनलाइट फीचर के साथ आएगा. इस स्मार्टफोन के बैक में 16-मेगापिक्सल सिंगल रियर कैमरा और एलईडी फ्लैश होने की उम्मीद की जा रही है. इस स्मार्टफोन के बैक में ही फ्रिंगरप्रिंट सेंसर भी हो सकता है.

    Vivo V7 में 5.7-इंच की डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन 450 SoC प्रोसेसर दिया जाएगा. कंपनी इस स्मार्टफोन को 4GB रैम और 32GB इंटरनल स्टोरेज के साथ पेश कर सकती है. Vivo V7 स्मार्टफोन में 3,000mAh की बैटरी दी जा सकती है. फिलहाल इसकी कीमत को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है मगर उम्मीद है कि  इस स्मार्टफोन की कीमत 15,000 रुपए से 16,000 रुपए के बीच हो सकती है. कनेक्टिविटी की बात की जाए तो इसमें 4G VoLTE, वाई-फाई, ब्लूटूथ 4.2, जीपीएस/ ए-जीपीएस, माइक्रो-यूएसबी और एफएम रेडियो शामिल है.

    बता दें कि वीवो ने इस स्मार्टफोन को मलेशिया में पहले ही लॉन्च कर दिया है, जिसकी कीमत 3,799,000 इंडोनेशियाई रुपयाह रखी गई है.यह भी पढ़ें-  YOUTUBE के इस नए फीचर से वीडियो देखना होगा और मज़ेदार
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