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  • पब्लिक प्लेस पर फोन पर भी जातिसूचक टिप्पणी अपराध : सुप्रीम कोर्ट

    पब्लिक प्लेस पर फोन पर भी जातिसूचक टिप्पणी अपराध : सुप्रीम कोर्ट

     

     

    उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि सार्वजनिक स्थान पर फोन पर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करना अपराध है. इसके लिए अधिकतम पांच वर्ष की जेल की सजा हो सकती है.

    शीर्ष न्यायालय ने एक व्यक्ति के खिलाफ दायर मामले की आपराधिक सुनवाई पर स्थगन लगाने और प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया. व्यक्ति पर फोन पर अजा/अजजा श्रेणी की एक महिला के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप हैं.

    न्यायमूर्ति द्वय जी चेलामेश्वर और एस अब्दुल नजीर की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 17 अगस्त के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी थी, जिसने अपने खिलाफ एक महिला द्वारा दर्ज करायी गई प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी.

    पीठ ने यह कहते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी कि, उसे मामले की सुनवाई की दौरान यह साबित करना होगा कि उसने महिला से सार्वजनिक स्थल से बात नहीं की थी. आरोपी की तरफ से अधिवक्ता विवेक विश्नोई ने कहा कि महिला और उनके मुवक्किल ने जब बात की तब दोनों अलग-अलग शहरों में थे. उन्होंने कहा कि इस कारण यह नहीं कहा जा सकता है कि आरोपी तब सार्वजनिक स्थान पर था.

  • गुजरात में भाजपा को झटका, इस नेता ने दिया त्यागपत्र

    गुजरात में भाजपा को झटका, इस नेता ने दिया त्यागपत्र

     

     

    गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ भाजपा को झटका देते हुए कोडिनार सीट से भाजपा विधायक जेठा सोलंकी ने  शनिवार को पार्टी छोड़ दी और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. सोलंकी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में दलितों ने ‘अत्याचारों’ का सामना किया है.

    मुख्यमंत्री विजय रूपानी द्वारा नियुक्त संसदीय सचिवों में से एक सोलंकी ने पद से इस्तीफा दे दिया. संसदीय सचिवों को उप मुख्यमंत्री के बराबर समझा जाता है और माना जाता है कि वे मंत्रियों की मदद करते हैं.

    दलित नेता ने कहा कि पार्टी ने जब उन्हें बताया कि इस बार मुझे टिकट नहीं दी जायेगी तो मुझे ‘निराशा’ हुई थी. उन्होंने कहा कि मैंने एक विधायक और संसदीय सचिव के तौर पर भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है क्योंकि पार्टी ने मेरी बातों को सुनना बंद कर दिया है. सोलंकी ने बताया कि पार्टी ने उन्हें सूचित किया था कि इस बार उन्हें कोई टिकट नहीं दिया जायेगा.

    उन्होंने कहा, जी हां, पार्टी ने मुझे बताया था कि इस बार मुझे टिकट नहीं दी जायेगी. पार्टी ने मुझे इस्तीफा नहीं देने के लिये मनाने की कोशिश की थी लेकिन मैंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लेने का फैसला किया है.उना दलित अत्याचार मामले का हवाला देते हुए सोलंकी ने कहा, ‘भाजपा के इस शासन में दलित समुदाय ने कई अत्याचार का सामना किया है. समुदाय कठिन स्थिति का सामना कर रहा है.’

    सोलंकी ने कहा, ‘उना घटना के दौरान इससे पहले आनंदीबेन पटेल के शासन में कुछ कदम उठाये गये थे लेकिन विजय रूपानी के मुख्यमंत्री बनने पर उनकी सरकार ने दलितों के उत्थान के लिये कोई कदम नहीं उठाया.’

    बहरहाल सोलंकी ने इस बात का जवाब देने से इनकार कर दिया कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे या किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे. सोलंकी के इस्तीफे पर भाजपा से किसी ने टिप्पणी नहीं की.

    इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता आई के जडेजा को वाधवान सीट से टिकट नहीं दिये जाने के कारण उनके समर्थकों ने गांधीनगर में भाजपा मुख्यालय पर हंगामा किया. भाजपा ने इस सीट से धनजी भाई पटेल को टिकट दिया है.

  • विदेशी कैदियों पर केंद्र चार हफ्ते में दे रिपोर्ट : कोर्ट

    विदेशी कैदियों पर केंद्र चार हफ्ते में दे रिपोर्ट : कोर्ट

     

     

    उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को सजा पूरी चुके पाकिस्तानी सहित सभी विदेशी कैदियों की ताजा स्थिति के बारे में रिपोर्ट देने को कहा है. न्यायमूर्ति ए के सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने सरकार को शीर्ष न्यायालय के इस साल तीन मई को दिये गए आदेश के अनुपालन में चार सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है.

    पीठ ने कहा, केंद्र सरकार को तीन मई, 2017 के आदेश के अनुपालन में चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने दीजिए। मामले को चार सप्ताह के बाद सूचीबद्ध कीजिए. केंद्र ने शीर्ष न्यायालय को सूचित किया कि उसने इस मामले में पिछले साल अप्रैल में स्थिति रिपोर्ट पेश की थी.

    मामले में याचिकाकर्ता वरिष्ठ वकील भीम सिंह ने शीर्ष न्यायालय को बताया कि वर्ष 2005 में जब उन्होंने याचिका दायर की थी, तो उस समय 82 ऐसे लोग थे, जिन्हें जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिया गया था.

    न्यायालय सजा पूरी होने के बावजूद देश की विभिन्न जेलों में बंद विदेशी कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था. याचिका में अवैध तरीके से जम्मू-कश्मीर के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी कैदियों के मुद्दे को भी उठाया गया है.

  • कमल हासन के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई !

    कमल हासन के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई !

     

     

    तमिलनाडु के मत्स्य मंत्री डी. जयकुमार ने सोमवार को कहा कि यदि कमल हासन अपने निराधार भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाना जारी रखते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी. जयकुमार ने संवाददाताओं से कहा कि कमल हासन सस्ता प्रचार चाहते हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

    जयकुमार ने कहा यदि हासन सरकार के खिलाफ अपने आधारहीन आरोपों को जारी रखते हैं, तो राज्य सरकार अभिनेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी. जयकुमार ने कहा कि बहुत से मंच हैं, जहां हासन अपनी शिकायतों को रख सकते हैं.

    अभिनेता ने अपने हालिया ट्वीट में कहा, यदि सरकार लूटने में शामिल है तो यह अपराध है. लोगों को अंपायर बनना चाहिए. आइए हम सब जागते व खड़े होते हैं.

    हासन ने हाल में हुए दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निवास, जेल में बंद वी.के.शशिकला के परिजनों व व्यापार सहयोगियों पर मारे गए आयकर (आईटी) छापों का कोई संदर्भ नहीं दिया.आईटी अधिकारियों ने कहा था कि शशिकला के परिजनों व उनके व्यापार सहयोगियों के परिसरों पर मारे गए छापों में 1,430 करोड़ रुपये की कर चोरी की राशि के अलावा हीरे, सोने के गहने व नकदी बरामद हुई है. शशिकला व उनके दो संबंधी आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में जेल में हैं.

  • Love story: प्रेग्नेंट इंदिरा को छोड़ किसी और के इश्क में थे फिरोज

    Love story: प्रेग्नेंट इंदिरा को छोड़ किसी और के इश्क में थे फिरोज

     

     

    लौह महिला इंदिरा गांधी ने फिरोज गांधी को टूटकर चाहा था. लेकिन जब उन्हें लगने लगा कि वह उनसे बेवफाई कर रहे हैं तो दूरियां बढती चली गईं. इंदिरा एक प्यार करने वाला पति और सुखी परिवार चाहती थीं. यही उन्हें नहीं मिला. अगर फिरोज उनसे बेवफाई नहीं करते तो इंदिरा न अपने पिता नेहरू पर आश्रित होतीं और न ही राजनीति की ओर मुड़ती. तब शायद भारतीय राजनीति में उनके कदमों के निशान ऐसे नहीं होते जो हमें नजर आते हैं.

    संभव है कि तब वह भारत की प्रधानमंत्री भी नहीं बनतीं. वैसे इंदिरा का पहला प्यार फिरोज नहीं बल्कि शांति निकेतन के उनके एक विदेशी शिक्षक थे.

    इंदिरा का बचपन इलाहाबाद में बीता था. पिता जवाहर लाल नेहरू उनमें अपना बेटा देखते थे. वह उनकी हर मांग पूरी करते थे. एक ही बार उन्होंने अपनी बेटी की इच्छा का विरोध किया था, बल्कि कहना चाहिए खासे नाराज भी हुए थे. लेकिन इसके बाद भी बेटी अड़ी रही और उसने वही किया, जो वह करना चाहती थी.

    हालांकि, पिता से विरोध के बावजूद शादी करने के बाद इंदिरा को महसूस होने लगा कि उन्होंने जीवन में एक बड़ी गलती की है. निधन से महज एक महीने पहले मां कमला नेहरू को महसूस हो चुका था कि उनकी प्रिय बेटी इंदु गलती कर रही है. इससे उसका जीवन दुखमय हो जाएगा. 

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    जब फिरोज के प्रेम में पड़ीं तो वह राजनीति की चकाचौंध से दूर होकर शादी करना और सादगीभरी जिंदगी बिताना चाहती थीं

    सादगीभरी जिंदगी बिताना चाहती थीं
    इंदिरा गांधी की जीवनी लेखिका पुपुल जयकर के अनुसार, इंदिरा जब फिरोज के प्रेम में पड़ीं तो वह राजनीति की चकाचौंध से दूर होकर शादी करना और सादगीभरी जिंदगी बिताना चाहती थीं, जिसमें वह और उनका परिवार हो. लेकिन शादी के बाद जब दूरियां बढने लगीं तो इंदिरा ने राजनीति में शिरकत करनी शुरू कर दी. इसने फिरोज के साथ उनके मतभेदों को और बढ़ा दिया. इंदिरा अगर एक ओर पति की बेवफाई से निराश थीं तो उनके पिता नेहरू भी फिरोज को कतई पसंद नहीं करते थे. जिससे ये स्थितियां बनती गईं कि दोनों का विवाहित जीवन करीब करीब खत्म हो गया. अपने निधन से कुछ महीने पहले फिरोज से तलाक लेकर दूसरी शादी करने का फैसला कर चुके थे.

    जब फिरोज मोहित हो गए
    फिरोज का इलाहाबाद के आनंद भवन में प्रवेश जवाहरलाल नेहरू की पत्नी कमला की मदद के लिए एक वालिंटियर के रूप में हुआ था. उसके कुछ ही समय बाद शहर में इंदिरा और फिरोज के अफेयर के चर्चे होने लगे. जब कमला बीमार हुईं और आनंद भवन में थीं तब इंदिरा ने जिस तरह नर्स के रूप में अपनी मां की सेवा की, उससे फिरोज बहुत प्रभावित हो गए थे. इंदिरा सुंदर तो थीं और उस उम्र में उनमें गजब का आकर्षण भी था.

    पुपुल जयकर ने अपनी किताब में लिखा है, तब फिरोज ने इंदिरा की ओर ध्यान देना शुरू किया. वह उनके आगे-पीछे मंडराने लगे. वह मौका देखने लगे कि इंदिरा के करीब कैसे रह सकते हैं. हालांकि इंदिरा को उस समय ये सब पसंद नहीं था.

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    इंदिरा को पढाई के लिए लंदन भेज दिया गया. वह वहां अकेली थीं. दूसरे विश्व युद्ध से पहले लंदन में अलग तरह का माहौल था. फिरोज भी कुछ समय बाद लंदन रवाना हो गए.

    ये शादी नहीं हो सकती
    जवाहरलाल नेहरू के विशेष सचिव एमओ मथाई अपनी किताब रिमिनिसेंसेज ऑफ द नेहरू एज में लिखते हैं, इंदिरा ने उन्हें बताया कि जब वह 16 साल की होने वाली थीं, उससे पहले ही एक दिन फिरोज ने उनके सामने प्रेम निवेदन किया और शादी का प्रस्ताव रख दिया. इंदिरा अवाक रह गईं, क्योंकि उन्हें फिरोज से ये उम्मीद नहीं थी. वह नाराज ही नहीं हो गईं बल्कि उनके इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया. मां से शिकायत अलग कर दी. कमला भी ये जानकर नाराज हुईं. उन्होंने दो टूक फरमान सुनाया-ये शादी नहीं हो सकती. इसके बाद भी फिरोज का आनंद भवन आना जाना लगा रहा.

    लंदन में जीता इंदिरा का दिल
    इंदिरा को पढाई के लिए लंदन भेज दिया गया. वह वहां अकेली थीं. दूसरे विश्व युद्ध से पहले लंदन में अलग तरह का माहौल था. फिरोज भी कुछ समय बाद लंदन रवाना हो गए. वहां उन्होंने भी लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में दाखिला ले लिया. मकसद उनका केवल इतना था कि वहां वो इंदिरा के नजदीक आ पाएंगे. इसमें उन्हें सफलता भी मिली. आखिरकार उन्होंने लंदन में इंदिरा का दिल जीत लिया. फिरोज के मित्र और जाने माने पत्रकार निखिल चक्रवर्ती ने अपनी किताब में लिखा कि फिरोज महिलाओं के प्रति आकर्षित हो जाते थे. लंदन में बेशक इंदिरा से नजदीकियां बढा रहे थे, लेकिन वहां भी उनके अफेयर कई महिलाओं से हो चुके थे. इंदिरा को इसकी भनक तक नहीं थी.

    फिरोज से गुप्त विवाह
    कैथरीन फ्रेंक ने अपनी किताब इंदिराः द लाइफ ऑफ इंदिरा नेहरू गांधी में लिखती हैं, इंदिरा और फिरोज ने गुप्त विवाह कर लिया था. सार्वजनिक विवाह होने से पहले ही दोनों ने पति और पत्नी की तरह साथ रहना शुरू कर दिया था. जब इंदिरा ने पिता से कहा कि उन्हें फिरोज से प्यार है और वह उनसे शादी करना चाहती हैं तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया था. नेहरू और उनका परिवार इस शादी के सख्त खिलाफ था. मथाई की किताब कहती है कि पद्मजा नायडु ने नेहरू से कहा, उनकी बेटी बड़ी हो चुकी है. अगर दोनों ने शादी करनी चाही तो वह उसे रोक नहीं पाएंगे, लिहाजा उन्हें इसकी अनुमति दे देनी चाहिए. नेहरू ने अनिच्छा से अनुमति दे दी.
    इंदिरा गर्भवती थीं और फिरोज का अफेयर चल रहा था
    शादी के जल्द बाद ही इंदिरा और फिरोज में खटपट शुरू हो गई. साल 1941 में जब वह गर्भवती थीं और राजीव गांधी का जन्म होने वाला था तो उन्हें पता लगा कि फिरोज किसी और महिला से इनवाल्व हैं. उनके कानों में फिरोज के अफेयर के एक नहीं कई किस्सों की खबरें पहुंच रही थीं. इससे वो दुखी हो गईं. पति की बेवफाई ने रिश्तों में दूरी बढानी शुरू कर दी. कैथरीन फ्रेंक की किताब “इंदिराः द लाइफ ऑफ इंदिरा नेहरू गांधी” कहती है कि फिरोज बिंदास जिंदगी जीने में यकीन रखते थे, जिसमें खाने-पीने और सेक्स की कोई सीमा नहीं थी. किताब के अनुसार, “इंदिरा से शादी के बाद भी फिरोज दूसरी महिलाओं से फ्लर्ट करते थे. महमूना सुल्तान के अलावा उनके रोमांटिक रिश्ते संसद की ग्लैमर गर्ल कही जाने वाली तारकेश्वरी सिन्हा, सांसद सुभद्रा जोशी से रहे. उनकी एक और गर्लफ्रेंड थी, जो खूबसूरत नेपाली तलाकशुदा महिला थी और आलइंडिया रेडियो में काम करती थी. उसके ससुराल पक्ष के लोग केरल के बड़े अभिजात्य परिवार से थे.”

    पहला प्यार फ्रेंच शिक्षक से
    हालांकि, फिरोज उनके जीवन में आने वाले पहले शख्स नहीं थे. जब वह पुणे में मैट्रिक करने के बाद शांतिनिकेतन में पढने गईं थीं तो फ्रेंच पढाने वाले जर्मन शिक्षक फ्रेंक ओबरडॉफ उनके प्यार में पड़ गए. पुपुल जयकर ने इंदिरा गांधी बॉयोग्राफी में लिखा कि ओबरडॉफ 1933 में शांतिनिकेतन आए थे. उनकी रविंद्रनाथ टैगोर से मुलाकात 1922 में लातीन अमेरिका में हुई थी. टैगोर ने उसे शांतिनिकेतन आने का प्रस्ताव दिया. जब उसने इंदिरा को फ्रेंच पढानी शुरू कर दी तो वह 16 साल की थीं. इंदिरा को पढाते-पढाते वह उनकी सुंदरता पर मोहित हो गए. बेहिचक उनके आगे प्यार का प्रस्ताव रखा. इंदिरा खफा हो गईं. लेकिन समय के साथ उनमें नजदीकियां हो गईं. इंदिरा के अपने दर्द थे. उसे वो जर्मन शिक्षक से बांटती थीं और फ्रेंक लगातार उनकी सुंदरता की तारीफ करता रहता था. जब टैगोर को ये पता चला तो उन्होंने इंदिरा को तुरंत वापस घर भेज दिया. हालांकि बाद में फ्रेंक की मुलाकात लंदन में इंदिरा से हुई. उसने फिर से इंदिरा को मनाने की कोशिश की लेकिन तब तक उनके जीवन में फिरोज का आगमन हो चुका था. लिहाजा वो फ्रेंक से बहुत रुखे तरीके से पेश आईं.

    जीवन में आए अन्य पुरुष
    कैथरीन फ्रेंक अपनी किताब में लिखती हैं कि इंदिरा के जीवन में बाद में दो और पुरुष आए. इनमें धीरेंद्र ब्रह्मचारी और दिनेश सिंह शामिल थे. इंदिरा ने अपनी विश्वस्त डोरोथी नार्मन को धीरेंद्र के बारे में लिखा, वह एक आकर्षक योगी हैं, जिनसे वह योग सीख रही हैं. दिनेश पर भी वह बहुत भरोसा करती हैं. प्रधानमंत्री हाउस में उनका बेरोकटोक किसी भी समय आना जाना था. फ्रेंक लिखती हैं कि इंदिरा से अफेयर की चर्चाओं को शायद दिनेश सिंह ने खुद ही हवा दी.

    मथाई ने कहा- मुझसे चला था इंदिरा का अफेयर
    वैसे तो एमओ मथाई ने खुद दावा किया कि इंदिरा का उनसे लंबे समय तक अफेयर रहा. उन्होंने अपनी किताब में शी के नाम से एक चैप्टर लिखा, जिसे फिर खुद ही प्रकाशित होने से रोक लिया. बताते हैं कि अस्सी के दशक में ये चैप्टर पता नहीं कहां से बाहर निकल आया. कहा जाता है कि इसे जाहिर करने में मेनका गांधी का हाथ था, जिसे उन्होंने उन लोगों को दिया, जो इंदिरा के विरोधी थे. मथाई के दावे में कितनी सच्चाई थी, इसके बारे में तमाम बातें कही जाती हैं. हालांकि फिरोज गांधी ने खुद संसद के सेट्रल हाल में कई सांसदों की मौजूदगी में कहा था, नेहरू के असली दामाद तो मथाई हैं. कैथरीन फ्रेंक और मथाई दोनों लिखते हैं कि फिरोज अक्सर संसद में सांसदों के बीच मथाई को नेहरू का दामाद होने का आरोप लगाते थे. मथाई लिखते हैं, 1948 में स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर ने मुझसे कहा, उनकी मौजूदगी में ही फिरोज गांधी ने सेंट्रल हाल में सांसदों के एक ग्रुप से कहा, वह नहीं बल्कि मथाई प्रधानमंत्री के दामाद हैं.

  • BJP पर तंज मारने के फेर में फंसे थरूर, उड़ाया मिस वर्ल्ड मानुषी का मजाक

    BJP पर तंज मारने के फेर में फंसे थरूर, उड़ाया मिस वर्ल्ड मानुषी का मजाक

     

     

    फिलहाल भारत में मानुषी छिल्लर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं. हरियाणा की मानुषी ने चीन में  मिस वर्ल्ड 2017 प्रतियोगिता में जीत हासिल करके 17 साल बाद भारत को यह खिताब दिलाया है.

    मानुषी की जीत की खबर के साथ ही सोशल मीडिया पर न सिर्फ उनकी चर्चा हो रही है बल्कि उनके नाम से कई फेक अकाउंट बन गए. मीममेकर्स ने मीम बनाने भी शुरू कर दिए. लेकिन कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मानुषी की जीत को नोटबंदी से जोड़ते हुए तंज किया है.

    उनके इस ट्वीट को राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है. आयोग ने थरूर को नोटिस जारी करेगा.

    शशि थरूर ने ट्विटर पर मानुषी छिल्लर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, ‘हमारे पैसे को बंद करना कितनी बड़ी गलती थी. बीजेपी को यह एहसास होना चाहिए कि भारतीय करेंसी दुनिया भर पर हावी है. यहां तक कि हमारी ‘छिल्लर’ भी मिस वर्ल्ड बन गई हैं.’

    यहां थरूर ने मानुषी के सरनेम की ओर इशारा किया है. इस ट्वीट का मतलब शायद ‘चिल्लर’ से था.

    उनके ट्वीट के बाद बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे रीट्वीट करते हुए इस ट्वीट और थरूर की भाषा को गलत बताया है.

    इसकी सफाई में थरूर ने फिर से एक ट्वीट किया और बताया कि वो ट्वीट उन्होंने बस हल्के-फुल्के अंदाज में किया है. उन्होंने यह भी लिखा कि मानुषी की जीत पर बेशक वो बहुत खुश हैं खासकर उनके जवाब ने उन्हें बेहद प्रभावित किया है.

  • PoK पर फारूक के विवादित बयान का कांग्रेस नेता खुर्शीद ने किया समर्थन

    PoK पर फारूक के विवादित बयान का कांग्रेस नेता खुर्शीद ने किया समर्थन

     

     

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को
    पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि वो पाकिस्तान का हिस्सा है.

    उनके इस बयान के समर्थन में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद खुलकर सामने आए. उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला एक डॉक्टर हैं, वो मरहम लगाने का काम करते हैं. फिर उनपर ऐसा इल्ज़ाम क्यों कि वो आग लगाते हैं.

    आगे उन्होंने कहा कि मरहम से कभी-कभी जलन होता है लेकिन कुछ देर में पता चलता है कि चोट ठीक हो गया है.

    दरअसल केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर के बयान पर पटलवार करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि पीओके पाकिस्तान का है. क्या उन्होंने चूड़ियां पहन रखी हैं? उनके पास भी परमाणु बम हैं. क्या आप यही चाहते हो कि हम सब उनके हाथों मारे जाएं? आप सब महलों में रहते हो, सीमा पर रहने वाले लोगों के बारे में सोचों जिन्हें रोज बमबारी का सामना करना पड़ता है.

  • राष्ट्रपति, पीएम ने दी मानुषी को मिस वर्ल्ड 2017 बनने पर बधाई

    राष्ट्रपति, पीएम ने दी मानुषी को मिस वर्ल्ड 2017 बनने पर बधाई

     

     

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी ने मानुषी छिल्लर को ‘मिस वर्ल्ड 2017’ का ताज जीतने पर बधाई दी.

    कोविंद ने ट्वीट किया, मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के लिए मानुषी छिल्लर को बधाई. इससे हमारे देश की हर युवती को अपना सपना पूरा करने की प्रेरणा मिले, चाहे वह किसी भी पेशे में हो.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानुषी छिल्लर को बधाई देते हुए कहा कि भारत को उनकी उपलब्धि पर गर्व है.

    मोदी ने ट्वीट किया, मानुषी छिल्लर बधाई. भारत को आपकी उपलब्धि पर गर्व है. भारत की मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया. 17 साल बाद किसी भारतीय सुंदरी के सिर यह ताज सजा है.

    मानुषी यह खिताब जीतने वाले वह छठी भारतीय हैं. इससे पहले प्रियंका चोपड़ा ने वर्ष 2000 में यह ताज हासिल किया था.

    अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने भी ट्वीट कर मानुषी को बधाई दी है.

  • NIA कर सकती है मानव तस्करी मामलों की जांच

    NIA कर सकती है मानव तस्करी मामलों की जांच

     

     

    आतंकवाद निरोधक एजेंसी एनआईए को मानव तस्करी के मामलों की जांच का अधिकार दिया जा सकता है. इस संबंध में गृह मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सहित विभिन्न हितधारकों के बीच करीब साल भर से विचार विमर्श चल रहा है.

    सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी पिछले साल प्रस्तावित मानव तस्करी विरोधी कानून के तहत दी जाएगी. इस कदम के लिए आतंकवाद निरोधक एजेंसी को जन्म देने वाले कानून – राष्ट्रीय जांच अधिनियम, 2008 – में संशोधन करने की भी जरूरत होगी.

    सूत्रों ने बताया कि मानव तस्करी मसौदा (निरोध, सुरक्षा एवं पुनर्वास) विधेयक, 2016 ने मानव तस्करी के मामलों को लेकर निरोध, जांच तथा पीड़ितों की सुरक्षा के लिए मानव तस्करी से संबंधित राष्ट्रीय ब्यूरो गठित करने का प्रस्ताव दिया था.

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, गृह मंत्रालय चाहता है कि एनआईए मानव तस्करी के मामलों की जांच करे और हम उस पर सहमत हो गए. गृह मंत्रालय ने मसौदा विधेयक के लिए अपनी मंजूरी भी दे दी. प्रधानमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद, मंत्रिमंडल का एक नोट जारी किया जाएगा. एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि एनआईए का एक प्रकोष्ठ मानव तस्करी के मामलों की जांच कर सकता है.केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद मसौदा विधेयक संसद में पेश किया जाएगा. एनजीओ शक्ति वाहिनी के प्रमुख रवि कांत ने कहा, स्थानीय पुलिस एजेंसियों के अंतर राज्यीय या सीमा पार अपराधों की जांच करने में सक्ष्म ना होने के कारण मानव तस्करों को छूट मिली हुई है. हमें एक नोडल एजेंसी चाहिए क्योंकि तस्करी के 80 से 90 प्रतिशत मामले एक से दूसरे राज्यों में फैले हैं.

  • कांग्रेस की लिस्ट आते ही भड़के हार्दिक समर्थक, सूरत में तोड़फोड़-हाथापाई

    कांग्रेस की लिस्ट आते ही भड़के हार्दिक समर्थक, सूरत में तोड़फोड़-हाथापाई

     

     

    गुजरात चुनाव को लेकर कांग्रेस ने रविवार को 77 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी की. इसके कुछ समय बाद ही पाटीदारों और कांग्रेस के बीच फूट पड़ गई. टिकट बंटवारे को लेकर पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) नेता हार्दिक पटेल के समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच देर रात तक सूरत में हाथापाई चलती रही. हार्दिक समर्थकों ने कई जगह तोड़फोड़ भी की.

    पहले कांग्रेस की लिस्ट को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो गया था. मीडिया में कांग्रेस की एक फर्जी लिस्ट जारी हो गई. आखिर में देर रात कांग्रेस को ‘असली लिस्ट’ के साथ मीडिया के सामने आना पड़ा.

    कांग्रेस की लिस्ट में 77 प्रत्याशियों के नाम हैं. इनमें पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के सिर्फ दो नेताओं को जगह मिली है. इसी बात को लेकर हार्दिक समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भिड़ गए.

    सूरत में पटेलों के प्रभाव वाली वरच्चा रोड सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार प्रफुल्ल तोगड़िया के दफ्तर के नजदीक हार्दिक समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. हार्दिक की पार्टी के सदस्यों का आरोप है कि टिकट बंटवारे में उन्हें नजरअंदाज किया गया है.

    PAAS की सूरत यूनिट के संयोजक धार्मिक मालवीय ने धमकी दी कि वे शहर में कांग्रेस के दफ्तर को तब तक नहीं चलने देंगे, जब तक कि सीट बंटवारे में उनकी पार्टी की उचित हिस्सेदारी नहीं होगी.

    सोमवार को हार्दिक पटेल को कांग्रेस और पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के बीच समझौते का औपचारिक ऐलान करना है. लेकिन अब ऐसी खबर आ रही है कि उनका कार्यक्रम रद्द हो गया है.

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    राहुल गांधी की ताजपोशी पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी आज लेगी फैसला