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  • शिक्षक ने मदरसे में नाबालिग से किया बलात्कार, गिरफ्तार

    शिक्षक ने मदरसे में नाबालिग से किया बलात्कार, गिरफ्तार

     

     

    समीपवर्ती मुंब्रा इलाके के एक
    मदरसे में एक शिक्षक ने पांच वर्षीय एक बच्ची के साथ कथित तौर पर बार-बार बलात्कार किया. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

    मुंब्रा थाने के इंस्पेक्टर सीएम मुजवार ने बताया, ‘बिहार के रहने वाले 35 वर्षीय आरोपी ने पिछले हफ्ते कथित तौर पर कई बार लड़की का बलात्कार किया. उसे शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया.’ उन्होंने बताया कि आरोपी अरबी भाषा का शिक्षक है जिसने 15 दिन पहले ही मदरसे में पढ़ाना शुरू किया था.

    पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि लड़की ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया जिसके बाद शुक्रवार शाम मुंब्रा थाने में एक शिकायत दर्ज़ की गयी.

    पुलिस ने बताया कि 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (पोस्को) कानून 2012 के संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर जांच की जा रही है.

  • हिंदी, तमिल और बांग्ला में जिहादी कंटेंट मुहैया करा रहा है अल-कायदा

    हिंदी, तमिल और बांग्ला में जिहादी कंटेंट मुहैया करा रहा है अल-कायदा

     

     

    दुनिया में दशहत फैलाने के लिए आंतकी संगठन अल-कायदा इंटरनेट का बखूबी इस्तेमाल कर रहा है. अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप में क्षेत्रीय भाषा में जिहादी कंटेंट मुहैया करा रहा है. इंटरनेट पर अल-कायदा के ये कंटेंट तमिल, बांग्ला और हिंदी ट्रांसलेशन के साथ मौजूद हैं.

    अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट पर मौजूद अल-कायदा का ये कंटेंट दरअसल जिहादी विचार से प्रेरित मैग्जीन ‘अल-रिसाल्लाह’ और ‘इंस्पायर’ के कुछ अंश हैं.

    ये है अल-कायदा का मकसद
    ऐसे जिहादी कंटेंट के जरिए अल-कायदा जिहाद और कट्टरवाद को और आगे बढ़ाना चाहता है. इसके लिए भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों से ज्यादा से ज्यादा आतंकियों की भर्ती कर रहा है.
    इंडियन मुजाहिद्दीन ने भी किया था ऐसा

    बता दें कि साल 2005 में इंडियन मुजाहिद्दीन ने ऐसा ही तरीका अपनाया था. भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए इंडियन मुजाहिद्दीन ने क्षेत्रीय भाषा में जिहादी कंटेंट ऑनलाइन किए थे.

    डॉक्टर-इंजीनियर्स और युवा हैं टारगेट पर
    अल-कायदा अपने जिहादी कंटेंट से पढ़े-लिखे वॉलंटियर्स को टारगेट कर रहा है. डॉक्टर्स और इंजीनियर्स भी उसके निशाने पर हैं. तमिल के एक आर्टिकल में लिखा है, “मैं आपसे पूछता हूं डॉक्टर! आपकी बेहतर सेवा क्या होगी? ऐसे किसी बच्चे के लिए बदला लेना, जिसने अल्लेप्पो में हुए धमाके में अपना पैर खो दिया है या फिर सिर्फ उसका इलाज करना.”

    आर्टिकल में आगे लिखा है- “क्या हमें अपने अल्लाह पर भरोसा नहीं है? अगर है तो हमें दूसरे लोगों को भी इसका भरोसा दिलाना होगा.”

    अल-कायदा चीफ के भाषणों का लिंक भी उपलब्ध
    वहीं, बांग्ला जिहादी कंटेंट में अल-कायदा चीफ अमन- अल-जवाहिरी, डिप्टी चीफ समी-उल-हक के भाषणों के वीडियो सब टाइटल के साथ शामिल किए गए हैं. इन वीडियोज में दोनों आतंकी बता सीरिया और सोमालिया में जिहाद की लड़ाई के बारे में बता रहे हैं.

    2011 में अल-कायदा ने बनाया था नया संगठन
    बता दें कि 2011 में अल-कायदा ने नए संगठन का ऐलान किया था. अल-कायदा के इस नए संगठन का नाम ‘अल-कादीशिय्याह मीडिया’ है, जो ‘अफगान ऐफिलिएट’ नाम के संगठन की ओर से चलाया जा रहा है. ‘अल-कादीशिय्याह मीडिया’ में उर्दू, हिंदी, बांग्ला और फारसी में जिहादी कंटेंट पब्लिश किए जाते हैं.

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  • Gujarat Elections : भाजपा में घमासान, टिकट न मिलने से पार्टी में इस्तीफे का सिलसिला शुरू

    गांधीनगर। गुजरात चुनाव के पहले भाजपा की मुश्किलें बढ़ गयीं हैं. गठबंधन, सहयोग और जोड़-तोड़ के घटनाक्रमों के बीच अब बहस टिकट बंटवारे तक पहुंच चुकी है. शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीवारों की पहली लिस्ट जारी की जिसके बाद पार्टी के भीतर से बगावत के सुर उठने लगे.।

    कई नेता टिकट न मिलने से बेहद नाराज नजर आये. इन नेताओं की नाराजगी का आलम यह था कि उन्होंने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा पकड़ा दिया जिसके बाद नाराज पार्टी नेताओं को मनाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सामने आना पड़ा. अमित शाह शुक्रवार देर रात तक गुजरात भाजपा कार्यालय में मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि इस दौरान वह डैमेज कंट्रोल की हर मुमिकन कोशिश करते दिखे हालांकि, उनकी कोशिश क्या रंग लायी, ये अभी साफ नहीं हो पाया है. यहां आपको बता दें कि पहली सूची आने के बाद शुक्रबवार शाम तक ही पार्टी में इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया था. इनमें अंकलेश्वर विधानसभा सीट पर भाई ने ही अपने भाई के टिकट का विरोध किया.।

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    टिकट की घोषणा होने के बाद भरुच जिला पंचायत के सदस्य वल्लभ पटेल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने वाले वल्लभ पटेल, ईश्वर पटेल के अपने भाई हैं. अंकलेश्वर सीट से वल्लभ पटेल ने भी पार्टी से टिकट मांगा था. दशरथ पुवार ने जिला भाजपा महामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. वड़ोदरा में भी दिनेश पटेल को टिकट दिये जाने से पार्टी में बगावती सुर खड़े होने शुरू हो गये हैं. पादरी जिला पंचायत और तहसील पंचायत के नेता कमलेश पटेल ने भी पार्टी छोड़ दिया है. वहीं वडोदरा जिला महामंत्री चैतन्य सिंह झाला ने भी पार्टी को इस्तीफा पकड़ा दिया है.।

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    पिछले दिनों ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए भोलाभाई गोहिल भी नाराज नजर आ रहे हैं. उन्होंने जसदण सीट से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने उनपर भरोसा नहीं दिखाया जबकि वो इस सीट से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. इतना ही नहीं गोहिल ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने की हिम्मत जुटायी थी, लेकिन इस सीट से भरत बोगरा को टिकट दिया गया. बताया जा रहा है कि नाराज गोहिल शनिवार को जीतु वाघानी से मुलाकात कर अपनी बात रख सकते हैं. ।
    भाजपा ने इस बार 70 में से मात्र चार महिलाओं को ही उम्मीदवार बनाया है. घ्टिकट लेने में जो कामयाब रहीं उनमें से सूरत की लिंबायत सीट से विधायक संगीता बेन पाटिल, वडोदरा सुरक्षित सीट से मनिषाबेन वकील, भावनगर पूर्व से विभावरीबेन देव और खेडब्रह सीट से रमीला बेन बेचर शामिल हैं. भाजपा ने पार्टी ने सुरेंद्र नगर जिले से विधायक वर्षा बेन दोशी का टिकट काटा है. वह वढवाण विधानसभा सीट से अपनी दो बार से विधायक हैं. उनका टिकट काट कर धनजीभाई पटेल को टिकट दिया है.
    जिस गोधरा कांड से गुजरात में 2002 के दंगे हुए. उस गोधरा विस सीट पर भाजपा को लगातार हार झेलनी पड़ती थी. कांग्रेस के सीके राऊलजी की छवि को इस बार भाजपा ने भुनाने के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है.। लोजपा ने गुजरात में भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की है. शुक्रवार को लोजपा की कोर कमेटी की बैठक में यह फैसला हुआ. संसदीय दल नेता चिराग पासवान ने बैठक के बाद निर्णय लिया कि गुजरात में भाजपा को समर्थन दिया जाये.।

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  • मुकुल की फोन टैपिंग की शिकायत की जांच कर रहा है केंद्र: राजनाथ

    मुकुल की फोन टैपिंग की शिकायत की जांच कर रहा है केंद्र: राजनाथ

     

     

    गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीजेपी नेता मुकुल रॉय को उनकी इस शिकायत की जांच करके उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है.

    बता दें, पिछले महीने राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में हाल में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए मुकुल रॉय ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उनके फोन कॉल्स को ‘गैरकानूनी तरीके से टैप’ किया जा रहा है.

    केंद्रीय गृहमंत्री सिंह ने रॉय को लिखे पत्र में कहा, ‘मुझे आपका तीन अक्टूबर 2017 तारीख का पत्र मिला, जो राज्य प्रशासन द्वारा आपकी गतिविधियों की कथित निगरानी से संबंधित है. उचित कार्रवाई के लिए इस मामले की जांच की जा रही है.’ मुकुल रॉय को आज राजनाथ सिंह का जवाब प्राप्त हुआ है.

    गौरतलब है कि बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने कथित तौर पर अपने फोन टैपिंग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी और उनकी सरकार कई महीनों से उनका फोन टैप करवा रही है. हालांकि संबंधित जज के कोर्ट में मौजूद न होने की वजह से इस मामले की सुनवाई को 20 नवंबर तक के लिए टाल दिया गया.रॉय के वकील दुष्यंत सिंह ने कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में कई लोग जो बनर्जी की पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं, उन्होंने भी फोन टैपिंग की आशंका जताई है. याचिका में कहा गया कि इससे पहले भारी उद्योग और लोक उपक्रम राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में कुछ चुने हुए लोगों के फोन टैप किए जा रहे हैं.

  • Gujrat Election : ‘‘सुशासन संकल्प-भाजपा विकल्प’’ के साथ भाजपा ने जारी की 70 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने 70 उन्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। भाजपा की पहली लिस्ट में जिन प्रमुख उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हुआ है उनमें मुख्यमंत्री विजय रुपाणी राजकोट पश्चिम सीट से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल मेहसाणा से और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जीतुभाई वाघानी भावनगर पश्चिम से चुनावी समर में अपनी किस्मत आजमाएंगे। बीजेपी की इस सूची में ज्यादातर पुराने नेताओं के नाम देखने को मिले हैं, साथ ही पटेल समुदाय के भी 17 उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया है।
    उल्लेखनीय है कि राज्घ्य की 182 सीटों पर दो चरणों में चुनाव होंगे। इसके तहत पहले चरण में 89 सीटों पर नौ दिसंबर और दूसरे चरण में 93 सीटों पर 14 दिसंबर को मतदान होगा। दोनों चरणों के मतदान के बाद 18 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

    वहीं राज्य में चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से दोनों चरणों के मतदान के लिए कुल 50,128 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इन पर राज्य के 4.33 करोड़ मतदाता वीवीपेट युक्त ईवीएम के जरिये मतदान कर सकेंगे। आयोग द्वारा राज्य में पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित 182 मतदान केंद्र भी बनाए जाएंगे।

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  • कर्नाटक विधानसभा ने SC/ST प्रमोशन बिल किया पारित

    कर्नाटक विधानसभा ने SC/ST प्रमोशन बिल किया पारित

     

     

    कर्नाटक विधानसभा ने राज्य में सिविल सेवा पदों में आरक्षण के आधार पर प्रोन्नति हासिल करने वाले सरकारी सेवकों की वरिष्ठता के निर्धारण से संबंधित प्रावधान वाले विधेयक को शुक्रवार को सर्वसम्मति से पारित कर दिया. इस विधेयक को आम तौर पर एससी-एसटी प्रोन्नति विधेयक कहा जाता है.

    विधेयक पर हुयी चर्चा का जवाब देते हुए कानून और संसदीय कार्य मंत्री टी बी जयचंद्र ने कहा कि कानूनी विशेषज्ञों के साथ मशविरा कर यह विधेयक लाया गया है. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भी कहा कि यह विधेयक एससी और एसटी समुदायों के हितों की रक्षा के लिए लाया गया है. यह विधेयक 14 नवंबर को विधानसभा में पेश किया गया था.

  • ‘बिंदी, काजल में कोई जीएसटी नहीं है, सैनिटरी नैपकिन क्यों नहीं?’

    ‘बिंदी, काजल में कोई जीएसटी नहीं है, सैनिटरी नैपकिन क्यों नहीं?’

     

     

    यदि बिंदी, सिंधुर और काजल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाता है, तो क्यों नहीं एक आवश्यक वस्तु, एक आवश्यक वस्तु, छूट दी जा सकती है, दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्र से पूछा।

    कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी। हरि शंकर के खंडपीठ ने कहा कि सैनिटरी नैपकिन की आवश्यकता है और उन पर कर लगाने और अन्य मदों की श्रेणी में उन्हें आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में लाने के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता है।

    जेएनयू विद्वान द्वारा मर्जी

    “आपने बिंदी, काजल और सिंदूर को छूट दी है। लेकिन आप सैनिटरी नैपकिन कर देते हैं यह एक ऐसी आवश्यकता है क्या इसके लिए कोई स्पष्टीकरण है, “पीठ ने पूछा। अदालत ने 31 सदस्यीय माल और सेवा कर (जीएसटी) परिषद में किसी भी महिला की अनुपस्थिति के बारे में भी दुःख व्यक्त किया।

    “क्या आपने यह करने से पहले महिला और बाल विकास मंत्रालय के साथ चर्चा की है या आपने आयात और निर्यात शुल्क को देखा है? यह बड़ी चिंता को ध्यान में रखते हुए किया जाना है, “उसने कहा और इस मामले को 14 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध किया।

    अदालत ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में अफ्रीकी अध्ययन में पीएचडी विद्वान हैं, जो ज़र्मिना इस्सर खान द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो सैनिटरी नैपकिन पर 12% जीएसटी लगाने के लिए चुनौती थी। दलील ने इसे अवैध और असंवैधानिक करार दिया है।

    केंद्र सरकार के स्थायी वकील संजीव नरुला ने कहा कि यदि वे कर से सैनिटरी नैपकिन छूट देते हैं, तो उत्पाद की लागत बढ़ेगी।

    “सैनिटरी नैपकिनों पर जीएसटी की दर शून्य से कम करने के परिणामस्वरूप, सैनिटरी नैपकिन के घरेलू निर्माताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट के पूर्ण रूप से इनकार किया जाएगा, जबकि शून्य रेटिंग आयात यह घरेलू रूप से निर्मित सैनिटरी नैपकिन को भारी नुकसान में आयात कर देगा, जो कि शून्य रेटेड होगा, “केंद्र द्वारा दायर काउंटर एफ़ेडेविट ने कहा।

    ‘सरकार आंकड़ों के साथ खेल रहा है’

    इसके लिए, पीठ ने कहा कि ये तकनीकी और सांख्यिकीय कारण हैं और सरकार आंकड़ों के साथ खेल रही है। केंद्र के हलफनामे में कहा गया है कि सैनिटरी नैपकिन के निर्माण के लिए कच्चे माल 18 या 12% जीएसटी को आकर्षित करते हैं, यहां तक ​​कि सैनिटरी नैपकिन पर 12% जीएसटी के साथ भी, जीएसटी दर संरचना में उलटा होता है।

    यह कहा गया था कि टैक्स की दर न तो मनमानी थी, न ही संविधान में स्वीकार किए जाने वाले संवैधानिक गारंटियों का उल्लंघन, जैसा कि प्रक्रिया ने विभिन्न घोषणाओं के जरिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित संवैधानिक परीक्षणों के साथ मिलते हैं।

    अदालत ने पहले याचिका पर वित्त मंत्रालय और जीएसटी परिषद की प्रतिक्रियाएं मांगी थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि सामान्य रूप से महिलाओं के लाभ के लिए याचिका दायर की गई है, खासकर उन लोगों के लिए जो निम्न आर्थिक स्तर की हैं।

    याचिका में सैनिटरी नैपकिन पर 12% जीएसटी लागू करने की मांग को खारिज करना और उन्हें ‘शून्य’ दर या कम दर के लिए जिम्मेदार घोषित करना था।

  • दिल्ली का प्रदूषण देख नेहरा ने छोड़ा शहर

    दिल्ली का प्रदूषण देख नेहरा ने छोड़ा शहर

     

     

    देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों प्रदूषण से त्रस्त है. दिल्ली का प्रदूषण इन दिनें चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है. हाल ही में दिल्ली के रहने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रदूषण को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में वह दिल्ली वासियों से प्रदूषण कम करने में अपना सहयोग देने का आग्रह कर रहे हैं.

    लेकिन एक नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ दिल्ली में पहले टी-20 के रूप में अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले तेज गेंदबाज आशीष नेहरा तो और भी एक कदम आगे निकल गए. इस प्रदूषण की वजह से उनके परिवार को मुंबई में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा.

    इस समय भारत और श्रीलंका के बीच कोलकाता में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में कमेंट्री कर रहे आशीष नेहरा ने टेलीग्राफ से कहा, ‘इस समय दिल्ली एक शहर नहीं बल्कि गैस चैंबर ज्यादा बना हुआ है. यह वाकई में बेहद खराब है और इससे समस्या बढ़ती जा रही है. अफसोस की बात है कि इस समस्या से निपटने के लिए कुछ खास नहीं हो रहा है.’

    नेहरा ने कहा, ‘प्रदूषण की समस्या सालों साल और बिगड़ती जा रही है, लेकिन इस हद तक नहीं पहुंची थी. इन दिनों चिकित्सा जगत भी इसको लेकर चिंतित है. अपने बच्चों (बेटा आरुष और बेटी आरियाना) के स्वास्थ्य की वजह से पत्नी रुश्मा और मैं करीब एक सप्ताह पहले मुंबई शिफ्ट हो गए थे. हमने एक अपार्टमेंट किराए पर लिया है, जिसमें इस माह के अंत तक रहेंगे. इस दौरान जहीर खान की शादी के फंक्शन भी खत्म हो जाएंगे. ‘

  • शुक्रवार को साफ हुई दिल्ली की हवा

    शुक्रवार को साफ हुई दिल्ली की हवा

     

     

    दिल्ली वासियों को शुक्रवार को सांस लेने में सहूलियत हुई क्योंकि वायु की गुणवत्ता आज लगातार चौथे दिन अच्छी रही और ‘सीवर प्लस (गंभीरतम)’ श्रेणी से बाहर रही. सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वैदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च ने अनुमान व्यक्त किया है कि नमी बढ़ने और सतह से नजदीक प्रदूषकों के जमा होने से सप्ताहांत को वायु की गुणवत्ता बिगड़ सकती है.

    वायु गुणवत्ता सूचकांक 310 बहुत ही निम्न स्थिति में था हालांकि यह आंकड़ा कल के 363 की तुलना में कम था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के घंटे दर घंटे ग्राफ के अनुसार दिन में प्रदूषण के स्तर में कमी आयी है लेकिन साप्तहांत के दौरान स्थिति पलट सकती है.

    राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर रोक हटा ली, ट्रकों को राष्ट्रीय राजधानी में घुसने की इजाजत दी लेकिन प्रशासन से उनकी आवाजाही पर कड़ी नजर रखने को कहा.वैसे अधिकरण ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषणकारी औद्योगिक गतिविधियों पर रोक नहीं हटायी है.

    वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद उपराज्यपाल ने आपात कदम वापस लिएदिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार के बाद उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पहले उठाए गए कई आपात कदमों को वापस ले लिया है, लेकिन जनरेटर सेट के इस्तेमाल और खुले में कूड़ा जलाए जाने पर रोक जारी रहेगी. बैजल ने कहा कि मेट्रो के फेरे बढ़ाने और शहर की सड़कों की मशीनी सफाई की व्यवस्था भी जारी रहेगी.

    उन्होंने आज वायु प्रदूषण के हालात की समीक्षा के लिए हुई बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, ईपीसीए के प्रमुख भूरे लाल और दूसरे अधिकारी शामिल थे.

    शहर में हवा की गुणवत्ता सुधरने के बाद आपात कदमों को वापस ले लिया गया. प्रशासन ने कल ट्रकों के प्रवेश पर लगी रोक वापस ले ली थी और पार्किंग शुल्क की पहले की दर भी बहाल कर दी थी.

  • भारत ने पाक से कहा, सीमा पर पर शांति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाइए

    भारत ने पाक से कहा, सीमा पर पर शांति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाइए

     

     

    भारतीय सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप शांति को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा.

    आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल ए के भट्ट ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों की शांति की चाह को लेकर बार-बार दिए जाने वाले बयानों और उनकी कार्रवाइयों में ‘अंतर’ प्रतीत होता है.

    सूत्रों के अनुसार कई उदाहरणों का उल्लेख करते हुए भट्ट ने अपने पाक समकक्ष को बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने अकारण भारी गोलीबारी की. पाकिस्तानी पक्ष के आग्रह के बाद दोनों डीजीएमओ के बीच दूरभाष पर बातचीत हुई.

    भट्ट ने नियंत्रण रेखा के समीप शांति सुनिश्चित करने के लिए अपने पाकिस्तानी समकक्ष से ‘विश्वास की मौजूदा कमी’ को सुलझाने को कहा. पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ ने आरोप लगाया कि भारतीय सुरक्षा बलों ने पुंछ सेक्टर में अकारण गोलीबारी की और आम लोगों को निशाने पर लिया.भट्ट ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि भारतीय सेना पेशेवर मानदंडों का पालन करती है और किसी भी रूप में नागरिकों पर निशाना नहीं साधती है.