Category: national

  • राहुल ने कहा, पीएम से रॉफेल-शाह के बेटे पर सवाल क्यों नहीं करते?

    राहुल ने कहा, पीएम से रॉफेल-शाह के बेटे पर सवाल क्यों नहीं करते?

     

     

    गुजरात चुनाव के लिए राज्य में लगातार रैली और सभा कर रहे राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा है. गुरुवार को उन्होंने मीडिया से कहा, ‘मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूं कि आप पीएम मोदी से रॉफेल डील के बारे में सवाल क्यों नहीं पूछते? पीएम ने एक बिजनेसमैन की मदद करने के लिए पूरे रॉफेल डील को ही बदल दिया.’

    अमित शाह के बेटे वाले मामले पर भी उन्होंने कहा, ‘मीडिया मोदी से अमित शाह के बेटे के बारे में क्यों नहीं पूछती है? आप लोग मुझसे जो सवाल करते हो, मैं उसका जवाब देता हूं. फिर आप उनसे क्यों नहीं सवाल करते हो?’

    बता दें कि इससे पहले विभिन्न मंदिरों की अपनी यात्रा को लेकर बीजेपी की ओर से की जा रही आलोचना के बारे में उन्होंने कहा, ‘मैं भगवान शिव का भक्त हूं. वो जो कुछ भी कहना चाहते है उन्हें कहने दीजिए. मेरी सच्चाई मेरे साथ है.’

    कांग्रेस पर मुस्लिमों के तुष्टीकरण का आरोप अक्सर लगाने वाली बीजेपी ने राहुल के विभिन्न मंदिरों में जाने को हिन्दू मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास बताया है. हालांकि, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी का ‘भक्ति पर पेटेंट’ नहीं है.वहीं, राहुल ने कहा था, ‘हिंदुस्तान का मतलब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नहीं है. नोटबंदी और जीएसटी ने देश को बर्बाद कर दिया. एक नाम बता दो जिसे मोदी ने जेल में डाल दिया. विजय माल्या बाहर बैठा है और इंग्लैंड में मजे ले रहा है. तीन साल से वे सत्ता में हैं. कितने स्विस अकाउंट होल्डर्स जेल में हैं.’

    गुजरात सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘टाटा नैनो के लिए नरेंद्र मोदी ने 33 हजार करोड़ बैंक लोन दिया. ये तकरीबन फ्री में था, कम से कम रेट में. आपकी जमीन ली. टाटा कंपनी को दी. लेकिन, 33 हजार करोड़ में गुजरात के किसानों का कर्ज माफ हो सकता है. आपने नैनो गाड़ी को सड़क पर देखा है? पूरे हिंदुस्तान में देखो, कहीं नहीं दिखती.’

  • PM आवास योजना के तहत मकानों का कारपेट एरिया बढ़ाया

    PM आवास योजना के तहत मकानों का कारपेट एरिया बढ़ाया

     

     

    केंद्र सरकार ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मध्य आय वर्ग (एमआईजी) श्रेणी में आने वाले मकानों के कारपेट एरिया में बढ़ोत्तरी को मंजूरी दे दी.

    केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवादाताओं को यह जानकारी दी. एमआईजी-1 श्रेणी के तहत मकानों के कारपेट एरिया को 90 वर्ग मीटर से बढ़ा कर 120 वर्ग मीटर किया गया है.

    वहीं एमआईजी-2 खंड के तहत इस एरिया को वर्तमान के 110 वर्ग मीटर से बढ़ा कर 150 वर्ग मीटर किया गया है.

    एमआईजी-1 श्रेणी के तहत छह लाख और 12 लाख के बीच सालाना कमाई वालों को नौ लाख रूपये तक कर्ज लेने पर ब्याज में चार प्रतिशत की रियायत है. इसी तरह से एमआईजी-2 श्रेणी के तहत 12 लाख रुपये से 18 लाख रुपये तक की सालाना आय वालों को 12 लाख रुपये तक के लोन में ब्याज में तीन प्रतिशत की छूट है.ये भी पढ़ें: नौकरी छूटी या हुए रिटायर, PF के ब्याज पर चुकाना होगा टैक्स

    हिमाचल : ‘पद्मावती’ का विरोध, राजपूत सभा ने कहा-नहीं होने देंगे रिलीज 

  • ज्यादा शराब और स्मोकिंग की लत से जल्द आने लगता है बुढ़ापा

    ज्यादा शराब और स्मोकिंग की लत से जल्द आने लगता है बुढ़ापा

     

     

    ज्यादा शराब एवं धूम्रपान करने वालों में वृद्धावस्था के संकेत जल्द नजर आ सकते हैं और वे अपनी उम्र से ज्यादा बड़े दिख सकते हैं. एक अध्ययन में यह चेतावनी दी गयी है. सन 1976 से अबतक 11500 से अधिक लोगों पर अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला गया है.

    इस अध्ययन में कहा गया है कि जो पुरुष एवं महिलाएं ज्यादा मद्यपान करते हैं उनमें अन्य लोगों की तुलना में वृद्धावस्था के लक्षण उभरने की संभावना अधिक होती है. इसी प्रकार, जो महिलायें रोजाना करीब 20 सिगरेट पीती हैं उनमें वृद्धावस्था का जोखिम 41 फीसदी अधिक होता है जबकि इतनी ही सिगरेट रोज पीने वाले पुरुषों में यह जोखिम 12 फीसदी ज्यादा होता है.

    जर्नल ऑफ एपिडेमोलोजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में प्रकाशित इस अध्ययन में लोगों से उनकी जीवनशैली एवं सामान्य स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया था. उनसे यह जानने का प्रयास किया गया था कि वे कितनी शराब पीते हैं और धूम्रपान करते हैं.

  • ‘वायु प्रदूषण के कारण अमेरिका के बच्चों की तुलना में दिल्ली के बच्चों में फेफड़े छोटे होते हैं’

    ‘वायु प्रदूषण के कारण अमेरिका के बच्चों की तुलना में दिल्ली के बच्चों में फेफड़े छोटे होते हैं’

     

     

    दिल्ली के बच्चों पर एक अध्ययन और हाल ही में जर्नल ऑफ़ इंडियन पडियारट्रिक्स में जारी एक अध्ययन में शक्तिशाली सबूत हैं जो प्रदूषित वातावरण में बढ़ रहे बच्चों को दिखाते हैं जैसे कैपिटल ने अमेरिका जैसे विकसित देशों में बच्चों की तुलना में फेफड़ों की वृद्धि को कम किया है।

    भारतीय बच्चे धीमे फेफड़े के विकास दिखाते हैं और अंतिम आकार तक पहुंचते हैं जो कि अमेरिका में कोकेशियान बच्चों में पाए जाने वाले विकास और आकार से कम है। हालांकि, भारत और अमेरिका दोनों में लगभग 8 साल की उम्र तक फेफड़ों का फेफड़े के आकार लगभग समान हैं, जब फेफड़े अपने सामान्य शारीरिक विकास को पूरा करते हैं, तो बाद के विकास उत्तरोत्तर दोनों देशों में क्रमशः भिन्न होते हैं वयस्कता तक पहुंचने पर दोनों भारतीय लड़कों और लड़कियों में फेफड़े का आकार लगभग 10% छोटा है।

    अध्ययन, प्राध्यापक एस.के. छाबरा, वल्लभभाई पटेल चेस्ट संस्थान के पूर्व निदेशक-प्रोफेसर और वर्तमान प्रमुख विभाग, पल्मोनरी मेडिसिन, प्राइमस अस्पताल, नई दिल्ली द्वारा किया गया।

    बचपन के संक्रमण

    अध्ययन से पता चलता है कि वायु की गुणवत्ता और बचपन के संक्रमण आनुवंशिक कारकों के अलावा, फेफड़ों के विकास को प्रभावित करते हैं। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के बच्चों में फेफड़ों की वृद्धि और यहां तक ​​कि भारतीय वयस्कों में भी अमेरिका के समकक्षों की तुलना में फेफड़े छोटे होते हैं। छोटे फेफड़ों का मतलब गरीब व्यायाम क्षमता है, और श्वसन लक्षण और रोगों के लिए अधिक जोखिम। यह विशेष रूप से डरावना है कि 40% शहरी बच्चों को शहर में रहते हैं।

    अध्ययन के लिए प्रतिक्रिया, विज्ञान और पर्यावरण (सीएसई) के अनुसंधान और वकालत, कार्यकारी निदेशक, अनुमिता रॉयचौधुरी ने कहा: “अगर यह हमें स्वास्थ्य आपातकाल तक नहीं जगाएगा, तो क्या होगा? जो लोग पर्यावरणीय प्रदूषण से संबंधित मृत्युओं और भारत में बीमारियों से इनकार कर रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि भारतीयों और बच्चों में डरावने मौत की संख्या और बीमारियों से देश की विकास कहानी का मजाक उड़ाया जाता है। प्रदूषण के जोखिम को कम करने और कम नहीं करने के लिए भारत को बहुत अधिक करना होगा। यह आपराधिक होगा कि बढ़ते स्वास्थ्य साक्ष्य पर कार्रवाई न करें और हमारे अपने बच्चों, बुजुर्गों और कमजोरों से अधिक सबूत मांगें। ”

    मंगलवार को सीएसई द्वारा जारी एक रिहाई ने कहा कि प्रमुख चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मंगलवार को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तत्वावधि में एकजुट होकर, रोग के बोझ का पहला सबसे पहले व्यवस्थित मूल्यांकन जारी करने के लिए भारत में राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर। रिपोर्ट देश भर में और सभी राज्यों में जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में प्रगति की सूचना देती है, हालांकि सभी राज्यों में सुधार अलग-अलग रूप से भिन्न होता है। हालांकि, रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।

    स्वास्थ्य को खतरा

    “साथ ही, स्वास्थ्य और प्रदूषण पर लैनसेट कमीशन की रिपोर्ट ने रोग के अनुमानों के व्यवस्थित वैश्विक बोझ के आधार पर पर्यावरण स्वास्थ्य जोखिमों की पूरी श्रृंखला को देखा है। इससे पता चलता है कि हवा, पानी और रासायनिक एक्सपोजर के कारण दुनिया भर में हर साल करीब 9 मिलियन लोग मरते हैं। वायु प्रदूषण सूची में सबसे ऊपर है, बाहरी और घर के वायु प्रदूषण में शेर का हिस्सा योगदान करते हुए, लगभग 60 लाख मौतें भारत में बाहरी और घर के वायु प्रदूषण के कारण 1.9 मिलियन समय से पहले की मौत के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। ”

    समूह ने नोट किया कि साक्ष्य यह स्पष्ट करता है कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए व्यापक और दीर्घकालिक रणनीतियों सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, वे ध्यान देते हैं कि यह शायद कम अनुमान है और इसमें कई एक्सपोज़र हैं, जिनके लिए आंकड़े अभी भी प्रभावों को मापने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

  • मुसलमानों को ‘पद्मावती’ फिल्म का विरोध करना चाहिए: दरगाह दीवान

    मुसलमानों को ‘पद्मावती’ फिल्म का विरोध करना चाहिए: दरगाह दीवान

     

     

    राजस्थान के अजमेर स्थित सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान ने मुसलमानों से ‘पद्मावती’ फिल्म का विरोध करने की अपील की. उन्होंने फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली की तुलना विवादित लेखक सलमान रुश्दी, तस्लीमा नसरीन तथा तारिक फतह से की.

    हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के वंशज एवं वंशानुगत सज्जादा नशीन दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फिल्म ‘पद्मावती’ के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग भी की. खान ने कहा कि फिल्म के विरोध में देश के मुसलमानों को राजपूतों का समर्थन करना चाहिए.

    दरगाह दीवान ने कहा कि फिल्म का मकसद किसी समुदाय की भावना को आहत करना नहीं होता है.

    खान ने आज जारी बयान में कहा कि भंसाली का किरदार वैसा ही है जैसा विवादित लेखक सलमान रुश्दी, तस्लीमा नसरीन और तारिक फतह का है. जिस तरह भंसाली ने इतिहास को तोड़-मरोड़ कर ‘पद्मावती’ फिल्म का निर्माण किया है और देश के राजपूत समुदाय की भावनाओं को आहत किया है, उसी तरह अभिव्यक्ति की आजादी का सहारा लेकर रुश्दी और तस्लीमा ने इस्लाम धर्म के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करके मुसलमानों की ‘धार्मिक’ भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की है.उन्होंने कहा कि ‘पद्मावती’ फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के प्रस्तुत किए गए कथित चित्रण से राजपूत समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचना स्वाभाविक है.

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  • ‘पप्पू’ बैन तो बीजेपी ने किया ‘युवराज’ शब्द का इस्तेमाल

    ‘पप्पू’ बैन तो बीजेपी ने किया ‘युवराज’ शब्द का इस्तेमाल

     

     

    भारतीय जनता पार्टी अब गुजरात विधानसभा चुनावों में ‘पप्पू’ की जगह ‘युवराज’ शब्द का इस्तेमाल करेगी. उसने ‘युवराज’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधने वाला एक चुनावी वीडियो जारी भी कर दिया है. गौरतलब है कि गुजरात के मुख्य चुनाव आयुक्त की मीडिया कमेटी ने भाजपा के चुनाव एड में ‘पप्पू’ शब्द के प्रयोग पर बैन लगा दिया है.

    ‘युवराज’ शब्द के इस्तेमाल को चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने के बाद गुजरात बीजेपी ने फेसबुक पेज पर एक नया विज्ञापन जारी किया. बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस मजाकिया विज्ञापनों के जरिए एक दूसरे को निशाना बना रहे हैं. इससे पहले चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन में ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल को अपमानजनक’ बताया था.

    बीजेपी ने किया इनकार
    हालांकि बीजेपी ने कहा था कि विज्ञापन की पटकथा में शामिल शब्द का किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है. जब यह पूछा गया कि विज्ञापन को क्या ‘पप्पू’ शब्द के साथ जारी किया गया है तो भाजपा के प्रवक्ता हर्षद पटेल ने कहा, ‘मुझे यह जानकारी नहीं है कि आज जारी किया विज्ञापन वही है या कोई और.’सोशल मीडिया पर हो रहा था इस्तेमाल
    पप्पू शब्द का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर राहुल पर फब्ती कसने के लिए धड़ल्ले से किया जाता रहा है. भाजपा ने इस प्रतिबंध की पुष्टि की लेकिन साथ ही ये भी कहा कि उसके विज्ञापनों में इस शब्द का इस्तेमाल किसी के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर नहीं हुआ है.

    चुनाव आयोग की मीडिया कमेटी को अापत्ति
    भाजपा सूत्रों का कहना है कि गुजरात मुख्य चुनाव आयुक्त के तहत बनी मीडिया कमेटी ने विज्ञापनों की स्क्रिप्ट में जब इस शब्द को देखा तो उन्होंने इसके इस्तेमाल पर आपत्ति जाहिर की. विज्ञापनों की स्क्रिप्ट भाजपा ने पिछले महीने मंजूरी के लिए चुनाव आयोग के सामने दाखिल की थी.

    चुनाव आयोग को स्क्रिप्ट दी जाती है
    एक सीनियर बीजेपी नेता ने कहा, “अपना कोई भी चुनाव विज्ञापन बनाने से पहले हम उसकी स्क्रिप्ट चुनाव आयोग की मीडिया कमेटी के सामने पेश करते हैं, जिस पर वो हमें मंजूरी का प्रमाणपत्र देते हैं.

    (भाषा के इनपुट के साथ)

  • यह पाकिस्‍तानी खिलाड़ी नहीं कर पाएगा बॉलिंग, ICC ने लगाया बैन

    यह पाकिस्‍तानी खिलाड़ी नहीं कर पाएगा बॉलिंग, ICC ने लगाया बैन

     

     

    पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज का गेंदबाजी एक्शन एक स्वतंत्र जांच में गैरकानूनी पाया गया है. इसके बाद इस ऑफ स्पिनर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने से तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि हफीज के गेंदबाजी एक्शन का आकलन करने से पता चला अधिकतर गेंदें करते समय उनकी कोहनी 15 डिग्री के मानक से अधिक मुड़ती हैं.

    हफीज को हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से मान्यता प्राप्त घरेलू टूर्नामेंटों में गेंदबाजी करने की छूट दी गयी है. इसका मतलब है कि वह पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में गेंदबाजी कर सकते हैं.

    आईसीसी के अनुसार, ‘आईसीसी गैरकानूनी गेंदबाजी नियमावली के नियम 11.1 के अनुसार हफीज का अंतरराष्ट्रीय निलंबन सभी राष्ट्रीय क्रिकेट महासंघों को उनके तहत होने वाली घरेलू क्रिक्रेट प्रतियोगिताओं में भी लागू करना होगा. हालांकि नियम 11.5 के अनुसार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सहमति के बाद हफीज पीसीबी के अंतर्गत होने वाले घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों में गेंदबाजी कर सकते हैं.’हफीज की श्रीलंका के खिलाफ 18 अक्टूबर को अबुधाबी में खेले गए तीसरे एकदिवसीय मैच के दौरान रिपोर्ट की गई थी. उनके एक्शन की एक नवंबर को लोगबोरोग यूनिवर्सिटी में जांच की गई थी. वह अपने गेंदबाजी एक्शन में सुधार के बाद फिर से जांच के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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    आर्नल्ड का श्रीलंकाई टीम को ख़ास संदेश, अतीत भुलाकर जीतो सीरीज़

  • पप्पू यादव को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी

    पप्पू यादव को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी

     

     

    जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और मधेपुरा से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को उनके मोबाइल फोन पर फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई है.

    जन अधिकार पार्टी के प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि किसी अनजान व्यक्ति ने सुबह सांसद के निजी फोन पर कॉल कर उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी.

    उन्होंने बताया कि सांसद पप्पू यादव को धमकी देने वाला व्यक्ति स्वयं को चर्चित धार्मिक गुरु जीयर स्वामी का शिष्य बता रहा था. फोन करने वाले व्यक्ति ने करीब पांच मिनट तक सांसद के साथ अभद्र भाषा में बातचीत की. सांसद ने बातचीत का ऑडियो अपने फोन में रिकॉर्ड भी कर लिया है. अहमद ने बताया कि सांसद इस घटना के बाद काफी सदमे में हैं.

    उन्होंने बताया कि सांसद के निजी सचिव ने नई दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में इसकी एक प्राथमिकी दर्ज दर्ज कराई है.उल्लेखनीय है कि पप्पू यादव ने बुधवार को फेसबुक के अपने वॉल पर जीयर स्वामी के भूत और वर्तमान की जांच कराने की मांग करते हुए अपनी बात पोस्ट की थी. जीयर स्वामी ने कुछ माह पहले ही आरा में बहुत बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराया था, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे.

  • अब सरकारी विभाग भी डेंगू व मलेरिया बचाव में निभाएंगे भूमिका

    अब सरकारी विभाग भी डेंगू व मलेरिया बचाव में निभाएंगे भूमिका

     

     

    दादरी जिले में मौजूदा हालातों को देखते हुए डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से निपटने व जागरुकता के लिए सरकारी विभागों का सहारा लिया जाएगा. इसके लिए सरकारी विभागों की जिम्मेदारियां भी फिक्स की गई हैं.

    उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा ने नवगठित दादरी जिले पहली निगरानी कमेटी की मीटिंग में ही अपने कड़े तेवर दिखाते हुए निर्देश जारी किए हैं. इस दौरान उपायुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया.

    उपायुक्त ने कहा कि डेंगू की जांच के लिए जिले में ही मशीन उपलब्ध करवाने के लिए सरकारी से मंजूरी मिलने पर जल्द उपलब्ध करवाया जाएगा. इसके अलावा जिले में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया से निपटने के लिए सरकारी विभागों के अधिकारियों की भी मदद ली लाएगी. साथ ही निर्देश दिए कि वे इस संबंध में अपने अधिनस्थ कर्मचारियों व क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें.

    उपायुक्त ने बताया कि जिले में इस वर्ष 15 डेंगू केस सामने आए हैं. डेंगू से बचने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घर-घर पहुंचकर जागरूक करने व अन्य बचाव संबंधि निर्देश जारी किए. वहीं जिला चिकित्सा अधिकारी डा. रणदीप पुनिया के नेतृत्व में जागरूक अभियान चलाने की कमेटी का भी गठन किया.

  • अब सरकारी विभाग भी डेंगू व मलेरिया बचाव में निभाएंगे भूमिका

    अब सरकारी विभाग भी डेंगू व मलेरिया बचाव में निभाएंगे भूमिका

     

     

    दादरी जिले में मौजूदा हालातों को देखते हुए डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से निपटने व जागरुकता के लिए सरकारी विभागों का सहारा लिया जाएगा. इसके लिए सरकारी विभागों की जिम्मेदारियां भी फिक्स की गई हैं.

    उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा ने नवगठित दादरी जिले पहली निगरानी कमेटी की मीटिंग में ही अपने कड़े तेवर दिखाते हुए निर्देश जारी किए हैं. इस दौरान उपायुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया.

    उपायुक्त ने कहा कि डेंगू की जांच के लिए जिले में ही मशीन उपलब्ध करवाने के लिए सरकारी से मंजूरी मिलने पर जल्द उपलब्ध करवाया जाएगा. इसके अलावा जिले में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया से निपटने के लिए सरकारी विभागों के अधिकारियों की भी मदद ली लाएगी. साथ ही निर्देश दिए कि वे इस संबंध में अपने अधिनस्थ कर्मचारियों व क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें.

    उपायुक्त ने बताया कि जिले में इस वर्ष 15 डेंगू केस सामने आए हैं. डेंगू से बचने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घर-घर पहुंचकर जागरूक करने व अन्य बचाव संबंधि निर्देश जारी किए. वहीं जिला चिकित्सा अधिकारी डा. रणदीप पुनिया के नेतृत्व में जागरूक अभियान चलाने की कमेटी का भी गठन किया.