Category: national

  • दिल्ली के प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ रहा है

    दिल्ली के प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ रहा है

     

     

    शनिवार को मामूली गिरावट के बाद राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर रविवार को फिर से बढ़ गया, सुबह में कई स्थानों पर दृश्यता 100 मीटर से कम हो गई।

    आंकड़े 4 बजे जारी किए गए। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने रविवार को पिछले 24 घंटों में 15 निगरानी स्टेशनों की औसत से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एएयूआई) पर 460 अंक का स्कोर दिखाया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

    शनिवार को यही आंकड़ा 403 था। सीओपीबी के एयूआई स्कोर नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव के क्रमशः 492, 4 9 8 और 460 थे, जो कि ‘गंभीर’ क्षेत्र में भी है।

    PM2.5 और PM10 की पढ़ाई (एयर क्वालिटी और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली) गंभीर श्रेणी में भी थी। 8 बजे सुबह, पीएम 10 के स्तर और पीएम2.5 लोधी रोड पर 638 और 622 पर थे, साथ ही 13 नवंबर को उसी स्टेशन पर थोड़े सुधार दिखाए गए थे।

    हालांकि, प्रदूषण के स्तर में किसी भी सुधार की अनुपस्थिति के बावजूद दिल्ली में विद्यालय 13 नवंबर को खुलेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के बाद दिल्ली सरकार ने स्थगित ‘अजीब-यहां तक’ कार स्कीम पर एक निर्णय भी लिया जाएगा, जिसके तहत योजना के तहत महिलाओं और दो पहिया वाहनों को दी छूट को वापस लेने का आदेश दिया गया है। सरकार ने एनजीटी को अपने आदेश की समीक्षा का अनुरोध करने की उम्मीद की है और कहा है कि अगर छूट दी गई है, तो यह योजना के कार्यान्वयन पर विचार करेगी।

    कम दृश्यता के कारण, दिल्ली से और दिल्ली से आने वाले रेल यातायात प्रभावित हुए, 34 ट्रेनें देर से चल रही हैं, 21 पुनर्निर्धारित हैं, और आठ ट्रेनें रद्द हैं। मौसमविद ने 13 नवंबर को कोहरे की चेतावनी भी जारी कर दी है, जहां से घनी घन को घनी हो सकती है। मौसम विभाग ने उत्तर और उत्तर-पश्चिम से हवाओं की भविष्यवाणी की है, जो 14 नवंबर और 15 नवंबर के लिए कोहरे और बारिश के पूर्वानुमान को दूर करने की उम्मीद कर रहे हैं, और धुँध से अस्थायी राहत प्रदान करते हैं।

  • इंदौर का दीक्षित बना इस अफ्रीकी देश का राजा

    इंदौर का दीक्षित बना इस अफ्रीकी देश का राजा

     

     

    सूडान और मिस्र के बीच एक नया देश बना है, ‘किंगडम ऑफ दीक्षित’. एक भारतीय युवक ने खुद को इस इलाके का राजा घोषित करते हुए यहां अपना झंडा फहराया है. अब वह चाहता है कि यूएन इस इलाके को मान्यता दे. उसने लोगों से इस देश में नागरिकता के लिए आवेदन करने को कहा है.

    इंदौर का एक युवक है सुयश दीक्षित, जिसने खुद को ‘किंगडम ऑफ दीक्षित’ का शासक घोषित किया है. वह तब से चर्चाओं में है, जब से उसने फेसबुक पर ‘किंगडम आफ दीक्षित’ के दावों के साथ अपनी तस्वीरें डालीं. ये सूडान और मिस्र के बीच मौजूद छोटा सा इलाके है, जिसे बीर ताविल के नाम से जाना जाता है.

    इस इलाके पर नहीं किसी किसी का दावाये बहुत छोटा सा इलाका है, जो मिस्र और सूडान की दक्षिणी सीमा को छूता है. वर्ष 1902 में अंग्रेजों ने जब इस इलाके की सीमाबंदी की, तो ये गैर दावाग्रस्त इलाका बनकर रह गया. मिस्र को लगता है कि ये सूडान का क्षेत्र है जबकि सूडान इसे मिस्र की सीमा में मानता है. अब तक किसी ने इस पर दावा नहीं किया था. हालांकि ये रेगिस्तानी इलाका है, जो लाल सागर के करीब है. माना जाता है कि यहां तेल हो सकता है.

    यहां तक पहुंचने की कहानी
    सुयश कैसे यहां पहुंचे और खुद को यहां का राजा घोषित किया. इसकी कहानी उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखी है. बकौल उनके, “मैने इस रेगिस्तानी इलाके में पहुंचने के लिए 319 किलोमीटर की ऐसी यात्रा की, जिसमें ज्यादातर हिस्से में सड़क भी नहीं थी. ये 800 वर्ग मील का एरिया किसी देश का नहीं है. ये ऐसा इलाका है जहां लोग आराम से रह सकते हैं. इस इलाके पर दावा करने के लिए मैने पेड़ उगाने के लिए बीज लगाया और उस पर पानी डाला. इस तरह से अब मैं दावा कर सकता हूं कि ये जगह मेरी है.”

    नागरिकता के लिए वेबसाइट बनाई
    फेसबुक पर उन्होंने बताया कि किस तरह कई दिनों की यात्रा के बाद वे यहां तक पहुंच पाए. उन्होंने बताया, “यहां चारों तरफ रेत और पहाड़ियां हैं. हालांकि, लोग यहां जाने की इजाजत नहीं देते. क्योंकि यहां जान का खतरा रहता है. मैने यहां दो जगह अपना झंडा फहराया. एक झंडा अपने देश की राजधानी में फहराया और दूसरा अपने देश की सीमा पर. हम चाहते हैं कि लोग यहां निवेश करें और यहां की नागरिकता लें. इसके लिए उन्होंने https://kingdomofdixit.gov.best वेबसाइट पर आवेदन करने के लिए कहा है. 

    पिता को राष्ट्रपिता बनाया 
    उन्होंने कहा कि इस देश में तमाम पद खाली हैं, जिस पर लोग आवेदन कर सकते हैं, जिसे स्वीकार करने के लिए वह विचार करेंगे. सुयश ने अपने पिता को ‘किंगडम ऑफ दीक्षित’ का राष्ट्रपति बनाकर उन्हें बर्थ-डे गिफ्ट देने की भी बात कही है.

    पहले से कई दावेदार  
    दीक्षित ने खुद को यहां का राजा बेशक घोषित कर दिया हो और उनका इरादा इसे यूएन में मान्यता दिलाने का है. लेकिन इस पर पहले भी कई लोग दावा ठोक चुके हैं. वर्ष 2014 में जेरमी हीटन ने इसको अपना बताया था और इसका झंडा फहराया था. तब उनका कहना था कि इस इलाके की असल शहजादी उनकी बेटी है.

  • अब महाराष्‍ट्र में किसानों पर गोलीबारी, बैकफुट पर सरकार

    अब महाराष्‍ट्र में किसानों पर गोलीबारी, बैकफुट पर सरकार

     

     

    वक्त पर कर्ज़माफी देने का वादा पूरा नहीं कर पाने की वजह से पहले ही महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार मुश्किलों में घिरी थी. लेकिन किसानों पर गोली चलवाकर सरकार ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार ली है. पहली बार बीजेपी के शासन में महाराष्ट्र में समाज के उस तबके पर गोली चली हैं जिसकी बदौलत भाजपा सत्ता में आई थी. प्रदर्शन दबाने के लिए सरकार को फायरिंग का सहारा लेना पड़ा.

    गन्ना किसान क्यों कर रहें हैं प्रदर्शन?

    गन्ने का उचित मूल्य देने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से किसान आंदोलन कर रहे थे. किसान संगठन और शुगर मिल मालिकों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई लेकिन कोई हल नहीं निकल सका. गन्ना किसान प्रति टन गन्ना 3100 रुपये की मांग कर रहें हैं जबकि शुगर मिल मालिक सिर्फ 2100 रुपये देने के लिये राजी हैं. इसी के विरोध में अब तक गन्ना किसान जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

    किस वजह से चली गोलियां?किसानों के आंदोलन के बीच पुलिस ने स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के दो बड़े किसान नेता प्रकाश बालवडकर और अमर कदम को हिरासत में ले लिया. जैसे ही ये जानकारी किसानों को मिली वे उग्र हो गये. पूरा आंदोलन हिंसक हो गया.  औरंगाबाद और अहमदनगर में आंदोलनकारी किसानों ने गन्ना ले जाने वाले गाडियों में जमकर तोड़फोड़ की और चक्काजाम किया.

    पुलिस को भीड़ से निपटने लिये आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े लेकिन भीड़ काबू में नही हुई तो पुलिस ने गोलीबारी की. किसानों का आरोप है कि पुलिस की इस गोलीबारी में दो किसान गंभीर रुप से जख्मी हो गये. गोलीबारी की इस घटना के बाद किसान उग्र हो गए हैं.

    सांसद और किसान नेता राजू शेट्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार किसानों के आंदोलन को दबाने के लिये निहत्थे किसानों पर गोली चलवा रही हैं.

    क्या है सरकार की दलील?

    इस घटना के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई है. सरकार ने किसानों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसानों को गन्ने का उचित मूल्य दिया जाएगा. फायरिंग की घटना पर सरकार का कहना है कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की थी. ऐसे में सवाल उठता है कि फिर गोली चलाई किसने?

    किसानों के उग्र आंदोलन के बाद औरंगाबाद और अहमदनगर के 7 गांवों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. फायरिंग की घटना के बाद किसानों में जबरदस्त गुस्सा है. अगर जल्द कदम नहीं उठाये गये तो आने वाले दिनों में गन्ना किसानों का आंदोलन और आक्रमक हो सकता है.

    यह भी पढ़ें-
    मध्य प्रदेश में 7 दिन में ऐसे हिंसक हुआ किसान आंदोलन, पढ़ें टाइमलाइन 

  • सिंबायोसिस समेत 123 संस्थान अब नहीं कहलाएंगे विश्वविद्यालय

    सिंबायोसिस समेत 123 संस्थान अब नहीं कहलाएंगे विश्वविद्यालय

     

     

    देश के 123 उच्च शिक्षण संस्थान अब खुद को विश्वविद्यालय नहीं कह पाएंगे. यूजीसी के नए निर्देश के अनुसार देश की डीम्ड यूनिवर्सिटीज अब अपने नाम के साथ अब यूनिवर्सिटी शब्द का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी.

    इस सर्कुलर के मुताबिक ऐसे संस्थान अपने नाम के साथ ब्रैकेट में ‘डीम्ड टू बी ए यूनिवर्सिटी’ लिख सकते हैं.

    10 नंबर को जारी इस सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के 3 नवंबर के आदेश की कॉपी भी लगाई गई है. इसमें कहा गया है कि यदि संस्थान इस आदेश का पालन नहीं करते हैं तो उनपर यूजीसी के नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी.

    इस आदेश के बाद कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा, सिंबायोसिस पूणे. बीआईटी मेसरा, और बिट्स पिलानी जैसे संस्थान खुद को विश्विद्यालय नहीं कह पाएंगे.

  • नौसिखिए पार्किंग परिचर द्वारा गर्भवती महिला को चलाने

    नौसिखिए पार्किंग परिचर द्वारा गर्भवती महिला को चलाने

     

     

  • सर्वे में खुलासा, मोदी भारतीय राजनीति में अब भी लोकप्रिय

    सर्वे में खुलासा, मोदी भारतीय राजनीति में अब भी लोकप्रिय

     

     

    एक अमेरिकी थिंक टैंक के सर्वेक्षण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति में अब भी सबसे लोकप्रिय हस्ती हैं. सर्वेक्षण में भारत में करीब 2,464 लोगों को शामिल किया गया था. थिंक टैंक ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ ने यह सर्वेक्षण किया है.

    इस साल 21 फरवरी से 10 मार्च के बीच किए गए सर्वेक्षण के अनुसार 88 प्रतिशत के आंकड़े के साथ मोदी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी (58 प्रतिशत) पर 30 अंकों, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (57 प्रतिशत) पर 31 अंकों जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (39 प्रतिशत) पर 49 अंकों की बढ़त मिली हुई है.

    प्यू ने कहा कि जनता द्वारा मोदी का सकारात्मक आंकलन भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती संतुष्टि से प्रेरित है. हर दस में से आठ लोगों ने कहा कि आर्थिक दशाएं अच्छी हैं. ऐसा महसूस करने वाले लोगों में 2014 के चुनाव के ठीक पहले से 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

    इसमें कहा गया कि अर्थव्यवस्था को बहुत अच्छा (30 प्रतिशत) बताने वाले वयस्कों के आंकड़े में पिछले तीन साल में तीन गुनी वृद्धि हुई है.प्यू ने कहा कि कुल मिलाकर हर दस में से सात भारतीय देश में चल रही चीजों को लेकर संतुष्ट हैं. भारत की दिशा को लेकर सकरात्मक आंकलन में 2014 से करीब दोगुनी वृद्धि हुई है.

  • बहुत समस्याएं हैं तो यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा इस्तीफा दे दें: बीजेपी नेता

    बहुत समस्याएं हैं तो यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा इस्तीफा दे दें: बीजेपी नेता

     

     

    तेलंगाना बीजेपी के प्रवक्ता कृष्णा सागर राव ने बुधवार को कहा कि अगर
    यशवंत सिन्हा और
    शत्रुघ्न सिन्हा को शासन को लेकर समस्याएं हैं और उन्हें पार्टी के मंचों पर अपने मुद्दे उठाने का पर्याप्त मौका नहीं मिल रहा है तो उन्हें पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए. राव ने कहा कि दोनों नेताओं ने बहुत पहले ही पार्टी की अनुशासनात्मक लक्ष्मण रेखा पार कर दी थी.

    यशवंत सिन्हा ने ‘बेहद दोषपूर्ण’ माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली की आलोचना करते हुए कहा कि देशवासी ये मांग कर सकते हैं कि वो उनके सामने आई परेशानियों के कारण इस्तीफा दें और उनका ये भी मानना है कि जेटली गुजरात के लोगों पर बोझ हैं. जेटली गुजरात से राज्यसभा सदस्य हैं.

    अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में कहा कि अगर बीजेपी ‘वन-मैन शो और टू-मैन आर्मी‘ से बचती है तो ही वो लोगों की उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी.

    राव ने कहा कि बीजेपी वित्त मंत्री के खिलाफ यशवंत सिन्हा के गुस्से को ‘एक ऐसे व्यक्ति के असंतुष्ट होने के तौर पर देखती है जो सरकार में कोई हिस्सा चाहता है और उसे वो नहीं दिया गया.’ उन्होंने कहा, ‘सिर्फ इस नाराज़गी के कारण कि उनके नाम पर प्रशासनिक या मंत्री पद के लिए विचार नहीं किया जा रहा, इसलिए वो वित्त मंत्री पर हमले कर रहे हैं. वरना ये कैसे सही साबित होता है कि उन्होंने केवल चुनाव के समय हमला किया.’राव ने कहा, ‘जब भी बीजेपी चुनाव में उतरती है तो उसी समय यशवंत सिन्हा या शत्रुघ्न सिन्हा ऐसी टिप्पणियां करते हैं. ये बिहार, उत्तर प्रदेश के दौरान हुआ और अब ये हिमाचल प्रदेश तथा गुजरात चुनाव के दौरान भी हो रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘ये दिखाता है कि ये कुटिल साज़िश है जिसमें दुर्भाग्यपूर्ण रूप से वो फंस गए हैं. बीजेपी का मानना है कि कोई और उनका इस्तेमाल कर रहा है.’

    राव ने कहा कि अगर दोनों नेता परेशान हैं और जिस तरीके से सरकार चलाई जा रही है वो उससे चिढ़े हुए हैं तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद और यशवंत सिन्हा के ‘मार्गदर्शक मंडल’ के तौर पर उन्हें पार्टी के मंचों पर अपने मुद्दे उठाने चाहिए. पार्टी उन्हें ऐसा करने के कई मौके देती है.

    बीजेपी नेता ने कहा, ‘यशवंत सिन्हा ऐसा नहीं करते बल्कि वो हमारे अपने नेताओं पर हमला करने के लिए केवल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. इससे ऐसा दिखता है कि वो दोनों देश में विशेष हित वाली ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं.’ उन्होंने कहा कि दोनों बहुत वरिष्ठ नेता हैं. अगर पार्टी को उनके खिलाफ कदम उठाना है तो बड़े स्तर पर इस पर चर्चा की जाएगी और फैसला बिना सोचे नहीं लिया जा सकता. बीजेपी इस पर विचार करेगी.

    राव ने कहा, ‘आदर्श स्थिति ये है कि वो पार्टी से इस्तीफा दे दें. अगर उन्हें शासन में इतनी समस्याएं है और उन्हें पार्टी के भीतर अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल रहा तो उन्हें कदम उठाना चाहिए.’

  • सड़क हादसाः बर्थडे पार्टी मनाकर लौट रहे एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

    सड़क हादसाः बर्थडे पार्टी मनाकर लौट रहे एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

     

     

    सहारनपुर जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई जबकि घायल एक व्यक्ति की हालत नाजुक बनी हुई है. मरने वालों में 4 लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं. यह दर्दनाक हादसा गुरूवार को तब हुआ जब तेज रफ्तार कार और बस के बीच एक जबर्दस्त टक्कर हो गई.

    रिपोर्ट के मुताबिक हादसे का शिकार हुआ परिवार सहारनपुर के नुमाइश कैम्प मोहल्ले के रहने वाला है, जो लुधियाना से जन्मदिन की पार्टी मनाकर अपने घर लौट रहे थे, लेकिन तेज रफ्तार कार थाना कुतुबशेर के अम्बाला हाईवे पर खड़ी टूरिस्ट बस से अनियंत्रित कार टकरा गई. बताया जा रहा है हादसा कार चालक को नींद आने के कारण घटित हुआ.

    बताया जाता है कि कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि हाइवे पर खड़ी टूरिस्ट बस की डिग्गी से सामान निकाल रहे एक युवक की टक्कर से मौत हो गई. कार में सवार मरने वालों में माता-पिता और बेटा-बहू शामिल है, जिनकी शिनाख्त मंजू भंडारी, सोमनाथ भंडारी, राजरानी और जगन्नाथ के रुप में की गई है.

  • पार्टी फंड के लिए फैंस के भेजे पैसे लौटाएंगे कमल हासन

    पार्टी फंड के लिए फैंस के भेजे पैसे लौटाएंगे कमल हासन

     

     

    साउथ फिल्मों के सुपरस्टार कमल हासन ने अपने जन्मदिन पर साफ कर दिया था कि वो राजनीति में आएंगे. उन्होंने नई पार्टी बनाने की तरफ भी इशारा किया था. हालांकि, उनकी पार्टी अभी बनी नहीं है, लेकिन फैन्स ने उन्हें फंड देना शुरू कर दिया है.

    तमिल मैगजीन के लिए लिखे जाने वाले अपने सप्ताहिक कॉलम में उन्होंने लिखा, “जिन लोगों ने पैसे दिए हैं, मैं उनके पैसे लौटा रहा हूं. पार्टी बनने और उसके नामकरण से पहले ही मैं फंड्स लूं, तो ये गैरकानूनी होगा.” उन्होंने कहा कि पहले पार्टी बनेगी. उसका नाम रखा जाएगा उसके बाद ही फंड लिया जाएगा.

    लेख में कमल हासन ने ये भी साफ किया है कि इसका मतलब यह नहीं हुआ कि मैं राजनीति में आने के अपने फैसले से यूटर्न ले रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि वो पार्टी के लिए लोगों से पैसे नहीं लेंगे.

    उन्होंने कहा कि हमे पहले मजबूत नींव बनाने की जरूरत है, ताकि मेरे बाद भी यह आंदोलन चलता रहे. यह सिर्फ सीट के लिए नहीं है, बल्कि मेरी इच्छा में तमिलनाडु का विकास प्रथम है.हसन ने ये कॉलम तब लिखा है जब एक रिपोर्ट आई थी कि अपने प्रस्तावित पार्टी के लिए उन्होंने प्रशंसकों से 30 करोड़ रुपये इकट्ठा किए हैं. बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके प्रशंसकों से कल्याणकारी गतिविधियों के लिए पैसा उधार लिया था, न कि पार्टी के लिए.

    हासन ने अपने कॉलम में यह भी लिखा है कि उनके हिंदू आतंकवाद के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, हालांकि, उन्होंने कहा है कि वो अपने बयान पर कायम हैं.

    उन्होंने कहा कि मेरे बयान का गलत ट्रांसलेशन किया गया. मैंने आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल कभी किया ही नहीं, लेकिन जो मैंने कहा है उसमें कोई बदलना नहीं है.

    ये भी पढ़ें:  जब लड़के ने किया शशि थरूर को प्रपोज, ये मिला जवाब

    राजीव गांधी के हत्यारों को माफ कर दें सोनिया-राहुल : रिटायर्ड जज

  • मोदी के मंत्री ने कहा: भारत ने POK लेना चाहा तो उसे कोई रोक नहीं सकता

    मोदी के मंत्री ने कहा: भारत ने POK लेना चाहा तो उसे कोई रोक नहीं सकता

     

     

    केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर ने आज कहा कि भारत यदि पाकिस्तान से पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) लेना चाहे तो उसे कोई रोक नहीं सकता. उन्होंने जोर दे कर कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है.

    केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहीर ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) पिछली सरकारों की गलतियों की वजह से पाकिस्तान के अधीन है.

    उन्होंने यहां एक कार्यक्रम से अलग कहा, ‘‘मैं कहता हूं कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का हिस्सा है और पिछली सरकारों की गलतियों की वजह से यह पाकिस्तान के पास है. यदि हम पीओके वापस लेने का प्रयास करते हैं तो हमें कोई रोक नहीं सकता क्योंकि यह हमारा अधिकार है.’’

    मंत्री ने कहा कि भारत पाकिस्तान से यह क्षेत्र वापस लेने का प्रयास करेगा. एक दिन पहले ही नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि पाकिस्तान भारत को जम्मू कश्मीर का वह हिस्सा नहीं लेने देगा जो उसके कब्जे में है.उन्होंने कहा था कि 70 वर्ष हो गए लेकिन ‘वे (भारत) इसे (पीओके) हासिल नहीं कर सके.’ अब्दुल्ला ने कहा, ‘आज, वे (भारत) दावा करते हैं कि ये हमारा है. तो इसे (पीओके) हासिल कर लीजिए, हम भी कह रहे हैं कि कृपया इसे (पाकिस्तान से) हासिल कर लीजिए. हम भी देखेंगे. वे (पाकिस्तान) इतने कमजोर नहीं हैं और उन्होंने कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं. उनके पास भी एटम बम है. युद्ध के बारे में सोचने से पहले हमें सोचना होगा कि इंसान के रूप में हम कैसे रहेंगे?’

    जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते यह बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया था कि पीओके पाकिस्तान का है.