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  • जहरीले हवा कुशल एक्सपैिट्स से दूर चला जाएगा: एसोचैम

    जहरीले हवा कुशल एक्सपैिट्स से दूर चला जाएगा: एसोचैम

     

     

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खतरनाक अस्वास्थ्यकर हवा की गुणवत्ता के स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए एसोचैम ने शुक्रवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के केंद्र और सरकारों से आक्रामक तरीके से वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक स्पष्ट रणनीति स्थापित करने के लिए आग्रह किया।

    “विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, साथ ही विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और संगठनों को समान रूप से एक साथ आना चाहिए और वायु प्रदूषण से निपटने और इसके कारणों को रोकने के लिए एक व्यवस्थित, स्पष्ट समय सारिणी और रोडमैप का मूल्यांकन करने के लिए शीर्ष स्तरीय पेशेवरों को शामिल करना होगा जिससे दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।” एसोचैम ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकारों के साथ भेजे गए।

    “दिल्ली एक आपातकालीन स्थिति का सामना कर रहा है, लेकिन समस्या का समाधान करने के लिए शायद ही कोई इरादा या प्रतिबद्धता दिखाई दे रही है … अभिनव समाधान जैसे धुंध तोपों का उपयोग करना और निर्माण गतिविधियों, वाहनों के प्रदूषण और बकवास जलाने की जांच करने के लिए एक विशेष बल का निर्माण करना , “एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा।

    “बढ़ते वायु प्रदूषण, लोगों की छोटी अवधि में कटौती करके शहरी अर्थव्यवस्था पर टोल ले सकता है, जिससे सरकार को स्वास्थ्य देखभाल की लागतें बढ़ जाती हैं, उच्च अधिकारियों और प्रतिभाशाली लोगों को बेहतर हवा की गुणवत्ता के साथ अन्य शहरों में ले जाया जाता है, जिससे दिल्ली की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। श्रीमान रावत ने कहा, “उच्च-कुशल प्रवासी देशों को आकर्षित करने, निवेश का प्रवाह प्रभावित करने और पर्यटन, आतिथ्य, बाहरी मनोरंजन और अन्य जैसे क्षेत्रों को मारने पर गंभीरता से प्रभावित होते हैं।”

    “अधिक कुशल और कम प्रदूषणकारी ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देना, वाहनों की बढ़ती संख्या को सीमित करना और प्रदूषण कानूनों के सख्त प्रवर्तन दीर्घकालिक रूप से अधिक पर्यावरण अनुकूल अर्थव्यवस्था को सुचारु संक्रमण में मदद करेगा,” उन्होंने कहा।

  • विश्वविद्यालय का फरमान, खाओगे वेज-नहीं पियोगे दारू तभी मिलेगा गोल्ड मेडल

    विश्वविद्यालय का फरमान, खाओगे वेज-नहीं पियोगे दारू तभी मिलेगा गोल्ड मेडल

     

     

    सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय ने एक अजीबोगरीब फरमान अपने छात्रों को सुनाया है जिसकी बच्चों के साथ-साथ सियासी गलियारे में भी खूब चर्चा मची है. पुणे विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर कीर्तनकार शेलारमामा के नाम से स्वर्ण पदक देने के लिए एक आदेश डाला गया है जो इस विवाद की मूल वजह है.

    उस शासनादेश में कहा गया है कि दसवीं, बारहवीं और ग्रेजुएशन में प्रथम और द्वितीय आने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक दिया जाएगा. लेकिन उसमें भी विश्वविद्यालय ने ये कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि जो छात्र वेज खाएगा और दारू नहीं पिएगा वही इस स्वर्ण पदक का हकदार होगा .

    विश्वविद्यालय के इस फरमान के बाद युवासेना के अध्यक्ष और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने विश्वविद्यालय के लोगों को फटकार लगाई और ट्वीट कर कहा, ‘ये आदेश पीछे लीजिए, पढ़ाई पर ध्यान दीजिए, कौन क्या खाएगा इसके बजाय पढ़ाई के बाद नौकरी और रोजी-रोटी कैसे मिले, इस पर ध्यान दीजिए’.

    हालांकि अब तक पुणे विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में सफाई नहीं आई है और ना ही सरकार ने इस पर कुछ बोला है.ये भी पढ़ें-
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  • बर्थडे पर राजनैतिक पार्टी का ऐलान कर सकते हैं रजनीकांत

    बर्थडे पर राजनैतिक पार्टी का ऐलान कर सकते हैं रजनीकांत

     

     

    सुपरस्टार रजनीकांत अपने 67वें जन्मदिन 12 दिसंबर पर राजनैतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर सकते हैं. नाम नहीं बताने की शर्त पर उनके करीबी सूत्रों ने सीएनएन न्यूज 18 को यह जानकारी दी है.

    सूत्रों के अनुसार, रजनीकांत पहले अपनी पार्टी बनाएंगे फिर बीजेपी से गठबंधन कर लेंगे. रजनीकांत ने जबसे राजनैतिक पार्टी बनाने या राजनीति में एंट्री करने का संकेत दिया है, तबसे भगवा पार्टी उन्हें लुभाने की कोशिश कर रही है.

    रजनीकांत के समकालीन एक्टर कमल हासन ने पहले कहा था कि वे अपने जन्मदिन 7 नवंबर पर कोई बड़ा ऐलान करेंगे. इस दौरान ये संभावना जताई जा रही थी कि वे अपनी नई पार्टी का ऐलान करेंगे. हालांकि, उन्होंने इस दिन सिर्फ लोगों से जुड़ने के लिए एक ऐप लॉन्च किया और दूसरा कोई ऐलान नहीं किया.

    बता दें कि कमल हासन राजनैतिक एंट्री के लिए रजनीकांत से ज्यादा सक्रिय दिखते रहे हैं. मर्सेल रिलीज और नोटबंदी पर उन्होंने एआईडीएमके और बीजेपी से बात भी की थी. वहीं ‘भगवान आतंक’ का उनका बयान काफी चर्चा में था, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि वे बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे.हालांकि, रजनीकांत इन दिनों अपनी फिल्म 2.0 के रिलीज को लेकर ही व्यस्त हैं. फिर भी मर्सेल को लेकर उन्होंने कुछ ट्वीट जरूर किए हैं. वह हासन के साथ भी हंसी-मजाक करते दिखे थे. जब उन्होंने कहा था कि राजनीति में प्रवेश के लिए नाम और प्रसिद्धि ही जरूरी नहीं है. आपको राजनीति में सफल होना है तो प्रसिद्धि और पैसे से भी ज्यादा चीजों की आवश्यक्ता होती है. एक कलाकार को राजनीति में जाने के लिए कुछ बड़ा करना होता है.

  • PM मोदी ने मौलाना आजाद और आचार्य कृपलानी को दी श्रद्धांजलि

    PM मोदी ने मौलाना आजाद और आचार्य कृपलानी को दी श्रद्धांजलि

     

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद और आचार्य जे.बी. कृपलानी को उनकी जयंतियों पर श्रद्धांजलि अर्पित की. मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, भारतीय इतिहास के दो दिग्गजों को श्रद्धांजलि, भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और उसके बाद देश के निर्माण में उनके योगदान बेहद लाभदायक रहे.

    एक शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे, जिन्होंने शिक्षित राष्ट्र की नींव रखी. मरणोपरांत उन्हें सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया. साल 2008 से उनकी जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाई जा रही है.

    अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दिन के रूप में आजाद का जन्म 1888 में मक्का में हुआ था. दिल्ली में 22 फरवरी 1958 को उनका इंतकाल हुआ.

    वहीं, जीवटराम भगवानदास कृपलानी का जन्म भी 1888 में हैदराबाद में हुआ था, जो अब पाकिस्तान के सिंध प्रांत में है. साल 1917 में कृपलानी सबसे पहले चम्पारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के संपर्क में आए, जिसके बाद वह एक पूर्ण समर्पित राष्ट्रवादी बन गए.

    ब्रिटिश राज से 1947 में सत्ता के हस्तांतरण के दौरान वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे. 19 मार्च 1982 को आचार्य कृपलानी का देहांत हो गया.

  • दिल्ली में आर्टिफिशियल बारिश करवाने के लिए इस कंपनी ने की ‘हां’

    दिल्ली में आर्टिफिशियल बारिश करवाने के लिए इस कंपनी ने की ‘हां’

     

     

    दिल्ली में प्रदूषण जनित धुंध से निजात पाने के लिये हेलीकॉप्टर से कृत्रिम बारिश करने के केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव पर हेलीकॉप्टर सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी पवनहंस ने सहमति दे दी है. केजरीवाल सरकार को कृत्रिम छिड़काव के लिये हेलीकॉप्टर मुहैया कराने में कोई मदद करने में केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा असमर्थता जताने के बाद दिल्ली सरकार ने अपने स्तर पर पवनहंस से संपर्क किया था. कंपनी की ओर से सरकार को आज भेजे गए जवाबी पत्र में इस काम को अंजाम देने पर सहमति जतायी गयी है.

    पवनहंस के महाप्रबंधक वी एच दोडिया ने दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के निजी सचिव श्रवण बगड़िया को भेजे पत्र में कहा है कि दिल्ली में हेलीकॉटर द्वारा कृत्रिम बारिश के लिये विस्तृत कार्ययोजना बनानी होगी. साथ ही इस काम के लिये विमानपत्तन प्राधिकरण, नागरिक उड्ययन महानिदेशालय और रक्षा मंत्रालय सहित केन्द्र और राज्य सरकार की तमाम एजेंसियों से पूर्व अनुमित लेनी होगी.

    इसकी पूरी कार्य योजना बनाने के लिये दोडिया ने दिल्ली सरकार और पवनहंस के अधिकारियों का संयुक्त कार्यदल बनाने की बात कही है. दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि इस बाबत संयुक्त कार्यदल गठित कर दिया गया है जो इस परियोजना पर कल से काम शुरू कर देगा.

    उल्लेखनीय है कि दिल्ली में प्रदूषण के गहराये संकट से निजात दिलाने के लिये केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने कल अपनी पहली बैठक में ही कृत्रिम बारिश कराने की केजरीवाल सरकार की पहल पर कोई मदद नहीं किये जा सकने की बात कही थी. हुसैन ने हाल ही में डा. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कृत्रिम बारिश कराने के लिये केन्द्र सरकार से हेलीकॉप्टर मुहैया कराने में मदद करने का आह्वान किया था.दिल्ली सरकार ने इस काम पर खर्च होने वाली राशि का वहन राज्य सरकार द्वारा करने की पहल करते हुये केन्द्र सरकार से रक्षा मंत्रालय या उड्डयन मंत्रालय से हेलीकॉप्टर मुहैया कराने में मदद की अपील की थी. समझा जाता है कि केन्द्रीय समिति ने दिल्ली सरकार की इस कवायद में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा कोई मदद कर पाने में असमर्थता जताते हुये कहा है कि राज्य सरकार यदि चाहे तो अपने स्तर पर यह काम कर सकती है.

    इसके बाद ही दिल्ली सरकार ने पवनहंस से इस बाबत कल ही संपर्क किया था. हुसैन ने आज शाम ट्वीट कर बताया कि कृत्रिम बारिश कराने के लिये पवनहंस से संपर्क किया गया है जिससे दिल्ली में पानी का छिड़काव कर हवा में जमा पार्टिकुलेट तत्वों को जमीन पर लाया जा सके.

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  • 24 घंटे बिजली नहीं देने पर कंपनियों पर लगेेेेगा जुर्माना!

    24 घंटे बिजली नहीं देने पर कंपनियों पर लगेेेेगा जुर्माना!

     

     

    बिजली उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने देश में हर घर को बिजली की 24 घंटे अनवरत आपूर्ति करने के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिजली कंपनियों पर बिजली कटौती के लिए जुर्माना और सख्त नियमन व्यवस्था के साथ-साथ उनकी माली हालत मजबूत रखने के उपाय किए जाने पर बल दिया है.

    सरकार ने दिसंबर 2018 तक घर-घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. वह बाकी बचे सभी गांवों के विद्युतीकरण का काम समय से पहले इस साल दिसंबर तक पूरा करने का प्रयास कर रही है. इसके साथ ही मार्च 2019 तक सभी घरों को 24 घंटे अनवरत बिजली सुलभ कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है.

    टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा, ‘इस लक्ष्य के लिए जरूरी है कि बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति बेहतर हो.’ उन्होंने उदय योजना को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) सरकार की बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार की योजना है.

    उद्योग मंडल सीआईआई के बिजली पर राष्ट्रीय समिति के चेयरमैन सरदाना ने कहा, ‘बिजली अपूर्ति में सकल तकनीकी व वाणिज्यिक नुकसान में कमी, लागत और कीमत के बीच का अंतर कम करने तथा नियमित तरीके से बिजली दरों में संशोधन से कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. कंपनियों की हालत ठीक रहने से हर घर को अनवरत बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी.’दिल्ली के कुछ हिस्सों में बिजली वितरण का जिम्मा संभाल रही टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर डीडीएल) के प्रवक्ता ने कहा, ‘देश की राजधानी दिल्ली जैसे कुछ शहरों में बिजली कटौती पर जुर्माने का प्रावधान है. सभी घरों को सातों दिन 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए इसी प्रावधान को देश में सभी बिजली कंपनियों पर लागू किए जाने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वितरण कंपनियां वित्तीय समस्याओं या अकुशलता की आड़ में बिना सोच विचार के बिजली कटौती नहीं करें.’

    पीपीए के अनुपालन को अनिवार्य बनाया जाएगा

    केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने हाल में कहा था कि सरकार बिजली कानून संशोधन विधेयक को अंतिम रूप दे रही है जिसमें अन्य बातों के अलावा बिजली कंपनियों को लाइसेंस नवीनीकरण से पहले अपने क्षेत्र की 100 प्रतिशत बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली खरीद समझौता (पीपीए) करना होगा. साथ ही पीपीए के अनुपालन को अनिवार्य बनाया जाएगा और ऐसा नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान होगा.

    बीएसईएस राजधानी पावर लि. के निदेशक गोपाल सक्सेना ने कहा, ‘देश भर में वितरण कंपनियों पर हर जगह बिजली की आपूर्ति करने का दायित्व (यूएसओ) रहता है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों में मजबूत नियामकीय ढांचा और स्थापित मानक हैं.’

    उन्होंने कहा कि अन्य शहरों में भी नियामकीय व्यवस्था मजबूत बनाकर और कड़ाई से लागू कर 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

    हर घर को बिजली मिले

    सरदाना ने कहा, ‘निजी वितरण कंपनियां अपने लाइसेंस क्षेत्र में यह सुनिश्चित कर रही हैं कि प्रत्येक परिवार को अनवरत बिजली मिले. हमारा मानना है कि सरकार के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियों से भी इसी प्रकार की प्रतिबद्धता जरूरी है.’

    बिजली मंत्रालय के गर्व पोर्टल के अनुसार बिजली सुविधाओं से वंचित 18,452 गांवों में से 14,911 गांवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है जबकि 2,508 गांवों में बिजली पहुंचाने का काम जारी है. वहीं 1,033 गांव ऐसे हैं जहां कोई नहीं रहता है. इस लक्ष्य को दिसंबर 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य है. पहले इसके लिए मई 2018 तक का लक्ष्य रखा गया था.

    सरकार ने दिसंबर 2018 तक सभी घरों को बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना शुरू की है. इसके तहत बिजली सुविधा से वंचित करीब चार करोड़ परिवारों को बिजली उपलब्ध कराया जाना है.

  • लोढ़ा समिति की रिपोर्ट ने देश के क्रिकेट को बर्बाद किया

    लोढ़ा समिति की रिपोर्ट ने देश के क्रिकेट को बर्बाद किया

     

     

    एनसीपी प्रमुख और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार ने गुरुवार को आरोप लगाया कि लोढ़ा समिति की रिपोर्ट ने क्रिकेट को ‘निश्चित तौर पर बर्बाद’ किया. न्यायमूर्ति लोढ़ा पैनल ने बीसीसीआई में आमूलचूल बदलावों की सिफारिश की थी जिन्हें उच्चतम न्यायालय ने मंजूरी दी थी.

    पवार से जब पैनल की सिफारिशों के बारे में पूछा गया, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि रिपोर्ट ने निश्चित तौर पर क्रिकेट को बर्बाद किया. पवार अंतरराट्रीय क्रिकेट परिषद के भी अध्यक्ष रह चुके हैं.

    लोढ़ा समिति की जिन विवादास्पद सिफारिशों से उन्हें आपत्ति है उनमें एक राज्य एक वोट, राष्ट्रीय चयनसमिति में सदस्य संख्या की सीमा, बोर्ड परिषद में सदस्य संख्या की सीमा, अधिकारियों की आयु और कार्यकाल को सीमित करना और अधिकारियों की ताकत और कार्यों को विभाजित करना शामिल है.

    लोढ़ा समिति की सिफारिशों के मुताबिक 70 साल से अधिक आयु के अधिकारी बीसीसीआई या किसी राज्य संघ में पद नहीं संभाल सकते. साथ ही समिति ने दो कार्यकाल के बीच तीन साल के अंतराल की बात भी कही है.यह भी पढ़ें-
    इन 5 मुद्दों को छोड़कर BCCI ने लोढ़ा समिति की सिफारिशें स्वीकार की

  • हिमाचल चुनाव में पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने किया मतदान

    हिमाचल चुनाव में पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने किया मतदान

     

     

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
    विधानसभा चुनाव में कुल 74.61 फीसदी मतदान दर्ज़ किया गया.

    पहाड़ी राज्य में 19,10,582 महिला मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि 18,11,061 पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिला मतदाताओं की संख्या से करीब 74,200 ज्यादा है.

    राज्य के 68 विधानसभा क्षेत्रों में से 48 में महिलाओं का मत प्रतिशत पुरुषों की तुलना में ज्यादा रही, जबकि केवल 15 सीटों पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से ज्यादा है.

    सबसे बड़े कांगड़ा जिले में 4,61,278 महिलाओं ने और 3,96,208 पुरुषों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इसी तरह मंडी जिले में 2,96,898 महिलाओं ने मतदान किया. वहीं 2,71,725 पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

  • पायलट ने प्लेन उड़ाने से किया इनकार, लोगों ने ऐसे तय किया फासला

    पायलट ने प्लेन उड़ाने से किया इनकार, लोगों ने ऐसे तय किया फासला

     

     

    एयर इंडिया के एक पायलट ने बुधवार रात ऐनवक्त पर विमान उड़ाने से इनकार कर दिया. विमान के कुछ यात्रियों को सड़क मार्ग से और कुछ यात्रियों को गुरुवार को दूसरे एयरलाइंस के विमान से दिल्ली भेजा गया.

    सांगानेर हवाई अड्डे के निर्देशक जी एस बल्हारा के अनुसार दिल्ली से जयपुर आने वाली एयर इंडिया का विमान किन्हीं कारणों से देर रात डेढ़ बजे जयपुर पहुंचा था.

    उन्होंने बताया कि यही विमान उड़ान संख्या 9 आई 644 तकरीबन चालीस यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला था, लेकिन विमान के पायलट ने अपने ड्यूटी समय समाप्त होने की वजह से विमान उड़ाने से इनकार कर दिया.

    निदेशक के अनुसार विमान के कुछ यात्रियों को रात में होटल में रुकवाया गया, कुछ को सड़क मार्ग से भेजा गया. उन्होंने कहा कि रात में रुके यात्रियों को आज दूसरे एयरलाइंस के विमान से दिल्ली भेजा गया है. इधर, एयर इंडिया के स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन सम्पर्क नहीं हुआ.ये भी पढ़ें-
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  • 300 धूल प्रदूषण के लिए 3 दिनों में जुर्माना लगाया गया

    300 धूल प्रदूषण के लिए 3 दिनों में जुर्माना लगाया गया

     

     

    दिल्ली में तीन नगर पालिकाओं ने बुधवार से धूल प्रदूषण के लिए 300 से अधिक जुर्माना जारी किए हैं, जब शहर के प्रदूषण के स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बाद वर्गीकृत कार्य योजना लागू हुई। धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मानदंडों का पालन करने में विफल रहे निर्माण स्थलों पर जुर्माना जारी किया गया था।

    की जा रहा कार्रवाई

    उत्तर निगम ने पिछले तीन दिनों में 156 जुर्माना जारी किए हैं। इनमें से 25 बुधवार को जारी किए गए थे, गुरुवार को 100 और शुक्रवार को 31। एसडीएमसी ने कुल 18 9 जुर्माना जारी किया और ईडीएमसी ने 101 जुर्माना जारी किया।

    दक्षिण निगम ने बुधवार को 86 जुर्माना, गुरुवार को 70, और शुक्रवार को 33 को जारी किया। ईडीएमसी ने बुधवार को 20, गुरुवार को गुरुवार और शुक्रवार को 26 को जारी किया।

    उत्तर निगम के अधिकारियों ने कहा कि नागरिक शरीर पहले से ही उच्च स्तर के प्रदूषण को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अपना काम कर रहा है। “दिशानिर्देशों का कहना है कि सभी निर्माण स्थलों को क्षेत्र के पैनल या मोटी चादरों की सीमाओं को कवर करना चाहिए। उन्होंने उड़ान से धूल से बचने के लिए भी साइटों को पानी से छिड़क दिया है। ”

    आधिकारिक ने कहा कि शुक्रवार से, प्रवर्तन दल शहर में निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध सुनिश्चित करेंगे।