Category: national

  • दिल्‍ली के करोल बाग से 1 करोड़ रुपये का सोना चोरी

    दिल्‍ली के करोल बाग से 1 करोड़ रुपये का सोना चोरी

     

     

    दिल्ली के करोल बाग इलाके से 1 करोड़ रुपये का सोना चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी चोर कोई और नहीं ज्‍वैलर्स शॉप में ही काम करने वाला स्‍टाफ सरजीत है. जिसकी फोटो घटना को अंजाम देते वक्‍त सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है.

    बताया जा रहा है कि करोलबाग के रैगरपुरा की इस बिल्डिंग में काम करने वाले सुरजीत ने कल शाम वर्क शॉप में काम करने वाले करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगो को रसगुल्ले में नशीला पदार्थ मिलाकर खिाला दिया था. सभी वर्कर्स बेहोश हो गए.

    इसके बाद सरजीत करीब साढ़े 3 किलो सोना लेकर चंपत हो गया. इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है. बताया जा रहा है कि सरजीत के सभी कारनामे बिल्डिंग में लगे चार सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुके हैं. पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही आरोपी की जांच शुरू कर दी है.

    लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब ज्‍वैलरी शॉप से चोरी की ऐसी बड़ी घटना हुई है. इससे पहले भी दीपावली की रात करोल बाग में ही करीब 6 करोड़ की ज्वेलरी और लाखों की नकदी पर हाथ साफ किया जा चुका है. लेकिन उस मामले का आरोपी अभी भी फरार है.

  • किशोर मोटापे से अवसाद हो सकता है

    किशोर मोटापे से अवसाद हो सकता है

     

     

    किशोर मोटापे की वजह से शहर में युवा आबादी के बीच में अग्रणी है? एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि अवसाद, चिंता और सो विकार, उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त शर्करा के स्तर और रक्तचाप के उतार-चढ़ाव हालत की प्रमुख जटिलताओं में से हैं।

    सर्वेक्षण – दिल्ली-एनसीआर में किशोरों का मोटापा – मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मिनिमल एक्सेस, मेटाबोलिक और बैरिएट्रिक सर्जरी के अध्यक्ष डा। प्रदीप चौबे और मैक्स हेल्थकेयर के कार्यकारी उपाध्यक्ष द्वारा आयोजित किया गया।

    सर्वेक्षण विभिन्न आयु समूहों में बच्चों के बीच मोटापे के कारणों और प्रभावों का विश्लेषण है। मोटापे से ग्रस्त बच्चों की शारीरिक और भावनात्मक कल्याण पर जीवनशैली और अन्य सामाजिक प्रभावों के प्रभाव का अध्ययन करने का इरादा था, अध्ययन में कहा गया है।

    सर्वेक्षण में तीन आयु वर्गों में दिल्ली-एनसीआर में 1,000 युवा बच्चों को देखा गया – 5-9 वर्ष, 10-14 वर्ष और 15-18 वर्ष। अधिकतर और मोटापे वाले बच्चों के माता-पिता के बीच यह सर्वेक्षण किया गया कि वे अपने स्वास्थ्य पर विभिन्न जीवन शैली विकल्पों (खाने की आदतों, शारीरिक गतिविधि स्तर, नींद की आदतों) के प्रभाव का अध्ययन करें। युवा जनसंख्या में चयापचय संबंधी बीमारियों की बढ़ती घटनाओं का भी पता लगाया गया।

    साथी प्रभाव

    सर्वेक्षण का एक अन्य पहलू भावनात्मक कारकों / सामाजिक और सहकर्मी प्रभावों का विश्लेषण था जो मानसिक भलाई, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को प्रभावित करते हैं।

    डॉ। चौबे ने कहा, “महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हैं नींद के पैटर्न, भोजन की आदतों, तनाव / सामाजिक दबाव / जीवन शैली की बीमारियों और शारीरिक गतिविधि।”

    सर्वेक्षण में यह भी अंतर्दृष्टि है कि कैसे मोटापे से ग्रस्त बच्चों अनियमित नींद के पैटर्न और विकारों के लक्षण दिखाते हैं।

    “भोजन और सो रही विकारों में 65% से अधिक बच्चों, किशोर और किशोरों पर असर पड़ रहा है यह भी पाया गया कि मोटापा जीवन शैली की बीमारियों / समस्याओं जैसे कि उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त शर्करा के स्तर और बहुत कम उम्र में बच्चों के बीच रक्तचाप में उतार-चढ़ाव के लिए रास्ता बना रही है, “डॉ। चौबे ने कहा।

    सर्वेक्षण में, 40% से अधिक माता-पिता ने कहा कि उनके बच्चे को हार्मोनल असंतुलन और पीसीओडी / पीसीओ की शर्तों से पीड़ित है और 68% से अधिक विकारों से पीड़ित हैं, 21% से अधिक उच्च शर्करा के स्तर वाले हैं। जबकि 39% श्वास की समस्याओं से पीड़ित हैं, 15% पीठ दर्द से पीड़ित हैं और कई शो अवसाद के लक्षण, अनियमित नींद और चिंता – महिलाओं में अधिक आम है।

    व्यायाम की कमी

    सर्वेक्षण में पाया गया कि प्रौद्योगिकी (58.8%) बच्चों के बीच अभ्यास की कमी के कारण शीर्ष तीन कारणों में से एक है, खेल बुनियादी ढांचे की कमी (45.5%) और अध्ययन (41.2%) के अधिभार के कारण है।

    परीक्षा की तैयारी (66.2%) और प्रौद्योगिकी (53.5%) अधिकांश आयु समूहों में अनियमित खाने की आदतों को ट्रिगर करती है।

  • ऑस्‍ट्रेलिया की तरह दिल्‍ली में चलता था ऑनलाइन ड्रग रैकेट

    ऑस्‍ट्रेलिया की तरह दिल्‍ली में चलता था ऑनलाइन ड्रग रैकेट

     

     

    दिल्ली पुलिस ने एक ऑनलाइन ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस रैकेट में काम करने वाले दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं. बाकी लोगों की तलाश जारी है.

    पुलिस का कहना है कि इस रैकेट में डार्क वेब के जरिए एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर ड्रग्‍स का व्‍यापार किया जाता था. ये लोग इस ड्रग्‍स को खरीदने के बाद उसका पेमेंट बिटकॉइन से किया करते थे. यह भारत में पहला ऐसा रैकेट है, जिसमें पेमेंट बिटकॉइन से लिया जाता था.

    पुलिस का कहना है कि इससे पहले ऑस्‍ट्रेलिया में इसी तरह ड्रग्‍स का व्‍यापार करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था. वहां भी बिटकॉइन के माध्‍यम से पेमेंट कर ड्रग्‍स की खरीद-फरोख्‍त होती थी.

    मामला दर्ज करने के बाद फिलहाल पुलिस इस रैकेट में श्‍ाामिल अन्‍य लोगों की तलाश कर रही है. इसके साथ ही यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इसके तार कहां-कहां तक जुड़े हैं. कहीं यह व्‍यापार विदेशों से तो संचालित नहीं हो रहा है.

  • एनडी तिवारी (पूर्व सीएम ) आईसीयू में

    ND Tiwari (former CM) in ICU

    नई दिल्ली ।  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की तबीयत रविवार देर रात अचानक फिर खराब हो गई है। एनडी तिवारी को आनन फानन में तत्काल दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में आइसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। यहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, एनडी तिवारी की हालत काफी गंभीर है। बताया जा रहा है कि एनडी तिवारी का ब्लड प्रेशर अचानक से लो हो गया और उन्हें चक्कर आने लगा। इसके बाद तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां पर उन्हें डॉक्टरों ने आईसीयू वार्ड में भर्ती किया है। डॉक्टरों ने उनकी पत्नी उज्ज्वला तिवारी और उनके बेटे रोहित शेखर को सूचित कर दिया है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है और उन्हें तत्काल आइसीयू में स्थानांतरित करना पड़ेगा। गौरतलब है कि एनडी तिवारी सितंबर से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। गौरतलब है कि एनडी तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वो बतौर विदेश मंत्री और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर भी अपनी सेवा दे चुके हैं। इसके अलावा कुछ वर्ष पूर्व उनका नाम उस वक्त चर्चा में आया था जब रोहित शेषर ने उनके बेटे होने का दावा किया था। उस वक्त मामला डीएनए टेस्ट तक जा पहुंचा था। आखिरकार नारायण दत्त तिवारी ने स्वीकार किया था कि रोहित उनका ही बेटा है।

    BJP प्रवक्ता संबित पात्रा की ONGC के निदेशक पद पर नियुक्ति मामले में कोर्ट का दखल देने से इनकार

    लिखने की आजादी है, गलत लिखने की नहीं, बोले पीएम

  • पत्नी बनी मर्दानी, पुलिस की मदद से बचाई पति की जान

    पत्नी बनी मर्दानी, पुलिस की मदद से बचाई पति की जान

     

     

    मुंबई के अंधेरी इलाके में रहनेवाली एक महिला ने अपनी जान पर खेल कर अपने पति की जान बचाई और अपहरणकर्ताओं से सही सलामत रिहा करवाया. 60 घंटे के लंबे ऑपरेशन में मुंबई पुलिस ने इस किडनैपिंग मामले को सुलझाते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया. मुख्य आरोपी पीड़ित को काफी करीब से जानता था और उसी ने किडनैपिंग का प्लान बनाया था.

    हेतल शाह मुंबई के अंधेरी इलाके में रहनेवाली हैं. 1 नंवबर को हेतल के मोबाइल पर उनके के पति के फोन से फोन आया और व्हाट्सएप मैसेज देखने को कहा गया. अपने पति के नंबर से मैसेज देख कर हेतल भी परेशान हो गई. जब उन्होंने अपना व्हाट्सएप देखा तो पति के नंबर से एक वीडियो आया था, जिसमें पति के साथ कोई मारपीट रहा है और उसे बंधक बनाया हुया है.

    वीडियो देखकर हेतल काफी परेशान हो गयीं. जब तक हेतल कुछ समझ पाती, किडनैपरों का फिर से फोन आया और 82 लाख की फिरौती की मांग की. फिरौती न देने पर पति की हत्या करने की भी धमकी दी गई. फोन आने के बाद हेतल ने तुरंत पुलिस स्टेशन जा कर इसकी शिकायत दर्ज कराई. अपहरण का मामला जान कर पुलिस ने 6 टीमें बनाकर जांच शुरू की.

    परमजीत दहिया, (डीसीपी) मुंबई पुलिस का कहना है कि, 1 तारीख को मेधवाड़ी इलाके में रहनेवाले कैमिकल कारोबारी भाविन शाह का अपहरण हो गया था, आरोपियों ने भाविन का वीडियो उनकी पत्नी को भेजा और उनसे 82 लाख की फिरौती मांगी, हमने इस मामले में नालासोपारा से भाविन को बचाया और 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.इस पूरे मामले में भाविन की पत्नी हेतल लगातार किडनैपरों के संपर्क में थी. पुलिस ने एक बड़ा रिस्क लेते हुए हेतल से कहा कि वो किडनैपरों की सारी बातें मानें जो वो कह रहे है.

    सबसे पहले किडनैपरों ने हेतल से कहा कि वो पैसों को लेकर लोकल ट्रेन से वसई पहुंचे. हेतले के आसपास, तीन महिला पुलिसकर्मी और सात पुरुष पुलिस कर्मी सादे कपड़ों में साथ चल रहे थे. जैसे ही किडनैपरों ने हेतल से कहा की वो वसई उतरे और बाहर आते दो लोगों को पैसे का बैग दे दे. ठीक ऐसा ही करते हुए हेतल वसई स्टेशन से बाहर आती हैं और जैसे ही उसके पास दो लोग पैसे लेने के लिए पास आए, सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस उनको हिरासत में ले लिया.

    हेतल शाह, पीड़ित की पत्नी का कहना है कि, वो लोग मुझे व्हाट्सएप पर मेरे पति का वीडियों और पूरी जानकारी दे रहे थे की मुझे कैसे और कहा आना है, मैंने यह सब अपने पति को बचाने के लिए किया, मुंबई पुलिस ने भी मेरी बहुत मदद की.

    किडनैपरों के चंगुल से बचकर निकले भाविन शाह ने बताया, ‘उन लोगों ने मुझे काफी मारा-पीटा मेरा वीडिया बनाया और मेरी पत्नी को भेजा, पत्नी की मदद से मैं बच गया.

    मुंबई पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ी पुछताछ कर रही है. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है की इससे पहले इन लोगों ने और किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है.

  • एक साल से बंदरगाह पर धूल फांक रहा गडकरी का ड्रीम प्रोजेक्‍ट

    एक साल से बंदरगाह पर धूल फांक रहा गडकरी का ड्रीम प्रोजेक्‍ट

     

     

    ज़मीन और पानी दोनों पर चलने में सक्षम और
    केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की पसंदीदा ‘
    एंफिबियस बस‘ का परिचालन फिलहाल मुश्किल लग रहा है. गडकरी इसका उपयोग पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए करना चाहते हैं.

    अभी ये बस भारत के सबसे बड़े बंदरगाह जेएनपीटी पर ना केवल खड़ी हुई है बल्कि प्रायोगिक आधार पर पंजाब और गोवा में इसे चलाने का प्रस्ताव भी यूं ही ठंडे बस्ते में पड़ा है क्योंकि एक तो इसे लेकर शुल्क ढांचे इसके ठीक ठाक होने का प्रमाणन स्पष्ट नहीं है.

    इस परियोजना से जुड़े विभिन्न लोगों का कहना है कि शुल्क संरचना, पंजीकरण मुद्दे पर अस्पष्टता और इसे चलाने के लिए उपयुक्त स्थानों पर रैंप के अभाव से ये योजना कहीं अटक सी गई है.

    नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) ने तीन करोड़ रुपए की लागत से एक एंफीबियस बस आयात की है. ये करीब एक साल से यहां ऐसे ही खड़ी हुई है क्योंकि बंदरगाह इसे लेकर नियमों में स्पष्टता चाहता है.अधिकारी ने कहा, ‘सीमा शुल्क एक मुद्दा है. कोई भी इसका भारत में विनिर्माण नहीं करता है. सड़क पर यात्रा के लिए इसका सुरक्षा प्रमाणन एक अलग मुद्दा है.’ हालांकि समुद्री परिवहन प्रमाणन कोई मुद्दा नहीं है.

    इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मरीन ड्राइव के पास जहां पर इन बसों को पानी में चलाया जा सकता है वहां पर रैंप का निर्माण भी एक अलग मुद्दा है क्योंकि यहां पर स्थायी ढांचे के निर्माण पर नियंत्रण है. साथ ही गाद निकाले जाने की भी ज़रूरत है क्योंकि पानी में चलने के लिए इसे 1.5 मीटर की गहराई की ज़रूरत है.

    एक सूत्र ने बताया कि जेएनपीटी ने इसे तीन करोड़ रुपए में खरीदा है और सीमाशुल्क विभाग इस पर करीब 225% का शुल्क वसूलना चाहता है क्योंकि वो इसे एक नौका के तौर पर देख रहा है. इस प्रकार इसकी कीमत नौ करोड़ रुपए से ऊपर जाने की संभावना है. जबकि परिवहन मंत्रालय इसके बस होने पर ज़ोर दे रहा है और इस प्रकार इस पर 45% कर लगाया जा सकता है.

    गडकरी ने अप्रैल में लोकसभा में कहा था कि सरकार ने एक जल बस आयात की है. सीमाशुल्क विभाग इस पर 225% कर मांग रहा है जबकि बस होने के नाते इस पर 45% ही कर होना चाहिए. अब पोत परिवहन मंत्रालय के इस पर शुल्क माफी में मांग के बाद ये मामला वित्त मंत्रालय के पास लंबित पड़ा है.

  • पूर्व कांग्रेस के विधायक सुरिंदर ने आप में शामिल किया

    पूर्व कांग्रेस के विधायक सुरिंदर ने आप में शामिल किया

     

     

    पिछले दो-दिवसीय कांग्रेस विधायक सुरिंदर पाल सिंह शनिवार को यहां आम आदमी पार्टी में शामिल हुए कहते हैं कि दिल्ली सरकार का काम स्विच करने के लिए उनकी प्रेरणा थी।

    2003 से 2013 तक टाइमरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सिंह सिंह, करावल नगर जिला कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में, दिल्ली के आम आदमी संघ के संयोजक गोपाल राय ने श्री सिंह और उनके समर्थकों का स्वागत किया, जो आधिकारिक रूप से पार्टी में शामिल हो गए।

    ‘सभी के लिए कार्य करना’

    श्री सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली में सभी के लिए काम कर रही थी – गरीब और अमीर – और वह उसी का समर्थन करना चाहते थे।

    2015 के विधानसभा चुनावों में तिमारपुर में पंकज पुष्कर से आम आदमी पार्टी के तीसरे नंबर पर आने वाले श्री सिंह को 2020 में टिकट के लिए विचार किया जा सकता था क्योंकि पुष्कर ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विद्रोह किया था। श्री पुष्कर आपात के पूर्व सदस्यों में से एक बन गए और योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के साथ स्वराज छोड़ने और स्थापित करने के लिए बन गए।

    दिल्ली के वरिष्ठ कांग्रेस नेता छतरर सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक “आप के टिकट के लिए लालच” के कारण आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे और पार्टी चिंता का विषय नहीं थी।

    “हमने तिमारपुर में अच्छी तरह से किया है और नेताओं की कोई कमी नहीं है। हाल ही में नगरपालिका चुनाव में, हम विधानसभा सीट के तहत चार में से दो वार्ड जीते हैं। ”

    श्री सिंह ने 2002 में नगरपालिका के रूप में शुरू किया था। अगले साल उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर टाइमरपुर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ा और जीता। उन्होंने 2008 में सीट बरकरार रखी, 2013 और 2015 में एएपी से हार गए।

  • शारीरिक शिक्षा के बिना शिक्षा अधूरी : जावड़ेकर

    शारीरिक शिक्षा के बिना शिक्षा अधूरी : जावड़ेकर

     

     

    केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शारीरिक शिक्षा के बिना शिक्षा अधूरी है. छात्रों को स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने के लिए अपनी पसंद के व्यायाम करने चाहिए. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को नई दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला चिंतन शिविर का उद्घाटन किया.

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकार और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न संगठनों को देश के सभी छात्रों को डिजिटल शिक्षा प्रदान करने लिए सामग्री डालने में सहयोग तथा सामान्य डिजिटल मंच तैयार करना चाहिए. शारीरिक शिक्षा के बिना शिक्षा अधूरी है. छात्रों को स्वस्थ और तंदुरूस्त रहने के लिए अपनी पसंद के व्यायाम, योग, एरोबिक्स करने चाहिए.

    कार्यशाला का उद्देश्य 21वीं सदी के भारत के लिए प्रासंगिक समग्र शिक्षा प्रदान करना और विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, निजी क्षेत्र के मुख्य हितधारकों तथा व्यक्तियों को शिक्षा क्षेत्र के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने के लिए एकजुट करना है.

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आगामी वर्षो में देश भर के स्कूलों में ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड कार्य करने लगेगा.  जीवन कौशल शिक्षा तथा नैतिक शिक्षा आज के समय की आवश्यकता है और समग्र विकास के लिए व्यक्ति को अपने व्यवहार में इन्हें जरूर शामिल करना चाहिए.मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्येंद्र पाल सिंह ने कहा, शिक्षा का ध्येय मनुष्य का संपूर्ण विकास और उसमें मानवता का भाव पैदा करना है. संपूर्ण विकास का मतलब मनुष्य का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक विकास है. शारीरिक शिक्षा के जरिए मनुष्य का शारीरिक विकास किया जा सकता है वहीं गुणवत्तापरक शिक्षा से बुद्धिमत्ता प्राप्त की जा सकती है.

     

  • आज नहीं आएगा 2G घोटाले पर फैसला, CBI कोर्ट ने मांगा वक्त

    आज नहीं आएगा 2G घोटाले पर फैसला, CBI कोर्ट ने मांगा वक्त

     

     

    दिल्ली की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने कहा है कि 2G घोटाले में फैसला सुनाने के लिए कुछ वक्त और चाहिए. बता दें कि इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा, डीएमके से राज्यसभा सदस्य रहीं कनीमोझी मुख्य आरोपी हैं.

    सीबीआई स्पेशल जज ओपी सैनी ने 25 अक्टूबर को कहा था कि इस मामले में फाइल किए गए डॉक्यूमेंट्स की संख्या बहुत ज्यादा है और ये काफी टेक्निकल हैं इसलिए इन फाइलों की स्टडी में काफी वक्त लग सकता है. उन्होंने 7 नवंबर की तारीख सुनवाई के लिए तय की थी.

    उन्होंने मंगलवार को कहा कि कोर्ट को इस मामले में फैसला करने के लिए और वक्त चाहिए.

    मंगलवार को होने वाली सुनवाई के लिए कोर्ट ने सभी आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा था. कोर्ट ने यूनिटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय चंद्रा और फिल्म निर्माता करीम मोरानी के लिए प्रोडक्शन वारंट भी जारी किया था.2जी स्कैम को स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला माना जाता है. टाइम मैगजीन ने रिचर्ड निक्सन के वाटरगेट स्कैंडल के बाद इसे सत्ता के दुरुपयोग का दूसरा सबसे बड़ा मामला माना है.

    फिलहाल ए राजा समेत सभी आरोप बेल पर रिहा हैं.

  • कौशाम्बी में सभासद प्रत्याशियों का भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने से इनकार

    कौशाम्बी में सभासद प्रत्याशियों का भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने से इनकार

     

     

    उत्तर प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद कौशाम्बी में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. बीजेपी ने चायल नगर पंचायत के 10 वार्डों पर सभासद प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की थी, जिसमें से 5 वार्डों के सभासद प्रत्याशियों ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया.

    बीजेपी से घोषित सभासद प्रत्याशियों का कहना है कि यदि वे पार्टी टिकट पर चुनाव लड़े तो हार जाएंगे. जानकारी के मुताबिक चायल नगर पंचायत के वार्ड नंबर 1 से अनवारे लाल, वार्ड नंबर 2 से गुड्डी देवी, वार्ड नंबर 3 से संगीता देवी, वार्ड नंबर 5 से अमर नाथ, वार्ड नंबर 10 से सुरेश कुशवाहा आदि ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने से साफ मना करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की बात कही है.

    इस बारे में वार्ड नंबर 10 से उम्मीदवार सुरेश कुशवाहा का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं है कि भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है. उन्होंने कहा कि वह भाजपा के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने निर्दलीय नामांकन करवाया है और निर्दलीय ही चुनाव लड़ेंगे.

    अन्य उम्मीदवारों का भी कहना है कि वह भाजपा के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते. भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने की स्थिति में उन्हें हारने का डर सता रहा है.