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  • ‘गद्दार’ मुकुल रॉय का कोई जनाधार नहीं: तृणमूल

    ‘गद्दार’ मुकुल रॉय का कोई जनाधार नहीं: तृणमूल

     

     

    तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मुकुल रॉय के हाल ही में भाजपा में शामिल होने की खबरों को कोई महत्व देने से इनकार कर दिया और कहा कि वह ‘गद्दार’ हैं और लोगों के बीच उनकी कोई लोकप्रियता नहीं है.

    वरिष्ठ तृणमूल नेता और कोलकाता नगर निगम के महापौर सोवान चटर्जी ने कहा कि पार्टी को रॉय की कोई परवाह नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारे पास उस व्यक्ति के बारे में सोचने का वक्त नहीं है जिसका अपना कोई जनाधार नहीं है. हमारे पास ढेर सारा काम है और जिसे यथाशीघ्र करने की जरुरत है.

    तृणमूल नेता और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य फरहाद हकीम ने रॉय को अगले विधानसभा चुनाव में, तृणमूल सरकार को अपदस्थ करने का सपना नहीं देखने की सलाह दी क्योंकि यह उनके लिए दुःस्वप्न साबित होगा.

    उन्होंने कहा कि रॉय गद्दार हैं जिन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ विश्वासघात किया. वह तृणमूल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पायेंगे. हमारी पार्टी की कमान ममता के हाथों में है. सपना देखना अच्छा है, उसमें कोई नुकसान नहीं है लेकिन उनके सपने कहीं बुरे सपने में न बदल जायें.तृणमूल कांग्रेस में लंबे समय तक वरिष्ठ नेता रहे रॉय शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गये. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विकल्प चाहती है और वह अगले चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट देगी.

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  • ‘‘जीएसटी में मिल सकती है बड़ी राहत’’

    नई दिल्ली। जीएसटी के कारण छोटे कारोबारियों को होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए और कदम उठाने का पीएम नरेंद्र मोदी ने वादा किया है। पीएम मोदी ने कहा कि राज्यों के मंत्रियों की एक समिति ने उनके ज्यादातर सुझावों को स्वीकार कर लिया है। मोदी ने कहा कि इस बारे में कोई घोषणा जीएसटी परिषद की अगले सप्ताह होने वाली बैठक में की जा सकती है।

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    विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत की 30 पायदान की लंबी उछाल पर आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि कुछ मुद्दों पर राज्यों की आपत्तियों को देखते हुए जीएसटी परिषद ने राज्यों के घ्मंत्रियों और अधिकारियों की एक समिति गठित की थी। मोदी ने कहा कि व्यापारियों और छोटे कारोबारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए राज्यों के मंत्रियों का समूह गठित किया गया था। समाचार एजेंसी के मुताबिक इस समूह ने उनके ज्यादातर सुझावों को स्वीकार कर लिया है। अब समूह की सिफारिशों को जीएसटी परिषद की 9-10 नवंबर को होने वाली बैठक में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। विश्व बैंक की रैंकिंग का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस नवीनतम रपट में माल एवं सेवा कर जीएसटी के कार्यान्वयन पर विचार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी भारतीय अर्थव्यवसथा में सबसे बड़ा कर सुधार है। इसका असर कारोबार करने के अनेक पहलुओं पर हुआ है। जीएसटी के साथ हम एक आधुनिक कर प्रणाली की ओर बढ़ रहे है, जोकि पारदर्शी, स्थिर और टिकाऊ है। मोदी ने कहा कि अनेक सुधार पहले ही हो चुके हैं लेकिन इन्हें स्थिर होने के लिए समय चाहिए और इसके बाद ही विश्व बैंक उन पर विचार करता है। मोदी ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत की रैंकिंग में लगातार सुधार होगा।

  • राजनीतिक दलों को अलगाववादियों की भाषा नहीं बोलना चाहिए: नकवी

    राजनीतिक दलों को अलगाववादियों की भाषा नहीं बोलना चाहिए: नकवी

     

     

    केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री
    मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ
    राजनीतिक दल कश्मीर मुद्दे पर अलगाववादियों की भाषा बोल रहे हैं.

    गुरु नानक जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में नकवी ने कहा, ‘किसी भी व्यक्ति को और ख़ासकर राजनीतिक दलों को ऐसी कोई बात नहीं बोलनी चाहिए जो देश के खिलाफ काम कर रहे ताकतों के लिए मददगार हो. लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दल और कुछ लोग कश्मीर मुद्दे पर अलगाववादियों की भाषा बोल रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा ‘राजनीति’ का नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रनीति’ का मुद्दा है.

    उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमारी नीति काफी स्पष्ट है. हम राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों पर समझौता नहीं कर सकते.’ नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.

  • यूनिटेक शिकायतकर्ताओं को पैसे वापस करने के लिए

    यूनिटेक शिकायतकर्ताओं को पैसे वापस करने के लिए

     

     

    रियल एस्टेट डेवलपर्स यूनिटेक ने गेनोन डंकरले लिमिटेड द्वारा 10 फ्लैटों को रिटर्न देने में असफल रहने के बाद, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने डेवलपर्स को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता ने पूरी रकम वापस करने के लिए, साथ ही 10% तीन महीने।

    इसके अलावा, आयोग ने कहा कि पीड़ित कंपनी एक ‘उपभोक्ता’ थीं, जो कि फ्लैटों के रूप में थीं, जो प्रत्येक के 1 करोड़ रुपए से अधिक थे, उनके कर्मचारियों के आवासीय उद्देश्य के लिए बुक किया गया था।

    ‘घर नहीं सौंपे’

    यह आरोप लगाया गया था कि गेनोन डंकलेली ने ‘यूनिटेक हार्मनी’ नामक परियोजना में करीब 10 फ्लैटों को बुक किया था, जिसे यूनिटेक ने गुरुगुराम में निर्वाण देश में विकसित किया जा रहा था, जिसका इस्तेमाल अपने कर्मचारियों द्वारा आवासीय उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था।

    इसके अलावा, यह आरोप लगाया गया कि ‘सहमत बिक्री पर विचार का बड़ा हिस्सा’ देने के बावजूद, फ्लैट, जिसे 2009 में वितरित किया जाना था, अभी भी सौंपे नहीं गए थे।

    ‘वाणिज्यिक प्रयोजनों’

    उनके बचाव में, डेवलपर्स ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता को ‘उपभोक्ता’ नहीं माना जा सकता क्योंकि फ्लैट ‘वाणिज्यिक उद्देश्यों’ के लिए बुक किए गए थे।

    हालांकि, पिछले फैसलों का हवाला देते हुए, सर्वोच्च उपभोक्ता विवाद निवारण मंच ने कहा: “ऐसा देखा जायेगा कि अगर किसी कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के निवास के लिए एक फ्लैट बुक किया जाता है, तो यह नहीं कहा जा सकता कि सेवाओं के लिए किराए पर लिया गया या लाभ उठाया गया है। आर्थिक कारण।”

    इसके अलावा, राष्ट्रीय उपभोक्ता पैनल ने कहा, “शिकायतकर्ता का कोई सबूत नहीं है कि वे इन फ्लैटों को सट्टा वाले प्रयोजनों के लिए बुक कर सकते हैं जैसे उच्च कीमत पर या फिर किराये की आय अर्जित करने के उद्देश्य से भी इसे उसी के साथ बाहरी लोगों। कर्मचारियों के क्वार्टर के रूप में इस्तेमाल होने वाले घरों का मतलब किसी विशेष कर्मचारी के लिए नहीं है और नियोक्ता द्वारा किसी भी कर्मचारी को आवंटित किया जा सकता है। ”

    देरी कारक

    डेवलपर्स ने दावा किया कि कब्जे की डिलीवरी में देरी कारकों की वजह से थी क्योंकि कच्चे माल की मंदी और अनुपलब्धता।

    हालांकि, मंच ने इन कारणों को भी खारिज कर दिया।

    यूनिटेक डेवलपर्स को गनोन डंकलेली द्वारा निवेश की गई पूरी रकम वापस करने के निर्देश देते हुए, उपभोक्ता फोरम ने 10 में से प्रत्येक शिकायतों के लिए मुकदमेबाजी शुल्क के रूप में 25,000 रूपए का भुगतान करने का आदेश दिया।

  • BJP से समझौता न होने से अपना दल ने निकाय चुनाव लड़ने से इनकार किया

    BJP से समझौता न होने से अपना दल ने निकाय चुनाव लड़ने से इनकार किया

     

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और अपना दल (सोनेलाल) के बीच सीट बंटवारे पर कोई समझौता नहीं हो सकने से नाराज अपना दल (एस) ने विरोधस्वरूप चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। अपना दल (एस) के प्रवक्ता अरविंद शर्मा ने बताया कि ‘पार्टी इलाहाबाद नगर निगम के मेयर पद के साथ साथ राज्य की विभिन्न नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में चेयरमैन एवं सभासद के पद पर चुनाव लड़ना चाहती थी। इस बारे में दो दिन पहले भाजपा को पार्टी प्रत्याशियों की सूची दे दी गयी थी लेकिन उसने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया।’

    शर्मा ने कहा कि अपना दल (एस) ने फैसला किया है कि वह विरोधस्वरूप उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव नही लड़ेगी। यह एक सम्मानजनक विरोध होगा।उन्होंने कहा कि पार्टी की जिला इकाइयों को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतरने की इजाजत है। अपना दल (एस) स्था​नीय निकाय चुनाव में इलाहाबाद, मिर्जापुर, सोनभद्र, मऊ, प्रतापगढ़, कानपुर, जालौन और रायबरेली से अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारना चाहती थी।

    गौरतलब है कि वर्ष 2017 के उप्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने सहयोगी दलों अपना दल (एस) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ चुनाव लड़ा था और 403 विधानसभा सीटों में से 325 सीटें जीतकर जबरदस्त जीत हासिल की थी। भाजपा ने 312 सीटों पर, अपना दल (एस) ने नौ सीटों पर तथा सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी ने चार सीटों पर जीत हासिल की थी।

  • बीएमसी का फरमान, स्कूल में बच्चों के प्रदर्शन ठीक नहीं होने पर टीचर भरेंगे जुर्माना

    बीएमसी का फरमान, स्कूल में बच्चों के प्रदर्शन ठीक नहीं होने पर टीचर भरेंगे जुर्माना

     

     

    बीएमसी स्कूल में बच्चों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो शिक्षकों को जुर्माना भरना होगा. बीएमसी ने ये फैसला स्कूली शिक्षा के गिरते स्तर के कारण लिया है.

    बीएमसी ने तय किया है कि स्कूल में पढ़ने वाले शिक्षकों का प्रदर्शन बच्चों की नतीजों पर निर्भर करेगा. इसके लिए सर्कूलर जारी किया गया है कि प्राथमिक और माध्यमिक विभाग के शिक्षकों को बच्चों के प्रदर्शन के आधार पर परखा जाएगा.

    मुंबई के मेयर विश्वनाथ महादेश्वर ने जानकारी दी कि बीएमसी द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक यदि बच्चों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो पहली बार 100 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक का दंड लगाया जाएगा. यदि प्रदर्शन फिर खराब रहा तो दूसरी बार अस्थायी तौर पर वेतन बढ़ोतरी रोक दी जाएगी. वहीं तीसरी बार स्थायी तौर पर वेतन बढ़त का लाभ नहीं मिलेगा. बच्चों का प्रदर्शन अच्छा रहा तो शिक्षकों को महापौर पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है.

    बीएमसी एजुकेशन डिपार्टमेंट की और से हर महीने बीएमसी स्कूलों में सर्वे किया जाएगा. मेयर ने कहा कि शिक्षक ज्ञान देने का काम करता है, लेकिन उसी शिक्षक को बच्चों की प्रगति पर भी ध्यान देना चाहिए.गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई तरह के नियम बनाए गए हैं. इन्हीं में से एक स्कूल सिद्धि कार्यक्रम है, जिसके तहत शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों के प्रदर्शन और सुविधाओं के आधार पर स्कूल की रैंकिंग की जाती हैं.
    अलिशा नायर, मुंबई, न्यूज़ 18 इंडिया

  • कोलकाता स्थित प्रेसीडेंसी की प्रयोगशाला से माइक्रोस्कोप की चोरी

    कोलकाता स्थित प्रेसीडेंसी की प्रयोगशाला से माइक्रोस्कोप की चोरी

     

    कोलकाता। कोलकाता स्थित प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला से 20 माइक्रोस्कोप की चोरी हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चोरी की रिपोर्ट मिली थी और इस संबंध ने जोड़ाशांको पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। विश्वविद्यालय के बेकर हॉल में भूगर्भशास्त्र की प्रयोगशाला के अदंर अलमारी में रखे इन माइक्रोस्कोप का वजन करीब 7.5-8 किलोग्राम था।

    उन्होंने कहा, ‘‘प्रयोगशाला में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है, जिससे हमारे लिये यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि माइक्रोस्कोप के गायब होने से पहले वहां कौन कौन गया था। हमलोग परिसर के अंदर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रहे हैं।’’ प्रयोगशाला भूतल पर है और घटना से पहले छात्रों का एक समूह वहां गया था जो संभवत: काफी देर तक वहां काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि चोरी की घटना में पुलिस को किसी अंदर के व्यक्ति के शामिल होने का संदेह है।

  • जीएसटी से कारोबार सुगमता की रैंकिंग में होगा और सुधार: प्रधानमंत्री

    जीएसटी से कारोबार सुगमता की रैंकिंग में होगा और सुधार: प्रधानमंत्री

     

    नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया कि विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रिपोर्ट में अगले साल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) पर भी गौर किए जाने के बाद भारत की रैंकिंग और बेहतर होगी। मोदी ने कहा कि भारत तीन सालों में 42 स्थान की छलांग लगाकर इस रपट में शीर्ष 100 देशों में शामिल हो गया है। इस रपट में देश में केवल गत मई अंत तक के सुधारों का संज्ञान लिया गया है जबकि भारत ने एक जुलाई , 2017 को जीएसटी लागू किया। इसे देश में आजादी के बाद सबसे बड़ा कर सुधार बताया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी ने न सिर्फ 1.2 अरब लोगों के इस देश को एकल बाजार में बदल दिया है जिसमें सब जगह एक तरह का कर लागू है बल्कि इससे एक भरोसेमंद और पारदर्शी कर व्यवस्था स्थापित हुई है। मोदी ने कहा कि जीएसटी तथा कुछ अन्य सुधार अमल में लाये जा चुके हैं पर विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग रिपोर्ट में ऐसे कदमों का संज्ञान तब लिया जाता है जबकि ऐसे कदम स्थिर तथा फल देने की स्थिति में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन सब कदमों को मिला कर मुझे पूरा विश्वास है कि अगले वर्ष और उसके बाद के वर्ष में विश्व बैंक की इस रपट में भारत को गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त होगा।

    मोदी ने कहा कि वह कारोबार सुगमता रैंकिंग में 30 स्थानों की इस छलांग से ही संतुष्ट हो कर नहीं बैठ सकते जो कि इस मामले में भारत की सबसे ऊंची छलांग है। उन्होंने कहा कि वह इससे भी आगे बढ़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका ‘एक जीवन है, और इसका एक ही ध्येय’ है कि वह भारत एवं इसके सवा अरब लोगों के जीवन में बदलाव ला सकें।रैंकिंग पर सवाल उठा रहे विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग विश्व बैंक के साथ पहले काम कर चुके हैं आज वही लोग उसकी रैंकिंग पर सवाल उठा रहे हैं।

    जीएसटी पर उन्होंने कहा कि मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने व्यापारियों और कारोबारियों की समस्याओं का सकारात्मक संज्ञान लिया है और जीएसटी परिषद 9-10 नवंबर की बैठक में इसमें आवश्यक बदलाव करेगी। उन्होंने अपनी सरकार द्वारा शुरू किये गये सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत बेहतरी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर दाखिल करना, नये कारोबार का पंजीयन और बिजली कनेक्शन पाना अब आसान हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम विश्व की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं।’

  • राजनीतिक प्रतिशोध में खैरा को सम्मन जारी किया गया: आप

    राजनीतिक प्रतिशोध में खैरा को सम्मन जारी किया गया: आप

     

     

    आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा को ड्रग के एक मामले में अदालत द्वारा सम्मन किए जाने के एक दिन बाद, शुक्रवार को पंजाब में आप के विधायकों ने उनका समर्थन किया और कहा कि खैरा के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई की गई है.

    आप विधायकों ने एक बयान में कहा कि उनको खैरा की योग्यता पर पूरा विश्वास है जो राज्य में भ्रष्टाचार, अन्याय और माफिया के खिलाफ लड़ रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि पूर्व की बादल सरकार ने खैरा के खिलाफ छह प्राथमिकियां दर्ज कराई थीं, जो कानून की छानबीन में गलत साबित हुईं. आप की पंजाब इकाई के अध्यक्ष भगवंत मान ने कहा कि मामला अदालत में है, ऐसे में पार्टी ने कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करने का फैसला किया है.

    उन्होंने कहा कि इस मामले में आखिरी फैसला आने तक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, लेकिन इस मामले में ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ के तहत कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता.

  • ‘अजहर मामले में मोदी सरकार की असफलता के कारण सफल हुआ चीन’

    ‘अजहर मामले में मोदी सरकार की असफलता के कारण सफल हुआ चीन’

     

     

    कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि भाजपा जब भी सत्ता में आती है वह आतंरिक सुरक्षा के साथ समझौता करती है. पार्टी ने कहा कि सरकार की अप्रभावी कूटनीति के कारण अजहर मसूद को, संयुक्त राष्ट्र में, अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करवाने के प्रयास को चीन ने एक बार फिर बाधित कर दिया.

    कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा जब भी सत्ता में होती है, आतंकवादियों एवं आतंकवाद से समझौता करती है. उन्होंने अजहर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वही व्यक्ति है जिसे पूर्ववर्ती राजग सरकार ने 1999 में कांधार में रिहा किया था.

    उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा आतंकवादियों के साथ समझौता किया था. भाजपा के पास आतंकवादियों एवं आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए न तो कोई नीति है और न ही मंशा. हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि दाऊद इब्राहिम, मसूद अजहर एवं पूर्ववर्ती संप्रग शासनकाल में पाकिस्तान को मुहैया करायी गयी सूची के 60 आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये.

    उन्होंने कहा कि संप्रग जब सत्ता में थी तो चीन ने संरा में कभी वीटो अधिकार का प्रयोग नहीं किया क्योंकि कांग्रेस नीत सरकार उस पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव डालती थी और आतंकवाद के मुद्दे पर उसने पाकिस्तान को अलग थलग कर दिया था.सिंह ने सवाल किया कि क्या अभी इस प्रकार की कूटनीति चल रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव से पहले दावा किया था कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आयी तो वह दाऊद इब्राहिम को वापस लायेंगे किन्तु अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है.

    संरा में चीन द्वारा अजहर मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को बाधित करने के बारे में उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सितंबर में ब्रिक्स राष्ट्रों के समूह, जिसका चीन भी सदस्य है, में दावा किया था कि उसके संयुक्त वक्तव्य में लश्करे तैयबा एवं जैश ए मोहम्मद सहित अन्य समूहों को आतंकवादी कृत्यों में शामिल घोषित किया गया था.

    उन्होंने कहा कि इसे मोदी सरकार द्वारा बड़ी कूटनीतिक विजय बताया जा रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अप्रभावी कूटनीति है.

    उन्होंने कहा कि साढे तीन साल में कोई कदम नहीं उठाया गया. यह देखा गया कि किस प्रकार भाजपा नेताओं ने एक शादी में भाग लिया तथा दाऊद इब्राहिम की पत्नी मुंबई आयी और चली गयी. किन्तु सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तथा उसकी यात्रा के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं दी. चीन ने चौथी बार कल संरा में अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रयास को बाधित किया. उन्होंने कहा कि प्रतिबंध समिति के सदस्यों में आम सहमति नहीं है.