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  • BJP द्वारा मानहानि का दावा करने की बात पर दिग्विजय ने कहा ‘एक और सही’

    BJP द्वारा मानहानि का दावा करने की बात पर दिग्विजय ने कहा ‘एक और सही’

     

    खरगोन (मध्यप्रदेश)। व्यापमं घोटाले के सीबीआई द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को क्लीन चिट मिलने की पृष्ठभूमि में भाजपा की ओर से मानहानि का दावा करने की बात पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि उनके खिलाफ पहले से ही मानहानि के कई मामले दर्ज हैं, ऐसे में एक और सही। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने 31 अक्तूबर को भोपाल की विशेष सीबीआई अदालत में अपना आरोपपत्र दाखिल किया। जिसमें वस्तुत: उस आरोप को खारिज कर दिया गया है कि एक आरोपी से जब्त कंप्यूटर हार्डडिस्क में छेड़छाड़ की गयी है जिसमें कथित तौर पर ‘‘सीएम’’ अक्षरों का जिक्र था।

    व्यापमं कार्यालय से जब्त की गयी हार्डडिस्क से छेड़छाड़ के मामले में सीबीआई से चौहान को क्लीन चिट मिलने के सवाल पर नर्मदा परिक्रमा कर रहे सिंह ने कल शाम खरगोन जिले के लापा गांव में संवादाताओं से कहा, ‘‘इस मुद्दे पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने जो कहा है वही मेरा बयान है, क्योंकि मैंने अपनी ओर से उन्हें इस मुद्दे पर अधीकृत किया है।’’ यह पूछने पर की भाजपा इस संबंध में आधारहीन आरोप लगाने की बात करते हुए उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कर रही है, दिग्विजय ने कहा, ‘‘मानहानि के कई मुकदमें मेरे खिलाफ चल रहे हैं।

    एक और सही।’’ उनकी नर्मदा यात्रा के संबंध में केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के बयान पर दिग्विजय ने कहा, ‘‘मैं उनके बयान के लिये उनका (उमा) आभार व्यक्त करता हूं। मेरी यात्रा पूरी होने पर होने वाले भंडारे में उनको आमंत्रित करने पर मैं विचार करूंगा।’’ इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव भी मौजूद थे। दो दिन पहले लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया भी दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा में शामिल हुए थे। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ आज दिग्विजय की नर्मदा यात्रा में शामिल होगें।

  • सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा रही सड़कों की धूल, पर इल्जाम….

    सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा रही सड़कों की धूल, पर इल्जाम….

     

     

    दिल्ली-एनसीआर में
    प्रदूषण बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण क्या है. धुआं या धूल?

    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (आइआइटी), कानपुर की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण सड़कों पर उड़ने वाली धूल से हो रहा है. वाहनों से निकलने वाले धुएं का नंबर तो उसके बाद आता है.

    पीएम10 (पीएम यानि पर्टिक्युलेट मैटर, ये हवा में वो पार्टिकल होते हैं जिस वजह से प्रदूषण फैलता है) में सबसे ज्यादा 56 फीसदी योगदान सड़क की धूल का है. जबकि पीएम 2.5 में इसका हिस्सा 38 फीसदी है. इन दिनों पूरा दिल्ली-एनसीआर धुएं और धुंध में लिपटा हुआ है.

    हमें लगता है कि इसकी वजह दिवाली पर चलाए गए पटाखे और वाहन हैं, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. दरअसल इसकी बड़ी वजह नगर निगमों और डेवलपमेंट प्राधिकरणों की कामचोरी है, जिसकी वजह से सड़कों पर धूल जमा है.प्रदूषण के लिए जिम्‍मेदार सबसे छोटे कण पीएम 2.5 (पार्टिकुलेट मैटर) और 10 माइक्रोग्राम से कम वाले पॉल्यूटेड कण यानि पीएम 10 का लेवल बढ़ रहा है. इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं. जो डस्ट, कंस्‍ट्रक्‍शन कार्य और कूड़ा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ती है.

    ये कण आसानी से नाक और मुंह के जरिए बॉडी के अंदर तक पहुंच कर लोगों को बीमार बना सकते हैं. इनको सामान्‍य मॉस्‍क से भी नहीं रोका जा सकता. ऐसे में क्या दिल्ली में वाहनों से पैदा होने वाले प्रदूषण पर काबू पाने से ज्यादा जरूरी सड़क पर इकट्ठी धूल हटाना नहीं है?

    खुद निर्णय लीजिए कि ऑड-ईवन जरूरी है या फिर सड़कों से धूल हटाना? जनता को परेशान करना चाहिए या फिर उन अधिकारियों को दंडित करना चाहिए, जिनकी नाकामियों की वजह से सड़कों पर धूल जमा है.

    न्यूज18 डॉटकॉम ने दिल्ली और आसपास का मुआयना किया तो पाया कि ज्यादातर सड़कों पर धूल जमा है. कुछ सड़कों पर तो 25 फीसदी हिस्से में धूल ही है, जो वाहनों की आवाजाही या फिर हवा चलने पर उड़ने लगती है. जब इसमें धुआं मिलता है तो यह धूल और खतरनाक हो जाती है.

    प्रदूषण से आम जन जीवन पर पड़ने वाले दुष्‍प्रभाव को लेकर कई सर्वे कर चुके गुड़गांव के पुल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु गर्ग कहते हैं कि दुनिया के बड़े शहरों में सिविक चैलेंजेज (नागरिक चुनौतियां) एक सी हैं. हमारे और उनमें अंतर यह है हमने प्रदूषण से संबंधित चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया.

    मास्‍क लगाना ही इसका समाधान नहीं है. इसके लिए एक शॉर्ट टर्म और एक लांग टर्म प्‍लानिंग होनी चाहिए, वरना प्रदूषण की भयावहता के कारण इन शहरों से लोगों का पलायन होने लगेगा.

    शॉर्ट टर्म समाधान

    कंस्‍ट्रक्‍शन पर मॉनिटरिंग बढ़ानी होगी. हो सके तो कुछ दिन के लिए इस पर रोक लगाई जाए.

    सड़कों पर रोजना पानी छि़ड़का जाए, जिससे धूल के कण नीचे बैठे रहें.

    पुआल और कूड़ा जलाने पर सख्‍ती से रोक लगे, संबंधित एजेंसियां मिलकर निगरानी करें.

    वाहन शेयरिंग को बढ़ावा दिया जाए.

    लांग टर्म समाधान

    पौधारोपण को बढ़ावा दें, फॉरेस्‍ट कवर एरिया बढ़ेगा तब राहत मिलेगी.

    इको फ्रेंडली वाहनों को बढ़ावा दिया जाए.

    सार्वजनिक वाहनों को बढ़ावा मिले.

    निर्माण के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल के नियमों का सख्‍ती से पालन हो.

    क्या कदम उठाए गए

    -प्रिवेंशन और कंट्रोल अथॉरिटी (EPCA)ने प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली के सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र आनंद विहार से बस अड्डा हटाने को कहा है. एनसीआर के उद्योगों में पेट कोक और फरनेस ऑयल पर रोक लगा दी है. बदरपुर स्थित थर्मल पावर प्लांट बंद कर दिया गया है. इसे 15 मार्च 2018 तक बंद रखा जाएगा. 20 जुलाई 2018 को यह प्लांट स्थायी रूप से बंद हो सकता है. डीजल से चलने वाले जनरेटर सेट भी बंद कर दिये गए हैं.

    लेकिन धूल को लेकर कोई सख्ती नहीं है. न सिर्फ दिल्ली बल्कि गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा की सड़कों पर धूल से बुरा हाल है. कभी सफाईकर्मी इसे साफ नहीं करते, जिसकी वजह से यह प्रदूषण का बड़ा कारण बन रही है.

    कितना होना चाहिए पीएम 10 और पीएम 2.5

    पीएम 10 का सामान्‍य लेवल 100 माइक्रो ग्राम क्‍यूबिक मीटर (एमजीसीएम) होना चाहिए. जबकि दिल्ली में यह कुछ जगहों पर 1600 तक भी पहुंच चुका है. पीएम 2.5 का नॉर्मल लेवल 60 एमजीसीएम होता है लेकिन यह यहां 300 से 500 तक पहुंच जाता है.

     

  • आदमी कैब चालक के रूप में पेश करता है, यात्रियों को लूटता है

    आदमी कैब चालक के रूप में पेश करता है, यात्रियों को लूटता है

     

     

    कथित तौर पर कैब चालक और लूटने वाले यात्रियों के रूप में पेश करने के लिए गिरोह के एक 28 वर्षीय राजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रवीण झज्जर के खुंगई गांव के निवासी हैं।

    दिल्ली के पीड़ितों

    पुलिस ने दावा किया कि गिरोह आधे दर्जन से ज्यादा मामलों में शामिल था और उनके पीड़ितों के कम से कम तीन पीड़ितों ने यौन शोषण किया था।

    पुलिस के मुताबिक, प्रवीण और उनके दो गिरोह के सदस्यों ने इफ्को चौका या शंकर चौक से यात्रियों को उठाकर उन्हें दिल्ली भेज दिया और उन्हें बंदूक की नोक पर लूट लिया।

    एक टिप-ऑफ पर कार्रवाई करते हुए, अपराध शाखा, पश्चिम, सेक्टर 10, प्रभारी इंस्पेक्टर जैबिर सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने सोमवार को प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया। उनके सहयोगी, हालांकि, बचने में कामयाब रहे पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर अपने गिरोह के साथ कम से कम तीन पीड़ितों के साथ यौन उत्पीड़न के लिए कबूल किया।

    श्री सिंह ने कहा कि गिरोह पिछले छह महीनों से परिचालन कर रहा था और उनके तीन लोग दिल्ली के थे। आरोपी ने आम तौर पर अपने पीड़ितों को दिल्ली में बिजवासन या द्वारका में अलग-अलग जगहों पर ले जाकर बंदूक की नोक पर लूट लिया।

    श्री सिंह ने कहा, “आरोपी ने अपने डेबिट कार्ड के लिए पिन प्राप्त करने और पैसे वापस लेने के लिए पीड़ितों को भी मार दिया था,” उन्होंने कहा कि आरोपी ज्यादातर एक सिंगल यात्रियों की तलाश में थे। 21 अगस्त को गुरुग्राम के सेक्टर 18 पुलिस थाने में दर्ज की गई डकैती और संलिप्तता के मामले में प्रवीण को गिरफ्तार किया गया था।

    पीड़ित, द्वारका के एक निवासी, इफ्को चौक के पास 9.30 पी.एम. के आसपास अभियुक्त की सेडान पर चढ़ गया था। दिल्ली के लिए 20 अगस्त को आरोपी ने पीड़ित के खाते से 62,000 रूपए वापस ले लिए और दो एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किया और अपने मोबाइल फोन और उनके सोने और चांदी के अंगूठे भी चले गए, पुलिस ने कहा।

    आदमी सुदूर

    पीड़ित को मोड़ने वाली कार में आंखों पर पट्टी बांधकर बांध दिया गया था और ससुरा हो गया था। पुलिस ने दावा किया है कि उसने एक देश-निर्मित पिस्तौल जब्त कर चोरी का मोबाइल फोन और नकद जब्त कर लिया है। एक अलग मामले के संबंध में गिरोह के सदस्यों में से एक पहले से ही जेल में है, श्री सिंह ने कहा।

    प्रवीण को दो दिन की पुलिस रिमांड के बाद गुरुवार को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया था और उसे जेल भेज दिया गया था।

  • ‘कुत्तों से घिर गये हैं तो भागें नहीं, हाथों को मोड़कर सीने पर रखें’

    ‘कुत्तों से घिर गये हैं तो भागें नहीं, हाथों को मोड़कर सीने पर रखें’

     

    श्रीनगर। अगली बार जब श्रीनगर में आप आक्रामक कुत्तों के झुंड से घिर जाएं तो आप भागे नहीं बल्कि अपने हाथों को मोड़ कर सीने पर रख लें और कुत्ते की तरफ ना देखें, इससे कुत्तों की आपमें दिलचस्पी खत्म हो जाएगी। श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) ने यह परामर्श जारी किया है। श्रीनगर में कुत्तों का जबरदस्त आतंक है और यहां पिछले तीन वर्षों में तकरीबन 16,000 लोगों को कुत्तों ने काटा है। एसएमसी की शहर में कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने में नाकाम रहने पर अकसर आलोचना होती रहती है।

    गुरुवार को यहां के कई स्थानीय अखबारों में इस संबंध में प्रकाशित परामर्श में एसएमसी ने कई बातों की सूची बनाई है कि क्या करें और क्या नहीं। परामर्श में कहा गया है, ‘‘अगर कोई आक्रामक कुत्ता आपके सामने आ जाए तो भागें नहीं या कुत्ते पर चिल्लाएं नहीं। सीधे खड़े रहें, अपने हाथों को मोड़कर सीने पर रखें और कुत्ते के बजाय कहीं ओर देखें, बिल्कुल नहीं घबराएं, कुत्ते को आपके चारों ओर सूंघने दें। इससे उसकी दिलचस्पी आपमें खत्म हो जाएगी और वह आगे बढ़ जाएगा।’’
     
    एसएमसी ने लोगों से कहा है कि वह कुत्तों का सामना करने पर खास तरह की मुद्रा अपनाएं। एसएमसी ने कहा, ‘‘किसी आक्रामक कुत्ते की पहचान यह हो सकती है कि उसकी नाक सिकुड़ी हुई होती है जिससे उसके दांत दिखने लगते हैं, गर्दन के नीचे उसके लंबे बाल खड़े हो जाते हैं, उसकी कान पीछे की ओर मुड़ सकते हैं, वह गुर्रा सकता है। किसी कुत्ते में ऐसे संकेत दिखें तो उससे बचें।’’ 
     
    एसएमसी के पशु चिकित्सक अधिकारी जावेद राठर द्वारा जारी किए परामर्श में कहा गया है कि चार से नौ वर्ष की आयु के बच्चे कुत्तों का अधिक शिकार बनते हैं। बहरहाल, इसमें यह नहीं बताया गया कि कैसे एक बच्चे को कुत्ते के व्यवहार के बारे में पता चलेगा। स्थानीय लोगों ने इस परामर्श का मजाक उड़ाया है।
     
    फेसबुक पर सरदार नासिर अली खान ने लिखा, ‘‘कुत्ते की समस्या के बारे में गुरुवार के अखबार में एसएमसी का परामर्श किसी कॉमिक शो की पटकथा जैसा लग रहा है।’’ बहरहाल, इस परामर्श का बचाव करते हुए पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि यह वैज्ञानिक जांच और दुनियाभर के पशुचिकित्सकों के तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि सीने को हाथों से ढकना कुत्ते के हमला करने की स्थिति में शरीर के अहम अंग की रक्षा करने के लिए है। राठर ने कहा कि अभिभावकों को भी सावधान रहने की जरुरत है कि वे अपने बच्चों को आसपास के स्थानों पर कहीं भी अकेले ना भेजें जहां कुत्तों का झुंड घूमता हो।

  • सिद्धरमैया सरकार ने भ्रष्टाचार में तोड़े सारे रिकार्ड: अमित शाह

    सिद्धरमैया सरकार ने भ्रष्टाचार में तोड़े सारे रिकार्ड: अमित शाह

     

    बेंगलुरू। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक में सिद्धरमैया नीत कांग्रेस सरकार पर एक जोरदार हमला करते हुए उस पर भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ने का आज आरोप लगाया। भाजपा की प्रदेश इकाई की नव कर्नाटक निर्माण परिवर्तन यात्रा का यहां एक रैली में शुभारंभ करते हुए शाह ने दावा किया कि एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि यह राज्य सरकार देश में ‘सर्वाधिक भ्रष्ट’ है। शाह ने यात्रा का नेतृत्व कर रहे प्रदेश भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा को संभावित मुख्यमंत्री बताया और दावा किया कि इस यात्रा से सिद्धरमैया सरकार सत्ता से बेदखल होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया कोष उन लोगों तक नहीं पहुंच रहा, जिन्हें इसका फायदा मिलना है।

    भाजपा प्रमुख ने मैसूर के18 वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान की जयंती को 10 नवंबर को टीपू जयंती के रूप में मनाये जाने की आलोचना की और दावा किया कि यह ‘वोटबैंक की राजनीति’ है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार 10 नवंबर को भव्यता से कन्नड़ राज्योत्सव (राज्य का गठन दिवस) मनाने की बजाय टीपू जयंती मनाने में बहुत रुचि ले रही है। भाजपा टीपू जयंती कार्यक्रम का विरोध कर रही है क्योंकि यह टीपू सुल्तान को एक धर्मान्ध और नृशंस हत्यारे के तौर पर देखती है। इस 75 दिनों की यात्रा का शुभारंभ बेंगलुरू एग्जीविशन सेंटर मैदान से किया गया। इसका लक्ष्य कांग्रेस सरकार के गलत कार्यों का खुलासा करना है।

    यह राज्य में सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा 28 जनवरी को बेंगलुरू में संपन्न होगी और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे। इस यात्रा में विभिन्न स्थानों पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के कई राष्ट्रीय नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान भाजपा नेता हर विधानसभा क्षेत्र में जन सभा करेंगे और विकास के लिए एक वैकल्पिक एजेंडा पेश करेंगे। भाजपा कर्नाटक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सत्ता में आने पर नजरें टिकाए हुए है। पार्टी ने दक्षिण में 2008 में अपनी पहली सरकार बनाई थी।

  • अब राजधानी, शताब्दी के लेट होने पर यात्रियों को मिलेगा एसएमएस

    अब राजधानी, शताब्दी के लेट होने पर यात्रियों को मिलेगा एसएमएस

     

     

    राजधानी और शताब्दी के यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित समय से एक घंटा से ज्यादा लेट होने की स्थिति में एसएमएस भेजा जाएगा. अभी, वेटिंग लिस्ट के यात्रियों के टिकट कंफर्म होने पर उन्हें एसएमएस संदेश भेजा जाता है.

    इस प्रोजेक्ट में शामिल रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में यह एसएमएस सेवा शनिवार से शुरू हो गई. इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा.

    रेलवे की सूचना तकनीक इकाई, रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) द्वारा यात्रियों को एसएमएस सुविधा मुहैया कराई जाती है. अधिकारी ने कहा, इस सुविधा का उपयोग करने के लिए यात्रियों को रिजर्वेशन स्लिप में अपना मोबाइल नंबर लिखने के लिए कहा गया है.

    उन्होंने कहा, ‘यात्रियों की सुविधा के लिए यह सेवा शुरू की गई है जिसका खर्च रेलवे वहन करेगी. कुछ राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में इसका पहले ट्रायल किया गया था.’ अधिकारी ने बताया कि इसके ट्रायल में कुछ दिक्कतें सामने आई थीं जिसे सुलझा लिया गया है. अब यह सेवा सभी राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में उपलब्ध है.पूरे देश में 25 राजधानी और 26 शताब्दी जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही होती है. रेलवे ने हालांकि समय की बचत के लिए कई ट्रेनों की गति बढ़ाई है, इसके बावजूद भी कुछ ट्रेनें कुछ वजहों से विलंब से चल रही हैं. ट्रैक के मरम्मत कार्य की भी वजह से देरी हो रही है.

  • भारत में कारोबार करना अब पहले से अधिक आसान: नरेन्द्र मोदी

    भारत में कारोबार करना अब पहले से अधिक आसान: नरेन्द्र मोदी

     

    नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत में कारोबार करना अब पहले से कहीं अधिक आसान है, ऐसे में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावना दुनिया के लिये बड़ा अवसर है। ‘विश्व खाद्य भारत’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस वर्ष कारोबार सुगमता की रैंकिंग में भारत ने 30 स्थान का सुधार दर्ज किया है जो किसी देश के लिये सबसे अधिक सुधार है। नये क्षेत्रों में निवेश के संबंध में 2016 की वैश्विक रैंकिंग में भारत पहले स्थान पर आ गया है।

    भारत तेजी के साथ वैश्विक नवोन्मेष रैंकिंग, वैश्विक लाजिस्टिक रैंकिंग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में प्रगति दर्ज कर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और एक जुलाई से लागू माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से अनेक कर जटिलताएं समाप्त हुई हैं। प्रधानमंत्री ने वैश्विक कंपनियों से भारत में आने और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश करने को आंमत्रित किया। उन्होंने कहा कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भारत में निवेश की व्यापक संभावना दुनिया के लिये बड़ा अवसर है। मोदी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण भारत में जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। यह लम्बे समय से उपयोग में लाया जा रहा है।

    सामान्य से घर की तकनीक के आधार पर इसे पूरा किया जाता है जैसे कि किन्वन की विधि के परिणामस्वरूप अचाड़, पापड़, चटनी, मुरब्बा बनाया जाता है और यह दुनियाभर में संभ्रांत वर्ग के साथ सामान्य लोगों को काफी पसंद आता है। उन्होंने कहा, ‘‘मूल्यवर्द्धित श्रृंखला (वैल्यू चेन) के कई क्षेत्र में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ रही है। हालांकि ठेका कृषि, कच्चे माल की प्राप्ति और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में अधिक निवेश की जरूरत है। यह वैश्विक स्तर पर स्पष्ट रूप से अवसर प्रदान करता है।’’

    मोदी ने कहा कि फसल कटाई के बाद प्रबंधन के संबंध में भी काफी अवसर हैं, ये क्षेत्र प्रसंस्करण और भंडारण से लेकर इन्हें संरक्षित करने के लिये आधारभूत ढांचा तैयार करने तथा शीत श्रृंखला एवं शीतलन के तहत परिवहन व्यवस्था तैयार करने से संबंधित हैं। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं। इसके साथ ही जैविक खेती और खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में भी मूल्यवर्द्धन की संभावनाएं हैं। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘भारत दुनिया में तीव्र वृद्धि वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हमने जीएसटी लागू करके विभिन्न प्रकार की करों को समाप्त किया। ऐसे में देश में अब कारोबार करना पहले से कहीं आसान हो गया है।’’ उन्होंने कहा कि ठेका खेती, कच्चे माल और कृषि श्रृंखला में और निवेश की जरूरत है। ऐसे में दुनिया की कंपनियां यहां आएं और निवेश करें। मोदी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में हमारे प्रयासों के केंद्र में हमारे किसान हैं। हमने पांच साल में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। हमने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना पेश की है ताकि विश्व स्तर का खाद्य प्रसंस्करण आधारभूत ढांचा सृजित कर सकें। इसके लिये 5 अरब डालर के निवेश की जरूरत होगी और इससे 20 लाख किसानों को लाभ होगा, साथ ही 5 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

    उन्होंने कहा, ‘‘पोषण सुरक्षा का समाधान का रास्ता खाद्य प्रसंस्करण में निहित है। हमारे मोटे अनाज और बाजरा में उच्च पोषक तत्व हैं। ये प्रतिकूल कृषि..जलवायु परिस्थितयों का सामना करने में समर्थ्य है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ क्या हम इन क्षेत्रों में उद्यम स्थापित कर सकते हैं । इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, साथ ही साथ पोषण का स्तर भी बेहतर होगा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसान को हम अन्नदाता कहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम उनकी आय को आने वाले पांच साल में दोगुना करें। हमारा लक्ष्य समय सीमा के तहत खाद्य क्षेत्र को विश्व स्तर का बनाने का है। मेगा फूड पार्क की भी हमारी योजना है। इसके जरिए कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र को जोड़ने की है।’’

    मोदी ने कहा कि ट्रेन में रोजाना लाखों यात्री भोजन प्राप्त करते हैं। ऐसे में ये भी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के संभावित ग्राहक है। भारत खाद्य क्षेत्र में निवेश करने पर सभी के लिये समान अवसर पर आधारित गठजोड़ की पेशकश कर रहा है। निवेश बंधु पोर्टल से कारोबार करने में और जानकारी में मदद मिल रही है। यही वजह है कि निजी क्षेत्र में निवेश बढ़ा है। हालांकि और निवेश की और जरूरत है। ग्लोबल सुपर मार्केट के पास इस समय भारत में निवेश करने का सबसे सही अवसर है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सदियों से भारत ने व्यापारियों का दिल खोलकर स्वागत किया है। स्पाइस (मसाला) रूट के बारे मे सब जानते हैं।

    भारतीय मसालों से प्रभावित होकर कोलोम्बस ने भी भारत के लिए वैकल्प‍िक रास्ते को खोजते हुए अमेरिका की खोज कर दी थी। मोदी ने कहा कि यह महोत्सव खाद्य क्षेत्र के विभि‍न्न पक्षकारों को साथ आने में मदद करेगा, साथ ही आप कई बेहतरीन भारतीय व्यंजन का स्वाद ले सकेंगे। उन्होंने भारत के खाद्य सेक्टर के सफर पर ‘कॉफी टेबल बुक’ पेश किया।

  • JDU ने तेजस्वी की महिला के साथ तस्वीर जारी की, RJD नेता ने किया पलटवार

    JDU ने तेजस्वी की महिला के साथ तस्वीर जारी की, RJD नेता ने किया पलटवार

     

    पटना। सत्तारूढ जनता दल (यूनाइटेड) ने विपक्षी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की एक तस्वीर जारी करके आरोप लगाया कि लालू प्रसाद के छोटे बेटे ऐशोआराम की जिंदगी जीते हैं। तेजस्वी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यह भ्रष्टाचार और अवैध शराब कारोबार पर उनके खुलासों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि खराब होने पर सत्तारूढ पार्टी की प्रतिक्रिया है। जदयू प्रवक्ताओं संजय सिंह, नीरज कुमार और निखिल मंडल ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एक तस्वीर जारी की जिसमें तेजस्वी एक अज्ञात महिला के साथ खड़े दिख रहे हैं और पीछे शराब की बोतलें नजर आ रही हैं।

    जदयू प्रवक्ताओं ने कहा, ‘‘आप सभी बिहार के तथाकथित युवा चेहरे की तस्वीर देख सकते हैं जिसमें वह अच्छा वक्त बिता रहे हैं। हमें तेजस्वी यादव के इस रंग पर आश्चर्य है। क्या उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद से यही संस्कार सीखे हैं।’’ कुछ घंटों बाद बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया, ‘‘बिहार में आज राजनीति सबसे निचले स्तर तक पहुंच गई और यह नीतीश कुमार के इशारे पर हो रहा है जो उनके शासनकाल में भ्रष्टाचार और अवैध शराब कारोबार के खिलाफ हमारे निरंतर अभियान से नाखुश हैं क्योंकि इससे उनकी छवि खराब हो रही है।’’

    जदयू प्रवक्ताओं द्वारा जारी तस्वीर पर तेजस्वी ने बचाव करते हुए कहा, ‘‘यह तस्वीर मेरे राजनीति में आने से पहले की है। यह मेरे क्रिकेट के दिनों के दौरान ली गई है। संभवत: आईपीएल मैच के दौरान दी गई पार्टी की है। मुझे आश्चर्य है कि तस्वीर में इतना आपत्तिजनक क्या है और जदयू इस तिकड़म से क्या साबित करने का प्रयास कर रही है।’’ जदयू द्वारा तेजस्वी यादव पर निशाना साधने से कुछ दिन पहले राजद नेता ने नीतीश कुमार के साथ जहरीली शराब के मामले के एक आरोपी राकेश सिंह की तस्वीर जारी की थी।

    तेजस्वी ने इस तस्वीर का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि जदयू नेताओं की संलिप्तता के कारण, अवैध शराब कारोबार बिहार में फलफूल रहा है क्योंकि शराब की बिक्री और सेवन प्रतिबंधित है।

  • Conjoined जुड़वाँ स्थिर: एम्स

    Conjoined जुड़वाँ स्थिर: एम्स

     

     

    संस्थान ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि ओडिशा के जुड़वा जुड़ने वाले, जगा और कल्या, जो 26 अक्टूबर को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में 16 घंटे के ऑपरेशन के बाद अलग हो गए थे।

    “जागा को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है, लेकिन कल्याण अब भी आईसीयू में है। दोनों बच्चे स्थिर हैं जगा ने अपनी मां को मान्यता दी है और यदि उसका स्वास्थ्य स्थिर रहता है, तो उसे अगले 48 घंटों में आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। कल्याण के निरीक्षण में है वह आठ से 10 दिन तक आईसीयू में रहेगा। दोनों बच्चों के महत्वपूर्ण पैरामीटर सामान्य हैं, “बयान पढ़ें।

    ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री प्रताप जेना ने बुधवार को अस्पताल का दौरा किया और बच्चों के माता-पिता और डॉक्टरों की टीम से मुलाकात की जिन्होंने शल्य चिकित्सा का आयोजन किया था।

    कंधमाल जिले के क्रेनोपैगस (सिर में शामिल हो गए) को 13 जुलाई को एम्स में भर्ती कराया गया था।

    डॉक्टरों ने कहा कि जुड़वाँ एक ऐसी स्थिति से पीड़ित थे जो 30 लाख बच्चों में से एक को पीड़ित किया था, जिनमें से अर्ध मरने पर या 24 घंटों के भीतर मर जाते हैं।

    सर्जरी का पहला चरण 28 अगस्त को किया गया था

  • ‘देशभक्ति एक गुण, जिंगोवाद एक उपाध्यक्ष’

    ‘देशभक्ति एक गुण, जिंगोवाद एक उपाध्यक्ष’

     

     

    23 वें दिन सुनंदा भंडारे मेमोरियल व्याख्यान बुधवार को दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसने भी अपनी 75 वीं जयंती मनाई थी।

    ‘देशभक्ति बनाम जिंगोवाद’ पर व्याख्यान की अध्यक्षता दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मदन बी लोकुर थे।

    ‘भारतीय मॉडल’

    इस घटना में बोलते हुए, प्रसिद्ध इतिहासकार और विद्वान रामचंद्र गुहा ने कहा, “राष्ट्रवाद माता है, जिसमें से दोनों देशभक्ति और जिंगोवाद उभरा। यूरोपीय रूप में, राष्ट्रवाद एक समान शत्रु की पहचान के रूप में भाषा और धर्म पर बहुत ज्यादा आधारित था, जिसके खिलाफ नागरिकों ने अपनी ऊर्जा और शत्रुता को केंद्रित किया था। हालांकि, महात्मा गांधी द्वारा बताई गई राष्ट्रीयता का भारतीय मॉडल मूल्यों के एक सेट पर आधारित था, न कि धर्म, भाषा या दुश्मन।

    जस्टिस भंडारे की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ-साथ कानून का शासन करने की प्रतिबद्धता को जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति मित्तल ने कहा, “यह लोगों को जिंगोवाद के साथ देशभक्ति को भ्रमित करने के लिए असामान्य नहीं है। देशभक्ति एक पुण्य है, जबकि जिंगोवाद एक उपाध्यक्ष है। जस्टिस भंडारे एक सच्चे देशभक्त थे जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए इच्छुक थे। वह उन मूल्यों को पूरा करने के लिए प्रतिज्ञा करने की अपेक्षा श्रद्धांजलि अर्पित करने का कोई बेहतर तरीका नहीं है।

    श्री गुहा ने ‘संवैधानिक देशभक्ति’ के आदर्श रूप के बारे में भी बात की, जिसमें “हमारे निहित और साझा विविधता की स्वीकृति और प्रशंसा शामिल है, यह मान्यता है कि कोई भी राज्य, राष्ट्र या धर्म निर्दोष नहीं है, हमारे राष्ट्र की विफलताओं पर शर्म महसूस करने की क्षमता है और राज्य, और इच्छा और उन्हें सुधारने के लिए होगा। ”

    ‘राष्ट्रवाद का नया रूप’

    वर्तमान में ‘राष्ट्रवाद’ के वर्तमान रूप के बारे में बात करते हुए, जिस पर राष्ट्र वर्तमान में पकड़ लेता है, श्री गुहा ने कहा: “राष्ट्रवाद के नए मॉडल में धर्म के एक मॉडल का विशेषाधिकार शामिल है: हिंदू धर्म, एकल भाषा का विशेषाधिकारः हिंदी और विशेषाधिकार एक आम बाहरी दुश्मन: पाकिस्तान यह पूरी तरह से 1 9वीं सदी के यूरोपीय राष्ट्रवाद की नकल करता है। एक अतिरिक्त सुविधा जो इस मॉडल में है, जो अधिक परेशान है, सभी आलोचकों का राष्ट्र-विरोधी के रूप में ब्रांडिंग है “।

    इतिहासकार ने यह भी कहा कि यह वामपंथियों के कट्टरपंथियों और कांग्रेस पार्टी के बौद्धिक भ्रष्टाचार है जो जिंगोवादियों को गोला-बारूद दे चुका था।

    “यह राष्ट्रवाद के एक पागल, दंडात्मक और घृणित रूप और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और भारतीय संविधान के बीच एक लड़ाई है। यद्यपि संवैधानिक देशभक्ति के लिए कोई राजनीतिक वाहन नहीं है, जिसने निर्माण किया, एकजुट किया और श्रेष्ठ मूल्यों को विकसित किया और जस्टिस भंडारे जैसे सर्वश्रेष्ठ व्यक्तियों को संवहनी देशभक्तों को संवैधानिक पितृसत्ता के मूल्यों पर लगातार चलना चाहिए। गुहा।