Category: national

  • बाढ़ का पानी घुसा कोच्चि एयरपोर्ट में, संचालन रविवार दोपहर 3 बजे तक स्थगित

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    केरल के कोच्चि में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पार्किंग क्षेत्र में बाढ़ का पानी भरने के बाद उड़ानों का परिचालन रविवार दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले कोचीन इंटरनेशलन एअरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएसल) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि बाढ़ के कारण पार्किंग क्षेत्र जलमग्न हो गया है, कोच्चि हवाईअड्डे पर सभी उड़ानें नौ अगस्त सुबह नौ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं। बता दें कि बाद में संचालन को स्थगित रविवार दोपहर तीन बजे तक के लिए कर दिया गया।

    केरल के कबिनी डैम में जलस्तर बढ़ा

    केरल बाढ़ के चलते अब तक 800 परिवारों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है। केरल के मुख्यमंत्री ने कहा कि और और अस्थाई कैंप खोले जाएंगे। अब तक वायनाड जिले में दो लोगों की मौत की खबर आई है। केरल में कबिनी बांध का जलस्तर 46,000 क्यूसेक बढ़ गया है। बांध स 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस वक्त कबिनी डैम में 2281.5 फीट पानी है जबकि अधिकतम सीमा 2284 फीट है।

     

  • ऐसे डिलीट करें Google Assistant, Alexa और Siri से वॉयस रिकॉर्डिंग

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    गूगल मैप्स पर बोलकर सर्च करना हो या फिर इंटरनेट ब्राउजर में आवाज देकर कुछ खोजना हो। दोनों ही स्थितियों में गूगल आपकी आवाज को रिकॉर्ड करता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह वॉयस एक सर्वर पर सेव होती रहती हैं, जिसे कोई हैकर हैक करके आपकी प्राइवेसी पर हमला बोल सकता है। ऐसी परेशानी से बचने के लिए आप उस वॉयस रिकॉर्डिंग को सर्वर से ही डिलीट कर दें। आइए जानते हैं गूगल, एलेक्सा और सिरी पर से वॉयस डिलीट करने का तरीका।

    गूगल वॉयस असिस्टेंट की मदद से बहुत से उपयोगकर्ता आवाज देकर अलार्म सेट करने, मौसम जानने या होम डिवाइसेज को नियंत्रित करने जैसे काम करते हैं। यही सब आवाजें एक सर्वर पर सेव होती रहती हैं। गूगल पर मौजूद इस वॉयस को डिलीट करने के लिए माय एक्टिविटी की मदद ले सकते हैं।

    वेब ब्राउजर पर
    – कंप्यूटर पर वेब ब्राउजर ओपन करें और  https://myaccount.google.com/activitycontrols पर जाएं।
    – इसके बाद स्क्रीन पर नीचे की तरफ जाएं और वॉयस एंड ऑडियो एक्टीविटी पर क्लिक कर दें।  यहां पर स्क्रीन पर एक तरफ डिलीट एक्टीविटी बाई पर जाएं।
    – यहां आप टाइम-फ्रेम सिलेक्ट कर सकते हैं और ऑल टाइम ऐक्टिविटी भी डिलीट करने का विकल्प होता है या फिर नीचे की तरफ मेन्यू में से ‘वॉयस एंड ऑडियो’ विकल्प का चुनाव करें।
    – इसके बाद आने वाले पॉप-अप मेन्यू में डिलीट बटन पर क्लिक करें।

    स्मार्टफोन पर
    – सबसे पहले गूगल एप ओपन करें।
    – इसके बाद एप स्क्रीन के निचले हिस्से से ‘more’ पर टैप करें।
    – अब आप ‘Search activity’ पर टैप करें।
    – यह आपको सीधे myactivity.google.com पर सीधे रीडायरेक्ट कर देता है।
    – ऊपर की तरफ बाईं ओर बनी तीन लाइन्स पर टैप करें और ‘Delete Activity By’ चुनें।
    – यहां पर वेब ब्राउजर की तरह टाइम फ्रेम चुनें और ‘वॉइस और ऑडियो’ का चुनाव करें।
    – आखिरकार ‘डिलीट’ बटन पर टैप कर सत्यापित करें।

    एलेक्सा 
    अमेजन कंपनी का वॉयस असिस्टेंट एलेक्सा को कोई भी वॉयस कमांड देते हैं तो वह भी गूगल असिस्टेंट की तरह एक सर्वर पर सेव होती रहती है। यह अमेजन का सर्वर होता है। अमेजन के सर्वर पर जाकर आप वहां मौजूद वॉयस डाटा को नियंत्रित या फिर डिलीट कर सकते हैं। यहां तक कि अगर आप एक से ज्यादा डिवाइस पर एलेक्सा का इस्तेमाल कर रहे हैं तो हर एक सेक्शन में जाकर सेटिंग्स में बदलाव कर सकते हैं।

    • अमेजन के डाटा वॉयस मैनेजमेंट पर जाएं।
    • इसमें कई फीचर मिलेंगे, जिसमें हर किसी की एक अलग हैडिंग है। –  सर्वर पर मौजूद वॉयस को डिलीट करने के लिए kडिलीट वॉयस हिस्ट्रीl पर क्लिक कर दें। इसके अलावा स्मार्ट अलर्ट हिस्ट्री
      और डिवाइस स्पेसिफिक हिस्ट्री पर भी जाएं। हर एक पेज में अलग-अलग हिस्ट्री सेव मिलेगी, जिसे डिलीट करना चाहें उसे कर सकते हैं।
    • बताते चलें कि एमेजन वॉयस रिकॉर्डिंग की मदद से सर्च परिणाम को बेहतर करने की कोशिश करती है।
    • पहले सेटिंग्स में जाएं
    • kलिसेन फॉर हे सिरीl को बंद कर दें और इसके बाद सिरी बटन पर क्लिक करके रखें।
    • इसके बाद सेटिंग्स के अंदर जनरल और फिर कीबोर्ड के विकल्प में जाएं। इसके बाद Enable Dictation नामक विकल्प पर क्लिक कर दें और दी जाने वाली वॉर्निंग को स्वीकारें।

     

  • LIVE: कांग्रेस कार्यसमिति की नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर आज बैठक

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    कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की शनिवार को बैठक होने जा रही है, जिसमें राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद खाली हुए अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर फैसला होगा। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मई महीने में अध्यक्ष पद से इस्तीफे दे दिया था।

    सीडब्ल्यूसी से पहले कांग्रेस नेताओँ की महत्वपूर्ण बैठक 

    इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले पार्टी के सीनियर नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोहरा, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल ने दिनभर मंथन कर इस पर चर्चा की।

    Live Updates:

    10:40AM- समाचार एजेंसी के मुताबिक, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की जल्द बैठक होने जा रही है। उसके बाद पांच ग्रुप में बांटा जाएगा और क्षेत्रवार राज्य ईकाई के नेताओँ के साथ चर्चा की जाएगी।

    राहुल ने कहा- सलाह प्रक्रिया की बनाएं व्यापक

    शुक्रवार की शाम को कांग्रेस के महासचिव, राज्य प्रभारी, राज्य प्रमुख, कांग्रेस विधायक दल के सदस्य और संसद सदस्यों की बैठक में राहुल गांधी ने कहा- मैनें वेणुगोपाल जी से कहा है कि वे नए अध्यक्ष के चयन में लोगों से सलाह की प्रक्रिया को और व्यापक बनाएं और सहमति से इस पर फैसला लें।

    लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को अस्वीकार करते हुए सीडब्ल्यूसी ने उन्हें पार्टी में आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया था, हालांकि गांधी अपने रुख पर अड़े रहे और स्पष्ट कर दिया कि न तो वह और न ही गांधी परिवार का कोई दूसरा सदस्य इस जिम्मेदारी को संभालेगा।

    अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए गांधी ने यह भी कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रहते हुए भी वह पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहेंगे। उनके समर्थन में बहुत सारे नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया था।

     

  • उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बीच विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि उन्हें अलग करना पड़ा

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    जम्मू से इस्माईल की रिपोर्ट

    एक-दूसरे के धुर विरोधी उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पिछले हफ्ते हरि निवास महल में हिरासत में रखा गया था। अधिकारियों ने बताया है कि इस दौरान दोनों के बीच विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि उन्हें अलग करना पड़ा। दरअसल, दोनों एक-दूसरे पर राज्य में भारतीय जनता पार्टी को लाने का आरोप मढ़ रहे थे।

    राजनैतिक तौर पर धुर विरोधी उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से केन्द्र सरकार के आदेश के बाद हरि निवास महल में हिरासत में रखा गया था। हालांकि यहां पर उन्हें सभी तरह की सहूलियतें दी जा रही हैं। लेकिन हिरासत में दोनों नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

    महबूबा इसके लिए उमर अब्दुल्ला के दादा पर आरोप लगा रही हैं तो उमर महबूबा से राज्य में भाजपा के साथ सरकार बनाने के लिए उसे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहां पर मौजूद पुलिस अफसरों के मुताबिक हिरासत के दौरान ही दोनों नेताओं के बीच विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि उन्हें अलग करना पड़ा। वहां पर मौजूद के मुताबिक महबूबा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस उपाध्यक्ष उमर को जमकर जवाब दिए।

    वहीं उमर ने महबूबा के पिता दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद पर भाजपा के साथ राज्य में दो बार गठबंधन बनाने का ताना मारा और कहा इसके बाद से राज्य में भाजपा की ताकत बढ़ी है तों महबूबा ने कश्मीर की समस्याओं के लिए उमर के दादा पर आरोप लगाए।

    वहीं महबूबा ने उमर से कहा कि उनके पिता भी एनडीए गठबंधन सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्री रह चुके हैं। महबूबा ने उमर के दादा शेख अब्दुल्ला को भी 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया।

    जब दोनों में जुबानी लड़ाई चरम पर पहुंच गई तो दोनों नेताओं को अलग अलग रखने का फैसला किया गया। इसके बाद उमर को महादेव पहाड़ी के पास चेश्माशाही में वन विभाग के भवन में रखा गया है जबकि महबूबा हरि निवास महल में ही हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच झगड़े से पहले उमर हरि निवास की नीचे के तल पर थे जबकि महबूबा पहली मंजिल पर हिरासत में रखी गई थी।

    हिरासत में लिए दोनों नेताओं को जेल के नियमों के तहत की रखा गया है। बस अंतर ये है कि जेल में उन्हें अन्य कैदियों के साथ रखा जाता जबकि यहां पर दोनों को कई तरह की सुविधाएं देकर हिरासत में रखा गया है।

  • पाकिस्तान में ‘मीका सिंह नाइट’ का आयोजन, मेहमानों में आईएसआई के शीर्ष अधिकारी और डॉन दाऊद इब्राहिम के परिवार के सदस्य शामिल

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    नई दिल्ली । पाकिस्तान में जनरल परवेज मुशर्रफ के रिश्तेदार असद ने अपनी बेटी सेलिना की मेहंदी रस्म पर ‘मीका सिंह नाइट’ का आयोजन किया था। कार्यक्रम का आयोजन डिफेंस हाउस अथॉरिटी (डीएचए), फेज-8 स्थित 23, बीच एवेन्यू में किया गया था, जो कि डी कंपनी के सदस्य अनीस इब्राहिम और छोटा शकील के कराची स्थित आवास से बहुत ज्यादा दूर नहीं था।

    भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से तनाव के हालात हैं। बावजूद इसके बॉलिवुड के स्टार सिंगर मीका सिंह के पाकिस्तान जाकर पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के एक रिश्तेदार के यहां परफॉर्मेंस देने से लोगों में नाराजगी है। हालांकि, अब इस पूरे वाकये से जुड़ी एक और चौंकाने वाले जानकारी सामने आई है। \

    बताया जा रहा है कि मीका की परफॉर्मेंस के दौरान कुछ अहम मेहमान जो वहां मौजूद थे, उनमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के शीर्ष अधिकारी और भारत के मोस्टवॉन्टेड दाऊद इब्राहिम के परिवार के सदस्य शामिल थे।पत्रकार ने बताया कि शीर्ष नौकरशाहों, सेना और पुलिस के अधिकारियों और मियांदाद समेत स्टार क्रिकेटरों के परिवार को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।

    गौरतलब है कि मियांदाद के बेटे जुनैद की शादी दाऊद की बेटी महरुख के साथ हुई है। पत्रकार ने मियांदाद का दाऊद इब्राहिम के साथ रिश्ते की बात स्वीकारी, लेकिन डी-कंपनी के ठिकाने और पाकिस्तान सरकार में उनकी सांठगांठ को लेकर पूछे गए सवालों को वह नजरंदाज कर गए। कराची के एक प्रमुख अखबार से जुड़े पत्रकार के मुताबिक टिशू पेपर बनाने वाले असद प्रधानमंत्री इमरान खान से नजदीकी होने के कारण मीका सिंह और उनके 14 सदस्यीय दल को वीजा दिलवाने में कामयाब रहे।

    इस तरह उन्होंने 8 अगस्त को कराची में इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जबकि पाकिस्तान सरकार ने किसी भी भारतीय कलाकार या फिल्मी हस्ती के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।वीनस समूह के मालिक असद की फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार, स्टार क्रिकेटर और सेना के शीर्ष अधिकारी से उनका करीबी संबंध है। पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के पूर्व प्रमुख अहमद शुजा पाशा भी उनकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल हैं। पाशा जब खुफिया एजेंसी के प्रमुख थे, उसी समय लश्कर-ए-तैयबा ने 2008 में 26/11 के मुंबई आतंकी हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 174 लोगों की जानें गई थीं, जिनमें विदेशी भी शामिल थे।

    इस आतंकी वारदात में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।नई दिल्ली में भारतीय खुफिया सूत्रों ने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ असद की नजदीकी की पुष्टि की है लेकिन दाऊद के परिवार से उनकी नजदीकी के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। ‘मीका सिंह नाइट’ शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई क्योंकि कुछ मेहमानों ने ट्विटर पर विडियो क्लिप लीक कर दी थी।

    दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के दौरान मनोरंजन के इस कार्यक्रम की आलोचना सीमा के दोनों तरफ हो रही है। विपक्षी दल पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के सैयद खुर्शीद शाह ने कहा है कि सरकार को अवश्य पता लगाना चाहिए कि मीका सिंह को ऐसे समय में पाकिस्तान का दौरा करने के लिए सुरक्षा संबंधी मंजूरी और वीजा किसने दिया, जब देश ने भारत के साथ कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध तोड़ लिए हैं। भारत में भी पत्रकारों और राजनेताओं ने मीका सिंह की आलोचना की है।

  • दर्द का सैलाब झेलते केरल के लोग

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    इस राहत शिविर में हमारे साथ कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी उम्र लगभग 100 साल है. इन लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इतनी बारिश नहीं देखी और ना ही पानी के स्तर को इस हद तक बढ़ते हुए देखा है.”

    ये शब्द हैं गंगप्पा दसप्पा शिरसेल के, जो कर्नाटक के बेलगावी ज़िले की एक ग्राम पंचायत में क्लर्क हैं.

    शिरसेल बताते हैं, ”बेंसवाडी, मक्कलगिरी और आसपास के गांवों में मिट्टी से बने 450 से अधिक मकान बह गए. सिर्फ़ चार या पांच पक्के मकान ही इस बाढ़ के पानी को झेल पाए. पानी का स्तर इतना ऊंचा पहुंच गया था कि हमें यक़ीन ही नहीं हो रहा था.”

    शिरसेल के अनुसार पहले तो उम्मीद से बहुत अधिक बारिश हुई और उसके बाद घटप्रभ और मार्कंडेय नदियों के ऊपर बने हिडकल बांध से पानी छोड़ दिया गया, जिस वजह से हालात बद से बदतर हो गए.

    शिरसेल इस समय गोकक ज़िले में मेलवंकी इलाके में बने एक राहत शिविर में हैं. उन्हीं की तरह लगभग 95 हज़ार लोग बीते तीन दिन में 467 राहत शिविरों में रहने के लिए आए हैं. कर्नाटक में इन राहत शिविरों को सेना और एनडीआरएफ़ ने बनाया है.

    कृष्णा नदी का कहर

    दक्षिण पश्चिम मॉनसून के ज़ोर पकड़ने के साथ ही महाराष्ट्र में कृष्णा नदी सामान्य स्तर से ऊपर बहने लगी. इसके चलते कर्नाटक और केरल में पिछले तीन दिन में कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें से 28 मौतें सिर्फ केरल में ही हुई हैं.

    महाराष्ट्र में कृष्णा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद वहां से पानी छोड़ा गया, इसके चलते उत्तरी कर्नाटक के बेलगावी और बगलकोट ज़िलों में बाढ़ के हालात बन गए.

    वहीं कर्नाटक के दक्षिणी और तटीय ज़िलों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति बन गई. इसमें कोडागु, उत्तर कन्नड़ और दक्षिण कन्नड़ प्रमुख हैं. वहीं केरल में भी भारी बारिश ने तबाही मचाई.

    केरल में सबसे अधिक प्रभावित ज़िला कोज़िकोड, मलाप्पुरम और वायनाड रहे.

    बारिश के कम होने की उम्मीद

    ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में बारिश कुछ कम हुई है जिसके चलते कृष्णा नदी और उत्तरी कर्नाटक में पानी का स्तर थोड़ा नीचे पहुंचा है.

    कर्नाटक में आपदा प्रबंधन केंद्र के प्रमुख और राजस्व सचिव टी के अनिल कुमार ने बताया, ”उत्तरी कर्नाटक में भले ही बारिश अभी भी बंद नहीं हुई है लेकिन बांधों से छोड़े जाने वाले पानी को कुछ कम किए जाने की उम्मीद है. हालांकि कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से में अभी भी तेज़ बारिश हो रही है. कोडागु, दक्षिण कन्नड़ और उत्तर कन्नड़ इन सभी जगहों को हाईअलर्ट किया गया है.”

    इसके साथ ही अनिल कुमार कहते हैं, ”बेलगावी में नदियां अभी भी उफान पर हैं. हम उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बारिश कुछ कम होगी.”

    लेकिन केरल में हालात बिलकुल अलग हैं. केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने तिरुवनंतपुरम में बाढ़ के हालात का जायज़ा लिया.

    उन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ”पेरियाल और वलापट्टनम नदियों का जलस्तर ख़तरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. 15 अगस्त को भी बारिश होने का अनुमान है, जिसकी वजह से समुद्र में भी तेज़ लहरें उठ सकती हैं.”

    मुख्यमंत्री ने कहा, ”चलाकुडी नदी में भी जलस्तर ऊपर पहुंच सकता है. लेकिन जिस तरह की रिपोर्ट मिल रही हैं वहां पिछले साल की तरह बाढ़ आने की आशंका नहीं है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम सतर्क नहीं है. सतर्क होने का मतलब परेशान होना नहीं होता. सबसे महत्वपूर्ण है कि कोई भी व्यक्ति बाढ़ से प्रभावित इलाके में ना रहे.”

    विजयन का यह कहना कि लोगों को ख़तरनाक स्थानों में नहीं रहना चाहिए ,बेहद अहम है क्योंकि पिछले साल आई बाढ़ में बहुत से लोगों ने अपने घरों को छोड़ने से इनकार कर दिया था, जबकि उनके घर बाढ़ की चपेट में आ रहे थे.

    राहुल गांधी का संसदीय इलाक़ा प्रभावित

    केरल में 22,165 लोगों के लिए कुल 315 राहत शिविर खोले गए हैं. लेकिन अभी भी चिंताएं बरकरार हैं. पिछले साल अगस्त में केरल में काफी बारिश हुई थी, इसलिए इस बार भी वैसी ही बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

    इसमें सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िला वायनाड था. वायनाड के सांसद कांग्रेस के नेता राहुल गांधी हैं. उन्हें ज़िला प्रशासन ने फ़िलहाल प्रभावित इलाक़े में ना जाने की सलाह दी है.

    प्रशासन का कहना है कि वायनाड में हालात अभी बेहतर नहीं हैं और अधिकारी राहत कार्यों में व्यस्त हैं.

    तमिलनाडु के नीलगिरी ज़िले में भी हालात ख़राब हैं लेकिन फिलहाल वहां से किसी तरह के नुक़सान की ख़बर नहीं आई है.

  • उत्तर प्रदेश में बड़ी पहल : बिना डॉक्टर अस्पताल में होगा इलाज, मशीनें देंगी दवाएं

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    डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे यूपी में बड़ी पहल होने जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 10 दूरस्थ अस्पतालों में मशीनों की मदद से इलाज होगा। इन अस्पतालों में एक भी डॉक्टर नहीं होगा। नर्स, लैब टेक्नीशियन और स्वीपर ही होंगे। इनमें मशीन ही खून की जांच करेगी, रक्तचाप, धड़कन नापेगी। दूर कहीं बैठे डॉक्टर टेलीकांफ्रेंसिंग पर मरीज से बात करेंगे। स्क्रीन पर रिपोर्ट देख लेंगे। वह जो दवा बताएंगे, वह मरीज को मशीन से ही मिल जाएगी।

    पंजीकरण करेंगी नर्स : महानिदेशक डॉ. पद्माकर सिंह ने कहा, मल्टी-नेशनल कंपनी सूबे की 10 पीएचसी पर ई-हॉस्पिटल स्थापित करेगी। इसके लिए आवश्यक मशीनें लगाएगी। पंजीकरण के लिए नर्स और मरीजों के खून का नमूना लेने के लिए लैब तकनीशियन तैनात होंगे। सभी पीएचसी को कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा। वेब कैमरे से कमांड सेंटर को मरीज अपने बीमारी के लक्षणों की जानकारी देंगे। ऑटोमेटिक मशीनों से मरीज के बीपी, नब्ज की गति की जानकारी कमांड सेंटर को मिलेंगी। सभी रिपोर्ट के आधार पर बीमारी की पहचान होगी।

    10 अस्पताल बगैर डॉक्टर के चलेंगे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उत्तर प्रदेश में, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल।

    यूपी के इन जिलों में शुरुआत होगी 
    10 जिलों के एक-एक अस्पताल का चयन किया गया है। इनमें गोरखपुर की अर्बन हेल्थ पोस्ट रामपुर  शामिल हैं। वाराणसी से भी एक अर्बन हेल्थ पोस्ट का चयन हुआ है। इसके अलावा श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, चंदौली, सोनभद्र, चित्रकूट व फतेहपुर में एक-एक दूरस्थ पीएचसी का चयन हुआ है।

    पहली बार डिस्पेंसिंग मशीन
    गोरखपुर और वाराणसी में अर्बन हेल्थ पोस्ट पर मरीजों को दवाएं वितरित करने को पहली बार मेडिसिन डिस्पेंसिंग मशीनें लगेंगी। मशीनों में दवाएं मौजूद होंगी। कमांड सेंटर से दवा का डोज निर्धारित होने पर मशीनों से ही मरीज को दवाएं मिलेगी। बाकी आठ सेंटरों पर फार्मासिस्ट ही दवाएं देंगे। इस योजना की मॉनीटरिंग सीएमओ करेंगे। इसके लिए नोडल अधिकारी तैनात होंगे।

    सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा, “बगैर डॉक्टर के अस्पताल संचालन अनोखा प्रयोग है। अगर  ट्रॉयल सफल हुआ तो यह चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।”

    यह भी आपके जानने योग्य
    1. सवाल : फीस कितनी होगी?
    जवाब : ई-पीएचसी में मरीजों को इलाज, जांच व दवाएं फ्री में मिलेंगी। मरीजों का मेडिकल कार्ड बनेगा।

    2. सवाल : इलाज कैसे होगा?
    जवाब : नर्स मरीज का पंजीकरण करेगी। मरीज को कोड मिल जाएगा। यह कोड नर्स मशीन में फीड करेगी। फीड करते ही सेंटर पर बैठे डॉक्टरों को मरीज का नाम, उम्र, बीमारी की जानकारियां स्क्रीन पर मिलेंगी। डॉक्टर मरीज से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात करेंगे। फिर डॉक्टर कमांड सेंटर से ही दवा बता देंगे।

    3. सवाल :  एक मरीज पर कितना समय?
    जवाब : न्यूनतम 15 मिनट। (नेट कनेक्टिविटी और जांच पर निर्भरता होगी)

    4. सवाल : कब से शुरू होगा, क्यों शुरू किया जा रहा ऐसा?
    जवाब : दो महीने में शुरू करने का लक्ष्य है। दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी के संकट को देखते हुए पहल हो रही है।

    5. सवाल : कहीं ऐसा और हो रहा है?
    जवाब : यूरोपीय देशों में दशकों से टेली मेडिसिन का उपयोग हो रहा है। भारत में भी प्राईवेट सेक्टर में शुरू हो रहा है। पर उसमें मरीज के साथ भी एक डॉक्टर होता है, जो वीडियो कांफ्रेंसिंग कर दूसरे डॉक्टर से बात करता है।

    6. सवाल : कितना खर्च आएगा?
    जवाब : सभी संसाधनों का खर्च कंपनी वहन करेगी। विभाग कंपनी को 130 रुपए प्रति मरीज देगा।

    7. सवाल : क्या सर्जरी भी हो सकेगी या सिर्फ ओपीडी ही होगी?
    जवाब : केवल ओपीडी (सप्ताह में छह दिन)

     

  • राज्यसभा उपचुनाव : आज दाखिल करेंगे मनमोहन सिंह नामांकन, तीन दशक तक असम से चुनकर आए

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    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजस्थान से राज्यसभा के उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र भरेंगे। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने बताया, ”पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। वे मंगलवार को यहां नामांकन के चार सैट दाखिल करेंगे।”

    भाजपा के राज्यसभा सदस्य मदनलाल सैनी के निधन से यह सीट खाली हुई है। सैनी का जून में निधन हो गया था। राज्य विधानसभा में कांग्रेस के बहुमत को देखते हुए राज्यसभा उपचुनाव में सिंह (86) के जीतने की पूरी संभावना है।

    राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। इनमें से दो फिलहाल खाली हैं। कांग्रेस के पास 100 विधायक हैं जबकि उसके गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल का एक विधेयक है। भारतीय जनता पार्टी के पास 72, बहुजन समाज पार्टी के पास छह, भारतीय ट्राइबल पार्टी, माकपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पास दो दो विधायक है। 13 निर्दलीय विधायक हैं और दो सीट खाली हैं।

    सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास 12 निर्दलीय तथा बसपा के छह विधायकों का बाहर से समर्थन भी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह लगभग तीन दशक तक असम से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होते रहे। वे 1991 से 2019 तक लगातार पांच बार राज्यसभा सदस्य रहे और 2004 से 2014 तक लगातार दो बार प्रधानमंत्री पद पर रहे।

    सिंह का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल इस साल 14 जून को समाप्त हो गया। उन्होंने दुबारा नामांकित नहीं किया गया क्योंकि पार्टी के पास उन्हें असम से भेजने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है। राजस्थान में राज्यसभा के उपचुनाव के लिए नामांकन 14 अगस्त तक दाखिल किए जा सकते हैं। मतदान 26 अगस्त को होगा। उसी दिन गणना होगी। राजस्थान से राज्यसभा की दस सीटें हैं।

     

  • मैन वर्सेज वाइल्ड: जंगल में चाय पीकर प्रधानमंत्री ने गुजारा समय

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बेयर ग्रिल्स का स्पेशल शो सोमवार को 165 देशों में देखा गया। डिस्कवरी के शो ‘मैन वर्सेज वाइल्ड’ के इस एपिसोड की शूटिंग काफी चुनौतीपूर्ण थी। जंगल में शाकाहारी खाना जुटाना संभव नहीं था। इसलिए प्रधानमंत्री ने जंगल में पूरा समय नींबू वाली चाय पीकर गुजारा।

    कार्बेट में शूटिंग के दौरान मौजूद रहे पीएमओ के दो अधिकारियों ने इससे जुड़े रोचक वाकये बताए। उन्होंने कहा कि निर्माता को पहले ही बता दिया गया था कि प्रधानमंत्री शाकाहारी हैं इसलिए उन्हें कुछ अलग सोचना होगा। फिर तय हुआ कि प्रधानमंत्री अपने साथ गरम पानी व लेमन टी लेकर जाएंगे।

    अधिकारियों ने बताया कि जंगल में बारिश भी कठिनाई उत्पन्न कर रही थी लेकिन मोदी पूरी तरह सहज नजर आए। उन्होंने जंगल में बिताए अपने अनुभव भी साझा किए।

    मैन वर्सेज वाइल्ड
    * बेयर ग्रिल्स के शो का प्रसारण 165 देशों में देखा गया।
    * जंगल में शूट हुए शो में पूरी तरह सहज नजर आए प्रधानमंत्री।

     

  • मोदी-शाह की जोड़ी से भयभीत हुए इमरान, कहा- ये अब कश्मीर से पीओके में भी आ सकते हैं !

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    नई दिल्ली। आज गुलाम कश्मीर में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाने पहुंचे हैं। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इमरान खान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान इमरान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा।

     

    इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए इमरान ने कहा कि मैंने कश्मीर के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के सच को दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ कश्मीर पर रुकने वाले नहीं हैं, हमें रिपोर्ट्स मिली हैं कि ये पीओके में भी आ सकते हैं। हालांकि खुद के डर पर थोड़ी ही देर में नियंत्रित करते हुए इमरान ने कहा कि हमारी सेना तैयार है और अगर कुछ हुआ तो हम जवाब देंगे।

    पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गुलाम कश्मीर(पीओके) की अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री इमरान खान वहां सभी दलों और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेताओं से भी मिलने वाले हैं।इमरान खान के दौरे पर गुलाम कश्मीर में कश्मीरियों की भावनाओं को भड़काने की तैयारी है। इस दौरान पाकिस्तान ने गुलाम कश्मीर में अलगाववादियों के समर्थन में कई रैलियां आयोजित की हैं।

    बता दें, पाकिस्तान पहले ही ये कह चुका है कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जान के खिलाफ पाकिस्तान सरकार ने 15 अगस्त को काला दिवस मनाने का ऐलान किया है। यह दिन भारत के स्वतंत्रता दिवस का है।

    बता दें कि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने और राज्य के पुनर्गठन से बौखलाए इमरान खान ने भारत से राजनयिक संबंध तोड़ने, ट्रेनों के परिचालन रोकने जैसे कई ताबड़तोड़ फैसले लिए और कई देशों के सामने कश्मीर राग छेड़ने की भी कोशिश की लेकिन हर जगह उन्हें कोई भी भाव नहीं मिलने के बाद इमरान ने बेबसता में अपना भाषण दिया। जिसमें डर, गुस्सा, खीझ और अकेलेपन की झलक दिखाई दी।

    वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहा है।

    अनुच्छेद 370 हटाने के भारत के फैसले के खिलाफ दुनिया भर में कूटनीतिक पेशबंदी में लगे पाकिस्तान को खुद ही समझ नहीं आ रहा है कि वह चले तो चले किस दिशा में। एक तरफ विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कश्मीर पर अपनी हार स्वीकार करने लगे हैं तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की मदद के लिए कोई देश आगे नहीं आ रहा है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति पैदा होने की स्थिति में भारत को जिम्मेदार बताते हुए इमरान ने कहा कि पुलवामा के बाद बालाकोट किया था, अब ये पीओके की तरफ आ सकते हैं। इमरान ने आगे कहा कि अगर कोई मुसलमान अपनी आवाज उठाता है तो वह उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कहते हैं। भारत में मुसलमान डरे हुए हैं।