Category: national

  • मुंबई में भारी बारिश: बदले गए विमानों के रूट, कई लोग रेलवे स्टेशनों पर फंसे

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    रातभर हुई भारी बारिश के बाद मुंबई की हालत और खराब हो गई है। रविवार की सुबह भारी बारिश का असर यहां की ट्रेन और विमान सेवाओं पर भी दिखा। शनिवार को हुई भारी बारिश और हाईटाइड के चलते रेलवे पटरियों पर पानी भर गया। जिसके चलते मुंबई के सेंट्रल रेलवे के ठाणे और पनवेल सेक्शन के बीच ट्रेन सेवाएं बाधित हुई। जिसके चलतचे कई स्टेशनों पर हजारों की संख्या में यात्री फंस गए।

    सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता सुनील उदासी ने कहा- “लगातार और भारी बारिश के चलते कुछ जगहों पर काफी जल जमाव हो गया है, नतीजतन ऐहतियाती कदम के तौर पर सेवाएं रोकनी पड़ी है।” मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) के प्रवक्ता ने कहा कि करीब छह गए हैं जबकि दो विमान को कहीं और डायवर्ट किया गया है।

    ट्रेन सवारियों को राहत देने के लिए स्थानिय निकाय की तरफ से दक्षिण और मध्य मुंबई के स्कूलों में खाने की सुविधाओं का इंतजा किया गया है।

    उधर, मुंबई के सांता क्रूज इलाके के मिलन सब-वे पर भारी बारिश के चलते जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति शहर की बनी हुई है।

    सेंट्रल रेलवे ने कहा- “भारी बारिश के चलते मुंबई के उपनगरीय सेंट्रल रेलवे के अलग-अलग हिस्सों में काफी जल जमाव हो गया है। ऐसे में हम हर तीस मिनट पर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।”

    रोकी गई ट्रेनें

    सेंट्रल रेलवे ने बताया कि जल जमाव के चलते सियो और कुर्ला के बीच ट्रेन सेवाओं को सुबह 7 बजकर 20 मिनट से रोक दी गई है। जबकि, हार्बर लाइन सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर रोकी गई।

    उधर, कल्याण रेलवे स्टेशन पर भी काफी पानी जमा है। पालघर के नाला सोपोरा में तो ऐसी स्थिति बन गई है कि वहां पर लोगों के घरों तक में पानी घुस आया है।

    शनिवार को भी हुई भारी बारिश

    इससे पहले, शनिवार को शहर में लगातार बारिश के चलते ठाणे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने ठाणे में सभी सरकारी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया। उधर, पालघर के कलेक्टर कैलाश शिंदे ने आदेश जारी करते हुए शुक्रवार को सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का निर्देश दिया।

    भारतीय मौसम विभाग ने अगले चार-छह घंटे के दौरान मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, पालघर और उत्तरी कोंकण इलाके में बारिश जारी रहने की संभावना जताई थी। जबकि, मुंबई-गोवा हाईवे के पास रायगढ़ के नजदीक चट्टान खिसकने की घटना सामने आयी। जिसके बाद इस रास्ते में गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई। उधर, जोगेश्वर में भारी बारिश के चलते वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई।

     

  • 2020 में लॉन्च होगा 5G कनेक्टिविटी के साथ एपल मैकबुक

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    एपल अपने पहले 5जी सपोर्ट मैकबुक मॉडल को 2020 की दूसरी छमाही में लॉन्च करने की तैयारियां कर रहा है। खबरों के अनुसार, क्यूपर्टिनो स्थित कंपनी अपने आने वाले मैकबुक के 5जी बोर्ड में सिरेमिक मेटेरियल का प्रयोग करना चाहती है, जिसकी कीमत मेटल वाले अभी के मेटेरियल से चार गुना अधिक है।

    समाचार पोर्टल 9टू5 मैक ने कहा कि यह नाटकीय रूप से सेलुलर रिसेप्शन और ट्रांसमिशन गति में सुधार करेगा। नामी एपल एनालिस्ट मिंग-ची कूओ ने कहा कि कंपनी 5जी आई फोन्स साल 2०2० में निकालेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आई फोन बनाने वाली कंपनी अगले साल तीन आईफोन्स माकेर्ट में उतार सकती है। एपल के 6.7 इंच और 5.4 इंच वाले आईफोन में 5जी की सुविधा प्रदान की जाएगी। वहीं 6.1 मिड-साइज वाले आईफोन में 5जी की सुविधा नहीं होगी और यह सस्ता हो सकता है।

    एपल के एक्सपर्ट का यह भी मानना है कि कंपनी के पास साल 2022 और 2023 तक अपना खुद का 5जी मॉडम होगा, जिससे क्वालकॉम से इसकी निर्भरता कम होगी। उम्मीद की जा रही है कि डेल, एचपी और लीनेवो इसी साल कंपनी के पहले 5जी नोटबुक्स को लॉन्च करेंगे।

     

  • आज उठेगा पर्दा Samsung Galaxy Note 10 से, जानें कीमत और फीचर्स

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    कोरियाई कंपनी आज अपने गैलेक्सी नोट 10 और गैलेक्सी नोट 10 प्लस स्मार्टफोन को लॉन्च करेगी। यह लॉन्चिंग न्यूयॉर्क में होगी। इसके साथ ही गैलेक्सी बुक एस लैपटॉप को भी पेश किया जा सकता है। Samsung Galaxy Unpacked 2019 इवेंट भारतीय समयानुसार आज मध्यरात्रि 1:30 बजे यानी 8 अगस्त को शुरू होगा। सैमसंग गैलेक्सी अनपैक्ड 2019 इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग कंपनी की वेबसाइट पर होगी।

    सैमसंग गैलेक्सी नोट10 में 6.3 इंच का फुल-एचडी+ डायनामिक एमोलेड डिस्प्ले होने की उम्मीद है और इसका रेजोल्यूशन (1080×2280 पिक्सल हो सकता है। यह ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 9825 प्रोसेसर या स्नैपड्रैगन 855 चिपसेटसे लैस हो सकता है। उत्तरी अमेरिका में स्नैपड्रैगन वर्जन तो वहीं दुनिया के बाकी हिस्सों में एक्सीनॉस वर्जन को उतारा जा सकता है। वहीं इस फोन मंे 3500 एमएएच की बैटरी दी जा सकती है और 8जीबी रैम के शुरुआती वेरियंट के साथ दस्तक दे सकता है।

    कैमरे की बात करें तो फोन के पिछले हिस्से पर तीन रियर कैमरे हो सकते हैं, 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी डुअल-पिक्सल सेंसर, अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस के साथ 16 मेगापिक्सल का सेंसर और 12 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस हो सकता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 10 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है।

     

    कीमत –

    खबरों के अनुसाार, सैमसंग ने इसकी कीमत 1099 अमेरिकी डॉलर रखी है। यानी भारतीय  रुएये में इसकी कीमत करीब 77000 रुपए होगी।

     

  • PAK की कूटनीतिक चाल: भारत को कोई नुकसान नहीं पाकिस्तान के फैसले से

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    अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों को हटाने के बाद पाकिस्तान के फैसलों से भारत के बजाय उसे ही ज्यादा नुकसान होने वाला है। कूटनीतिक जानकारों और पूर्व राजनयिकों का मानना है कि पाकिस्तान केवल अपने लोगों को दिखाने का प्रयास कर रहा है कि वह भारत के कदम के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। लेकिन सही स्थिति यह है कि ज्यादातर मामलों में इस फैसले से पाकिस्तान ही प्रभावित होगा।

    पूर्व विदेश सचिव शशांक ने कहा कि पाक प्रधानमंत्री इमरान खान की अमेरिका यात्रा के बाद पाकिस्तान सरकार ने ऐसा माहौल बनाया था जैसे उन्होंने कोई बड़ी जीत हासिल कर ली है। उस वक्त उनको लग रहा था कि अफगानिस्तान उनके यहां बैठे तालिबान को मिलने वाला है और वे कश्मीर में भी अपना वर्चस्व बढ़ा लेंगे। उस दौरान उन्होंने अपने लोगों के *बीच जो अफवाह फैलाई थी उसका उलट हो गया।

    जवाबी कार्रवाई संभव: पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान ने अपना उच्चायुक्त वापस बुलाया है तो हमें भी बुलाना होगा। यही अमूमन जवाबी कार्रवाई होती है। सलाह के लिए उच्चायुक्त को वापस बुलाना यही पहला कदम होता है।

    भारत खुद समझौते की समीक्षा करने के पक्ष में: द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा करने के फैसले पर पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान जिस तरह से आतंकवाद फैलाता है उसे देखते हुए भारत भी समय-समय पर समझौतों की समीक्षा करने की बात करता रहा है। हमारे यहां सिंधु जल समझौते की समीक्षा की मांग होती रही है। क्योंकि पाकिस्तान ज्यादातर समझौतों का फायदा उठाता रहा है।

    व्यापार बहुत कम: शशांक ने कहा, द्विपक्षीय व्यापार दोनों देशों के बीच बहुत कम है। भारत ने अपनी तरफ से भी पुलवामा हमले के बाद कुछ प्रतिबंध लगाए थे। सर्वाधिक तरजीही देश का दर्जा भारत वापस ले चुका है। इसलिए इस कदम से भारत की बजाय पाकिस्तान को नुकसान होने वाला है।

     

     

  • Article 370: सियासी नफे-नुकसान के फेर में यूपी में 2022 के चुनाव में हर दल

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    जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने और राज्य का पुनर्गठन करने का विधेयक संसद ने पास कर दिया। केंद्र सरकार के फैसले ने यूपी के सियासी दलों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले वक्त में हर दल इसे अपने तरीके से भुनाने की कोशिश करे तो हैरत नहीं।

    2022 के लिए चुनावी मुद्दा बना सकती है भाजपा
    भाजपा इसे 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश में दोबारा सरकार बनने के लिए मुख्य मुद्दा बना सकती है। पार्टी के चिरप्रतिक्षित संकल्प के पूरा होने के बाद रणनीतिकार इसका उपचुनाव में भी लाभ उठाएंगे। वहीं सियासी जानकार कहते हैं कि पार्टी इसे मिशन-2022 तक खींचकर वोट हासिल करने की कवायद कर सकती है। जनसंघ व भाजपा हर चुनाव में इस समस्या पर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करती रही है। विपक्षी दल इस मामले पर भाजपा पर लगातार तंज करने से भी नहीं चूकते थे कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर रहता है। माना जा रहा है कि केंद्र के फैसले के बाद पार्टी उसे अपनी सियासत के अनुकुल बनाने में जुटेगी।

    समाजवादी पार्टी ऊहापोह की शिकार
    लोकसभा में सपा बिल पर वोटिंग के वक्त गैरहाजिर रही। राज्यसभा में उसने विरोध किया था। समाजवादी पार्टी में इस मुद्दे पर ऊहापोह की स्थिति में दिखती है। इसके पीछे असल में सपा की अल्पसंख्यक वोटों की फिक्र मुख्य कारण थी। इसी के चलते हुए उसने बिल का विरोध किया। पर, वह बहुसंख्यक वर्ग को भी नाराज नहीं करना चाहती जो केंद्र के कड़े रुख से खासा प्रसन्न दिख रहा है। इसीलिए उसने फैसले के खिलाफ पीडीपी व कांग्रेस की तरह बहुत खुलकर कुछ नहीं बोला। सपा मुखिया ने पाक अधिकृत कश्मीर का क्या होगा? जैसा सवाल उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश की है।

    मायावती ने एक तीर से साधा दो निशाना
    जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने जाने पर बसपा का समर्थन देने को सियासी जानकार एक तीर से दो निशाने साधने जैसा करार दे रहे हैं। पार्टी इस समय यूपी में नंबर दो की पार्टी है। समर्थन देने के पीछे पहली रणनीति तो सपा से आगे निकलने की है। पार्टी ने बहुसंख्यक जनभावना का ध्यान रखा। इसे पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं इस मुद्दे पर समर्थन के पीछे पार्टी की मंशा कहीं न कहीं भाजपा को इसका पूरा लाभ लेने से रोकना भी है। पार्टी नहीं चाहती कि जिस मुद्दे पर बाबा साहब भीभ राव आंबेडकर ने कांग्रेस का विरोध किया उस मुद्दे पर वह कांग्रेस के साथ खड़ी हो।

     

  • मोदी सरकार कर रही गर्भपात का समय बढ़ाने पर विचार

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    गर्भपात कराने की मौजूदा समय सीमा 20 सप्ताह को बढ़ाकर 24 से 26 सप्ताह करने पर केंद्र विचार कर रहा है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया।

    मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष हलफनामे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कानून में संशोधन के लिए मार्च में मंजूरी के लिए अंतिम ड्राफ्ट विधि मंत्रालय को भेज दिया था।

    हालांकि, विधि मंत्रालय ने नोट भेजकर कहा था कि चूंकि संसद का दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है, ऐसे में नई सरकार के शपथग्रहण के बाद सभी हितधारकों के साथ परामर्श करने के बाद मामले पर गौर किया जाएगा।

     

  • CBSE : एफिलिएशन नंबर अनिवार्य 10वीं-12वीं के रजिस्ट्रेशन के लिए

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    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के लिए रजिस्ट्रेशन की तिथि जारी कर दी है। रजिस्ट्रेशन स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन होगा। बिना विलंब शुल्क के 30 सितंबर तक आवेदन भरा जायेगा। वहीं विलंब शुल्क के साथ एक से 14 अक्टूबर तक भरा जायेगा। रजिस्ट्रेशन फॉर्म को क्षेत्रीय कार्यालय भी भेजा जायेगा। बिना विलंब शुल्क के 15 अक्टूबर तक जमा करना है और विलंब शुल्क के साथ 25 अक्टूबर तक जमा करना होगा। सीबीएसई की मानें तो रजिस्ट्रेशन में स्कूल का एफिलिशन नंबर देना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के लिए स्कूल को पहले लॉगइन करना होगा। स्कूल लॉगइन के बाद ही विद्यार्थी का लॉगइन होगा। बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव किया है। ज्ञात हो कि इस बार एक महीने पहले अगस्त में ही रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है।

    अतिरिक्त विषय के लिए देना होगा अलग शुल्क 
    रजिस्ट्रेशन के लिए इस बार अतिरिक्त विषय के लिए अलग से शुल्क देने होंगे। बोर्ड की मानें तो पांच विषयों के लिए 1500 रुपये देने होंगे। वहीं अतिरिक्त विषय के तौर जो छात्र छठा विषय लेंगे, उन्हें इसके अतिरिक्त तीन सौ रुपये शुल्क देने होंगे। इसके अलावा 12वीं के प्रायोगिक विषय के लिए प्रति विषय 150 रुपये शुल्क देने होंगे। बोर्ड की मानें तो एक से 14 अक्टूबर तक विलंब शुल्क देना होगा। बोर्ड ने विलंब शुल्क दो हजार रुपए रखा है।

    डॉ. संयम भारद्वाज (परीक्षा नियंत्रक, सीबीएसई) ने कहा- रजिस्ट्रेशन फॉर्म इस बार पहले भरवाया जा रहा है। इससे परीक्षा की तैयारी करने में सुविधा होगी। समय रहते सभी स्कूल रजिस्ट्रेशन कर लें, दोबारा तिथि नहीं बढ़ाई जायेगी।

     

  • दिल्ली विधानसभा चुनाव अब इस सीट से आतिशी को लड़ा सकती है ‘आप’

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    आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। पार्टी की नेता आतिशी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को गांधी नगर में पार्टी के कार्यालय का उद्घाटन किया।

    गांधी नगर के विधायक अनिल वाजपेयी द्वारा पार्टी का साथ छोड़ने के बाद यह सीट ‘आप’ के लिए खाली हो गई थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूर्वी दिल्ली से लोकसभा प्रत्याशी रहीं आतिशी को गांधी नगर से चुनाव लड़ाया जा सकता है।

    इस दौरान राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए भरोसा जताया कि जनता पिछले बार से भी ज्याद रिकॉर्डतोड़ बहुमत के साथ विश्वास जताएगी। ‘आप’ नेता आतिशी ने भी लोगों को संबोधित किया।

     

  • दोषी करार 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद

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    हाफिज सईद को पाकिस्तान की गुजरांवाला कोर्ट ने दोषी ठहराया। इस मामले को पाकिस्तान के गुजरात में ट्रांसफर कर दिया गया है। यह जानकारी पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से एएनआई ने दी है।

    गौरतलब है कि मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जेयूडी प्रमुख हाफिज सईद को हाल ही में लाहौर से गिरफ्तार कर लिया गया था। सईद को आतंकवाद रोधी विभाग(सीटीडी) ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया था कि सईद आतंकवाद रोधी अदालत में पेश होने के लिए लाहौर से गुजरांवाला आया था तभी उसे गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ कई मामले लंबित हैं।

    वहीं, कुछ दिन पहले सईद और उसके तीन सहयोगियों को पाकिस्तान में आतंक रोधी एक अदालत ने अपने मदरसे के लिए जमीन के अवैध इस्तेमाल से जुड़े मामले में तीन अगस्त तक अग्रिम जमानत दी थी। लाहौर में आतंक रोधी अदालत (एटीसी), ने सईद और उसके सहयोगियों- हाफिज मसूद, अमीर हमजा और मलिक जफर को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर तीन अगस्त तक अंतरिम जमानत दी थी।

     

  • 5 सालों में 23 हजार करोड़ से भी अधिक का नुकसान इंटरनेट सेवाएं बंद होने से, जानें कश्मीर के अलावा और किन किन राज्यों में की जा चुकी ह इंटरनेट सेवाएं बाधित

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    जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में अनुच्छेद 370 (Article 370) के बाद कर्फ्यू के साथ इंटरनेट (Internet) और टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी थीं। देश के दूसरे भी कई इलाके हैं जहां पिछले कुछ साल में कर्फ्यू के साथ कई बार इंटरनेट भी बंद करना पड़ा है। मालूम हो कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार रात को मंजूरी दी थी। इससे पहले संसद ने भी इस विधेयक पर अपनी मुहर लगाई थी। जानें, जम्मू कश्मीर के अलावा और कहां-कहां इंटरनेट बंद होता रहा है:

    उत्तर प्रदेश

    आगरा
    अप्रैल 2018 को दलित आंदोलन के दौरान दो दिन इंटरनेट सेवाएं बंद। जुलाई 2019 में मंटोला बवाल के बाद इंटरनेट सेवा बंद। कर्फ्यू नहीं रहा।
    कासगंज
    जनवरी 2018 को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा के बाद तीन दिन कर्फ्यू रहा। दो दिन इंटरनेट सेवाएं बंद।

    बिहार
    सीतामढ़ी
    अक्टूबर 2018 को नवरात्र पर विसर्जन जुलूस में बवाल। धारा 144 लगी। सात दिन इंटरनेट सेवा बन्द रही।
    भोजपुर
    अक्टूबर 2017 में भोजपुर के पीरो में हिंसा के बाद 24 घंटे इंटरनेट बंद। 2018 में नवादा में भी 48 घंटे इंटरनेट सेवा रोकी गई।
    पूर्वी चंपारण
    2016 में तुरकौलिया और सुगौली में प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल। तीन दिन इंटरनेट बंद रखा। कर्फ्यू नहीं लगा।

    झारखंड
    कोडरमा 
    सितंबर 2018 में जयनगर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों में तनाव के बाद कर्फ्यू लगा था। दो दिन इंटरनेट सेवा ठप रही।
    सरायकेला-खरसावां/जमशेदपुर
    20 मई  2017 को सरायकेला-खरसावां ज़िला और जमशेदपुर में मॉब को लेकर हंगामे के बाद पूरे शहर में दो दिन कर्फ्यू लगा। इंटरनेट जारी रहा।

    कश्मीर में सबसे लंबा 60 दिन लगा था कर्फ्यू 
    -60 दिनों से भी ज्यादा समय तक कर्फ्यू लगा रहा था कश्मीर में जुलाई-अगस्त, 2016 में

    इंटरनेट सेवाएं भी बंद 
    -133 दिनों तक इंटरनेट सेवा बंद रही थी घाटी में 8 जुलाई, 2016 से 19 नवंबर, 2016 तक
    -178 बार इंटरनेट सेवा बंद की जा चुकी है जम्मू-कश्मीर में पिछले आठ साल में
    -53 बार इंटरनेट सेवा इसी साल बंद की जा चुकी है अब तक
    -65 बार इंटरनेट सेवा बंद रही थी यहां पिछले साल

    बड़ा नुकसान 
    -भारत में करीब 23 हजार 800 करोड़ रुपये का नुकसान इंटरनेट सेवा बंद होने से 2012 से 2017 के बीच