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  • mann ki baat: PM मोदी ने बच्चों को दिया चंद्रयान 2 की लैडिंग का साक्षी बनने का मौका, जानें क्या करना होगा

    mann ki baat: PM मोदी ने बच्चों को दिया चंद्रयान 2 की लैडिंग का साक्षी बनने का मौका, जानें क्या करना होगा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे कार्यकाल में आज दूसरी बार मन की बात में कहा कि पिछली बार मैंने प्रेमचंद की कहानियों की एक पुस्तक के बारे में चर्चा की थी और हमने तय किया था कि जो भी बुक पढ़ें, उसके बारे में नरेंद्र मोदी एप के माध्यम से सबके साथ शेयर करें। बड़ी संख्या में लोगों ने अनेक प्रकार के पुस्तकों की जानकारी साझा की हैं। उन्होंने कहा कि क्यों ना हम नरेंद्र मोदी एप पर एक परमानेंट बुक कॉर्नर बना दें और जब भी नई किताब पढ़ें, उसके बारे में वहाँ लिखें, चर्चा करें। आप हमारे इस बुक कॉर्नर के लिए, कोई अच्छा सा नाम भी सुझा सकते हैं।

    जानें पीएम मोदी ने मन की बात में क्या कहा 

    • ‘गांव चले हम’ कार्यक्रम के बारे में पूरे देश को जानकारी होनी चाहिए। कश्मीर के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने को कितने बेताब हैं, कितने उत्साही हैं यह इस कार्यक्रम से पता चलता है:

    • हमारे लिए बहुत जरुरी है कि Waste to wealth बनाने का कल्चर हमारे समाज में डेवलप हो। एक तरह से कहें, तो हमें कचरे से कंचन बनाने की दिशा में, आगे बढ़ना है

    • चंद्रयान 2 मिशन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि जब बात नए-नए क्षेत्र में कुछ नया कर गुजरने की हो, Innovative Zeal की हो, तो हमारे वैज्ञानिक सर्वश्रेष्ठ हैं, विश्व-स्तरीय हैं।

    • ‘मन की बात’ के माध्यम से, मैं देश के विद्यार्थी दोस्तों के साथ, युवा साथियों के साथ एक बहुत ही दिलचस्प प्रतियोगिता के बारे में जानकारी साझा करना चाहता हूँ और देश के युवक-युवतियों को निमंत्रित करता हूं।

    मैं स्कूलों से, अभिभावकों से, उत्साही आचार्यों और शिक्षकों से, विशेष आग्रह करता हूँ कि वे अपने स्कूल को विजयी बनाने के लिए भरसक मेहनत करें। ईनाम के रूप में सर्वाधिक स्कोर करने वाले बच्चों को 7 सितंबर को श्रीहरिकोटा में चंद्रयान 2 की लैडिंग के क्षण का साक्षी बनने का मौका मिलेगा।

    • इसके लिए, आपको क्वीज प्रतियोगिता में हिस्सा लेना होगा, सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने होंगे, आपको विजयी होना होगा।

    • हमें याद रखना चाहिए कि जीवन में भी मुश्किलों को पार करने का सामर्थ्य हमारे भीतर ही है

    • मुझे पूरा विश्वास है कि आपको आसमान के भी पार अंतरिक्ष में भारत की सफलता के बारे में जरुर गर्व हुआ होगा।

    • त्योहारों के अवसर पर कई मेले लगते हैं। जल संरक्षण के लिए इन मेलों का भी उपयोग करें

    • मेघालय देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपनी जल-नीति तैयार की है, राज्य सरकार को बधाई।

    • मेरे कहने से पहले भी जल संरक्षण आपके दिल को छूने वाला विषय था, सामान्य मानवी की पसंदीदा विषय था। मैं अनुभव कर रहा हूँ कि पानी के विषय ने इन दिनों हिन्दुस्तान के दिलों को झकझोर दिया है

     

  • सामूहिक खुदकुशी: फंदे पर लटकती मिलीं तीन लाशे

    सामूहिक खुदकुशी: फंदे पर लटकती मिलीं तीन लाशे

    आईआईटी दिल्ली कैंपस स्थित आवासीय परिसर के एक फ्लैट में शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थिति में मां-बेटा और बहू का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची किशनगढ़ थाना पुलिस ने शवों को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

    प्राथमिक जांच में पुलिस इस घटना को आत्महत्या मान कर चल रही है। तीनों शवों का पोस्टमार्टम रविवार को मेडिकल बोर्ड करेगा। वहीं, मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी गई है। मृतकों में 35 वर्षीय गुलशन दास, 59 वर्षीय कांता देवी और 32 वर्षीय सुनीता दास शामिल हैं।

    पुलिस उपायुक्त देवेन्द्र आर्या ने बताया कि मृतक गुलशन दास अपनी मां कांता और पत्नी सुनीता के साथ आईआईटी कैंपस में रहते थे। गुलशन आईआईटी में बॉयो-केमेस्ट्री विभाग में सीनियर लैब असिस्टेंट का काम करते थे। सुनीता और उनकी शादी इसी वर्ष 20 फरवरी को हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए। जिसकी शिकायत सुनीता के परिजनों ने पुलिस को भी दी थी। शुक्रवार को सुनीता की मां कृष्णा देवी ने अपनी बेटी को कई बार फोन किया। लेकिन, सुनीता ने फोन नहीं उठाया। कृष्णा देवी ने पुलिस को फोन कर बताया बेटी का उसके पति से झगड़ा होने की सूचना दी। .

    तीन जगहों पर लटक रहीं थी तीन लाशें : झगड़े की सूचना के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची और घर में दाखिल हुई तो पुलिसकर्मियों के होश भी फख्ता हो गए। पुलिस के अनुसार, घर के पहले बेडरूम में बुजुर्ग कांता देवी का शव पंखे से लटका हुआ था। उनके बेटे गुलशन का शव कॉरिडोर में रॉड के सहारे लटक रहा था। पुलिस जांच के लिए आगे बढ़ी तो उन्हें दूसरे कमरे में सुनीता का शव लटकता मिला। सुनीता ने पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। इस खौफनाक मंजर को देखने के बाद पीसीआर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। एक ही परिवार के तीन शवों के लटकने की सूचना मिलते ही जिला पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

    तीनों के मोबाइल फोन जब्त : मौके पर पहुंची पुलिस ने घर में मौजूद हर साक्ष्य को जमा कर जांच के लिए भेज दिया गया हैं। पुलिस ने तीनों मृतकों के मोबाइल फोन को भी जब्त कर दिया हैं। इसके अलावा पुलिस गुलशन और सुनीता के सोशल मीडिया के अकाउंट की भी जांच कर रही है।

  • ‘लखनऊ होकर जाता है 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का रास्ता भी ‘

    ‘लखनऊ होकर जाता है 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का रास्ता भी ‘

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश निवेश के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। राज्य में 65 हजार करोड़ रुपये लागत की 255 से ज्यादा परियोजनाएं लगने जा रही हैं। इनके जरिए दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समारोह का रविवार सुबह उद्घाटन किया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाह का स्वागत किया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम मुख्य अतिथि के रूप में अमित शाह, राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, कार्यक्रम के आयोजक सतीश महाना समेत यूपी कैबिनेट के सभी मंत्री मौजूद हैं।

    अमित शाह ने कहा कि एक पुरानी युक्ति है कि देश का प्रधानमंत्री बनना है तो उसका रास्ता लखनऊ से होकर जाता है। मैं आज कहना चाहता हूं कि देश को 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का रास्ता भी लखनऊ होकर ही जाता है।

  • डॉक्टर ने पेटदर्द का किया अजीबो-गरीब इलाज, पर्चे पर दवाई की जगह लिखा कंडोम

    डॉक्टर ने पेटदर्द का किया अजीबो-गरीब इलाज, पर्चे पर दवाई की जगह लिखा कंडोम

    झारखंड की राजधानी रांची में एक बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जब एक महिला पेटदर्द की दवा लेने गई तो डॉक्टर ने उसे दवा के पर्चे पर कथित तौर पर कंडोम लेने की सलाह लिख दी। अब डॉक्टर को जांच का सामना करना पड़ रहा है।

    झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के घाटशिला सरकारी अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारी 23 जुलाई को पेटदर्द का इलाज कराने डॉ. असरफ बदर के पास गई थी। अस्पताल में संविदा पर काम करने वाले डॉक्टर असरफ ने कथित तौर पर महिला के पर्चे पर कंडोम लेने के लिए लिख दिया। महिला इस पर्चे के साथ मेडिकल शॉप पर गई, जहां दुकानदार ने महिला को बताया कि उसके पर्चे पर लिखी गई दवा कंडोम हैं।

    महिला ने इसकी शिकायत वरिष्ठ चिकित्सकों से की। बाद में इस मुद्दे को झारखंड मुक्ति मोचार् के विधायक कुणाल सारंगी ने विधानसभा में उठाया। महिला की शिकायत के आधार पर एक मनोचिकित्सक सहित एक मेडिकल टीम का गठन किया गया है, जिसने रविवार को इस मामले की जांच शुरू की।

    घाटशिला सब डिविजनल अस्पताल के प्रभारी शंकर टुडू ने संवाददाताओं से कहा, “महिला की शिकायत के आधार पर एक मेडिकल टीम गठित की गई है, जिसने जांच शुरू कर दी है।” चिकित्सक ने पूछताछ में आरोप का खंडन किया है

  • कांवड़ियों के पैरों की मसाज के लिए लगाई गई बॉडी मसाज की मशीनें

    कांवड़ियों के पैरों की मसाज के लिए लगाई गई बॉडी मसाज की मशीनें

    नई दिल्ली । नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मौजपुर रोड कांवड़ मंदिर कैंप में कांवड़ियों के पैरों की मसाज के लिए मशीनें लगाई गई हैं। कांवड़ सेवा शिविर में कांवड़ियों के पैरों की मसाज के लिए दो मशीनें लगाई गई हैं। जिससे कांवड़िया अपने पैरों की मसाज कर थकान मिटा सकते हैं। इस तरह मशीन का इंतजाम पहली बार किया गया है।

    हरिद्वार की तरफ से शिवभक्त कांवड़ियों की आमद दिल्ली की ओर बढ़ने लगी है। केंद्रीय राजधानी में जगह-जगह कांवड़ शिविरों में कावड़ियों का जत्था नजर आने लगा है। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मौजपुर रोड कांवड़ मंदिर कैंप में कांवड़ियों के पैरों की मसाज के लिए मशीनें लगाई गई हैं।

    कैंप में शिवभक्तों के लिए व्रत का भोजन तैयार करवाया गया है, अगर कोई कांवड़िया व्रती है तो वह व्रत के भोजन का सेवन कर सके। कांवड़ मंदिर में समिति से जुड़े कृष्णा कुमार गर्ग ने बताया कि कांवड़ सेवा शिविर में कांवड़ियों के पैरों की मसाज के लिए दो मशीनें लगाई गई हैं। जिससे कांवड़िया अपने पैरों की मसाज कर थकान मिटा सकते हैं। इस तरह मशीन का इंतजाम पहली बार किया गया है।

    कैंप में डॉक्टर्स की टीम भी तैनात की गई है। डॉक्टर्स पैरों की मालिश के लिए आयुर्वेदिक तेल दे रहे हैं ताकि थकान दूर कर सकें। जीटी रोड के मुरलीधर कांवड़ सेवा समिति कैंप के आसपास कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह ट्रैफिक पुलिस और सिविल डिफेंस की तैनाती की गई है। इससे पहले यूपी के शामली जिले के एसपी अजय कुमार का एक विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसमें वह एक कांवड़िए के पैर की मालिश कर रहे थे।

  • कर्नाटक: स्पीकर ने 14 बागी MLAs को किया अयोग्य घोषित येदियुरप्पा के बहुमत परीक्षण से पहले

    कर्नाटक: स्पीकर ने 14 बागी MLAs को किया अयोग्य घोषित येदियुरप्पा के बहुमत परीक्षण से पहले

    कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने तक 14 असंतुष्ट विधायकों को तत्काल प्रभाव से अयोग्य करार दिया। इसमें कांग्रेस के 11 और जेडीएस के तीन विधायक शामिल हैं। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद बीजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सोमवार को बहुमत साबित करने का मौका दिया है।

    कर्नाटक के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि बीएस येदियुरप्पा ने मुझे कल (सोमवार को) विश्वास मत की निगरानी करने के लिए कहा है। वित्त विधेयक 31 जुलाई को समाप्त होगा। मैं सभी विधायकों से विश्वास प्रस्ताव के लिए सत्र के लिए उपस्थित होने की अपील करता हूं।

    उन्होंने कहा कि ने कहा कि हम कहां तक ​​पहुंचे हैं? जिस तरह से स्थिति (कर्नाटक में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम) से एक वक्ता होने के नाते मुझ पर दबाव डाला जा रहा है।  इन सभी चीजों ने मुझे अवसाद के समुद्र में धकेल दिया है।

    गुरुवार को स्पीकर ने तीन बागी विधायकों को ठहराया अयोग्य

    इससे पहले, कर्नाटक विधानसभा स्पीकर केआर रमेश ने एचडी कुमारस्वामी सरकार गिरने के दो दिन बाद कार्रवाई करते हुए गुरुवार को तीन विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है। अयोग्य घोषित किए जाने वाले विधायको में रमेश ए जरकीहोली, महेश कुमथल्ली और आर शंकर शामिल हैं।

    गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में एचडी कुमारस्वामी बहुमत साबित नहीं कर पाई थी। सदन में बहुमत के पक्ष में सर्फ 99 वोट ही पड़े थे जबकि विपक्ष में 105 पड़े थे।

  • अपनी खूबसूरती पर लगाएं चार चांद इस खास नुस्खे से

    अपनी खूबसूरती पर लगाएं चार चांद इस खास नुस्खे से

    आपने कई बार लोगों को बीयर पीने से होने वाले फायदों पर बहस करते देखा होगा। कोई कहता है कि बीयर हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होती है किसी का मानना है कि ये सेहत पर बुरा असर करती है। ये बहस सालों से चलती आ रही है और आगे भी चलती रहेगी, लेकिन एक बात जो तय है वो यह कि बीयर को लगाने के बहुत फायदे होते हैं। आइए जानते हैं कैसे आप बीयर का इस्तेमाल कर अपनी खूबसूरती पर चार चांद लगा सकते हैं…
    ग्लोइंग स्किन के लिए एक अंडे की सफेदी में आधा छोटा चम्मच बीयर मिलाकर फेस पर लगाएं। सूखने के बाद फेसवॉश कर लें। आपकी स्किन सॉफ्ट हो जाएगी और कुछ ही दिन में आपकी स्किन पर ग्लो नजर आने लगेगा।
    अगर आप अपने चेहरे पर दाग धब्बों से परेशान हैं तो इसके लिए एक चम्मच टमाटर के रस में बीयर मिलाएं और इससे अपने चेहरे पर मसाज करें। 5 मिनट बाद अपने चेहरे को धो लें। ऐसा करने से आपके चेहरे से दाग तो दूर होंगे ही साथ ही आपकी स्किन की रंगत भी सुधरने लगेगी।
    अगर आपको सनबर्न या टैनिंग है तो इसके लिए आप दो चम्मच पपीते के पेस्ट में बीयर मिलाएं और इससे मसाज करें। आपकी टैनिंग दूर होने के साथ स्किन का ग्लो भी बढ़ेगा।
    बीयर स्किन के लिए बेहतरीन क्लीन्जर का भी काम करती है। आप चाहे तो एक हफ्ते तक बीयर से फेसवॉश करके देखें। रात को सोते समय बीयर से फेसवॉश करें और चेहरे को वॉश करने के बाद सूखे तौलिए से चेहरे को पोछें। कुछ ही दिनों में आपकी स्किन पर इसका असर दिखने लगेगा।
    इस तरह बालों पर करें इस्तेमाल
    बालों को शैंपू करके धो लें। धोने के बाद कंडीशनर न करें। इसके बाद अपने सिर पर बीयर डालें और हल्के हाथों से स्कैल्प पर मसाज करें। ध्यान रखें बालों को बहुत ज्यादा न मलें, क्योंकि ऐसा करने से हेयरफॉल की समस्या हो सकती है। अब बालों को अच्छी तरह से धो लें।

  • कैसे होगी एक परीक्षा जबकि नीट-पीजी और एमबीबीएस का पैटर्न अलग-अलग

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    केंद्र सरकार की ओर से लाए जा रहे नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक में एमबीबीएस के चौथे वर्ष में प्रस्तावित कॉमन टेस्ट नेक्स्ट की व्यवहार्यता पर ही विशेषज्ञ सवालिया निशान लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एमबीबीएस की परीक्षा और नीट-पीजी के पैटर्न बिल्कुल अलग-अलग हैं। दोनों को किसी एक परीक्षा में समाहित किया ही नहीं जा सकता।

    केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय पर एक एक्जिट टेस्ट लाने का दबाव था। मंत्रालय छात्रों को दो परीक्षा कराके नाराज भी नहीं करना चाहता था, इसलिए उसने एमबीबीएस के चौथे वर्ष की परीक्षा को ही एक्जिट टेस्ट और नीट-पीजी की जगह करने का प्रस्ताव तैयार कर दिया। इसे ही नेक्स्ट का नाम दिया गया है। लेकिन इस पर गौर ही नहीं किया कि एमबीबीएस की चौथे साल की परीक्षा और नीट-पीजी दोनों बिल्कुल अलग हैं। एमबीबीएस की चौथे साल की परीक्षा में आधे अंक प्रैक्टिकल के होते हैं।

    इस प्रैक्टिकल में छात्रों को मरीज दिया जाता है और पर्यवेक्षक के सामने उसे मरीज का इलाज करना होता है। आधे अंकों के लिए विवरणात्मक लिखित परीक्षा देनी होती है। वहीं, नीट-पीजी में पूछे जाते हैं बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं। दोनों परीक्षाओं के पैटर्न अलग हैं। ऐसे में इन दोनों परीक्षाओं को कैसे मिलाया जा सकता है।

    विशेषज्ञ बोले, एमबीबीएस व नीट-पीजी का पैटर्न अलग, मिलाकर एक परीक्षा कैसे होगी
    1. क्या नेक्स्ट बहुविकल्पीय होगा? ऐसा हुआ तो एमबीबीएस अकेला ऐसा कोर्स होना जहां फाइनल परीक्षा बहुविकल्पीय होगी?
    2. मेडिकल कॉलेजों में प्रैक्टिकल में पक्षपात आम माना जाता है। आरक्षित वर्ग के छात्र इसके शिकार होते हैं। कैसे रोका जाएगा?
    3. जिन्हें पीजी में दाखिला नहीं मिला क्या वे दोबारा नेक्स्ट दे सकेंगे? हां, तो उनके लिए प्रैक्टिकल कौन लेगा? क्योंकि अब वे किसी कॉलेज के छात्र नहीं हैं?

    सवाल यह भी- कहां से आएंगे मरीज
    एक साथ 70 हजार या इससे अधिक छात्रों को प्रैक्टिकल के लिए बीमार मरीज कहां से देंगे? यदि छात्रों को अलग बीमारी वाले मरीज मिले तो गंभीर बीमारी वाले मरीज पर प्रैक्टिकल करने वाले छात्र के अंक कट सकते हैं। ऐसा अब भी होता है, पर इससे पीजी की संभावना पर असर नहीं पड़ता।

    आईजीआईएमएस पटना के प्रोफेसर एमिरिटस और एम्स नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. रमेश सी. डेका ने कहा, “नेक्स्ट गैर-जरूरी और अव्यवहारिक है। एमबीबीएस परीक्षा में देखा जाता है कि क्या छात्र मरीजों का इलाज कर सकता है। इस व्यवस्था ने हमें बेहतरीन डॉक्टर दिए हैं। गड़बड़ी एमसीआई में थी तो उसमें सुधार करते।”

  • आज राज्यसभा में पेश हो सकता है तीन तलाक बिल

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    नई दिल्ली: मंगलवार को राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश हो सकता है. इस बिल को पास कराने के लिए बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है. बता दें कि तीन तलाक बिल को राज्यसभा में संशोधित कार्यसूची में डाला गया है. राज्यसभा में एनडीए को बहुमत नहीं है. जनता दल यूनाईटेड बिल के के खिलाफ है. सरकार को बीजेडी के समर्थन की उम्मीद है. तीन तलाक बिल 25 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित हो चुका है. कांग्रेस ने तीन तलाक को निषेध करने वाले विधेयक को स्थायी समिति को भेजने की मांग करते हुए कहा है कि तीन तलाक को फौजदारी का मामला बनाना उचित नहीं है. अब मोदी सरकार के सामने तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पारित कराने की चुनौती है. लोकसभा में पारित तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पारित कराना आसान नहीं है. राज्यसभा में एनडीए को बहुमत हासिल नहीं है और इसके अलावा उसका सहयोगी दल जेडीयू भी इस बिल पर उसके साथ नहीं है. आइये पढ़ते हैं इसके प्रावधान और बिल से जुड़ी बातें
    Triple Talaq Bill से जुड़ी बातें

    • लोकसभा में भी इस बिल पर मतदान के दौरान जेडीयू के सांसदों ने वॉक आउट किया था.
    • लोकसभा में 25 जुलाई को विपक्ष के भारी विरोध के बीच तीन तलाक बिल पास हो गया था.
    • बिल पर वोटिंग से पहले लोकसभा से जेडीयू, टीआरएस, YSR कांग्रेस और TMC ने वॉकआउट कर दिया था.
    • जेडीयू, टीएमसी वोट से अलग रहीं, वहीं, बीजेडी ने बिल के पक्ष में वोट किया था. टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस बिल के खिलाफ हैं.
    • तुरंत तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत को रद्द और गैर कानूनी बनाना.
    • तुरंत तीन तलाक को संज्ञेय अपराध मानने का प्रावधान, यानी पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है.
    • तीन साल तक की सजा का प्रावधान है.
    • मजिस्ट्रेट आरोपी को जमानत दे सकता है. जमानत तभी दी जाएगी, जब पीड़ित महिला का पक्ष सुना जाएगा.
    • पीड़ित महिला के अनुरोध पर मजिस्ट्रेट समझौते की अनुमति दे सकता है.
    • पीड़ित महिला पति से गुज़ारा भत्ते का दावा कर सकती है.

  • नहीं बनेगा आधार अगर बाहर से लेकर आए डाकघर में फार्म, पढ़िए कारण

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    नया आधार कार्ड बनवाने के लिए यदि कोई व्यक्ति जीपीओ की बजाय बाहर से फार्म लेकर आता है तो कार्ड नहीं बनेगा। डाक विभाग ने यह नियम सभी डाकघरों में लागू कर दिया है। जीपीओ और अन्य डाकघरों में यह फार्म निशुल्क दिया जा रहा है। यदि आप अपना नया आधार बनवा रहे है तो डाकघरों से निशुल्क फार्म लेकर ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, दसवीं का प्रमाण पत्र, टेलिफोन अथवा  बिजली बिल में से कोई एक दस्तावेज देकर नया आधार बनवा सकते हैं।  सहायक पोस्टमास्टर जनरल अनूसुया प्रसाद चमोला ने कहा कि लोग दलालों के झांसे में आकर आर्थिक नुकसान न झेलें इसलिए डाकघर से ही फार्म लेने का नियम बनाया है।
    बाहर से फार्म लेकर आ रहे लोगों को वापस भेजा जा रहा है। कहा कि नियमों का पालन न करने वालों को किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। फार्म निशुल्क मिलेगा।

     

    जीपीओ में अब रोज 300 आधार बनेंगे
    आधार की बढ़ती डिमांड और उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए घंटाघर स्थित जीपीओ में अब सुबह सात से शाम सात बजे तक आधार के 300 टोकन जारी किए जाएंगे। मई में यह संख्या करीब 100 थी। जून में इसे 200 किया गया था।

    आधार अपडेशन का शुल्क 50 रुपये
    अधिकारियों का कहना है कि जीपीओ सहित तमाम आधार बनाने वाले डाकघरों में मात्र आधार अपडेशन का ही शुल्क वसूला जाता है। आधार पर किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने के लिए 50 रुपये शुल्क लिया जाता है।