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  • 49 PERSONALITIES WRITES TO PM : चर्चित हस्तियों ने PM MODI को लिखी चिट्ठी, मॉब लिंचिंग और जय श्रीराम नारे के पर जताई चिंता

    49 PERSONALITIES WRITES TO PM : चर्चित हस्तियों ने PM MODI को लिखी चिट्ठी, मॉब लिंचिंग और जय श्रीराम नारे के पर जताई चिंता

    नई दिल्ली।  देश भर में लगातार हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं और जय श्रीराम नारे के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए अलग-अलग क्षेत्रों की 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में अनुराग कश्यप, श्याम बेनेगल, रामचंद्र गुहा, शुभा मुद्गल, अपर्णा सेन और कोंकणा सेन शर्मा जैसे अलग-अलग क्षेत्र के दिग्गजों के हस्ताक्षर हैं।

    इस चिट्ठी में प्रधानमंत्री को देश में बढ़ती असहिष्णुता पर उनका ध्यानाकर्षण करने के लिए लिखा गया है. इस पत्र में लिखा गया है, ‘इन दिनों देश में धर्म और जात-पात और मॉब लिंचिंग से जुड़े मामले देश में बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि आपने मॉब लिंचिंग और इस तरह के मामलों को संसद में उठाया है लेकिन संसद में उठाना ही काफ़ी नहीं है आपको इन मामलों पर कड़े क़ानून बनाने चाहिए ताकि इन बढ़ते मामलों की संख्या बढ़ने की बजाए कम हो लेकिन ऐसा नही हुआ।

    49 PERSONALITIES WRITES TO PM : चर्चित हस्तियों ने PM MODI को लिखी चिट्ठी, मॉब लिंचिंग और जय श्रीराम नारे के पर जताई चिंता
    PM-Modi -file photo

    चिट्ठी में लिखा गया, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री… मुस्लिम, दलित और दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की लिंचिंग तत्काल प्रभाव से बंद होनी चाहिए। नैशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े देख हम हैरान हैं। एनसीआरबी के डेटा के अनुसार, दलितों के साथ 2016 में 840 हिंसक घटनाएं हुईं। इन अपराध में शामिल लोगों को दोषी करार देने के आंकड़े में भी कमी आई है।’ नैशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर अपर्णा सेन और मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

    इस पत्र में यह भी कहा गया है कि इन दिनों जय श्री राम के नाम पर खुले आम जंग छिड़ रही है।  लोगों को अपने ही देश में एंटी नेशनल, अर्बन नक्सल कहा जा रहा है। लोकतंत्र में इस तरह की बढ़ती घटनाओं को रोकना चाहिए और सरकार के खिलाफ उठने वाले मुद्दों को एंटी नेशनल सेंटीमेंट्स के साथ ना जोड़ा जाए।  इस चिट्ठी में क़रीब 49 लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं का वह संज्ञान लें और कड़े क़ानून बनाएं ताकि देश में बढ़ती इन घटनाओं को रोका जा ।

    अनुराग की बेटी को पड़ी थीं गालियां- फ़िल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने हाल ही में एक इवेंट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बातचीत करते हुए कहा था कि मेरा परिवार लंबे समय से बीजेपी का समर्थक रहा है।  अनुराग कश्यप ने कहा था, ”मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं उनकी विचार धारा और उनकी हर बात से इत्तफ़ाक़ नही रखता। मुझे जहां महसूस होता है वहां मैं ज़रूर आवाज़ उठाता हूं. सोशल मीडिया पर भी लिखता हूं और कई बार मुझे इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ता है।  लोग मुझे ट्विटर पर ट्रोल करते है और जान से मारने की धमकी तक देते है ,हालांकि मैं इन धमकियों को गंभीरता से नही लेता लेकिन अगर ट्रोलिंग का हमला मेरे परिवार पर होता है तो मुझे ज़रूर डर लगता है। ”

    आपको बता दें कि कुछ दिन पहले अनुराग कश्यप की बेटी को ट्रोलर्स ने अभद्र भाषा में धमकी भरे ट्वीट करते हुए अपने पिता अनुराग कश्यप को बीजेपी के ख़िलाफ़ कुछ ना लिखने और चुप रहने की सलाह दी थी।

  • सबसे सस्ता प्लान लॉन्च किया Netflix ने, देने होंगे बस इतने रुपये

    सबसे सस्ता प्लान लॉन्च किया Netflix ने, देने होंगे बस इतने रुपये

    नेटफ्लिक्स ने भारतीय ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। कंपनी ने अपने सब्सक्रिप्शन प्लान में भारी बदलाव किया है। नेटफ्लिक्स ने बुधवार को भारत में अपना नया सब्सक्रिप्शन ऑफर प्लान लॉन्च किया। यह सब्सक्रिप्शन प्लान केवल मोबाइल यूजर के लिए कंपनी ने पेश किया है। इस नए सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत 199 रुपये रखी गई है। यह सब्सक्रिप्शन नेटफ्लिक्स का अब तक का सबसे सस्ता प्लान है। इसी के साथ भारत ऐसा पहला देश बन गया है जहां पर नेटफ्लिक्स का सबसे सस्ता सब्सक्रिप्शन प्लान ग्राहकों के लिए मौजूद है।

    दिल्ली के नेटफ्लिक्स हाऊस में प्लान के लॉन्चिंग के मौके पर कंपनी ने कहा कि भारत में मोबाइल पर नेटफ्लिक्स का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। कंपनी ने कहा कि हमें यह भी पता चला है कि भारत के यूजर सबसे ज्यादा नेटफ्लिक्स का डाटा सेव करते हैं। पूरे विश्व में सबसे ज्यादा नेटफ्लिक्स का डाटा सेव भारत के यूजर द्वारा ही किया जाता है।

    कंपनी के इस प्लान का फायदा उठाने के लिए लोगों को नेटफ्लिक्स का एप डाउनलोड करना होगा या कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां जाकर यूजर 199 रुपये वाले मोबाइल प्लान का सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं। यूजर को अपना एकाउंट उसमें जोड़ना होगा। उसके बाद 1 महीने के लिए यूजर को मुफ्त सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा। इससे पहले कंपनी का सबसे सस्ता सब्सक्रिप्शन प्लान 250 रुपये का था। यूजर इस प्लान का फायदा टैबलेट पर भी उठा सकते हैं। यह एसडी कंटेंट को भी सपोर्ट करेंगा। यूजर चाहें तो 1 महीने बाद इसकी सदस्यता को खत्म कर सकते हैं। विश्व भर में नेटफ्लिक्स  पर 151 मिलियन लोग हैं।

  • अभिनेता को होटल में चुकाने पड़े Rs 442 सिर्फ दो केले के, video viral होते ही, होटल पर करवाई

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    बीते दिनों अभिनेता राहुल बोस ने फाइव स्टार होटल के ‘महा मंहगे’ केले को लेकर एक पोस्ट शेयर किया था. ये मामला तब से लगातार बढ़ता ही जा रहा है. राहुल बोस का ये पोस्ट जबरदस्त वायरल हुआ, वहीं इसके जरिये 5 स्टार होटल की सोशल मीडिया पर खूब फजीहत हुई. राहुल के इस वीडियो को लोग अभी तक शेयर कर रहे हैं और इस पर कमेंट का सिलसिला चल रहा है. अब खबरें आ रही हैं कि वीडियो वायरल होने के कारण फाइव स्टार होटल की मुसीबतें बढ़ सकती हैं. ये मामला अब पुलिस के पास जा चुका है. इसका संज्ञान लेते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

    वीडियो में ध्यान से देखें तो दो केलों पर फूड के आगे 375, सेंटर जीएसटी (CGST) के आगे 33.75 रुपये और यूनियन टेरेटरी जीएसटी (UTGST) के आगे 33.75 रुपये लिखा है. कुल मिलाकर दो केलों की कीमत 442.50 रुपये बताई गई.

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चंड़ीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर, एक्साइज-टैक्सेशन कमिश्नर मंदीप सिंह बरार ने इस फाइव होटल के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. मंदीप सिंह बरार ने कहा है, ‘हमने वीडियो पर संज्ञान लिया है. राहुल बोस ने ट्विटर पर जो बिल पोस्ट किया, उसके आधार पर मैंने जांच के आदेश दे दिए हैं’.

    उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने असिस्टेंट एक्साइज और टैक्सेशन कमिश्नर राजीव चौधरी को इस मामले की पूरी जांच करने के निर्देश दिए हैं. इसकी जांच की जाएगी कि होटल ने ताजे फल पर GST कैसे लगाया? ऐसे में अगर होटल दोषी पाया जाता है, तो इस मामले में होटल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी’.

  • High Court के जज ने की ब्राह्मणों को लेकर एक विवादित टिप्पणी, मचा दी हलचल !

    High Court के जज ने की ब्राह्मणों को लेकर एक विवादित टिप्पणी, मचा दी हलचल !

    कोच्चि । जस्टिस चितंबरेश ने ब्राह्मणों के लिए आर्थिक आधार आरक्षण की वकालत कर उन्होंने एक नई बहस भी छेड़ने की कोशिश की।
    इसी भाषण में कहा कि ब्राह्मणों को जाति या धर्म पर आधारित आरक्षण व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे आर्थिक आधार पर देने की मांग की जानी चाहिए।
    केरल हाई कोर्ट के जज वी चितंबरेश की एक विवादित टिप्पणी ने हलचल मचा दी है। जज आमतौर पर सार्वजनिक बयानबाजी से दूर रहते हैं।

    लेकिन उच्च न्यायालय के जज वी. चितंबरेश ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्राह्मणों का दो बार जन्म होता है। उन्होंने कहा कि पूर्व जन्मों के कर्मों के आधार पर ब्राह्मणों का जन्म दो बार होता है और ब्राह्मणों में तमाम सद्गुण मौजूद होते हैं। उनका यह बयान उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

    केरल ब्राह्मण सभा की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस चितंबरेश ने कहा कि यही समय है कि आप सभी ब्राह्मण आरक्षण के आधार पर सवाल उठाएं।

    एक संवैधानिक पद पर रहते हुए मेरे लिए यह सही नहीं होगा कि मैं इस मुद्दे पर अपनी राय रखूं, लेकिन मैं आपको बस ये याद दिला रहा हूं कि ऐसे मंच मौजूद हैं, जहां पर आप अपनी आवाज उठा सकते हैं।

    उन्होंने भाषण में आगे कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए हाल ही में 10 पर्सेंट आरक्षण का इंतजाम किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर एक ब्राह्मण कुक का बेटा नॉन क्रीमी लेयर में आता है तो भी उसे आरक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा।

    लेकिन एक लकड़ी के व्यापारी का बेटा जो कि पिछड़े वर्ग का है, उसे आरक्षण के फायदे जरूर मिलेंगे। ऐसे में यही समय है कि आप सब आगे आएं और इस बारे में अपनी आवाज जरूर उठाएं।

  • सोनभद्र कांड का राज छिपा है 70 पन्नों की रिपोर्ट में

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    पूरे देश को हिला देने वाले सोनभद्र के उभ्भा नरसंहार ने वनभूमि को कब्जाने के लिए वर्षों से चल रहे सुनियोजित षड्यंत्र की कलई खोलकर रख दी है। 40 हजार करोड़ की एक लाख हेक्टेयर वनभूमि को गैर वनभूमि घोषित कर कब्जाने का खेल कई दशकों से जारी है। यदि वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक ए.के. जैन द्वारा तैयार 70 पन्नों की रिपोर्ट पर तत्कालीन सरकार संज्ञान लेती तो इतना बड़ा नरसंहार नहीं होता।

    सूत्रों के मुताबिक, तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक ने पत्रांक संख्या 401/ 11 -बी -6 दिनांक 29 मार्च 2014 को 70 पेज की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। वर्ष 2014 में वह सोनभद्र में मुख्य वन संरक्षक थे। उन्होंने वहां वन विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जों की रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें जिले की करीब एक लाख हेक्टेयर जमीन पर भू-माफिया का कब्जा बताया था।

    जैन ने रिपोर्ट में सीबीआई जांच की भी मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया था कि वन भूमि को गैर वन भूमि में बदलना वन संरक्षण अधिनियम की अवहेलना है। यह अत्यंत गंभीर प्रकरण है। इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने की अपेक्षा की गई। साथ ही कार्यवाही की सूचना कार्यालय को प्रेषित किए जाने की बात भी कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि यह जमीन आदिवासियों की है। वह इस पर पुश्तैनी खेती-बाड़ी करते हैं। जमीन का मालिकाना हक सरकार के पास है। कुछ नौकरशाहों ने इन जमीनों को निजी हाथों में सौंप दिया।

    केंद्र ने माना था गंभीर
    एके जैन ने अपनी रिपोर्ट केंद्र के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भी दी थी। इसके जवाब में अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (केंद्रीय) डीपी सिन्हा ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को अवगत कराया था कि ओबरा एवं रेणुकूट वन प्रभाग में वन अधिनियम- 1927 की धारा 4 के अंतर्गत विज्ञापित भूमि को वन क्षेत्र से पृथक किए जाना गंभीर प्रकरण है। हालांकि जैन की रिपोर्ट पर 2014 और बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    जैन की मौत भी सवालों में
    आगरा निवासी सख्त अधिकारी एके जैन के भाई समाजसेवी विवेक जैन सोनभद्र कांड के पीछे घोटाले की परतें खुलने और रिपोर्ट को देखते हुए आरोप लगाते हैं कि 11 जुलाई 2018 को सड़क दुर्घटना में एके जैन की मौत नहीं हुई बल्कि वह सुनियोजित तरीके से की गई हत्या थी। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने उनकी कार को कुछ घंटों में ही मौके से हटा दिया। विवेक ने बताया कि भाई अपने साथ नोटपैड और बैग रखते थे, जिसमें सभी गोपनीय दस्तावेज रहते थे। हादसे के बाद दोनों चीजें नहीं मिलीं, जबकि पुलिस और प्रशासन का कहना है कि उन्हें कार से कुछ नहीं मिला। कार को चला रहे चालक और साथ बैठे अन्य कर्मचारी को खरोंच तक नहीं आई थी, जबकि पीछे की सीट पर बैठे एके जैन की मौत हो गई।

    रिपोर्ट बाहर आते ही जैन को भेजा था आगरा
    सोनभद्र में वन विभाग की जमीन के खेल को उजागर करने के बाद एके जैन का तबादला आगरा कर दिया गया था। आगरा आने के बाद भी उन्होंने ताजमहल के पीछे चार हजार व बाबरपुर रेंज में हजारों पेड़ काटने की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद एनजीटी में सुनवाई हुई। सुनवाई चल रही थी, तो सरकार की ओर से दलील दी गई कि तीज के पीछे पेड़ों की नहीं, बल्कि झाड़ियों की कटाई की गई थी। मामले में हस्तक्षेप करते हुए ए.के. जैन ने शपथ-पत्र दिया था कि झाड़ियां नहीं पेड़ काटे गए थे। मामला जब बढ़ा तो इसरो की टीम ने पेड़ों की कटाई की जांच की। इसमें भी 3500 पेड़ों के काटे जाने की पुष्टि हुई थी लेकिन इस मामले को भी दबा दिया गया।

  • Vijay Diwas: प्रधानमंत्री मोदी का वीर सपूतों को नमन

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    20वां कारगिल विजय दिवस पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर जम्मू कश्मीर के द्रास में बने कारगिल वार मेमोरियल को दुल्हन की तरह सजाया गया है।इस मौके पर देश के विभिन्न इलाकों में कारगिल दिवस की खुशी में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में भी इस मौके पर शहीदों को नमन करने के लिए कार्यक्रम आयोजिन किए जाएंगे। दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडूर स्टेडियम में आयोजिन कार्यक्रमों में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने विजय दिवस के मौके पर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने लिखा, ‘कारगिल विजय दिवस पर मां भारती के सभी वीर सपूतों का मैं हृदय से वंदन करता हूं। यह दिवस हमें अपने सैनिकों के साहस, शौर्य और समर्पण की याद दिलाता है। इस अवसर पर उन पराक्रमी योद्धाओं को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जय हिंद!’

    उन्हेांने आगे लिखा, कारगिल वार के वक्त पर उन्हें कारगिल जाने का मौका मिला जिससे कि वह जवानों के साथ दृढ़ता के साथ खड़े हो सकें । उस वक्त पीएम मोदी अपनी पार्टी के लिए जम्मू और कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में काम कर रहे थे। इस घटना को जिक्र करते हुए उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं।

    20वां कारगिल विजय दिवस पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर जम्मू कश्मीर के द्रास में बने कारगिल वार मेमोरियल को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

    वहीं कर्नाटक के शिवमोंगा में कारगिल विजय के उपलक्ष्य में भारतीय जवानों को समर्पित एक पार्क का निर्माण कराया गया है जिसका आज उद्घाटन किया जाएगा।

  • मुंबई : बारिश का कहर, बाढ़ में फंसी महालक्ष्मी एक्सप्रेस, राहत और बचाव में जुटा प्रशासन

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    मुंबई। महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों सहित मुंबई में इन दिनों आफत की बारिश हो रही है. इसी आफत की बारिश में मुंबई से 55 किलोमीटर दूर महालक्ष्मी एक्सप्रेस फंस गई, जिसमें सैकड़ों यात्री सवार थे। लगभग 9 घंटे तक बाढ़ में फंसे यात्रियों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया है। एनडीआरएफ की 4 टीमों ने 8 नावों की मदद से यह बचाव कार्य किया।

    वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि एनडीआरएफ, नौसेना, भारतीय वायुसेना, रेलवे और राज्य प्रशासन की टीमों ने महालक्ष्मी एक्सप्रेस में फंसे सभी 700 यात्रियों को सुरक्षित बचाया है। हम पूरे ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी कर रहे थे. उन्होंने बचाव टीमों को बधाई दी है।

    महालक्ष्मी एक्सप्रेस में फंसे यात्रियों को लाने के लिए 19 कोच वाली एक विशेष ट्रेन को भेजा जा रहा है। ट्रेन महालक्ष्मी एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ कल्याण से कोल्हापुर तक जाएगी। 30 से ज्यादा डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची हुई है इसके अलावा 10 से ज्यादा बसों को यात्रियों को ले जाने के लिए लगाया गया है।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हालात पर नजर बनाए हुए हैं. बाढ़ में फंसी महालक्ष्मी एक्सप्रेस की घटना पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि घटनास्थल पर नेवी की ७ टीमें, एयर फोर्स के २ हेलिकॉप्टर मौजूद हैं. स्थिति नियंत्रण में है। बता दें कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुख्य सचिव को वंजानी जाकर व्यक्तिगत रूप से बचाव अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया है। भारी बारिश और ट्रैक पर पानी भरने के कारण बदलापुर और वानगनी के बीच महालक्ष्मी एक्सप्रेस फंसी हुई थी ट्रेन में लगभग 700 यात्री मौजूद थे।

  • मोदी सरकार कर रही है अल्पसंख्यको के लिए विशेष प्रयास

    मोदी सरकार कर रही है अल्पसंख्यको के लिए विशेष प्रयास

    नयी दिल्ली। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने तथा दूसरी योजनाओं के लिए बजट में इस बार 500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सदन में प्रश्नकाल के दौरान फजलुर रहमान, सजदा अहमद, मनोज राजोरिया और अधीर रंजन चौधरी के पूरक प्रश्नों के उत्तर में नकवी ने कहा कि इस बार बजट में 500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी गई है।

    उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में तीन करोड़ 18 लाख छात्रवृत्ति दी है जिनमें 50 फीसदी लड़कियां हैं। मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज की बच्चियों के शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए मोदी सरकार विशेष प्रयास कर रही है।

  • ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को कहा BJP मंत्री ने मुस्लिम MLA को, देखें विडियो

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    रांची । झारखंड की भाजपा सरकार में मंत्री सीपी सिंह अपने एक बयान के कारण विवादों में आ गए हैं. सीपी सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    जिसमें वे विधानसभा के बाहर मुस्लिम कांग्रेस विधायक डॉ. इरफान अंसारी का हाथ पकड़कर उन्हें जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए जबरदस्ती की। सीपी सिंह झारखंड की रघुबर दास सरकार में नगरीय विकास मंत्री हैं।

    दरअसल, झारखंड विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री सीपी सिंह कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी से ‘जय श्रीराम’ कहने के लिए दबाव बनाते दिखे। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अंसारी के पूर्वज भी जय श्रीराम कहने वाले ही थे। इस पर अंसारी ने पलटवार करते हुए कहा कि राम का नाम बदनाम मत करिए। मामले का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    राज्य के शहरी विकास मंत्री सीपी सिंह और कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी विधानसभा के बाहर कैमरामैन से घिरे हुए थे। सिंह अंसारी के कंधे पर अपना हाथ रखे हुए थे और भगवान की प्रशंसा करते हुए उनसे नारा लगाने के लिए कह रहे थे। सीपी सिंह ने कांग्रेस विधायक के लिए यह भी कहा कि वह ‘राम वाला’ हैं न कि ‘बाबर या तैमूर लंग’ के वंशज। हालांकि इरफान अंसारी ने मामले को ज्यादा तूल नहीं दिया, लेकिन सीपी सिंह यहीं नहीं रुके।

    सीपी सिंह ने अंसारी से कहा, ‘एक बार जोर से जय श्री राम बोलिए।’ इसके बाद यह प्रकरण जल्द ही गर्मागर्म बहस में तब्दील हो गई जब मंत्री ने कहा, ‘आप भी राम के वंशज हैं। बाबर, तैमूर लंग, गजनी, गोरी आपके पूर्वज नहीं थे।’ युवा विधायक ने पलटवार किया, ‘राम का नाम बदनाम मत करिए। राम सबके हैं।’ अंसारी ने आगे कहा, ‘लोगों को नौकरियां चाहिए, सड़क और बिजली चाहिए। वे चाहते हैं कि नालों की सफाई हो। अयोध्या जाइए और वहां राम की स्थिति देखिए।

  • NCP को लगा बड़ा झटका, शिवसेना में शामिल हुए मुंबई चीफ सचिन

    NCP को लगा बड़ा झटका, शिवसेना में शामिल हुए मुंबई चीफ सचिन

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections) से पहले एनसीपी (NCP) को गुरुवार को बड़ा झटका लगा। पार्टी की ओर से मुंबई प्रमुख सचिन अहीर (Sachin Ahir) शिवसेना (Shivsena) में शामिल हो गए। अहीर के शिवसेना में शामिल होने के समय शिवसेना अध्यक्ष उद्घव ठाकरे मौजूद थे।

    बता दें कि सचिन अहीर साल 2015 से एनसीपी के मुंबई प्रमुख थे। उनके बीजेपी नेताओं से संपर्क की कई अफवाहें भी थीं। शिवसेना में शामिल होने को लेकर पार्टी के ही एनसीपी के ही कई नेता हैरान हैं।

    बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं। माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे इस बार मुंबई की वर्ली सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, सचिन अहीर तीन बार वर्ली से विधायक रहे हैं। उन्होंने साल 2014 में शिवसेना के सुनील शिंदे ने पराजित किया था। सचिन कांग्रेस एनसीपी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।