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  • PM MODI से संसद में मिलने पहुंची खास दोस्त, पीएम मोदी ने शेयर की तस्वीर, बन गया इंटरनेट सेंसेशन

    PM MODI से संसद में मिलने पहुंची खास दोस्त,  पीएम मोदी ने  शेयर की तस्वीर, बन गया  इंटरनेट सेंसेशन

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में मिलने एक खास दोस्त पहुंची। किसी और ने नहीं बल्कि खुद पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर अपने फ्रेंड की तस्वीर शेयर की। दरअसल यह दोस्त कोई और नहीं बल्कि एक बच्ची है, जिसके साथ खेलते हुए पीएम मोदी ने तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर को पीएम के फॉलोअर्स काफी पसंद कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बच्चों के प्रति प्रेम जगजाहिर है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से कुछ तस्वीरें साझा की. इन तस्वीरों के सामने आते ही ये सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगीं।

    PM MODI से संसद में मिलने पहुंची खास दोस्त,  पीएम मोदी ने  शेयर की तस्वीर, बन गया  इंटरनेट सेंसेशन
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    दरअसल, पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक बच्चे की तस्वीर शेयर की थी। साथ ही उन्होंने लिखा कि आज संसद में मुझसे मिलने के लिए एक बेहद खास दोस्त आया था. हालांकि, इस पोस्ट में पीएम ने बच्चे की डिटेल नहीं दी थी कि यह कौन है।

    इस फोटो के वायरल होते ही लोगों ने तमाम कयास लगाने शुरू कर दिये थे। लेकिन, कोई भी इस बच्चे को लेकर सटीक जानकारी नहीं दे पा रहा था. एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह बच्चा राज्यसभा सांसद सत्यनारायण जटिया का पोती है. जानकारी के अनुसार, राज्यसभा सांसद सत्यनारायण जटिया मंगलवार को अपने बेटे राजकुमार, बहू और पोती के साथ पीएम मोदी से मिलने संसद पहुंचे थे। संसद में प्रधानमंत्री ने मुलाकात के दौरान जटिया के पोते को भरपूर स्नेह दिया।

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बच्चे को मिले इस अपूर्व स्नेह से सांसद सत्यनारायण जटिया और उनका पूरा परिवार काफी खुश नजर आया. मुलाकात के बाद सांसद जटिया ने कहा कि ये पल बहुत ही आत्मीय रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बच्चे को दुलारते हुए हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि बड़ी होकर सांसद बनना और अपने दादा की तरह दिल्ली आना. बता दें कि पीएम मोदी ने मंगलवार को दोपहर में करीब 2.45 बजे इस तस्वीर को शेयर किया था।

    इस फोटो को अब तक 14 लाख से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बच्चों से कितना प्यार है. ये अक्सर हमने देखा है. बच्चों से मुलाकात के वक्त कभी गालों को प्यार से सहलाना हो या कभी प्यार से कान खींचना। पीएम मोदी के सोशल अकाउंट पर अमूमन ऐसी तस्वीरें देखी जाती रही हैं।

  • Chandrayaan 2 : ISRO एक और इतिहास रचने की तैयारी, मिशन चंद्रयान-2 का काउंटडाउन जारी , दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग

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    चेन्नै । श्रीहरिकोटा के स्पेस पोर्ट पर सोमवार दोपहर डेढ़ बजे के बाद गहमागहमी बढ़ जाएगी। भारत अंतरिक्ष में एक और इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 के लिए आज का दिन बेहद अहम है। दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग होनी है। इसी समय पर क्रायोजेनिक इंजन में हीलियम फिलिंग का काम दोबारा किया जाएगा। इससे पहले इसरो चीफ रविवार को पूरी तरह आश्वस्त नजर आए। उन्होंने कहा कि यह मिशन कामयाब रहेगा। 15 जुलाई को क्रायोजेनिक इंजन में लीकेज के चलते लॉन्चिंग को कुछ वक्त पहले ही स्थगित कर दिया गया था।

    इससे पहले मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग का रिहर्सल सफल रहा और इसका काउंटडाउन रविवार शाम 6 बजकर 43 मिनट से शुरू हो गया। रविवार को श्रीहरिकोटा पहुंचे इसरो प्रमुख के सिवन ने चेन्नै एयरपोर्ट पर कहा कि मिशन कामयाब रहेगा और हमें उम्मीद है कि चंद्रयान-2 चंद्रमा पर कई नई चीजों की खोज करने में सफल होगा।

    इसरो प्रमुख सिवन ने कहा, ‘सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। लीकेज की वजह से पहली बार लॉन्चिंग टलने के बाद हमने इस बार सतर्कता बरती है और तैयारियों को पूरा करने में एक दिन से ज्यादा का वक्त लगा है। मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि इस बार ऐसी कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं होगी।’

    इस बीच इसरो के इंजिनियर और वैज्ञानिक चाक-चौबंद तैयारियों के साथ ही पल-पल की प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।  ‘चाहे यह मून मिशन हो या मार्स मिशन, चाहे हम पीएसएलवी लॉन्च करने जा रहे हों या जीएसएलवी, कवायद एक होती है। हां इस बार तनाव ज्यादा महसूस हो रहा है।’

    चंद्रयान-2 के लिए 20 घंटे का काउंटडाउन रविवार शाम 6.43 पर शुरू हुआ। सभी जीएसएलवी एमके-3 लॉन्च के लिए इसरो पहले रॉकेट बूस्टर में सॉलिड प्रक्षेपकों को भरता है और इसके बाद काउंटडाउन शुरू हो जाता है। रविवार रात इस प्रक्रिया की शुरुआत हो गई और यह चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के पहले भी जारी रहेगी। लिक्विड हाइड्रोजन और ऑक्सिजन को क्रायोजेनिक इंजन में भरने में 4 घंटे का वक्त लगेगा।

    लॉन्चिंग के 90 मिनट पहले यह काम पूरा होने की संभावना है।इसरो के पूर्व चीफ ए.एस किरण कुमार ने कहा कि इस तरह के किसी भी अभियान से पहले हम कई स्तरों पर टेस्टिंग करते हैं। पिछली बार हमें एक खामी मिली ती और इससे पार पा लिया गया है। अब हम चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए तैयार हैं।

    उन्होंने बताया कि चंद्रयान 22 जुलाई को लॉन्च होगा और 14 अगस्त से हम चंद्रमा के लिए यात्रा शुरू करेंगे। इसके बाद 6 सितंबर तक मून पर लैंडिंग होगी। सभी ऐक्टिविटीज अच्छे से चल रही हैं। इससे पहले शनिवार दोपहर को इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 को ले जाने वाले जीएसएलवी मार्क III-एम 1 की लॉन्च रिहर्सल पूरी हो गई है और परफॉर्मेंस नॉर्मल है।

  • आम्रपाली मामला: सुप्रीम कोर्ट ने NBCC को अधूरे फ्लैट पूरे करने को कहा, खरीदारों को दी राहत

    आम्रपाली मामला: सुप्रीम कोर्ट ने NBCC को अधूरे फ्लैट पूरे करने को कहा, खरीदारों को दी राहत

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली मामले में 42,000 से अधिक घर खरीदारों को राहत देते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है. आम्रपाली का रेरा पंजीकरण रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से कहा कि वह अधूरे फ्लैट पूरे करे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रबंध निदेशक और निदेशकों के खिलाफ फेमा के तहत ED मामले की जांच कर, हर तीन महीने में कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करे. साथ ही कोर्ट ने कहा कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा ऑथोरिटी ने इस मामले में लापरवाही की. यह सीरियस फ्रॉड हुआ है, बड़ी रकम इधर से ऊधर हुई है. इस मामले में फेमा का उल्लंघन किया गया और बिल्डर्स की सांठ-गांठ से विदेश में पैसा पहुंचाया गया.

  • Bihar Sex Racket : पटना में एक हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, सामने आया एक विधायक का नाम !

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    पटना। राजधानी में ‘साहेब’ के घर पर लड़कियों को सप्लाई किया जा रहा है। अपहरण कर लाई गई लड़कियों को ‘साहेब’ के बंगले पर भेजकर सेक्स रैकेट का कारोबार चल रहा है।

    अब इस पूरे मामले में एक विधायक का नाम जुड़ गया है। विधायक आरजेडी के हैं। हालांकि, विधायक ने आरोपों को निराधार करार दिया है।

    बताया जा रहा है कि आरा की एक लड़की ने सेक्स रैकेट के जाल से निकलने के बाद कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। इस खुलासे से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाबालिग लड़की को राजद के एक विधायक के आवास पर भेजा गया था। जहां 6000 रूपये में उसकी अस्मत का सौदा किया गया था।

    लड़की के साथ साथ उससे देह व्यापार कराने वाली सरगना के बयान से ये सनसनीखेज राज खुला है।

    अनिता देवी नामक कॉल गर्ल सप्लायर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है और पूछताछ में बताया है कि उसने आरा की 12 साल की एक नाबालिग को किडनैप कर पटना में रखा था और बीते एक महीने में उसने पटना के कई हाई प्रोफाइल लोगों के पास उसे भेजा।

    यहां बताना जरूरी है कि देह व्यापार के धंधे में महज 12 साल की नाबालिग को जबरदस्ती धकेला गया था और पटना के कई ठिकानों पर भेजा गया था।

    हालांकि एक दिन नाबालिग अनिता देवी के चंगुल से भाग गई और उसने पुलिस को जाकर आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई में पटना में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ।

  • BJP सांसद साध्वी प्रज्ञा ने कह दी बड़ी बात, बोली-शौचालय साफ करने के लिए सांसद नही बनी

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    भोपाल। PM मोदी से लेकर उनके मंत्री तक जब ‘स्वच्छता अभियान’ की शुरुआत हुई थी तो सड़क से लेकर टॉयलेट तक की साफ-सफाई करते नजर आते थे। पीएम मोदी स्वच्छ भारत अभियान के कार्यक्रमों में झाड़ू लगाते नजर आते हैं।

    भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर अपने विवादित बोल के चलते चर्चा में है। उन्होंने मध्य प्रदेश के सीहोर में कहा ‘हम नाली साफ करवाने के लिए सांसद नहीं बने हैं। आपका शौचालय साफ करवाने के लिए सांसद बिल्कुल नहीं बनाए गए हैं। हम जिस काम के लिए बनाए गए हैं, वह काम हम ईमानदारी से करेंगे।’

    प्रज्ञा पूरे चुनाव के दौरान अपने विवादित बोल के चलते चर्चा में रहीं। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर से लेकर नाथूराम गोडसे तक पर विवादित बयान दिए। यही नहीं जब उन्होंने लोकसभा में सासंद के तौर शपथ लिया, तो भी काफी विवाद हुआ था।

    दरअसल शपथ लेते वक्त साध्वी प्रज्ञा ने संस्कृत में शपथ लेते वक्त अपने गुरू का नाम लिया। इसी बीच विपक्ष के कुछ सांसदों ने हंगामा शुरु कर दिया था। दो बार खलल के बाद, प्रज्ञा ठाकुर ने तीसरे प्रयास में अपना शपथ पूरा किया था।

    लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के दिग्गज नेता और दो बार के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह को हराया था। साध्वी प्रज्ञा 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट कांड में आरोपी हैं, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।

    नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने के बाद से ही भोपाल की सांसद बीजेपी में खुद को अलग-थलग महसूस करती हैं। पार्टी के दिग्गज नेता उन्हें न तो कोई सार्वजनिक कार्यक्रम में बुलाते हैं।न ही मेल जोल रख रहे हैं।

    एनडीए सांसदों की बैठक में भी प्रधानमंत्री मोदी ने साध्वी प्रज्ञा की अनदेखी की थी। क्योंकि पीएम मोदी ने साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर कहा था कि मैं उन्हें कभी माफ नहीं करूंगा। क्योंकि उन्होंने घोर अपमानजनकर बयान दिया है।

    गौरतलब है कि उन्होंने चुनाव के दौरान नाथूराम गोडसे 26/11 हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे और कई विवादित बयान दिए थे। चुनाव में जीत के बाद उन्होंने कहा था कि वे सांसद के तौर पर वेतन नहीं लेंगी। वो इसका वेतन का उपयोग देश और जरूरतमंदों के लिए करेंगी।

  • MS Dhoni Indian Army Training: धोनी को मिली पैराशूट रेजीमेंट के साथ ट्रेनिंग लेने की आर्मी चीफ बिपिन रावत ने दी मंजूरी

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    नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एमएस धोनी की ट्रेनिंग के अनुरोध मंजूर कर दिया है। बताया जा रहा है कि ट्रेनिंग का कुछ हिस्सा जम्मू-कश्मीर में पूरा किया जाएगा।

    साथ ही ट्रेनिंग के दौरान सेना महेंद्र सिंह धोनी कोई और काम नहीं कर सकेंगे। क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी भारतीय सेना से पैराशूट रेजिमेंट बटालियन की ट्रेनिंग लेने जा रहे हैं। आर्मी सूत्रों के हवाले से खबर आई है ।

    खबरें ये भी चल रही थीं कि भारतीय क्रिकेट टीम के वेस्ट इंडीज दौरे से पहले महेंद्र सिंह धोनी संन्यास ले लेंगे, लेकिन धोनी के मैनेजर ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि एमएस धोनी फिलहाल संन्यास नहीं लेंगे और वह भारतीय सेना से ट्रेनिंग लेंगे।

    इसके लिए धोनी ने आर्मी चीफ से परमिशन मांगा था। यहां बता दूं कि आईसीसी वर्ल्ड 2019 के सेमीफाइनल में हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट की खबरें चलने लगी थी।

    आपको बता दें कि विश्व कप 2019 में भारत को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।

    हालांकि एमएस धोनी ने अभी तक अपने संन्यास को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.। वहीं दूसरी ओर रविवार को वेस्टइंडीज दौरे को लेकर हुए टीम इंडिया के एलान से पहले धोनी ने आधिकारिक बयान जारी कर बीसीसीआई को बताया था कि उन्हें दो महीने का रेस्ट चाहिए।

    धोनी ने कहा था कि उन्होंने भारतीय सेना में ट्रेनिंग के लिए अनुरोध किया है, वे फिलहाल सेना में ट्रेनिंग लेना चाहते हैं इसलिए वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जाएंगे. इसके बाद वेस्टइंडीज दौरे को लेकर भारतीय खिलाड़ियों के नामों की हुई घोषणा में धोनी का नाम शामिल नहीं था।

  • गठबंधन सरकार नहीं कर सकी हासिल विश्वास मत, जाने क्या होगा आगे

    गठबंधन सरकार नहीं कर सकी  हासिल विश्वास मत, जाने क्या होगा आगे

    विश्वास प्रस्ताव पर चार दिनों की बहस के बाद कनार्टक में एच. डी. कुमारस्वामी की सरकार गिर गई है। विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस व जनता दल सेक्युलर (जद-एस) की गठबंधन सरकार विश्वास मत हासिल नहीं कर सकी। 225 सदस्यीय कनार्टक विधानसभा में विश्वास मत के लिए 20 विधायक सदन में उपस्थित नहीं हुए थे। विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने विश्वास मत के बाद सदन के सदस्यों को बताया कि मुख्यमंत्री एच. डी. कुमार स्वामी विश्वास मत हासिल नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि विश्वास मत के पक्ष में 99 जबकि इसके खिलाफ 105 मत पड़े हैं। इसके साथ ही भाजपा ने कहा है कि वह कनार्टक में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। बताया जा रहा है कि सरकार बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।

    तो चलिए जानते हैं कर्नाटक के सियासत में क्या-क्या हुआ

    1. कर्नाटक मामले पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ” अपने पहले दिन से ही कांग्रेस-जद(एस) सरकार भीतर और बाहर के उन निहित स्वार्थ वाले लोगों के निशाने पर आ गयी थी जिन्होंने इस गठबंधन को सत्ता के अपने रास्ते के लिए खतरा और रुकावट के तौर पर देखा।” उन्होंने दावा किया, “उनके लालच की आज जीत हो गयी। लोकतंत्र, ईमानदारी और कर्नाटक की जनता हार गयी।”

    2. वहीं पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर संस्थाओं और लोकतंत्र को व्यवस्थित ढंग से कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”एक दिन भाजपा को यह पता चलेगा कि सब कुछ नहीं खरीदा जा सकता, हर किसी के पीछे नहीं पड़ा जा सकता और हर झूठ आखिरकार बेनकाब होता है।”गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस-जद(एस) की सरकार मंगलवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने में विफल रही और सरकार गिर गई। इसी के साथ राज्य में करीब तीन हफ्ते से चल रहे राजनीतिक नाटक का फिलहाल पटाक्षेप हो गया।

    3. कर्नाटक में कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन की सरकार मंगलवार को विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने में विफल रहने के बाद गिर गयी । इसी के साथ राज्य में 14 महीने से अस्थिरता के दौर का सामना कर रहे मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी का कार्यकाल खत्म हो गया। कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव हारने के तुरंत बाद राज्यपाल वजूभाई वाला को अपना इस्तीफा सौंप दिया। अधिकारियों ने बताया कि परिणाम के तुरंत बाद कुमारस्वामी, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर और अन्य वरिष्ठ सहयोगियों के साथ राजभवन गए और इस्तीफा सौंप दिया।

    4. कुमारस्वामी को अपने पत्र में राज्यपाल ने कहा, ”मैंने तत्काल प्रभाव से आपका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है । वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहिए। यह कहने की जरूरत नहीं है कि इस दौरान कोई कार्यकारी फैसले नहीं लिए जाने चाहिए।

    5. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कर्नाटक के मुद्दे पर पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। शाह ने इन संकेतों के बीच पार्टी नेताओं के साथ सलाह मशविरा किया कि कर्नाटक में एच डी कुमारस्वामी नीत गठबंधन सरकार के मंगलवार को गिरने के बाद बी एस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा की पसंद हो सकते हैं। राज्य में शीर्ष पद के लिए भाजपा की पसंद के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के एक नेता ने कहा कि येदियुरप्पा जाहिर तौर पर दावेदार हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह सहित पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बारे में निर्णय करेगा।

    6. विधानसभा में पिछले बृहस्पतिवार को कुमारस्वामी ने विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया था। चार दिनों तक विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद कुमारस्वामी ने कहा,”मैं खुशी से इस पद का बलिदान करने को तैयार हूं। कार्यवाही में 21 विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया जिससे सदन की प्रभावी क्षमता घटकर 204 रह गयी। कार्यवाही में कांग्रेस-जदएस (17), बसपा (एक), निर्दलीय (दो) के विधायक नहीं आए। इस तरह 103 का जादुई आंकड़ा नहीं जुट पाया।

    7. कुमारस्वामी ने कहा कि विश्वास मत की कार्यवाही को लंबा खींचने की उनकी कोई मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा, ”मैं विधानसभाध्यक्ष और राज्य की जनता से माफी मांगता हूं। कुमारस्वामी ने कहा, ”यह भी चर्चा चल रही है कि मैंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया और कुर्सी पर क्यों बना हुआ हूं। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा चुनाव का परिणाम (2018 में) आया था, वह राजनीति छोड़ने की सोच रहे थे।

    8. अपने संबोधन में कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि भाजपा रिश्वत और विधायकों की खरीद फरोख्त के जरिए सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 15 विधायकों का इस्तीफा और कुछ नहीं बल्कि यह खरीद फरोख्त है। सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि विधायकों को प्रलोभन देने के लिए 20, 25 और 30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया । उन्होंने पूछा कि यह धन कहां से आया?

    9. मतदान के बाद विजय चिन्ह बनाते हुए भाजपा नेता बी एस येदियुरप्पा ने परिणाम को लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कर्नाटक के लोगों को आश्वस्त किया कि भाजपा के सत्ता में आने के साथ विकास का एक नया युग आरंभ होगा। अगले कदम पर येदियुरप्पा ने कहा कि शीघ्र ही उपयुक्त फैसला किया जाएगा। कुमारस्वामी सरकार के विश्वास मत के दौरान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक के विधानसभा से गैरहाजिर रहने को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

    1. कर्नाटक में 2018 में विधानसभा चुनाव के बाद 14 महीने में दो मुख्यमंत्री को विश्वास मत में हार के बाद सरकार गंवानी पड़ी है। कर्नाटक में मई में चुनाव के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। चुनाव में भाजपा को 104 सीटें मिली थीं। जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीट मिली थी। इसके बाद राज्यपाल ने भाजपा के येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया था। पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वह बहुमत सिद्ध नहीं कर सके और मात्र छह दिन मुख्यमंत्री रहे।

  • BJP का ‘ऑपरेशन कमल’ का अगला निशाना MP की कमलनाथ सरकार, जानिए कैसे और क्या हैं राजनीतिक आंकड़ें

    BJP का ‘ऑपरेशन कमल’ का अगला निशाना MP की कमलनाथ सरकार, जानिए कैसे और क्या हैं राजनीतिक आंकड़ें

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। वर्ष 2018 दिसंबर में हुए चुनाव में बीजेपी को यहां 109 सीटें हासिल हुई थीं। उधर, कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मध्य प्रदेश में 15 सालों से शिवराज सिंह चैहान की सरकार थी। लेकिन साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल कर भाजपा के गढ़ को हिला दिया. चुनाव में कांग्रेस को 114, बीजेपी को 109, बसपा को 2, सपा को 1 और निर्दीलीय के खाते में 4 विधानसभा सीटें गईं।

    मध्य प्रदेश की 230 सीटों से बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत थी. ऐसे में सपा-बसपा के तीन विधायक और 4 निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस की बनती सरकार देखकर साथ आ गए और सदन में कमलनाथ को बहुमत हासिल हो गई।

    कमलनाथ सरकार को पूरा 1 साल भी पूरा नहीं हुआ कि बीच में ही विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात उठने लगी है। मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ कई बार कह चुके हैं कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, वहीं पूर्व सीएम शिवराज सिंह चैहान भी कई बार दावा ठोकते हुए कई कांग्रेसी विधायकों से संपर्क होने की बात करते नजर आ चुके हैं।

    ऐसे में अगर मध्य प्रदेश का हाल भी कर्नाटक जैसा होता है तो काफी आराम से कमलनाथ सरकार गिर सकती है। मध्य प्रदेश में बीजेपी अगर वापसी चाहती है तो सत्ताधारी खेमे के कम से कम 13 विधायक इस्तीफा दें। अगर ऐसा होता है कि सदन की संख्या बल 230 से घटकर 217 पर पहुंच जाएगी। इसके अनुसार, सदन में बहुमत हासिल करने के लिए 109 विधायकों की जरूरत होगी जो कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भारतीय जनता पार्टी के पास मौजूद है।

    दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी हर जगह परेशानी खड़ी करने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह कमलनाथ की सरकार है कुमारस्वामी की नहीं। बीजेपी को इस सरकार में खरीद-फरोख्त करने के लिए सात जन्म लग जाएंगे।

  • ट्रंप के कश्मीर की मध्यस्थता वाले बयान को लेकर शशि थरूर ने कहा- वह समझे नहीं कि मोदी क्या कह रहे थे

    ट्रंप के कश्मीर की मध्यस्थता वाले बयान को लेकर शशि थरूर ने कहा- वह समझे नहीं कि मोदी क्या कह रहे थे

    नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत और पाकिस्तान चाहें तो वह कश्मीर पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उनसे कश्मीर मसले पर मदद मांगी थी. हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प द्वारा इस संबंध में दावा किए जाने के कुछ ही देर में उसे सिरे से खारिज कर दिया. इस मसले पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी अपनी राय ट्वीट करके रखी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने कहा, ”मुझे वाकई नहीं लगता है कि ट्रम्प को थोड़ा भी अंदाजा है कि वह क्या बात कर रहे हैं?

    या तो उन्हें किसी ने मामले की जानकारी नहीं दी या वह समझे नहीं कि मोदी क्या कह रहे थे या फिर भारत का तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को लेकर क्या रुख है. विदेश मंत्रालय को इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि भारत ने कभी भी ऐसी किसी मध्यस्थता को लेकर कोई बात नहीं की है.” पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि मोदी दो हफ्ते पहले उनके साथ थे और उन्होंने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी.

    ट्रम्प ने यह भी कहा कि मुझे लगता है कि भारत हल चाहता है और पाकिस्तान भी. यह मसला 70 साल से चल रहा है. मुझे इसमें मध्यस्थता करने पर खुशी होगी. गौरतलब है कि भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प द्वारा इस संबंध में दावा किए जाने के कुछ ही देर में उसे सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उसका रूख हमेशा से यही रहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच मुद्दे द्विपक्षीय तरीके से सुलझाए जाएंगे. बता दें कि भारत-पाक रिश्ते पर ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कहा था कि यदि मैं मदद कर सकता हूं, तो मैं एक मध्यस्थ होना पसंद करूंगा.

  • सावधान भारत में एक Chinese bomb आया है जो कुछ इस तरह फट रहा है….Tik Tok….Tik Tok !

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    भारत में एक ऐसा Chinese App Bomb आया है जो हर किसी के Mobile में आज कल फट रहा है , जिसे हम लोग Tik Tok कहते है . आपने सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ की ख़बर कई बार देखी होगी. और इसके बारे में सुना भी होगा. लेकिन 21वीं सदी के Virtual World में घुसपैठ करने के लिए ज़मीन या आसमान के रास्ते से आने की ज़रुरत नहीं है. अब ऐसी घुसपैठ Social Media के ज़रिए होती है. और चिंता की बात ये है, कि भारत में भी Virtual दुनिया वाली घुसपैठ हो चुकी है. और ये घुसपैठिए हमारे समाज को धर्म, जाति और नफरत के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं. इसीलिए भारत सरकार ने, Tik Tok और Helo Apps बनाने वाली चाइनीज़ कंपनी को Notice भेजकर 24 सवालों के जवाब मांगे हैं. ये सवाल क्या हैं…ये जानने से पहले आपको कुछ तथ्य बता देते हैं.

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    भारत में एक Chinese bomb आया है जो कुछ इस तरह फट रहा है….Tik Tok….Tik Tok ! Demo pic

    Tik-Tok एक Social Media Application है. जिसके जरिए Smart Phone Users 15 सेकेंड के छोटे-छोटे Videos बनाकर उसे शेयर करते हैं. ठीक इसी तरह Helo App की मदद से Socia Media पर Viral Content को शेयर करने की सुविधा दी जाती है. आपमें से कई लोगों ने इन दोनों Apps का इस्तेमाल किया होगा. या हो सकता है, कि अभी भी कर रहे हों. और जाने अंजाने में आपने इन Apps पर बनाए गए Videos या Viral Content को अलग-अलग Social Media Platforms पर Share भी किया होगा. लेकिन हम आपको अभी से सावधान कर देना चाहते हैं, कि इस वक्त पूरा देश Tik Tok वाले 15 सेकेंड के Time Bomb पर बैठा हुआ है.

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    भारत में एक Chinese bomb आया है जो कुछ इस तरह फट रहा है….Tik Tok….Tik Tok ! Demo pic

    हर दिन इन Apps की मदद से ऐसे Videos बनाकर शेयर किए जाते हैं, जिनमें धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ बातें होती हैं. ये बातें इतनी संवेदनशील होती हैं, जो सिर्फ 15 सेकेंड के भीतर पूरे देश में आग लगा सकती हैं. पिछले कुछ दिनों में ऐसे एक नहीं, बल्कि कई Videos देखने को मिले हैं. जिनमें भारत विरोधी और ग़ैर कानूनी गतिविधियों का प्रचार और प्रसार किया गया है. इसी के बाद केंद्र सरकार ने इन दोनों Apps को बनाने वाली कंपनी से कुछ ज़रूरी सवाल पूछने का फैसला लिया. हम ऐसे भड़काऊ Videos और उन सवालों का भी विश्लेषण करेंगे. लेकिन उससे पहले आपको कुछ जानकारियां दे देते हैं.

    ये दोनों ही Apps, चाइनीज़ हैं. यानी इन्हें चीन की कंपनी ने बनाया है.
    भारत में Tik Tok के 20 करोड़ Users हैं. जिनमें से क़रीब 12 करोड़ Active Users हैं.
    2019 में जनवरी से मार्च के बीच भारत में Download किए गए Apps में Tik Tok पहले स्थान पर है.
    इस दौरान क़रीब 9 करोड़ लोगों ने इस App को Download किया.

    पूरी दुनिया में 110 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने इस App को Download किया है. और सिर्फ Downloads और In-App Purchases की बदौलत ही इस App ने साढ़े 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की. मूल रूप से ऐसे Apps की कमाई का ज़रिया, User द्वारा Create किया गया Content और उसका Data होता है. ठीक इसी तरह भारत में Helo App के 5 करोड़ से ज़्यादा Active Users हैं.
    इन दोनों Apps को बनाने वाली कंपनी का नाम है Byte-Dance…और ये कंपनी आज दुनिया की सबसे महंगी Start Up कंपनी बन चुकी है. इस कंपनी का Valuation क़रीब 5 लाख करोड़ रुपये का है.

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    भारत में एक Chinese bomb आया है जो कुछ इस तरह फट रहा है….Tik Tok….Tik Tok ! Demo pic

    ऐसी कंपनियों को सिर्फ अपनी कमाई की फिक्र होती है. उन्हें इस बात की ज़रा सी भी परवाह नहीं होती, कि उनके द्वारा बनाए गए Apps का ग़लत इस्तेमाल भी हो सकता है.

    बांग्लादेश और इंडोनेशिया ने पहले ही Tik Tok पर प्रतिबंध लगा दिया था. इंडोनेशिया ने इसलिए Ban लगाया, क्योंकि इस App से नकारात्मक Content का प्रचार हो रहा था. लेकिन, जब इस App ने Negative Content को सेंसर करने की बात मानी, तो इंडोनेशिया ने प्रतिबंध हटा लिया. जबकि बांग्लादेश में इस App की मदद से Pornography को बढ़ावा मिल रहा था. इसलिए वहां Tik Tok पर प्रतिबंध लगाया गया. अमेरिका ने फरवरी 2018 में इस App पर क़रीब 40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. क्योंकि, इसने ग़ैर कानूनी तरीके से बच्चों से जुड़ी जानकारी चोरी की थी.

    लेकिन भारत के संदर्भ में ऐसे Apps पर प्रतिबंध लगाना बाक़ी सभी देशों के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा आवश्यक है. क्योंकि, मामला Negative Content या Pornography तक सीमित नहीं है. बल्कि उससे कहीं ज़्यादा बड़ा है. क्योंकि ऐसे Apps की वजह से हमारे देश का माहौल खराब हो रहा है. पिछले दिनों झारखंड में Mob Lynching का शिकार हुए युवक के समर्थन में कुछ लोगों ने Tik Tok पर अपने Videos बनाकर Post किये थे.

    इन सभी Posts में धार्मिक आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच नफरत और भेदभाव पैदा करने वाली बातें कही गईं थीं. इनमें आम लोगों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता तक शामिल थे. एक ऐसा ही व्यक्ति था, एजाज़ खान. जिसने Tik-Tok App पर लोगों के बीच धार्मिक आधार पर नफरत बढ़ाने वाले Video को प्रमोट किया था. बाद में उसे गिरफ्तार भी किया गया. इस App का इस्तेमाल करने वालों की एक बड़ी संख्या गांवों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों की है. एक दिलचस्प तथ्य ये भी है, कि इस App का इस्तेमाल करके कई लोग मशहूर भी हो गए. इनमें आपराधिक छवि के लोग भी शामिल हैं, जो रात में लूट-पाट करते हैं, और दिन में Tik-Tok पर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर, समाज का नुकसान करते हैं. और इसीलिए हम कह रहे हैं, कि इस वक्त हमारा देश सही मायनों में Tik-Tok वाले Time Bomb पर बैठा हुआ है.

    इस App के माध्यम से जितने भी आपत्तिजनक Videos रिकॉर्ड करके Upload किए जाते हैं, उससे एक बात तो तय है. किसी को कहीं जाने की ज़रुरत नहीं है. धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए Tik Tok के 15 सेकेंड ही काफी हैं. और ऐसा करने वालों को फूटी कौड़ी खर्च करने की ज़रुरत नहीं है. वो खुद ही नफरत वाली Acting करेंगे. खुद ही उसे Produce करेंगे. उसका Direction करेंगे. और फिर उसका प्रचार करके समाज को दूषित करेंगे.

    Tik Tok का User एक दिन में औसतन 52 मिनट इस App पर बर्बाद करता है.
    भारत इन दोनों ही Apps का सबसे बड़ा बाज़ार है.
    हमने रिसर्च के दौरान Tik Tok पर रोज़ Upload होने वाले Videos की संख्या ढूंढने की कोशिश की. लेकिन वो जानकारी हमें नहीं मिली. हालांकि, हमें इस App पर देखे गए Videos के Views के बारे में पता चला. इनमें से कुछ Videos ऐसे थे, जिन्हें 100 या 200 लोगों ने नहीं. बल्कि करोड़ों लोगों ने देखा. जिसमें बड़ी संख्या भारत के युवाओं की थी.
    इससे आप समझ सकते हैं, कि हमारे देश के युवाओं के पास कितना समय है.

    चिंता की बात ये है, कि ऐसे Apps पर Upload होने वाले Videos की निगरानी के लिए हमारे देश में कोई सिस्टम है ही नहीं.
    किसी App का User कौन सा Content, Generate कर रहा है, उसे सेंसर करने के लिए हमारे देश में कोई Dedicated Body नहीं है. कोई भी चाहे, कुछ भी Upload कर सकता है. हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार ने अब जाकर कुछ कड़े कदम उठाए हैं. और इन दोनों Apps को बनाने वाली कंपनी से 24 सवाल पूछे हैं.

    सरकार की तरफ से पूछा गया है, कि Tik Tok और Helo Apps बड़ी संख्या में Data इकट्ठा कर रही है ? ये Data क्या है ?

    दोनों Apps से आश्वासन मांगा गया है, कि भारतीय Users का Data किसी दूसरे देश, किसी तीसरे पक्ष या किसी निजी ईकाई को ट्रांसफर तो नहीं किया जाएगा ?

    सरकार ने उन आरोपों पर भी सफाई मांगी है, जिसमें इन दोनों Apps का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.

    Tik Tok पर उपलब्ध आपत्तिजनक और अभद्र Contents को रोकने के लिए इस App की क्या Policy है, इसपर भी जवाब मांगा गया है.

    साथ ही साथ ये भी पूछा गया है, कि Tik Tok के Videos को देखने से पहले छोटे बच्चों के लिये ‘चेतावनी Tag’ के ज़रिये उन्हें रोका जाता है या नहीं.

    यानी Data चोरी से लेकर आपत्तिजनक Videos तक ऐसे Apps आपकी Privacy में भी दखलअंदाज़ी कर रहे हैं. और कुछ देश विरोधी तत्व ऐसे Apps की सुविधाओं का इस्तेमाल करके भारत में धार्मिक उन्माद भी फैला रहे हैं. जिनसे आपको सावधान रहने की ज़रुरत है