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  • इस स्कूल में बच्चे फीस के रूप में जमा करते हैं कचरा, मिलती है मुफ्त शिक्षा, यूनिफॉर्म और किताबें

    इस स्कूल में बच्चे फीस के रूप में जमा करते हैं कचरा, मिलती है मुफ्त शिक्षा, यूनिफॉर्म और किताबें

    गया । बिहार के गया जिले के पदमपानी स्कूल में बच्चों को फीस के रूप में कचरा जमा करना होता है और बदले में उन्हें शिक्षा के साथ-साथ यूनिफॉर्म, किताबें और मिड डे मील भी मिलता है।  ये बच्चे रास्ते में पड़े हुए कचरे की बीनकर लाते हैं और स्कूल में जमा करते हैं।

    बच्चों को ना सिर्फ शिक्षा मिलती है बल्कि उन्हें मुफ्त में किताब, यूनिफॉर्म और मिड डे मील भी दिया जाता है। इस तरीके से स्कूल और आसपास के गांव भी साफ सुथरे रहते हैं और बच्चों को सफाई की प्रेरणा मिलती है।

    गया जिले के सेवाबीघा गांव में स्थित स्कूल का नाम पदमपानी स्कूल है। यहां के बच्चे फीस के रूप में कचरा जमा करते हैं। रोज स्कूल आते समय ये बच्चे कचरा बीनकर लाते हैं।

    बच्चों का कहना है, ‘हम फीस के रूप में कचरा बीनकर लाते हैं, जिसे बाद में रीसायकलिंग के लिए भेजा जाता है। अच्छी शिक्षा के साथ-साथ हमें प्रकृति का महत्व भी सिखाया जाता है।

    ‘स्कूल के वाइस प्रेजिडेंट दीपक कुमार इस बारे में कहते हैं, ‘हमने यह स्कूल 2014 में शुरू किया था और अब यहां 250 बच्चे हो गए हैं।

    हम बच्चों को मुफ्त शिक्षा, मुफ्त यूनिफॉर्म, मुफ्त किताब और मिड डे मील देते हैं। हमारा फोकस साफ और स्वच्छ वातावरण बनाने पर है। हम इस स्कूल को डोनेशन पर चला रहे हैं।’

  • MP : बीजेपी विधायक ने कहा – हम कुत्ते हैं लेकिन जनता के वफादार हैं !

    MP : बीजेपी विधायक ने कहा – हम कुत्ते हैं लेकिन जनता के वफादार हैं !

    भोपाल ।मध्य प्रदेश में लगातार हो रहे तबादलों के बीच गृह विभाग में तैनाता कुत्तों का तबादला भी किया गया था। इस पर रामेश्वर वर्मा ने ट्वीट किया था, ‘हाय रे बेदर्दी कांग्रेस सरकार, कुत्तों को तो छोड़ देते।’ मध्य प्रदेश में अब कुत्तों को लेकर राजनीति हो रही है।

    हाल ही में गृह विभाग में तैनात खोजी कुत्तों का तबादला किया गया था, जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर तंज कसा था। इसके बाद कांग्रेस सरकार में सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी की मानसकिता की तुलना कुत्तों से की थी।

    अब इसी का जवाब देते हुए बीजेपी नेता ने कहा है कि हां हम कुत्ते हैं। सज्जन सिंह वर्मा के बयान का जवाब देते हुए बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है, ‘अगर सज्जन सिंह वर्मा हमें कुत्ता कह रहे हैं तो हम उन्हें कहना चाहते हैं कि हां हम कुत्ते हैं।

    हम मध्य प्रदेश की जनता के वफादार कुत्ते हैं। हम अपने लोगों और सुरक्षा बलों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।’

     

    आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने एक आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने कहा था, ‘बीजेपी का दुर्भाग्य है कि उनकी पार्टी में खुरदुरे चेहरे हैं, ऐसे चेहरे जिनको लोग नापसंद करते हैं।

     

  • Himachal Pradesh के नए राज्यपाल बने कलराज मिश्र

    Himachal  Pradesh के नए राज्यपाल बने कलराज मिश्र

    नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश का BJP के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र को  नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पीएम नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में मंत्री रहे कलराज को आचार्य देवव्रत की जगह हिमाचल का राज्यपाल बनाया गया है।

    देवव्रत को गुजरात का राज्यपाल बनाया गया है। यूपी के दिग्गज नेता कलराज को राज्यपाल बनाने की चर्चा काफी समय से चल रही थी।

    उधर, आचार्य देवव्रत अब गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली की जगह लेंगे। ओपी कोहली 16 जुलाई, 2014 को गुजरात के राज्यपाल बनाए गए थे जबकि आचार्य देवव्रत 12 अगस्त, 2015 से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का पद संभाल रहे थे।

    राष्ट्रपति केंद्र सरकार की सलाह पर राज्यों में राज्यपाल जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में उप राज्यपाल की नियुक्ति करते हैं। भारत के संघीय ढांचे में राज्यपाल का पद संवैधानिक होता है।

    संविधान के भाग 6 में राज्य की शासन व्यवस्था का प्रावधान है।  किसी राज्य में गवर्नर की स्थिति वही होती है जो केंद्र में प्रेजिडेंट की। यानी, गवर्नर राज्य की कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।

    वे राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं। राज्यपाल राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति भी होते हैं।

  • बिहार में बाढ़ का तांडव, मंत्रीजी फिल्म सुपर-30 देखने में व्यस्त !

    बिहार में बाढ़ का तांडव, मंत्रीजी फिल्म  सुपर-30 देखने में व्यस्त !

    पटना । बिहार के 12 जिलों में बारिश और बाढ़ के चलते खतरनाक हालात बने हुए हैं। राज्य में बाढ़ से 24 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

    इन जिलों में शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर सहरसा और कटिहार शामिल है।

    भारी बारिश की वजह से बिहार की तमाम नदियों में बाढ़ का पानी 600 और गांवों में फैल चुका है। ये गांव सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जिलों के 55 ब्लॉक क्षेत्रों के 352 पंचायतों के तहत आते हैं।

    उत्तरी बिहार के इन 9 जिलों के करीब 18 लाख लोग बाढ़ की आपदा झेल रहे हैं।

    बता दें कि बिहार में बाढ़ के कारण अबतक 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सुशील मोदी के फिल्म देखने पर हमला किया है।

    बाढ़ से जूझ रहे बिहार में डेप्युटी सीएम सुशील मोदी सुपर-30 फिल्म देखने पर विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया फिल्म देखते सुशील मोदी की तस्वीर वायरल हो रही है।

    बिहार सरकार द्वारा फिल्म सुपर-30 को टैक्स फ्री किए जाने के बाद फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन ने राज्य के डेप्युटी सीएम सुशील कुमार मोदी से मुलाकात की।

    ऋतिक ने इस मुलाकात के बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने डेप्युटी सीएम पर सवाल उठाए। 16 जुलाई को ऋतिक के सुशील मोदी से मुलाकात की फोटो पोस्ट करने के बाद बुधवार को आरजेडी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर सरकार पर सवाल उठाए गए।

    आरजेडी के ट्विटर हैंडल पर पार्टी ने लिखा, निशब्द! और बिहार का पूरा मंत्रिमंडल बुधवार रात सुशील मोदी की अगुआई में मल्टीप्लेक्स में फ्री डिनर के साथ फिल्म देख रहा था।

    ऊपर से मंत्री कह रहे थे- बाढ़ आई तो क्या खाना-पीना, मूवी देखना छोड़ दे। बेशर्म कहीं के!

    आरजेडी का यह ट्वीट उस वक्त आया है जब बिहार के तमाम जिले बाढ़ की चपेट में आकर बदतर हालात से जूझ रहे हैं।

    आरजेडी का आरोप है कि सरकार लोगों की मदद करने के बजाय अन्य कामों में वक्त बर्बाद कर रही है और इस स्थिति में भी संवेदनहीनता दिखाई जा रही है।

  • न्यूजप्रिन्ट पर ड्युटी और ओन ड्युटी पत्रकारो को नो एन्ट्री..!

    न्यूजप्रिन्ट पर ड्युटी और ओन ड्युटी पत्रकारो को नो एन्ट्री..!

    नये भारत की नई सरकार का कामकाज जोर शोर से शुरू हो गया है। 100 दिन को एजेण्डा भी तैयार कर लिया गया है। उस पर काम चल रहा होगा। नये वित्तमंत्री निर्मला सितारामन का नया बजट भी पेश हो चुका है। करीब 28 लाख करोड का बजट है। इस बजट में शायद पहली बार रक्षा मंत्रालय का जिक्र नहीं किया गया। वित्त मंत्रीजी ने इस बजट पर अखबारो द्वारा अखबार छापने के लिये जो न्यूजप्रिन्ट का उपयोग होता है उस पर 10 प्रतिशत की कस्टम ड्युटी लगा कर नये कस्टम यानि नई परंपरा की शरूआत की है। दुसरी खबर भी उनके ही मंत्रालय की आइ है। नॉर्थ ब्लॉक संकूल में पत्रकारो की एन्ट्री पर रोक लगा दी गइ है। केन्द्र सरकार ने जिन्हें मान्यता दी है वह पत्रकार भी वित्त मंत्रालय में बिना इजाजत नहीं जा सकते है। वजह…? सरकार का मानना है की पत्रकार यहां वहां घूमते रहते है और गोपनीयता नहीं रहती। बजट संसद में पेश हुवा, कहां कितना खर्च करेंगी सरकार यह गोपनीयता नही है। लेकिन फिर भी नॉर्थ ब्लॉक में मिडिया की नो एन्ट्री।

     

    अमरिका के राष्ट्रपति थामस जेफरसन ने अखबार और सरकार दोनो का कितना महत्व है उसके लिये कहा था की क्या चाहिये- अखबार बिना की सरकार या सरकार बिना के अखबार…? यानि सरकार नहीं तो अखबार भी क्या काम के और अखबार नहीं तो सरकार भी कुछ काम की नही। सरकार है तो लोगो तक पहुंचने के लिये अखबार अनिवार्य। उस अखबार के कच्चे माल पर 10 प्रतिशत ड्युटी लगाने से जाहिर है की अखबार की कोस्ट बढेंगी। कइ लघु और मध्यम स्तर के अखबारों पर लागत बढ सकती है। एक अखबार के कालमनिस्ट ने सही कहा-कानूनी चेतावनीः Newsprint Duty is the injurious to the health for Our Democracy….! यह ड्युटी लोकतंत्र के लिये हानिकारक है और दंगल स्टाइल में कहे तो बापू नहीं लेकिन माता (निर्मलाजी) तु तो हानिकारक है….! इस बजट को कइ अंग्रेजी अखबारो ने सितानोमिक्स भी कहा है। सीता को अग्नि परीक्षा से गुजरना पडा था। लगता है की इस सितामाता के बजट में मिडिया को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है….!

     

    मंत्रालय में मिडिया के लिये नो एन्ट्री से क्या ये अंदर की खबर या समाचार आना बंद हो जायेगे…? क्या सभी कर्मचारी या अफसर ऐसे है जैसा सरकार चाहती है की सब मूंह पर उंगली रख कर काम करे…? मिडिया चाहे तो कहीं से भी अंदर की खबर ला सकता है। राफेल विमान के दस्तावेज या बोफोर्स के दस्तावेज मिडियाने ही अंदर से ला कर जनता तक पहुंचाये। सभी कर्मी या अफसर नागपूर वाले नहीं होते। कइयों की आत्मा जगती है ऐर सरकार के गलत निर्णयो की खबर अखबार तक पहुंचती है। नो एन्ट्री से खबर नहीं रूकेंगी, सरकार प्रभावहिन हो जायेगी। आखिर सरकार या बजट किस के लिये है…? बडे बडे पूंजीपतियों के लिये या झुग्गी में रहनेवालों का जीवन स्तर उपर लाने के लिये….? दुसरे दल की सरकार में यही नेतागण अखबारों को उकसाते थे-लिखो…लिखो…सरकार ने 10 लाख करोड का घोटाला किया…! लेकिन जब खुद सरकार में आये तब…? राम के माधव की तरह भोले भाव से- मंत्रालय में मिडिया का क्या काम है…सरकार को जो कहना है प्रेसनोट या बाइट भिजवा जी जायेंगी..! मतबल आया समझ में का…? बिटवीन ध लाइन ये है की मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं…! लोकतंत्र के लिये 10 प्रतिशत ड्युटी दूर कर अखबारों को राहत मिले और नो एन्ट्री की जगह एन्ट्री मिले तो कबीर (बालीवुड वाला कबीर सिंह नही….!) ने सही कहा की सबहु हिलमिल रहे..जैसे नदी पेड़ छांव…!!

  • ऑनलाइन PORN देखना धरती और मानव के लिए बड़ा खतरा, जानिये कैसे !

    ऑनलाइन PORN देखना धरती और मानव के लिए बड़ा खतरा, जानिये कैसे !

    नई दिल्लीं। ऑनलाइन पॉर्न देखना धरती के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ऑनलाइन पॉर्नोग्राफी की स्ट्रीमिंग से भारी मात्रा में कॉर्बन डाइऑक्साइड प्रोड्यूस हो रहा है।

    ‘द शिफ्ट प्रोजेक्ट’ की एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन पॉर्नोग्राफी की स्ट्रीमिंग से यूरोप के देश बेल्जियम के बराबर कॉर्बन डाइऑक्साइड प्रड्यूस हो रहा है। यानि कि बेल्जियम जितना कॉर्बन डाइऑक्साइड प्रड्यूस कर रहा है, उतना ही ऑनलाइन पॉर्नोग्राफी की स्ट्रीमिंग से निकल रही है।

    ‘द शिफ्ट प्रॉजेक्ट’ के रिसर्चर्स ने फोन और टीवी से लेकर दूसरे डिवाइसेज तक इस आनलाइन वीडियो डेटा को पहुंचाने में लगने वाली बिजली को अनुमानित किया।

    इसके बाद इन लोगों ने कुल उत्सर्जन का अनुमान लगाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन से होने वाले कार्बन एमिशन का ग्लोबल ऐवरेज निकाला।

    रिसर्च में पाया गया कि डिजिटल टेक्नॉलजी से होने वाले एनर्जी कंजंप्शन में सालाना 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दुनियाभर के डेटा फ्लो का 60 प्रतिशत ऑनलाइन वीडियो से आता है।

    रिसर्च में विडियो में ैालचम और इसके जैसे दूसरे विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज को शामिल नहीं किया गया था। इनको शामिल करने से वर्ल्ड डेटा फ्लो 60 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो जाता।

    8K रेजॉलूशन और दूसरे हाई क्वॉलिटी वाले विडियो आने के बाद कार्बन एमिशन में और बढ़ोत्तरी हो सकती है. वहीं, Google Stadia जैसे गेम स्ट्रीमिंग सर्विस भी हालात को और अधिक बिगाड़ेंगे।

    द शिफ्ट प्रॉजेक्ट ने सुझाव दिया है कि ऑनलाइन वीडियोज के ऑटोप्ले को बंद रखा जाए और जब जरूरी हो तभी HD क्वॉलिटी के वीडियोज को ट्रांसमिट किया जाए।

    पिछले दिनों अनुमान लगाया का था कि डिजिटल टेक्नोलॉजी ग्रीन हाउस गैस एमिशन (उत्सर्जन) का 4 प्रतिशत पैदा करता है। ये आंकड़ा साल 2025 तक बढ़कर 8 प्रतिशत हो जाएगा।

  • CM कमलनाथ का ‘खून बहाने’ वाला बयान देने वाले BJP नेता को गिरफ्तार

    CM कमलनाथ का ‘खून बहाने’ वाला बयान देने वाले BJP नेता को गिरफ्तार

    भोपाल । मध्य प्रदेश राज्य में बिजली कटौती और पानी के मुद्दे पर बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने भोपाल में प्रदर्शन आयोजित किया था। इस अवसर पर प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सिंह शासन-प्रशासन को खुली धमकी देते नजर आए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर आपके पास कोई बिजली का बिल मांगने आता है तो हम उसके हाथ तोड़ देंगे। वहीं पूर्व विधायक के संबोधन के दौरान उत्साहित कार्यकर्ता जब ‘खून बहेगा सड़कों पर’ का नारा लगाते हैं तो सुरेंद्रनाथ कहते हैं कि ‘वह खून कमलनाथ का होगा।’

    पूर्व विधायक ने राज्य में एक प्रदर्शन के दौरान सीएम कमलनाथ पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘सड़कों पर खून बहेगा और वह खून कमलनाथ का होगा।’ वाला बयान देने वाले बीजेपी नेता को गिरफ्तार कर लिया गया।  बता दें कि पूर्व विधायक बिजली-पानी के मुद्दे पर कमलनाथ सरकार के खिलाफ भोपाल में प्रदर्शन कर रहे थे।इससे पहले भी सिंह के खिलाफ सरकारी कर्मचारी को धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसे लेकर एक ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

    गौरतलब है कि इससे पहले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय के सरकारी कर्मचारी को बैट से पीटने का मामला काफी चर्चित हुआ था। मामले में बीजेपी नेता को जेल भी जाना पड़ा था। इस घटना के बाद यह दूसरा मौका है जब किसी बीजेपी नेता को धमकाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

  • ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़ : एक खाली बोरी की कीमत चार करोड़ रुपये, हैरान करने वाला

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    नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने दिल्ली में चल रही हेरोइन की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए करीब 600 करोड़ की हेरोइन जब्त की थी। इस गिरोेह के लिंक तालिबान तक जुड़े हैं। स्पेशल सेल के मुताबिक, यह रैकेट भारत में अब तक 5 हजार करोड़ रुपये तक की हेरोइन ला चुका है। दिल्ली पुलिस ने नशा तस्करी के ऐसे तरीके का भंडाफोड़ किया है जिसे जानकर कोई भी हैरान हो सकता है।

    सबसे बड़ा खुलासा इस रैकेट की ओर से अपनाए गए तस्करी के तरीके को लेकर हुआ है। यह गिरोह ड्रग्स को बहुत ही शातिराना तरीके से खाली बोरियों के जरिए अफगान से दिल्ली लाता था। ये लोग अफगानिस्तान से इंपोर्ट करके दिल्ली लाई जाने वाली जीरे की बोरी में हेरोइन की स्मगलिंग करते थे।

    पुलिस के मुताबिक, पहले जूट की बोरियों को अफगानिस्तान में लिक्विड हेरोइन में डुबो दिया जाता था। बोरियों के सूख जाने के बाद बोरियों में जीरा भरकर दिल्ली इंपोर्ट किया जाता था। इसके बाद बोरियों को वे लोग दिल्ली में जाकिर नगर स्थित फैक्ट्री में ले जाकर कई तरह के केमिकल में भिगोते थे।

    इन गीली बोरियों को सुखाकर इनके रेसों में चिपटी हेरोइन को खास तकनीक से पाउडर रूप में बदला जाता था। इसके बाद बोरियों को जला दिया जाता था। जूट की एक बोरी से कम से कम एक किलो हेरोइन निकलती थी। यानी एक खाली बोरी की कीमत करीब चार करोड़ रुपये हो जाती थी। बोरियों में हेरोइन की स्मगलिंग करने का यह तरीका एकदम नया और हैरान करने वाला है।

    हेरोइन को अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते होते हुए दिल्ली लाया जाता था। पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान-अफगानिस्तान के ड्रग तस्करों का यह सिंडिकेट ड्रग्स में डूबे जूट के धागों को जलालाबाद से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भेजता था। इसके बाद उसकी बोरियां बना दी जाती थीं। इसके बाद मसाले और अन्य सामान भरकर बोरियां दिल्ली में रह रहे कश्मीर के मसाला कारोबारियों तक पहुंचाई जाती थीं। दिल्ली में बोरियां खाली की जातीं और स्मग्लर उन्हें अपने साथ ले जाते। फिर साउथ दिल्ली की इस फैक्ट्री में उन बोरियों से हेरोइन को अलग किया जाता था।

  • पूर्व CM शीला दीक्षित का एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन

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    नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का दिल्ली में निधन हो गया है. वो लंबे समय से बीमार चल रही थीं. शीला दीक्षित दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष भी थीं और काफी लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं।

    तीन बार शीला दीक्षित की बाईपास सर्जरी हुईं थी और आज सुबह ही दिल्ली के एस्कार्ट्स अस्पताल में भर्ती थी। शीला दीक्षित का निधन का अचानक निधन कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित 1998 से लेकर 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। मुख्यमंत्री रहने के बाद शीला दीक्षित केरल की राज्यपाल भी रह चुकी थीं।

    बता दें कि अपने निधन से कुछ दिनों पहले तक वह राजनीति में खासी ऐक्टिव थीं और हाल ही में उन्होंने दिल्ली में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की थी. यही नहीं कांग्रेस पार्टी दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें सीएम के चेहरे के तौर पर उतारने की तैयारी में थी। दिल्ली में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद केरल की राज्यपाल भी रही थीं. इसके अलावा कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी पेश किया था. शीला को हमेशा से गांधी-नेहरू परिवार का करीबी माना जाता था।

  • खुलासा : सिंथेटिक दूध का काला कारोबार, 3 फैक्ट्रियों पर STF का छापा

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    भिंड-मुरैना । मध्य प्रदेश में सिंथेटिक दूध का काला कारोबार चल रहा है. आज STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़े रैकेट का खुलासा किया। भिंड-मुरैना की ऐसी 3 फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया, जहां नकली दूध तैयार किया जा रहा था। यहां तैयार दूध-मावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक सप्लाई किया जा रहा था. टीम ने दूध के लिए कैमिकल सप्लाई करने वाले दो सप्लायर्स के यहां भी छापा मारकर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है।

    बताया जाता है एमपी के ग्वालियर संभाग के भिंड, मुरैना में तैयार किये जा रहे नकली दूध से मावा, घी आदि की सप्लाई सिर्फ एमपी के शहरों तक ही नहीं थी, बल्कि यूपी व दिल्ली तक इस काले धंधे की पहुंच हो चुकी थी।

    एमपी की एसटीएफ ने आज शुक्रवार 19 जुलाई को इस काला धंधा में लगी तीन फैक्ट्रियों पर छापामारी की, जहां 2 हजार लीटर नकली दूध, बड़ी मात्रा में नकली मावा भी जब्त किया गया है. टीम ने दूध के लिए कैमिकल सप्लाई करने वाले दो सप्लायर्स के यहां भी छापा मारकर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है।

    20 टीमों ने ग्वालियर-चंबल अंचल में छापे मारे. छापे की ये कार्रवाई मुरैना के खंडेश्वरी डेयरी, लहार भिंड के गिर्राज फूड्स, गोपाल आइस फैक्ट्री और चिलिंग सेंटर पर की गयी. टीम ने उन दुकानों पर भी छापा मारा जहां से दूध में इस्तेमाल किया जा रहा केमिकल सप्लाई किया जाता था।

    केमिकल अंबाह के अग्रवाल लैबोरेट्री और लहार के नवीन स्टोर पर छापा मारा गया. बताया जाता है कि वह वो इलाका है जहां लंबे समय से नकली दूध और मावा बनाने का रैकेट चल रहा है। समय समय पर इसका खुलासा होता है. यहां बनाया जाने वाला नकली-दूध और मावा पूरे प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक सप्लाई हो रहा था।

    ग्वालियर एसटीएफ और जिला खाद्य विभाग की टीम ने लहार में जब गिर्राज फ़ूड और गोपाल आइस्क्रीम प्लांट पर छापा मारा तो मौके से बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध,मावा और मावा बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला केमिकल पावडर बरामद किया गया. मुरैना में नकली दूध बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा गया तो वहां 2 हजार लीटर नकली दूध, ग्लूकोज पाउडर और कैमिकल रखा मिला।