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  • कांग्रेस महासचिव पद से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया इस्तीफा

    कांग्रेस महासचिव पद से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया इस्तीफा

    भोपाल  । ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘जनादेश को स्वीकार करते हुए और जिम्मेदारी लेते हुए मैंने ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) के महासचिव पद से अपना इस्तीफा राहुल गांधी को सौंप दिया है।

    मुझ पर यकीन कर यह जिम्मेदारी देने और पार्टी की सेवा करने का अवसर देने हेतु मैं उनको (राहुल गांधी) धन्यवाद देता हूं।’ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 8-10 दिन पहले भेजा था। उन्होंने कहा, ‘मैंने आज इस्तीफा नहीं दिया है।

    ‘लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से ही कांग्रेस खेमे में उठापटक का दौर चल रहा है। पहले कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी का इस्तीफा और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उन्हीं की राह निकल पड़े हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया और इस बात की जानकारी अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से साझा की।

    बता दें कि कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी नियुक्त किया था। हालांकि, तमाम दांव खेलने के बावजूद कांग्रेस को यूपी समेत पूरे देश से निराशा ही हाथ लगी। यूपी से कांग्रेस महज एक सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई।

    हार के आंकड़ों को देखने के बाद राहुल गांधी ने कई दिग्गज नेताओं की कार्यशैली पर सवाल भी खड़े किए थे। मिलिंद देवड़ा ने भी दिया इस्तीफा उधर, लोकसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए कुछ घंटे पहले ही मुंबई पार्टी अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

    इस्तीफा देने के बाद मिलिंद ने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका निभाने की आशा करते हैं। देवड़ा ने इस साल के आखिर में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं की सदस्यता वाली एक अस्थाई समिति गठित करने की सिफारिश की है।

  • कर्नाटक में बीजेपी सरकार बनाने को तैयार ,कांग्रेस-JDS के 11 विधायको ने दिया इस्तीफा

    कर्नाटक में बीजेपी सरकार बनाने को तैयार ,कांग्रेस-JDS के 11 विधायको ने दिया इस्तीफा

    बेंगलुरु l कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार गंभीर संकट में घिर गई है। एक तरफ जेडीएस और कांग्रेस के 11 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सूबे में सरकार बनाने के लिए तैयार दिख रही है। राजभवन सियासी हलचल का केंद्र बन गया है। स्पीकर के यहां अपने-अपने इस्तीफे सौंपने के कुछ घंटे बाद सभी 11 बागी विधायक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात की। गठबंधन सरकार पर खतरा ऐसे वक्त मंडरा रहा है जब मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी अमेरिका में हैं और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश कुंडु राव ब्रिटेन में हैं जो अब रविवार को लौट रहे हैं।

     

    कांग्रेस के संकटमोचक सक्रिय, सिद्धारमैया को सीएम बनाने की उठी मांग
    संकट के बीच कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी केसी वेणुगोपाल बेंगलुरु पहुंच रहे हैं, वहीं पार्टी के संकटमोचक डी. के. शिवकुमार भी सक्रिय हो चुके हैं। वह अपने विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा से आनन-फानन में बेंगलुरु पहुंचे और संकट को खत्म करने की कवायद में जुट गए हैं। उन्होंने अपने आवास पर कांग्रेस के 3 बागी विधायकों रामलिंगा रेड्डी, एस. टी. सोमशेखर और बैरती बासवराज से मुलाकात की। शिवकुमार से मुलाकात के एस. टी. सोमशेखर और बैरती बासवराज एक अन्य बागी विधायक मुनिरत्ना के साथ राजभवन पहुंचे। इन तीनों विधायकों ने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सीएम बनाने की मांग की है।

    लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी सरकार: बागी विधायक
    राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के बाद जेडीएस के बागी विधायक एच. विश्वनाथ ने कहा कि गठबंधन सरकार राज्य के लोगों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने कहा, ‘अबतक कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 14 विधायक सरकार के खिलाफ इस्तीफा दे चुके हैं। हम राज्यपाल से भी मिले। हमने स्पीकर को लिखा है कि हमारे इस्तीफे स्वीकार करें। गठबंधन सरकार कर्नाटक के लोगों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है।’
    ‘इस्तीफे पर मंगलवार तक फैसला लेंगे स्पीकर’
    बागी जेडीएस विधायक एच. विश्वनाथ ने यह भी बताया, ‘हमने कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर को अपने इस्तीफे सौंपे हैं। उन्होंने हमें भरोसा दिया है कि इस पर मंगलवार तक फैसला ले लेंगे। इस सरकार ने अपने कामकाज को लेकर सभी को विश्वास में नहीं लिया। इसी वजह से आज हमने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है।’

    बीजेपी सरकार बनाने के लिए तैयार: डीवी सदानंद गौड़ा
    बीजेपी नेता डीवी सदानंद गौड़ा ने साफ किया है अगर राज्यपाल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं तो उनकी पार्टी इसके लिए तैयार है। इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कहा कि बीजेपी की सरकार बनी तो बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बनेंगे। इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता सदानंद गौड़ा ने कहा, ‘सभी विधायक यह समझ गए थे कि लंबे समय में इन पार्टियों के साथ रहने में उनका या उनके क्षेत्र का कोई फायदा नहीं है। ऐसे में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है।’

    कांग्रेस के 8 और जेडीएस के 3 विधायकों का इस्तीफा
    शनिवार को कर्नाटक की सियासत उस समय गरमा गई जब अचानक सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के 11 विधायक (8 कांग्रेस और 3 जेडीएस) विधानसभा स्पीकर को इस्तीफा देने पहुंच गए। हालांकि स्पीकर कार्यालय में नहीं मिले। उनके सचिव को इन सभी विधायकों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया।

    ‘येदियुरप्पा होंगे सीएम’ 
    इस सवाल के जवाब में कि क्या बीजेपी सूबे में सरकार बनाने के लिए तैयार है, बीजेपी नेता ने कहा, इस मामले में निर्णय लेने का हक राज्यपाल को है। जहां तक संवैधानिक जनादेश का सवाल है, अगर वह (राज्यपाल)हमें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं तो हम इसके लिए तैयार हैं। हम सूबे की सबसे बड़ी पार्टी हैं। हमारे पास 105 का आंकड़ा है। सीएम चेहरे के सवाल पर गौड़ा ने साफ कहा कि ऐसी स्थिति बनती है तो निश्चित ही येदियुरप्पा सूबे के मुख्यमंत्री बनेंगे।

    येदियुरप्पा ने की शिवकुमार की निंदा
    उधर, येदियुरप्पा ने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के रवैये की निंदा की। येदियुरप्पा ने कहा, ‘शिवकुमार के रवैये को लोग देख रहे हैं। यहां स्पीकर के पास इस्तीफा देने आए कुछ विधायकों के इस्तीफा पत्र को उन्होंने फाड़ दिया। यह निंदनीय है। जनता सब देख रही है।’
    स्पीकर बोले- बेटी को पिकअप करने जाना था
    इससे पहले स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी को पिकअप करना था, इसलिए वह घर चले गए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने दफ्तर में बता दिया था है कि वे इस्तीफा ले लें। स्पीकर ने कहा कि 11 विधायकों के इस्तीफे की जानकारी है। उन्होंने कहा कि अब वह सोमवार को इस मामले को देखेंगे।

    और विधायक दे सकते हैं इस्तीफा
    उधर, ऐसी भी चर्चा है कि अभी और विधायक इस्‍तीफा दे सकते हैं। इस घटनाक्रम से कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी को करारा झटका लगा है। संकट को देखते हुए कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार अपने विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा से वापस बेंगलुरु आ गए हैं।

  • UP सहित पूरे देश में 110 जगहों पर CBI के छापे

    UP सहित पूरे देश में 110 जगहों पर CBI के छापे

    लखनऊ। राजधानी लखनऊ सहित यूपी के अलग-अलग शहरों में सीबीआई ने मंगलवार को छापेमारी की। सीबीआई ने दिल्ली में भ्रष्टाचार, अपराध और हथियारों की स्मगलिंग से जुड़े 30 केस दर्ज किए है। जिसके चलते 19 राज्यों में करीब 110 स्थानों पर छापेमारी की गई।

    केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आज मंगलवार की तड़के देश के 19 राज्यों में 110 स्थानों पर छापेमारी करते हुए 30 प्रकरण दर्ज किये हैं। यह कार्रवाई एमपी के भोपाल सहित सभी प्रमुख शहरों में किये गये हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार 9 जुलाई को बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 110 स्थानों पर छापा मारी की है । सीबीआई ने छापेमारी के दौरान इन ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन भी चलाया।

    बताया जाता है कि सीबीआई ने इस दौरान भ्रष्टाचार, आपराधिक कदाचार और हथियार तस्करी संबंधित 30 अतिरिक्त मामले दर्ज किए हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी सीबीआइ की ओर से देश के कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इससे पहले 2 जुलाई को भी सीबीआई ने बैंक ऋण के बड़े बकाएदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी. तब सीबीआई ने देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 50 स्थानों पर छापेमारी की थी।

    इन स्थानों पर छापामारी

    जिन जगहों पर सीबीआई ने छापेमारी  की गई, उसमें भोपाल, दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, ठाणे, पुणे, वलसाड, सूरत, लुधियाना, गुरुग्राम, गया, तमिलनाडु में पलानी, व कर्नाटक में कोलार शामिल हैं।

  • पत्रकारों से अभद्रता करने वाले, BJP विधायक का तमंचे पे डिस्को

    पत्रकारों से अभद्रता करने वाले, BJP विधायक का तमंचे पे डिस्को

    देहरादून । इस वायरल विडियो पर लगातार फजीहत के बीच अब बीजेपी विधायक ने अपनी सफाई दी है। साथ ही उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया।

    इतना ही नहीं विधायक ने खुद सवाल कर दिया कि क्या शराब पीना और लाइसेंसी बंदूक रखना अपराध है? बता दें कि विधायक चैंपियन को अनुशासनहीनता के आरोप में तीन महीने के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था।

    इस बार भी पार्टी ने कहा है कि चैंपियन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड के खानपुर से बीजेपी विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का एक विडियो वायरल हो रहा है।

    इस विडियो में वह लोगों के साथ शराब पीते हुए हाथों में राइफल और पिस्टल लहराते हुए फिल्मी गानों पर झूम रहे हैं। वायरल विडियो में नजर आ रहा है कि विधायक ने दोनों हाथों में एक-एक रिवॉल्वर और मुंह में एक रिवॉल्वर ले रखा है।

    बाद में वह जाम के साथ हथियार लहराते नजर आ रहे हैं। विधायक प्रणव सिंह चैंपियन अपने समर्थकों के साथ बॉलिवुड फिल्म करण-अर्जुन के मुझको राणा जी माफ करना गाने पर ठुमके लगाते नजर आ रहे हैं। विडियो में विधायक कई जगह गाली भी देते नजर आ रहे हैं।

    पत्रकारों से अभद्रता करने वाले, BJP विधायक का तमंचे पे डिस्को
    विधायक का ‘तमंचे पे डिस्को’

    विडियो पर फजीहत के बीच सफाई देते हुए चैंपियन ने कहा, यह एक साजिश है। वे लाइसेंसी हथियार थे और लोडेड नहीं थे। मैं किसी की ओर इशारा नहीं कर रहा हूं और न ही किसी को धमकी दे रहा हूं। क्या अपराध है? क्या शराब पीना और लाइसेंसी बंदूक रखना अपराध है।

    उधर, बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने कहा कि उन्होंने यह विडियो देखा है और वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि चैंपियन के खिलाफ इसी तरह की पहले भी शिकायतें आई हैं और उन्हें 3 महीने के लिए निलंबित किया गया है।

    बलूनी ने कहा कि पार्टी उत्तराखंड यूनिट से बात करेगी और चैंपियन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें पत्रकारों से अभद्रता मामले में बीजेपी ने विधायक प्रणव सिंह चैंपियन को तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है।

  • भारत के 123 करोड़ लोगों के लिए ‘आधार कार्ड’ बना एक महत्वपूर्ण दस्तावेज

    भारत के 123 करोड़ लोगों के लिए ‘आधार कार्ड’ बना एक महत्वपूर्ण दस्तावेज

    नयी दिल्ली। संसद ने बैंक में खाता खोलने और मोबाइल फोन का सिम लेने के लिए ‘आधार’ को स्वैच्छिक बनाने संबंधी ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2019′ को सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी।

    राज्यसभा ने चर्चा के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया. लोकसभा में यह विधेयक पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को ही पारित किया जा चुका है। उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आधार में संरक्षित डाटा को पूरी तरह से सुरक्षित बताया।

    उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य सदस्यों द्वारा डाटा सुरक्षा कानून बनाने की मांग पर आश्वासन दिया कि सरकार जल्द ही ‘डाटा संरक्षण विधेयक’ पेश करेगी। इसकी प्रक्रिया तीव्र गति से चल रही है। प्रसाद ने इस विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा डाटा सुरक्षा को लेकर उठाये गये सवालों के जवाब में कहा, पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने ‘आधार’ को कानूनी आधार दिये बिना ही लागू कर दिया था इसलिए यह निराधार था। इसे हमने कानूनी आधार प्रदान किया है।

    उन्होंने कहा कि यह विधेयक उच्चतम न्यायालय के फैसले के आलोक में पेश किया गया है। आधार पर देश की करोड़ों जनता ने भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी के पास आधार नहीं होने की स्थिति में उसे राशन जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है।

    इस बारे में कोई सूचना जाहिर करने के लिए धारक से अनुमति प्राप्त करनी होगी। प्रसाद ने कहा कि देश में 123 करोड़ आधार धारक हैं और इनसे जुड़ी किसी जानकारी को निजी कंपनियों या किसी अन्य पक्ष को लीक या जारी नहीं किया जा सकता है।

  • खनन में काम करने वालों को सुरक्षा, सम्मान और उपचार की जरुरत: यू.एन.

    खनन में काम करने वालों को सुरक्षा, सम्मान और उपचार की जरुरत: यू.एन.

    जयपुर 11 जुलाई। संयुक्त राष्ट्र संघ (व्यवसाय एंव मानवाधिकार) के सदस्य सूर्या देवा ने कहा कि राज्य व केंद्र की सरकार को सुनिश्चिित करना चाहिए कि वे क्षेत्राधिकारी में चल रही खनन क्षेत्र की कंपनियां मानवाधिकारों का पूरी तरह से पालन करें। जिससे कि इस क्षेत्र में काम करने वालों को सुरक्षा, सम्मान और उपचार मिल सके। सूर्या देवा गुरुवार को खान मजदूर सुरक्षा अभियान ट्रस्ट एवं विकास अध्ययन संस्थान के संयुक्त तत्वाधान मंे खनन क्षेत्र में व्यवसाय, मानवाधिकार और उपचार की पहुंच पर आयेाजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

    खनन में काम करने वालों को सुरक्षा, सम्मान और उपचार की जरुरत: यू.एन.
    खनन में काम करने वालों को सुरक्षा, सम्मान और उपचार की जरुरत: यू.एन.

    उन्होने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ (यू.एन.) के व्यवसाय एंव मानवाधिकार के सूचकांक के तीन मुख्य स्तंभ है। जिसमें सुरक्षा, सम्मान और उपचार को शामिल किया गया है। इसी के तहत राजस्थान में सिलिकोसिस से पीड़ित एंव उनके आ़िश्रतेंा को उपचार के साथ सहायता राशि दी जाती है। प्रदेश सरकार की इसी प्रक्रिया को समझने के लिए यू.एन.के प्रतिनिधिमंडल ने सामाजिक न्याय आधिकारिकता विभाग के शासन सचिव अखिल अरोरा से मुलाकात कर इस प्रक्रिया को समझा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के हरप्रीत कौर ने कहा कि कोई भी उधेाग या कंपनी चला रहे है तो उसमें कार्यरत जो भी काम कर रहें है उनकी सुरक्षा एंव कल्याण का दायित्व भी इसे चलाने वाले का ही बनता है। खनन क्षेत्र में श्रमिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा जो कि राज्य में कार्यरत श्रमिकेां का नियोजन कंेद्र सरकार के अधीन है परंतु खनन पट्टा देने का दायित्व राज्य सरकार के पास है। इसलिए राज्य सरकार का यह भी दायित्व बनता है कि वे खनन मालिकों की मार्फत श्रम एंव नियेाजन का सम्मान सुरक्षित करावें, ताकि खनन मजदूरेां का मानव अधिकार सुरक्षित रहे।

    राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व सदस्य आईपीएस डाॅ. एम.के. देवराजन ने कहा कि देशभर में खनन क्षेत्र में जो लेाग काम करते है उन्हे भी उपचार के साथ सम्मान मिलना चाहिए, ताकि उनका मानवाधिकार सुरक्षित रहे। हम सभी को इनके मानवाधिकारेंा की रक्षा करनी चाहिए, तभी वे अच्छी जिंदगी जी सकेंगे।
    आईपीएस डा.अमनदीप कपूर सिंह ने कहा कि खनन, सेफटी एंव सुरक्षा एक्ट का पालन करने और कराने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। इन अधिनियमेंा का पालन समय पर हो तो खनन श्रमिकेंा को कई तरह की बीमारियेां से बचाया जा सकता है और इन्हे आर्थिक रुप से सशक्त बनाया जा सकता है।

     

    इस अवसर पर खान मजदूर सुरक्षा अभियान ट्रस्ट के डा.राना सेन गुप्ता ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा खनन के क्षेत्र में अन्य प्रदेशों की जुलना में अच्छा काम किया है। जिसमें 33 जिलों में व्यवसायिक स्वास्थय से जुड़ी बीमारियों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन, सिलिकोसिस जैसी बीमारी की गंभीरता को समझते हुए उसे आपदा की श्रेणी लेना, देशभर में सर्वप्रथम सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ितों को सहायता राशि देने में पहल, जांच प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन करना, सिलिकोसिस पुनर्वास नीति एंव कल्याण बोर्ड आदि शामिल है।
    इस अवसर पर टाटा सोशल सांइस की सहायक प्रोफेसर पेखम बसु ने खनन क्षेत्र में जेंडर के मुददों पर विचार रखे।  इस संगोष्ठी में प्रदेशभर में खनन पर काम करने वाली स्वयंसेवी संस्थाअेां के प्रतिनिधियेां के प्रतिनिधियेंा ने भाग लिया।

  • घर के बेडरूम में बाघ को आराम फरमाते देखा तो घरवालों के होश उड़ गये !

    घर के बेडरूम में बाघ को आराम फरमाते देखा तो घरवालों के होश उड़ गये !

    गुवाहाटी । असम में बाढ़ की चपेट में आए काजीरंगा नैशनल पार्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।  नैशनल पार्क का 90 फीसदी हिस्सा पानी में पूरी तरह डूब गया है। ऐसे में नैशनल पार्क के जानवरों को खाने पीने की किल्लत और रहने के समस्या हो रही है।

    जानवर बाहरी और सुरक्षित इलाकों की तरफ जा रहे हैं।असम में बाढ़ का कहर जारी है और राज्य में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है और 57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।   कई स्थानीय लोग भी राष्ट्रीय राजमार्ग 37 को पार करके कार्बी आंगलोंग के दक्षिणी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं।

    काजीरंगा स्थित हरमति इलाके के एक घर में उस समय हड़कंप मच गया, जब घरवालों ने घर के बेड पर एक बाघ को आराम फरमाते हुए पाया।रफीकुल, जो काजीरंगा के हरमति इलाके में रहते है।

    घर के बेडरूम में बाघ को आराम फरमाते देखा तो घरवालों के होश उड़ गये !
    घर के बेड पर आराम से बैठा बाघ

    सुबह करीब सात बजे जब वह अपने घर के एक कमरे में गये तो देखा उनके बेड पर बाघ आराम फरमा रहा है, यह देखकर होश उड़ गए। वह और घर अन्य सदस्य घर छोड़कर दूर जाकर खड़े हो गए। फौरन वन विभाग को सूचना दी गई।

    उन लोगों ने घर के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए। देखते ही देखते यह सूचना इलाके में फैल गई और दर्जनों लोग बाघ के आराम फरमाते हुए देखने के लिए पहुंच गए। वन विभाग की टीम भी पहुंची। टीम बाघ पर निगरानी रख रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि नैशनल पार्क में पानी भर जाने से बाघ को खाना नहीं मिला होगा और वह खाने की तलाश में घर में गया होगा। यहां पर उसे सूखा बिस्तर मिला तो वह वहां आराम करने लगा होगा। उन्होंने बताया कि बाघ को रेस्क्यू कराते समय यह पता चला कि वह भूखा था।

    बारिश और बाढ़ के कारण अभयारण्य के जानवर बुरी तरह से पीड़ित हैं। ब्रह्मपुत्र नदी के पास मैदान में फैले इस नैशनल पार्क में दुनिया के सर्वाधिक गैंडे पाए जाते हैं।अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल हम बाघ को परेशान नहीं कर रहे हैं बल्कि उसके मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। उसके लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • सैमसंग और अपोलो क्लिनिक ने असंचारी रोगों (NCDs) पर प्रभावी उपायों के लिए मोबाइल क्लिनिक का शुभारंभ किया

    सैमसंग और अपोलो क्लिनिक ने असंचारी रोगों (NCDs) पर प्रभावी उपायों के लिए  मोबाइल क्लिनिक का शुभारंभ किया

    चेन्नई : सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने आज सैमसंग-अपोलो मोबाइल क्लिनिक  शुरू किया। बड़े पैमाने पर फैलते हुए असंचारी रोगों पर गुणवत्तापूर्ण, निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लाभ समाज के वंचित वर्गों को प्रदान करने के लिए यह विशेष पहल की गई है। ग्रामीण इलाकों में अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करना और इसके लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना सैमसंग और अपोलो हॉस्पिटल्स समूह का उद्देश्य है। तमिलनाडु राज्य के माननीय राज्यपाल श्री बनवारीलाल पुरोहित द्वारा सैमसंग-अपोलो मोबाइल क्लिनिक का
    उद्घाटन किया गया। अपोलो हॉस्पिटल्स समूह के अध्यक्ष डॉ प्रताप सी रेड्डी, अपोलो हॉस्पिटल्स की सह-प्रबंध निदेशक श्रीमती संगीता रेड्डी, चेन्नई के सैमसंग मैन्युफैक्चरिंग प्लान्ट के प्रबंध निदेशक श्री. जे यंग यांग इस अवसर पर उपस्थित थे।

    सैमसंग-अपोलो मोबाइल क्लिनिक असंचारी रोगों के लिए अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाएं प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक से सक्षम है। पूरी दुनिया में असंचारी रोगों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। 50% से अधिक मौतों का कारण बनने वाली मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी असंचारी बिमारियों की गंभीरता भारत में भी एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। सैमसंग-अपोलो मोबाइल क्लिनिक को समाज में जागरूकता निर्माण कर, असंचारी बीमारियों के शुरुआती लक्षणों का निदान करने और निवारक परिक्षण के लिए बनाया गया है। असंचारी रोगों से निपटना इस पहल का लक्ष्य है। ग्रामीण इलाकों में यह क्लिनिक प्राथमिक परिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा। अपोलो हॉस्पिटल्स के चिकित्सा प्रोफेशनल्स इस पहल के माध्यम से प्राथमिक परीक्षा और शिविर आयोजित करेंगे।

    तमिलनाडु के माननीय राज्यपाल श्री बनवारीलाल पुरोहित ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, सैमसंग और अपोलो हॉस्पिटल्स के बीच यह साझेदारी बहुत ही सराहनीय है। लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करके, भारत को अधिक स्वस्थ और शक्तिशाली बनाने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों की मैं सराहना करता हूं। इससे लोगों को उनके घर के बहुत ही नजदीक अच्छीं निवारक और नैदानिक ​​सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस दिशा में अपोलो हॉस्पिटल्स और सैमसंग बहुत ही मौल्यवान कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देना समय की मांग है। इस पहल को शुभकामनाएं देते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है।

    इस संस्मरणीय अवसर पर, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ प्रताप सी रेड्डी ने कहा, देश के प्रत्येक व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर पाना यह भारत के सामने एक बड़ी चुनौती है। असंचारी रोगों की बढ़ती मात्रा के कारण यह चुनौती और भी गंभीर हो गई है। एक अनुमान के अनुसार, दुनिया भर में, 17 मिलियन लोग हृदय रोग से अपनी जान गवा देते हैं। जल्द से जल्द निदान और निवारक उपाय यह इसके लिए एकमात्र समाधान है। लेकिन हमारे विशाल देश में समय और दूरी की बाधाओं के कारण हर व्यक्ति अस्पताल तक नहीं पहुंच सकता है। अपोलो हॉस्पिटल्स ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमी की समस्या से निपटने का फैसला किया है। सैमसंग की मदद से, हम मोबाइल क्लिनिक शुरू कर रहे हैं, जो जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। मोबाइल क्लिनिक की शुरुआत तमिलनाडु राज्य से की गई है, लेकिन जल्द ही इस पहल को अन्य राज्यों तक पहुँचाया जाएगा। एनसीडी के खिलाफ हमारी लड़ाई मात्र महानगरों तक सीमित नहीं है, तो स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पतालों तक सीमित क्यों रखें। अपोलो हॉस्पिटल्स प्रत्येक नागरिक तक पहुंचेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक नागरिक स्वस्थ रहें। स्वस्थ और खुशहाल नागरिक ही समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। अपोलो हॉस्पिटल्स इसमें योगदान दे रहा है।

    सैमसंग इंडिया के कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष श्री. पीटर ऱ्ही ने बताया, सैमसंग समाज को बदलने और लोगों के लिए एक बेहतर जीवन बनाने की इच्छा रखता है। अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ मिलकर सैमसंग-अपोलो मोबाइल क्लिनिक प्रोग्राम की शुरुआत करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है। तमिलनाडु में वंचित वर्गों के लोगों को असंचारी बिमारियों के लिए सैमसंग-अपोलो मोबाइल क्लिनिक मेडिकल स्क्रीनिंग कैम्प्स और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त में प्रदान करेगा। इस साझेदारी से हम स्वास्थ्य सेवाओं की कमीयों को दूर कर क्षेत्र के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहते हैं। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लिमिटेड सैमसंग कंपनी अपने उत्पादों और कामों के माध्यम से दुनिया को प्रभावित करती है, नए विचारों और प्रौद्योगिकी की मदद से भविष्य को आकार देती है। सैमसंग ने टीवी, स्मार्टफोन, पहनने योग्य डिवाइस, टैबलेट, डिजिटल उपकरण, नेटवर्क सिस्टम और मेमोरी, सिस्टम एलएसआई, फाउंड्री और एलईडी सुविधाओं की दुनिया को पूरा बदल दिया है।

    सैमसंग इंडिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां http://news.samsung.com/in सैमसंग इंडिया न्यूज़रूम से संपर्क करें। हिंदी से जानकारी प्राप्त करने के लिए, कृपया सैमसंग न्यूज़ रूम भारत से https://news.samsung.com/bharat संपर्क करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं – @SamsungNewsIN अपोलो हॉस्पिटल्स 1983 में डॉ. प्रताप रेड्डी ने अगुवाई करते हुए भारत का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल चेन्नई में शुरू किया – अपोलो हॉस्पिटल्स। यह एशिया का सबसे बड़ा और सर्वाधिक विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करनेवाला समूह है, इस समूह में 71 अस्पतालों में 12,000 से भी अधिक बेड्स, 3300 से ज्यादा फार्मेसीज, 90 से अधिक प्राइमरी केयर एंड डायग्नोस्टिक क्लीनिक, 110 से अधिक टेलीमेडिसिन सेंटर्स और 15 से भी अधिक मेडिकल एजुकेशन सेंटर्स, ग्लोबल क्लिनिकल ट्रायल्स, एपिडेमीओलॉजिकल संशोधन, स्टेम सेल और जेनेटिक संशोधन पर विशेष ध्यान देनेवाला रिसर्च फाउंडेशन इसमें शामिल हैं। अपोलो हॉस्पिटल एकात्मिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करते हुए नई चिकित्सा क्रांति में अग्रेसर है। महत्त्वपूर्ण निवेश के साथ भारत के चेन्नई में उन्होंने एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया का पहला प्रोटोन थेरेपी सेंटर शुरू किया है। हर चार दिनों में अपोलो हॉस्पिटल्स समूह एक मिलियन लोगों के जीवन को स्पर्श करता है, अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं हर एक व्यक्ति के लिए उपलब्ध कराना इस समूह का उद्देश्य है।

    भारत सरकार ने अपोलो हॉस्पिटल्स के योगदान की सराहना और सम्मान में स्टैम्प जारी किया है, इस तरह का सम्मान पानेवाला यह पहला स्वास्थ्य संस्थान है। अपोलो हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी रेड्डी को 2010 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 35 सालों से अपोलो हॉस्पिटल्स समूह ने चिकित्सा में नई खोज, वैश्विक स्तर की क्लीनिकल सेवाएं, आधुनिक तकनीक में लगातार नेतृत्व कर रहा है। आधुनिक चिकित्सीय सेवाएं और संशोधन के लिए हमारे अस्पतालों को विश्व के सर्वोत्तम अस्पतालों में गिना जाता है।

    अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ संपर्क करे : http://www.apollohospitals.com
    ट्विटर पर फॉलो करने के लिए – @HospitalsApollo

  • PUNJAB : अमरिंदर कैबिनेट से नवजोत सिंह सिद्धू ने दिया इस्तीफा

    PUNJAB : अमरिंदर कैबिनेट से नवजोत सिंह सिद्धू ने दिया इस्तीफा

    चंडीगढ़ । लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए खुद को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का सिद्धू ने आरोप लगाया था। वहीं सीएम ने सिद्धू से उनका विभाग छीन लिया था। सिद्धू के पास पहले स्थानीय प्रशासन और पर्यटन-संस्कृति मंत्रालय की जिम्मेदारी थी। इसे छीनकर उन्हें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया था। प्रभार बदले जाने के बाद से ही सिद्धू कैप्टन से नाराज चल रहे थे। दरअसल, लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कैप्टन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई थी। इसका सिद्धू ने भी समर्थन किया था।

    क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धू ने खुद ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। ट्विटर पर उन्होंने वह पत्र भी पोस्ट किया है, जिसे उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को संबोधित करते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। सिद्धू के मुताबिक, उन्होंने 10 जून को ही राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया था।

    सिद्धू ने रविवार को एक अन्य ट्वीट में यह भी कहा कि वह जल्द ही अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को भी भेजेंगे। उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा नहीं मिला है। इस्तीफे में कहा गया है कि यह तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा गया था।

    बता दें कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के साथ जारी विवाद को लेकर पिछले दिनों सुर्खियों में रहे। लोकसभा चुनावों के समय से ही दोनों नेताओं में मनमुटाव चल रहा है। सीएम कैप्टन अमरिंदर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक से भी सिद्धू नदारद रहे थे।

    सीएम ने सिद्धू पर बोला था हमला
    इसके बाद सीएम अमरिंदर ने सिद्धू को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा था कि उन्हें लगता है कि शायद सिद्धू की ख्वाहिश मुख्यमंत्री बनने की है। इसके अलावा कैप्टन ने नवजोत सिद्धू के पाकिस्तान जाकर वहां के सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर भी उन पर वार किया था।

  • एयरपोर्ट पर एयरलाइंस की बसों ने यात्रियों को भरकर आपस में लगाई रेस, कई यात्री घायल

    एयरपोर्ट पर एयरलाइंस की बसों ने यात्रियों को भरकर आपस में  लगाई रेस, कई यात्री घायल

    नई दिल्ली।  दिल्ली की सड़कों पर अब तक बसों की तेज रफ्तार और हादसों की खबरें हमने हमेशा ही सुनी हैं लेकिन अब आईजीआई एयरपोर्ट पर भी कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यात्रियों से भरी दो एयरलाइंस की बसें आपस में रेस लगाते हुए टकरा गईं. मामले में कई यात्री घायल हो गए हैं. सूचना मिलने पर एयरपोर्ट पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस के अनुसार घटना शनिवार शाम 4 बजे टर्मिनल 2 के पास हुई. इस दौरान दो एयरलाइंस की बसें एयरपोर्ट पहुंचे विमानों से या‌त्रियों को लेकर टर्मिनल तक जा रही थीं और दोनों ने आपस में रेस लगानी शुरू कर दी।  जब यात्रियों ने ऐसा करने से मना किया तो ड्राइवरों ने गाड़ी को और भगाना शुरू कर दिया। बाद में यह दोनों बसें टकरा गईं. हादसे में दो यात्रियों की आंख पर और एक के चेहरे पर चोट लगी है जिनका उपचार किया जा रहा है।

    लोगों ने बताया कि पहले तो पुलिस को जानकारी देने से भी बचा जा रहा था. लेकिन बाद में जब यात्रियों ने दबाव डाला तो पुलिस को जानकारी दी गई. पुलिस अब जांचकर रही है कि दोनों ही ड्राइवरों के पास वैध कमर्शियल लाइसेंस था कि नहीं और किसी ने नशा तो नहीं कर रखा था। लोगों ने बताया कि दोनों ही ड्राइवर एयरपोर्ट पर बस चलाने वाले नहीं लग रहे थे. पुलिस को शक है कि हैल्पर यह बस चला रहे थे। मामले की अभी जांच की जा रही है।