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  • पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स Ushoshi Sengupta के साथ मनचलों ने सरेराह की बदसलूकी

    पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स Ushoshi Sengupta के साथ मनचलों ने सरेराह की बदसलूकी

    कोलकाता । पश्चिम बंगाल में पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स अभिनेत्री उशोशी सेनगुप्ता को कुछ मनचलों ने सरेराह बदसलूकी का मामला सामने आया है। उन्होंने मंगलवार को इस मामले को अपने साथ हुए अभद्र व्यवहार के बारे में फेसबुक पर पोस्ट भी शेयर किया। अब इस मामले में कोलकाता पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के लिए बता दें कि उशोशी ने साल 2010 में मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीता था।

    मीडिया खबरों के अनुसार उशोषी सेनगुप्ता का आरोप है कि काम से घर लौटने के दौरान कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने जवाहरलाल रोड क्रॉसिंग के पास उनका पीछा किया। मंगलवार को पुलिस ने बताया कि इस मॉडल से बदसलूकी की इस घटना के संबंध में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना सोमवार की रात लगभग 11 बजकर 40 मिनट पर हुई थी। सेनगुप्ता द्वारा ली गई तस्वीरों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ये गिरफ्तारियां हुई हैं। सेनगुप्ता का दावा है कि वह एक ऐप बेस्ड कैब से अपनी एक सहकर्मी के साथ घर लौट रही थीं। इसी दौरान उनकी कार को बाइक सवार युवकों ने टक्कर मार दी और वे कार के ड्राइवर को बाहर निकालकर उन्हें पीटने लगे।

    पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स Ushoshi Sengupta के साथ मनचलों ने सरेराह की बदसलूकी

    पूर्व मिस इंडिया उशोशी सेनगुप्ता अपना काम खत्म कर कोलकाता के एक होटल से अपने घर लौट रही थीं। उशोशी ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह सोमवार को रात करीब 11.40 पर अपना काम खत्म करके श्रॅ मैरियट होटल से घर के लिए लौट रही थीं। उशोशी सेनगुप्ता के साथ उनका सहकर्मी भी था। दोनों ने उबर कैब बुक की। आधा रास्ता तय करने के बाद कुछ लड़कों का एक गैंग आया और उसने उशोशी सेनगुप्ता की कैब में बाइक से टक्कर मार दी। इसके बाद उन लड़कों ने उशोशी के कैब ड्राइवर को कार से बाहर निकालकर पीटना शुरू कर दिया।

    इसपर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस ने कहा कि हमने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। अबतक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही, कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने इस बात की जांच बैठाई है कि मामले पर एफआईआर क्घ्यों नहीं दर्ज की गई।

  • चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !

    नई दिल्ली। मोबाइल आज हमारी जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा बन गया है । इस मोबाइल फोन के बिना अपने भविष्य की कल्पना करना भी मुश्किल है। अब ऐसा लगता है कि इसमें सारी दुनिया ही समा गयी है। लेकिन मोबाइल का ज्यादा यूज करना भी आपकी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !
    Photo Credit- Social Media

    हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के क्‍वींसलैंड  स्थित सनशाइन कोस्ट यूनिवर्सिटी में हुई एक रिसर्च में बहुत चौकाने वाला खुलासा हुआ है। रिसर्च के अनुसार मोबाइल इस्तेमाल करने वाले युवाओं के सिर में अब सींग उगने लगे हैं। यानी मोबाइल अब कंकाल स्तर पर बदलाव कर रहा है।

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !
    Photo Credit- Social Media

    ये नई रिसर्च जैव यांत्रिकी पर की गई है। इस रिसर्च में खुलासा हुआ है कि मोबाइल चलाते वक्त लोग अपने सिर को आगे पीछे की तरफ हिलाया करते हैं।

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !
    Photo Credit- Social Media

    ऐसे में गर्दन के निचले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव आने लगता है. यही वजह है कि कुछ दिनों बाद इसी कारण हड्डियां बाहर की तरफ निकल जाती हैं। सिर पर ज्यादा दबाव पड़ने के चलत ये सींग जैसी दिखने वाली हड्डियां निकल रही हैं।

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !
    Photo Credit- Social Media

    इस रिसर्च में 18 से 30 साल के ऐसे युवाओं को शामिल किया गया जो मोबाइल पर कई घंटे बिताते हैं। इस रिसर्च में बताया गया है कि रीढ़ की हड्डी से शरीर का वजन शिफ्ट होकर सिर के पीछे की मांसपेशियों तक जाता है।

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !

    ‘वॉशिंगटन टाइम्स’ की न्यूज रिपोर्ट में उस स्कैन्ड चित्र को भी दिखाया गया है जिसमें खोपड़ी के निचले हिस्से में ये कांटेदार सींगनुमा हड्डी दिख रही है. डॉक्टरों का कहना है कि इंसान की खोपड़ी का वजन करीब साढ़े चार किलो होता है।

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !
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    इससे कनेक्टिंग टेंडन और लिगामेंट्स में हड्डी विकसित होती है। इस वजह से युवाओं में हुक या सींग की तरह की हड्डियां बढ़ रही हैं, जो गर्दन के ठीक ऊपर की तरह खोपड़ी से बाहर निकली हुई है। रिपोर्ट में उस स्कैन्ड चित्र को भी दिखाया गया है जिसमें खोपड़ी के निचले हिस्से में ये कांटेदार सींगनुमा हड्डी दिख रही है।

    चौकाने वाला खुलासा :अब युवाओं के सिरों में उगने लगे हैं सींग, कारण है आपका मोबाइल !
    Photo Credit- Social Media

    डॉक्टरों ने रिसर्च में पाया कि मोबाइल चलाते वक्त लोग अपने सिर को आगे पीछे की तरफ हिलाया करते हैं ऐसे में गर्दन के निचले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव आने लगता है। यही वजह है कि कुछ दिनों बाद इसी कारण हड्डियां बाहर की तरफ निकल जाती हैं। सिर पर ज्यादा दबाव पड़ने के चलत ये सींग जैसी दिखने वाली हड्डियां निकल रही हैं।

  • लापरवाह डाक्टरों ने जिंदा व्यक्ति को मुर्दा घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

    लापरवाह डाक्टरों ने जिंदा व्यक्ति को मुर्दा घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

    सागर। आप यह सुनकर हैरान रह जाएंगे कि मध्य प्रदेश में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसमें यहां डाक्टरों की लापरवाही के कारण ही एक बुजुर्ग को मृत घोषित कर मुर्दाघर में भेज दिया मगर वह वृद्ध जीवित था, यह राज शुक्रवार की सुबह खुला।

    हालांकि बाद में वृद्ध की मौत हो गई। यह मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले का है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, काशीराम नाम के एक शख्स का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था।गुरुवार रात अस्पताल के डॉक्टरों ने काशीराम को मृत घोषित कर दिया।

    जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई कि काशीराम सोनी (72) निवासी नौगांव छतरपुर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके बाद बीना थाना प्रभारी अनिल मौर्य मृत का पोस्टमॉर्टम कराने पहुंचे तो बुजुर्ग की सांसें चल रही थीं। वृद्ध को तत्काल अस्पताल में दोबारा भर्ती कराया गया और फिर से इलाज शुरू किया गया।

    हालांकि इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह 10बजे बुजुर्ग की मौत हो गई। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी   डॉक्टर एसआर रोशन ने इस घटना को डॉक्टर की लापरवाही करार दिया और जांच की बात कही है।

    सीएमओ ने कहा कि इस मामले में डॉक्टर अविनाश सक्सेना की लापरवाही सामने आई है. घटना की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

  • आंधी-तूफान से धार्मिक कार्यक्रम का पंडाल गिरा, 14 लोगों की मौत

    आंधी-तूफान से धार्मिक कार्यक्रम का पंडाल गिरा, 14 लोगों की मौत

    बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर में रविवार को तूफानी बारिश ने 14 लोगों की जान ले ली। वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के एक गांव में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था और अचानक तेज आंधी-तूफान आने से पंडाल गिर गया।

    इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गयी। जबकि, 20 से ज्यादा लोग घायल हो गये हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है।

    घायलों को नाहटा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि तूफान इतना तेज था कि लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला।

    टीवी रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि जिस समय पंडाल में रामकथा चल रहा था। उस समय तेज आंधी के कारण पंडाल गिर गया और उसके बिजली का करंट प्रवाहित हो गया। जिसके कारण पंडाल के नीचे दबे लोगों की मौत हो गयी।

  • महिला रिपोर्टर को बेखौफ बदमाशों ने मारी गोली

    महिला रिपोर्टर को बेखौफ बदमाशों ने मारी गोली

    नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में बदमाश बेखौफ हैं। दिल्ली के मयूर विहार इलाके में धर्मशीला कैंसर अस्पताल की रेड लाइट के पास एक महिला पत्रकार की गाड़ी पर देर रात 12.30 बजे के आसपास फायरिंग की गई, जिसमें क्राइम रिपोर्टर रही मिताली चंदोला के हाथ में गोली लगी।

    पुलिस के अनुसार रिपोर्टर महिला को कम से कम तीन गोलियां मारी गईं, जिनमें से दो गोलियां महिला को लगीं और एक कार के फ्रंट विंडशील्ड में जा लगी। उसकी कार पर अंडे भी फेंके गए थे।

    एक गोली महिला के दाहिने हाथ में लगी। महिला को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सर्जरी के लिए उसे एम्स में स्थानांतरित किया जाएगा। पुलिस कंट्रोल रूम को फायरिंग के बारे में रविवार को करीब 12.30 बजे सूचना मिली थी।

    एएनआई के मुताबिक, चंदोला नोएडा में एक टेलीविजन चैनल में काम करती है। आलोक कुमार ने कहा कि न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

    महिला ने अपने पति के साथ होने वाले मतभेदों के बारे में पुलिस को बताया है। पुलिस को इसके पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी होने का शक है। पुलिस अधिकारी पुलिस ने डकैती के प्रयास सहित अन्य एंगल को भी खारिज नहीं किया है।

  • आमों की मशहूर किस्म ‘नूरजहां’ के एक फल की कीमत जानकर उड़ जायेंगे होश !!

    आमों की मशहूर किस्म ‘नूरजहां’ के एक फल की कीमत जानकर उड़ जायेंगे होश !!

    इंदौर । अफगानी मूल की मानी जाने वाली आम की प्रजाति नूरजहां के गिने-चुने पेड़ मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में ही पाए जाते हैं। मध्य प्रदेश का यह इलाका गुजरात से सटा है। इंदौर से करीब 250 किलोमीटर दूर कट्ठीवाड़ा में इस प्रजाति की खेती इसबार अनुकूल मौसमी हालात के चलते नूरजहां के पेड़ों पर खूब बौर (आम के फूल) आए और फसल भी अच्छी हुई।

    नूरजहां के फलों का वजन औसतन 2.75 किलोग्राम के आस-पास रहा, जबकि गुजरे तीन सालों में इनका औसत वजन तकरीबन 2.5 किलोग्राम रहा था। आमों की मलिका के रूप में मशहूर किस्म नूरजहां के फलों का औसत वजन इस बार मौसम की मेहरबानी से बढ़कर 2.75 किलोग्राम पर पहुंच गया है। यही वजह है कि आम की इस दुर्लभ किस्म के मुरीद इसके केवल एक फल के लिए 1,200 रुपये तक चुका रहे हैं।

    इस बार अच्छी फसल के चलते जहां नूरजहां के स्वाद के शौकीन खुश हैं, वहीं इसके विक्रेताओं की भी पौ बारह हो गई है। इन दिनों नूरजहां का केवल एक फल 700 से 800 रुपये में बिक रहा है। ज्यादा वजन वाले फल के लिए 1,200 रुपये तक भी चुकाए जा रहे हैं।

    नूरजहां के पेड़ों पर जनवरी से बौर आने शुरू होते हैं और इसके फल जून के आखिर तक पककर तैयार होते हैं। नूरजहां के फल तकरीबन एक फुट तक लम्बे हो सकते हैं। इनकी गुठली का वजन 150 से 200 ग्राम के बीच होता है।

    बहरहाल,  किसी जमाने में नूरजहां के फल का औसत वजन 3.5 से 3.75 किलोग्राम के बीच होता था। जानकारों के मुताबिक, पिछले एक दशक के दौरान मॉनसूनी बारिश में देरी, अल्पवर्षा, अतिवर्षा और आबो-हवा के अन्य उतार-चढ़ावों के कारण नूरजहां के फलों का वजन पहले के मुकाबले घट गया है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण आम की इस दुर्लभ किस्म के वजूद पर संकट भी मंडरा रहा है।

  • हॉस्पिटल के पीछे मिले 100 मानव कंकाल और जले शव किसके हैं ?

    हॉस्पिटल के पीछे मिले 100 मानव कंकाल और जले शव किसके हैं ?

    मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर में स्थित श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल के पीछे जंगल में शनिवार को 100 मानव कंकाल और जले हुए शव पाए गए। अब इस मामले में जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण दिया है कि ये कंकाल ऐसे शवों के हैं, जिनके लिए किसी ने कोई दावा नहीं किया है।

    मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन की ओर से सभी कानूनी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इन शवों का निस्तारण किया गया था। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा था कि इनमें चमकी बुखार से मरने वालों के शवों के कंकाल भी शामिल हो सकते हैं।

    जिलाधिकारी ने कहा, जैसे ही कंकाल पाए जाने की सूचना मेरे दफ्तर पहुंची, मैंने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। सब-डिविजनल ऑफिसर और एसपी सिटी को मामले की जांच करके रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। जिलाधिकारी के मुताबिक, इन दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पाए गए कंकाल उन शवों के हैं, जिनके लिए कोई दावा करने नहीं आया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन शवों को कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निस्तारित किया गया था।

    जिलाधिकारी ने यह भी बताया, श्नियम के मुताबिक, अज्ञात शवों को 72 घंटे तक रखने के बाद उन्हें नष्ट कर दिया जाता है। ऐसे शवों के अंतिम संस्कार के लिए जिला प्रशासन 2000 रुपये भी देता है। जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने यह भी कहा, श्इस अस्पताल के पीछे अज्ञात शवों को फेंकने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही है।

    शवदाह गृह अस्पताल के बिलकुल पास में ही है इसलिए अकसर कन्फ्यूजन हो जाता है। अब प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से फैसला लिया है कि शवदाह गृह को दादर घाट पर शिफ्ट किया जाएगा।श् उन्होंने यह भी बताया कि पांच साल के कम उम्र के बच्चों और मुस्लिमों के शवों को दफनाया जाता है जबकि हिंदुओं के शवों को जलाया जाता है।

    इस मामले में शव हिंदुओं के थे इसलिए उन्हें जलाया गया था। आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल के पीछे मौजूद जंगल में एक या दो जले हुए शव मिले थे। साथ ही 100 कंकालों के अवशेष भी जमीन पर पड़े हुए और बोरियों में भरे हुए मिले। इसी अस्पताल में कुछ ही दिनों के भीतर चमकी बुखार के चलते 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है।

  • लालू की 3.7 करोड़ की बेनामी संपत्ति होगी जब्त

    लालू की 3.7 करोड़ की बेनामी संपत्ति होगी जब्त

    पटना। आयकर विभाग की प्रथम अपीलीय अथॉरिटी ने लालू यादव और उनके परिजनों की 3.7 करोड़ की संपत्ति को जब्त करने के आदेश पर मुहर लगा दी है। लालू परिवार की ओर से संबंधित संपत्ति से जुड़े कानूनी दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहने के बाद आयकर विभाग ने यह कदम उठाया है। चारा घोटाले के मामलों में जेल की सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को एक और झटका लगा है।

    आयकर विभाग ने लालू और उनके परिवार की बेनामी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है। यही नहीं बिहार अवामी कोऑपरेटिव बैंक में उनके खाते में जमा रकम को भी जब्त किया जाएगा। लालू और उनके परिवार से जुड़ी जिन संपत्तियों को जब्त किया जाना है, उनमें पटना के जय प्रकाश नारायण इंटरनैशनल एयरपोर्ट के पास मौजूद एक दो मंजिला इमारत भी शामिल है।

    चारा घोटाले में आरोपी आरके राणा पहले इसके मालिक थे। 2002 में इसे कोलकाता की फेयर ग्रो होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने 76.3 लाख रुपये में खरीदा था। इस बीच पूर्व डेप्युटी सीएम और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव के पुराने सरकारी बंगले के नवीनीकरण को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

    बिहार सरकार के बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव चंचल कुमार के बंगले के नवीनीकरण में ज्घ्यादा खर्च नहीं करने के दावे के बाद डेप्युटी सीएम सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को दोहराया कि तेजस्वी के कार्यकाल के दौरान बंगले पर शाही खर्च किए गए। सुशील मोदी ने कहा, आखिरकार किस नियम के तहत तेजस्वी यादव के 5, देशरत्न मार्ग स्थित बंगले में ब्रिज कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन की ओर से 59 लाख रुपये का फर्निचर लगवाया गया।

  • विरल आचार्य ने छोड़ा RBI डेप्युटी गवर्नर का पद, कार्यकाल पूर्ण होने में 6 माह शेष थे

    विरल आचार्य ने छोड़ा RBI डेप्युटी गवर्नर का पद, कार्यकाल पूर्ण होने में 6 माह शेष थे

    नई दिल्ली।  आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने आज सोमवार 24 जून को अचानक अपना कार्यकाल पूर्ण होने के 6 माह पूर्व इस्तीफा दे दिया। हाल ही में आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने भी अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।

    विरल आचार्य के इस्तीफे से आरबीआई को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि 7 महीने पहले उर्जित पटेल ने भी निजी कारण से इस्तीफा दे दिया था। विरल आचार्य का कार्यकाल पूरा होने में अभी लगभग 6 महीने का समय बचा था। विरल आचार्य आरबीआई के बड़े अधिकारियों में शामिल थे. इनको उर्जित पटेल की टीम का हिस्सा माना जाता था।

    डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कार्यकाल पूरा होने के करीब छह महीने पहले ही अपने पद को छोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विरल आचार्य अब न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के सेटर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में बतौर प्रोफेसर ज्वाइन करेंगे. विरल आचार्य ने 23 जनवरी 2017 को बतौर डिप्टी गवर्नर आरबीआई को ज्वाइन किया था। उन्होंने लगभग 30 महीनों तक आरबीआई में अपनी सेवाएं दीं।

  • जब कलेक्टर फावड़ा, तसला लेकर नाली की सफाई के लिए उतरे, देखकर लोग हुए हैरान !

    जब कलेक्टर फावड़ा, तसला लेकर नाली की सफाई के लिए उतरे, देखकर लोग हुए हैरान !

    विदिशा। एक जिले का मुखिया हाथ में फावड़ा और तसला लेकर नाली की सफाई करते नजर आए तो किसी को विश्वास नहीं होगा।मगर मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के जिलाधिकारी कौषलेंद्र विक्रम सिंह ने सफाई अभियान को आम आदमी के जीवन का हिस्सा बनाने के लिए अनोखी मिसाल पेश की है।

    जिलाधिकारी की इस पहल को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सराहा है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और विदिशा के जिलाधिकारी सिंह के सफाई अभियान की चर्चा हर तरफ है. वे हर रोज विदिषा की सड़क किनारे की नालियों की सफाई करते नजर आ जा जाते हैं।

    उनके हाथ मे फावड़ा होता है, साथ ही वे नालियों से निकलने वाले कचरे को तसले में भरकर फेकनें में लगे होते है। सिंह की इस पहल को सरकारी तंत्र के साथ आमजन का भी साथ मिल रहा है।

    आमतौर पर कलेक्टर की छवि आम जनता के बीच यही है कि वह शानदार एसी रूम में बैठकर मातहतों पर रौब झाडने, हर काम के लिए निचले स्तर के अफसरों पर जिम्मेदारी डालने वाले अफसर के रूप में होती है।

    लेकिन यह धारणा एमपी के विदिशा जिले के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तोड़ दी है, वे शहर की अस्त-व्यस्त हो चुकी सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए खुद नाली में फावड़ा, तसला लेकर उतर पड़े।

    उनके इस कार्य को देखते ही देखते जनता का रिस्पांस मिला और पूरा शहर उनके साथ खड़ा हो गया और शुरू हो गई शहर को स्वच्छ बनाने की मुहिम। जिलाधिकारी सिंह विदिशा की सफाई व्यवस्था को लेकर चिंतित थे।

    संवाददाताओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, कर्मचारियों को डांट डपटकर सिर्फ औसत दर्जे का काम लिया जा सकता है, मगर प्रोत्साहन और स्वयं की सहभागिता से भरपूर नतीजे निकाले जा सकते हैं।

    इतना ही नही जो काम समाज के लिए करना है, उसमें समाज को साथ लेकर ही अच्छे से किया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस पहल की सराहना करते हुए ट्वीट किया।

    विदिशा कलेक्टर व उनकी टीम द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर किया जा रहा कार्य सराहनीय व प्रशंसनीय है।

    यह दूसरों के लिये प्रेरक भी है। महात्मा गांधी जी का यही संदेश है कि कोई कार्य छोटा नहीं होता है, ठान लिया जाये तो हर चीज संभव ।