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  • पुलवामा का बदला, Encounter में जैश कमांडर सज्जाद भट ढेर

    पुलवामा का बदला, Encounter  में जैश कमांडर सज्जाद भट ढेर

    अनंतनाग । मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों की आतंकियों से मुठभेड़ में जैश कमांडर सज्जाद भट ढेर हो गया। सज्जाद पुलवामा हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था। इस मुठभेड़ में एक अन्य आतंकी ढेर हुआ है और सेना का एक जवान भी शहीद हुआ है। इलाके की तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया है।

    पुलवामा हमले के बाद से ही सज्जाद भट सुरक्षाबलों के निशाने पर था। सज्जाद ने ही कार में आईईडी भरकर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाने की पूरी प्लानिंग की थी। अब तक तलाशी के दौरान आतंकियों के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है।

    पुलवामा आतंकी हमले के बाद NIA ने भट के बारे में खुलासा किया था। भट ने हमले से 10 दिन पहले यह मारुति इको कार खरीदी थी। भट दक्षिणी कश्मीर के बिजेहरा का रहने वाला था। यह इलाका आतंकी संगठन जैश का गढ़ माना जाता है। भट ने देवबंदी मदरसा सिराज-उल-उलम से पढ़ाई की थी। भट की मां त्राल की रहने वाली है। आंतकवादी बुरहान वानी भी त्राल का रहने वाला था। भट के माता-पिता ने कथित तौर पर बुरहान के ढेर होने के बाद हुई हिंसा में हिस्सा लिया था। भट की पहचान जैश के आत्मघाती हमलावर के तौर पर थी। उसे 2018 में हिरासत में भी लिया गया था जबकि भट के पिता को 2017 में पकड़ा गया था।

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर जिले के बिजबेहरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने मंगलवार सुबह घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया था। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चला दीं, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए हैं।

  • सांसद साध्वी प्रज्ञा के शपथ लेते वक्त लोकसभा में विपक्ष ने किया हंगामा, कारण था हैरान करने वाला !

    सांसद साध्वी प्रज्ञा के शपथ लेते वक्त लोकसभा में विपक्ष ने किया हंगामा, कारण था हैरान करने वाला !

    नई दिल्ली । भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर  जब लोकसभा की सदस्यता की शपथ ले रही थीं तो वहां भी विवाद ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। शपथ लेने के दौरान उन्होंने जब अपना नाम पढ़ा तो उसे लेकर कई विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति व्यक्त की।

    विपक्षी सदस्यों की तीखी आपत्ति के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने आश्वासन दिया कि साध्वी प्रज्ञा का जो नाम निर्वाचन प्रमाणपत्र में लिखा होगा वही सदन के रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा। सत्रहवीं लोकसभा के प्रथम सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित सदस्यों को सदन की सदस्यता की शपथ राज्यवार दिलवाई गयी।

    जब मध्य प्रदेश के सदस्यों का नंबर आया तो भोपाल से निर्वाचित होकर आयी साध्वी प्रज्ञा का नाम पुकारा गया। साध्वी प्रज्ञा ने संस्कृत में शपथ ली। उन्होंने अपना नाम साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पूर्णचेतनानन्द अवधेशानंद गिरि बोला। उन्होंने अपनी शपथ पूरी करने के बाद ‘‘भारत माता की जय’’ भी बोला।

    उनके इस नाम को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई। पीठासीन अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने प्रज्ञा ठाकुर से संविधान या ईश्वर के नाम पर शपथ लेने को कहा। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि वह ईश्वर के नाम पर ही शपथ ले रही हैं और अपना वही नाम ले रही हैं जो उन्होंने फॉर्म में भरा है।

    इस बीच कुछ देर तक लोकसभा के अधिकारी और कर्मचारी रिकार्ड में साध्वी प्रज्ञा का रिकार्ड में उल्लेखित नाम खोजते रहे। इसके बाद जब अध्यक्ष के हस्तक्षेप से हंगामा थमा तो ठाकुर ने शपथ-पत्र का नाम के बाद का हिस्सा ही पढ़ा। इस पर भी कांग्रेस के सदस्यों ने देर तक आपत्ति जताई।

    हालांकि कार्यवाहक अध्यक्ष कुमार ने आश्वासन दिया कि साध्वी प्रज्ञा का जो नाम निर्वाचन प्रमाणपत्र में लिखा होगा वही सदन के रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लेाकसभा चुनाव में भोपाल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को हराया है।

    वह महात्मा गांधी के हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे और महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व प्रमुख और मुंबई आतंकवादी हमले दौरान जान गंवाने वाले हेमंत करकरे के बारे में चुनाव प्रचार के दौरान दिये गये उनके बयानों को लेकर विवादों में रहीं। उनके शपथ लेने के बाद कुछ सदस्य शपथ के अंत में भारत माता की जय बोल रहे थे।

    इस पर आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने आपत्ति जताते हुए कहा कि शपथ-पत्र का एक प्रारूप और प्रक्रिया होती है, उसी अनुसार शपथ ली जानी चाहिए। इस पर पीठासीन वीरेंद्र कुमार ने कहा, ‘‘सदस्यों से अनुरोध है कि वे शपथ-पत्र का ही वाचन करें।’’

    उनकी इस व्यवस्था का संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया। आसन से आयी व्यवस्था के बाद भले ही शपथ लेने वाले सत्ता पक्ष के संबंधित सदस्य ने यह नारा लगाना बंद कर दिया किंतु सत्ता पक्ष के अन्य सदस्य अपने पक्ष के सदस्य के शपथ लेने के बाद ‘‘भारत माता की जय’’ का नारा लगाने लगे।

  • मोदी सरकार का भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक, वित्त मंत्रालय के 15 टाॅप अफसरों को जबरन किया रिटायर

    मोदी सरकार का भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक, वित्त मंत्रालय के 15 टाॅप अफसरों को जबरन किया रिटायर

    नई दिल्ली। भाजपा की सरकार ने केंद्र में दूसरी बार आने के बाद सरकारी विभागों से नाकारा अफसरों को निकालने का सिलसिला जारी है. मोदी सरकार ने मंगलवार को वित्त मंत्रालय के 15 सीनियर अफसरों को जबरन रिटायर करने का फैसला लिया है। इनमें मुख्य आयुक्त, आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

    इनमें से ज्यादातर के खिलाफ भ्रष्टाचार, घूसखोरी के आरोप हैं। 18 जून को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और कस्टम के जबरन रिटायर किए गए अफसरों का पद और नाम इस प्रकार है- प्रिंसिपल कमिश्नर डॉ. अनूप श्रीवास्तव, कमिश्नर अतुल दीक्षित, कमिश्नर संसार चंद, कमिश्नर हर्षा, कमिश्नर विनय व्रिज सिंह, अडिशनल कमिश्नर अशोक महिदा, अडिशनल कमिश्नर वीरेंद्र अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर अमरेश जैन, ज्वाइंट कमिश्नर नलिन कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर एसएस पाब्ना, असिस्टेंट कमिश्नर एसएस बिष्ट, असिस्टेंट कमिश्नर विनोद सांगा, अडिशनल कमिश्नर राजू सेकर डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार असवाल और असिस्टेंट कमिश्नर मोहम्मद अल्ताफ।

    इसके पहले भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभालते ही सख्त फैसला लिया था. पिछले हफ्ते टैक्स विभाग के ही 12 वरिष्ठ अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया गया था. डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत वित्त मंत्रालय के इन अफसरों को सरकार समय से पहले ही रिटायरमेंट दे रही है. इस तरह अब तक कुल 27 अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया गया है।

    पिछले हफ्ते नियम 56 के तहत रिटायर किए गए सभी अधिकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चीफ कमिश्नर, प्रिंसिपल कमिश्नर्स और कमिश्नर जैसे पदों पर तैनात थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से कई अफसरों पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार, अवैध और बेहिसाब संपत्ति के अलावा यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप थे।

    क्या है नियम 56 ?    दरअसल, रूल 56 का इस्तेमाल ऐसे अधिकारियों पर किया जा सकता है जो 50 से 55 साल की उम्र के हों और 30 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. सरकार के जरिए ऐसे अधिकारियों को अनिर्वाय रिटायरमेंट दिया जा सकता है। ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद नॉन-फॉर्मिंग सरकारी सेवक को रिटायर करना होता है। सरकार के जरिए अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिए जाने का नियम काफी पहले से ही प्रभावी है।

  • Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें

    इस तस्वीर को गौर से देखिए। यह हाल बिहार और खासकर मुजफ्फरपुर के हर उस मां-बाप का है, जिनका बच्चा अस्पताल के बेड पर पड़ा चमकी बुखार यानी अक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से जूझ रहा है। अब तक 108 बच्चे इलाज के अभाव में इस दुनिया को छोड़ चुके हैं, सैकड़ों बच्चे अब भी अस्पताल के बेड पर हैं। बदहवास हालत में अपने बच्चों को देखकर मां-बाप इस कदर निराश और परेशान हैं कि तस्वीरें देखकर किसी पत्थरदिल की आंखें भी नम हो जाएं।

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें

    Photo Credit Social Media
    अपने बच्चे को पुचकारते हुए इस मां को देखिए। ऐसे सैकड़ों मांएं अपने बच्चों को चिपकाए अस्पताल में मौजूद हैं ।

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें

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    कौन मां होगी जो अपनी गोद में अपने बच्चे को इस हाल में देखना चाहेगी। देशभर में इन बच्चों के लिए दुआओं का दौर जारी है ।

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें
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    एक-एक बेड पर 2-4 बच्चे भर्ती हैं और पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी 2-3 डॉक्टरों के कंधे पर है। ज्यादातर बच्चे बीमारी से कम और इलाज के अभाव में ज्यादा मरे हैं।

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें
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    बिहार के मुजफ्फरपुर में एईएस से अब तक 108 मासूमों की जान जा चुकी हैं। अस्पताल में इन दिनों दर्जनों ऐंबुलेंस आ-जा रही हैं, मगर इतनी चहल-पहल के बीच भी एक अजब सन्नाटा पसरा है।

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें
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    मुजफ्फरपुर के प्रमुख अस्पताल एसकेएमसीएच में दो-तीन डॉक्टरों और कुछ स्टूडेंट नर्सों के सहारे इन बच्चों का इलाज किया जा रहा है। यह हाल तब है कि जब इस बीमारी से पिछले 15 दिनों में 108 बच्चे दुनिया छोड़ चुके हैं।

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें
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    यह तस्वीर मुजफ्फरपुर के अस्पताल की है। इस मां ने अपने हंसते खेलते बच्चे को खो दिया है। अस्पताल में मातम का माहौल है। कोई अपने बच्चे को खोने पर रो रहा है, तो कोई मरणासन्न अवस्था अपने बच्चे को देख लाचार होकर खुद को कोस रहा है।

    Bihar में मौत से लड़ते बच्चे, पत्थरदिल की भी आंखें नम कर देंगी ये तस्वीरें
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    मुजफ्फरपुर में एईएस से दम तोड़ रहे ज्यादातर बच्चे बेहद गरीब परिवारों से हैं। ये परिवार पूरी तरह सरकारी व्यवस्था पर आश्रित हैं, मगर अस्पतालों में दवा, डॉक्टर, सुविधाओं, इच्छाशक्ति हर चीज की कमी है।

  • पत्नी, तीन अबोध बच्चों का कातिल बना ट्यूटर

    पत्नी, तीन अबोध बच्चों का कातिल बना ट्यूटर

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की महरौली से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आयी है। बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी एक शिक्षक ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की कथित तौर पर गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि एक निजी शिक्षक उपेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके अवसाद से पीड़ित होने का संदेह है।

    मिली जानकारी के मुताबिक, इस हत्या को उपेंद्र शुक्ला नाम के शख्स ने अंजाम दिया। 42 साल का उपेंद्र ट्यूशन पढ़ाता है। उसने अपनी पत्नी अर्चना शुक्ला और तीनों बच्चों की हत्या कर दी। बच्चों की उम्र क्रमशः 6, 5 साल और 2 महीने थी। आरोपित की सास महरौली में उसके दो कमरों के मकान में मौजूद थीं.। अधिकारी ने कि शनिवार सुबह जब उपेंद्र ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो उसकी सास ने पड़ोसियों को इसकी सूचना दी. पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा तो उपेंद्र को शवों के साथ बैठा पाया।

    अधिकारी ने बताया कि इसके बाद उन लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. कुमार ने बताया कि एक लिखित नोट मिला है, जिसमें उपेंद्र ने पत्नी और बच्चों की हत्या की बात कबूल की है। हालांकि, उसने इसमें इसका कारण नहीं बताया है. अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ये हत्याएं शनिवार की अहले सुबह करीब एक से डेढ़ बजे के बीच की गयी. उन्होंने बताया कि इसमें इस्तेमाल चाकू जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

  • एक्टर मिलिंद गणेश दास्ताने पत्नी संग हुए गिरफ्तार, आरोप लगा था धोखाधड़ी का

    एक्टर मिलिंद गणेश दास्ताने पत्नी संग हुए गिरफ्तार, आरोप लगा था धोखाधड़ी का

    मुंबई। जौहरी के साथ 25.6 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में हिंदी और मराठी अभिनेता-निर्देशक मिलिंद गणेश दास्ताने और उनकी पत्नी सयाली को पुणे से गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पिछले सप्ताह चतुरश्रुंगी थाने में पी. एन. गाडगिल ज्वेलर्स द्वारा दर्ज शिकायत के बाद मंगलवार शाम को दोनों की गिरफ्तारी की गई।

    ज्वैलर की मानें तो करीब एक साल पहले मिलिंद दास्ताने और उनकी पत्नी सयाली ने 25.6 लाख रुपये के डायमंड, सोने और चांदी के गहने उधार में खरीदे थे और अपनी एक संपत्ति को बेचे जाने के बाद इसका भुगतान करने का वादा किया था। लेकिन उन्होंने इसका भुगतान नहीं किया।

    जब ज्वैलर को पैसे की वापसी की उम्मीद नहीं दिखी तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने कहा कि दंपति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें 21 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो मिलिंद दास्ताने फिलहाल जी मराठी चैनल पर मराठी टेली सीरियल तुझीत जीव रंगा में काम कर रहे हैं।

  • अब ऐप से अपना इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट बेच सकेंगे लोग

    अब ऐप से अपना इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट बेच सकेंगे लोग

    नई दिल्ली ।नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) ने ई-वेस्ट डिस्पोजल के लिए एक ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप की मदद से लोग अपना इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट बेच सकेंगे। लोग एनडीएमसी के वेबसाइट पर जाकर इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं या फिर एनडीएमसी का सिटिजन ऐप 311 डाउनलोड कर इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

    एनडीएमसी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। एनडीएमसी अधिकारी ने बताया कि अक्सर लोग ई-वेस्ट को इधर-उधर फेंक देते हैं या फिर कूड़ेवाले को दे देते हैं। अब लोग घर बैठे न सिर्फ ई-वेस्ट को सही से डिस्पोज कर सकेंगे बल्कि उन्हें उसकी कीमत भी मिलेगी।

    इसके लिए एनडीएमसी ने ऑथराइडज्ड रिसायकलर के साथ करार किया है, जो लोगों के घर पहुंचकर ई-वेस्ट की कीमत देंगे।जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल ने एक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के अनुसार, सबसे पहले एनडीएमसी की वेबसाइट या ऐप पर जाकर सेल योर वेस्ट लिंक को सिलेक्ट करना होगा।

    वहां ऐप पर लॉग इन कर रजिस्टर कराना होगा। उसके बाद ई-वेस्ट की कीमत पर जाकर आइटम्स की कीमत जान सकते हैं और रिसायकलर को अपने घर बुलाकर वेस्ट उसे दे सकते हैं।

  • बिहार : बच्चों पर मौत बन कर टूट रही ‘चमकी’ बुखार और नाकाम स्वास्थ व्यवस्था से लोग दहशत में !

    बिहार : बच्चों पर मौत बन कर टूट रही ‘चमकी’ बुखार और नाकाम स्वास्थ व्यवस्था से लोग दहशत में !

    मुज्जफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में बुखार से पीड़ित बच्चों के परिजनों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है। तीमारदारों का आरोप है कि बच्चों को ओआरएस का घोल भी नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार में बच्चों पर मौत बन कर टूट रही चमकी बुखार यानी इंसेफ्लाइटिस ने महामारी का रूप ले लिया है।

    बिमारी और मौत से निपटने में लाचार और नाकाम स्वास्थ व्यवस्था के बीच लोगों दहशत में हैं। हालत कुछ इस कदर बन चुके है की लोग अपने बच्चों को इस बिमारी से बचाने के लिए पलायन को मजबूर हो रहे हैं।वैशाली जिले के हरवंशपुर में , जंहा एक हो टोले के 5 बच्चो की मौत हो गई और कई बच्चे अभी भी बीमार है।

    लोगो ने अपने घरो को छोड़ दिया है और अपने बच्चो को दूर दराज के रिस्तेदारो के यंहा भेज दिया है। बिहार में इंसेफ्लाइटिस से हो रही बच्चों की मौत और नाकाम स्वास्थ व्यवस्था के आरोपों के बीच आखिर मुख्यमंत्री मुज्जफ्फरपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने दौरा किया, जरूरी निर्देश दिया और भरोसा दिया की सब ठीक हो जाएगा।

    लेकिन मौत का दुसरा नाम बन चुके इस बिमारी ने मुज्जफरपुर के आस पास के कई जिलों में पैर पसारना शुरू कर दिया है।.इंसेफ्लाइटिस के कहर से जंहा बिहार में बच्चों की मौत का अकड़ा 130 से ऊपर चला गया है।

    वैशाली जिले के हरवंशपुर टोले में ही पिछले कुछ दिनों में 5 बच्चों की मौत के बावजूद टोले के लोग ठीक से अपने नौनिहालों का मातम भी नहीं मना पा रहे हैं वजह है टोले में पसरा मौत का दश्तक देने वाले इस बिमारी का अभी भी कहर.स्थानीय लोगों का आरोप है की लगातार बच्चों के मौत और मौत के खौफ में जी रहे वैशाली के इस टोले में स्वास्थ विभाग के किसी अधिकारी ने या किसी नेता अधिकारी ने झाँकने की भी जहमत नहीं उठाई है.।

    मरते बच्चों के लिए स्वास्थ विभाग का कोई इंतजाम नहीं दिख रहा. वही इस जानलेवा कहर को लेकर जब स्थानीय स्वास्थ महकमे से सवाल किया गया तो जिले के सिविल सर्जन ने बेहद हैरान करने वाले अंदाज में कहा की जहां-जहां से मौत की सुचना मिल रही है वंहा कैम्प किया जा रहा है.। हालात साफ़ साफ़ बया कर रहा है की बिहार में महामारी का रूप ले चुके इस बिमारी को लेकर किसी को कुछ सूझ नहीं रहा ना तो बिमारी की वजह , न बिमारी का इलाज को लेकर कुछ स्पस्ट हो पाया है. उस पर बिहार के स्वास्थ महकमे की लचर हालत ने हालात को बद से बदतर बना दिया ।

  • मोदी सरकार : बीजेपी सांसद ओम बिड़ला बनने जा रहे Lok Sabha Speaker

    मोदी सरकार : बीजेपी सांसद ओम बिड़ला बनने जा रहे  Lok Sabha Speaker

    नई दिल्ली । नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में राजस्थान के कोटा से बीजेपी सांसद ओम बिड़ला को लोकसभा के नए स्पीकर बनने जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव दिया है ।

    लोकसभा अध्यक्ष के नाम को लेकर चल रहा सस्पेंस अब लगभग खत्म हो गया है। कोटा से बाजेपी के सांसद ओम बिड़ला लोकसभा के नए अध्यक्ष होंगे। उनका नाम लोकसभा अध्यक्ष के लिए लगभग तय हो गया है।

    माना जा रहा है कि बिड़ला लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर आज नामांकन कर सकते हैं।केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए ओम बिड़ला के नाम का प्रस्ताव रखा।

    उन्होंने कहा कि 10 पार्टियों ने बिड़ला के नाम का समर्थन किया है। हालांकि कांग्रेस ने समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया है, लेकिन वह नाम का विरोध भी नहीं करेगी। लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम की अटकलें थी, लेकिन ओम बिड़ला के नाम ने सबको चौका दिया।

    लोकसभा अध्यक्ष के लिए ओम बिड़ला का नाम भी पीएम मोदी के सबसे चैकाने वाले फैसलों में गिना जाएगा। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने कैबिनेट में विदेश सचिव एस जयशंकर को शामिल कर सबको चैका दिया था। एस जयशंकर को सुषमा स्वराज की जगह विदेश मंत्री बनाया गया था।

    बीजेपी सांसद ओम बिड़ला ने वर्किंग प्रेसिडेंट जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कहा कि मुझे कोई जानकारी नहीं है, मैं सिर्फ एक कार्यकर्ता के रूप में मिलने गया था। वहीं, ओम बिरला की पत्नी अमिता बिड़ला ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी का क्षण है। इसके लिए हम कैबिनेट के बहुत आभारी हैं।

  • मोस्ट वांटेड डॉन Dawood ibrahim डरपोक है : सुपर कॉप बी.वी. कुमार

    मोस्ट वांटेड डॉन Dawood ibrahim डरपोक है : सुपर कॉप बी.वी. कुमार

    भारत के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी दाऊद इब्राहिम से पूछताछ कर चुके विशेष जांच अधिकारी ने एक किताब के जरिए उससे जुड़े अहम खुलासे किए हैं। लिखा गया है कि ‘डॉन’ एक सामान्य-सा दिखने वाला डरपोक आदमी है, जिसने स्वीकार किया था कि वह अपराध में शामिल था। भारतीय सीमा शुल्क विभाग के सुपर कॉप के रूप में प्रसिद्ध राजस्व खुफिया निदेशालय के पूर्व महानिदेशक बी.वी. कुमार ने अपनी नई किताब डीआरआई ऐंड डॉन्स में ये बात कही है।

    किताब में अधिकारी लिखते हैं कि अंडरवर्ल्ड के एक कथित अपराधी राशिद अरबा ने उन्हें दाऊद इब्राहिम के शुरुआती ठिकानों की जानकारी दी थी। राशिद ने बॉलिवुड के प्रसिद्ध अभिनेता दिलीप कुमार की बहन से शादी की थी। बी.वी. कुमार ने कहा कि अंडरवर्ल्ड के डॉन, विशेष रूप से दाऊद इब्राहिम और हाजी मस्तान पर किताब लिखने का उनका उद्देश्य दक्षिण एशिया के सबसे खूंखार गिरोहों के खिलाफ शुरुआती कठोर कार्रवाई में डीआरआई के अद्वितीय योगदान के बारे में बताना था।
    कुमार ने कहा, ‘डीआरआई दाऊद को हिरासत में लेने, उससे पूछताछ करने और उसके खिलाफ सीओएफईपीओएसए (COFEPOSA) के अंतर्गत मामला दर्ज करने वाली प्रमुख एजेंसी थी। मैंने जब दाऊद को गिरफ्तार किया (जुलाई 1983) तो गुजरात के हाई कोर्ट में इसकी तत्काल सुनवाई के लिए एक याचिका दायर की गई। डॉन की तरफ से अदालत में राम जेठमलानी पेश हुए।’

    बाद में जमानत पाने और दुबई भागने वाला दाऊद डीआरआई द्वारा सीओएफईपीओएसए के अंतर्गत अभी भी वांछित है। यह मामला बी.वी. कुमार ने दर्ज किया था। कुमार भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के उन चुनिंदा अधिकारियों में से हैं, जिन्होंने डीआरआई के साथ-साथ मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) का भी नेतृत्व किया है। उनका करियर शानदार रहा, जिसमें उन्होंने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के कुख्यात गिरोहों को कुचल दिया।

    मोस्ट वांटेड डॉन Dawood ibrahim डरपोक है : सुपर कॉप बी.वी. कुमार

    दाऊद की मुखबिरी का था शक, छोटा शकील ने करवाई करीबी की हत्या!

    दाऊद से अपनी मुठभेड़ को याद करते हुए कुमार ने कहा कि वह 80 के दशक के मध्य में अहमदाबाद में सीमा शुल्क आयुक्त के तौर पर नियुक्त थे। तब दाऊद और करीम लाला के गिरोहों के बीच खूनी संघर्ष के कारण वहां खौफ था, जिससे महाराष्ट्र और गुजरात में शांति-व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी। कुमार ने अपनी किताब में लिखा है कि एक दिन पोरबंदर से सड़क मार्ग से मुंबई लौटते वक्त, कार में पीछे की सीट पर बैठे उनके सहयोगी द्वारा चलाई गई गोली धोखे से दाऊद को लग गई। उन्होंने निशाना डी-कंपनी के विरोधी करीम लाला के करीबी आलमजेब पर लगाया था।

    पूर्व आईआरएस अधिकारी ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि गोली दाऊद की गर्दन में लगी, लेकिन चोट मामूली थी। डॉन को बड़ौदा के सयाजी हॉस्पिटल ले जाया गया। उन्होंने कहा, ‘मुझे घटना की जानकारी दी गई और मैंने तुरंत बड़ौदा के पुलिस आयुक्त पी.के. दत्ता से बात की।’ कुमार ने कहा, ‘बाद में पूछताछ में दाऊद ने स्वीकार किया वह नंबर दो का धंधा करता है। वह मुझसे हिंदी में बात कर रहा था। मुझे वह एक शांत व्यक्ति लगा जो शांत दिखता था। दत्ता के कार्यालय में लगभग आधा घंटे तक पूछताछ चली। इसके बाद मैं अहमदाबाद लौट आया और सीओएफईपीओएसए के अंतर्गत दाऊद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया।’

    ‘दाऊद ने सभी को पैसों में खरीद लिया’
    कुमार से जब यह पूछा गया कि दाऊद एशिया के सबसे खतरनाक डॉनों में कैसे शामिल हो गया, तो उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी इसके पीछे सबसे बड़ा कारण प्रतीत होती है। उन्होंने कहा, ‘दाऊद ने सभी को पैसों से खरीद लिया।

    मोस्ट वांटेड डॉन Dawood ibrahim डरपोक है : सुपर कॉप बी.वी. कुमार

    बॉलिवुड कलाकारों से क्रिकेटर और शायद कुछ बड़े राजनेताओं को भी। लेकिन मेरे विचार से भारत के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ प्रत्यर्पण संधि करते ही, दाऊद को दुबई छोड़ना पड़ा और उसने पाकिस्तान में स्थाई शरण ले ली।’ उन्होंने कहा, ‘वह अब उतना प्रभावशाली नहीं बचा है, जितना वह दुबई में था, जहां वह कई सेलीब्रिटीज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलता था।’ कुमार का मानना है कि दाऊद इन दिनों ठीक नहीं है, और वह शायद अपनी अंतिम सांस तक पाकिस्तान में ही रहे।