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  • रेजीडेंट डॉक्टर ने बेड पर चढ़कर मरीज को पीटा !

    रेजीडेंट डॉक्टर ने बेड पर चढ़कर मरीज को पीटा !

    जयपुर। डॉक्टर को भगवान इसलिए माना जाता है कि वो अपने मरीज को मौत के मुंह से निकाल लाता है. इसलिए धरती पर इनकी तुलना भगवान से की जाती है। लेकिन डॉक्टर अगर मरीज की इलाज छोड़ उसकी पिटाई करने लगे तो क्या होगा. एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक वार्ड में रेजीडेंट डॉक्टर ने मरीज की पिटाई कर दी. मामला राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मान सिंह हॉस्पिटल का है. इस वीडियो देखा जा सकता है कि सवाई मान सिंह हॉस्पिटल में डॉक्टर बेड पर चढ़कर मरीज को पीटते नजर आ रहा है।

    इसी दौरान वहां मौजूद किसी मरीज के परिजन ने पूरे मामले का वीडियो बना लिया. जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के मुख्य अधिकारीयों से इसकी शिकायत भी कि लेकिन लेकिन मामला दबा दिया गया। लेकिन वीडियो वायरल होने बाद अब गहमागहमी तेज हो गई है. मामला तूल पकड़ने के बाद राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि हमने इसकी रिपोर्ट मंगवाई है। वहीं राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल प्रशासन को 25 जून तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.वीडियो एसएमएस अस्पताल के वार्ड नंबर 1 सी का होने की बात कही जा रही है और जानकारी में मारपीट कर रहे रेजीडेंट का नाम सुनील बताया जा रहा है।

  • PWD के इंजिनियर जूनियर से विधायक ने कराई उठक-बैठक

    PWD के इंजिनियर जूनियर से  विधायक ने कराई उठक-बैठक

    भुवनेश्वर । ओडिशा में पत्नागढ़ से बीजू जनता दल (बीजेडी) के नवनिर्वाचित विधायक ने अपने चुनाव क्षेत्र में सड़क निर्माण में खराब गुणवत्ता का आरोप लगाकर एक सरकारी कर्मचारी को उठक-बैठक लगवाकर विवाद को जन्म दे दिया है। विडियो में जूनियर इंजिनियर उठक-बैठक कर रहे हैं और माफी भी मांगते देखे जा सकते हैं।

    सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हुआ है, जिसमें सरोज कुमार मेहर बेलपाडा ब्लॉक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के जूनियर इंजिनियर से 100 उठक-बैठक लगवा रहे हैं। विधायक ने इंजिनियर को उनका आदेश नहीं मानने की स्थिति में हिंसा करने की भी धमकी दी।

    बलांगीर ज़िला प्रशासन ने विधायक द्वारा इंजिनियर को उठक-बैठक कराने के मामले में जांच करानेके आदेश दिये हैं। ओडिशा के बलांगीर ज़िले में बीजेडी विधायक सरोज मेहर ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता ठीक न होने को लेकर सरकारी अधिकारी को उठक-बैठक करने का निर्देश और धमकी दी थी। इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसके बाद जांच के आदेश दिये गए हैं। विडियो में देखा जा सकता है कि विधायक जूनियर इंजीनियर को 100 दंड-बैठक करने का निर्देश दे रहे हैं। जूनियर इंजीनियर जसवंत साबर को धमकी भी दे रहे हैं कि अगर उन्होंने उठक बैठकन किया तो जनता उन्हें पीटेगी।

  • Lok Sabha Speaker पद की दौड़ में कौन मारेगा बाजी ?

    Lok Sabha Speaker पद की दौड़ में कौन मारेगा बाजी ?

    नई दिल्ली।भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, राधामोहन सिंह और वीरेंद्र कुमार सहित भाजपा के कई वरिष्ठ सांसद लोकसभा अध्यक्ष पद पर मंथन कर रहा है। क्योंकि पार्टी के शीर्ष नेता अपनी पसंद को अंतिम रूप देने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं। आठ बार की सांसद मेनका गांधी भाजपा की सबसे अनुभवी लोकसभा सदस्य हैं और वह अध्यक्ष पद के लिए स्वाभाविक विकल्प हैं। 17वीं लोकसभा में सबसे अनुभवी सांसद होने से उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष चुना जा सकता है।

    अहलुवालिया पिछली सरकार में संसदीय कार्य राज्य मंत्री थे और विधायी मामलों में उनकी जानकारी के कारण वह विख्यात हैं। भाजपा नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि पार्टी नेतृत्च दक्षिण भारत से किसी नेता का चयन कर सबको हैरत में डाल सकता है।

    सूत्रों ने बताया कि संगठन में गहरी जड़ें और मिलनसार और सौम्य नेता की छवि के कारण छह साल के सांसद राधामोहन सिंह भी प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं। छह बार के सांसद, वीरेंद्र कुमार की दलित पहचान उनके पक्ष में काम कर सकती है।

    भाजपा नेताओं का एक वर्ग यह विचार भी कर रहा है कि नेतृत्व दक्षिण भारत के किसी व्यक्ति को दे दिया जाए। सूत्रों ने बताया कि डिप्टी स्पीकर का पद इस बार बीजू जनता दल (बीजद) के पास जा सकता है और कटक सांसद भर्तृहरि महताब को इस पद के लिए रेस में आगे माना जा रहा है। महताब को 2017 के लिए सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार दिया गया था।

    सोलहवीं लोकसभा में, डिप्टी स्पीकर का पद अन्नाद्रमुक के एम थम्बी दुरै के पास था। नई लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से शुरू होने वाला है। स्पीकर के पद पर चुनाव 19 जून को होगा। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के उम्मीदवार को इस पद के लिए चुना जाना तय है क्योंकि 542 सदस्यीय सदन में लगभग दो तिहाई बहुमत है। भाजपा नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि पार्टी नेतृत्च दक्षिण भारत से किसी नेता का चयन कर सबको हैरत में डाल सकता है।

    सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा उपाध्यक्ष का पद बीजू जनता दल (बीजद) को इस बार दिया जा सकता है तथा कटक से सांसद भृर्तुहरि महताब का नाम इस पद के लिए विचार किया जा रहा है।

  • महाराष्ट्र में जलसंकट, गड्ढे से पानी निकाल कर पीने को लोग हैं मजबूर

    महाराष्ट्र में जलसंकट, गड्ढे से पानी निकाल कर पीने को लोग हैं मजबूर

    अकोला। देशभर में भीषण गर्मी का दौरा लगातार जारी है. हालत ये है कि राजधानी दिल्ली में पारा लगातार चढ़ता जा रहा और लोग इससे बचने के लिए धूप में निकलने से परहेज कर रहे हैं।तो वहीं दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में तो जलसंकट इतना बढ़ गया है कि लोग वहां के कुछ जगहों पर लोग एक गड्ढे से पानी निकालकर पीने को मजबूर हैं।

    महाराष्ट्र के अकोला के कवाथा गांव में पानी का संकट इस कदर बढ़ गया है कि लोग गड्ढे से पानी निकालकर पीने को मजबूर हैं। एक गांववाले ने कहा- पानी निकालने के लिए हमें कॉलेस समय को एडजस्ट करना पड़ रहा है। इससे हमारी पढ़ाई पर असर पड़ता है. एक कंटेनर को भरने में घंटों लग जाते हैं और 1600 लोग एक गड्ढे से पानी निकालकर पीते हैं।

    महाराष्ट्र में जलसंकट, गड्ढे से पानी निकाल कर पीने को लोग हैं मजबूर

    उधर, बिहार के गया में अच्छी बारिश को लेकर पूजा की गई। वहां के बेलवान गांव के खिजीरसलाई ब्लॉक में अच्छे मॉनसून को लेकर महायज्ञ का आयोजन किया गया है और यह पूजा अगले दस दिनों तक जारी रहेगी।

    महाराष्ट्र के 14 जिलों के 200 से ज्यादा तहसीलों में कम बारिश होने से बांधों में जलस्तर कम हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मराठवाड़ा क्षेत्र के औरंगाबाद और नासिक मंडलों में इस साल सबसे कम बारिश हुई है। वहां के बांधों में पानी भंडार क्रमश: 27.59 प्रतिशत और 64.89 प्रतिशत बचा है।

  • अमित शाह के निशाने पर है ये टाॅप 10 खूंखार आतंकी, खात्मे का किया ऐलान

    अमित शाह के निशाने पर है ये टाॅप 10 खूंखार आतंकी, खात्मे का किया ऐलान

    नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने पद संभालते ही पहला काम आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का शुरू किया है। इसके तहत सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के सक्रिय टॉप 10 आतंकियों की सूची तैयार कराई है, जिनमें हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना रियाज नायकू, लश्कर-ए-तैयबा के जिला कमांडर वसीम अहमद, एलियास ओसामा और हिजबुल का अशरफ मौलवी के नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह टॉप 10 आतंकियों की लिस्ट सुरक्षा बलों से मशविरे के बाद तैयार की गई है।

    इस सूची में प्रमुख रूप से हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल बदर जैसे आतंकी संगठनों के प्रमुख आतंकियों को शामिल किया गया है, जो जम्मू कश्घ्मीर के अलग-अलग हिस्सों में आतंक फैला रहे हैं। अमित शाह की ओर से जम्मू कश्मीर के आतंकियों इस सूची में दूसरे नामों में हिजबुल मुजाहिद्दीन के बारमुला जिले में सक्रिय जिला कमांडर मेहराजुद्दीन और डॉ. सैफुल्लाह एलियास सैफुल्लाह मीर एलियास नाम भी शामिल है। डॉ. सैफ के बारे में हालिया दिनों में लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि वो श्रीनगर में तेजी हिजबुल के कैडर को बढ़ाने का काम कर रहा है।

    इसके अलावा पुलवामा क्षेत्र में पूरे जोर-शोर से लगे हिजबुल के जिला कमांडर अरशल उल हक का नाम भी इस सूची में शामिल है, जबकि जैश ए मोहम्मद का ऑपरेशनल कमांडर हफीज ओमार भी टॉप 10 लिस्ट में शामिल है। जैश ए मोहम्मद के ही जहीद शेख एलियास ओमार अफगानी को भी रखा गया है।

    अल बदलर आतंकी संगठन से आने वाले जावेद मातो फैसल एलियास शाकिब एलियाब मुशब और एजाज अहमद मलिक भी शामिल है। इसके अलावा हाल ही में कुपवाड़ा में हिजबुल की ओर से नियुक्त किय गए जिला कमांडर को भी इस सूची में शामिल किया है। इतना ही नहीं गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस साल के अब तक कुल 102 आतंकियों को मारा जा चुका है, जबकि घाटी में अब भी 286 आतंकी सक्रिय हैं।

  • केरल में फिर जानलेवा ‘निपाह वायरस’ ने दी दस्तक, 311 लोग संक्रमित

    केरल में फिर जानलेवा ‘निपाह वायरस’ ने दी दस्तक, 311 लोग संक्रमित

    नई दिल्ली। भारत में एक बार फिर जानलेवा निपाह वायरस ने दस्तक दे दी है। केरल के कोच्चि शहर में 23 साल के एक कॉलेज छात्र के इस जानलेवा वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में छात्र के रक्त के नमूने की जांच की गई जिसमें निपाह वायरस की पुष्टि हुई है।

    केरल के स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने बताया, ”जांच की रिपोर्ट मंगलवार सुबह आई. छात्र को यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले दो विषाणु विज्ञान संस्थानों – मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और केरल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी एंड इंफेक्शियस डिजीज में रक्त के नमूनों की जांच की गई थी।

    ”मंत्री ने कहा, ’86 मरीजों में से 2 को संदिग्ध माना गया. मरीज का इलाज करने वाली 2 नर्सों को गले में खराश और बुखार है। दूसरे मरीज का नमूना NIV अलप्पुझा, मणिपाल प्रयोगशाला और NIV पुणे भेजा जाएगा।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ‘केंद्र सरकार केरल की हर संभव मदद कर रहा है। हम वन्यजीव विभाग के सीधे संपर्क में रहकर चमगादड़ों पर टेस्ट के लिए उनकी पूरी सहायता कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अब यहां कुछ भी दुखद नहीं होगा। मैंने स्वास्थ्य सचिव और अधिकारियों के साथ बैठक की। मामले पर नजर रखने के लिए 6 सदस्यीय टीम भेजी जा चुकी है.’।

    बता दें कि पिछले साल केरल में निपाह वायरस ने कहर बरपाया था। इस वायरस के संक्रमण से 17 लोगों की मौत हो गई थी. तब इस वायरस के फैलने और ये कहां से आ रही है इसे जानने के लिए देश के बड़े मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स ने इस पर रिसर्च किया था।

    केरल में फिर जानलेवा ‘निपाह वायरस’ ने दी दस्तक, 311 लोग संक्रमित

    विशेषज्ञों के मुताबिक, यह वायरस चमगादड़ से फैलता है. इन्हें फ्रूट बैट कहते हैं. चमगादड़ किसी फल को खा लेते हैं और उसी फल या सब्जी को कोई इंसान या जानवर खाता है तो संक्रमित हो जाता है। निपाह वायरस इंसानों के अलावा जानवरों को भी प्रभावित करता है। इसकी शुरुआत तेज सिरदर्द और बुखार से होती है। इससे संक्रमित व्यक्ति की मृत्युदर 74.5% होती है।

  • TMC-BJP कार्यकर्ताओं में खूनी संघर्ष में 8 लोगों की मौत

    TMC-BJP कार्यकर्ताओं में  खूनी संघर्ष में 8 लोगों की  मौत

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है. मिली जानकारी के मुताबित उत्तर 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए खूनी संघर्ष में 8 लोगों के मारे जा चुके हैं और कई घायल हुए हैं। भाजपा के पदाधिकारियों ने दावा किया कि तृणमूल समर्थित लोगों द्वारा उनके पांच कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई है और 18 अन्य लापता हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के तीन कार्यकर्ता संदेशखली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके हत्गाछी में हुए खूनी संघर्ष में मारे गए हैं.संदेशखली संघर्ष में मारे गए लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं हैं।

    भाजपा नेता मुकुल रॉय ने शनिवार देर रात ट्वीट कर कहा, “भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा के लिए ममता बनर्जी सीधे जिम्मेदार हैं. संदेशखली में हुई हत्याओं के बारे में जानकारी देने के लिए हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास जाएंगे। ”पुलिस ने इस घटना में अब तक भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत होने की पुष्टि की है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार दोपहर भाजपा के झंडे को हटाने को लेकर दो समूहों के बीच झड़प शुरू हो गई।

    इसने जल्द ही एक हिंसक रूप ले लिया और गोलियां चलाई जाने लगीं. मुकुल रॉय ने शनिवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा, “भाजपा सांसदों का एक दल रविवार को क्षेत्र का दौरा करेगा और शाह को एक रिपोर्ट सौंपेगा.”राज्य भाजपा के महासचिव सायंतन बसु ने झड़प में शनिवार को पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं प्रदीप मंडल, तपन मंडल और सुकांता मंडल की मौत होने और पांच अन्य कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी दी है।

    भाजपा के राज्य महासचिव (संगठन) सुब्रत चट्टोपाध्याय ने कहा कि एक चौथे भाजपा कार्यकर्ता देवव्रत मंडल की भी गोली लगने से मौत हो गई. भाजपा सूत्रों ने कहा कि बाद में एक अन्य घायल भाजपा कार्यकर्ता शंकर मंडल का शव मिला, जिनकी रविवार की सुबह मौत हो गई थी.तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि हत्गाछी में उसके कार्यकर्ता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य को पानी में फेंक दिया गया।

    तृणमूल के जिला अध्यक्ष ज्योतिप्रिया मलिक ने कहा, “हत्गाछी में हमारी बूथ स्तरीय बैठक पर भाजपा समर्थित तत्वों ने हमला कर दिया. वे लोग 26 वर्षीय कार्यकर्ता को खींचकर ले गए और चाकुओं से गोदकर उसकी हत्या कर दी. दो अन्य कार्यकर्ताओं को नदी में डुबो दिया. छह महिलाओं समेत तृणमूल के 18 कार्यकर्ता हमले में घायल भी हुए हैं।

  • बिहार में चमकी बुखार से अबतक 64 बच्चों की मौत, मचा हाहाकार

    बिहार में चमकी बुखार से अबतक 64 बच्चों की मौत, मचा हाहाकार

    मुजफ्फरपुर ।मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 64 पहुंच गया। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर और इसके आस-पास के इलाकों में भयंकर गर्मी और उमस की वजह से बच्चे एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी कि चमकी बुखार का तेजी से शिकार हो रहे हैं।

    मौसम में तल्खी और हवा में नमी की अधिकता के कारण होने वाले वाले इस बुखार को लेकर राज्य के सीएम नीतीश कुमार भी चिंता जता चुके हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस पर नजर बनाए रखने को कहा है। यह बीमारी हर साल इसी मौसम में मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के इलाकों के बच्चों को अपनी चपेट में लेती है। शाही ने बताया कि एईएस से पीड़ित अधिकांश बच्चों में हाइपोग्लाइसीमिया यानी अचानक शुगर की कमी और कुछ बच्चों के शरीर में सोडियम (नमक) की मात्रा भी कम पाई जा रही है।

    सिरदर्द और तेज बुखार के लक्षणों वाली इस बीमारी से ग्रसित तकरीबन 109 मरीजों को इस साल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, 14 नए मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। इस बीमारी से अबतक 64 बच्चों की मौत हो गई है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। उनके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे भी इस बीमारी के प्रकोप से उत्पन्न हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। लेकिन दोनो मंत्रियों का दौरा रद हो गया है।मिली जानकारी के मुताबिक मंत्री पहले मुजफ्फरपुर से जांच रिपोर्ट की टीम से हालात का जायजा लेंगे फिर मुजफ्फरपुर आएंगे।

     

  • फिर सुरक्षाबलों पर आतंकवादी हमला, CRPF के 5 जवान शहीद, एक आतंकवादी ढेर

    फिर सुरक्षाबलों पर आतंकवादी हमला, CRPF के 5 जवान शहीद, एक आतंकवादी ढेर

    जम्मू ।  जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में केपी रोड पर बुधवार को आतंकी हमले में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए। इस दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को भी मार गिराया है।

    इस मुठभेड़ में अबतक एक आतंकी मारा गया है। वहीं सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हो गए हैं। मुठभेड़ में अनंतनाग पुलिस के एसएचओ और सीआरपीएफ के तीन जवानों को भी गोली लगी है। जिनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मंगलवार को घाटी में दो अलग- अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था।

    इनमें अंसार गजवा-तुल-हिंद (एजीएच) के दो आतंकी थे। तीसरे की फिलहाल शिनाख्त नहीं हो पाई है। मारे गए आतंकियों से हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया था।दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के अवनीरा गांव में सोमवार देर रात को एक सूचना के आधार पर सेना की एक राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था।

    इस दौरान अंधेरे का फायदा उठाते हुए आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौके से फरार होने की कोशिश की लेकिन सतर्क जवानों ने जबरदस्त फायरिंग कर उनके मंसूबों को विफल कर दिया था। सुरक्षाबलों को मंगलवार तड़के दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी। पुलिस ने बताया कि मारे गए आतंकी एजीएच से संबंधित थे और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।

    आतंकियों की शिनाख्त मांचोवा कुलगाम के सयार अहमद भट और अवनीरा शोपियां के शाकिर अहमद वागे के तौर पर हुई है। शाकिर जैनापोरा (शोपियां) में इरफान हमीद शेख नामक एक स्थानीय की हत्या में शामिल था। इसके अलावा भी कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के पीछे इन आतंकियों का हाथ रह चुका था। मारे गए आतंकियों से हथियार-गोला बारूद के अलावा कई अन्य सामग्री भी बरामद हुई।

    फिर सुरक्षाबलों पर आतंकवादी हमला, CRPF के 5 जवान शहीद, एक आतंकवादी ढेर

  • पश्चिम बंगाल : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पश्चिम बंगाल से पहुंची दिल्ली तक, पश्चिम बंगाल में सेवाएं ठप

    पश्चिम बंगाल : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पश्चिम बंगाल से पहुंची दिल्ली तक, पश्चिम बंगाल में सेवाएं ठप

    कोलकाता । पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते सेवाएं ठप हो गई हैं। यह हड़ताल अब पश्चिम बंगालत तक ही नहीं बल्कि दिल्ली के डॉक्टर भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। जूनियर डॉक्टर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

    पश्चिम बंगाल में हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश को नहीं माना और कहा कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

    वहीं मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर बरसते हुए विपक्षी बीजेपी और कम्युनिस्ट पार्टी पर उन्हें भड़काने और मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से कई सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों अस्पतालों में तीसरे दिन भी आपातकालीन वॉर्ड, ओपीडी सेवाएं, पैथोलॉजिकल इकाइयां बंद रहीं।

    पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं का संकट गहराता जा रहा है। हड़ताल की आंच अब राजधानी दिल्ली तक भी पहुंच गई है और डीएमए ने भी शुक्रवार को मेडिकल बंद रखने का फैसला किया है। वहीं गुरुवार को भी डॉक्टरों ने विरोध जताने के लिए पट्टी बांधकर काम किया।

    ऐसे में डर है कि देशभर में डॉक्टर इस हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। हड़ताल के चलते मरीजों और तीमारदारों को संकट का सामना करना पड़ रहा है और इलाज ठीक तरह से न मिलने से मरीजों की तबीयत भी बिगड़ रही है। वहीं निजी अस्पतालों में भी चिकित्सकीय सेवाएं बंद रहीं।

    डॉक्टर कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भीड़ द्वारा अपने दो सहकर्मियों पर हमले के मद्देनजर प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने घटना के खिलाफ और हड़ताली डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार को ‘अखिल भारतीय विरोध दिवस’ घोषित किया है।

    इस बीच एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रधानाचार्य साइबल मुखर्जी और चिकित्सा अधीक्षक और उपप्रधानाचार्य प्रो. सौरभ चटोपाध्याय ने संस्थान के संकट से निपटने में विफल रहने की वजह से इस्तीफा दे दिया है।

    विपक्ष ने गतिरोध के लिए बनर्जी पर हमला किया है और बीजेपी ने उनपर ‘हिटलर’ की तरह काम करने का आरोप लगाया। जब मुख्यमंत्री दोपहर में सरकारी एसएसकेएम अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने ‘हमें इंसाफ चाहिए’ के नारे लगाए। उन्होंने कहा, ‘मैं आंदोलन की निंदा करती हूं। जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन माकपा और भाजपा का षड्यंत्र है।’’ बनर्जी के पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का भी प्रभार है। उन्होंने चिकित्सकों को चार घंटे के भीतर काम पर लौटने को कहा था लेकिन बाद में समय-सीमा में संशोधन करके इसे अपराह्न दो बजे कर दिया। उन्होंने ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि उन्हें छात्रावास खाली करने होंगे। बनर्जी की समय सीमा के बावजूद डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल जारी रखी।

    डॉक्टरों की एक टीम ने इस मुद्दे पर राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की। राज्यपाल ने भी उनसे हड़ताल खत्म करने की अपील की। त्रिपाठी से भेंट के बाद राजभवन के बाहर एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, ‘मांग पूरी होने तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हमारी मांगे साधारण हैं… उचित सुरक्षा मिले और सभी अस्पताल में सशस्त्र पुलिस बल तैनात हों साथ ही एनआरएस अस्पताल में शनिवार को हुए हमले में शामिल अपराधियों को गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार किया जाए।’ डॉक्टरों की हड़ताल की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बृहस्पतिवार को मरीजों और उनके तीमारदारों से संयम बरतने का अनुरोध किया और घटना की निंदा की।