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  • बीजेपी MLA ने की महिला नेता की सरेआम सड़क पर लात घूसों से पिटाई

    बीजेपी MLA ने की महिला नेता की सरेआम सड़क पर लात घूसों से पिटाई

    अहमदाबाद।  गुजरात के अहमदाबाद के नरोदा में बीजेपी विधायक बलराम थवाणी और स्‍थानीय एनसीपी महिला नेता नीतू तेजवानी के बीच मारपीट के बाद सुलह हो गई है। इससे पहले सुबह वायरल हुए वीडियो में देखने को मिला था कि बलराम थवाणी महिला नेता की सरेआम सड़क पर लात घूसों से पिटाई कर रहे हैं।

    बीजेपी MLA ने की महिला नेता की सरेआम सड़क पर लात घूसों से पिटाई

    मीडिया में खबरें आने के बाद बीजेपी विधायक ने महिला नेता से माफी मांगने की बात कही थी। इसके कुछ घंटे बाद ही दोनों में सुलह हो गई। सुलह होने के बाद बीजेपी विधायक बलराम थवाणी ने कहा कि नीतू तेजवानी मेरी बहन जैसी हैं। कल जो कुछ भी हुआ उसके लिए मैंने उनसे माफी मांगी है। हम दोनों ने अपने बीच हुए विवाद के बाद सुलह कर ली है।

    बीजेपी MLA ने की महिला नेता की सरेआम सड़क पर लात घूसों से पिटाई

    मैंने भविष्‍य में उनकी हर मदद करने का वादा किया है। स्‍थानीय एनसीपी नेता नीतू तेजवानी ने सुलह के बाद कहा, उन्‍होंने (बीजेपी विधायक) बोला मैं तुझे बहन मानकर चला हूं। और बहन की तरह ही मैंने तूझे थप्‍पड़ मारा था और मेरा काई गलत विचार नहीं था। मैंने उनको भाईसाहब मान लिया है। विवाद का समाधान सबने मिलकर किया है। कल नरोदा से बीजेपी विधायक बलराम थवाणी से इलाके की एनसीपी महिला नेता को सड़क पर सरेआम लात-घूसों से पीटा था।

    बीजेपी MLA ने की महिला नेता की सरेआम सड़क पर लात घूसों से पिटाई

    इस दौरान बीजेपी विधायक के समर्थकों ने भी महिला नेता को बेरहमी से पीटा था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी विधायक बलराम थवाणी ने सामने आकर माफी मांगी थी। कुछ दिन पहले ही थवाणी के भाई किशोर थवाणी ने पानी के मुद्दे को लेकर एक व्यक्ति के साथ मारपीट की थी। किशोर थवाणी कॉर्पोरेटर है।

  • Terror Funding Case : कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी का बड़ा खुलासा, बताया कश्मीर में अराजकता फैलाने के लिए यहां से मिलता था फंड

    Terror Funding Case : कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी का बड़ा खुलासा, बताया कश्मीर में अराजकता फैलाने के लिए यहां से मिलता था फंड

    नई दिल्ली। कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी ने खुलासा किया है कि वह पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी के जरिये लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के करीब आई। अधिकारी दुख्तारन-ए-मिल्लत नेता अंद्राबी का रिश्तेदार था। अंद्राबी के साथ ही दो अलगाववादी नेताओं से इन दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पूछताछ कर रही है।

    कश्मीर यूनिवर्सिटी से विज्ञान में स्नातक अंद्राबी चार साल पहले पाकिस्तानी झंडा फहराने और पाकिस्तानी राष्ट्रगान गाने के कारण सुर्खियों में आई थी। अंद्राबी के इस कृत्य के पीछे हाफिज सईद को माना जाता है।

    Terror Funding Case : कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी का बड़ा खुलासा, बताया कश्मीर में अराजकता फैलाने के लिए यहां से मिलता था फंड

    एनआईए सूत्र ने कहा कि अंद्राबी का भतीजा पाकिस्तान सेना में कैप्टन रैंक का अधिकारी है। उसका एक अन्य करीबी रिश्तेदार पाकिस्तान सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में है। अंद्राबी के रिश्तेदार दुबई और सऊदी अरब में भी हैं जहां से वह फंड प्राप्त करती है और भारत के खिलाफ गतिविधियों में इस्तेमाल करती है।

    एनआईए ने अंद्राबी के खिलाफ एक केस दर्ज किया है जिसके तहत जमात-उद-दावा के अमीर और लश्कर के मास्टरमाइंड सईद बड़े पैमाने पर अंद्राबी को फंड मुहैया कराते थे।

    यह धन पत्थरबाजों और हुर्रियत के समर्थकों में बांटे गए थे जिन्होंने श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किए।

    सूत्रों ने कहा कि अंद्राबी के अलावा मसरत आलम और शब्बीर शाह से भी एनआईए ने पूछताछ की। तीनों अलगाववादी नेता अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं।

    इस केस के निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं जो घाटी में आंतकवादी घटनाओं पर केंद्र की रणनीति अमलीजामा पहना रहे हैं।

  • ममता के नाम ‘जय श्रीराम’, मोदी के नाम जय हिंद, जय बांग्‍ला’ , हजारों पोस्‍टकार्डों का लग गया अंबार

    ममता के नाम ‘जय श्रीराम’, मोदी के नाम जय हिंद, जय बांग्‍ला’ , हजारों पोस्‍टकार्डों का लग गया अंबार

    कोलकाता पश्चिम बंगाल में मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच चल रही राजनीतिक जंग ने डाक विभाग के लिए संकट की स्थिति पैदा कर दी है। पिछले कुछ दिनों से साउथ कोलकाता में स्थित कालीघाट पोस्‍ट ऑफिस में हजारों पोस्‍टकार्डों का अंबार लग गया है। इन पोस्‍ट कार्ड्स पर ‘जय श्री राम’ लिखा है और इसे ममता बनर्जी को भेजा गया है। ममता बनर्जी का घर इसी पोस्‍ट ऑफिस के कार्यक्षेत्र में आता है।

    डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए पोस्‍टकार्ड बेहद जरूरी होता है, इसलिए यह विभाग की प्राथमिकता है। पोस्‍ट ऑफिस के सूत्रों ने कहा, ‘आमतौर पर सीएम के लिए 30 से 40 पोस्‍टकार्ड और रजिस्‍टर लेटर आते थे। लेकिन अचानक से यह कई गुना बढ़ गया है।’ उन्‍होंने कहा कि ये पोस्‍टकार्ड अब उनके कार्यालय द्वारा प्रतिदिन संभाले जा रहे कुल डाक का 10 प्रतिशत हैं।

    ममता बनर्जी जब से मुख्‍यमंत्री बनी हैं तब से कालीघाट पोस्‍ट ऑफिस ने ममता बनर्जी के आवास के लिए एक पोस्‍टमैन लगा दिया है। एक कर्मचारी ने कहा, ‘पोस्‍टमैन पत्रों को लेकर प्रतिदिन जाता है और उसे निर्धारित व्‍यक्ति को सौंपकर चला आता है।’ आमतौर पर शांत रहने वाले इस पोस्‍ट ऑफिस ने खुद को ‘जय श्री राम’ के पोस्‍टकार्ड्स के ढेर के लिए खुद को तैयार कर लिया है।

    इस बीच रेलवे मेल सर्विस ने भी गुरुवार को सीएम को भेजे गए करीब 4500 पोस्‍टकार्ड अलग किए। उधर, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस इससे खुश नहीं है और उसने भी पोस्‍टकार्ड का जवाब पोस्‍टकार्ड से देना शुरू कर दिया है। टीएमसी ‘जय श्री राम’ की जगह पर ‘जय हिंद, जय बांग्‍ला’ लिखे पोस्‍ट कार्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज रही है।

    टीएमसी के नेता और राज्‍य के खाद्यान्न मंत्री ज्‍योतिप्रियो मुलिक ने कहा, ‘मुख्‍यत: उत्‍तरी 24 परगना, हावड़ा और हुगली के हमारे समर्थक प्रतिदिन आठ हजार पोस्‍टकार्ड भेज रहे हैं। वर्तमान समय में अब पोस्‍टकार्ड की कमी हो गई है और हमने फैसला किया है कि अब पत्र छापे जाएंगे और उसे पीएम मोदी को भेजा जाएगा। हम पीएमओ को इन पत्रों को भेजना जारी रखेंगे।’

  • सिद्धू की बगावत खुलकर सामने आयी, कैबिनेट की बैठक से सिद्धू गायब

    सिद्धू की बगावत खुलकर सामने आयी, कैबिनेट की बैठक से सिद्धू गायब

    चंडीगढ़ । पंजाब कांग्रेस के दो प्रमुख चेहरों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जारी विवाद बढ़ता जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग के बाद गुरुवार को सिद्धू, सीएम अमरिंदर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक से नदारद रहे। इसके बाद सिद्धू ने सीएम पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस कैबिनेट बैठक में पंजाब के कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने और कुछ को हटाए जाने पर चर्चा होनी थी।

    सीएम कैप्टन अमरिंदर पहले ही कह चुके हैं कि लोकसभा चुनावों में शहरी इलाकों में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए सिद्धू से उनका विभाग छीना जा सकता है। सिद्धू की इस गैरमौजूदगी को कैप्टन के खिलाफ उनके विरोध के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में कहा था कि मंत्री के तौर पर सिद्धू के प्रदर्शन की समीक्षा की जरूरत है और वह अपना ही विभाग संभाल पाने में सक्षम नहीं हैं।

    लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे सिद्धू ने कैप्टन पर ही निशाना साधते हुए कहा, ‘कांग्रेस के प्रदर्शन के लिए मुझ पर निशाना साधा जा रहा है, जो कि गलत है। हार सामूहिक जिम्मेदारी है। मुझे महत्वहीन नहीं समझा जा सकता है। सिर्फ मेरे ही खिलाफ ऐक्शन क्यों लिया जा रहा है? बाकी नेताओं-मंत्रियों के खिलाफ क्यों नहीं? मैं हमेशा ही बेहतर परफॉर्मर रहा हूं।’  इसके बाद सिद्धू ने अपने स्थानीय निकाय विभाग के कामकाज का भी बचाव करते हुए कहा कि पंजाब के किसी दूसरे मंत्री ने इतनी पारदर्शिता से काम नहीं किया। अमरिंदर सिंह ने कहा था, ‘पंजाब के शहरी इलाकों में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। सिद्धू शहरी विकास मंत्री हैं।’

  • ट्रैफिक नियम तोड़ा तो भरना होगा दोगुना जुर्माना

    ट्रैफिक नियम तोड़ा तो भरना होगा दोगुना जुर्माना
    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ के लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में मोटर यान नियमावली में संशोधन, यूपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन के गठन, गन्ना नियमावली प्रस्ताव को मंजूरी सहित आठ प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लगी है।

    मोटर यान नियमावली में संशोधन से अब यूपी के लोग मोबाइल नंबर की तरह गाड़ी का नंबर भी बदल सकेंगे। इसके लिए मोटर नियमावली की धारा 51 में बदलाव किया जाएगा। वीवीआईपी व इंटरेस्टिंग नंबर की फीस में भी बदलाव किया गया है जो कि टू व्हीलर्स व फोर व्हीलर्स के लिए अलग-अलग होगा। फोर व्हीलर में एक लाख, 50 हजार, 25 हजार और 15 हजार की चार श्रेणियां होंगी। वहीं, टू व्हीलर के लिए 20 हजार, 10 हजार, पांच हजार और तीन हजार का शुल्क होगा।

    कैबिनेट बैठक में मोटरयान अधिनियम 200 की धारा में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत बिना नंबर प्लेट की गाड़ी होने पर पहले 300 रुपये जुर्माना देना पड़ता था अब 500 देना होगा। गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर अब 500 की जगह 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं, हेलमेट न लगाने पर अब 500 की जगह 1000 रुपये जुर्माना देना होगा।

    बैठक में प्रदेश के विभिन्न महानगरों में मेट्रो रेल परियोजना या रेल आधारित मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यूपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन के गठन को मंजूरी दे दी गई है।

    अनुदान हेतु आवेदन की तारीख बढ़ी

    – अन्य पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी के लिए अनुदान हेतु आवेदन स्वीकारने की तारीख 30 जून तक करने पर बनी सहमति।

    – अमृत योजना में मिर्जापुर में सीवर लाइन कनेक्शन 39 हजार घरों को दिए जाएंगे।

    – व्यावसायिक शिक्षा के तहत 45.68 करोड़ रुपये के खर्च को मिली मंजूरी।

    – राज्य सम्पति विभाग के लिए 35.19 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति को मिली मंजूरी।

    – कैबिनेट ने गन्ना नियमावली प्रस्ताव को दी मंजूरी।

  • इफ्तार को लेकर गिरिराज ने की थी नीतीश की आलोचना, अमित शाह ने लगाई क्लास

    इफ्तार को लेकर गिरिराज ने की थी नीतीश की आलोचना, अमित शाह ने लगाई क्लास

    नई दिल्ली। नीतीश कुमार के इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर गिरिराज सिंह ने तंज कसते हुए एक ट्वीट किया था. जिसे लेकर बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह ने गिरिराज सिंह को ऐसे बयान नहीं देने की हिदायत दी । अमित शाह ने गिरिराज सिंह को फोन कर चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे बयानों से वो बचे।

    वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गिरिराज सिंह पर पलटवार करते हुए कहा, ‘वह (गिरिराज सिंह) मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसी बयान बाजियां किया करते हैं ताकि मीडिया उन पर खबरें बनाए।

    बता दें कि सोमवार को नीतीश कुमार इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश के इफ्तार की फोटो को शेयर करते हुए कहा था कि कितनी खूबसूरत तस्वीर होती जब इतनी ही चाहत से नवरात्रि पर फलाहार का आयोजन करते और सुंदर-सुंदर फोटो आते. हम अपने कर्म, धर्म में क्यों पिछड़ जाते हैं और दिखावे में क्यों आगे रहते है?

    सूत्रों के मुताबिक, मामले को संभालने के लिए अमित शाह ने गिरिराज को फोन घुमाया और उसी पर उनकी क्लास लगा दी। ट्वीट पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने गिरिराज को दो टूक कहा कि वह इस तरह की बयानबाजियों से बचें। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बीजेपी संसदीय दल की बैठक में सांसदों को हिदायत दी थी कि वे छपास के मोह में मत पड़ें। बता दें कि गिरिराज सिंह ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया था, ‘कितनी खूबसूरत तस्वीर होती जब इतनी ही चाहत से नवरात्रि पर फलाहार का आयोजन करते और सुंदर फोटो आते। अपने कर्म धर्म में हम पिछड़ क्यों जाते और दिखावे में आगे क्यों रहते हैं।’

  • एयरलाइन के सुरक्षा अधिकारी ने एयरहोस्टेस के साथ किया सामूहिक दुष्कर्म

    एयरलाइन के सुरक्षा अधिकारी ने एयरहोस्टेस के साथ किया सामूहिक दुष्कर्म

    मुंबई। मीडिया रिपोर्टाे के अनुसार आरोपी का नाम स्वपनिल बदोनिया है उसकी उम्र 23 साल है। पुलिस ने उसे बुधवार को गिरफ्तार किया। वह शिकायतकर्ता को जानता है और उसी एयरलाइन के सुरक्षा विभाग में कार्य करता है। दो और व्यक्तियों की भूमिका फिलहाल जांच के घेरे में है। एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर नितिन अलकनुरे ने घटना की पुष्टि की है। एक जानी-मानी एयरलाइन की 25 साल की एयरहोस्टेस के साथ सोमवार को मुंबई के एक फ्लैट में कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।

    पुलिस ने बुधवार को इस मामले में एक सह-कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। जिसे अदालत ने 10 जून तक के लिए पुलिस हिरासत में भेजा है। महिला की शिकायत के आधार पर जिस फ्लैट में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ, उसमें तीन लोग रहते हैं और घटना के समय वहां एक महिला भी मौजूद थी। अलकनुरे ने कहा, हमें यह पता चला है कि बदोनिया अकेला ऐसा शख्स था जिसने उसके साथ दुष्कर्म किया। दोनों रुममेट्स की भूमिका जांच के घेरे में हैं। पुलिस के अनुसार घटना सोमवार को घटित हुई जब शिकायतकर्ता हैदराबाद से मुंबई पहुंची।

    वह छत्रपति शिवाजी अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाम के सात बजे पहुंची। यहां उसे बदोनिया मिला जो उसी एयरलाइन में सुरक्षा अधिकारी के तौर पर काम करता है। पुलिस का कहना है कि बदोनिया और पीड़िता एक ही कार में हवाई अड्डे से बाहर निकले और उसने उसे मलाड के एक मॉल में उतार दिया, खुद आगे चली गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह घर गई अपना समान रखा और फिर मॉल आई जहां आरोपी उसका इंतजार कर रहा था। इसके बाद दोनों बार गए। उन्होंने तब तक शराब पी जब तक कि बार बंद नहीं हो गया। पुलिस ने बताया कि बदोनिया के अनुसार पीड़िता ने इतनी ज्याद शराब पी हुई थी कि उसने उसे घर भेजने की बजाए होटल में चेक-इन करने की कोशिश की। लेकिन उनकी हालत को देखकर उन्हें चेक-इन करने की इजाजत नहीं दी गई।

    इसके बाद आरोपी ने उसे अपने फ्लैट चलने का सुझाव दिया जिसमें वह दो लोगों के साथ रहता है।शिकायतकर्ता ने अपने बयान में कहा, वह मुझे अपने अंधेरी (पूर्व) स्थित फ्लैट पर लेकर गया। जहां उसके दो रुममेट और एक महिला मौजूद थी। मेरी स्थिति का फायदा उठाते हुए उन्होंने एक-एक कर मेरे साथ दुष्कर्म किया और मेरी पिटाई की। सूत्रों ने बताया कि हालांकि सुबह 10 बजे उठने पर उसकी आंखों और कंधों पर चोट के निशान दिखे।पुलिस ने कहा कि जब पीड़िता ने बदोनिया से पूछा तो उसने दावा किया कि वह नशे में धुत्त था इसलिए उसे कुछ याद नहीं है। जब उसने दूसरी महिला से पूछा तो उसने जवाब देने से मना कर दिया।

    अधिकारी ने कहा, पीड़िता के पिता रातभर उसे फोन करते रहे लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। एक दोस्त ने उसे जोगेश्वरी के पास मैकडॉनल्ड में बदोनिया के साथ देखा था। पीड़िता का दोस्त उसे घर लेकर गया और जब उसके पिता ने चोट के निशान को लेकर पूछा तो उसने बताया कि बदोनिया ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पिता उसे तुरंत अस्पताल लेकर गए जहां उसने बदन दर्द की शिकायत की और पूरी घटना बताई। अस्पताल के अधिकारियों ने फिर एमआईडीसी पुलिस स्टेशन को सूचना दी। जिसके बाद सामूहिक दुष्कर्म, पिटाई और सामान्य इरादे के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • हैदराबाद : कांग्रेस को बड़ा झटका : 12 विधायकों ने बदला पाला

    हैदराबाद : कांग्रेस को बड़ा झटका : 12 विधायकों ने बदला पाला

    हैदराबाद। कांग्रेस  पंजाब में अपने दो बड़े नेताओं मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की आपसी लड़ाई से जूझ रही  को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी को यह झटका तेलंगाना में लगा है, जहां उसके 18 में से 12 विधायकों ने सत्तारूढ़ टीआरएस में शामिल होने की तैयारी कर ली है। इन 12 विधायकों ने विधानसभा के स्पीकर को दल बदलने की जानकारी दी है।

    कांग्रेस के दो तिहाई विधायकों के पाला बदलने के चलते उनकी सदस्यता नहीं जाएगी क्योंकि दो तिहाई सदस्यों के पाला बदल करने की स्थिति में दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होता है। कांग्रेस के 12 विधायकों के टीआरएस में जाने की खबरों पर तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा, ‘हम इसके खिलाफ लोकतांत्रिक रूप से लड़ेंगे। हम सुबह से विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह गायब हैं। आप उन्हें ढूंढने में हमारी मदद करिए।

    हैदराबाद : कांग्रेस को बड़ा झटका : 12 विधायकों ने बदला पाला
    विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपते कांग्रेस विधायक- Photo Credit- Social Media

    गौरतलब है कि 18 में से 12 विधायकों ने अब स्पीकर को भी लिखकर टीआरएस में विलय की मांग कर दी है। इनमें टीआरएस से ही निकलकर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक रोहित रेड्डी भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि रोहित रेड्डी जल्द ही पार्टी से इस्तीफा देकर टीआरएस में शामिल हो सकते हैं। टीआरएस से सस्पेंड होने के बाद रेड्डी कांग्रेस में पहुंचे थे।

  • भारतीय अर्थव्यवस्था पर छा रही सुस्ती से टेंशन में पीएम मोदी, दो नई कैबिनेट कमिटी का किया गठन

    भारतीय अर्थव्यवस्था पर छा रही सुस्ती से टेंशन में पीएम मोदी,  दो नई कैबिनेट कमिटी का किया गठन

    लोकसभा चुनाव में शानदार जीत से दूसरी बार सत्ता पर काबिज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार और निवेश को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार 2.0 रोजगार और निवेश को लेकर कैबिनेट कमेटियों का गठन करेगी। इस कमेटी में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और रेलमंत्री पीयूष गोयल के अलावा केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री शामिल होंगे। ये कमेटियां प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक विकास को गति देने, निवेश का माहौल बेहतर करने के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने के तरीके सुझाएंगी।

    निवेश और विकास (इन्वेस्टमेंट ऐंड ग्रोथ) पर बनी पांच सदस्यीय कैबिनेट कमिटी में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा एमएसएमई मिनिस्टर नितिन गडकरी के साथ-साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं। रोजगार एवं कौशल विकास (एंप्लॉयमेंट ऐंड स्किल डिवेलपमेंट) पर कैबिनेट कमिटी में चेयरमैन समेत 10 सदस्य हैं।

    शाह, सीतारमण और गोयल को इस समिति में भी शामिल किया गया है। इनके अलावा, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कौशल विकास एवं आंट्रप्रन्योरशिप मंत्री महेंद्र नाथ पाण्डेय के साथ-साथ श्रम राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार एवं आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी इस समिति के सदस्य हैं।

     

  • महाराष्ट्र : कांग्रेस के दिग्गज नेताओं दिया इस्तीफा

    महाराष्ट्र : कांग्रेस के दिग्गज नेताओं दिया इस्तीफा

    मुंबई । कांग्रेस के दिग्गज नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने मंगलवार को अहमदनगर सीट के विधायक के रूप में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बगाडे को अपना इस्तीफा सौंपा। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं।

    उधर, बर्खास्त कांग्रेस विधायक अब्दुल सत्तार ने इस्तीफा देने के बाद कहा, ‘8 से 10 विधायक बीजेपी के साथ संपर्क में हैं। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से बेहद निराश होने के बाद मैं यह कदम उठाने के लिए मजबूर हुआ हूं। प्रदेश नेतृत्व के कारण पार्टी यहां धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।’

    लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उनके बेटे सुजय विखे-पाटिल ने कांग्रेस छोड़कर और परिवार के पारंपरिक गढ़ अहमदनगर से आम चुनाव जीतकर सबको चौका दिया था। पिता-पुत्र की जोड़ी विखे-पाटिल के अलावा, कांग्रेस के कई अन्य नेता हैं जो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं क्योंकि राज्य में अक्टूबर के आसपास महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होने हैं।