पटना । बिहार में लोकसभा चुनाव में कई विधायकों के सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। आठ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें सारे मंत्री जदयू कोटे से बनाए गए, जबकि भाजपा से किसी नेता को शामिल नहीं किया गया। मंत्रिमंडल विस्तार में अशोक चौधरी, नीरज कुमार, लक्ष्मेश्वर राय, श्याम रजक, रामसेवक सिंह, बीमा भारती, संजय झा, नरेंद्र नारायण यादव को जगह दी गई।
इस दौरान 8 नए मंत्री शामिल हुए। कांग्रेस से जेडीयू में आए पार्टी एमएलसी अशोक चौधरी के अलावा श्याम रजक, रामसेवक सिंह, नीरज कुमार, बीमा भारती, नरेंद्र यादव, संजय झा और लक्ष्मेश्वर राय ने मंत्री पथ की शपथ ली।
जेडीयू के प्रदेश महासचिव लक्ष्मेश्वर राय ने मंत्री पथ की शपथ ली है। वहीं 2009 से लगातार जेडीयू के प्रवक्ता रहे नीरज कुमार को भी मंत्री बनाया गया है। बीजेपी से जेडीयू में आए संजय झा भी अब मंत्री बन गए हैं। वहीं कांग्रेस से जेडीयू में शामिल हुए अशोक चौधरी को भी मंत्री बनाया गया है।आलमनगर से विधायक नरेंद्र यादव को भी नीतीश ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है। वहीं 6 बार से विधायक श्याम रजक को भी मौका मिला है। इसी तरह आने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नीतीश कुमार ने अति पिछड़ा समाज से बीमा भारती को कैबिनेट में शामिल किया है। इसके अलावा राष्ट्रीय सचिव रामसेवक सिंह भी इस बार मंत्रिमंडल का हिस्सा बन गए हैं।
इस मंत्रिपरिषद विस्तार में बीजेपी और एलजेपी से किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है। हालांकि जेडीयू के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा है कि उनकी पार्टी गठबंधन में ‘छोटा भाई, बड़ा भाई’ की सोच के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी केंद्र सरकार में जेडीयू के सदस्यों को शामिल करने पर ‘संतोषजनक ऑफर’ देती है तो उनकी पार्टी इस पर विचार करेगी।
लंबे समय बाद नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। लोकसभा चुनाव में राज्य सरकार के तीन मंत्रियों के जीत जाने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार तय माना जा रहा था। लोकसभा चुनाव में नीतीश सरकार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से सफलता मिली है, जबकि आपदा और लघु सिंचाई मंत्री दिनेश चन्द्र यादव को मधेपुरा से और पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस को हाजीपुर से जीत हासिल हुई है। इससे पहले ही सृजन घोटाले में नाम आने के कारण मंजू वर्मा को समाज कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से नीतीश मंत्रिमंडल में कोई भी महिला सदस्य नहीं है।