Category: national

  • सुहागरात पर दुल्हन का वर्जिनिटी टेस्ट, विरोध करने पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार

    सुहागरात पर दुल्हन का वर्जिनिटी टेस्ट, विरोध करने पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार

    ठाणे । महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कंजरभट समुदाय के एक परिवार का महिलाओं के वर्जिनिटी टेस्ट करने की प्रथा का विरोध करने पर सामाजिक बहिष्कार होने का मामला सामने आया है। परिवार ने इस बात को लेकर पुलिस से संपर्क किया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि परिवार की शिकायत पर ठाणे पुलिस ने अंबरनाथ कस्बे के चार लोगों के खिलाफ बुधवार रात महाराष्ट्र जन सामाजिक बहिष्कार निषिद्ध (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

    कंजरभाट समुदाय में शादी के बाद लड़कियों के वर्जिनिटी टेस्ट की परंपरा चलती है। इसमें शादी के बाद लड़की को शादी से पहले अपने कुंवारे होने का सबूत देना होता है। अगर लड़की इस वर्जिनिटी टेस्ट में फेल हो जाती है तो उसे वापस उसके घर भेज दिया जाता है और उसकी कभी भी शादी नहीं होती है। ​

    शिकायतकर्ता विवेक तमाइचिकर ने पुलिस को बताया कि उनके समुदाय की जाति पंचायत ने बीते एक साल से उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया है क्योंकि उन्होंने उस प्रथा का विरोध किया था जिसके तहत नवविवाहित महिला को यह साबित करना होता है कि वह शादी से पहले कुंवारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पंचायत ने समुदाय के सभी सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे उनके परिवार के साथ किसी तरह का संबंध न रखें।

    विवेक ने कहा सोमवार को मेरी दादी का निधन हो गया लेकिन बहिष्कार की वजह से समुदाय के लोग अंतिम संस्कार के लिए नहीं आए। उसी दिन कस्बे में एक शादी थी और समुदाय के लोग वहां चले गए। शिकायतकर्ता ने कहा कि प्रगतिशील समाज में इस तरह के बहिष्कार की कोई ज़रूरत नहीं है।

    अंबरनाथ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि शिकायत के बाद चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। बता दें महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल फरवरी में कहा था कि वह जल्द ही महिला को वर्जिनिटी टेस्ट कराने के लिए बाध्य करने को दंडनीय अपराध बनाने जा रही है।

  • बीजेपी प्रवक्ता ने गांधीजी को बताया ‘पाकिस्तान का राष्टपिता’, पार्टी ने कर दिया निलंबित

    बीजेपी प्रवक्ता ने गांधीजी को बताया ‘पाकिस्तान का राष्टपिता’, पार्टी ने कर दिया निलंबित

    भोपाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर बीजेपी नेताओं की लगातार जारी टिप्पणियों के मामले में पार्टी ने कड़ा रूख अपना लिया है। बीजेपी ने महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बताने वाले मध्य प्रदेश के पार्टी प्रवक्ता अनिल सौमित्र को निलंबित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के प्रवक्ता और मीडिया सेल के प्रमुख अनिल सौमित्र को सभी पदों से हटाते हुए निलंबित कर दिया है।

    सौमित्र ने अपने फेसबुक पोस्ट में विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था, महात्मा गांधी राष्ट्रपिता थे, लेकिन पाकिस्तान राष्ट्र के। भारत राष्ट्र में तो उनके जैसे करोड़ों पुत्र हुए। कुछ लायक तो कुछ नालायक।

    इसके साथ ही बीजेपी ने उन्हें सात दिनों के अंदर जवाब भी देने को कहा है। बता दें कि महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को लेकर बीजेपी नेताओं की टिप्पणियों के बीच पार्टी डैमेज कंट्रोल करने की भूमिका में आ गई है।
    गोडसे को देशभक्त बताने वाले बयान पर भोपाल सीट से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पूरी तरह से घिर गई हैं। उनके इस बयान के बाद से न सिर्फ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कड़े शब्दों में प्रज्ञा के बयान की निंदा की है।

    पीएम मोदी ने सख्त लहजे में कहा कि प्रज्ञा और बाकी लोग जो गोडसे और बापू के बारे में बयानबाजी कर रहे हैं वह खराब है। उन्होंने कहा कि भले ही प्रज्ञा ने माफी मान ली हो, लेकिन मैं दिल से उन्हें कभी माफ नहीं कर पाऊंगा।

    इससे पहले नाथूराम गोडसे पर बीजेपी नेताओं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े और सांसद नलीन कटील के बयानों पर सियासी बवाल के बाद बीजेपी ने सफाई जारी की।

    बीजेपी नेताओं के बयानों से भड़के पार्टी चीफ अमित शाह ने कहा कि इन नेताओं के ये बयान उनके निजी बयान हैं और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

    शाह ने तीनों बयानों को अनुशासन समिति को भेजने की बात कही है। अनुशासन कमिटी सभी नेताओं से जवाब मांगेगी और 10 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी।

  • Exit Poll Results 2019 : NDA को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान

    Exit Poll Results 2019 :  NDA को प्रचंड बहुमत  मिलने का अनुमान

    नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के सात चरणों की वोटिंग पूरी होने के साथ ही 542 सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। अंतिम परिणाम तो 23 मई को आएंगे लेकिन विभिन्न एग्जिट पोल्स के अनुमान बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के लिए बेहतर दिख रहे हैं। सभी एग्जिट पोल्स में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है जबकि यूपीए और अन्य पिछड़ते नजर आ रहे  है।

    सर्वे में अनुमान है कि एनडीए को 352, कांग्रेस नीत यूपीए को 92 और अन्य के खाते में 98 सीटें मिल सकती हैं. एबीपी सीएसडीएस, न्यूज 24 टुडे चाणक्या, टाइम्स नाऊ सीएनएक्स, इंडिया टुडे आजतक माई एक्सिस, रिपब्लिक टीवी सी वोटर, रिपब्लिक भारत जन की बात, न्यूज 18 आईपीएसओएस एग्जिट पोल रिजल्ट जारी भी हो चुके हैं।

    चुनाव से पहले हुए ओपिनियन पोल में नरेंद्र मोदी की बीजेपी नीत एनडीए बहुमत के करीब दिखाई गई थी, जबकि कांग्रेस नीत यूपीए भी बढ़त बनाती नजर आई. ऐसे में अब लोगों की निगाहें लोकसभा चुनाव 2019 एग्जिट पोल पर टिकी हैं।

    साल 2014 लोकसभा चुनाव के अधिकतर एग्जिट पोल ज्यादा सटीक नहीं बैठे थे. सिर्फ न्यूज 24- चाणक्य एग्जिट पोल का अनुमान ही चुनाव के असल नतीजों के आस-पास रहा था. न्यूज 24- चाणक्य ने अपने एग्जिट पोल में एनडीए 340 प्लस, यूपीए को 70 प्लस और अन्य को 130 सीटों के जाने का अनुमान लगाया था।

    वहीं एबीपी नील्सन एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत के साथ 281 सीटें दी गई थीं, जबकि कांग्रेस को 97 और अन्य को 165 सीटें दी थीं. सीएनएन-आईबीएन सीएसडीएस ने एनडीए को 270-282 सीट, कांग्रेस को 92 से 102 और अन्य को 159 से 181 सीटें दी थी।

    छह एजेंसियों का एग्जिट पोल के जरिए बीजेपी गठबंधन और यूपी गठबंधन के साथ अन्य को मिलने वाली सीटों का अनुमान बता रहे हैं। टाइम्स नाउ-वीएमआर एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए गठबंधन को 306 सीटें मिल रही हैं। जबकि यूपीए को 132 सीटें मिलने का अनुमान है, अन्य को 104 सीटें मिलती दिख रही हैं। यानी एनडीए गठबंधन आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए दिख रहा है।

     

    Exit Poll Results 2019 :  NDA को प्रचंड बहुमत  मिलने का अनुमान

  • मतदान खत्म होते ही एग्जिट पोल्स, जानिये क्या है एग्जिट पोल्स ?

    मतदान खत्म होते ही एग्जिट पोल्स, जानिये क्या है एग्जिट पोल्स ?

    नई दिल्ली । 17वीं लोकसभा के लिए रविवार को सातवें चरण का मतदान हो रहा है। वोटिंग खत्म होते ही सभी पार्टियों और आम जनता की नजर टिकी होगी एग्जिट पोल्स पर। ये हर बार सटीक भले ही न बैठें लेकिन नतीजों से पहले उनकी झांकी दिखाने का काम जरूर कर जाते हैं।

    क्या होते हैं एग्जिट पोल्स 
    लगभग सभी बड़े चैनल्स विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर आखिरी चरण का मतदान खत्म होते ही एग्जिट पोल्स दिखाती हैं। इसमें बताया जाता है कि नतीजे किसके पक्ष में होंगे और किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं। इनसे एक मोटा-मोटा अंदाजा हो जाता है कि नतीजे क्या आ सकते हैं। हालांकि, यह कहना ठीक नहीं कि चुनाव के नतीजे एग्जिट पोल्स के अनुसार ही आएं। भारत में सबसे पहले एग्जिट पोल्स 1960 में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डिवेलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) ने जारी किए थे।

    कौन करवाता है एग्जिट पोल्स
    सबसे पहले यह जानते है कि एग्जिट पोल करने का तरीका क्या होता है? एग्जिट पोल के लिए तमाम एजेंसीज वोट डालने के तुरंत बाद वोटर्स से उनकी राय जानती हैं और उन्हीं रायों के आधार एग्जिट पोल के नतीजे तैयार किए जाते हैं। भारत में जहां चुनाव विकास से लेकर जाति-धर्म जैसे तमाम मुद्दों पर लड़ा जाता है, ऐसे में मतदाता ने किसको वोट दिया है, यह पता करना भी आसान नहीं है। अक्सर मतदाता इस सवाल का सही जवाब नहीं देते कि उन्होंने किसे वोट दिया। इस वजह से भी एग्जिट पोल्स चुनावी नतीजों से विपरीत भी आते हैं।

    एग्जिट पोल्स और ओपिनियन पोल्स कैसे अलग?
    मोटा फर्क तो यह है कि ओपिनियन पोल चुनाव से पहले और एग्जिट पोल चुनाव के बाद आते हैं। ओपिनियन पोल में वोटर्स की राय जानी जाती है और उसी आधार पर सर्वे तैयार किया जाता है। इसमें वे लोग भी शामिल होते हैं जो हो सकता है कि चुनाव वाले दिन वोट डाले ही नहीं। वहीं एग्जिट पोल से जुड़े सवाल चुनाव वाले दिन ही सिर्फ वोट डालकर आए लोगों से पूछे जाते हैं।

    क्या नियम? क्या सजा?
    रेप्रिजेंटेशन ऑफ द पीपल ऐक्ट, 1951 के सेक्शन 126A के तहत चुनाव के शुरू होने से पहले और आखिर चरण की वोटिंग के खत्म होने के आधे घंटे बाद ही एग्जिट पोल्स दिखा सकते हैं। सेक्शन में साफ कहा गया है कि कोई भी किसी भी तरह के एग्जिट पोल को मीडिया के किसी रूप (प्रिंट या इलेक्ट्रोनिक) में दिखा या छाप नहीं सकता। इस नियम को तोड़ने पर दो साल की सजा, जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।

    पार्टियों के निशाने पर भी रहती हैं एजेंसियां
    आलोचक और राजनीतिक पार्टियां अकसर एग्जिट पोल्स करवाने वाली एजेंसियों को अपनी पसंद, तरीके आदि के हिसाब से पक्षपात वाला बताती हैं। उनके पक्ष में न आने पर पार्टियां यह तक कहती हैं कि विरोधी दलों ने एग्जिट पोल्स एजेंसियों को इसके लिए पैसे देकर मतदाता की असल भावना को छिपाया है। source:nbt

     

  • लोकसभा चुनाव 2019: अंतिम चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर 918 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला !

    लोकसभा चुनाव 2019: अंतिम चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर 918 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला !

    नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण में रविवार को 7 राज्यों की 59 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच इस चरण के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और मतदाता शाम छह बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

    लोकसभा चुनाव 2019: अंतिम चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर 918 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला !

    शाम छह बजे मतदान केन्द्रों के दरवाजे बंद कर दिये जायेंगे लेकिन जो मतदाता इससे पहले केन्द्र में चला जायेगा और लाइन में खड़ा होगा उसे वोट डालने का अधिकार होगा। दूर दराज के क्षेत्रों में चुनाव कर्मी जरूरी चुनावी सामग्री के साथ मतदान केन्द्रों में पहुंचना शुरू हो गये हैं और सियासी दल भी रिजल्ट मोड में आ चुके हैं। जहां पर चुनाव हो चुके हैं वहां लोगों को अब 23 मई का बेसब्री से इंतजार है।

    इस बीच, सातवें और अंतिम चरण के लोकसभा चुनाव की 59 सीटों पर रविवार को वोट डाले जाएंगे। उससे पहले शनिवार को देशभर में अलग ही हलचल देखने को मिली। पीएम मोदी केदारनाथ धाम में हैं तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली में बैठकें करते रहे। लखनऊ में भी हलचल रही क्योंकि ज्क्च् सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू चुनाव के संभावित नतीजों के बाद की रणनीति तैयार करने पहुंचे हुए थे। उन्होंने एसपी और बीएसपी दोनों दलों के सुप्रीमो से मुलाकात की।

    लोकसभा चुनाव 2019: अंतिम चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर 918 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला !
    lok sabha election 2019-(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

    पिछले 24 घंटों में प्रचार वाला शोर भले ही न हो पर नेताओं की मुलाकातें जारी हैं। दरअसल, सातवें चरण का चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम में ही समाप्त हो गया था। ऐसे में सियासी खेमों में समीकरण साधे जा रहे हैं। यह सब तब हो रहा है जब एक दिन बाद अभी 59 अहम सीटों पर मतदान होना बाकी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट वाराणसी भी शामिल है।

    8 राज्यों की 59 सीटों पर करीब 10.17 करोड़ मतदाता रविवार को 918 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। निर्वाचन आयोग ने मतदान सुगम तरीके से संपन्न कराने के लिए 1.12 लाख मतदान केंद्र बनाए हैं। सातवें चरण में जिन राज्यों में मतदान होगा, उसमें पंजाब (13), उत्तर प्रदेश (13), पश्चिम बंगाल (9), बिहार (8), मध्य प्रदेश (8), हिमाचल प्रदेश (4), झारखंड (4), चंडीगढ़ (1) शामिल हैं।

    बीजेपी ने 2014 में इस अंतिम चरण की 59 सीटों में से 30 पर विजय हासिल की थी। अंतिम चरण की महत्वपूर्ण सीटों की बात करें तो इसमें वाराणसी सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां से दोबारा चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के अजय राय और एसपी उम्मीदवार शालिनी यादव से है।

    इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, श्रीमती हरसिमत कौर बादल, हरदीप पुरी , मनोज सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, अनुराग ठाकुर, बीबी जागीर कौर, पवन बंसल, किरण खेर, मीसा भारती, सनी देओल, शिबू शोरेन, आर के सिंह, भाकपा नेता अतुल कुमार अंजान, महेन्द्र नाथ पांडे और अनुप्रिया पटेल समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं।

  • कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल , BJP ने कहा अल्पमत में है एमपी में कमलनाथ सरकार

    कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल , BJP ने कहा अल्पमत में है एमपी में कमलनाथ सरकार

    भोपाल। लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद केंद्र के साथ ही राज्यों में भी सियासी हलचल तेज हो गई है।मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार के अल्पमत में चले जाने का दावा किया है। बीजेपी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।

    समाचार चैनल टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी का एक प्रतिनिधी मंडल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने गया है। इस सियासी घटनाक्रम के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में बीजेपी एमपी में कमलनाथ सरकार को अल्पमत में बताकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।

    गौरतलब है कि बीजेपी के पास मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 231 सीटों में से बीजेपी के पास 109 हैं जबकि 113 सीटों के साथ कांग्रेस सत्ता पर काबिज है। साल 2018 विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुए। इन चुनावों में बहुमत के लिए जरूरी 116 सीटें कोई भी पार्टी जीतने में कामयाब नहीं हो पाई थी।

    कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसे 114 सीटें मिलीं जो बहुमत से 2 सीटें कम थीं. दूसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी रही थी जिसे 109 सीटें मिली थीं। मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 2 सीटें मिली थीं। वहीं समाजवादी पार्टी भी 1 सीट जीतने में कामयाब रही थी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बहुमत के लिए दो सीटों की जरूरत थी।

    बसपा के दोनों विधायकों और सपा के एक विधायक के समर्थन के बाद कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा छू पाने में कामयाब हुई थी। मध्य प्रदेश में अगर बसपा के 2 विधायक अपना समर्थन वापस ले लेते हैं तो कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ जाएगी. बसपा प्रमुख मायावती चुनावी सभाओं में कांग्रेस पर लगातार हमलावर रही है।

    वहीं बीजेपी ने अब दावा किया है कि कांग्रेस की सरकार अल्पमत में है. बीजेपी मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने गई है.। रिपोर्ट्स के अनुसार मध्यप्रदेश में विपक्ष और बीजेपी के नेता गोपाल भार्गव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखा है और तुरंत विधानसभा का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की है। पत्र में दावा किया गया है कि राज्य में कमलनाथ सरकार ने बहुमत खो दिया है।

  • लोकसभा चुनाव : अंतिम चरण में 59 सीटों पर मतदान जारी

    लोकसभा चुनाव : अंतिम चरण में 59 सीटों पर मतदान जारी

    नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें और आखिरी चरण के लिए आज मतदान जारी है। 8 राज्यों की 59 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग हो रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के राजभवन के एक स्कूल में बूथ संख्या 326 पर अपना वोट डाला।

    लोकसभा चुनाव : अंतिम चरण में 59 सीटों पर मतदान जारी

    वहीं, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ में गोरखपुर में मतदान किया। इस बीच पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान हिंसा की खबर सामने आई है। बंगाल के मथुरापुर के रायडिगी इलाके में बम विस्फोट हुआ है। ग्रामीणों ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है।

    इससे पहले भाटपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले हिंसा भड़कने की खबर आई थी। यहां एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। इसके साथ ही बम भी फेंकने की खबर भी मिली। इस पर भाजपा ने टीएमसी पर आरोप लगाया है। घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई करते हुए टीएमसी के एक नेता सुभाष बोस को हिरासत में लिया।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी पोलिंग बूथों पर स्थानीय पुलिस के अलावा केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। छठे चरण में 64 फीसदी मतदान हुआ। सबसे ज्यादा मतदान पश्चिम बंगाल में दर्ज किया गया। यहां 80.35 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ । आखिरी दौर के मतदान में यूपी के 13, पंजाब की 13, पश्चिम बंगाल की 9, बिहार की 8 सीट, झारखंड की तीन, हिमाचल प्रदेश की 4, मध्य प्रदेश की 8 और चंडीगढ की एक सीट पर वोट डाले जाएंगे।

    आखिरी चरण के मतदान में पीएम मोदी समेत कुल 918 उम्मीदवार मैदान में हैं। आखिरी चरण के चुनाव में पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी पर वोटिंग होगी। पीएम मोदी 2014 में यहां से भारी मतों से चुनाव जीते थे। यहां से कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय मैदान में हैं।

    केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा मतदान करते हुए।

    पिछली बार भी कांग्रेस के टिकट से अजय राय ने ही मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वाराणसी के अलावा पटना साहिब से केद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, शत्रुघ्न सिन्हा, झारखंड के दुमका से शिबू सोरेन, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, बक्सर से अश्विनी चौबे, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, पवन बंसल, अनुराग ठाकुर समेत कई नेता चुनावी मैदान में हैं।

    भाजपा प्रत्याशी रवि किशन ने मतदान किया।

    लोकसभा चुनाव : अंतिम चरण में 59 सीटों पर मतदान जारी

    केंद्रीय मंत्री और भाजपा-अपना दल (एस) की संयुक्त प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल ने मिर्जापुर के सेंट मेरी स्कूल में वोट डाला।

    लोकसभा चुनाव : अंतिम चरण में 59 सीटों पर मतदान जारी

  • एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत को देखकर भड़के कर्णाटक के CM बोले, झूठा है एग्जिट पोल

    एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत को देखकर भड़के कर्णाटक के CM बोले, झूठा है एग्जिट पोल

    बेंगलुरु l कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की जीत का अनुमान जाहिर करने वाले एग्जिट पोल पर सवाल उठाए हैं। इनकी निंदा करते हुए कुमारस्वामी ने सोमवार को कहा कि इन अनुमानों को देश में मोदी लहर का एक झूठा माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। कुमारस्वामी ने कई सारे ट्वीट्स में कहा कि कृत्रिम तरीके से तैयार की गई मोदी लहर का इस्तेमाल बीजेपी 23 मई के परिणाम के बाद किसी कमी को पूरा करने के लिए पहले ही क्षेत्रीय पार्टियों को लुभाने के लिए कर रही है।

    कुमारस्वामी ने कहा कि एग्जिट पोल एक खास नेता और उसकी पार्टी के पक्ष में एक लहर का झूठा वातावरण तैयार करने का एक प्रयास था। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल को अनावश्यक अधिक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए, जो मात्र अस्थायी आंकड़े पेश करता है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दलों की चिंता को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने फ्रॉड की संभावना से भरी त्रुटिपूर्ण मशीनों से बचने के लिए पुराने मत-पत्र की तरफ लौटने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया।

    कुमारस्वामी ने किया बैलट पेपर का समर्थन
    उन्होंने एक और ट्वीट में कहा, ‘दुनियाभर में विकसित देशों ने भी आम चुनाव में मतपत्र का विकल्प अपनाया है। 19 मई को एग्जिट पोल के परिणाम फिर से दिखाते हैं कि सत्तारूढ़ दल चुनावी फायदे के लिए आसानी से ईवीएम में हेरफेर कर सकते हैं।’ कुमारस्वामी ने कहा कि एग्जिट पोल का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए हो रहा है कि देश में अब भी मोदी लहर है।

    उल्लेखनीय है कि अधिकांश एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को राज्य की 28 सीटों में से 18-23 सीटें दी गई हैं। राज्य में चुनाव पूर्व सीट बंटवारा समझौते के तहत कांग्रेस ने 21 सीटों पर और जेडीएस ने सात सीटों पर चुनाव लड़ा है। बीजेपी ने 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और एक सीट पर उसने बहुभाषी फिल्म अभिनेत्री सुमालता अंबरीश को समर्थ दिया था, जो मांड्या सीट से निर्दलीय उम्मीदवार थीं। उनके खिलाफ जेडीएस के अध्यक्ष एच.डी. देवगौड़ा के पोते और कुमारस्वामी के पुत्र निखिल गौड़ा मैदान में हैं। 2014 के आम चुनाव में बीजेपी ने राज्य में 17 सीटें जीती थी जबकि कांग्रेस ने नौ और जेडीएस ने दो सीटों पर जीत दर्ज कराई थी।

  • अभिनेता कमल हासन ने कहा – “नाथूराम गोडसे” पहला हिन्दू आतंकवादी था

    अभिनेता कमल हासन ने कहा – “नाथूराम गोडसे” पहला हिन्दू आतंकवादी था

    देश में आतंकवादी का धर्म होता है ऐसा अभिनेता कमल हासन ने बोला नाथूराम गोडसे पहला हिन्दू आतंकवादी था, कमल हासन को आतंकवाद का मतलब नही पता । आतंकवाद का मतलब समाज में आतंक फैलाना । नाथूराम ने जो किया वो गलत था वो उसकी सोच थी ।लेकिन कमल हासन ने उसे कैसे बोल दिया वो पहला हिन्दू आतंकवादी था । उसने(गोडसे) कौन सा आतंक फैला दिया। मुम्बई हमले में मुख्य आरोपी कसाब को क्यों नहीं बोला आतंकवादी । वो पाकिस्तान का देशभक्त था क्या ? जानिए क्या कहा कमल हासन ने ।

    अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने कहा है कि हर धर्म में आतंकवादी रहे हैं. कोई भी यह नहीं कह सकता है कि हम बेदाग हैं. उन्होंने कहा है कि महत्मा गांधी की हत्या करने वाला नाथूराम गोडसे देश का पहला आतंकी हिंदू था वाले बयान के बाद हुए विवाद से बिलकुल नहीं डरे नहीं है.

    अभिनेता कमल हासन ने कहा – “नाथूराम गोडसे” पहला हिन्दू आतंकवादी था

    कमल हासन ने यह बात अपनी पार्टी के प्रचार के दौरान कही है. आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही मदुरै में चुनाव प्रचार के दौरान कमल हासन पर चप्पल पर फेंकी गई थी. वहीं तमिलनाडु सरकार में मंत्री केटी राजेंद्र भालाजी ने विवादित बयान देते हुए कहा कि कमल हासन की जुबान काट देनी चाहिए. अपनी पार्टी मक्काल नीधि मैयम का प्रचार करते हुए बातचीत में कमल हासन ने कहा कि वह चप्पल और पत्थर फेंकने जैसी घटनाओं से घबराए नहीं है. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान सौहार्द के बारे में था. वह मुस्लिम, ईसाई और हिंदू समुदाय के बीच अपनी बात पहुंचाएंगे. कमल हासन ने कहा कि उन्होंने यह बात इसलिए नहीं कही है कि वह मुस्लिम बहुल इलाके में हैं, क्यों वह इस समय महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने खड़े हैं.

    गोडसे को हिंदू आतंकवादी बताने वाले बयान पर बीजेपी की ओर से कमल हासन की तीखी आलोचना की गई. पार्टी की ओर से कहा गया, हम कमल हासन के बयान की आलोचना करते हैं. वह अल्पसंख्यक बहुल इलाके में सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं. चुनाव आयोग को उनके इस बयान पर कड़ा कदम उठाने चाहिए.’ आपको बता दें कि यह बयान तमिलनाडु के बीजेपी अध्यक्ष टी. सुंदरराजन की ओर से ट्वीट पर शेयर किया गया है.

  • मौत को फिजिकल फॉर्म में देखने के लिए जेएनयू छात्र ने कर ली सूसाइड !

    मौत को फिजिकल फॉर्म में देखने के लिए जेएनयू छात्र ने कर ली सूसाइड !

    नई दिल्ली। जेएनयू का छात्र स्टूडेंट ऋषि जे थॉमस ने लाइब्रेरी में पंखे से लटककर मौत को गले लगाने वाले मामले में एक नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि मरने से पहले स्टूडेंट ने प्रोफेसर को जो मेल किया था।

    उसे पढ़कर ऐसा लगता है कि वह मौत के बाद के रहस्य को जानने के लिए उत्सुक थे। वह मौत को साक्षात देखना चाहते थे कि यह कैसे आती है और इसके बाद क्या होता है। शायद इसी के लिए उन्होंने अपनी जान दे दी।

    साउथ-वेस्ट जिला पुलिस का कहना है कि थॉमस ने शुक्रवार को सूइसाइड करने से पहले जेएनयू प्रफेसर को मेल किया था। यह मेल सुबह 11.31 बजे किया गया था। मेल में थॉमस ने लिखा था कि जब तक आपको मेरा यह मेल मिलेगा। मैं इस दुनिया में नहीं रहूंगा। बड़े दिनों से चाह है मौत को फिजिकल फॉर्म में देखने की। मेरे माता-पिता का ध्यान रखना। यह मेल इंग्लिश में लिखा गया है।

    मेल पढ़कर पुलिस को लगता है कि थॉमस मौत के रहस्य को जानने के लिए उत्सुक थे। शायद वह जानना चाहते थे कि आखिर आदमी कैसे मरता है और मौत कैसे आती है? मौत के बाद क्या होता है? हालांकि उनका मेल पढ़कर यह साफ है कि थॉमस को यह बखूबी पता था कि आत्महत्या के बाद वापस लौटकर नहीं आएंगे।

    यह भी हो सकता है कि कहीं ना कहीं उन्हें यह लगता हो कि वह मौत के बाद के रहस्य को जान लेंगे और फिर वापस आ जाएं। इसी तरह से पिछले साल जुलाई में बुराड़ी में भी 11 लोग फांसी के फंदे से झूल गए थे। उन्हें भी भरोसा था कि वह बच जाएंगे। लगता है थॉमस भी उसी तरह की सोच रखते थे।

    पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में थॉमस के दोस्तों से भी जानकारी जुटाई जाएगी कि क्या वह पिछले कुछ समय से किसी तरह की मानसिक बीमारी या अन्य किसी तरह की परेशानी से तो पीड़ित नहीं थे।

    मामले में पुलिस ने अभी तक जो जांच की है। उसमें किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आई है लेकिन मौत के इस रहस्य को जानने वाले उत्सुक वाले उनके नोट ने पुलिस को भी हैरानी में डाल दिया है।