अंबाला। कोऑपरेटिव सोसाइटी के बस कंडक्टर ने शुक्रवार को कैंट बस स्टैंड पर महिला को जूते से पीटा। कंडक्टर ने बस के हेल्पर से वीडियो भी बनवाया और वायरल कर दिया। कंडक्टर का आरोप था कि 8 महीने पहले महिला ने भी गलतफहमी में कंडक्टर को पीट दिया था। महिला की शिकायत पर लाल चैकी कुर्ती पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस मारपीट का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
जगाधरी से द बन कारपोरेटिव सोसाइटी का कंडक्टर नरेंद्र कुमार अपनी बस को लेकर अंबाला शहर आ रहा था। जैसे ही यह छावनी बस स्टैंड परिसर पहुंच कर कंडक्टर ने पास में खड़ी बस से महिला को बाल पकड़ नीचे उतार लिया। इसके बाद अपने एक पैर का जूता निकालकर महिला को पीटना शुरू कर दिया।
इसके बाद अपने ही बस के हेल्पर को वीडियो बनाने को कहा। कंडक्टर महिला को अपशब्द बोल रहा था। नरेंद्र महिला से कह रहा था कि वह बताए कि मैंने किससे छेड़खानी की थी। उस पर झूठा आरोप लगाकर उसकी पिटाई क्यों की थी। वहीं महिला के साथ मारपीट की घटना देख कर और भी लोग वीडियो बनाने लगे या तमााशबीन बने खड़े रहे। कंडक्टर महिला के सिर पर मुंह पर जूतों से मारपीट करते हुए सरेआम नजर आ रहा है।
मारपीट के बाद कुछ लोग बीच बचाव में आए। महिला ने लाल कुर्ती चैकी पुलिस कंडक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने लाल कुर्ती चैकी पुलिस को दी शिकायत में थाना छप्पर रहने वाली तरसेम कौर ने बताया कि कंडक्टर ने उसकी रिश्तेदार की बेटी से छेड़छाड़ की थी। इसके बाद उसकी पिटाई की थी।
इसी की रंजिश कंडक्टर रखता था। शनिवार को वह ब्यास जा रही थी। जैसे ही बस स्टैंड के पास बस से नीचे उतरी तो कंडक्टर ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला ने छावनी के नागरिक अस्पताल छावनी से अपना मेडिकल भी कराया है। चैकी इंचार्ज ने बताया कि महिला की शिकायत पर बकनौर के नजदीक मियां माजरा निवासी नरेंद्र कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
यहां हम बात कर रहे हैं एक राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रशांत सेठी हैं जो चुनाव में इसलिए चर्चा में आ गए क्योंकि उनकी शक्ल कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी से मिलती है. लेकिन आपको बता दें, प्रशांत सेठी को स्वयं का राहुल गांधी दिखाना पसंद नहीं है। इसलिए उन्होंने खुद पिछले कुछ सालों में अपना वजन लगभग 20 किलो बढ़ा लिया है। जब कोई उनसे पूछता है कि क्या उन्हें राहुल गांधी से नफरत है? तो वह कहते हैं कि ऐसा कुछ नहीं है, बेशक वह राष्ट्रीय नेता है पर उनके पास ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है ।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होते रहते हैं. कई वीडियो से ये पता चलता है कि भारत में अजय देवगन, सलमान खान, टाइगर श्राप के हमशक्ल भी इस देश में हैं। इसके अलावा एक और जानकारी सामने आई है जिसके बारे में बताने जा रहे हैं. भिनेताओं के ही नहीं नेताओं के भी डुप्लीकेट इस समय मार्केट में हैं. कई ऐसे हैं जिन्हें उनके जैसे होने पर गर्व है।
इसके अलावा उनका कहना है कि उन्हें बॉलीवुड की एक फिल्म में राहुल गांधी का किरदार निभाने के लिए भी ऑफर आए पर मना कर दिया. वह खुद को पीएम मोदी का कट्टर समर्थक मानते हैं. इसलिए वह राहुल के जैसे नहीं दिखना चाहते. 20 किलो वजन के साथ प्रशांत ने अपनी हेयर स्टाइल भी बदल लिया है. वहीं प्रशांत के पिता अपने बेटे को कांग्रेस से जुड़ने को कहते आए हैं पर प्रशांत पर उनकी बातों का कोई असर नहीं होता है।
यहां हम बात कर रहे हैं एक राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रशांत सेठी हैं जो चुनाव में इसलिए चर्चा में आ गए क्योंकि उनकी शक्ल कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी से मिलती है. लेकिन आपको बता दें, प्रशांत सेठी को स्वयं का राहुल गांधी दिखाना पसंद नहीं है। इसलिए उन्होंने खुद पिछले कुछ सालों में अपना वजन लगभग 20 किलो बढ़ा लिया है। जब कोई उनसे पूछता है कि क्या उन्हें राहुल गांधी से नफरत है? तो वह कहते हैं कि ऐसा कुछ नहीं है, बेशक वह राष्ट्रीय नेता है पर उनके पास ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है ।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होते रहते हैं. कई वीडियो से ये पता चलता है कि भारत में अजय देवगन, सलमान खान, टाइगर श्राप के हमशक्ल भी इस देश में हैं। इसके अलावा एक और जानकारी सामने आई है जिसके बारे में बताने जा रहे हैं. भिनेताओं के ही नहीं नेताओं के भी डुप्लीकेट इस समय मार्केट में हैं. कई ऐसे हैं जिन्हें उनके जैसे होने पर गर्व है।
इसके अलावा उनका कहना है कि उन्हें बॉलीवुड की एक फिल्म में राहुल गांधी का किरदार निभाने के लिए भी ऑफर आए पर मना कर दिया. वह खुद को पीएम मोदी का कट्टर समर्थक मानते हैं. इसलिए वह राहुल के जैसे नहीं दिखना चाहते. 20 किलो वजन के साथ प्रशांत ने अपनी हेयर स्टाइल भी बदल लिया है. वहीं प्रशांत के पिता अपने बेटे को कांग्रेस से जुड़ने को कहते आए हैं पर प्रशांत पर उनकी बातों का कोई असर नहीं होता है।
भोपाल । मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह अपने गृहक्षेत्र राजगढ़ में वोट डालने नहीं पहुंच सके। इस बारे में दोपहर के समय दिग्विजय ने कहा कि वह मताधिकार का प्रयोग करने की ‘कोशिश’ करेंगे लेकिन देर शाम उन्होंने मतदान न कर पाने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह वोट डालने राजगढ़ नहीं जा सके और इसके लिए वह माफी मांगते हैं।
भोपाल लोकसभा सीट की प्रत्याशी एवं मालेगांव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को भोपाल में अपना वोट डाला, जबकि उनके खिलाफ इस सीट से लड़ रहे कांग्रेस के प्रत्याशी एवं दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह स्वयं के लिए इस सीट से वोट नहीं दे पायेंगे, क्योंकि वह भोपाल लोकसभा सीट के मतदाता नहीं हैं।
Digvijay Singh, Congress Lok Sabha candidate from Bhopal, in Bhopal earlier today, on he hasn’t yet reached Rajgarh to vote for the #LokSabhaElections2019 : I will see. I will try to reach pic.twitter.com/K4acjXE9Vh
साध्वी प्रज्ञा ने आज सुबह यहां रेवेरा टाउन मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला. मतदान करने के बाद प्रज्ञा ने मीडिया से कहा कि यह धर्म युद्ध है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा को पहले से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी और नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे. प्रज्ञा वर्ष 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।
वहीं, दिग्विजय के एक करीबी ने बताया, ‘मतदाता सूची में दिग्विजय सिंह का नाम मध्यप्रदेश के राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उनके पैतृक कस्बे राघौगढ़ में पंजीबद्ध है. इसलिए वह स्वयं के लिए भोपाल लोकसभा सीट से वोट नहीं डाल पायेंगे.’ दिग्विजय 10 साल तक (वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
भाजपा द्वारा हिन्दुत्व चेहरा साध्वी प्रज्ञा को दिग्विजय के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारने के बाद भोपाल सीट देश की हॉट सीट बन गयी है. चुनाव प्रचार के दौरान यह सीट मुख्य रूप से चर्चा का विषय रही. भाजपा का गढ़ कही जाने वाली इस सीट से दिग्विजय को जिताने के लिए कम्प्यूटर बाबा यहां धूनी जलाकर कई साधु-संतों के साथ हठ योग पर बैठे थे।
कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह को जिताने के लिए न केवल उनका प्रचार किया, बल्कि तंत्र-मंत्र का सहारा भी लिया है. कम्प्यूटर बाबा ने साधु-संतों के साथ उनके लिए रोड शो भी किया, जो पूरी तरह से भगवा रंग में रंगा नजर आया।
नोएडा । उत्तर प्रदेश के नोएडा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ग्रेनो के पी-4 सेक्टर स्थित यूपी पुलिस के एक एसपी के मकान पर छापा मारकर 1800 किलो ड्रग्स बरामद की है।
इसकी कीमत 400 करोड़ रुपये आंकी गई है। एनसीबी ने दावा किया है कि देश में पकड़ी गई ड्रग्स की अब तक की सबसे बड़ी खेप है। इस मामले में दक्षिण अफ्रीकी मूल की एक महिला समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। महिला ने पूछताछ में बताया कि ग्रेनो से ड्रग्स की सप्लाई दिल्ली-एनसीआर व विदेशों में होती थी। बरामद ड्रग्स के जखीरे के बारे में 3 दिन तक स्थानीय पुलिस को खबर नहीं थी।
नारकोटिक्स विभाग ने दक्षिणी अफ्रीकी मूल की एक महिला को 24 किलो ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। वह दक्षिण अफ्रीका जाने की तैयारी में थी। उसी की निशानदेही पर एनसीबी ने उसी दिन ग्रेनो में छापा मारकर ड्रग्स का जखीरा बरामद किया। छापेमारी की कार्रवाई सुबह 9 बजे रात 12 बजे तक चली।
उसके बाद शनिवार को दिल्ली में प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी गई। एसएसपी से लेकर थानेदार तक को इस मामले की जानकारी नहीं थी। यहां तक की एलआईयू भी पूरी तरह फेल साबित हुई। पुलिस किरायेदारों का वेरिफिकेशन करने का दावा करती है, लेकिन यहां यह धंधा 3 साल से चल रहा था। लगातार सेक्टर के लोग अफ्रीकी मूल के लोगों की शिकायत कर रहे थे।
उसके बाद भी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच नहीं की। दिल्ली में खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस शनिवार शाम जांच के लिए पहुंची और आसपास रह रहे अफ्रीकी मूल के लोगों के मकानों की तलाशी ली। ड्रग्स का धंधा जिस मकान से चल रहा था वह लखनऊ में तैनात एसपी देवेन्द्र पी. एन. पांडेय का है। फिलहाल वह वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात हैं। उन्होंने एनबीटी को बताया कि एजेंट के माध्यम से मकान को किराये पर दिया था। हर माह 24 हजार रुपये किराया तय हुआ था।
किरायेदारों पर बिजली व किराये का करीब 5 लाख रुपये बकाया हैं। उन्हें नहीं पता था कि मकान में यह सब हो रहा है। इससे पहले भी ग्रेनो के ओमीक्रॉन-2 में नशीला पदार्थ बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इसमें अफ्रीकी मूल के 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यहां से काफी मात्रा में सामान बरामद हुआ था।
अप्रैल में इस मामले में अफ्रीकी मूल के लोगों को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सजा भी सुनाई थी। ड्रग्स तस्करों ने किराये पर लिए मकान के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए थे। बताया जा रहा है कि इन कैमरों को मोबाइल से कनेक्ट किया गया था।
अगर कोई मकान के आसपास भी आता तो उन्हें पता चल जाता था और सतर्क हो जाते थे। इस गैंग के सरगना दिल्ली व विदेशों में बैठकर अपने अड्डे पर नजर रखते थे। सेक्टर के लोगों व क्योस्क वाले ने बताया कि इस मकान में रहने वाले लोगों के पास अपनी गाड़ी नहीं थी। हमेशा कैब का इस्तेमाल करते थे। आसपास के लोगों से बात तक नहीं करते थे।
लखनऊ । EC ने पोलिंग बूथ पर वोट डालने आई पर्दानशीं महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने को कहा है। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश जारी किए हैं। यूपी में 27 सीटों पर चुनाव बचे हुए हैं। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रत्नेश सिंह की ओर से भेजे पत्र में केंद्रीय चुनाव आयोग के 8 मई के निर्देश का हवाला दिया गया है।
इसके अनुसार अफसरों को रिटर्निंग अफसरों के हैंडबुक में बुर्का पहने महिला वोटरों की पहचान के निर्देशों को पालन करने को कहा गया है। हैंडबुक में निर्देश हैं कि जिन बूथ पर पर्दानशीं महिला वोटर अधिक हों, वहां पर महिला पुलिस कॉन्स्टेबल के अलावा एक महिला पुलिस अधिकारी भी तैनात किया जाए। इससे पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम उठाए जा सकें।
गौरतलब है कि पहले चरण में मुजफ्फरनगर से बीजेपी के कैंडिडेट संजीव बालियान ने इस बात की शिकायत की थी कि बुर्का पहनकर मतदान करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इससे मतदाताओं की पहचान में दिक्कत आती है और फर्जी मतदान की आशंका बढ़ जाती है।
नई दिल्ली। भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ने कहा, नाथूराम गोडसे देशभक्त थे। देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। बीजेपी के जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि साध्वी को अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
साध्वी प्रज्ञा का यह बयान उस समय आया जब उनसे कमल हासन के गोडसे को पहला हिंदू आतंकी बताने पर प्रतिक्रिया मांगी गई। उन्हें हिंदू आतंकवादी बताने वाले अपने गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा। गौरतलब है कि अभिनेता से नेता बने कमल हासन हिंदू आतंकवाद को लेकर विवादित बयान दिया था।
तमिलनाडु में चुनाव प्रचार करते हुए हासन ने कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था। कमल हासन ने कहा, आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यहां पर कई सारे मुस्लिम मौजूद हैं।
GVL Narasimha Rao, BJP on Pragya Singh Thakur’s statement “Nathuram Godse was, is & will remain a ‘deshbhakt”: BJP does not agree with this statement, we condemn it. Party will ask her for clarification, she should apologise publicly for this statement. pic.twitter.com/yBEs8nQoWW
मैं महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने खड़े होकर यह कह रहा हूं। भोपाल से बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा पहले भी अपने बयानों से बीजेपी को मुश्किल में डाल चुकी हैं। उनकी उम्मीदवारी को लेकर विपक्ष के नेता कई बार सवाल उठा चुके हैं।
वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को हिंदू आंतकवादी कहे जाने पर उनका बचाव किया था। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में साध्वी से जुड़े एक सवाल के दौरान शाह ने दो टूक कहा था कि साध्वी को झूठे केस में फंसाया गया।
इस दौरान शाह ने यह भी सवाल उठाया कि समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट करने वाले लोग अब कहां हैं? उधर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चैहान भी प्रज्ञा के बचाव में उतरे थे।
मुंबई । एक युवती से ठाणे के एटीएम बूथ में रविवार सुबह छेड़छाड़ की घटना हुई। महिला को ऑटोरिक्शा का किराया देना था और संयोग से उसका बर्थडे भी था, इसलिए वह सुबह 3:00 बजे के करीब एटीएम बूथ में पैसा निकालने गई थी।जानकारी के अनुसार, पैसा निकालने के दौरान उसे दिक्कत आई, तो एक युवक उसकी मदद के बहाने आगे आया।
लेकिन, इस दौरान उसने युवती को कई बार टच किया और हद तो तब हो गई, जब वह अपना प्राइवेट पार्ट निकालकर एटीएम में खड़ा हो गया। युवती ने उसकी घिनौनी हरकत अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली।
जब वह एटीएम बूथ से बाहर आई, तो उसे पुलिस की पीसीआर वैन दिखाई दी। उसने पुलिसकर्मियों को पूरा विडियो दिखाकर घटना की सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने फौरन उस युवक का पीछा करना शुरू कर दिया।
उधर, युवती ने पूरा विडियो ट्वीट कर लिखा, ‘वह अपने इलाके को हमेशा सेफ मानती रही है। ऐसी घटना की उसे उम्मीद नहीं थी। एक बीमार मानसिकता वाले शख्स ने ऐसी हरकत उस जगह की, जहां कैमरे लगे होते हैं। आखिर यह सब कब रुकेगा?’ उसने विडियो को #ठाणेसिटीपुलिस और #सीपीमुंबईपुलिस को भी टैग किया। मुंबई पुलिस ने विडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की और शाम 4 बजे के करीब आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया।
नई दिल्ली। कोलकाता में मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में बवाल के बाद से पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस हंगामे की वजह से आखिरी चरण की वोटिंग से पहले टीएमसी और बीजेपी का टकराव गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। ममता बनर्जी ने जहां हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।
वहीं बीजेपी ने चुनाव आयोग से ममता के चुनाव प्रचार पर बैन की मांग की है। जाधवपुर में रैली की इजाजत रद्द करने और हेलिकॉप्टर उतारने की अनुमति नहीं मिलने से भड़के बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ममता बनर्जी को चुनौती दी कि वह कोलकाता आ रहे हैं, हिम्मत है तो दीदी गिरफ्तार करें। मंगलवार को कोलकाता में अमित शाह के रोड शो से पहले कुछ जगहों पर पीएम मोदी और शाह के पोस्टरों को कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिया।
रोड शो शुरू हुआ, जिसमें अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा, 2.30 घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो चला। कहा कि दो बार हमले किये गए और तीसरे हमले में तोड़फोड़, आगजनी और बोतल में केरोसिन डालकर हमला किया गया। अगर सीआरपीएफ नहीं होती तो मेरा बचना मुश्किल था।मैं किसी तरह नहां से बच कर निकला।
आरोप है कि इसके बाद कुछ बीजेपी समर्थकों ने 2 मोटरसाइकलों और एक साइकल में आग लगा दी। हालांकि बीजेपी ने इसके लिए तृणमूल को जिम्मेदार ठहराया। शाह ने बुधवार को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनके कार्यकर्ता अपनी ही गाड़ियां क्यों जलाते। इस अग्निकांड के बाद मंगलवार देर शाम हिंसा और तेजी से भड़की और पुलिस को हालात संभालने में पसीने छूट गए।
बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।हालात तब और खराब हो गए जब टीएमसी के कुछ समर्थकों ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर झंडों के डंडे और बोतल फेंकने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने अमित शाह को बचाया। बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को शांत कराने का प्रयास किया। विद्यासागर कॉलेज पास बीजेपी और तृणमूल छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प के दौरान समाज सुधारक ईश्वर चंद विद्यासागर की प्रतिमा टूट गई।
इसके लिए बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। करीब सवा 7 बजे पुलिस हालात को संभाल पाई। अमित शाह के रोड शो में बवाल के बाद बीजेपी ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। बीजेपी ने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र की हत्या की गई है और सूबे में संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है।
जवाब में ममता बनर्जी ने भी मोर्चा संभाल लिया और हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर ईश्वर चंद विद्यासागर की प्रतिमा खंडित करने का आरोप लगाया। ममता ने विद्यासागर कॉलेज का दौरा कर हालात का जायजा लिया। टीएमसी चीफ ने कहा कि बाहरी लोगों को लाकर बीजेपी ने हिंसा कराई है। ईश्वर चंद विद्यासागर की प्रतिमा टूटने पर आक्रामक रुख अपनाते हुए टीएमसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल की डीपी में महान समाज सुधारक की तस्वीर लगा दी।
Kolkata: CPI (Marxist) holds protest against statue pf Vidyasagar vandalised in violence during BJP President Amit Shah’s roadshow yesterday. CPI (M) General Secretary Sitaram Yechury says,”an investigation should be done to find out how could this happen in Kolkata”. #WestBengalpic.twitter.com/5ltADDAtvv
बाद में टीएमसी के सभी प्रमुख नेताओं ने ट्विटर पर अपनी-अपनी डीपी के तौर पर ईश्वर चंद विद्यासागर की तस्वीर को लगा लिया। टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने बुधवार को बेलाघाट से पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया है। वह विद्यासागर कॉलेज के छात्रों को भी संबोधित करेंगी। उनका यह मार्च बेलाघाट से शुरू होगा। इस बीच, बुधवार को ही विद्यासागर कॉलेज के छात्रों ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में प्रोटेस्ट मार्च निकाला है।वहीं, बीजेपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर में मूक-विरोध शुरू किया है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, हर्षवर्धन, विजय गोयल समेत कई बीजेपी नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
Delhi: Bharatiya Janata Party (BJP) holds protest against violence in BJP President Amit Shah’s roadshow in Kolkata, West Bengal yesterday. Union Ministers Harsh Vardhan, Jitendra Singh and Vijay Goel also present pic.twitter.com/pIK872wgYF
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के लिए टीएमसी को जिम्मेदार बताया। शाह ने कहा कि रोड शो के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने 3 बार हमले किए। टीएमसी पर ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने सवाल किया कि कॉलेज का गेट बंद था, उनके समर्थक सड़क पर थे तो गेट किसने खोला?
इस आधार पर उन्होंने कहा कि मूर्ति को अंदर से तोड़ा गया। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अबतक ममता के चुनाव प्रचार पर रोक क्यों नहीं लगी है। शाह ने कहा कि चुनाव में संभावित हार देख ममता बौखला गईं हैं और चुनाव में गड़बड़ी कर रही हैं। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि अगर सीआरपीएफ नहीं होती हमारा बचना मुश्किल था।
नई दिल्ली। वर्तमान चुनाव के छठे मतदान के बाद अब लगभग यह निश्चित हो गया है की आगामी 23 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को भारी बहुमत मिलना तय है और मोदी के नेतृत्व में देश में अगली सरकार बनेगी। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारियों और उन्होंने अपने ग्राहकों एवं अन्य लोगों से चुनाव में लोगों के ट्रेंड और विचारों के आधार पर हुए वोटिंग पैटर्न की समीक्षा करने के बाद यह फीडबैक दिया है।
जिसके आधार पर संभावित है की भाजपा 300 सीटों के करीब ले जायेगी वहीँ एनडीए के घटक दल भी 45 से 50 के बीच में सीट ले जाएंगेऔर 23 मई के बाद देश में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार बनेगी।
इस बार देश भर के व्यापारियों ने कैट की अपील पर खुले मन से न केवल भाजपा एवं सहयोगी दलों को वोट दिया है बल्कि उनके समर्थन में एक बड़ा अभियान भी चलाया है ख़ास तौर पर व्यापारियों ने अपने कर्मचारियों और व्यापार से सम्बंधित अन्य लोगों को मोदी के नाम पर वोट देने के लिए प्रेरित किया है।
इन सब में महत्वपूर्ण बात यह भी है की व्यापारियों ने इस क्रम में अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों से भी बातचीत करते हुए मोदी को वोट देने का आग्रह किया। देश में लगभग 7 करोड़ व्यापारी हैं जो लगभग 30 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं औ इस बार व्यापारियों एवं उनके कर्मचारियों ने एक मजबूत वोट बैंक के रूप में देश भर में मतदान किया है।
इस फीडबैक के आधार पर हुए आंकलन में भाजपा को यूपी में 50 से 60 के बीच, महाराष्ट्र में 22 से 25 पश्चिम बंगाल में 15 से 25, आसाम में 10, मध्यप्रदेश में 23, राजस्थान में 22, गुजरात में 23, पंजाब में 4, हरियाणा में 8, दिल्ली में 7, बिहार में 15, उत्तर पूर्व में 6 , छत्तीसगढ़ में 7, ओडिशा में 14 , झारखण्ड में 10 , तमिलनाडु में 4, कर्नाटकः में 20, जम्मू कश्मीर में 3, हिमाचल प्रदेश में 3, केरल में 6 , गोवा में 2 , उत्तराखंड में 3, आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं ।