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  • भारतीय वायुसेना को हेलिकॉप्टरों के बेड़े में दुनिया का सबसे खतरनाक हेलिकॉप्टर अपाचे

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    वॉशिंगटन।  दुनिया के मशहूर अपाचे अटैक हेलिकॉप्‍टर भारतीय वायुसेना को मिलना शुरू हो गया है. अमेरिकी कंपनी बोइंग निर्मित AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्‍टर दुनिया के सबसे आधुनिक और घातक हेलिकॉप्‍टर माने जाते हैं. अमेरिका के ऐरिजोना में भारतीय वायुसेना को पहला अपाचे हेलिकॉप्‍टर सौंपा गयाभारतीय वायुसेना को  भारत ने अमेरिका से 22 अपाचे हेलिकॉप्‍टर खरीदने की डील की है. इस हेलिकॉप्‍टर के शामिल होने से भारत की दुश्मन के घर में घुसकर मार करने की क्षमता और बढ़ी है.

    अपाचे पहला ऐसा हेलिकॉप्‍टर है जो भारतीय सेना में विशुद्ध रूप से हमले करने का काम करेगा. भारतीय सेना रूस निर्मित एमआई-35 का इस्‍तेमाल वर्षों से कर रही है, लेकिन यह अब रिटायरमेंट के कगार पर है. अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दुश्‍मन की किलेबंदी को भेदकर और उसकी सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है. इससे पीओके में आतंकी ठिकानों को असानी से तबाह किया जा सकेगा.

    रक्षा विश्‍लेषकों का मानना है कि अपाचे युद्ध के समय ‘गेम चेंजर’ की भूमिका निभा सकता है. उन्‍होंने बताया कि अमेरिका ने ब्‍लैक हॉक और अपाचे हेलिकॉप्‍टर के अंदर कुछ बदलाव करके वर्ष 2011 में उसका इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान के अंदर घुसकर अलकायद चीफ ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए किया था.

    आइए जानते हैं कि अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की क्‍या है खासियत- 

    1- Boeing AH-64E अमेरिकी सेना और अन्य अंतरराष्ट्रीय डिफेंस फोर्सेज़ के लिए सबसे अडवांस्ड लड़ाकू हेलिकॉप्टर है जोकि एक साथ कई कार्य करने में सक्षम है।

    2- अमेरिका ने अपने इस अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर को पनामा से लेकर अफगानिस्तान और इराक तक के साथ दुश्मनों से लोहा लेने में इस्तेमाल किया. इजरायल भी लेबनान और गाजा पट्टी में अपने सैन्य ऑपरेशनों में इसी अटैक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करता रहा है।

    3- इस हेलिकॉप्टर को अमेरिकी सेना के अडवांस्ड अटैक हेलिकॉप्टर प्रोग्राम के लिए बनाया गया था. इसने पहली उड़ान साल 1975 में भरी, लेकिन इसे अमेरिकी सेना में साल 1986 में शामिल किया गया।

    4- अमेरिका के अलावा इजरायल, इजिप्ट और नीदरलैंड की सेनाएं भी इस अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करती हैं।

    5- अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर में दो जनरल इलेक्ट्रिक T700 टर्बोशैफ्ट इंजन हैं और आगे की तरफ एक सेंसर फिट है जिसकी वजह से यह रात के अंधेरे में भी उड़ान भर सकता है. यह 365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है।

    6- अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हैं और दोनों तरफ 30mm की दो गनें हैं. इन मिसाइलों का पेलोड इतने तीव्र विस्फोटकों से भरा होता है कि दुश्मन का बच निकलना नामुमकिन होता है।

    7- इसका वजन 5,165 किलोग्राम है और इसमें पायलटों के बैठने के लिए दो सीटें होती हैं. इस हेलिकॉप्टर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह युद्ध क्षेत्र की हर परिस्थिति में टिका रह सके।

    8- अपाचे हेलिकॉप्टर का सबसे क्रांतिकारी फीचर है इसका हेल्मेट माउंटेड डिस्प्ले, इंटिग्रेटेड हेलमेट और डिस्प्ले साइटिंग सिस्टम (Integrated Helmet and Display Sighting System), जिसकी मदद से पायलट हेलिकॉप्टर में लगी ऑटोमैटिक M230 चेन गन को अपने दुश्मन पर टारगेट कर सकता है।

    9- किसी भी तरह का मौसम हो, किसी भी तरह की परिस्थिति हो, अपाचे हेलिकॉप्टर उड़ान भर सकता है।

  • PM मोदी ने बंगाल में वोटरों को दिया ये ‘कोडवर्ड’

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    बांकुरा । दीदी के पश्चिम बंगाल के बांकुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी सरकार पर हमले जारी रखते हुए वोटरों को चुपचाप बीजेपी के पक्ष में मतदान की अपील की। मोदी ने वोटरों से ‘चुपचाप कमल छाप’ और ‘बूथ-बूथ से टीएमसी साफ’ नारे भी लगवाए।

    पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि ममता बनर्जी उन्हें प्रधानमंत्री मानने को तैयार नहीं लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मानने पर उन्हें गर्व होता है। पीएम ने कहा कि बंगाल में भगवान राम का नाम लेने वाले भी परेशान हैं। पीएम मोदी ने कहा, श्दीदी मेरे लिए पत्थरों और थप्पड़ों की बात करती हैं।

    हमने गालियों को हजम करने की ताकत बना ली है। वह देश के पीएम को पीएम मानने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मानने पर उन्हें गौरव का अनुभव होता है।

    पश्चिम बंगाल में जब समुद्री तूफान आया तो मैंने उन्हें दो-दो बार फोन किया लेकिन उनका अहंकार इतना है कि उन्होंने देश के पीएम से बात करना उचित नहीं माना। पीएम ने कहा, श्भारत सरकार यहां के अफसरों के साथ बैठकर मीटिंग करना चाहती थी लेकि उन्होंने वह भी मना कर दिया।

    दीदी के अत्याचार ही उनकी सत्ता को उखाड़ फेंकने का संकल्प और मजबूत कर रहे हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने श्चुपचाप कमल छापश् और श्बूथ-बूथ से टीएमसी साफश् के नारे लगवाए। मोदी ने कहा, श्दीदी इस माटी का रंग बदलना चाहती है आज स्थिति यह है कि पश्चिम बंगाल की सीएम तो दीदी हैं ।

    लेकिन दीदी पीछे रहकर कैसे-कैसों की दादागिरी और कैसे-कैसे लोगों की हुकूमत चलवा रही है। पीएम ने कहा, पश्चिम बंगाल की सरकार से शिक्षक भी परेशान, किसान भी परेशान और भगवान का नाम लेने वाला भी परेशान है।

    दीदी के पार्टी के टोलेबाज मनरेगा तक को नहीं छोड़ रहे हैं , जॉब कार्ड गरीबों का अधिकार है लेकिन उनको भी टीएमसी के टोलेबाजों ने दबाकर रखा है। आपको सस्ता चावल मिले इसके लिए दिल्ली से सरकार पैसे भेजती है लेकिन यहां टीएमसी का सिंडिकेट उसको ही लूट लेता है।

    गरीबों के निवाले के बीच वे चोरी करते हैं। पीएम मोदी ने कहा, जब मोदी टीएमसी के अत्याचार की बात करता है तो दीदी को गुस्सा आ जाता है। मोदी को दीदी के गुस्से की चिंता नहीं है क्योंकि 130 करोड़ भारतवासियों का प्यार मोदी के साथ है।

    दीदी को तो पश्चिम बंगाल के उन करोड़ों निवासियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए जिनको चिटफंड के नाम पर ठगा गया है। दीदी को उन युवा साथियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए जिनको परीक्षा पास करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली।

    उन कर्मचारियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए जिनको सैलरी, डीए नहीं मिल रहा। दीदी को उन काली भक्तों, दुर्गा भक्तों, सरस्वती और राम भक्तों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए जो डर-डर के पूजा करने को मजबूर हैं।

    पीएम ने कहा, श्दीदी के दिल में घुसपैठियों के लिए विदेशी कलाकारों के लिए ममता है लेकिन हमारे आदिवासी युवा, हमारे सपूत जो राष्ट्र रक्षा में अपनी भूमिका निभा रहे हैं उनके लिए दीदी की ममता का नामोनिशान नहीं है।

    जब हमारे सपूतों ने पाकिस्तान के आतंकियों को घर में घुसकर मारा तो दीदी ने आतंकियों की लाशें दिखाने की मांग की। जब पूरा देश सर्जिकल स्ट्राइक डे मना रहा था जो बंगाल सरकार ने मना कर दिया। ऐसे लोगों को पश्चिम बंगाल के लोग सजा देकर ही रहेंगे।

  • वरिष्ठ नौकरशाह ने मांगा IPL पास, प्रधानमंत्री ने यूं सिखाया सबक

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    नई दिल्ली । नौकरशाह गोपाल कृष्ण गुप्ता पर दिल्ली क्रिकेट असोसिएशन से आईपीएल मैचों के कॉम्पलिमेंटरी पास मांगने का आरोप है। इसके अलावा गुप्ता को वापस उनके काडर रेल मंत्रालय भेज दिया गया है। कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली अपॉइंटमेंट कमिटी ऑफ कैबिनेट (एसीसी) ने गुप्ता की समय पूर्व वापसी को तत्काल मंजूरी दे दी है। हालांकि आदेश में उनकी वापसी का कारण नहीं बताया गया है।

    भारतीय रेलवे के मकैनिकल इंजीनियर्स ब्रांच के 1987 बैच के ऑफिसर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर थे। सूत्रों का कहना है कि गुप्ता ने मार्च में दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट असोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष रजत शर्मा के कार्यालय से एक आईपीएल मैच के लिए कॉम्पलिमेंटरी पास मांगे थे। डीडीसीए से वांछित जवाब न मिलने पर गुप्ता ने शर्मा को तीन अप्रैल को एक पत्र लिखा और घटनाक्रम का ब्योरा दिया।

    गुप्ता ने ब्योरे में शर्मा की असिस्टेंट सपना सोनी और अपने निजी स्टाफ के बीच टेलिफोन पर हुई बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने शर्मा को लिखे पत्र में कहा, ‘मैं नहीं जानता कि यह घटना और घटनाक्रम से जुड़ी कड़ियां, आपके संज्ञान में आई हैं या नहीं और आपकी कार्यकारी सहायक ने पास का प्रबंध करने संबंधी मेरी कॉल और मेरे आग्रह के बारे में आपको सूचित किया या नहीं।’

  • राफेल विवाद पर सुनवाई आज, सरकार ने की आवेदन खारिज करने की मांग

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    नई दिल्ली ।सुप्रीम कोर्ट में  याचिकाकर्ताओं ने अपना जवाब दाखिल कर सीएजी की रिपोर्ट पर सवाल उठाया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट पीठ शुक्रवार को इस मसले पर सुनवाई करेगी।

    वहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उसने राफेल लड़ाकू विमान की खरीद के मामले में कोई गलत जानकारी अदालत को नहीं दी है। सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और गैरकानूनी तरीके से हासिल अधूरी आतंरिक नोट के आधार पर पुनर्विचार याचिका दायर करने वालों ने परजूरी (शपथ लेकर गलत बयान देना) आवेदन दाखिल किया है, लिहाजा इसे खारिज किया जाना चाहिए।

    सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर सरकार ने कहा है कि कानूनन, मीडिया रिपोर्ट के आधार पर अदालत कोई निर्णय नहीं लेती। सरकार ने कहा है खरीद निर्णय लेने की प्रक्रिया कई चरणों में होती है और कई जगहों या अधिकारियों से हो गुजरती है।

    अपूर्ण आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर परजूरी का आवेदन दाखिल नहीं किया जा सकता। मीडिया रिपोर्ट पूरे घटनाक्रम व प्रक्रिया की सही तस्वीर पेश नहीं करती, वह महज प्रक्रिया का एक हिस्सा है।

    सरकार ने कहा है परजूरी आवेदन पूरी तरह से मिथ्या और आधारहीन तथ्यों पर आधारित है और इसके जरिए राफेल विमान के मामले को फिर से खोलने का प्रयास है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष 14 दिसंबर को अपना फैसला देकर खत्म कर दिया था।

    मालूम हो कि 14 दिसंबर को शीर्ष अदालत ने राफेल विमान खरीद में गड़बड़ी के आरोपों वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा व अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद इन तीनों ने सरकार पर अदालत को गलत जानकारियां देने का आरोप लगाते हुए शीर्ष अदालत से परजूरी की कार्रवाई करने की गुहार की है।

    सरकार ने कहा है कि सीएजी की रिपोर्ट को लेकर जो गलतफहमी हुई थी, उसे लेकर फैसले के अगले ही दिन सरकार ने उसे ठीक करने का आवेदन दाखिल कर दिया था। यह आवेदन अभी कोर्ट में लंबित है। सरकार का कहना है कि इस गलती का मूल आदेश पर कोई असर नहीं पड़ता है।

    सरकार ने याचिकाकर्ताओं के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा राफेल सौदे को अंजाम दिया जा रहा था। सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय पूरी प्रक्रिया की महज मॉनिटरिंग कर रहा था और इसे दखलअंदाजी कतई नहीं कहा जा सकता।

    साथ ही सरकार ने फिर दोहराया है कि दसॉल्ट कंपनी की तरफ से अपना इंडियन ऑफसेट पार्टनर चुनने में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। साथ ही सरकार ने कहा कि राफेल लड़ाकू बयान की कीमतों को लेकर कोई झूठ फैलाया गया है। सीएजी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 36 राफेल की कीमत पहले के मुकाबले 2.86 फीसदी कम है।
    उसकी तरफ से अदालत को दी गई जानकारी पूरी तरह रिकॉर्ड पर आधारित थी, जबकि याचिकाकर्ताओं का आवेदन मीडिया में श्मनचाहे लीकश् होकर आई रक्षा मंत्रालय की फाइलों पर विभिन्न अधिकारियों की तरफ से की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों पर आधारित है। ये रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले की अधूरी तस्वीर पेश करती हैं।

  • BJP को 300 सीट देने कि चुनावी भविष्यवाणी महंगी पड़ी, ज्योतिष के प्रोफेसर निलंबित

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    उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय के ज्योतिष विज्ञान के प्रोफेसर राजू मुसलगांवकर शायद अपना भविष्य देखना भूल गए और चुनावी भविष्यवाणी कर बैठे. शायद उन्हे याद नहीं था कि ज्योतिषी होने के साथ साथ वो एक सरकारी कर्मचारी हैं और देश में आचार संहिता लागू है. उन्होंने फेसबुक पर चुनावी भविष्यवाणी कर डाली।

    उन्होंने बताया कि किस पार्टी को कितनी सीटें आ रहीं हैं और कौन सा गठबंधन सरकार बनाने जा रहा है. इसी के साथ प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया. ज्योतिषाचार्य उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशाला के प्रमुख हैं।

    चूंकि ज्योतिष पढना-पढ़ाना इनका विषय और भविष्यवाणी इनका कार्य है तो महोदय ने बीजेपी को अपने दम पर 300 सीटें जीतने की भविष्यवाणी कर दी, इतना ही नहीं ज्योतिषाचार्य राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकर ने इस भविष्यवाणी को अपने फेसबुक पेज पर भी प्रकाशित कर दिया।

    बस, शास्त्री जी के कुण्डली में बैठे राहु-केतु ने खेल दिखाया और कमलनाथ सरकार ने उन्हें लोकसभा चुनावों की आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। ज्योतिष शास्त्र प्राध्यापक राजेश्वर शास्त्री ने भविष्यवाणी की थी कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा की तकरीबन 300 सीटें अपने दम पर जीतेगी, जबकि समूचे एनडीए गठबंधन के खाते में 300 से ज्यादा सीटें आएंगी।

    विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डीके बग्गा ने बुधवार को पुष्टि की कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट डालकर आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर इस संस्थान की ज्योर्तिविज्ञान अध्ययनशाला के अध्यक्ष राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकर को निलंबित कर दिया गया है.राजेश्वर शास्त्री ने यह भविष्यवाणी 28 अप्रैल को की थी।

    जैसे ही उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ वैसे ही अगले ही दिन उन्होंन सार्वजनिक क्षमायाचना के साथ इस फेसबुक पोस्ट को हटा लिया भी लिया. लेकिन कमलनाथ की प्रशासनिक मशीनरी को राजेश्वर शास्त्री का कथन इतना कड़वा लगा कि उन्होंने उनकी माफी स्वीकार कर करते हुए निलंबन के आदेश जारी कर दिये।

  • राजीव गांधी पर मोदी के आरोपों को पूर्व नौसेना अफसरों ने किया खारिज

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    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व पीएम राजीव गांधी द्वारा विराट का अपनी टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करने वाले बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। इस बीच, नौसेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने आगे आकर पीएम मोदी के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। पूर्व चीफ ऑफ नेवल स्टाफ ऐडमिरल एल. रामदास (रिटायर्ड) ने बाकायदा बयान जारी कर बिंदुवार तरीके से उस दौरे का जिक्र किया है।

    जिसके बारे में परिवार के साथ पूर्व पीएम के छुट्टियां मनाने की बात की जा रही है। उन्होंने साफ कहा है कि पीएम और उनकी पत्नी के साथ उस आधिकारिक दौरे पर कोई भी विदेशी नहीं था। खास बात यह है कि बयान विराट से जुड़े नौसेना के कई अन्य वरिष्ठ अफसरों के इनपुट के आधार पर जारी किया गया है।

    ऐडमिरल रामदास ने बयान में कहा है,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल (बुधवार को) दिल्ली के रामलीला मैदान पर एक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने लक्षद्वीप आइलैंड्स पर भारतीय नौसेना के जहाज विराट का इस्तेमाल 10 दिनों तक अपने पर्सनल क्रूज के तौर पर किया था और राजीव के साथ उनके परिवार और पत्नी सोनिया गांधी के परिवार के लोग मौजूद थे। संभव है कि उनका बयान इंडिया टुडे की अनीता प्रताप की रिपोर्ट पर आधारित हो।

    ऐडमिरल ने आगे बिंदुवार तरीके से स्पष्ट करते हुए कहा कि वास्तव में मामला यह नहीं था। 32 साल पहले जो कुछ हुआ था, उसका क्रम इस प्रकार है और हम उस समय मौजूद थे। ऐडमिरल ने बताया कि वह वाइस ऐडमिरल पसरीचा- तत्कालीन कैप्टन और कमांडिंग ऑफिसर विराट, ऐडमिरल अरुण प्रकाश- कमांडिंग विंध्यगिरी, जो विराट के साथ चल रहा था और वाइस ऐडमिरल मदनजीत सिंह- गंगा के कमांडिंग ऑफिसर की लिखित प्रतिक्रियाओं के आधार पर यह जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने उस समय लक्षद्वीप आइलैंड्स के नेवल ऑफिसर इन चार्ज के नोट से भी इनपुट लिया है। ऐडमिरल ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर ये बयान उपलब्ध हैं।

    प्रधानमंत्री और मिसेज गांधी त्रिवेंद्रम से लक्षद्वीप जाने के लिएINS विराट पर सवार हुए थे। प्रधानमंत्री त्रिवेंद्रम में नैशनल गेम्स प्राइज डिस्ट्रिब्यूशन के लिए चीफ गेस्ट थे। वह ऑफिशल ड्यूटी पर लक्षद्वीप जा रहे थे और वहां उन्हें (आइलैंड्स डिवेलपमेंट अथॉरिटी) की बैठक की अध्यक्षता करनी थी। यह बैठक लक्षद्वीप और अंडमान में बारी-बारी से होती है।

    उनके साथ कोई भी विदेशी नहीं था। मैं (रिटायर्ड ऐडमिरल) बतौर फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ दक्षिण नौसेना कमान (कोच्चि) भी ै विराट पर सवार हुआ। फ्लीट अभ्यास के तहत विराट के साथ चार और जहाज भी थे। बतौर फ्लैग ऑफिसर मैंने विराट पर उनके लिए डिनर रखा था। इसके अलावा विराट पर या उस समय किसी दूसरी शिप पर अन्य कोई भी पार्टी नहीं हुई थी।

  • ममता बनर्जी ने कहा – अब मोदी को कान पकड़ कर सौ उट्ठक-बैठक लगानी पड़ेंगी

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    कोलकाता। ममता बनर्जी के बयान को प्रधानमंत्री मोदी ने हाथों-हाथ लपक लिया और ममता को विलन बनाकर मतदाताओं की सहानुभूति बटोरनी शुरु कर दी। इसके अलावा मोदी ने ममता सरकार के तार कोयला माफिया से जुड़े होने के भी आरोप लगाये। एक दिन पहले मोदी को थप्पड़ मारने वाले बयान के बाद ममता बनर्जी ने कहा है कि अब मोदी को कान पकड़ कर सौ उट्ठक-बैठक लगानी पड़ेंगी।

    इस आरोप पर ममता ने कहा कि मोदी को यह साबित करना पड़ेगा, अगर मोदी साबित नहीं कर पाये तो उन्हें कान पकड़ कर सौ उट्ठक-बैठक लगानी पड़ेंगी। इतना ही नहीं ममता ने कहा कि यदि मोदी थप्पड़ मारने वाला आरोप साबित कर देते है तो वो अपने सभी उम्मीदवारों के नाम वापस ले लेंगी।

    इसके बाद ममता ने कहा कि आप (पीएम मोदी) अगर आरोप नहीं साबित कर पाए तो कान पकड़कर सौ बार उठक-बैठक करनी होगी।

    दरअसल बंकुरा में चुनावी रैली के दौरान पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर करते हुए कहा, “मैं आपको (पीएम मोदी) चुनौती देती हूं कि अगर आप अपने आरोपों को साबित कर देंगे कि हमारे कोयला माफिया से संबंध हैं तो मैं अपने सभी 42 उम्मीदवारों को वापस ले लूंगी।

    लेकिन यदि आप झूठ बोल रहे हैं तो आपको अपने कान पकड़कर सार्वजनिक रूप से पहले सौ बार उठक-बैठक करनी होगी. इससे पहले पीएम मोदी ने भी बंगाल में चुनावी रैली को संबोधित किया।

    इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया कि यहां दीदी (ममता) ने कहा कि वह मोदी को थप्पड़ मारना चाहती हैं। दीदी, ममता दीदी मैं तो आपको दीदी कहता हूं, आपका आदर करता हूं, आपका थप्पड़ भी मेरे लिए आशीर्वाद बन जाएगा. वो भी खा लूंगा।

  • नुसरत भीड़ तो खूब जुटा रही हैं, लेकिन क्या ये भीड़ वोट में तब्दील हो सकेगी?

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    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की बशीरहाट लोकसभा सीट पर इस बार तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार नुसरत जहां, भाजपा के सायंतन बसु, कांग्रेस के काजी अब्दुर रहीम और सीपीआई के पल्लभ सेन गुप्ता के बीच मुकाबला है। तृणमूल कांग्रेस ने यहां प्रत्याशी चुनने के लिए स्टार फॉर्मूले का इस्तेमाल करते हुए मशहूर टॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत जहां पर दांव खेला है।

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    नुसरत जहां – फोटो : Social media

    इन दिनों राज्य में चुनाव प्रचार भी जोर-शोर से चल रहा है। इस दौरान लोगों के बीच नुसरत जहां के ग्लैमर और चुनाव प्रचार के फिल्मी अंदाज का खासा असर देखने को मिल रहा है। आगे की स्लाइड में देखिए नुसरत कैसे कर रही हैं चुनाव प्रचार। दरअसल नुसरत जहां कहीं भी रैली करने जाती हैं वहां उनके फैंस की भीड़ जमकर उमड़ती है। कोई उनके साथ फोटो खिंचाना चाहता है, तो कोई उनसे उनकी ही फिल्म का गाना सुनना चाहता है।

    नुसरत बड़े आराम से अपने फैंस की मांगों को पूरा करती हैं। बुधवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब वो टीएमसी उम्मीदवार बीरबाहा सोरेन के लिए प्रचार करने झाड़ग्राम गई थीं। कार्यक्रम के बाद स्टेज पर उनके साथ सेल्फी लेने वाले लोगों की ऐसी होड़ लगी कि वजन के कारण पूरा स्टेज ही टूट गया।

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    नुसरत जहां – फोटो : Social media

    हालांकि, स्टेज बहुत ऊंचा नहीं था, लिहाजा किसी को चोट नहीं पहुंची। इससे पहले भी पश्चिम बंगाल की कई रैलियों में नुसरत जहां अपने टॉलीवुड अंदाज के साथ-साथ सियासी अवतार में नजर आती रही हैं। मिनाखा में अपनी रैली में उन्होंने मंच से आवाज लगाकर लोगों से पूछा कि इस बार उनकी जीत कितने वोटों के अंतर से होगी। इस पर जनता ने चिल्ला कर जवाब दिया, तीन लाख।

    नुसरत भीड़ तो खूब जुटा रही हैं लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या ये भीड़ वोट में तब्दील हो सकेगी? क्षेत्र में नुसरत जहां का जलवा तो नजर आ ही रहा है, लेकिन यह भी जानना उतना ही जरूरी है कि आखिर बशीरहाट का सियासी समीकरण क्या कहता है? बशीरहाट लोकसभा सीट पर कभी लेफ्ट ने लगातार तीन दशकों तक राज किया था। यहां की जनता ने सीपीआई के लोकप्रिय नेता इंद्रजीत गुप्त को भी चुनकर जिताया था।

    नुसरत जहां –  फोटो : Social media

    लेकिन इस बार यहां भाजपा भी नजर गड़ाए बैठी है। बशीरहाट में मुस्लिम समुदाय के लोगों की आबादी अधिक है। करीब आधे वोटर मुस्लिम समुदाय से आते हैं। माना जा रहा है यहां से नुसरत जहां को चुनाव में उतारने के कारण तृणमूल कांग्रेस को इन वोटों का फायदा मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो भाजपा को यहां नुकसान झेलना पड़ सकता है।

    2014 के लोकसभा चुनावों में भी बशीरहाट लोकसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने 38.65 प्रतिशत मतों के साथ अपना झंडा फहराया था, जबकि सीपीआई को 30.04 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं भाजपा को 18.36 फीसदी वोटों से ही संतुष्टि करनी पड़ी थी, जबकि कांग्रेस लगभग 8 प्रतिशत वोटों में ही सिमट गई थी। वर्तमान में यहां से तृणमूल कांग्रेस के इदरीस अली सांसद हैं।

    नुसरत जहां – mumta फोटो : Social media

  • 32 देशों के 4261 फोटोग्राफरों में से राजकोट के प्रसिद्ध फोटोग्राफर ने जीता स्वर्ण पदक

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    राजकोट । गुजरात राज्य के राजकोट शहर के फोटोग्राफर ने जापान में भारत-गुजरात की वास्तविकता और संस्कृति के दर्शन कराए। असाही शिंबुन- जापान ने 79 वें में अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफिक टूर्नामेंट का आयोजन किया।

    जिसमें दुनिया के 32 देशों के 4261 फोटोग्राफरों ने हिस्सा लिया। जिसमें भारत के 1185 फोटोग्राफरों ने भाग लिया। विजेताओं का चयन 75 तस्वीरों का चयन करके किया गया था। जिसमें राजकोट के प्रसिद्ध फोटोग्राफर एशकोल सोनंगवार को स्वर्ण पदक (स्वर्ण पदक) के साथ विजेता घोषित किया गया।

    अश्केल अशकोल ने मीडिया से बात की और कहा, मैं पिछले 32 वर्षों से फोटोग्राफी क्षेत्र से जुड़ा हुआ हूं। फोटोग्राफी मेरे जुनून के साथ-साथ मेरी आजीविका का साधन भी है। आमतौर पर फोटोग्राफर फोटो क्लिक करने के बाद उसके बारे में सोचते हैं। लेकिन जब मैंने पहली बार किसी चीज के बारे में सोचा, तो मैंने उसके अनुसार फोटो क्लिक किया।

    इस प्रतियोगिता में भेजे गए फ़ोटो के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान या जानवर का पहला अनुभव माँ के स्तन में पाया जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, मैंने कच्छ में यह तस्वीर क्लिक की। स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है।

  • 59 सीटों के लिए छठे चरण में 63 फीसदी मतदान, प. बंगाल में हिंसा के बीच रिकॉर्डतोड़ वोटिंग

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    नई दिल्ली  । छठे चरण में देशभर के सात राज्यों की 59 सीटों पर  मतदान संपन्न हो गया। चुनाव आयोग ने कहा कि लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 63.3 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है ,  बिहार में आठ सीटों, हरियाणा की सभी 10 सीटों, दिल्ली की सभी सात सीटों, झारखंड की चार सीटों, मध्य प्रदेश की आठ सीटों, उत्तर प्रदेश की 14 सीटों और पश्चिम बंगाल की आठ सीटों पर मतदान हुआ। मतदान के दौरान प. बंगाल में कई जगहों पर हिंसा हुई। यहां भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी पर हमला किया गया और कार्यकर्ताओं के मारे जाने की भी खबर आई।

    देश में बाकी जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। इस दौर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत कई नेताओं ने अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 2014 में भाजपा ने इन 59 में 45 सीटें अकेले जीती थीं। उसकी सहयोगी लोजपा को एक सीट मिली थी। तृणमूल कांग्रेस को 8, कांग्रेस-आईएनएलडी को दो-दो और सपा को एक सीट मिली थी। जानिए किस राज्य में कितनी हुई वोटिंग और कैसा रहा माहौल।

    शाम छह बजे तक मतदान

    बिहार – 55.36%
    हरियाणा – 6.43%
    मध्यप्रदेश – 60.30%
    उत्तर प्रदेश – 51.37%
    प. बंगाल – 80.16%
    झारखंड – 64.46%
    दिल्ली – 55.51%
    उत्तर प्रदेश

    छठे चरण में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी सहित कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यहां छह बजे तक 50.82 फीसदी वोटिंग हुई थी। इस चरण में करीब 2 करोड़ 53 लाख मतदाताओं ने 177 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया। मतदान के लिए कुल 16998 केंद्र बनाए गए थे। मतदान को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बल और पीएसी जवान तैनात किए गए।

    सुलतानपुर के इसौली विधानसभा क्षेत्र के मायंग मतदान केंद्र पर भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी और सपा बसपा गठबंधन प्रत्याशी चन्द्रभद्र सिंह उर्फ सोनू के बीच कहासुनी हो गई। वहीं, सपा ने आजमगढ़ के गोपालपुर में मुस्लिमों, पिछड़ों और दलितों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के पहचान पत्र और अन्य चीजों को लेकर काफी समय बर्बाद किए जाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि इससे मतदान की गति प्रभावित की जा रही है, क्योंकि प्रचण्ड गर्मी की वजह से लोग ज्यादा वक्त तक कतार में नहीं खड़े हो सकते।

    पश्चिम बंगाल 

    पश्चिम बंगाल में भाजपा उम्मीदवार पर हमले और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी की खबरों के बीच लोकसभा चुनाव के छठे चरण में देश भर में 59 सीटों पर जबरदस्त मतदान हुआ। शाम छह बजे तक यहां 80 फीसदी वोटिंग हुई।

    पश्चिमी मेदिनीपुर जिले से हिंसा की खबरें भी मिलीं। घाटल से भाजपा प्रत्याशी और भारतीय पुलिस सेवा की पूर्व अधिकारी भारती घोष के काफिले पर हमला किया गया। पथराव में उनका एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया और काफिले का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया।

    बिहार

    राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा। हालांकि शिवहर लोकसभा क्षेत्र में मतदान शुरू होने से पहले एक सुरक्षाकर्मी बंदूक साफ कर रहा था । इस दैरान दुर्घटनावश गोली चलने की घटना में एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया। वहीं दूसरी ओर, राज्य में कई मतदान केन्द्रों पर ईवीएम में खराबी आने की खबरें भी मिली। जिससे मतदान में देरी भी हुई। यहां शाम छह बजे तक 55 फीसदी मतदान हुआ।

    प्रदेश के पूर्वी चंपारण से केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, वैशाली से राजद उम्मीदवार रघुवंश प्रसाद सिंह जैसे बड़े नाम मैदान में हैं। वहीं सीवान में स्थानीय बाहुबलियों की पत्नियों के बीच मुकाबला है। जदयू ने स्थानीय विधायक कविता सिंह को टिकट दिया, जो अजय सिंह की पत्नी हैं। राजद ने हीना शाहाब को टिकट दिया है। वह चार बार सांसद रह चुके जेल में बंद मोहम्मद शाहबुद्दीन की पत्नी हैं।

    दिल्ली

    राजनीतिक दलों के आरोप प्रत्यारोप के बीच यहां शाम 6 बजे तक 55 फीसदी मतदान हुआ। आप प्रत्याशी राघव चड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी वोट डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, एक व्यक्ति ने चार बार वोट डाला। हमने 8 से 10 ऐसे लोग पहचाने और एक को रंगे हाथ पकड़ भी लिया।

    आम आदमी पार्टी के मालवीय नगर से विधायक सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र संख्या 116, 117 और 122 पर ईवीएम काम नहीं कर रही हैं। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, उन्हें रोहिणी के बेगमपुर में ईवीएम के काम नहीं करने के बारे में सूचना मिली थी लेकिन ईवीएम को ठीक कर दिया गया।

    छठे चरण के लोकसभा चुनाव में रामनाथ कोविंद, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दिल्ली में अपना वोट डालने वाले लोगों में शामिल रहे। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, केन्द्रीय मंत्री और चांदनी चौक लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार हर्षवर्धन, पूर्व क्रिकेटर और भाजपा के पूर्वी दिल्ली सीट से उम्मीदवार गौतम गंभीर, नई दिल्ली और उत्तरपूर्वी दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन और शीला दीक्षित ने भी अपना वोट डाला।

    चांदनी चौक- 60.25%
    उत्तर पूर्व दिल्ली- 58.03%
    पूर्वी दिल्ली- 57.44%
    नई दिल्ली- 54.03%
    उत्तर पश्चिम दिल्ली- 54.99%
    पश्चिम दिल्ली- 55.79%
    दक्षिण दिल्ली- 53.52%

    मध्य प्रदेश

    राज्य में सभी स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण रूप रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना नहीं हुई। शाम छह बजे तक 60 फीसदी मतदान हुआ। छठे चरण के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव और गुना संसदीय क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी पत्नी प्रियदर्शनी राजे के साथ ग्वालियर में मतदान किया। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार और मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भोपाल में वोट डाला जबकि उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह भोपाल में मतदान नहीं कर सके क्योंकि वह भोपाल लोकसभा सीट के मतदाता नहीं हैं।

    हरियाणा

    प्रदेश के सभी 10 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चला। छह बजे तक यहां मतदान प्रतिशत रहा 62 फीसदी। पूरे राज्य में मतदान एक ही चरण में हुआ।

    सोनीपत सीट से चुनाव लड़ रहे जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने आरोप लगाया कि जींद जिले में बूथ संख्या 88, 89 और 90 पर उनकी पार्टी का चिह्र ईवीएम मशीनों पर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा और कुछ मतदाताओं ने इस संबंध में उनसे शिकायत की थी। चौटाला ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और चुनाव आयोग को इसे देखना चाहिए।
    भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने गुड़गांव में वोट डाला। वोट डालने के बाद उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर ऊंगली में स्याही लगी तस्वीर पोस्ट की।

    झारखंड

    लोकसभा चुनाव के छठे चरण के तहत झारखंड में चार लोकसभा सीटों के लिए रविवार शाम छह बजे तक कुल 64 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां मतदान चार बजे ही खत्म हो गया था। मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। विशेषकर सिंहभूम में बंपर मतदान हुआ। यहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ और हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा के बीच कांटे का मुकाबला है।

    राज्य के जल संसाधन मंत्री और राजग-आजसू के गिरिडीह से प्रत्याशी चंद्रप्रकाश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़़ा की पत्नी एवं सिंहभूम सीट से उम्मीदवार गीता कोड़ा और भाजपा के तीन निवर्तमान सांसदों-प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ, जमशेदपुर से विद्युत बरण महतो और धनबाद से पीएन सिंह के भाग्य का फैसला आज हो रहे मतदान से होगा।