Category: national

  • पांचवें चरण का मतदान खत्म, राजनाथ, सोनिया, राहुल व स्मृति की किस्मत ईवीएम में कैद

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    लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण में सात राज्यों की  51 सीटों पर मतदान हुआ। उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर 181 उम्मीदवार हैं। इस चरण में यूपी की लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज और गोंडा में मतदान हुआ।

    सुबह सात से शाम छह बजे तक चले मतदान के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अब परिणाम का 23 मई तक इंतजार करना होगा।

    पांचवें चरण में करीब 2.51 करोड़ मतदाता 182 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। 2014 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर मतदान का औसत 56.92 फीसद था। पांचवां चरण बेहद महत्वपूर्ण है। इस चरण में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी की किस्मत ईवीएम में बंद हो गयी।
    इनमें इस बार भी बंगाल में सबसे ज्यादा 74 फीसदी वोटिंग हुई। 
    पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश की 14, राजस्थान की 12, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश की सात-सात, बिहार की 5 और झारखंड की 4 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में लद्दाख सीट के लिए मतदान हो रहा है।
    साथ ही अनंतनाग सीट के लिए भी पुलवामा और शोपियां जिले में वोट पड़ रहे हैं
    भाजपा के लिए यह चरण अहम क्योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव उसे 51 में से 40 सीटें मिली थीं. वहीं कांग्रेस को सिर्फ दो सीट पर ही जीत मिली थी. कुल 94,000 मतदान केंद्र और बूथ बनाए गए हैं ।
    चुनाव आयोग ने सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं. इस चरण के साथ ही कुल 424 लोकसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो जाएगा। 
    12 और 19 मई को आखिरी दो चरणों में 118 सीटों के लिए मतदान होगा. 23 मई को मतगणना होगी ।
    कश्मीरी पंडितों ने उधमपुर में बनाए गए विशेष मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला. अनंतनाग लोकसभा सीट के लिए इस मतदान केंद्र पर वोटिंग हुई।

     

  • CBSE10वीं का रिजल्ट जारी : 500 में से 499 अंक प्राप्त किए 13 स्टूडेंट्स ने

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    नई दिल्ली ।  सीबीएसई की 10वीं कक्षा की परीक्षाओं के नतीजे सोमवार को घोषित कर दिये गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस बार 13 स्टूडेंट्स ने 500 में से 499 अंक प्राप्त किए। इनमें नंबर एक पर सिद्धांत पेंगोरिया हैं। सिद्धांत देहरादून के हैं। उनके अलावा दिव्यांश वधवा, योगेश कुमार, अंकुर मिश्रा, वत्सल वैष्णई, मान्या, आर्यन झा, तारू जैन, भावना, दिवजोत ने 499 अंक हासिल किए। इन 13 में 6 लड़कियां जबकि 7 लड़के हैं। काशवी जैन समेत कई स्टूड़ेंट्स 500 में से 498 अंक हासिल किए हैं। 10वीं परीक्षा में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 91.1 प्रतिशत है। रीजन के मुताबिक रिजल्ट त्रिवेंद्रम का 99.85, चेन्नई  99, अजमेर  95.89, पंचकूला 93.72, प्रयागराज 92.55, भुवनेश्वर 92.32, पटना 91.86, देहरादून- 89.04, दिल्ली 80.97 और गुवाहाटी – 74.49 प्रतिशत रहा। 24 स्टूडेंट्स को 498 और 58 स्टूडेंट्स को मिले 497 नंबर मिले।

    गौरतलब है कि सीबीएसई ने दो फरवरी से 29 मार्च तक 10वीं कक्षा की परीक्षायें आयोजित की थी और मई के तीसरे सप्ताह में इसके नतीजे आने वाले थे लेकिन 12वीं कक्षा की परीक्षा के नतीजे की तरह 10वीं कक्षा के नतीजे भी समय से काफी पहले आ गए। बता दें कि साल 2019 के लिए 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 21 फरवरी से 29 मार्च तक आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में देशभर से करीब 18,27,472 छात्र शामिल हुए थे। इससे पहले 12वीं के नतीजे गुरुवार को जारी किए गए थे। ये नतीजे सीबीएसई की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं और कोई छात्र चाहे तो अपनी अंक तालिका का प्रिंट डाउनलोड कर सकता है। इन तरीकों से आप अपना रिजल्ट देख सकते है ।

    नतीजे देखने के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट cbse.nic.in या cbseresults.nic.in पर इन आसान तरीकों से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। अपना रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले cbse.nic.in या cbseresults.nic.in पर जाएं. उसके बाद वेबसाइट पर दिए गए रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें, फिर अपना सीट नंबर फीड करके उसे सबमिट करें। इसके बाद आप अपना रिजल्ट कंप्यूटर स्क्रीन पर देख पाएंगे। आप चाहें तो अपने रिजल्ट का प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं।

  • ममता ने कहा – लोकतंत्र का करारा तमाचा PM मोदी को चाहती हूं जड़ना

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    पुरुलिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन्हें लोकतंत्र का तमाचा मारने तक की बात कह डाली। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, ‘मेरे लिए पैसा मायने नहीं रखता, इसीलिए नरेंद्र मोदी जब भी बंगाल आते हैं तो मेरी पार्टी को टोलाबाज (टोल कलेक्टर) कहते हैं, मैं उन्हें लोकतंत्र का जोरदार तमाचा मारना चाहती हूं। लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी और ममता बनर्जी के बीच चुनावी तकरार बढ़ती ही जा रही है।

    ‘ ममता ने आगे कहा, असम में 22 लाख बंगालियों के नाम काट दिए गए, महाराष्ट्र और यूपी से बिहारियों को खदेड़ दिया गया और वो अब बंगाल में भी एनआरसी की बात करते हैं।ममता यहीं नहीं रुकी उन्होंने नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मैंने ऐसा झूठा प्रधानमंत्री नहीं देखा जो चुनाव आते ही राम नाम जपने लगते हैं।

    मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘5 साल पहले उन्होंने अच्छे दिनों की बात की थी, लेकिन बाद में नोटबंदी कर दी। पुरुलिया में टीएमसी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए ममता ने कहा, ‘क्या पीएम मोदी पुरुलिया के आदिवासी गांवों के बारे में जानते हैं? अब तक यहां 300 आईटीआई कॉलेज बनवाए जा चुके हैं। मैं खुद को बेचकर राजनीति नहीं करती।

    मैं मोदी से नहीं डरती, क्योंकि मैं इस तरह की ही जिंदगी जीती हूं।आपको बतां दे कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चक्रवात फोनी पर ‘‘घटिया राजनीति’’ करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने आपदा के बारे में जानने के लिए मुख्यमंत्री को फोन किया लेकिन बनर्जी ने बात नहीं की। साथ ही पीएम ने बंगाल में ट्रिपल टी टैक्स की बात करते हुए कहा था कि ट्रिपल टी टैक्स का मतलब तृणमूल टोलाबाजी टैक्स है।

  • ‘आप’ उम्मीदवार आतिशी रो पड़ीं, गौतम पर लगाया गंभीर आरोप

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    नई दिल्ली । आप उम्मीदवार आतिशी गुरुवार को अपने खिलाफ ‘आपत्तिजनक और अपमानजनक’ टिप्पणियों वाला एक पर्चा पढ़ते समय रो पड़ीं। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के गौतम गंभीर ने निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे पर्चे बंटवाए हैं। गौतम गंभीर ने भी ट्वीट करके कहा कि अगर साबित होता है कि उन्होंने कुछ गलत किया है तो वह अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे।

    संवाददाता सम्मेलन के दौरान आतिशी के साथ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी थे। पत्रकारों के सामने पर्चा पढ़ते समय आतिशी रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि पूर्व क्रिकेटर गंभीर के राजनीति में आने पर उन्होंने उनका स्वागत किया था ।

    लेकिन अब बीजेपी बेहद निचले स्तर पर पहुंच गई है। बता दें कि आप का आरोप है कि गौतम गंभीर के पास दो मतदाता पत्र हैं और इसलिए वह चुनाव नहीं लड़ सकते।

    पिछले दिनों आतिशी ने भी कहा था कि जनता गौतम गंभीर को देखने के लिए भले ही उनकी सभाओं में जाती हो लेकिन वोट उन्हें नहीं देगी। क्योंकि जनता ऐसा नेता चाहती है जो उनके बीच रहे। गौतम गंभीर ने भी ट्विटर हैंडल के जरिए आम आदमी पार्टी पर वार किया है।

    गौतम गंभीर ने कहा लिखा कि आप (अरविंद केजरीवाल) ऐसे पांचवें मुख्यमंत्री हैं जिन्हें अपने झाड़ू का इस्तेमाल खुद का दिमाग साफ करने के लिए करना चाहिए। उन्होंने लिखा, मैं घोषणा करता हूं कि केजरीवाल और आतिशी अगर प्रूव कर दें कि मैंने कुछ गलत किया है तो मैं अभी अपनी उम्मीदवारी वापस ले लूंगा और अगर ऐसा न कर पाए तो क्या वे राजनीति छोड़ देंगे।

  • भविष्यवाणी : देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर फिर एक बार मोदी

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    बुलढाणा। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे 23 मई को आएंगे। लेकिन उसके पहले कई ज्योतिषी और सेफोलॉजिस्ट अपने अनुमानों के आधार पर अगले प्रधानमंत्री की घोषणा करेगे। कुछ ऐसी ही घोषणा महाराष्ट्र के बुलठाणा भेंडवलाल इलाके की 300 साल पुरानी परंपरा के आधार पर की गई हैं। परंपरा के अनुसार पानी से भरे एक मटके को जमीन के अंदर दबा दिया जाता हैं।

    इस मटके पर एक पान और उस पर एक रुपए का सिक्का और फिर उस पर एक सुपारी रखी जाती है। अगर सुपारी इधर-उधर होती हो तो देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर दूसरा शख्स बैठेगा। लेकिन अगर सुपारी अपनी जगह पर बनी हुई है, तो वही शख्स फिर से प्रधानमंत्री होगा जो वर्तमान में हैं। इस बार सुपारी अपनी जगह पर बनी रही। ऐसे में मोदी के एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनने की घोषणा की गई हैं।

    बुलढाणा के भेंडवलाल में इस परंपरा के आधार पर इलाके मे होने वाली बारिश और फसल का भी अनुमान लगाया जाता हैं। यहां पर मटके के आस-पास दाल,चावल, गेंहू,आलू के पापड जैसी चीजों को एक से 2 फुट के दायरे मे फैला दिया जाता है। अगर दाने अपनी जगह पर बने रहे तो बारिश अच्छी और फसल भी अच्छी होगी। अगर दाने इधर-उधर हुए तो दोनों खराब और अगर किसी दाने में अकूंर फूटा तो फसल और बारिश दोनो ठीक-ठाक होगी।

    इस भविष्यवाणी को इलाके के सारंग धरबाघ महाराज के परिवार के लोग करते हैं। ये भविष्यवाणी हर साल की जाती है। पिछले साल की गई भविष्यवाणी के अनुसार फसल और बारिश, अर्थव्यवस्था और आतंकवादी हमलो के लेकर बात कही गई थी जो 60-75 प्रतिशत तक सही पाई गई।

  • पुलिस की सरपरस्ती में रेव पार्टी , डांस, ड्रग्स और सेक्स का कॉकटेल

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    नोएडा। नोएडा में बिना अनुमति के डीजे, विदेश शराब के सेवन और अवैध हुक्के का इस्तेमाल करने पर 161 लड़कों और 31 लड़कियों को पकड़ लिया गया। यहां यमुना किनारे सेक्टर-135 इको फार्महाउस पर हर वीकेंड पर महफिलें सजती थीं।

    इन पार्टियों के लिए खासमखास लोगों को वॉट्सऐप ग्रुप और फेसबुक पर बने क्लोज्ड ग्रुप के जरिए सूचना भेजी जाती थी।

    महफिल में आने वाले लोगों को पूरी रात डांस, म्यूजिक, ड्रग्स और सेक्स का कॉकटेल मिलता.। रात भर एन्जॉय करने के बाद छात्र-छात्राएं अगले दिन घर लौट जाते।

    पूल सैटरडे नाइट विद डीजे ईशू ऐंड आशू के नाम से हो रही इस पार्टी में करीब 200 लड़के- लड़कियां पहुंचे थे. इनमें अधिकतर संख्या दिल्ली के नौजवानों की थी।

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    पार्टी में लड़कियों की मौजूदगी ठीक-ठाक रहे, इसलिए उनकी एंट्री फ्री रखी गई थी जबकि लड़कों को 10 हजार रुपये फीस देनी थी। पार्टी में कुल 31 लड़कियां पकड़ी गईं। इनमें से 8 एस्कॉर्ट सर्विस से बुलाई गई थीं जबकि बाकी अपने बॉयफ्रेंड के साथ वहां पहुंचीं थीं।

    एस्कार्ट सर्विस की लड़कियों को प्रति इवेंट एक हजार रुपये की फीस पर लाया गया था. भड़कीले कपड़े पहने इन लड़कियों का काम लड़कों का मनोरंजन करना और उन्हें वहां जुए व दूसरी नशीली चीजों की खरीदारी के लिए तैयार करवाना था।

    इसपर होने पर होने वाली कमाई का कुल 10 पर्सेंट उन लड़कियों की जेब में जाता था. पर्सनल एन्जॉयमेंट के लिए फार्महाउस में तीन कमरे भी बनाए गए थे।

    पुलिस ने मौके से पार्टी के आयोजक व फार्महाउस मालक अमित त्यागी को भी उसके साथियों कपिल सिंह भाटी, पंकज शर्मा, अदनान और बालेश कोहली के साथ अरेस्ट कर लिया. आरोप है कि अमित वहां पर पहले भी 40- 50 पार्टियां करवा चुका है।

    प्रत्येक पार्टी से पहले वह एक्सप्रेस थाना पुलिस को मोटा चढ़ावा देता था। इस मामले में एसएचओ की भूमिका की जांच के लिए एसपी सिटी सुधा सिंह को जिम्मा सौंपा गया है. रविवार सुबह 6 बजे पुलिस की बसें मंगवाकर सभी आरोपितों को फार्महाउस से पुलिस लाइन भेज दिया गया।

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  • किसे दें वोट, हर तरफ बहस, दिल्ली का मुसलमान खामोश !

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    नई दिल्ली । रमजान शुरू होने के बाद भले ही मस्जिदों के अंदर कोई सियासी हलचल न हो लेकिन बाहर जरूर जोरदार बहस चल रही है। खासतौर से तरावीह के नमाज के बाद लोग जरूर छोटे-छोटे गुटों में दिल्ली की राजनीति पर बहस करते हुए नजर आ रहे हैं। फिरोजशाह कोटला किले के मस्जिद के बाहर तरावीह पढ़कर निकले पुरानी दिल्ली के कुछ लोगों से हमने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि दिन में तो किसी के पास वक्त नहीं है ।

    दिल्ली के मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में चुनाव प्रचार लगभग थम सा गया था। अब जब रविवार को दिल्ली में वोट पड़ने हैं दिल्ली के मुस्लिम तबके में एक खामोशी सी छाई है।मुसलमान दिनभर रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तार और उसके बाद तरावीह की नमाज में मशगूल हो जाते हैं। इस दौरान राजनीति पर चर्चा करने का वक्त आम मुसलमान के पास नहीं था।

    कांग्रेस, आप और कुछ हद तक बीजेपी भी अपने-अपने दावे कर रही है लेकिन मुस्लिम वोट किधर जा रहा है यह कह पाना अभी मुश्किल है।इस मामले में मुस्लिम उलमा भी खास एहतियात बरत रहे हैं।

    जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कुछ दिन पहले ही यह ऐलान कर दिया था कि वो इस बार किसी भी राजनीतिक पार्टी के पक्ष या विपक्ष में अपील नहीं करेंगे।

    अपने इस स्टैंड पर वह कायम रहे क्योंकि शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे की नमाज थी और कुछ लोगों को लग रहा था कि शायद कुछ ‘सियासी ऐलान’ हो लेकिन शाही इमाम ने अपने बयान को ऐसी किसी भी बात से दूर रखा। 

    जुमे के खुतबे में लोगों से वोट करने की भी अपील नहीं की क्योंकि लोग खुद समझदार हैं और लोकतंत्र की मजबूती के लिए जो जरूरी होगा करेंगे। हालांकि दिल्ली की दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद फतेहपुरी के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मोहम्मद मुकर्रम ने जुमे के बयान में लोगों से अपील की कि वे जरूर वोट देने के लिए निकलें।

    उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को सुबह 7 बजे अपने-अपने पोलिंग बूथ पर मौजूद होना चाहिए और बुजुर्गों, औरतों और बीमार लोगों की वोट डालने में मदद भी करनी चाहिए। उन्होंने भी किसी पार्टी के पक्ष में अपील नहीं की लेकिन यह जरूर कहा कि वोट बंटना नहीं चाहिए।

    लेकिन अब नमाज से फारिग होकर हम जरूर इस बात पर चर्चा करते हैं कि वोट किसे दिया जाए। यहां खड़े रहमत अली ने बताया कि मुस्लिम वोट किधर जाएगा कहना मुश्किल है क्योंकि जिस तरह से हम यहां बात करके मन बना रहे हैं वैसे ही पूरी दिल्ली में चल रहा है और वोटिंग के दिन सुबह फज्र की नमाज के बाद तक लोगों के मन बदल सकते हैं।

  • BJP प्रत्‍याशी भारती घोष की गाड़ी से जब्त हुए 1.13 लाख

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    खड़गपुर। घाटाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार भारती घोष की गाड़ी से 1.13 लाख रुपये जब्त किये जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पिंगला थाना अंतर्गत डाकबंग्ला के मंगलबाड़ नाका इलाके से पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान घाटाल लोकसभा सीट की भाजपा उम्मीदवार भारती घोष की गाड़ी से एक लाख तेरह हजार रुपये बरामद किये।  इसके खिलाफ तृणमूल समर्थकों ने पहले सड़क जाम किया, फिर पिंगला थाना का घेराव किया।

    रुपये की जब्ती के बाद पुलिस ने भारती घोष को हिरासत में लिया, लेकिन चार घंटे के अंदर ही उन्हें रिहा कर दिया। गौरतलब है कि भारती घोष गुरुवार की देर रात भाजपा नेताओं के साथ चार गाड़ियों का काफिला लेकर पिंगला के मुंडमारी इलाके से जलचक गांव की ओर जा रही थीं। डाकबंग्ला के मंगलबाड़ नाका इलाके में तलाशी अभियान चला रही पुलिस ने भारती घोष के काफिले को रोका और तलाशी अभियान के दौरान रुपये बरामद किये।

    पुलिस ने रुपये सहित भारती घोष और भाजपा नेताओं को पिंगला थाना मे लाकर हिरासत में लिया, लेकिन भारती घोष ने बरामद किये गये रुपयों के सीजर लिस्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। भारती घोष का कहना कि यह पुलिस और तृणमूल की साजिश है. उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।

    उन्हें सूचना मिली थी कि जलचक गांव में दो भाजपा समर्थकों का मकान तृणमूल समर्थकों ने तोड़ डाला है, लेकिन जब वह जा रही थीं, तो पुलिस ने उनकी गाड़ी की तलाशी ली. उन्होंने बैंक से पैसे निकाले थे. इसका प्रमाण भी था, लेकिन पुलिस केवल उनसे ही हस्ताक्षर करवाना चाहती थी, जबकि गाड़ी में अन्य लोग भी उपस्थित थे. इस कारण उन्होंने सीजर लिस्ट पर हस्ताक्षर नहीं किया।

    पुलिस चारो गाडि़यों में मौजूद लोगों के पैसे को इकट्ठा करके दिखाकर बदनाम करने की कोशिश कर रही है, जबकि यह चुनाव आयोग के नियम के अनुरूप ही था. दूसरी ओर भाजपा के राज्य अध्यक्ष व मेदिनीपुर लोकसभा सीट के उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा।

  • PM मोदी के विकल्प की चर्चाएं फिर से शुरू !

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    नई दिल्ली। ज्यों-ज्यों गठबंधन सरकार की संभावना जोर पकड़ रही है, त्यों-त्यों मोदी के विकल्प की भी चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं । जब किसी को कल्पना भी नहीं थी कि पीएम पद के लिए मोदी के अलावा किसी और का नाम भी सामने आ सकता है।

    यदि बीजेपी एकल बहुमत, 272 सीटें, हांसिल नहीं कर पाती है, तो ऐसा भी हो सकता है कि सहयोगी दल मोदी के नाम पर राजी नहीं हों और राजनाथ सिंह जैसे किसी बड़े नेता पर सहमति बने? इसके बाद बतौर मोदी के विकल्प नितिन गड़करी, राजनाथ सिंह आदि के नाम चर्चाओं में छाए रहे हैं।

    हालांकि, ये दोनों नेता ऐसी संभावनाओं को नकारते रहे हैं, लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है? खैर, अब जदयू नेता गुलाम रसूल बलियावी ने बड़ा बयान दिया है, उनका कहना है कि- बिहार में नरेंद्र मोदी के चेहरे पर नहीं, बल्कि हमारे नेता नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट मिल रहा है। खबर है कि…।

    उनका कहना है कि अगर एनडीए को सरकार बनानी है तो नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाना होगा, तभी एनडीए की सरकार बनेगी? बलियावी के इस बयान के बाद देश की राजनीति में सियासी धमाका हो गया है।

    जहां, इस बयान से नाराज बीजेपी नेता बलियावी पर पलटवार कर रहे हैं है, वहीं महागठबंधन के नेता व्यंग्यबाण चला रहे हैं! हालांकि, जदयू ने इस बयान से पल्ला झाड़ लिया है।

    किन्तु जो बात सामने आनी थी, वह तो आ ही चुकी है कि यदि पीएम मोदी के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो नीतीश कुमार के नाम पर भी विचार किया जा सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स पर भरोसा करें तो बलियावी का कहना है कि- बिहार में नरेंद्र मोदी के चेहरे पर नहीं, बल्कि नीतीश कुमार के चेहरे और काम पर वोट मिल रहा है।

    इतना ही नहीं, उनका तो यह भी कहना है कि 23 मई के बाद एनडीए को पूर्ण बहुमत नहीं मिल सकता है और अगर एनडीए को सरकार बनानी है तो नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाना होगा, तभी एनडीए की सरकार बनेगी।

    नरेंद्र मोदी की थाली छिनने वाले अब प्रधानमंत्री पद की कुर्सी पर कब्जा करना चाहते हैं? नीतीश कुमार ने जानबूझ कर बलियावी से ऐसा बयान दिलवाया है! यही नहीं, रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि पीएम मोदी के अभिन्न मित्र ने अपने एमएलसी के माध्यम से एनडीए की हार स्वीकार कर ली है?

    जोड़-तोड़ में महारत के कारण नीतीश कुमार ने अपने लिए पीएम की कुर्सी मांगी है, लेकिन लोग उन्हें समझ रहे हैं, इनकी दाल नहीं गलने वाली! सियासी सयानों का मानना है कि यदि पीएम मोदी लोकसभा चुनाव में अपेक्षित कामयाबी नहीं दर्ज करवा पाते हैं, तो सहयोगी दलों के कुछ नेता ही नहीं, भाजपा के भीतर भी कुछ नेता नैतिकता के आधार पर मोदी पर पीएम पद छोड़ने के लिए दबाव बना सकते हैं?

  • पत्रिका TIME के कवर पर PM मोदी को विवादित उपाधि : बताया “India’s Divider in Chief”

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    अमेरिका की मशहूर अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका टाइम ने 20 मई  के अपने नए संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कवर पेज पर जगह दी है। हालांकि पत्रिका ने पीएम नरेंद्र मोदी को विवादित उपाधि दी है और उन्हें “India’s Divider in Chief” यानी की ‘भारत का प्रमुख विभाजनकारी’ बताया है.  टाइम पत्रिका के एशिया एडिशन ने लोकसभा चुनाव 2019 और पिछले पांच सालों में नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज पर लीड स्टोरी की ।

    टाइम ने अपने ताजा अंक में India के प्रधानमंत्री Modi पर सख्त आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए लेकिन एक विवादास्पद सवाल के साथ कवर स्टोरी की है, । पत्रिका ने पूछा है- ‘क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र मोदी सरकार को आने वाले और पांच साल सहन कर सकता है? पत्रिका ने अपने कवर पेज पर ‘इंडियाज डिवाइडर इन चीफ’ शीर्षक से मोदी की एक इलस्ट्रेटेड तस्वीर लगाई है।

    टाइम पत्रिका के ने पिछले पांच सालों के दौरान मोदी सरकार के कामकाज पर विस्तृत खबर प्रकाशित की है। हालांकि यह पत्रिका अभी बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। मोदी पर कवर स्टोरी वाला यह अंक 20 मई 2019 को जारी होगा। लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण का मतदान 19 मई को है और चुनाव के नतीजे 23 मई को आएंगे। इससे पहले टाइम ने अपनी वेबसाइट पर इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया है।

    नरेंद्र मोदी पर केंद्रित इस कवर स्टोरी को पत्रकार आतिश तासीर ने लिखा है। इससे पहले टाइम पत्रिका ने साल 2012 फिर साल 2015 में मोदी को अपने कवर पेज पर जगह दी थी।

    बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर टाइम पत्रिका की नीति में परिवर्तन होता रहा है. टाइम पत्रिका साल 2014- 15 में नरेंद्र मोदी को दुनिया के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में शामिल कर चुका है।

    टाइम पत्रिका की वेबसाइट पर प्रकाशित आलेख में बताया गया है कि नरेंद्र मोदी लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद साल 2014 में 30 सालों में अभूतपूर्व जनादेश के साथ भारत की सत्ता तक पहुंचे। तब तक भारत में आजादी के 67 सालों में से 54 सालों तक मुख्य रूप से इंदिरा और जवाहर लाल नेहरू की पार्टी- कांग्रेस पार्टी – का शासन रहा था। उसके बाद मोदी के पांच साल के कार्यकाल का जिक्र है।

    टाइम पत्रिका ने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना के साथ-साथ उनके काम की तारीफ भी की है। स लेख में जीएसटी लागू करने के लिए पीएम की सराहना की गई है और और कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने भारत की जटिल टैक्स व्यवस्था को सरल और सहज कर दिया।टाइम में लिखा गया है कि पीएम मोदी ने देश में बुनियादी ढांचे में जमकर निवश किया है।

    नई सड़कों का निर्माण, हाईवे, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और एयरपोर्ट ने देश की दीर्घकालीन आर्थिक संभावनाओं में आशा का संचार कर दिया है. कई ऐसे गांवों में बिजली पहुंची हैं जहां 70 सालों से अंधेरा था. नरेंद्र मोदी ये काम आर्थिक विकास के लिए वरदान साबित हुए हैं।

    पत्रिका के इस आलेख में नेहरू के समाजवाद और भारत की मौजूदा सामाजिक परिस्थिति की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी की है। आलेख में कहा गया है कि मोदी ने भारत के महान शख्सियतों पर राजनीतिक हमले किए जैसे कि नेहरू।

    वह कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, उन्होंने कभी भी हिंदू-मुसलमानों के बीच भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। इस लेख में आगे लिखा है कि नरेंद्र मोदी का सत्ता में आना इस बात को दिखाता है कि भारत में जिस कथित उदार संस्कृति की चर्चा की जाती थी वहां पर दरअसल धार्मिक राष्ट्रवाद, मुसलमानों के खिलाफ भावनाएं और जातिगत कट्टरता पनप रही थी।टाइम पत्रिका की रिपोर्ट में बताया गया है कि 1947 में ब्रिटिश इंडिया दो हिस्सों में बंटा और पाकिस्तान का जन्म हुआ। लेकिन कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़े भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने फैसला किया कि भारत सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं होगा बल्कि हर धर्म के लोगों के लिए यहां जगह होगी। नेहरू की विचारधारा सेक्युलर थी जहां सभी धर्मों को समान रूप से इज्जत थी।