Category: national

  • बड़ा नक्सली हमला, 15 जवान शहीद

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    गढ़चिरौली।  जिले में बुधवार को नक्सलियों द्वारा किए गए एक आईईडी विस्फोट में 15 सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विस्फोट से पहले नक्सलियों ने एक सड़क निर्माण ठेकेदार के 25 वाहनों को जला दिया था।

    यहां गढ़चिरौली एरिया कमेटी के नक्सली सक्रिय हैं जो महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा पर लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। तीन एरिया कमेटी का सेंटर एरिया है। बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 150 की संख्या में नक्सली वहां मौजूद थे। घटना में कई जवान घायल भी हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

    खबरों के मुताबिक, गाड़ी में सी-60 कमांडो का दस्ता था और जवान भी इसी फोर्स के शहीद हुए हैं। यह फोर्स पिछले साल इन्हीं दिनों काफी चर्चा में थी। दरअसल, तब सी-60 कमांडोज ने गढ़चिरौली में भी बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इसमें करीब 39 नक्सलियों को मार गिराया गया था।

    कांग्रेस ने हमले की निंदा की है। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर लिखा, ‘गढ़चिरौली में सी-60 कमांडो पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। शहीदों के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। उनका बलिदान बेकार नहीं जाएगा। पिछले पांच सालों में नक्सली हमलों में 390 जवान शहीद हुए हैं। यह भारत को सुरक्षित करने के मोदी सरकार के खोखले दावों का पर्दाफाश करता है।’

    सी-60 कमांडो

    नक्सल खतरों को ध्यान में रखते हुए 1992 में सी-60 कमांडो फोर्स तैयार की गई थी। इसमें पुलिस फोर्स के खास 60 जवान शामिल होते हैं। यह काम गढ़चिरौली के तब से एसपी के.पी. रघुवंशी ने किया था। सी-60 में शामिल पुलिसवालों को गुरिल्ला युद्ध के लिए भी तैयार किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, बिहार और नागपुर में होती है। फोर्स को महाराष्ट्र की उत्कृष्ट फोर्स माना जाता है। रोजाना सुबह खुफिया जानकारी के आधार पर यह फोर्स आसपास के क्षेत्र में ऑपरेशन को अंजाम देती है। सी-60 के जवान अपने साथ करीब 15 किलो का भार लेकर चलते हैं। जिसमें हथियार के अलावा, खाना, पानी, फर्स्ट ऐड और बाकी सामान शामिल होता है।

  • सेना के जवानों पर लगा फर्जी मतदान का आरोप, कांग्रेस उम्मीदवार ने की शिकायत की, जांच शुरू

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    जबलपुर । संसदीय क्षेत्र जबलपुर से कांग्रेस उम्मीदवार और राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा द्वारा की गई शिकायत में कहा गया कि करीब 35 सौ मतदाताओं ने फर्जी तरीके से मतदान किया।

    इस शिकायत की कॉपी थलसेना अध्यक्ष, उप थलसेना अध्यक्ष एवं रक्षा सचिव को भेजी जाएगी। उन्होंने इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग की। वहीं सेना द्वारा इस पूरे मामले में भारतीय सेना की छवि धूमिल करने का कुत्सित प्रयास बताया और इस मामले की एसपी से भी शिकायत की है।

    एमपी के जबलपुर लोकसभा चुनाव के लिए 29 अप्रेल को हुए मतदान के दौरान भारतीय सेना पर फर्जी मतदान करने का आरोप लगा है।

    यह आरोप तथ्य सहित जबलपुर से कांग्रेस प्रत्याशी विवेक तन्खा ने मुख्य निर्वाचन आयोग को दिल्ली में जाकर की. जिसके बाद आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिये हैं.। भोपाल से निर्वाचन आयोग के उपायुक्त संदीप यादव शुक्रवार को जबलपुर पहुंचे और जांच शुरू की।

    जिलाधिकारी कार्यालय में मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग के उप आयुक्त संदीप यादव की मौजूदगी में सेना के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारी और शिकायत करने वाली काँग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपना अपना पक्ष रखा और फिर इन सभी की मौजूदगी में आर्मी क्षेत्र में आने वाले 40 बूथों की वोटर लिस्ट की स्कूटनी शुरू कर दी गई.।

    दरअसल वोटर लिस्ट में उन नामो की जांच की जा रही है जिनके फर्जी होने के आरोप शिकायत में लगाये गए है साथ ही जेक रायफल के स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर राजेश नेगी पर सेना के जवानों से फर्जी मतदान कर भाजपा को फायदा पहुंचाने के मामले में भी जांच की जा रही है।

    कांग्रेस ने जेक रायफल के ब्रिगेडियर राजेश नेगी पर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा सेना के वाहनों से जवानों को फर्जी वोटिंग के लिए मतदान केंद्र तक भेजा गया था, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है की सेना के वाहन का इस्तेमाल मतदान के लिए नहीं किया जा सकता।

    कांग्रेस का आरोप हैं की इस फर्जीवाडे में जिला निर्वाचन आयोग की भी मिलीभगत है, जिसने फर्जी नाम वाली वोटर लिस्ट को स्वीकृत कर बिना जांच के जारी कर दिया. कांग्रेस ने मांग की है कि जिन मतदान केंद्रों में सेना के जवानों ने वोट डाले हैं, उन केन्द्रों का मतदान रद्द किया जाए और वहां चुनाव आयोग सेना के जवानों के नाम वोटर लिस्ट से हटाकर दोबारा से मतदान कराए।
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  • केरल की एक नर्स ने Rahul Gandhi के जन्म को लेकर किया हैरान करने वाला नया खुलासा

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    वायनाड । राहुल गांधी के जन्म की गवाह रहीं सेवानिवृत्त नर्स और वायनाड से मतदाता राजम्मा वावथिल ने नया खुलासा किया है। वायनाड में एक रिटायर नर्स और वहीं की वोटर राजम्मा वावथिल ने दावा किया है कि राहुल का जन्म दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ था, और उस समय वह उसी अस्पताल में ड्यूटी पर थीं।

    नर्स ने कहा कि 19 जून 1970 को जब राहुल गांधी का जन्म हुआ तब वह उसी अस्पताल में नर्स थीं। 72 वर्षीय नर्स का कहना है कि तब वह उस हॉस्पिटल में एक ट्रेनी के तौर पर नर्स का काम सिख रही थी और जब कांग्रेस अध्यक्ष का जन्म हुआ तब वह पहली महिला थीं जिन्होंने राहुल को अपने हाथों में लिया था।वावथिल ने कहा, मैं भाग्यशाली थी क्योंकि मैं उन कुछ लोगों में शामिल थी जिन्होंने नवजात बच्चे को अपने हाथों में लिया था। वह बहुत प्यारा था। मैं उनके जन्म की गवाह थी। मैं रोमांचित थी… हम सभी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते को देखकर रोमांचित थे।

    उन्होंने कहा कि 49 साल बाद वह प्यारा बच्चा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में वायनाड से चुनाव लड़ रहा है। वावथिल ने कहा कि उन्हें अच्छी तरह याद है जब सोनिया गांधी को डिलीवरी के लिए ले जाया गया तब राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी और चाचा संजय गांधी अस्पताल के लेबर रूम के बाहर इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी कहानी है जो उन्होंने अक्सर अपने परिवार को सुनाई है।

    रिटायर नर्स ने कहा कि वह भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस शिकायत से दुखी हैं, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष की नागरिकता का सवाल उठाया गया है। वावथिल के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक के रूप में राहुल गांधी की पहचान पर सवाल नहीं उठा सकता है और स्वामी ने नागरिकता को लेकर जो सवाल उठाए हैं वह आधारहीन है। रिटायर नर्स ने कहा कि राहुल गांधी के जन्म के बारे में सभी रिकॉर्ड अस्पताल में होंगे।

    दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल से नर्सिंग का कोर्स पूरा करने वाली वावथिल बाद में नर्स के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुईं। सेवा से वीआरएस लेने के बाद वह 1987 में केरल लौटीं और सुल्तान बाथरी के पास कल्लोर में बस गईं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बार जब राहुल गांधी वायनाड के दौरे पर आएंगे तब उनकी मुलाकात राहुल गांधी से हो सकेगी।

  • UP में आंधी-तूफान ने मचाया कहर, आकाशीय बिजली से 4 लोगों की मौत

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    लखनऊ । मौसम विभाग लखनऊ केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार आज भी पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी और ओला गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को फानी का असर दिखने की संभावना जताई है। राजधानी के आसपास के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने और ओले गिरने से खेतों में फसल को नुकसान पहुंचा है।

    इसके अलावा आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। सीतापुर में बुधवार शाम धूलभरी आंधी के साथ बारिश हुई जबकि पिसावां क्षेत्र में कुछ स्थानों पर ओले गिरे थे। फानी तूफान का असर उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी नजर आने लगा है। गुरुवार देर शाम सूबे के अधिकांश हिस्सों में आंधी चलने के साथ गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। इसी क्रम में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए।

    जिला प्रशासन अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है। चंदौली जिले के साहबगंज थाना क्षेत्र के राम माड़ो गांव में तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। चंदौली के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने कहा, “इसे फानी का असर कहें या फिर तेज तूफान का असर, हमारे जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए हैं।

    ” उन्होंने आगे बताया, “भूसीत पुरवा गांव के सिवान में गुरुवार शाम को आई तेज आंधी और बारिश के दौरान बिजली गिरने से बुल्लू सोनकर की झुलसने से मौत हो गई। वहीं शहाबगंज थाना क्षेत्र के राममाड़ो गांव में पेड़ गिरने से राजेश तिवारी की मौत हो गई। धरौली के मगरहीं गांव निवासी संतोष बियार की बिजली गिरने से जान चली गई। वहीं चंदौली के फुत्तुपुर गांव में इम्तियाज और उसका पुत्र रिजवान गांव में बांस काट रहे थे और इसी दौरान दोनों पर बिजली गिर पड़ी और दोनों झुलस गए। जिला अस्पताल में रिजवान की मौत हो गई।”

     

  • पानवाला 73 लाख के नोट बदलवाने जा रहा था ‘नोटबंदी’ के ढाई साल बाद

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    इंदौर । आपको यह जानकर हैरानी होगी कि नोटों की अदला-बदली का अवैध धंधा अब भी जोरों पर है. जी हां, इंदौर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है।

    जिसमें एक पानवाले से 73 लाख के पुराने नोट बरामद हुए, जिसे वह बदलवाने जा रहा था। नोटबंदी को ढाई साल पूरे हो चुके हैं । ढाई साल पहले हुए नोटबंदी का असर समाज के सभी वर्गों पर देखने को मिला था. वहीं कुछ लोगों ने गलत तरीके से अपने अवैध धन को ठिकाने भी लगाया।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि एमआर-9 रोड के पास वाहनों की तलाशी के दौरान शनिवार रात एक स्कूटर को रोका गया, जिस पर ऋषि रायसिंह (23) औऱ सावन मेवाती (26) नामक दो युवक सवार थे।

    तलाशी लेने पर इनके पास से एक बैग मिला, जिसमें एक हजार रुपये के 4,574 व पांच सौ रुपये के 5,482 नोट बरामद हुए. बता दें कि ये सभी पुरानी करंसी थी।

    बताया जा रहा है कि बंद मुद्रा ऋषि द्वारा शुजालपुर से इंदौर लाई गई थी. वह मेवाती के साथ इसे 30 प्रतिशत कमीशन के आधार पर फिलहाल चल रही वैध मुद्रा से बदलवाने ले जा रहा था।

    पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल ऋषि मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर कस्बे में पान की दुकान चलाता है, जबकि मेवाती इंदौर नगर निगम का सफाई कर्मी है।

  • नया खुलासा: शेल्टरहोम से गायब 11 लड़कियों की हत्या कर दी गयी थी ?

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    मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टरहोम केस में सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में, सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान दर्ज पीड़ितों के बयानों में 11 लड़कियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी ब्रजेश ठाकुर और उनके सहयोगियों ने कथित रूप से हत्या की थी। एजेंसी ने कहा कि एक आरोपी की निशानदेही पर एक श्मशान घाट के एक खास स्थान की खुदाई की गई, जहां से हड्डियों की पोटली बरामद हुई है।

    गौरतलब है कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद यह मुद्दा उछला था। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और एजेंसी ने ब्रजेश ठाकुर सहित 21 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।

    सीबीआई ने कहा, ‘जांच के दौरान, जांच अधिकारियों और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरो विज्ञान संस्थान द्वारा दर्ज पीड़ितों के बयान में 11 लड़कियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी आरोपी ब्रजेश ठाकुर तथा उसके सहयोगियों ने कथित रूप से हत्या कर दी थी।

    ’ सीबीआई ने एक आवेदन पर हलफनामा दायर करते हुए कहा, ‘गुड्डू पटेल नाम के एक आरोपी से पूछताछ के दौरान खुलासे वाले तथ्यों के आधार पर, आरोपी की निशानदेही पर श्मशान घाट में एक खास स्थान की खुदाई की गई और मौके से हड्डियों की एक पोटली बरामद हुई है।’

    इस मामले में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई की। पीठ ने कहा कि वह आवेदन पर सीबीआई को औपचारिक नोटिस जारी करेगी और एजेंसी चार सप्ताह के भीतर इसका जवाब देगी। पीठ ने संक्षिप्त दलीलों के बाद इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए छह मई की तारीख तय की है।

    बता दें कि एजेंसी की ओर से हलफनामा सामाजिक कार्यकर्ता निवेदिता झा की ऐप्लिकेशन के बाद दायर किया गया। निवेदिता का आरोप है कि पीड़ितों के बयान दर्ज करने के बजाए सीबीआई ठाकुर समेत अन्य आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। अधिवक्ता (वकील) फौजिया शकील के जरिए दाखिल की याचिका में कहा गया है कि सीबीआई की ओर से की जा रही जांच अधूरी होने के साथ ही प्रथम दृष्ट्या बेतुकी भी है।

    उन्होंने उन बाहरी लोगों पर मुकदमा नहीं दर्ज किया है, जो शेल्टर होम में आते थे और पीड़ितों का रेप करते थे, इन आरोपों पर ऐफिडेविट में कहा गया, अपराधियों की पहचान के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। अपराधियों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद, पूरी जांच प्रक्रिया के साथ ही उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। बाहरियों से संबंधित जांच करने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ भी एक चार्जशीट दायर की गई है।

    याचिकाकर्ता ने आरोपों के साथ कहा कि न्यायिक मैजिस्ट्रेट के सामने पीड़ितों ने जो बयान दर्ज कराए थे उनमें से एक में तोंदवाले अंकलजी का जिक्र किया गया था और दूसरे में मूंछवाले अंकलजी भी बताया गया था, जो कि शेल्टरहोम में आए दिन आया करते थे लेकिन एजेंसी ने उन्हें तलाशने की जेहमत नहीं उठाई।

    याचिकाकर्ता ने कहा है, पीड़ितों के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि ब्रजेश ठाकुर बड़े पैमाने पर सेक्स रैकिट चला रहा था। चार्जशीट के अवलोकन से यह बात भी साफ होती है कि सीबीआई ने असली अपराधियों को बचाने की कोशिश में जानबूझकर पीड़ितों के बयानों से मिली जानकारी के आधार पर जांच करने के बजाए उसे टाल दिया। याचिका में कहा गया है कि यह बात स्पष्ट नहीं है कि पीड़ितों के द्वारा दिए अपराधियों के भौतिक विवरण के आधार पर ही सीबीआई द्वारा स्केच तैयार कराए गए हैं।

  • आखिरकार बिक ही गया 70 साल पुराना R K Studio, बनेंगे लग्जरी फ्लैट्स

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    नई दिल्ली।  कपूर परिवार के स्वामित्व वाला 70 साल पुराना आरके स्टूडियो आखिरकार बिक ही गया।  आज रियल्टी फर्म गोदरेज प्रॉपर्टीज ने शुक्रवार को इसके स्टूडियो के अधिग्रहण की घोषणा की. गोदरेज प्रॉपर्टीज ने कहा कि मुंबई के चैंबूर इलाके में 2.2 एकड़ में फैले इस स्टूडियो की जमीन पर अब लग्जरी फ्लैट्स और रिटेल स्पेस डेवलप किया जाएगा. गोदरेज प्रॉपर्टीज गोदरेज ग्रुप की सहायक कंपनी है।

    गोदरेज प्रॉपर्टीज गोदरेज ग्रुप का ही हिस्सा है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यह 2.2 एकड़ में फैला हुआ है. तकरीबन 33 हजार वर्ग मीटर में अत्याधुनिक आलीशान रिहाइशी अपार्टमेंट बनाए जाएंगे।  कंपनी सौदे की कीमत का खुलासा नहीं किया है।

    गोदरेज प्रॉपर्टीज के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पिरोजशा गोदरेज ने कहा कि कंपनी ने चेंबूर की एक फेमस लोकेशन हासिल किया है. यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है।

    कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन फिरोजशाह गोदरेज ने कहा कि कंपनी ने चेंबूर स्थित इस ऐतिहासिक स्थल को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है।

    वहीं आरके स्टूडियो के रणधीर कपूर ने कहा है कि, चेंबूर में स्थित यह संपत्ति मेरे परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही है क्योंकि यहां से कई दशक तक आरके स्टूडियो का परिचालन हुआ है. हमने इस संपत्ति की नई कहानी लिखने के लिये गोदरेज को चुना है।

  • विदेशी पक्षी के शव से इलेक्ट्रानिक चिप बरामद

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    हाजीपुर । बिहार के वैशाली जिले के महनार थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक मृत विदेशी पक्षी बरामद किया है, जिसके शरीर में कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगा हुआ है।

    पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। महनार के थाना प्रभारी उदय शंकर ने शुक्रवार को बताया, हसनपुर गांव में गुरुवार को स्थानीय पक्षियों ने बाहर से आए एक पक्षी को मार डाला।

    मृत पक्षी के गिरते ही उसे देखने ग्रामीण जब नजदीक पहुंचे तो उसके शरीर में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (चिप) लगी दिखी। पैर में पीतल का एक टैग भी लगा था।

    ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पक्षी के शव को बरामद कर उसे वन विभाग को सौंप दिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।

    उन्होंने हालांकि संभावना जताते हुए कहा कि कई मौकों पर वैज्ञानिकों द्वारा पक्षी के विषय में पूरी जानकारी, उनके आने-जाने की जानकारी के लिए भी उनके शरीर पर खास तरीके के डिवाइस लगाए जाते हैं।

    थाना प्रभारी ने कहा कि डिवाइस की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी।

  • चुनावी महासंग्राम चरम पर, MODI के आरोपों पर बोले अखिलेश यादव, मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए तैयार

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    नई दिल्ली  । लोकसभा चुनाव 2019 के लिए गहमागहमी अपने चरम पर है। सभी दलों ने इस चुनावी महासंग्राम को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। सभी दल अपने-अपने समीकरण भी साध रहे हैं।

    इस बीच, उत्तर प्रदेश में महागठंधन के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अप्रत्यक्ष तौर पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन देने की बात कही है।

     अखिलेश यादव ने मायावती का नाम लिए बगैर कहा कि गठबंधन ही इस बार देश को नया प्रधानमंत्री देगा। हम तो चाहेंगे आधी आबादी कोई भी पीएम बन जाए। उससे अच्छी बात और क्या हो सकती है।’ अखिलेश ने कहा- ‘अगर ऐसा होता है सबसे पहला समर्थन सपा का होगा।’

    अखिलेश यादव का यह बयान प्रधानमंत्री के उस आरोप के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सपा पर मायावती के पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया है। यूपी के प्रतापगढ़ में शनिवार को पीएम मोदी ने चुनावी रैली के मंच से अखिलेश यादव पर गरम दिखे, लेकिन मायावती के लिए नरम रुख अपनाया। मोदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर मायावती को धोखा दे रही है, जिसके बाद यूपी की सियासत में पीएम मोदी के इस बयान के मायने निकाले जाने शुरू हो गए हैं।

    बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यूपी में अखिलेश के नेतृत्व वाली सपा और माया की अगुवाई वाली बसपा के बीच गठबंधन हुआ है। इस गठबंधन में अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल है। यूपी की 80 लोकसभा सीटों में सपा, बसपा और रालोद के महागठबंधन ने अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।

     

  • PM मोदी में हिम्मत नहीं है प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के सवालों का जवाब दें : राहुल गांधी

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    नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सुबह दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया । उन्होंने कहा कि आधे चुनाव के बाद यह तय हो गया है कि मोदी हार रहे हैं। सेना मोदी जी की निजी संपत्ति नहीं है, सेना भारत की है. अगर मोदी जी कहते हैं कि सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक है, तो ये देश की सेना का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में किसान  रोजगार व पीएम का भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दा हैं और बीजेपी यह चुनाव हार रही है।

    राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास कोई विशेषज्ञता नहीं है. जो लोग हैं, उनका वो उपयोग नहीं करते. इसलिए वो राफेल मामले में मुझसे डिबेट नहीं करना चाह रहे. उन्होंने कहा कि मसूद अजहर आतंकी है और उस पर जर सम्भव कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन, उसे पाकिस्तान किस सरकार ने भेजा था- भाजपा ने. भाजपा आतंकवाद से समझौता करती है. । कांग्रेस नहीं करती, न हम कभी करेंगे। राहुल गांधी ने कहा नरेंद्र मोदी रोजगार व भ्रष्टाचार पर कभी बात नहीं करते। मोदीजी, मुझसे पांच मिनट किसी मुद्दे पर बहस कर लें। मुझे 5-10 मिनट दे दीजिए। जहां, चाहे वहां बुला लें, केवल अनिल अंबानी के घर नहीं जाउंगा।

    उन्होने ने कहा कि चुनाव आयोग दो तरह के नियमों पर काम कर रहा है। जहां सत्ता पक्ष, भाजपा की बात है, उनके लिए अलग नियम है। विपक्षी पार्टियों और नेताओं के लिए अलग नियम है। चुनाव आयोग पर भी भाजपा का दबाव है। मसूद अजहर को पाकिस्तान किसकी सरकार ने भेजा। आतंकवादियों के साथ नेगोसिएशन कर उसे पाकिस्तान भेज दिया। भाजपा आतंकवादियों के साथ समझौता करती है। ैंने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर बयान दिया था, मेरी गलती थी। मैंने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी है, मोदीजी से नहीं। श्चैकीदार चोर हैश् नारा है और यही सच्चाई है।