Category: national

  • सीएम के काफिले से मिले 1.80 करोड़

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    नई दिल्ली। कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और भाजपा पर रुपयों के बदले वोट खरीदने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया है कि सीएम पेमा के काफिले से 1 करोड़ 80 लाख रुपये बरामद हुए हैं। कांग्रेस ने कहा कि ये रुपये कल रात में बरामद किए गए हैं।

    कांग्रेस ने कहा कि इससे बड़ा कैश फॉर वोट घोटाला क्या हो सकता है कि रात को 12 बजे पैसा पकड़ा जाता है और सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैली कर रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल किया, क्या ये पैसा पीएम की रैली में भीड़ को लाने के लिए दिया जा रहा था?

  • कांग्रेस का घोषणापत्र राहुल गांधी ने किया जारी , नाम दिया ‘जन आवाज’, जानें घोषणा पत्र में किए हैं कौन से 5 बड़े वादे…!

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    नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने आज यानी 2 अप्रैल को लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है.। इस घोषणापत्र को जन आवाज नाम दिया गया है।

    इससे जनता को काफी उम्मीदें हो गई है. जिस तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी चुनावी रैली में बेरोजगारी, जीएसटी और अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार पर हमलावर रहते हैं, ऐसे में लोगों को कांग्रेस से काफी उम्मीदें हैं।

    कांग्रेस ने इस घोषणापत्र को जारी करने से पहले इसे न्यू ट्रिस्ट विद डेस्टिनी बताया था। दरअसल आजादी के बाद प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पहले भाषण को ट्रिस्ट विद डेस्टिनी कहा गया था।

    माना जा रहा है कि कांग्रेस के घोषणापत्र में राइट टु हेल्थ, न्याय स्कीम, रोजगार, महिला आरक्षण बिल, 22 लाख नौकरियां, मिनिमम इनकम गारंटी स्कीम समेत कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। कांग्रेस घोषणा पत्र में लाखों युवाओं को नौकरियां देने का वादा भी किया है।

    मालूम हो कि आगामी 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में लोकसभा चुनाव होने हैं. कांग्रेस और बीजेपी समेत सभी पार्टियां जोर-शोर से चुनाव प्रचार में लगी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी हर रैली में जनता से तरह-तरह के वादे-दावे कर रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार बनने पर वह बेरोजगारी खत्म कर देंगे।

    राहुल गांधी ने कहा था कि जीएसटी के लिए नए नियम बनाएंगे। गरीबों और जरूरतमंदों को न्याय स्कीम के तहत हर साल 72 हजार रुपये देंगे। जिससे 2 देश की 5 करोड़ फैमिली के 25 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने घोषणापत्र में मिनिमम इनकम गारंटी स्कीम, 22 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा, स्वास्थ्य का अधिकार, किसानों की कर्जमाफी, जीएसटी नियमों में बदवाल, नीति आयोग को खत्म कर अलग आयोग बनाने की बात, महिलाओं को नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण समेत दलितों और ओबीसी समुदायों के लिए कई वादे हैं।

    राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली में ये दावा किया था कि अगर लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की जीत होती है और वह सत्ता में आती है तो हम जीडीपी का 6 फीसदी पैसा शिक्षा पर खर्च करेंगे। कांग्रेस की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष सीनियर नेता पी. चिदंबरम हैं।

    जानें, ये है कांग्रेस 5 बड़े वादे…!

    1. हर साल गरीब तबके के 20 फीसदी लोगों के खाते में 72,000 रुपये डाले जाएंगे। कांग्रेस ने इस स्कीम के लिए श्गरीबी पर वार, हर साल 72 हजारश् का नारा दिया है।

    2. 22 लाख सरकारी नौकरियों का वादा कांग्रेस ने किया है। 10 लाख लोगों को ग्राम पंचायतों में रोजगार देने का वादा किया गया है। 3 साल तक युवाओं को कारोबार करने के लिए किसी से भी अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

    3. मनरेगा में काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 150 करने का ऐलान।

    4. किसानों के लिए अलग से बजट जारी करने का ऐलान। किसानों का कर्ज न चुका पाना अपराध के दायरे से बाहर होगा।

    5. जीडीपी का 6 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। यूनिवर्सिटीज, आईआईटी, आईआईएम समेत टॉप संस्थानों तक गरीबों की पहुंच को आसान करने का वादा।

    घोषणापत्र जारी करते हुए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के इस मेनिफेस्टो की चर्चा देश भर में होगी। गरीबों के कल्याण को इसमें जगह दी गई है। यह आगे बढ़ने वाला घोषणापत्र है, जिसमें गरीबों, छात्रों, किसानों और अल्पसंख्यकों समेत समाज के सभी वर्गों के कल्याण का ध्यान रखा गया है। हम लोगों को यह बताने जा रहे हैं कि बीते 5 सालों के बीजेपी राज में कैसे किसानों और गरीबों के हितों की अनदेखी हुई है और हम कैसे देश को आगे ले जाने वाले हैं।

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने यह मेनिफेस्टो जारी किया। इस दौरान कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, पूर्व डिफेंस मिनिस्टर एके. एंटनी, प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला, आरपीएन सिंह, दिल्ली की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे।

    कांग्रेस पार्टी का यह घोषणा पत्र पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के नेतृत्व वाली कमिटी ने तीन महीने में तैयार किया है। इस मेनिफेस्टो को तैयार करने में कांग्रेस ने अमर्त्य सेन सरीखे दिग्गज अर्थशास्त्रियों से सलाह ली थी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक गरीबों को प्रति महीने 6,000 रुपये दिए जाने की स्कीम भी अमर्त्य सेन की सलाह पर ही जारी करने की बात कही गई है।

  • Video : नशे में कैलेंडर गर्ल रूही सिंह ने होटल में मचाया बवाल, पुलिस कांस्टेबल को भी जड़ा थप्पड़

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    मुंबई। टीवी ऐक्ट्रेस रूही सिंह के खिलाफ पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट करने और शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। सोमवार देर रात मुंबई के बाद्रा नजदीक एक रेस्टोरेंट के बाहर टीवी एक्ट्रेस रूही सिंह ने जमकर हंगामा किया। रेस्टोरेंट के स्टाफ के साथ मारपीट करने के दौरान रूही ने पुलिस कांस्टेबल को भी थप्पड जड़ दिया। पुलिस ने रूही सिंह के दोस्त राहुल सिंह और स्वप्निल सिंह को गिरफ्तार किया है।

    जानकारी के अनुसार रूही अपने दो दोस्तों राजेश और राहुल के साथ देर रात दो बजे बांद्रा के लिंकिंग रोड पर मौजूद एक रेस्टोरेंट में पहुंची।

    रेस्टोरेंट बंद होने के कारण रूही ने वहां मौजूद स्टॉफ से रेस्टोरेंट को खोलने की बात कही. रूही रेस्टोरेंट का वॉशरूम यूज करना चाहती थी।

    जब स्टाफ ने उन्हें अंदर आने नहीं दिया तो उन्होंने स्टॉफ के साथ मारपीट की। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि एक्ट्रेस नशे में थी. देर रात हुए इस हंगामे के बाद स्टाफ ने पुलिस को फोन करके बुलाया।

    पुलिस ने जब एक्ट्रेस को समझाया तो रूही सिंह ने पुलिस के साथ भी हाथापाई की। एक्ट्रेस ने कॉन्स्टेबल लक्ष्मीकांत का मोबाइल छीनकर थप्पड़ मार दिया। रूही के साथ मौजूद दोनों दोस्तों ने भी पुलिस को धक्का दिया। यह सब कुछ वहां मौजूद सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. इस की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। पुलिस ने पूरे मामले में एक्ट्रेस रूही के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं और रूही की कार को भी जब्त कर लिया गया हैं।

  • सूबे की इन बीस सीटों पर भाजपा की जीत की राह नहीं है आसान !

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    लखनऊ। इस साल की शुरुआत और मध्य में उत्तर प्रदेश में हुए लोकसभा उपचुनावों में दोनों की जोड़ी कामयाब रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गढ़ में सपा-बसपा की जोड़ी ने जीत का डंका बजाया था और तब से ये कयास लगाए जा रहे थे कि लोकसभा चुनावों के मद्देनदजर दोनों हाथ मिला लेंगे।

    सामाजिक समीकरण के हिसाब से बसपा और सपा की जोड़ी पहले भी हिट रही है और यह तय माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना होगा। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि दोनों पार्टियों का अपना-अपना वोट बैंक है, जिसके एक साथ आने पर राजनीतिक तौर पर वह श्विनिंग कॉम्बिनेशनश् बनाते हैं।

    लोकसभा चुनाव में भाजपा भले ही 74 प्लस का नारा दे रही हो लेकिन उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 20 सीटों पर तो गठबंधन का गणित ही भारी पड़ता दिख रहा है। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 80 में से 71 सीटें जीती थीं। इनमें 20 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों की जीत का अंतर अधिकतम 1.15 लाख मतों का था।

    इनमें भी 17 उम्मीदवार एक लाख से कम मतों के अंतर से जीतकर संसद पहुंचे थे। आंकड़ों को देखें तो इन सीटों पर सपा और बसपा को मिले वोट भाजपा को पीछे छोड़ देते हैं। जाहिर है, यदि सपा और बसपा को 2014 की तर्ज पर वोट मिले तो भाजपा की लड़ाई कठिन हो जाएगी।

    गोरखपुर, फूलपुर और कैराना संसदीय सीटों के उपचुनाव की तर्ज पर यदि इस लोकसभा चुनाव में भी सपा व बसपा अपने-अपने वोट एक-दूसरे को दिला ले गई तो इन 20 सीटों पर भाजपा की जीत की राह कठिन होती दिखाई देती है।भाजपा के रणनीतिकार भी इस बात को समझ रहे हैं। शायद इसीलिए उन्होंने इन सीटों के चुनावी समीकरण दुरुस्त करने की कोशिश शुरू कर दी है।

    हालांकि चुनाव परिणाम तय करने में मुस्लिम मतदाताओं का रुख भी काफी कुछ तय करेगा क्योंकि कांग्रेस इस बार भी अलग चुनाव लड़ रही है। उसने कई स्थानों पर मजबूत चेहरों को मैदान में उतारकर लड़ाई त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है।

    वैसे राजनीति में कभी दो और दो चार नहीं होता। वोट का गणित स्थिति और समीकरण तथा उम्मीदवारों की छवि एवं पार्टी के प्रति लोगों के नजरिया पर निर्भर करता है। पर, आम तौर पर जिस तरह मुस्लिम मतदाताओं का रुख भाजपा को हराने वाले उम्मीदवार को वोट देने का रहा है, उसे देखते हुए इन सीटों का गणित फिलहाल भाजपा की जीत की राह मुश्किल बनाता दिख रहा है।

    सपा-बसपा ने पिछले लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त और प्रदेश में हुए तीन संसदीय सीटों के उपचुनाव में मिली जीत का संदेश समझा। अखिलेश यादव और मायावती को त्रिकोणीय मुकाबले से हो रहे नुकसान का अहसास हो गया। साथ ही यह भी समझ में आ गया कि नरेंद्र मोदी के सामने एकला चलो की नीति से भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकते।

    नतीजतन सपा और बसपा नेताओं ने परस्पर वैरभाव भुलाते हुए गठबंधन कर भाजपा व मोदी से मुकाबला करने का फैसला किया। ऐसा नहीं है कि उपचुनाव की हार के बाद भाजपा ने कोई सबक ही नहीं लिया। भाजपा के रणनीतिकारों ने यह समझते हुए कि सपा-बसपा गठबंधन भाजपा की जीत की राह को कठिन कर सकता है, इसके नेताओं ने मोदी और योगी सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को अपने वोटों में बदलने पर काम किया।

    बूथों को सपा और बसपा मुक्त बनाने पर ध्यान दिया और प्रयास किया कि स्थानीय स्तर पर दोनों पार्टियों के नेताओं को भाजपा में लेकर इनका जमीनी आधार कमजोर कर दिया जाए। पार्टी की तरफ से अनुसूचित जाति और पिछड़ी जातियों को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने के लिए भी कई कदम उठाए गए। इनके सम्मेलन करने से लेकर इनके सरोकारों को सम्मान देने पर भी ध्यान दिया गया।

  • आम्रपाली हाउसिंग घोटाला: फर्जी कंपनी की डायरेक्टर थी धोनी की पत्नी साक्षी सिंह धोनी, पेश की गयी सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट

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    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिेंह धोनी पिछले पिछले सप्ताह आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ बकाया होने के चलते सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। महेंद्र सिंह धोनी ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने उन्हें 40 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया है। वहीं फॉरेंसिक ऑडिटर द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के जरिए नया खुलासा हुआ है।

    रिपोर्ट में महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी शक के घेरे में हैं. रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है कि कंपनी के एक डारेक्टर और एक सहायक कंपनी को फंड डायवर्ट किया गया है. महेंद्र सिंह धोनी आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड एम्बेसडर रह चुके हैं।

    ऑडिटर रवि भाटिया और पवन अग्रवाल द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि आम्रपाली ग्रुप की 100 फर्जी कंपनियां अधिकारियों के नाम थीं जिन्होंने करीब तीन हजार करोड़ रुपये के फंड की हेराफेरी की. क्रिकेट महेंद्र सिहं धोनी की पत्नी साक्षी सिंह धोनी एक ऐसी ही कंपनी की डायरेक्टर थीं. और ग्रुप प्रमोटर्स महेंद्र सिेंह धोनी के नाम पर चैरिटेबल हॉस्पिटल चलाते थे।

    ऑडिटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि आम्रपाली ग्रुप का पतन बाजार की स्थितियों में बदलाव और निवेश के चलते नहीं हुआ बल्कि आम्रपाली ग्रुप के पतन के लिए कंपनी के खुद मालिक और अधिकारी जिम्मेदार हैं।

    पिछले सप्ताह महेंद्र सिंह धोनी ने आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर बकाया धनराशि के चलते सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। महेंद्र सिेंह धोनी आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड एम्बेसडर रह चुके हैं और उनके कंपनी पर 40 करोड़ रुपये बाकी हैं.।

    महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था कि उन्होंने आम्रपाली ग्रुप के कई विज्ञापनों में काम किया और कई समझौते भी किए लेकिन ग्रुप ने उन्हें इस काम के लिए कोई भुगतान नहीं दिया. धोनी ने मुताबिक आम्रपाली ग्रुप पर कुल 38.95 करोड़ रुपये बकाया है। इस बकाया भारी भरकम धनराशि में 22.53 करोड़ महेंद्र सिंह धोनी का मूलधन है।

    इसके अलावा 16.42 करोड़ ब्याज है. महेंद्र सिंह धोनी आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड एम्बेसडर रहते साल 2009 में कई समझौते किए ग्रुप के कई विज्ञापनों में नजर आए. धोनी करीब छह वर्षों तक कंपनी से जुड़े रहे। कंपनी के एक पूर्व अधिकारी ने के मुताबिक महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी कंपनी के निदेशकों के बेहद करीब थे. महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी उनसे से एक कंपनी की खुद डायरेक्टर थीं। सुप्रीम कोर्ट अपैल में इस मामले पर सुनवाई और रिपोर्ट के आधार पर छानबीन करेगा।

  • BJP की नई लिस्ट जारी, भोजपुरी सुपरस्टार ‘निरहुआ’ को अखिलेश यादव के खिलाफ आजमगढ़ से उतारा

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    लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने छह उम्मीदवारों की एक और सूची जारी कर दी है। भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ यूपी के आजमगढ़ से टिकट मिला है.। कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है.।

    वहीं मैनपुरी लोकसभा सीट से मुलायम सिंह यादव के सामने प्रेम सिंह शाक्या को कैंडिडेट बनाया गया है. फिरोजाबाद से चंद्र सेन जादौन, मछलीशहर से वीपी सरोज और मुंबई नोर्थ ईस्ट से मनोज कोटक को टिकट दिया गया है.।

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    अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे दिनेश लाल यादव

    वहीं, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ दिनेश प्रताप सिंह को टिकट दिया गया है। बता दें कि कांग्रेस से एमएलसी रहे दिनेश प्रताप सिंह पिछले साल अप्रैल में बीजेपी में शामिल हो गए थे। 2014 में सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके अजय अग्रवाल को इस बार टिकट नहीं दिया है। इससे पहले अजय अग्रवाल ने बीजेपी को चेतावनी दी थी कि अगर उनका टिकट कटा तो वैश्य समाज बीजेपी के खिलाफ चला जाएगा।

    इसके अलावा हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए निरहुआ आजमगढ़ सीट पर यूपी के पूर्व सीएम और सपा मुखिया अखिलेश यादव को टक्कर देंगे। वर्तमान में आजमगढ़ से सपा संगरक्षक मुलायम सिंह यादव सांसद है। बता दें कि 2014 में इस सीट से मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़े थे और बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी। इस बार एसपी-बीएसपी का गठबंधन है और कांग्रेस ने गठबंधन के बड़े नेताओं के खिलाफ कैंडिडेट ना उतारने का ऐलान किया है। ऐसे में मुख्य मुकाबला एसपी और बीजेपी के बीच ही होना है।

    खास बात यह है कि दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ कुछ समय पहले तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ काफी अच्छे संबंध थे. साल 2016 में यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निरहुआ को यश भारती सम्मान से नवाजा था।

    आजमगढ़ लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के गढ़ से कम नहीं हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के वोट बैंक पर सेंध मारना निरहुआ के लिए काफी मुश्किल हो सकता है. सीट पर काफी संख्या में मुस्लिम और दलित वोटर्स हैं, जो अधिकांश महागठबंधन को वोट देगा।. हालांकि अगर निरहुआ का स्टारडम चल गया तो भारतीय जनता पार्टी के लिए जरूर फायदा पहुंचा सकता है।

  • PM MODI की सभा में आई भीड़ ने फेंकी चप्पल कुर्सियां, चले लात घुसे

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    गया । देश में लोकसभा चुनाव की तैयारी चरम पर है। प्रचार-प्रसार के लिए नेतागण मैदान में उतर चुके हैं और हर दिन कई चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए बिहार के गया पहुंचे।

    लेकिन, इस सभा में जमकर बवाल शुरू हो गया। लोगों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दी। हालांकि, भाजपा कार्यकर्ता किसी तरह माहौल को शांत कराने में लगे हुए हैं।

    जानकारी के मुताबिक, जमुई में रैली को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी गया पहुंचे। पीएम के पहुंचते ही सभास्थल पर लोगों ने जमकर बवाल काटना शुरू कर दिया।

    एक-दूसरे पर जूते -चप्पल फेंकने लगे, कुर्सियों से हमला करने लगे। मामला इतना बिगड़ गया कि माहौल को शांत कराने के लिए कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच में आना पड़ा। हालांकि, इस हादसे में किसी के घायल होने की अब तक कोई खबर नहीं है। वहीं, इस कारण महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

    गौरतलब है कि इससे पहले पीएम ने जमुई में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। जहां उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा बाबा साबह अंबेडकर का अपमान किया है।

    एनडीए की सरकार बाबा साहब का सम्‍मान कर रही है। जो भी बाबा साहब को पूज्‍य मानते हैं, वे कांग्रेस को कभी साथ नहीं देंगे।

  • भाजपा संकल्पपत्र से देगी कांग्रेस के घोषणापत्र का जवाब , 500 वादों के क्रियान्वयन की रिपोर्ट तैयार

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    नई दिल्ली ।  भारतीय जनता पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने संकल्प पत्र के साथ ही 2014 के संकल्प पत्र में किए गए वादों के क्रियान्वयन के संबंध में कार्रवाई रिपोर्ट भी तैयार की है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यहां बताया कि भाजपा का संकल्प पत्र कांग्रेस के घोषणापत्र की तुलना में अधिक प्रभावी और आकर्षक होगा। इस संकल्प पत्र के साथ ही वर्ष 2014 के चुनाव केसंकल्प पत्र में किए  लगभग 500 वादों के क्रियान्वयन की मंत्रालयवार रिपोर्ट तैयार की गयी है। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का निर्देश था कि सरकार ने अपने संकल्पों को पूरा करने में वास्तव में कितना काम किया है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। सूत्रों ने कहा कि कुल मिलाकर 95 प्रतिशत से अधिक वादों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह एक्शन टेकन रिपोर्ट के आधार पर ही 2019 का संकल्प पत्र तैयार हो रहा है।

    सूत्रों ने कहा कि संकल्प पत्र तैयार करना अत्यंत दुरूह कार्य हो गया है। बाहरी लोगों की बजाय पार्टी के नेताओं को राज़ी करना सबसे कठिन काम हो गया है। एक-एक व्यक्ति एक-एक शब्द को लेकर इतनी मीनमेख निकाल रहा है कि उतना आजादी मिलने के बाद संविधान लिखने में नहीं हुआ होगा। संकल्प पत्र को बनाने के लिए भाजपा ने कई उपसमितियां बनाई थीं।

    गृह मंत्री राजनाथ सिंह को इसका जिम्मा सौंपा गया था। कृषि विषय पर संकल्प पत्र की उपसमिति का दायित्व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास है जबकि अर्थव्यवस्था का वित्त मंत्री अरुण जेटली, महिला विषयों की जिम्मेदारी श्रीमती स्मृति ईरानी, शिक्षा एवं कौशल का प्रकाश जावड़ेकर, राष्ट्रीय सुरक्षा उपसमिति मेजर जनरल बी सी खंडूरी के पास है। पार्टी ने संकल्पपत्र बनाने के लिए कुल 12 उपसमितियां बनाई हैं। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र बनाने का काम तीन फरवरी से शुरू किया था। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘भारत के मन की बात, मोदी के साथ  अभियान शुरू किया था।

    करीब एक महीने तक चले इस अभियान में विभिन्न माध्यमों से देश के दस करोड़ लोगों से सुझाव मांगने का लक्ष्य रखा गया था। सूत्रों का कहना है कि अगले पांच साल में राष्ट्र निर्माण का एजेंडा तय करने लिए यह सहकारी प्रयास होगा। यह प्रत्येक भारतीय को नये भारत के निर्माण के अभियान में शामिल करने का प्रयास है।  पार्टी सूत्रों के अनुसार देश भर से उसे विभिन्न विषयों में असंख्य सुझाव मिले हैं जिन्हें 12 विषयों के हिसाब से छांटा गया और एक प्रकार के सुझावों एवं मांगोंं को एकरूप किया गया और उन्हें सूचीबद्ध किया गया है। पार्टी छह अप्रैल को अपने 39 वें स्थापना दिवस और हिन्दू नवसंवत्सर के अवसर पर इस संकल्पपत्र को जारी कर सकती है।

  • BJP नेताओं के उड़े होश जब PM मोदी की रैली में मंच पर दिखी यह महिला

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    गया। लोकसभा चुनावों का बिगुल बजने के बाद राजनीतिक पार्टियों में सियासी माहौल गर्माया हुआ है। वहीं दूसरी तरफ पिछले दिनो 2 अप्रैल को यूपी के गया में हुई प्रधानमंत्री मोदी की रैली में मौजूद एक महिला के होने के कारण विवाद खड़ा हो गया है।

    पीएम मोदी एनडीए उम्मीदवार विजय मांझी के पक्ष में प्रचार करने के लिए गया पहुंचे थे। वहां मंच पर मोदी के ठीक पीछे जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) एमएलसी कुख्यात  गैंगस्टर की पत्नी मनोरमा देवी मौजूद थी। इसका वीडियो सामने आया है जिसमें मनोरमा देवी पीएम के साथ मंच साझा करती दिख रही है। जिस वक्त प्रधानमंत्री के साथ मनोरमा देवी मंच साझा कर रही थीं उसी वक्त वहां पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और लोक जनशक्ति पार्टी सुप्रीमो राम विलास पासवान भी मौजूद थे।

    बता दें कि मनोरमा देवी मगध क्षेत्र के कुख्यात बाहुबली और गैंगस्टर बिंदेश्वरी यादव उर्फ बिंदी यादव की पत्नी और 2016 में आदित्य सचदेवा रोड रेज केस में आरोपी रॉकी यादव की मां हैं और घर में अवैध शराब रखने के मामले में फिलहाल जमानत पर हैं। बिंदी यादव नक्सलियों के साथ सांठगांठ और उन्हें हथियार सप्लाई करने के मामले में जेल भी जा चुका है जब उसे कुछ साल की सजा हुई थी। मनोरमा देवी का बेटा रॉकी यादव ने 2016 मई में गया में हुए रोड रेज के एक मामले में नाबालिक आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    रोडवेज के इस मामले में रॉकी यादव आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। तभी रोड रेज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मनोरमा देवी के घर पर छापेमारी भी की थी जहां से उसे कई अवैध शराब की बोतलें मिली थी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था मगर बाद में वह जमानत पर रिहा हो गई थीं। अवैध शराब मामले में गिरफ्तारी के बाद जेडीयू ने मनोरमा देवी को पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया था हालांकि बाद में उनका निलंबन रद्द हो गया।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन के लिए करनी पड़ रही है लड़ाई

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    फरीदाबाद:एनआईटी नंबर-5 नगर निगम में जमा हो रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन के लिए लोगों के पसीने छुट रहे हैं | जब ये आवेदन 2017 में जमा हुए थे, जिसमें काफी लोगों ने अपने फ्लेट के लिए आवेदन किया था | पर अब वह समय पूरा हो गया है जिसमें कि लोगों को तपती धूप में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है | और साथ में नगर निगम के अधिकारी भी इन लोगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं आवेदनकर्ता अपस में लड़ झगड़ कर आवेदनपत्र जमा करा रहे हैं |
    जिसमें सबसे ज्यादा महिलाएं दिखाई दे रहीं हैं और पुरुषों को तो लाइन से निकाल कर मारने पीटने की धमकी देती नजर आई हैं | मौके पर सभी अफसरों की सबसे ज्यादा कमी है अगर ऐसा ही माहौल रहा तो कुछ दिन में ये खबर सुनने को मिलेगी कि कोई मर गया | जब प्रशासन को जवाब देहा ठेराया जाएगा | जिसमें कि सुर्य न्यूज की टीम ने दौरा किया तो पता चला कि प्रशासन के तरफ से कोई सिक्योरिटी गार्ड,पुलिस विभाग का कोई जवान मौके पर मौजूद नहीं है | 
    [object Promise]मैं तो सुबह के 8:31 बजे से आया हुआ हूं | पर सभी तक किसी ने मेरा आवेदन नही लिया है जबकि जो मेरे बाद लुगाई आईं हैं वह अपने आवेदन जमा करा कर चलीं गईं हैं |-:राम कुमार,सेक्टर-3 की झुग्गी,[object Promise]भईया हमारो तो काम करके तो कोई भी अधिकारी राजी है ही नही मैं तो अपने घर कूं जरा रही हूं | कल तो छुट्टी रहेगी सोमवार कूं आऊंगीं |-:फूलों देवी, राम नगर कालोनी,[object Promise]मेरा तो फार्म जमा चार दिन से जमा लेने का नाम नही ले रहे हैं फिर भी रोज सुबह आकर लाइन में लगता हूं | अदर प्रशासन के तरफ से कोई पुलिस तैनात की जाए तो आसानी होगी |