Category: national

  • कांग्रेस ने भाजपा और मोदी की शिकायत चुनाव आयोग से की

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    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शिकायत करने के लिए शुक्रवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा और भाजपा की ओर से किए जा रहे आचार संहिता के दुरुपयोग की शिकायत की।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह की अगुवाई में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से 3 मुद्दे उठाए। आयोग के साथ बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह ने कहा कि आयोग से आचार संहिता लगे होने के बावजूद पेट्रोल पंपों और एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगे पोस्टर्स के बारे में शिकायत करने के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर बीजेपी नेता की ओर से की जा रही अश्लील टिप्पणियों और सेना का इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही गई।

    आरपीएन ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर जो अश्लील बयान भाजपा के नेता और कैबिनेट मंत्री दे रहे हैं उस पर भी संज्ञान लिया जाए। इस आरोप पर आयोग ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि ऐसे विवादित टेप मंगवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने उनसे कहा कि आज रात तक रिपोर्ट आ जाएगी कि प्रधानमंत्री के कितने पोस्टर और बैनर के पेट्रोल पंपों और एयरपोर्ट पर लगे हैं। इन्हें हटाने का काम भी जारी है। इस संबंध में चुनाव आयोग आज रात विस्तार से जानकारी देगा।

  • गोवा में कांग्रेस ने BJP सत्ता को दे दी चुनौती, पत्र में लिखा, ‘गोवा की सरकार अल्पमत में’

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    पणजी । दिल्ली में एक तरफ बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हो रही है जिसमें लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों का फैसला होगा उधर, गोवा में कांग्रेस ने उसकी सत्ता को चुनौती दे दी है। कांग्रेस ने राज्यपाल को बताया कि भाजपा विधायक के निधन के बाद पर्रिकर सरकार बहुमत खो चुकी है। राज्यपाल मृदुला सिन्हा को चिट्ठी लिखकर राज्य में सरकार बनाने का दावा किया है। पार्टी ने कहा कि विधायक फ्रांसिस डिसूजा के निधन के बाद से विधानसभा में बीजेपी के 13 विधायक हैं. मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार लोगों का विश्वास खो चुकी है. ऐसे में जो पार्टी अल्पमत में है उसको सरकार में रहने का कोई हक नहीं है. हम चाहते हैं कि मौजूदा सरकार को बर्खास्त किया जाए और सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका दिया जाए।

    बता दें कि गोवा के पूर्व उप मुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूजा का हाल ही में निधन हो गया था. 64 साल के डिसूजा कैंसर से जूझ रहे थे. उनका अमेरिका में इलाज हो चुका था। वे गोवा राजीव कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में 1999 में गोवा विधानसभा के लिए चुने गए, और बाद में बीजेपी में शामिल हुए. वे 2002, 2007, 2012 और 2017 में भी विधानसभा के लिए चुने गए थे. 2012 में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने पर डिसूजा को उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। गौरतलब है कि 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में कांग्रेस सबसे बड़ा दल है और उसके पास 14 विधायक हैं। जबकि बीजेपी के पास 13 विधायक हैं। जिसे महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के 3, गोवा फार्वड पार्टी के 3 और 3 निर्दलीय विधायकों का सर्मथन हासिल है।

    बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और उनका गोवा, मुंबई और अमेरिका सहित कई जगहों के अस्पतालों में इलाज हो चुका है. वे दिल्ली के एम्स में अग्नाश्य संबंधी बीमारी का इलाज करा रहे थे. कांग्रेस इससे पहले भी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर वैकल्पिक सरकार बनाने का न्यौता देने का अनुरोध कर चुकी है।

  • शाह और कांग्रेस बसपा को नेस्तानबूत करने में जुटे…!

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    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस दोनों मिलकर बसपा को नेस्तानबूत करने में जुट गए हैं। या कहिए कि दोनों बसपा को दीमक की तरह खत्म करने पर जुटे हुए हैं तो गलत नहीं होगा। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों में बसपा के 15 बड़े नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल में हो चुके हैं। इनमें 11 नेता ऐसे हैं जो बसपा के टिकट पर विधानसभा और लोकसभा के चुनाव लड़ चुके हैं। यह नेक काम भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अगुवाई में हो रहा है। रही-कही कसर कांग्रेस अब निकालने में जुटी हुई है। क्योंकि कांग्रेस अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नए उभरे दलित नेता चंद्रशेखर को पटाने में जुटी हुई है।

    सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को दिल्ली में दलित नेता चंद्रशेखर से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुलाकात की और उनसे लंबी चर्चा हुई है। मुलाकात के बड़े राजनीतिक मायने लगाए जा रहे हैं। जानकार इसे राज्य में सपा-बसपा गठबंधन के रूप में उभरी चुनौती को खत्म करने की भाजपाई रणनीति के रूप में देखते हैं। यानि इस राजनीतिक महासमुद्र में बसपा की हालत उस छोटी मछली की तरह हो रही है जिसे समुद्र की दो बड़ी मछलियां अपना निवाला बनाने में जुटी हुई हैं। भारतीय जनता पार्टी जहां बड़े बसपा नेताओं को तोड़कर अपने पाले में लाने में जुटी हुई है जिसमें उसे बड़ी सफलता मिल रही है वहीं कांग्रेस मायावती को कमजोर करने के लिए दलित युवा नेता चंद्रशेखर को अपने पाले में लाने में जुट गयी है।

    चंद्रशेखर को यदि कांग्रेस अपने पाले में लाने में सफल होती है तो उसे अवश्य राजनीतिक फायदा पहुंचेगा इससे इंकार राजनीतिक पंड़ित भी नहीं कर रहे हैं। इन दोनों हमलों से मयावती का हाल उस घायल शेरनी की तरह हो गया है जिसके नाखून और दांत दोनों तोड़े जा रहे हैं। यदि भाजपा और कांग्रेस मायावती को कमजोर करने में सफल रहा तो निश्चित तौर से सपा और बसपा का गठबंधन कहीं न कहीं कमजोर होगा इससे भी इंकार कर पाना कठिन है।

    लोकसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया शुरू होने में अब एक महीना भी नहीं बचा है। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की घोषणा करने के दो महीने के अंदर बसपा के कम से कम 15 बड़े नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं। मायावती और अखिलेश का इससे बुरा और क्या हो सकता है। यानि मायावती के साथ साथ अखिलेश का भी नुकसान होगा इससे भी नकारा नहीं जा सकता है।

    यही नहीं आंकड़े बता रहे हैं कि बीते एक महीने में बसपा के साथ सपा, आरएलडी और कांग्रेस से कुल 28 नेता भाजपा में जा चुके हैं। लेकिन इनमें बसपा नेताओं की संख्या सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से एक नेता ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र से टिकट पक्का करने के लिए यह कदम उठाया है।

    राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि  सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश की लड़ाई मुश्किल हो गई है। ऐसे में उसने दूसरे दलों के नेताओं के लिए कहा है कि उसके दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। इसी के तहत पार्टी ने बसपा के बड़े नेताओं को अपने यहां शामिल किया है। इनमें मंत्री पदों पर रहे नेताओं के अलावा वे नेता भी शामिल हैं जो बसपा संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। इन राजनीतिक घटनाक्रमों से वर्तमान में मायावती और उनकी पार्टी की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता।

  • Arun jetli ने शिवराजसिंह चौहान को चीन क्यों भेजा : भूपेन्द्र गुप्ता

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    भोपाल । प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा है कि भाजपा के नेता इतिहास को तोड़ मरोड़ जनता को गुमराह करने में माहिर हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का गठन 1945 में ही हो गया था, जब न तो भारत आजाद था, न ही नेहरू प्रधानमंत्री थे। नेहरू जी के समय अजहर मसूद जैसे आतंकी लोग पैदा भी नहीं हुए थे।

    अरुण जेटली एक गैर जिम्मेदार मंत्री हैं जो यह कह रहे हैं कि पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू मूलरूप से दोषी हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिये भारत की बजाय चीन का पक्ष लिया था। हर बार उनका झूठ पकड़ा जाता है। उन्हें मालूम होना चाहिए कि सिक्योरिटी काउंसिल में स्थाई सदस्य बनने की प्रक्रिया तय है। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए इतिहास को तोड़ने की बाजीगरी अब जनता जान चुकी है।

    गुप्ता ने कहा कि अरुण जेटली बताएं कि उन्होंने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को पूरे होशो हवास में पांच दिन के लिए चीन क्यों भेजा था? शिवराज सिंह चैहान ने तब चीन की अर्थव्यवस्था और सभ्यता के तारीफों के पुल बांध दिए थे। यहां तक कहा था कि चीनी कंपनियों के लिए पीथमपुर में नया औद्योगिक चीनी टाउनशिप बनाएंगे और वे कई चीनी कंपनियों से समझौता करके भी आए।

    भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि जब शिवराज सिंह जी को सब पता था तो अरुण जेटली के कहने पर चीन क्यों गए थे? स्वदेशी का दंभ भरते भरते भाजपा ने शिवराज सिंह चैहान को चीनी कंपनियों को बुलाने क्यों भेजा था? शिवराज सिंह चैहान ने यह भी कहा था कि चीनी कंपनियों के लिए मध्य प्रदेश सबसे अच्छा प्रदेश है।

    वे बताएं कि देशी कंपनियों के रहते चीनी कंपनियों को बुलाने किस मुंह से गये थे?अपने प्रदेश के युवा उद्यमियों की प्रतिभा को अनदेखा कर चीन की कंपनियों को साथ देने शान से पांच दिन चीन का दौरा क्यों किया था? चीन की कंपनियों से क्यों कहा था कि उन्हें प्रदेश में आने पर किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी?

  • खेती गायब और अब किसानो की राशि भी गायब…? क्या है सच्चाई..?

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    देश के अन्नदाता किसान की किसानी पानी पर निर्भर है। पानी है तो खेतीबाड़ी है। पानी नहीं तो कुछ भी नहीं। भारत में ज्यादातर किसान मानसूनी खेती पर निर्भर है। मानसून में पानी बरसा तो किसान के घर भी खुशीयों की बारिश होती है। किसान कर्ज लेकर भी खेती करके देशवासियों का पेट भरता है। कर्जदार किसानो का कर्जा माफ़ करने के वायदे दियें जाते है। कही पुरे होते है कहीं नहीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी की सरकार ने कर्जा माफ़ करने के बजाय छोटे और सीमान्त किसानो को हर वर्ष ६ हजार रुपये उसके खाते में जमा करने की योजना लागू की है। पहली क़िस्त के 2 हजार की राशि कब एक करोड़ से ज्यादा किसानो के खाते में जमा हो गई। इस पर राजनीति भी हुई। अब प्रतिपक्ष द्वारा ये दावा किया जरह है की किसानो के खाते में 2 हजार जमा होने के 24 घंटो में ही ये राशि वापस ले ली गई। सपा के नेता अखिलेश यादव ने दावा किया की कई किसानो के खातों मे से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि वापस सरकार ने ले ली। जब ये योजना लागू की गई उस वक्त खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी ने कहा था की विरोधी द्वारा ये बातें फैलाई जायेंगी की राशि जमा होते ही सरकार इस वापस ले लेंगी। और ऐसा ही हुआ। अखिलेश यादव ने भी यही कहा जो प्रधानमत्रीजी ने कहा था। लेकिन इसमें सच्चाई कितनी इसका खुलासा होना चाहियें।
    भारत मौर विश्व के कई देशो में जलवायु परिवर्तन की वजह से खेती प्रभावित हो रही है। जिससे किसान परेशां है।

    ख़ास कर जो किसान पारंपरिक ढब से आज भी खेती कर रहे है और आधुनिक खेती के उपायों से परिचित नहीं ऊनकी खेती गायब हो रही है। सरकार ने ऐसे किसान समेत कर्जदार किसानो को बचाने के लिए नई योजना लागु कर लाखोँ किसानो को राहत पहुंचाई है। लेकिन यदि उनके खातों से सरकारी सहायता की राशि वापस ली गई या ली जा रही है तो उसकी जांच होनी चाहियें। और यदि ऐसा नहीं है तथा सपा के नेता झूठ फैला रहे है तो उन पर कार्यवाही होनी चाहिए। क्योंकी ये लाखोँ किसानो को भ्रमित करने की गहरी साजिश भी हो सकती है। सरकार के दावे को ललकारना ये प्रतिपक्ष का काम है। ऐसा नहीं की केन्द्र में भाजपा की सरकार है इसलिए अखिलेश यादव ऐसा आरोप लगा रहे है। इसी यूपी में जब अखिलेश की सरकार थी तब भाजपा ने उनकी सरकार के कई दावो को ललकारा था। चेलेन्ज किया था, कई खुलासे मांगे थे। जिसका जवाब भी दिया गया होंगा। इसलिए अब भाजपा की बारी है की वे प्रतिपक्ष के दावें का जवाब दे और जो किसान भ्रमित है उनकी शंका दूर करे।

    किसान निदई योजना के तहत सरकार द्वारा फिर एक बार 2 हजार की क़िस्त एक करोड़ से भी ज्यादा किसानो के खातों में जमा होने जा रहे है और उसे आदर्श आचारसंहिता का भंग नहीं माना जायेंगा। क्योंकि ये योजना चुनाव घोषित होने से पहले ही लागू की गई है। हो सकता है की किसी दल द्वारा इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जायेंगी। लेकिन महत्वपूर्ण ये है की क्या वाकई में किसानो के खातों से सहायता राशि वापस ली जा रही है क्या..? क्या कोई बीच के अफसर या सरकारी कर्मी या कोई बेंक के कर्मी ऐसा खेल खेल रहे है…? इसकी जांच तो बनती है। क्यों की धुवाँ उठा है तो आग कही न कही सुलग रही होंगी।

  • बीजेपी से ‘शत्रु’ का सफाया,सामने आया रविशंकर का नाम,शाहनवाज पर सस्पेंस

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    नई दिल्ली। तापमान की तरह ही देश का सियासी पारा भी चढ़ने लगा है । बीजेपी से ‘शत्रु’ का सफाया, सामने आया रविशंकर का नाम,शाहनवाज पर सस्पेंस लोकसभा प्रत्याशियों की पहली सूची को लेकर शनिवार भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मैराथन बैठक दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में देर रात 2 बजे तक चलती रही. भारतीय जनता पार्टी अब सोमवार को अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है. पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर मंथन के बाद यह फैसला लिया गया।

    बैठक में पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और किरन रिजिजू सहित कई केंद्रीय मंत्री वरिष्ठ नेता शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में 11 राज्यों की विभिन्न लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि पार्टी सोमवार को अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर देगी. पहले शनिवार को ही यह लिस्ट आने की उम्मीद थी. सूत्रों ने साथ ही बताया कि बैठक में बिहार, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर के लिए चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा, इन सभी राज्यों में जिन सीटों पर बीजेपी की ज्यादा पकड़ नहीं है, वह दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों या हमें समर्थन देने वाले अन्य बड़े नेताओं के लिए छोड़ी जा सकती हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, बिहार की पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा की जगह केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया जा सकता है. वहीं शाहनवाज हुसैन की पुरानी भागलपुर सीट इस बार जेडीयू के हिस्से में चली गई है. ऐसे में शाहनवाज की सीट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. उधर गिरिराज सिंह की नवादा सीट एलजेपी के खाते में जाने के बाद चर्चा है कि उन्हें बेगुसराय से टिकट मिल सकता है।

    सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को हुई बैठक में इन नामों पर सहमति बन गई है ।

    पटना साहिब –  रविशंकर प्रसाद

    आरा – आर के सिंह

    पूर्वी चंपारण –  राधा मोहन सिंह

    पश्चिम चंपारण – संजय जायसवाल

    सारण- राजीव प्रताप रूडी

    बक्सर- अश्विनी चौबे

    नागपुर- नितिन गडकरी

    मुंबई नार्थ ईस्ट – किरीट सोमैया

    मुंबई सेंट्रल-  पूनम महाजन

    सुंदर गढ़ (ओडिशा) – जोएल उरांव
    पुरी (ओडिशा) – संबित पात्रा
    अरुणाचल वेस्ट – किरण रिजिजू

    त्रिपुरा ईस्ट -रवि मोहन त्रिपुरा

    त्रिपुरा वेस्ट – प्रतिमा भौमिक

    गुवाहाटी- विजय चक्रवर्ती

    लखीमपुर- प्रधान बरुआ

    डिब्रूगढ़ – रामेश्वर तेली

    टिहरी गढ़वाल- माला राजलक्ष्मी

    अल्मोड़ा- अजय टमटा

    हरिद्वार- रमेश पोखरियाल निशंख

  • भाजपा के ‘संकट मोचक’ CM मनोहर पर्रिकर का 63 साल की उम्र में निधन, सियासी जगत में शोक की लहर

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    पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हो गया है. वह 63 साल के थे. लंबे समय से पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे पर्रिकर ने रविवार को अंतिम सांस ली. इसके बाद सियासी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. उनके गोवा स्थित आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और घर पर नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक जताया था.पर्रिकर के लिए सोमवार सुबह 11 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शोक सभा आयोजित की जाएगी. शनिवार को उनका ब्लड प्रेशर काफी गिर गया था। पिछले 48 घंटे में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी।

    इससे पहले शनिवार को बीजेपी विधायक और गोवा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने कहा था कि मनोहर पर्रिकर बेहद बीमार हैं और उनके ठीक होने की संभावना बहुत कम है. बीजेपी विधायक ने कहा था कि सीएम की शनिवार रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद आपात बैठक बुलाई गई. पर्रिकर के निधन से राज्य में बीजेपी के लिए सियासी संकट खड़ा हो गया है। बीजेपी ने राज्य मुख्यालय में विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें विकल्पों पर चर्चा की गई. अटकलें यह भी हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगंबर कामत भाजपा में शामिल हो सकते हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.।

    माइकल लोबो ने यह भी कहा था कि कामत भाजपा में शामिल होने दिल्ली गए हैं. उनका इसके अलावा वहां कोई काम नहीं है. कामत का नाम इसलिए सामने आ रहा है क्योंकि गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा कि वह दिल्ली निजी कारणों से जा रहे हैं. हालांकि कांग्रेस की ओर से आए एक बयान में कामत के बीजेपी में जाने की खबरों के अफवाह बताया गया. कामत साल 2000 में मनोहर पर्रिकर की अगुआई वाली भाजपा सरकार में बतौर मंत्री काम कर चुके हैं. बाद में वह इस्तीफा देकर कांग्रेस में चले गए थे. उस वक्त उन्होंने कहा था कि वह भाजपा में घुटन महसूस कर रहे थे.।

    फरवरी में भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा के निधन के बाद कांग्रेस ने शनिवार को राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल मृदुला सिन्हा को खत लिखकर कांग्रेस ने कहा कि पर्रिकर की अगुआई वाली गठबंधन सरकार अल्पमत में है और विधायकों की तादाद अभी और घट सकती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, लिहाजा उसे सरकार बनाने का मौका दिया जाए. गोवा की 40 सदस्यों वाली विधानसभा में फिलहाल 37 सदस्य हैं. फ्रांसिस डिसूजा के निधन और दो विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा में सदस्यों की संख्या गिर गई है.।

  • चौकीदार  मोदी करेंगे 500 स्थानों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग-विपक्ष ने साधा निशाना

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    नई दिल्ली।  लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान चौकीदार शब्द पर सब ओर छा चुका है। एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के 500 स्थानों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मैं भी चौकीदार कैंपेन करने का फैसला लिया है तो दूसरी तरफ विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। मायावती ने इस कैंपेन पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया, सादा जीवन उच्च विचार के विपरीत शाही अंदाज में जीने वाले जिस व्यक्ति ने पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त वोट की खातिर अपने आपको चायवाला प्रचारित किया था, वह अब इस चुनाव में वोट के लिए ही बड़े तामझाम और शान के साथ अपने आपको चौकीदार घोषित कर रहे हैं। देश वाकई बदल रहा है।
    उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मैं भी चौकीदार हूं’ अभियान देश के करोड़ों लोगों का एक व्यापक जनान्दोलन बन गया है और इससे केवल उन लोगों को परेशानी हो रही है जो जमानत पर हैं और जिनकी पार्टी, परिवार एवं संपत्ति संकट में है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘मैं भी चौकीदार हूं’ अभियान तीन दिन के अंदर व्यापक जनांदोलन बन गया है। सोशल मीडिया पर यह एक दिन विश्वव्यापी ट्रेंड था जबकि भारत में दो दिन तक तक ट्रेंड चला है। प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान के समर्थन में 20 लाख लोगों ने ट्वीट किए और 1680 करोड़ इम्प्रेशन आए हैं। एक करोड़ लोगों ने संकल्प लिया है और इतने ही लोगों ने इस अभियान के वीडियो को देखा है।

    प्रसाद ने कहा कि इस अभियान से डॉक्टर, इंजीनियर, पेशेवर, वकील, किसान, युवा, महिलाएं, कर्मचारी आदि जुड़े हैं। लेकिन कुछ लोगों को इससे परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग जमानत पर हैं, जिनकी पार्टी, परिवार एवं संपत्ति संकट में है और जिनके पास छिपाने के लिए है, उन्हें ही इस अभियान से परेशानी हो रही है।

    केन्द्रीय मंत्री ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चौकीदार अभियान के बारे में दिये गये बयान के हवाले से कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि चौकीदार तो अमीरों के होते हैं। उन्हें कैसे समझाया जाए कि जो लोग सत्ता में थे, वे गरीबों का करोड़ों रुपये लूट कर खा रहे थे और ये चौकीदार उसे रोकने के लिए आये हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सुख, सुविधाओं में पैदा हुए हैं, वे टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा देश की आम जनता का अभिनंदन करना चाहती है जो करोड़ों की संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं। इसे दुनिया को असाधारण संदेश गया है कि लोग भ्रष्टाचार एवं कुशासन से लडऩा चाहते हैं।

  • ‘रिश्वत डायरी’ को लेकर बीजेपी पर कांग्रेस का हमला, लोकपाल जांच की मांग

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    नई दिल्ली। मीडिया में आई एक रिपोर्ट के हवाले से लगाए गए कांग्रेस के आरोपों को बीजेपी ने ख़ारिज कर दिया है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने इन आरोपों को ‘आधारहीन, बेमतलब और छवि धूमिल करने वाला’ बताया है। उनके अनुसार, कांग्रेस को एहसास हो गया है कि 2019 का चुनाव शुरू होने से पहले ही वो हार गई है, इसलिए वो ऐसा कर रही है।

    उन्होंने धमकी दी है कि अगर आरोप वापस नहीं लिए जाते तो वो मानहानि का मुकदमा करेंगे। कांग्रेस ने शुक्रवार को एक खबर का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कर्नाटक का मुख्यमंत्री रहते हुए बी एस येदियुरप्पा ने भाजपा के शीर्ष नेताओं को 1800 करोड़ रुपये की रिश्वत दी जिसकी जांच लोकपाल से होनी चाहिए।

    पार्टी ने यह भी कहा कि ‘येदियुरप्पा डायरी’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह कथित डायरी उतनी ही विश्वसनीय है जितना राहुल गांधी का नेतृत्व कौशल विश्वसनीय है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ पार्टी के सारे ‘चौकीदार’ चोर हैं।

    गांधी ने एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया कि भाजपा के सारे चौकीदार चोर हैं।पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक पत्रिका में छपी खबर का हवाला दिया और संवाददाताओं से कहा, ‘‘येदियुरप्पा की डायरी के रूप में खबर सामने है। हमने भी 14 फरवरी, 2017 को येदियुरप्पा और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार की बातचीत वाला एक वीडियो जारी किया था।

    जिसमें स्पष्ट था कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को रिश्वत दी गई उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री रहने के दौरान 2690 करोड़ रुपये वसूले गए और इसमें से 1800 करोड़ रुपये भाजपा नेतृत्व को पहुंचाये गये। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या यह सच नहीं है कि येदियुरप्पा की तरफ से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पैसे दिए गए? जब आयकर विभाग ने इस डायरी की जांच की अनुशंसा की थी तो फिर कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया?

  • BJP के 184 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, यूपी में इन सीटों के उम्मीदवार घोषित 

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    नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 184 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति के सचिव जगत प्रकाश नड्डा ने इसका ऐलान किया। पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी अपनी पिछली सीटों से ही लड़ेंगे। पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी अपनी पिछली सीटों से ही लड़ेंगे।

    बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर से चुनाव लड़ेंगे, जहां से अभी लाल कृष्ण आडवाणी सांसद हैं। नड्डा ने बताया कि बिहार से बीजेपी के सभी 17 उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं, लेकिन उनका ऐलान नहीं किया।

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    नड्डा file photo

    बीजेपी की पहली लिस्ट में कुल 20 राज्यों को कवर किया गया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती देंगी। वह पिछली बार भी यहां से लड़ी थीं, लेकिन हार गई थीं। गाजियाबाद और नोएडा से मौजूदा सांसद क्रमशरू जनरल वी. के. सिंह और डॉक्टर महेश शर्मा चुनाव लड़ेंगे।

    अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री रहीं हेमा मालिनी इस बार भी मथुरा से चुनाव लड़ेंगी। मुजफ्फरनगर से संजीव बाल्यान बीजेपी उम्मीदवार होंगे, जिनके सामने महागठबंधन से आरएलडी चीफ अजित सिंह मैदान में हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अरुणाचल ईस्ट से और जितेंद्र सिंह ऊधमपुर से चुनाव लड़ेंगे।

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    नड्डा file photo

    अनंतनाग से सोफी यूसुफ और श्रीनगर से खालिद जहांगीर बीजेपी उम्मीदवार होंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जयपुर से चुनाव लड़ेंगे। पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष मेदिनीपुर से और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो आसनसोल से उम्मीदवार होंगे।

    कोलकाता नॉर्थ से राहुल सिन्हा और कोलकाता साउथ से सीके बोस चुनाव लड़ेंगे। ओडिशा में बीजू जनता दल छोड़ बीजेपी में आए बैजयंत जय पांडा केंद्रपाड़ा से चुनाव लड़ेंगे। भुवनेश्वर से अपराजिता सारंगी, धेनकनल से रुद्र नारायण पैनी, बालासोर से प्रताप सारंगी और बालांगीर से संगीता कुमार सिंह देव मैदान में होंगी। इस बार चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों में होंगे और वोटों की गिनती 23 मई को होगी।

    उत्तर प्रदेश, बंगाल और बिहार में सभी सात चरणों में वोटिंग होगी। पहले चरण में 11 अप्रैल को यूपी समेत 20 राज्यों की 91 सीटों पर वोटिंग होंगी, जिसके लिए नामांकन की आखिरी तारीख 25 मार्च है। 18 अप्रैल को दूसरे, 23 अप्रैल को तीसरे, 29 अप्रैल को चैथे, 6 मई को पांचवें, 12 मई को छठे और 19 मई को 7वें यानी आखिरी चरण के लिए वोटिंग होनी है।

    यूपी में इन सीटों के उम्मीदवार घोषित
    सहारनपुर- राघव लखनपाल
    मुजफ्फरनगर- संजीव बाल्यान
    बिजनौर- कंवर भारतेंदु सिंह
    मुरादाबाद- कंवर सर्वेश कुमार
    संभल- परमेश्वर लाल सैनी
    अमरोहा- कंवर सिंह तंवर
    मेरठ- राजेंद्र अग्रवाल
    बागपत- सत्यपाल सिंह
    गाजियाबाद- वीके सिंह
    गौतमबुद्धनगर- डॉक्टर महेश शर्माॉ
    अलीगढ़- सतीश गौतम
    मथुरा- हेमा मालिनी
    आगरा- एसपी सिंह बघेल
    फतेहपुर सिकरी- राजकुमार चहर
    एटा- राजवीर सिंह
    बदायूं- संघमित्रा मौर्य
    अनुला- धर्मेंद्र कुमार
    बरेली- संतोष गंगवार
    शाहजहांपुर- अरुण सागर
    खीरी- अजय कुमार मिश्र
    सीतापुर- राजेश वर्मा
    हरदोई- जय प्रकाश रावत
    मिसरिख- अशोक रावत
    उन्नाव- साक्षी महाराज
    मोहनलाल गंज- कौशल किशोर
    लखनऊ- राजनाथ सिंह
    अमेठी- स्मृति इरानी

    उत्तराखंड से प्रमुख उम्मीदवार
    टिहरी गढ़वाल- माया राजलक्ष्मी
    नैनीताल- अजय भट्ट
    हरिद्वार- आर. पी. निषाद
    अल्मोड़ा- अजय टम्टा