Category: national

  • सावधान,यहां 10 रु की दवा 100 रु में बिकती है

    [object Promise]

    गढ़वा : जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 20/2/2019 को ग्राम घुरूआ निवासी- पिंटू साव, पिता- स्वर्गीय भिखारी साव की तबीयत 9:00 बजे रात्रि में दवा के रिएक्शन से हो गई। जब मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझिआव पहुंचा तो डॉक्टर ने मरीज को एविल और डेक्सोना गोली लिखी । उसके बाद कम्पाउंडर के द्वारा कहा गया कि यहां उक्त दवा नहीं है। प्रसाद मेडिकल में जाइए दवा मिल जाएगी। वहां एविल ₹3.20 पैसे एवं डेक्सोना रुपए 6.74 पैसे अर्थात कुल 10 रु के बदले ₹100 दुकानदार द्वारा ले लिया गया।

    इस पर रानाडीह पंचायत मुखिया-कृष्णा दास ने कहा कि मैं मीडिया को इस बात की जानकारी दूंगा तो दुकानदार पुनः बुलाकर दवा मांग वापस लेकर पैसा वापस कर दिया। रोगी के परिजन सीताराम साहू गिलगिलाते रहे लेकिन दुकानदार द्वारा दवा नहीं नहीं दी गयी। इधर मरीज की हालत अत्यधिक खराब थी। इस बात की जानकारी दीए जाने पर कंपाउंडर ने बताया कि ₹10 की दवा ₹100 में दे रहा है यह तो बिल्कुल गलत है। कंपाउंडर अपने पास से फिर दवा दिया तब जाकर मरीज को कुछ राहत मिली। यह घटना 12:00 बजे रात्रि की है। मरीज की पर्ची की संख्या 296 है । जिस समय दुकानदार द्वारा यह कार्य किया गया उस समय वहां पर रानाडी ही पंचायत मुखिया- कृष्णा दास वार्ड सदस्य- उदय मेहता, सुरेंद्र साहू, योगेश शाह,छोटू साव सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे। बताते चलें कि दवा दुकानदार मनमानी तरीके से मरीजों से पैसों का वसूली कर रहे हैं ।गैरकानूनी तरीके से पैसों का वसूली करना उनकी फितरत है ।

    न मालूम इस प्रकार से कितने गरीब, मजदूर, बेसहारा रोगियों के साथ अन्याय होता रहा है।मुखिया- कृष्णा दास ने पदाधिकारी गण से अनुरोध पूर्वक कहा है कि ऐसे दुकानदारों के प्रति सख्त कानून करवाई होनी चाहिए,जिससे दवा दुकानदार इस प्रकार से किसी मरीज के साथ न कर सके।बताते चलें कि मझिआव रेफरल अस्पताल में प्रत्येक बीमारी का दवा होनी चाहिए।अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण गरीब मरीजों को बाहर से दवा मंगानी पड़ती है जहां की ₹10 की दवा ₹100 में बिकती है।

  • सुरक्षा बल अलर्ट, अलगाववादी नेता यासीन मलिक गिरफ्तार

    श्रीनगर ।  जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मलिक को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। जेकेएलएफ के प्रवक्ता ने आज सुबह बताया कि एक पुलिस टीम ने मलिक के मैसुमा स्थित आवास पर छापा मारा और उसे हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि मलिक की गिरफ्तारी का कोई कारण नहीं बताया गया। मलिक को फिलहाल कोठीबाग थाने में रखा गया है।

    गौर हो कि मलिक को पिछले छह माह के दाैरान दर्जनों बार गिरफ्तार किया गया। कुछ मामलों में उसे एक या दो दिन की हिरासत के बाद रिहा कर दिया गया तो कुछ अन्य मामलों में उसे केंद्रीय कारागार में रखा गया और अदालत से जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया।

    वहीं, गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में अर्द्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को भेजा है। हालांकि, गृह मंत्रालय के आदेश में इस बात का जिक्र नहीं है कि इतनी अधिक फोर्स की तैनाती क्यों की जा रही है, लेकिन कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 35ए पर 26 से 28 फरवरी के बीच सुनवाई है। इसमें कोई फैसला आ सकता है। इसके मद्देनजर ही सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।

  • विमान को हाइजैक करने की धमकी, सभी एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट

    नई दिल्ली। एयर इंडिया के मुम्बई नियंत्रण केन्द्र को शनिवार को एक फोन आया, जिसमें उसके विमान को हाइजैक करने की धमकी दी गई है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भड़के आक्रोश के बीच शनिवार को देश के सभी एयरपोर्टों को हाई अलर्ट कर दिया गया।

    मुंबई में एक एयरलाइन के ऑपरेशन सेंटर को फोन कर धमकी दी गई कि भारतीय कैरियर की एक फ्लाइट को हाइजैक कर लिया जाएगा। एक आधिकारिक नोट के मुताबिक नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने सभी एयरलाइन्स और सीआईएसएफ को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाने के आदेश दिये हैं।

    खास बात यह है कि फोन करने वाले ने कहा है कि प्लेन को हाइजैक कर पाकिस्तान ले जाया जाएगा। इसके फौरन बाद देश के सभी एयरपोर्टों की सुरक्षा और भी पुख्ता कर दी गई। इसमें प्लेन में सवार होने से पहले यात्रियों की सघन तलाशी और कार पार्किंग में जाने वाली गाड़ियों की व्यापक जांच भी शामिल है।

    धमकी भरा फोन एयर इंडिया के एयरपोर्ट ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को आया। फोन पर कहा गया कि एक भारतीय एयरलाइंस की फ्लाइट को हाइजैक कर पाकिस्तान ले जाया जाएगा। पुलवामा हमले के बाद से ही एयरपोर्टों पर सुरक्षा काफी चाक-चौबंद है।

    इसके बावजूद शनिवार को धमकी मिलने के बाद ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्यॉरिटी (BCAS) ने सभी एयरपोर्टों और एयरलाइन ऑपरेटरों के लिए दिशानिर्देश जारी किए। BCAS ने कहा है कि टर्मिनल और ऑपरेशन क्षेत्रों में जाने से पहले कड़ी जांच की जाए, एयरपोर्ट पर गाड़ियों की व्यापक तलाशी ली जाए।

    इसके साथ ही यात्रियों, स्टाफर, सामान, कैटरिंग आदि की कड़ी जांच की जाए। एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर अचानक की जाने वाली जांच बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है, जिसमें क्विक रिऐक्शन टीमों (QRT) की तैनाती शामिल है।

    हालांकि यह धमकी भरा फोन फर्जी या किसी की शरारत भी हो सकती है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में लेना नहीं चाहती हैं। ऐसे में वे सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पुलवामा हमले के बाद एयरपोर्टों की सुरक्षा पहले से ही कड़ी कर दी है। अब ताजा अलर्ट के बाद और ज्यादा सिक्यॉरिटी कड़ी की गई है।

  • अप्रैल तक देश के 12 करोड़ किसानों को मिलेगी किसान सम्मान निधि!

    [object Promise]

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों की पहली किस्त जारी होने शुरू हो गयी है। इस किस्त के अनुसार साल में किसानों को दी जाने वाली 6 रूपए की सालाना राशि की पहली किस्त किसानों को केंद्र सरकार से देनी शुरू हो गयी है। एक आंकड़े के तहत देश के कुल 12 करोड़ किसान इस योजना से लाभांवित होंगे। भाजपा शासित अधिकतर राज्यों ने अपने किसानों का डेटा भेज दिया है।

    योजना के तहत केंद्र सरकार पर सालाना 75 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। ये पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। लेकिन एक सवाल यह उठना स्वाभाविक है जो आंकड़े बताए जा रहे हैं उससे क्या देश में महज 12 करोड़ ही किसान हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली इस राशि से किसानों को कितनी लाभ होगी। जिसे विपक्ष ऊंट के मुंह में जीरा बताता है।

    फिलहाल 31 मार्च तक केंद्र सरकार के पास सभी पात्र किसानों का डेटा पहुंच जाएगा। किसानों का डेटा मिलने के बाद दूसरी किश्त भी अप्रैल के पहले सप्ताह में ही ट्रांसफर करने की योजना सरकार ने बनाई है। एक बार पूरा डेटा मिलने के बाद आसानी से सभी किसानों के अकाउंट में ये रकम तुरंत ट्रांसफर की जा सकेगी। इस तरह छोटे किसानों को 4 हजार रुपए की मदद मिल जाएगी। योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है। इसका एलान अंतरिम बजट में किया गया था। इस स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारी और इनकम टैक्स देने वाले पात्र नहीं होंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शुरू हुए इस किसान योजना के शुभारंभ मौके पीएम मोदी को लाइव सुनने के लिए सजीव प्रसारण किया गया। जहां किसानों ने पीएम की इस योजना के बारे में जाना। -योजना की राशि ट्रांसफर होते ही सभी किसान जिनके पास मोबाइल था उनके मैसेज बॉक्स में पीएम का लिखित संदेश प्राप्त हुआ। जिसमें लिखा हुआ था-आशा करता हूं की चार महीने पर मिलने वाली इस राशि से आपको खेती की जरूरतों में मदद मिलेगी। पीएम मोदी के ये संदेश हिन्दी में लिखे हुए प्राप्त हुए। जिसे पढ़कर किसानों ने खुशी जताई। कई किसानों ने बताया कि यह योजना गरीब किसानों के लिए थोड़ी राहत जरूर देगी।

    इस योजना के तहत छोटे किसानों के बैंक अकाउंट में केंद्र सरकार सालाना 6 हजार रुपए की रकम ट्रांसफर करेगी। इस रकम को 3 किश्तों में ट्रांसफर किया जाएगा। योजना की पहली सभी पात्र किसानों के खाते में 31 मार्च 2019 तक आ जाएगी। मॉनसून से पहले ये 4 हजार रुपए की मदद कई छोटे किसानों के लिए मददगार होगी। आमतौर पर किसानों को मॉनसून से पहले ज्यादा रकम की दरकार होती है। वो इस दौरान खाद, बीज और फसल बोने की तैयारी करते हैं।

    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पहले दिन ही 1 करोड़ से ज्यादा किसानों को रकम ट्रांसफर कर दी गई। पश्चिम बंगाल और कुछ कांग्रेस शासित राज्य केंद्र सरकार को छोटे किसानों का डेटा नहीं दे रहे हैं। इस कारण इन राज्यों के किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।

  • 12 करोड़ किसानों को पीएम मोदी ने जारी की ‘ किसान सम्मान निधि’ की पहली किस्त

    [object Promise]

    गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का उद्घाटन कर दिया। इसकी घोषणा बजट 2019 में की गई थी।

    इस स्कीम को सभी छोटे और कम जमीन वाले किसान परिवारों की मदद के लिए लॉन्च किया गया है। पीएम किसान स्कीम का उद्देश्य खेती और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में वित्तीय मदद देना है।

    [object Promise]
    12 करोड़ किसानों को पीएम मोदी ने जारी की ‘ किसान सम्मान निधि’ की पहली किस्त

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि चैंपियन ऑफ अर्थ और सियोल की शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया यह भारत का सम्मान है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि योेजना का शुभारंभ करने के लिए गोरखपुर की धरती को चुना इसके लिए हम आभारी हैं।

    उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि गोरखपुर खाद कारखाने का लगभग 60 प्रतिशत काम हमने पूरा कराया है। जिसे विपक्षी पार्टियों की सरकार के समय बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन ने किसानों का नुकसान किया। उन्होंने प्रदेश की कई चीनी मिलों को बंद कर दिया था।

    [object Promise]
    12 करोड़ किसानों को पीएम मोदी ने जारी की ‘ किसान सम्मान निधि’ की पहली किस्त

    सीएम ने कहा कि बस्ती और गोरखपुर मंडल में अगले महीने से दो चीनी मिलें कार्य करने लगेंगी। यहां चीनी के अलावा इथेनाल का भी निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले 2 एयरपोर्ट ही थे, अब 6 एयरपोर्ट काम कर रहे हैं।

    जल्द ही कुशीनगर एयरपोर्ट भी प्रारंभ हो जाएगा।कांडला से गोरखपुर तक 9000 करोड़ की गैस परियोजना की आधारशिला भी पीएम मोदी ने रखा। पीएम मोदी के साथ मंच पर सीएम योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ल, कलराज मिश्र भी मंच पर उपस्थित रहे।

    प्रधानमंत्री रविवार को गोरखपुर में नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। एम्स के आयुष विंग, पिपराइच चीनी मिल और बस्ती की मुंडेरवा चीनी मिल का लोकार्पण होगा। रेलवे की बाल्मीकि नगर विद्युतीकरण योजना और इलेक्ट्रिक लोको शेड का लोकार्पण प्रधानमंत्री को करना है।

    [object Promise]
    12 करोड़ किसानों को पीएम मोदी ने जारी की ‘ किसान सम्मान निधि’ की पहली किस्त

    प्रधानमंत्री जंगल कौड़िया से कालेसर बाईपास का लोकार्पण भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खाद कारखाना मैदान से ही पहली किस्त के दो-दो हजार रुपये किसानों के बैंक अकाउंट में भेजा। दो हेक्टेयर की भूमि वाले जिन किसानों का सत्यापन पूरा हो गया है, उन्हें पहली किस्त मिलेगी।

    [object Promise]
    12 करोड़ किसानों को पीएम मोदी ने जारी की ‘ किसान सम्मान निधि’ की पहली किस्त

    सत्यापन का काम जारी है। बचे किसानों के खाते में जल्द ही रकम भेजी जाएगी। गोरखपुर मंडल के करीब पांच लाख किसानों के खाते में रकम भेजी जाएगी।

  • श्रीनगर में 14 साल बाद BSF तैनात

    [object Promise]

    श्रीनगरकेंद्र सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद एक बार फिर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को श्रीनगर में तैनात करने का निर्णय लिया है। बीएसएफ को 14 साल बाद घार्टी में मोर्चा संभालने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है। केंद्र सरकार ने बीएसएफ की 100 अतिरिक्त कंपनियां जम्मू और कश्मीर बुलवा ली है। यह तैनाती बीएसएफ के जवानों को लोकसभा चुनाव से पहले नियमित अभ्यास के तहत दी गई है।

    विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले बीएसएफ को 2016 में घाटी में अशांति के समय अस्थायी तौर पर एक हफ्ते के लिए तैनात किया गया था, लेकिन उसे तुरंत वहां से हटा लिया गया था। पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति के बीच यह तैनाती की गई है। बीएसएफ की कश्‍मीर में तैनाती सीआरपीएफ की जगह हुई है। इसका मकसद घाटी में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करना है।

    अब बीएसएफ के जवान आईटीबीपी की कंपनियों के साथ मिलकर कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ की कंपनियों से स्थिर गार्ड ड्यूटी संभालेगी। पुलवामा हमले के बाद सरकार ने अलगाववादियों के खिलाफ भी बड़ा अभियान चलाया है और 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। इनमें जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर भी शामिल है। इस संगठन के मुखिया अब्दुल हमीद फयाज को भी हिरासत में लिया गया है।

  • कूड़े के पहाड़ को हटाने में मदद करेगा जापान

    [object Promise]

    नई दिल्ली। दिल्ली वासियों के लिए दुर्घटना और दुर्गंध के सबब बन चूके कूड़े के पहाड़ को लेकर एक खुशखबरी है और अगले दो सालों में दिल्ली वासियों को कूड़े के पहाड़ों से पूरी तरह से निजात मिल जाएगा। दरअसल दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी जी ने जानकारी दी है कि ईस्ट एमसीडी, दिल्ली न केवल कूड़े के पहाड़ों को हटाने की योजना बना रहा है बल्कि कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम करना भी शुरू दिया है। इनमें कूड़े के पहाड़ों को पार्क बनाने से लेकर ईंधन बनाने तक योजना शामिल है।

    तिवारी ने जानकारी दिया कि भलस्वा में कुड़े के दो पहाड़ों में एक को एक खास प्रकार के केमिकल का उपयोग करके मिट्टी का पहाड़ बनाया जा चुका है। एमसीडी ने वहां पर पेड़ भी लगाए हैं। इसके साथ ही दिल्ली स्थिति लगभग सभी कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए एमसीडी नए-नए प्रोजेक्ट पर कार्य रहा है। हम जापान की मदद से मुहल्ले से निकलने वाले कूड़े को भी हद तक मुहल्ले में ही नष्ट करने की तकनीकी पर विचार कर रहे हैं। अगर इस काम में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने हमारी मदद की तो अगलो दो साल में दिल्ली में कूड़े का कोई भी पहाड़ नहीं रहेगा।

    तिवारी ने इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बदले की भावना से विकास के कार्यों में अडंगा लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समस्या तब आती है जब दिल्ली की सरकार बदले की भावना से वेस्ट मैनेजमेंट के काम को रोकने का प्रयास करती है। कोई जब यह सोचकर किसी को काम नहीं करने देता है कि अगर ये काम हो गए तो हमारी राजनीति खत्म हो जाएगी। ये बहुत गलत बात है। किसी भी प्रदेश के मुखिया को बदले की भावना से कार्य नहीं करना चाहिए, लेकिन हमारा मकसद दिल्ली के विकास के साथ-साथ कूड़े की समस्या को भी पूरी तरह से खत्म करना है।

    तिवारी ने कहा कि अगले दो साल दिल्ली के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। हम इस बात के लिए लोगों को धन्यवाद देते हैं कि हमने जो दिल्ली की गलियों से कूड़े को कलेक्ट करने के लिए छोटे-छोटे वाहन लगा रखें है, लोगों को इस बात की पूरी जानकारी है कि हरी गाड़ी में किस तरह का कूड़ा डालना है और नीले में किस तरह का कूड़ा डालना है। अगर दिल्ली की जनता का सहयोग ऐसे ही मिलता रहा तो हम अगले दो सालों में दिल्ली से कूड़े के पहाड़ को पूरी तरह से खत्म करने में सफल हो जाएंगे।

  • Rahul Gandhi ने बनाई टास्क फोर्स, इसको लीड करेंगे रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा

    [object Promise]

    नई दिल्ली। पुलवामा हमले से पहले एनडीए और बीजेपी नेता जिस सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर शेखी बघारा करते थे उसी सर्जिकल स्ट्राइक की निगरानी करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुडा को राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी में शामिल कर लिया है और उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय सुरक्षा पर गठित टास्क फोर्स का मुखिया भी बना दिया है. राहुल गांधी के इस कदम को बीजेपी के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया जा रहा है।

    दरअसल, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक टास्क फोर्स गठित की है, जो देश के लिए विजन डॉक्युमेंट तैयार करेगी. खास बात यह है कि रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हुडा इस टास्क फोर्स को लीड करेंगे. वह विशेषज्ञों के समूह से विचार-विमर्श कर डॉक्युमेंट तैयार करेंगे। सर्जिकल स्ट्राइक के समय हुडा नॉर्दर्न आर्मी कमांडर थे। पार्टी के ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में बताया गया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर टास्क फोर्स गठित करने के लिए आज लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा (रिटायर्ड) से मुलाकात की, जो देश के लिए एक विजन पेपर तैयार करेंगे।

    कांग्रेस पार्टी ने सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में सौंपी है जब चुनाव की घोषणा होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पल रहे आतंकियों के खिलाफ 2016 में भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया था।

    इस ऑपरेशन में कई आतंकी मारे गए थे। केंद्र सरकार ने इसे जोर-शोर से प्रचारित भी किया. हालांकि रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हुडा ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के इतने प्रचार की जरूरत नहीं थी। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सर्जिकल स्ट्राइक के दो साल बाद तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डी एस हुडा ने कहा था कि इस हमले के इतना प्रचार की जरूरत नहीं थी. हुड्डा ने कहा था । मुझे लगता है कि इसका कुछ ज्यादा ही प्रचार किया गया. सेना का ऑपरेशन महत्घ्वपूर्ण था और हमें ऐसा करना ही था. पर इसका कितना राजनीतिकरण होना चाहिए था।

    यह कितना सही है या गलत यह बात राजनेताओं से पूछी जानी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को ‘जरूरत से ज्यादा तूल दिए जाने’ संबंधी सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुडा के बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था. उन्होंने दावा किया था कि पीएम मोदी ने सेना का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया और इस पर उन्हें कोई शर्म नहीं है।

  • अब असम में जहरीली शराब पीने से 69 लोगों की मौत

    गुवाहाटी।  असम के गोलाघाट और जोरहाट जिलों में गुरुवार से अब तक जहरीली शराब पीने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 69 से अधिक हो गयी है। शुक्रवार से शनिवार तक जोरहाट के तीताबोर अनुमंडल के बोरहोल्ला थानांतर्गत दो गांवों के 11 लोगों की जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मौत हो गयी।

    जहरीली शराब पीने के कारण पहली मौत हाल्मिरा चाय बगान में गुरुवार रात को हुुई थी जिसके बाद प्रारंभिक जांच में जहरीली शराब के सेवन का मामला सामने आया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीड़ितों ने एक विवाह समरोह में शराब पी थी जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गयी थी। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अपर असम की मंडलीय आयुक्त जूली सोनोवाल को गोलाघाट मामले की जांच के आदेश दिये हैं।

    जोरहाट मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिये गये हैं। गोलाघाट मामले में एक अलग विभागीय जांच के भी आदेश दिये गये हैं और आबकारी विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हिमंत विश्वास शर्मा स्थिति के आकलन के लिए आज जोरहाट पहुंचे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री तपन कुमार गोगोई, सांसद कामाख्या प्रसाद तासा और विधायक मृणाल सैकिया कल वहां पहुंचे थे।

  • आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान में टमाटर के दाम 200 रुपये पहुंचे, मचा हड़कंप

    [object Promise]

    नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद भारत की घेरेबंदी ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है. भारत ने दुश्मन देश को सब्जियां और फल भेजने से मना कर दिया है तो भारतीय व्यापारियो ने पाकिस्तान का कपड़ा, सीमेंट और छुआरे लौटा दिए हैं. हर रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है, जिसके बाद पाकिस्तान की आर्थिक तौर पर कमर टूट गई है. भारत की तरफ से की गई आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान का दम निकलने लगा है।

    पुलवामा अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान को जोरदार झटका देते हुए के मोस्ट फेवरड नेशन का दर्जा छीन लिया. इसके अलावा पाकिस्तान से आने वाले सामानों पर 200 फीसदी का आयात शुल्क भी लगा दिया है, जिसके बाद करोड़ों का माल पाकिस्तान के गोदाम, ट्रक और बाघा बोर्डर पर पड़े-पड़े सड़ रहा है। हमारे जवानों की शहादत के बाद भारत ने पाकिस्तान को टमाटर भी भेजने बंद कर दिए हैं, जिसके बाद पाकिस्तान में टमाटर के दाम 200 रु किलो तक पहुंच गया है. आलम ये है कि पाकिस्तान के लोगों की थालियों से टमाटर गायब हो गया है।

    अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तो पाकिस्तान की किरकिरी हो ही रही है. पाकिस्तान में उनके व्यापार बंद होने का भी असर दिखने लगा है. चैतरफा घिरे पाकिस्तान के भारत के बॉर्डर पर करोड़ों रु बर्बाद हो रहे हैं. चमड़ा, सीमेंट, कपड़ा सब व्यापार ठप हो गया है तो पाकिस्तानी थालियों से टमाटर और मिर्ची गायब होने लगी है। जाहिर है भारत की आर्थिक नाके पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान के लिए टेंशन बन गई है।

    जंग से पहले ही पाकिस्तान ने हार मान ली है. दरअसल इसकी वजह ये है कि पाकिस्तान को हर मोर्चे पर शिकस्त का सामना करना पड़ रहा है. आर्थिक मोर्चे पर तो पाकिस्तान की कमर टूट ही रही है। अब उसके प्यासा मरने की नौबत भी आ गई है। पाकिस्तान जान गया है कि देर सबेर भारत सिंधु समझौता रद्द कर देगा और उसकी नल बंद हो जाएंगी. ऐसे में पाकिस्तान की सरकार में तो हड़कंप मचा ही है। पाकिस्तान का मीडिया भी चीत्कार रहा है।

    भारत के सख्त कदम से पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. पाकिस्तान की सरकार के साथ-साथ वहां के मीडिया में भी घबराहट साफ-साफ दिखाई दे रही है। पाकिस्तान के न्यूज चैनल में आतंकी मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ आवाज उठ रही है. कहा जा रहा है कि सरकार इन आतंकियों के लिए पूरे देश को खतरे में डाल रही है।