Category: national

  • पत्नी ने सैल्यूट कर दी श्रद्धांजलि, 10 माह पहले शहीद मेजर विभूति की हुई थी शादी

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    देहरादून। शहीद चित्रेश बिष्ट को सोमवार सुबह नेहरू कॉलोनी में अंतिम विदाई देने लोग जुट ही रहे थे कि दून के एक और लाल के शहीद होने की खबर से पूरा शहर सन्न रह गया. डंगवाल रोड के रहने वाले मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल पुलवामा में रविवार रात हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए. शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को आज अंतिम विदाई दी जा रही है.उनकी शादी को दस महीने ही हुए थे।

    पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड राशिद गाजी को घेरने के ऑपरेशन के दैरान शहीद हुए मेजर विभूति की अंतिम विदाई में सेना के आला अधिकारियों और अन्य लोगों ने यहां उन्हें श्रद्धांजलि ।

    बता दें कि मेजर विभूति ढौंडियाल का पर्थिव शरीर सोमवार की देर शाम देहरादून स्थित उनके घर पर पहुंच गया था. सेना के जवानों के कंधे पर तिरंगे से लिपटे ताबूत में घर पहुंचे बेटे को देखकर परिजन बिलख पड़े. सुबह से जहां सन्नाटा पसरा था, वहां एकाएक कोहराम मच गया. वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए. शहीद के अंतिम दर्शनों के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई।

    तीन बहनों में सबसे छोटे 34 साल के मेजर विभूति की शादी पिछले साल ही 19 अप्रैल को हुई थी। पत्नी निकिता कौल ढौंडियाल दिल्ली में बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी करती हैं. पिता ओपी ढौंडियाल का निधन 2015 में हो चुका है. इसके बाद से मां सरोज ढौंडियाल बीमार रहने लगी हैं. दो बहनों की शादी हो चुकी है. तीसरी बहन की शादी नहीं हुई है. वह दून इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षिका हैं।

    मेजर विभूति ढौंडियाल का परिवार मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के बैजरों के पास ढौंड गांव का रहने वाला है. विभूति के दादा केएन ढौंडियाल 1952 में दून आकर बस गए थे. विभूति के पिता और दादा दोनों ही राजपुर रोड स्थित एयरफोर्स के सीडीए कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे।

    शहीद मेजर की पत्नी निकिता कौल ढौंडियाल सप्ताहांत पर ससुराल आती थीं. सोमवार सुबह भी वह ट्रेन से वापस ड्यूटी पर लौट रही थीं. ट्रेन मुजफ्फरनगर ही पहुंची थी कि आर्मी हेडक्वार्टर से उन्हें फोन पर यह दुखद सूचना मिली। इधर, दून इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ा रही बहन को स्कूल के ही एक कर्मचारी ने टीवी पर चल रही खबर के बारे में बताया. वह क्लास छोड़कर वापस घर पहुंचीं तो घर के बाहर काफी लोग खड़े थे. हालांकि, मां और दादी को इसकी सूचना नहीं दी गई।

  • भारत के समर्थन में आया चीन , पाकिस्तान का छोड़ा साथ

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    नई दिल्ली।चीन की चालाकी को देखकर कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन चीनी दूतावास ने एक और बयान जारी करते हुए पुलवामा की घटना की भर्त्सना की है.। पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर एक के बाद एक दुनिया के देश पाकिस्तान से दूरी बनाने लगे हैं। इस समय चीन को ही पाकिस्तान का सबसे बड़ी सहयोगी कहा जा रहा है, लेकिन शुक्रवार के बाद शनिवार को भी चीन ने जिस तरह से भारत के पक्ष में बयान दिया है, उससे साफ है कि वह भी पाकिस्तान का साथ छोड़ना चाहता है।

    चीन भले ही आतंकवादी मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखाई दे रहा हो, लेकिन वह भारत से भी संबंध खराब नहीं करना चाहता. इसके अलावा वह यह भी देख रहा है कि जिस तरह से दुनिया के करीब 50 देशों से भारत को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में पाकिस्तान से दूरी बनाना ही सही होगा। इसी कड़ी में भारत में चीनी दूतावास ने एक और बयान जारी किया  है.।  चीन की चालाकी को देखकर कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन चीनी दूतावास ने एक और बयान जारी करते हुए पुलवामा की घटना की भर्त्सना की है.।बयान में चीन के विदेश मंत्री वांग ई को कोट करते हुए कहा गया कि चीन ने पुलवामा की घटना की भर्त्सना की है. इसमें यह भी कहा गया कि आतंक पूरी मानवता का दुश्मन है और इससे सबों को मिलकर लड़ने की ज़रूरत है.।

    कल से आज तक भारत ने करीब 50 देशों के राजनयिकों को पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान के संलिप्तता की जानकारी दी है. सूत्र बताते हैं कि जिन देशों ने अभी तक घटना की भर्त्सना नहीं की है, उनसे भी भर्त्सना करने का आग्रह किया गया है. ऐसे में पाकिस्तान के सबसे बड़े सहयोगी चीन को भी लग रहा है कि आतंकवाद के साथ खुद को खड़ा करना आर्थिक तौर पर सही नहीं होगा।

    आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए. जैश-ए-मोहम्मद का सरगना आतंकी अजहर मसूद है और वह पाकिस्तान में बैठा है. पाकिस्तान की मीडिया ने भी इस हमले के बाद यह साफ कर दिया कि वहां की सरकार मसूद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि उसका संगठन भारत में इतने बड़े हमले को अंजाम देता है।

  • पुलवामा हमले पर एक्शन: जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा सरकार ने वापस ली

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    पुलवामा में सीआरपीएफ के बस पर हुए आत्मघाती हमले के बाद एक्शन में आई सरकार ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाते हुए कश्मीरी अलगाववादियों को मिली सुरक्षा छीन लेने का फैसला किया है।

    इन अलगाववादी नेताओं में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीरवाइज़ उमर फारूक, अब्दुल ग़नी बट्ट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी, शब्बीर शाह शामिल हैं। सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, इन अलगाववादियों को मुहैया कराई गई सुरक्षा और दूसरे वाहन आज शामिल से वापस ले लिए जाएंगे। इसमें कहा गया है, किसी भी अलगाववादी को सुरक्षाबल अब किसी सूरत में सुरक्षा मुहैया नहीं कराएंगे।
    अगर उन्हें सरकार की तरफ से कोई अन्य सुविधा दी गई है, तो वह भी तत्काल प्रभाव से वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही अब पुलिस मुख्यालय किसी अन्य अलगाववादियों को मिली सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगा और उसे भी तत्काल वापस ले लिया जाएगा।

  • शहीद सैनिकों को दी गयी श्रद्धांजलि साथ में किया गया यज्ञ

    दिल्ली। पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए तथा शहीदों  की आत्मा की शांति के लिए एक यज्ञ का आयोजन इस्ट पार्क रोड, अजमल खां पार्क, करोल बाग में रविन्द्र गुप्ता महामंत्री भारतीय जनता पार्टी दिल्ली  प्रदेश के निवास पर किया गया। इस यज्ञ में भारत माँ के सपूतों के लिये 7 अलग-अलग कुंड बनाकर दिल्ली के हजारों नागरिकों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी आहुति दी।

    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के नेता सदन तिलक राज कटारिया अनिल शर्मा नई दिल्ली भाजपा जिलाध्यक्ष एवं अनेकों वरिष्ठ कार्यकर्ता तथा समाज के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने उपस्थिति द्वारा शहीद सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • Army Warning- आतंकियों से जुड़े बच्चों से मां-बाप कराएं सरेंडर, वरना मौत के घाट उतार देंगे

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    नई दिल्ली। सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुलवामा हमले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. उन्होंने इसमें चेतावनी दी है कि जो भी आतंकियों से जुड़ गए हैं उन्हें साफ कर दिया जाएगा। साथ ही कहा है कि मां-बाप आतंकियों से जुड़े अपने बच्चों को सरेंडर करने के लिए कहें वरना हर बंदूक उठाने वाले को मार गिराया जाएगा।

    मंगलवार को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुलवामा हमले और पुलवामा एनकाउंटर के बाद एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय आर्मी के 15 कॉर्प्स के जीओसी केजेएस ढिल्लन ने कहा, ‘मैं आपको जानकारी देना चाहता हूं की पुलवामा आतंकी हमला होने के 100 घंटे से भी कम में हमने घाटी के जैश-ए-मोहम्मद लीडर को मार गिराया है जो पाकिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद द्वारा चलाया जा रहा था।

    उन्होंने कहा कि जिन भी लोगों ने बंदूक उठाई है उन्हें मार गिराया जाएगा. साथ ही कहा कि परिवारों से अपील है कि अपने बच्चों को सरेंडर करने को कह दें नहीं तो सभी को साफ कर दिया जाएगा। 14 फरवरी को जिस तरह के कार बम से हमला हुआ ऐसा कश्मीर में बहुत समय बाद हुआ था. हमारे पास बम के बारे में जानकारी है लेकिन अभी इसे साझा नहीं कर सकते हैं क्योंकि जांच जारी है।

    हम इस तरह के हमले से निपटने के लिए हर तरह के विकल्प खुले रखेंगे. उन्होंने कहा, ‘ब्रिगेडियर हरदीप सिंह जो चोट के कारण छुट्टी पर थे उन्होंने अपनी छुट्टियां बीच में खत्म की और अपनी मर्जी से ऑपरेशन की साइट पर पहुंचे और अपने जवानों को लड़ाई में मार्गदर्शित किया।

    सीआरपीएफ के जुल्फिकर हसन ने कहा, ‘हमारी हेल्पलाइन 14411 इस हमले के मद्देनजर देश भर में कश्मीरियों की मदद कर रही है. कई कश्मीरी छात्रों ने पूरे देश में मदद के लिए इस हेल्पलाइन से संपर्क किया है.।

    दूसरे राज्यों में पढ़ने वाले सभी कश्मीरी बच्चों की सुरक्षा बलों द्वारा देखभाल की गई है.’ उन्होंने कहा, ‘ये हमला एक आईईडी लाडेन आम कार के कारण हुआ है. आरओपी ने हाईवे सुरक्षित कर दिया है. अब आम गाड़ियों पर एसओपी बदला जाएगा।’

    आईजीपी कश्मीर एसपी पानी ने कहा, ‘भर्ती में बहुत ज्यादा गिरावट आई है. हमने पिछले तीन महीनों में कोई भर्ती नहीं देखी है. परिवार इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. हम परिवारों और समुदाय से आग्रह करना चाहते हैं कि वे भर्ती में भाग लें।

  • पीएम मोदी जाएंगे अमेठी , खोलेंगे योजनाओ का पिटारा, देंगे ये बड़ा तोहफा

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    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी को अमेठी का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान पीएम यहां पर कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। 27 फरवरी को पीएम यहां मुंशीगंज स्थित एचएल मे ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में नई तकनीकि से बनने वाली एके-103का शिलान्यास करेंगे।

    बीजेपी जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है. कल तक सभा स्थल का भी चयन कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमेठी में अब तक जो विकास हुआ है, उसको और गति देने के लिए प्रधानमंत्री योजनाओ का पिटारा खोलेंगे. अमेठी के मुंशीगंज स्थित आर्डिनेंस फैक्टी में अब एके-103 तैयार की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि इसके लिए ऑर्डिनेंस फैक्टी में नई यूनिट लगाई जाएगी. यह प्रोडक्ट पूरी तरह से मेक इन इंडिया कार्यक्रम पर आधारित होगा।लोकसभा चुनाव को देखते हुए पीएम का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है. अमेठी कांग्रेस का गढ़ है और वर्तमान समय में राहुल गांधी यहां से सांसद हैं. हालांकि 2014 के चुनाव में बीजेपी की तरफ से स्मृति इरानी ने राहुल को कड़ी टक्कर दी थी. पिछले चुनाव में स्मृति ने राहुल के पसीने छुटा दिए थे, लेकिन चुनाव हार गईं थीं।

    चुनाव हारने के बाद भी उन्हें मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री का पद दिया गया और वो लगातार अमेठी का दौरा करती रहती हैं.   केंद्र की यूपी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मुंशीगंज स्थित हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के पास स्थापित ऑर्डिनेंस फैक्टरी में जल्द ही एके-47 की तीसरी पीढ़ी की असाल्ट राइफल एके-103 तैयार की जाएगी.मोदी सरकार और रूस सरकार के करार को पूरा करने की जिम्मेदारी अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्टरी और रूस की कलाश्निकोव कंसर्न को दी गई है. करार में अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्टरी में नई यूनिट लगाने की बात कही गई है. यह भी तय हुआ है कि पहले चरण में 7.47 लाख एके-103 राइफल तैयार की जाएगी।

  • भारत ने पाकिस्तान PM को लताड़ा, मुखिया मसूद लेता है हमले की जिम्मेदारी, पाक मांगता है सबूत

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    नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद पहली बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मीडिया के सामने आए और सफाई देने में जुट गए. हालांकि उनके बयानों को देखकर साफ लग रहा था कि वह एक रटा-रटाया भाषण दे रहे थे. इमरान पर पलटवार करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का खात्मा नहीं करेगा, उससे कोई बात नहीं होगी. इसी के साथ इमरान के सबूत देने के बयान पर भी भारत ने करारा जवाब दिया है।

    भारत ने साफ कहा है कि इमरान को पुलवामा हमले के क्या सबूत चाहिए. उनको पता होना चाहिए कि हमले के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने खुद वीडियो जारी करके इसकी जिम्मेदारी ली थी. जैश-ए-मोहम्मद वह आतंकी ग्रुप है, जिसका मुखिया मसूद अजहर है और वह पाकिस्तान में खुलेआम घुमता है. इमरान पुलवामा हमले में हमसे सबूत मांगते हैं, लेकिन एक बार भी जैश-ए-मोहम्मद का नाम नहीं लेते. क्या उनको पता नहीं कि जैश पाकिस्तान में बैठकर आतंकियों को पैदा कर रहा है. इमरान खुद बताएं कि वह जैश-ए-मोहम्मद के खिलााफ क्या कर रहे हैं।

    इसी के साथ भारत ने कहा कि हमने 26/11 के सबूत पाकिस्तान को दिए थे, लेकिन उनपर 10 साल के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद मोदी सरकार ने पठानकोट हमले में भी पाक सरकार को सबूत दिए और वहां की जांच एजेंसियों को भी बुलाया. इस मामले में भी पाकिस्तान ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. पाकिस्तान बार-बार सबूत की मांग करता है, लेकिन आतंक और आतंकियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाता. पाकिस्तान इस तरह की बात करके सिर्फ गोल-गोल घुमाने की कोशिश करता है।

    आपको बता दें कि इमरान खान ने पुलवामा हमले के 5 दिन बाद भारत पर उकसावे का आरोप लगाते हुए यह कहा कि अगर भारत सबूत दे तो वह आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद करेगा।

  • न्यू इंडिया में भ्रष्टाचारी व बेईमान को जगह नहीं : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में डीएलडब्लयू से देश को विशिष्ट रेल इंजन की सौगात देने के बाद संत रविदास मंदिर में जाकर दर्शन पूजन भी किया। इसके बाद बीएचयू में कैंसर अस्पताल का लोकार्पण करने के बाद उन्होंने औढ़े का रुख किया। जहां पर 3300 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

    पीएम नरेंद्र मोदी ने औढे वाराणसी में जनसभा में भारत माता की जय के साथ अपना संबोधन शुरू किया। इसके बाद कहा कि काशी के अपने सभी बंधु बहिनी लोगन के प्रणाम बा। हम सभी के आराध्य बाबा विश्वनाथ के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम। हम हर महादेव। काशी के मेरे प्यारे भाइयों बहनों। सबसे पहले मैं पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद काशी के वीर सपूत रमेश यादव को श्रद्धांजलि देता हूं। उनके साथ काशी की जनता है। प्रतिनिधि होने के नाते आप सभी की भावनाओं का भी प्रतिनिधि हूं। अपनी जान न्योछावर करने वालों का कर्ज हमेशा रहेगा। उनका कर्ज चुकाने के लिए बाबा विश्वनाथ और मां गंगे से और आपसे आशिर्वाद मांगने आया हूं।

    स्वावलंबन के प्रतीक छत्रपति महराज की जयंती भी है। पूरे राष्ट्र को शुभकामनाएं। उन्होंने वह राह दिखाई जिससे हमारे देश का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा कि आज काशी में तीन हजार करोड से अधिक परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है। डीरेका, सीर, बीएचयू में परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास किया। यहां भी सामान्य नागरिकों के जीवन को सरल और सुगम बनाने वाली परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है। इसकी सभी को बधाई। काशी को नए भारत का नई उर्जा का केंद्र बनाने में हम सफल हुए हैं। ऐसे इंजन को हरी झंडी दिखाने का मौका मिला जो डीजल से चलता था अब बिजली से चलेगा। अब नए इंजन की ताकत भी डबल हो जाएगी। यह काम डीरेका में पहली बार हुआ है। पूरी दुनिया में ऐसा प्रयोग पहली बार हुआ।

    मेक इन इंडिया के प्रयोग से भारतीय इंजीनियरिंग का लोका मनवाया है। रेलवे को और सशक्त और गति बढाने में मदद मिलेगी। डिजाइन और निर्माण से जुडे लोगों को बधाई देता हूं। यह काम मेरी काशी और आपके बीच हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि संत रविदास जी के आशीर्वाद से न्यू इंडिया में बेईमानी के लिए, भ्रष्ट आचरण के लिए कोई स्थान नहीं। ईमानदारी से जो आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए हमारी सरकार कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी मिलेगी। हम सभी भाग्यशाली हैं, जिन्हें गुरुओं, संतो और ऋषियों-मुनियों का मार्गदर्शन मिला। गुरुओं का ये ज्ञान और महान परम्परा ऐसे ही हमारी पीढ़ियों को रास्ता दिखाती रहे, इसके लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। साथ ही पीएम ने कहा कि, बेनामी संपत्ति और कालेधन के खिलाफ हमारी लड़ाई और नोटबंदी से दूरगामी नतीजे निकले हैं

    । उन्होंने कहा कि रेल की सूरत और सीरत बदलने का काम चार वर्षों में हुआ है। देश में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। इससे जुडी कई चिटठी आई है। दशकों बाद ही सही मगर देश को विश्व स्तर की ट्रेन मिली है। इसका कुछ लोगों की ओर से मजाक बनाया गया है। लोग आहत हैं। मजाक उडाने की मानसिकता से देश के नागरिक नौजवान को सतर्क रहने की जरूरत है। बताइए वंदे भारत बनाने वाले इंजीनियरों से हमारा माथा ऊंचा हो रहा है। उनका अपमान करना उचित है क्या। क्या ऐसे मजाक उड़ाने वालों को माफ किया जा सकता है। उनको सजा मिलनी चाहिए कि नहीं। ऐसे दौर में जब राष्ट्र निर्माण में जी जान से जुटे हैं तो नकारात्मकता से घिरे इन लोगों से निराश होने की जरूरत नहीं है।मैं इंजीनियरों, टेक्निशियनों की मेहनत को नमन करता हूं। कल आप भारत में बुलेट ट्रेन बनाएंगे। आपके परिश्रम का परिणाम है कि रेल पटरियों को बिछाने और दोहरीकरण का काम दोगुनी गति से हो रहा है।

    प्रयागराज और काशी के बीच भी काम पूरा हुआ है। मंडुवाडीह, लोहता भदोही और भदोही जंघई का दोहरीकरण हुआ है। स्टेशन पर भी विकास आप अनुभव कर रहे हैं। सडकों के प्रोजेक्ट पर काम हो चुका है या आज शुरुआत हो रही है। पंचक्रोशी मार्ग भी अब सेवा के लिए तैयार है। सडक रेलवे के काम बनारस और आसपास हो रहे हैं इससे आवाजाही हो रही है उससे किसान व्यापारी को भी लाभ हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि बीएचयू को भी महामना के सपनों के मुताबिक शिक्षा और स्वास्थ का केंद्र बनाने की ओर अग्रसर हैं। सौ वर्षों के इतिहास पर डाक टिकट जारी हुआ है। बीएचयू में केंद्रीय अन्वेषण केंद्र, सुपर कंप्यूटिंग सेंटर परम शिवाय की शुरुआत से मिशन को गति मिलेगी। भविष्य के लिए भी बाबा की भूमि शिक्षा देने वाली है। आज जिन दो बहुत बडे कैंसर अस्पतालों का लोकार्पण हुआ उसमें एक बीएचयू और दूसरा लहरातारा में है। दस महीनों में बना है।

    लहरातारा में जो केंद्र बना है वहां आधुनिक मशीन भी लगी है। पूर्वांचल में कैंसर के मरीजों को उपयुक्त इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाना होता था। अब बनारस में कैंसर का इलाज हो सकेगा। बिहार, झारखंड और मप्र के लोगों को लाभ मिलेगा। पांडेयपुर में मजदूरों के लिए ईएसआईसी अस्पताल का लोकार्पण किया गया है। गरीब परिवारों के लिए लाभ होगा।आयुष्मान भारत से पांच लाख का इलाज फ्री मिलेगा। एक करोड बीस लाख परिवार हैं। जिसमें हजारों परिवार को लाभ मिल चुका है। आपने देखा होगा पहले दस साल में कर्ज माफी का ढिंढोरा देता था मगर उसमें भी लोगों को लाभ नहीं मिलता था। अब साढे सात लाख करोड़ रुपया सीधा किसानों के खाते में जा रहा है। इससे लगभग सवा दो करोड़ गरीब किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे किसान परिवार को साहूकार के पास नहीं जाना होगा। देश विकास के दो पटरियों पर दौड़ पा रहा है जब काशी प्रदेश और देश में मजबूत सरकार के लिए वोट दिया था।

    आप यहां बनारस में भी देख रहे हैं जिनका शिलान्यास किया उनको पूरा कर आपको समर्पित किया जा रहा है। आपको बहुत बहुत बधाई। आशिर्वाद देने आए आपको बहुत बहुत आभार। भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत है। पीएम मोदी एक बार फिर विभिन्न योजनाओं के साथ गरीबों,किसानों, नौजवानों, दिव्यांगों और नागरिकों को सौगात देने के लिए आए हैं। उत्तर प्रदेश शासन और काशी वासियों की ओर से पीएम का स्वागत करता हूं। विगत माह पीएम के मार्ग दर्शन में काशी में पंद्रहवां प्रवासी भारतीय दिवस संपन्न किया। काशी की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया से आए सात हजार प्रवासी भारतीयों ने अपनी आंखों ने देखा है। काशी सैकड़ों वर्षों से विकास को तड़प रही थी। काशी ने यहां सांसद पीएम नरेंद्र मोदी को चुना और सफल आयोजन हुआ तो बदलती हुई काशी को लोगों ने देखा। हम सब जानते हैं प्रयागराज में वर्तमान में कुंभ का आयोजन चल रहा है। हम सब जान सकते हैं गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए काम हुआ है। हर भक्त आभास करता है।औढ़े में आयोजित जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय ने भारत माता की जय के नारे के साथ संबोधन शुरू किया।

    उन्होंने कहा कि आज भारत के साथ ही विश्व भी आतंकवाद के खिलाफ उमड़ पड़ा है। पूरा विश्व पीएम मोदी के प्रयास को देख रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी का मतलब मैन आफ डेवलपिंग इंडिया है।रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि मैं पीएम मोदी का स्वागत करता हूं, उनके साथ काशी भी बम बम बोल रहा है। अनेक योजनाओं का पीएम ने लोकार्पण किया है। कई योजनाओं का यहां भी लोकार्पण करेंगे। रेलवे की परियोजनाएं भी इसमें शामिल हैं। यह सरकार शिलान्यास भी करती है और लोकार्पण भी करती है। मंडुवाडीह स्टेशन का नाम बनारस नाम किया जाए, यह काशी की इच्छा है। नई दिल्ली और मुंबई की सुविधाएं वाराणसी में उपलब्ध हो रही हैं। पूर्वांचल की जनता पीएम के साथ खड़ी है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत रविदास मंदिर प्रांगण में सीर गोवर्धन में छोटी सभा में रैदासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परम पूज्य संत रविदास जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। सद्भाव, समानता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए उन्होंने जो अनमोल एवं अमिट संदेश दिया, वह हमें सदा प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक भेदभाव रहेगा, हम एक दूसरे से नहीं जुड़ पाएंगे, समाज में समता नहीं आएगी।
    जिसकी मांग आप दशकों से कर रहे थे जिसकी आवश्यकता महसूस हो रही थी। सरकारें आती रहीं मगर आशा पूरी नहीं हुई। उसे पूरा करने की ओर आज शुभ शुरुआत हुई है। पहले चरण में 50 करोड से विस्तारी करण और सुंदरीकरण की गई। बीएचयू से सड़क को सजाया संवारा जाएगा। यहां पर 12 किमी का एक और रास्ता बनेगा। गुरु की कांसे की प्रतिमा और कम्यूनिटी हाल बनेगा। परियोजना पूरी होने के बाद आने वाले लाखों लोगों को सारी सुविधा एक जगह मिलेगी।

    संत की जन्म स्थली करोडों लोगों के लिए आस्था का विषय है। नोटबंदी, बेनामी संपत्ति, काले धन पर वार किया गया है। भारत में यह चलता है इस तरह की मानसिकता थी। बेइमानी के लिए भ्रष्ट आचरण के लिए कोई स्थान नहीं। जो अपने श्रम से आगे बढना चाहता है सरकार उसके साथ खडी मिलेगी। हाल में आपने देखा होगा जो ईमानदारी से कर देते हैं ऐसे करोडों मध्यम वर्ग के साथियों को पांच लाख की आय तक कर मुक्त कर दिया गया है। ईमानदारी का सम्मान किया जा रहा है। हम सभी भाग्यशाली हैं जिनकों संतों का मार्ग दर्शन मिला है। गुरुओं का ज्ञान महान परंपरा पीढियों को रास्ता दिखाती रहे इसका प्रयास हो रहा है

    । मगहर, सारनाथ में पवित्र स्थानों को समृद्ध किया जा रहा है। गुरुनानक देव की स्मृतियों को भी संरक्षित किया जा रहा है। सबको सम्मान मिले इसके लिए सरकार समर्पित है। हमारी धरोहर शक्ति और प्रेरणा है। आप सभी को जयंती की बहुत बहुत शुभकामनाएं। गुरु के चरणों में नमन और वाणी को विराम देता हूं।डीरेका पहुंचे पीएम मोदी ने डीरेका कार्यशाला का निरीक्षण कर 10000 हार्सपावर के परिवर्तित लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाई। यहां उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल राम नायक भी रहे।

  • Bollywood Sting : वाह रे बॉलीवुड, पैसा लेकर कुछ भी करने के लिए तैयार!

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    नई दिल्ली। एक स्टिंग ऑपरेशन ने बॉलीवुड के उन तमाम अभिनेताओं के चेहरे से नकाब उतारकर फेंक दिया है जो पैसे के लिए किसी भी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहते हैं। इसमें बॉलीवुड के कलाकारों की एक लंबी फेहरिस्त शामिल है। जोआज के समय में मौजूद तमाम सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर किसी भी राजनीतिक पार्टी के पक्ष में प्रचार करने के लिए तैयार हैं। इनमें बॉलीवुड की तमाम वो हस्तियां शामिल हैं जो अपने में कभी सुपर स्टार हुआ करती थीं। इसमें अभिनेता, अभिनेत्री, गायिका आदि हस्तियां शामिल हैं। समाचार एजेंसी ने जिन लोगों का स्टिंग ऑपरेशन के जरिए खुलासा किया है उनमें राखी सावंत, अमन वर्मा, हितेन तेजवानी और उनकी पत्नी गौरी प्रधान, एवलीन शर्मा, मिनिषा लाम्बा, कोइना मित्रा, पूनम पांडेय, सनी लेओने, कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, सुनील पाल, राजपाल यादव, उपासना सिंह, कृष्णा अभिषेक, विजय ईश्वरलाल पवार यानि वीआईपी, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य और डांसर-एक्टर संभावना सेठ।

    नामों की सूची यहीं पर खत्म नहीं हो जाती है, इनमें पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य, कैलाश खेर, मीका सिंह, बाबा सहगल, अभिनेता जैकी श्रॉफ, शक्ति कपूर, विवेक ओबेरॉय, सोनू सूद, अमीषा पटेल, महिमा चौधरी, श्रेयस तलपड़े, पुनीत इस्सर, सुरेंद्र पाल, पंकज धीर और उनके पुत्र निकितिन धीर, टिस्का चोपड़ा, दीपशिखा नागपाल, अखिलेन्द्र मिश्रा, रोहित रॉय, राहुल भट, सलीम ज़ैदी जैसे कलाकार शामिल हैं।

    आपके ये चहेते कलाकार गुपचुप तरीके से पैसे लेकर किसी भी पार्टी के अजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहते हैं। समाचा एजेंसी ने यह स्टिंग ऑपरेशन करके यह खुलासा किया है किस तरह मनोरंजन जगत के नामी-गिरामी सेलिब्रिटीज पैसे लेकर किसी भी राजनीतिक दल का प्रचार सोशल मीडिया पर कर सकते हैं।

    समाचार एजेंसी के संवाददाताओं ने अपना अजेंडा बताते हुए उपरोक्त तमाम बॉलीवुड के कलाकारों को बताया कि आपको अपने फेसबुक, ट्विटर और इन्स्टाग्राम अकाउंट के जरिये एक राजनीतिक पार्टी को प्रोमोट करना है ताकि आने वाले 2019 के चुनावों से पहले पार्टी के लिए माकूल माहौल तैयार हो सके। हम आपको हर महीने अलग-अलग मुद्दों पर कंटैंट यानि सामाग्री देंगे, जिसे आप अपने शब्दों और शैली में लिखकर अपने फेसबुक, ट्विटर और इन्स्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट करेंगे। आपके और हमारे बीच आठ-नौ महीने का एक दिखावटी करार होगा।

    यही नहीं जब पार्टी किसी मुद्दे पर घिर जाए तो आपको ऐसे मौकों पर पार्टी का बचाव भी करना होगा। किन वैबसाइट पर प्रिंट स्टोरी में हमने 11 फ़रवरी 2019 तक के अपडेट आंकड़े दिए है।

    आप यही सोच रहे होंगे कि ऐसा सुनकर इन नामी-गिरामी कलाकारों ने हमें बाहर का रास्ता दिखा दिया होगा। आप ही की तरह हमें भी उतनी ही हैरानी हुई जब इन सेलिब्रिटीज ने हमारी सारी शर्तें मान ली। चाहे वो भारतीय जनता पार्टी हो, काँग्रेस हो या आम आदमी पार्टी हो, इन्हें किसी भी पार्टी के लिए सोश्ल मीडिया पर प्रॉक्सि-प्रमोशन यानि छद्म-प्रचार करने से कोई गुरेज नहीं था, बशर्ते उन्हें मनमाफ़िक पैसा मिल जाये।

    सो किसी ने एक महीने में एक मैसेज के लिए दो लाख तो किसी ने ढाई करोड़ रुपये मांगे, यानि आठ महीने के कांट्रैक्ट के लिए 20 करोड़ रुपये। एक-दो कलाकारों को छोड़ सभी सेलिब्रिटीज को अपनी फीस का एक बड़ा हिस्सा कैश में लेने से कोई गुरेज नहीं था।

    दूसरे शब्दों में उन्हें काले धन से कोई आपत्ति नहीं थी। हैरत की बात ये है कि इनमें से कुछ कलाकारों ने नोटबन्दी की जमकर तारीफ की थी जिसका उद्देश्य काले धन पर लगाम लगाना था।

    नोट उपरोक्त समाचार समंधित समाचार एजेंसी के स्टिंग के आधार पर निर्भर है। इससे jansandeshonline.com का कुछ लेना देना नहीं है।

  • साधु-संत प्रधानमंत्री से मोदी बोले – ‘पाकिस्तान को ठोक दो-राम मंदिर रोक दो’.

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    नई दिल्ली। देश भर के लोगों में  पुलवामा  हमले के पांचवे दिन भी बदले की आग धधक रही है. इन परिस्थितियों से सभी राजनीतिक दल भी गुजर रहे हैं. शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने राम जन्मभूमि रामाग्रह यात्रा और राम मंदिर शिलान्यास का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा राष्ट्रीय हित के मुद्दे से ध्यान हटा सकता है, इस लिए फिल्हाल स्थगित किया जा रहा है।शंकराचार्य स्वरूपानंद जी के शिष्यों का कहना है इस महौल में प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह है कि भले ही राम मंदिर रोक दो लेकिन पाकिस्तान को ठोक दो. कुंभ नगरी प्रयागराज में परम धर्म संसद में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने आगामी 21 फरवरी को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास करने का ऐलान किया था।

    जिसके लिए तमाम साधू-संतों को रामाग्रह यात्रा के तहत अयोध्या पहुंचने का आह्वान किया गया था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और अखाड़ा परिषद ने शंकराचार्य से राष्ट्रहित में शिलान्यास और रामाग्रह यात्रा रद करने का आग्रह किया था, जिसे शंकराचार्य ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती थे. इस दौरान उन्हें स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते यात्रा स्थगित करने की सलाह भी दी जा रही थी, लेकिन वे राजी नहीं थे।

    लेकिन अस्पताल से काशी के श्रीविद्यामठ लौटे शंकराचार्य को जब पुलवामा में हुई आतंकी घटना और देश की परिस्थितियों से अवगत कराया गया और इस संबंध में अखाड़ा परिषद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुरोध किया, तब उन्होंने कहा हम देश के साथ हैं।यात्रा के संबंध में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद का प्रतिनिधित्व करने हुए उनके शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राम जन्मभूमि के संदर्भ में जो निर्णय लिया गया है वह सामयिक और आवश्यक है। 

    लेकिन देश में उत्पन्न हुई इस आकस्मिक परिस्थिति में यह यात्रा कुछ समय तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।उन्होंने बताया कि रामाग्रह यात्रा और शिलान्यास कार्यक्रम इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि अयोध्या में गैर-विवादित अधिग्रहित भूमि उनके मालिकों को दे दी जाए.लेकिन अदालत ने केंद्र की अर्जी को मूल वाद से जोड़ दिया है. सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से उस भूमि के हिंदुओं के हाथ से निकल जाने का खतरा खड़ा हो गया  है।