Category: national

  • अश्रुपूरित श्रद्धांजलि : पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों की तस्वीरें आई सामने

    नई दिल्ली। पुलवामा में हुए अब तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए और 40 से ज्यादा घायल हुए हैं। जम्मू- श्रीनगर नेशनल हाईवे पर अपराह्न सवा तीन बजे हमलावर ने विस्फोटक भरी कार से सीआरपीएफ काफिले की बस को टक्कर मार दी। धमाका इतना भयंकर था कि बस के परखच्चे उड़ गए। इसके बाद घात लगाए आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग भी की। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्कानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।

    इन शहीदों में आत्मघाती हमले में शहीद हुए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की सूची इस प्रकार है। सिपाही नितिन शिवाजी राठौड़ (महाराष्ट्र), सिपाही विरेन्द्र सिंह , (उत्तराखंड), हैड कांस्टेबल अवधेश कुमार यादव, (उत्तर प्रदेश), सिपाही रतन कुमार ठाकुर, (बिहार), सिपाही पंकज कुमार त्रिपाठी , (उत्तर प्रदेश), सिपाही जीत राम, राजस्थान, सिपाही अमित कुमार, उत्तर प्रदेश, सिपाही विजय कुमार मौर्या , उत्तर प्रदेश, सिपाही कुलविंदर सिंह , पंजाब, हैड कांस्टेबल मानेश्वर बासुमतारी, असम, सहायक उप निरीक्षक मोहन लाल, उत्तराखंड, हैड कांस्टेबल संजय कुमार सिन्हा ,बिहार, हैड कांस्टेबल राम वकील, उत्तर प्रदेश, हैड कांस्टेबल नसीर अहमद ,जम्मू- कश्मीर, हैड कांस्टेबल जयमल सिंह, पंजाब, सिपाही सुखजिंदर सिंह, पंजाब, सिपाही तिलक राज हिमाचल प्रदेश, सिपाही रोहताश लांबा, राजस्थान, हैड कांस्टेबल विजय सोरंग, झारखंड, सिपाही वसंत कुमार वीवी, केरल, सिपाही सुब्रमण्यम जी ,तमिलनाडु, सिपाही एच गुरू कर्नाटक, सिपाही मनोज कुमार बेहरा ,ओडिशा, हैड कांस्टेबल नारायण लाल गुजर, राजस्थान, सिपाही प्रदीप कुमार ,उत्तर प्रदेश, हैड कांस्टेबल हेमराज मीणा , राजस्थान, सिपाही रमेश यादव , उत्तर प्रदेश, हैड कांस्टेबल संजय राजपूत ,महाराष्ट्र, सिपाही कौशल कुमार रावत , उत्तर प्रदेश, सिपाही प्रदीप सिंह ,उत्तर प्रदेश, सिपाही श्याम बाबू , उत्तर प्रदेश, सिपाही अजीत कुमार आजाद , उत्तर प्रदेश, सिपाही मनिंदर सिंह अत्री, पंजाब, सिपाही अश्विन कुमार काओची, मध्य प्रदेश, सिपाही सुदीप विश्वास,पश्चिम बंगाल, सिपाही सी शिवचंद्रन , तमिलनाडु, सिपाही भागीरथी सिंह ,राजस्थान, सिपाही महेश कुमार , उत्तर प्रदेश, हैड कांस्टेबल पी के साहू , ओडिशा और हैड कांस्टेबल बबलुसंत्रा ,पश्चिम बंगाल ।

  • आतंकियों पर हमले की तैयारी..? गृहमंत्री सिंह के घर पर NSA, RAW और IB की अहम बैठक: सूत्र

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    नई दिल्ली 
     पुलवामा आतंकी हमले को लेकर पूरा भारत देश गुस्से में है। और इस हमले को लेकर पूरा देश बदला चाहता है। हमले को लेकर अब केंद्र सरकार हरकत में आ गई है और आतंकियों पर हमले की तयारी में जूटा है इसी खबर मिल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर पर एक अहम् बैठक चल रही है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के काफिले पर हुए फिदायीन हमले में 42 जवानों की शहादत से देश में गुस्सा है। हर चरफ यही मांग है कि जवानों की शहादत का बदला लिया जाए। मोदी सरकार इसके लिए एक्शन में भी नज़र आ रही है। शनिवार को सर्वदलीय बैठक के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर पर एक अहम मीटिंग हुई।
    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) चीफ अनिल धस्माना और इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) के एडिशनल डायरेक्टर इस मीटिंग में मौजूद रहे। सूत्रों की मानें, तो इस मीटिंग में पुलवामा हमले का बदला लेने और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं।
    इसके पहले महाराष्ट्र के यवतमाल में बीजेपी की एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से पुलवामा हमले का जिक्र कर देशवासियों को आश्वस्त किया। सरकार ने आज दिल्ली में हमले की कार्रवाई पर एकराय बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें सभी नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई करने का प्रस्ताव पास हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा कि आंतकवाद की लड़ाई में विपक्ष सरकार के साथ है। सरकार जो भी कदम उठाएगी, विपक्ष उसका पूरा समर्थन करेगा।
    सर्वदलीय बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया, आतंकवाद को सीमा पार से समर्थन मिलता है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल इससे निपटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की लड़ाई में देश अपने सैनिकों के साथ है। भारत की एकता-अखंडता की हर कीमत पर सुरक्षा की जाएगी। हमले के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के नालासोपारा स्टेशन पर में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक ली। जम्मू के कई इलाकों में शुक्रवार को कर्फ्यू लगाया गया था। यह शनिवार को भी जारी रहा। जम्मू-कश्मीर में हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम पुलवामा पहुंच चुकी है।

  • भारत ने पाक को दिया करारा झटका, कस्टम ड्यूटी बढ़ाई 200 प्रतिशत

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    नई दिल्ली ।  जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान से व्यापार में सबसे तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा तो शुक्रवार को ही वापस ले लिया था लेकिन शनिवार को पाक को करारा झटका दिया। झटका ये कि भारत ने पाकिस्तान को निर्यात होने वाली सभी पदार्थों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 200 प्रतिशत बढ़ा दी है। इसका सीधा मतलब है कि पाकिस्तान को जो चीजें पहले सस्ती मिलती थीं वे अब काफी महंगी मिलेंगी और इसका असर उसकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।  भारत मुख्य रूप से पाकिस्तान को कच्चा कपास, सूती धागे, डाई, रसायन, प्लास्टिक का निर्यात करता है। दरअसल ये बात कल ही संभावित थी कि भारत सीमा शुल्क में वृद्धि, बंदरगाह से जुड़े प्रतिबंध और पाकिस्तान से आयातित वस्तुओं पर प्रतिबंध जैसे दंडात्मक कार्रवाई कर सकता है।

    पाकिस्तान से जो चीजें आयात की जाती हैं, उनमें मुख्य रूप से फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, खनिज संसाधन, लौह अयस्क और तैयार चमड़ा शामिल हैं। भारत ने पाकिस्तान को 1996 में यह दर्जा दिया था, लेकिन पाकिस्तान की ओर से भारत को ऐसा कोई दर्जा नहीं दिया गया। भारत-पाकिस्तान का कुल व्यापार 2016-17 में 2.27 अरब डॉलर से मामूली बढ़कर 2017-18 में 2.41 अरब डॉलर हो गया है। भारत ने 2017-18 में 48.8 करोड़ डॉलर का आयात किया था और 1.92 अरब डॉलर का निर्यात किया था। एक अन्य अधिकारिक सूत्र ने कहा,  भारत अपने फैसले के बारे में डब्ल्यूटीओ को सूचित करने के लिए बाध्य नहीं क्योंकि उसने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। भारत ने डब्ल्यूटीओ के अनुच्छेद 21 को लागू किया है। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बृहस्पतिवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए।

  • अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने से चीन का इनकार

    बीजिंग । चीन ने पुलवामा हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी की सूची में डालने की भारत की अपील का समर्थन करने से फिर इनकार किया। गौरतलब है कि कल पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने जहां पूरे देश को हिला कर रख दिया है वहीं सभी देशों ने इस हमले की निंदा कर रहे है पर चीन इतना सब होने के बाद भी अपने दोस्त पाकिस्तान का साथ दे रहा है।

    पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले की निंदा करते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है और बिना जांच के इसके तार इस्लामाबाद से जुड़े होने के भारत के आरोपों को खारिज किया है। पुलवामा में बृहस्पतिवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 40 जवान शहीद हो गए जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। घंटों की चुप्पी के बाद आधी रात के बाद जारी एक बयान में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया।

    जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुआ हमला गंभीर  विषय है। उसमें कहा गया है, हमने हमेशा घाटी में  हसक घटनाओं की ङ्क्षनदा की है। पाकिस्तान ने यह खारिज किया कि वह कहीं से भी इस हमले से जुड़ा हुआ है। बयान में कहा गया है, हम जांच के बगैर इस हमले से पाकिस्तान को जोडऩे की भारतीय सरकार के किसी भी व्यक्ति या मीडिया की कोशिशों को सिरे से खारिज करते हैं।

  • मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: CBI के घेरे में आये CM नीतीश कुमार, विशेष अदालत ने दिये जांच के आदेश

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    पटना । सीबीआई अदालत ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन शोषण मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। पोक्सो की एक विशेष अदालत ने यहां एक आरोपी अश्विनी की ओर से दायर आवेदन पर शुक्रवार को यह आदेश दिया। अदालत ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह और समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अतुल प्रसाद के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं।

    अश्विनी पेशे से एक चिकित्सक है, जो कथित तौर पर यौन दुर्व्यवहार किए जाने से पहले बच्चियों को नशीली दवाएं देता था। अश्विनी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि सीबीआई जांच में उन तथ्यों को छुपाने की कोशिश कर रही है, जो मुजफ्फरपुर के पूर्व डीएम धर्मेन्द्र सिंह, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अतुल कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर के पूर्व डिवीजनल आयुक्त और मौजूदा प्रधान सचिव, समाज कल्याण विभाग और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिकाओं की जांच करने के बाद सामने आ सकते हैं।

    इससे पहले 7 फरवरी को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इस मामले की सुनवाई बिहार से नई दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। सुनवाई पटना से दिल्ली के साकेत पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई थी। कोर्ट ने जज को आदेश दिया था कि दो हफ्ते के भीटर ट्रायल शुरू करें और 6 महीने के भीतर इसे खत्म करें।

    अदालत ने मुजफ्फरपुर यौन उत्पीड़न मामले से जुड़े दस्तावेजों को दो सप्ताह के भीतर बिहार सीबीआई अदालत से साकेत निचली अदालत में स्थानांतरित करने को कहा था। इस दौरान कोर्ट ने आश्रय गृहों की देखभाल को लेकर बिहार सरकार की आलोचना की थी।

    कोर्ट ने बिहार सरकार से कहा था, बस बहुत हो गया, बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 लड़कियों के साथ दुष्कर्म का खुलासा होने के बाद ही राजनीतिक बहस तेज हो गई थी। इस कांड का खुलासा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सांइसेज(टिस्स) की रिपोर्ट में हुआ। जब सरकार पर विपक्षी पार्टियों और लोगों का दबाव बढ़ा तो इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की गई।

  • हाईकोर्ट के जज ने पेश की अनोखी मिसाल : कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन शोषण मामले पर दिया ये आदेश

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    नई दिल्ली। हाईकोर्ट के जस्टिस एसएम सुब्रहमण्यम कार्यस्थल पर यौन प्रताड़ना के मामले में इसकी रोकथाम के लिए मद्रास हाईकोर्ट के जज ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। देश में महिलाओं के साथ यौन शोषण के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। जिसमें उन्होंने तमिलनाडु के सभी सरकारी दफ्तरों और अफसरों के चैंबर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया है। जज ने महात्मा गांधी के संदेश कथनी से करनी भली का हवाला देते हुए ये आदेश सुनाया।

    जज ने कहा कि कैमरे लगाने की शुरुआत उनके चैंबर से होनी चाहिए। उन्होंने आदेश दिया कि हाईकोर्ट के अफसरों को दो हफ्ते के भीतर अपने चैंबर में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। जस्टिस सुब्रमण्यम ने गांधीजी का संदेश देते हुए कहा, ष्बहुत सारे उपदेशों से थोड़ा सा अभ्यास बेहतर होता है।
    तमिलनाडु के मुख्य सचिव राज्य के सभी बड़े सरकारी अफसरों के दफ्तर और चैंबरों में सीसीटीवी लगवाएं ताकि कार्यस्थल पर यौन शोषण की परेशानी से सख्ती से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया है। जस्टिस सुब्रमण्यम अदालत में एक महिला पुलिस सुपरिंटेंडेंट और एक आईपीएस अफसर एस. मुरुगन की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे।

    महिला अधिकारी ने अपने सीनियर पुलिस अफसर के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत की है। जस्टिस ने इस मामले में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) और सीबी-सीआईडी को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस अधिकारी जब ऐसे बयान देती हैं तो न केवल इस मामले में गंभीरता से जांच होनी चाहिए ।

    बल्कि आरोपी के दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्यवाही भी की जानी चाहिए। इसके साथ ही आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही का काम राज्य के मुख्य सचिव को सौंपा गया है। अधिकारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाही की जाएगी। देश में शुरु हुए मीटू अभियान में कई महिलाओं ने कार्यस्थल पर होने वाले यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी।

    सोशल मीडिया पर महिलाओं ने अपने कार्यस्थल के अधिकारियों पर गंभारी आरोप लगाए थे। देशभर में कई लोगों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज हुई थी। इस मामले में नेता से लेकर अभिनेता तक पर आरोप लगे थे। अगर मद्रास हाईकोर्ट के जज के चैंबर में कैमरे लग जाते हैं तो कैमरे की निगरानी में काम करने वालो वो देश के पहले जस्टिस होंगे। इसके साथ ही तमिलनाडु भी देश का ऐसा पहला राज्य बन जाएगा, जहां के सभी दफ्तरों में सीसीटीवी लगे होंगे।

  • वीर जवान अमर रहें के नारों से गूंजा CRPF कैंप,राजनाथ ने दिया शहीदों को कंधा

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     श्रीनगर। पुलवामा में आतंकियों की कायराना हरकत में शहीद देश के सपूतों को आज पूरा देश नमन कर रहा है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार सुबह श्रीनगर पहुंचे, जहां उन्होंने बडगाम स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कैंप में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीदों के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया।

    इस दौरान सीआरपीएफ कैंप वीर जवान अमर रहे के नारों से गूंज उठा. बताया गया है कि पहले शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया जाएगा. वहां से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा, जहां सैनिक सम्मान के साथ शहीदों को अंतिम विदाई दी जाएगी।

    जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए बड़े आतंकी हमले सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए. आतंकियों की इस कायराना हरकत से पूरे देश में गुस्सा है और लोग सड़कों पर उतरकर रोष प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, जवानों की शहादत की खबर लगते ही शहीदों के परिजनों का बुरा हाल है।

  • हिंगोनिया गौशाला फिर बनी गायों की कब्रगाह, भूख से 4 दिन में 150 से अधिक गायों ने तोड़ा दम

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    जयपुर। जयपुर की हिंगोनिया गौशाला एक बार फिर गायों की कब्रगाह बनती जा रही है । चारा नहीं मिलने के कारण पिछले 4 दिन में 150 से अधिक गायों ने दम तोड़ दिया। भूख से मरी गायों को गौशाला में एक गहरे गड्डे में दफना दिया गया। मामला सार्वजनिक होने के बाद गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया और स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने रिपोर्ट मांगी है। पिछली वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में इसी हिंगोनिया गौशाला में करीब एक हजार गायों की मौत हुई थी। उसके बाद तत्कालीन सरकार ने गौशाला के प्रबंधन की जिम्मेदारी अक्ष्रय पात्र संस्थान को सौंपी थी,लेकिन अब यह संस्थान भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है ।

    गौशाला में चारे की कमी के चलते भूख से तड़पकर शुक्रवार को 5,गुरुवार को 80 और मंगलवार को 70 से गायों ने दम तोड़ दिया। गौशाला की देखरेख कर रहे श्रीकृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट अक्षय पात्र के पदाधिकारियों की मानें तो 6 फरवरी को नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर चारा नहीं होने की स्थिति से अवगत करा दिया था। लेकिन इसके बावजूद निगम प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

    चार दिन में 150 से अधिक गायों की मौत के बाद अब निगम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी राजेंद्र चित्तोड़िया और चिकित्सक डॉ. कमलेश मीना को सस्पेंड कर दिया और अतिरिक्त निगम आयुक्त की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है। गौशाला के हालात देखने जब मिडियाकर्मी पहुंचे तो गौशाला में मृत गायों को एक गड्ढे में दबाया जा रहा था। वहीं पशु आहार के लिए बनाया गया चारे का गोदाम पूरी तरह खाली दिखाई दिया। अक्षय पात्र के प्रतिनिधियों ने बताया कि यहां गोवंश के लिए प्रतिदिन 80 से 100 टन चारे की जरूरत होती है. लेकिन पिछले 4 दिन से यहां आपूर्ति ठप पड़ी है। हिंगोनिया गोशाला समन्वयक राधा प्रियदास ने बताया कि नगर निगम पर 12 करोड़ रुपए का बकाया है।

    पैसा नहीं मिलने से गौशाला के संचालन में मुश्किल हो रही है। इस संबंध में महापौर से लेकर निगम आयुकत को शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। उधर, नगर निगम में पशु नियंत्रण एवं संरक्षण समिति के अध्यक्ष नारायण नैनावत ने कहा कि निगम प्रशासन गौशाला की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से नहीं चला पा रहा था, यही कारण था कि राज्य सरकार ने यह जिम्मेदारी अक्षय पात्र को सौंपी थी। लेकिन अक्षय पात्र पूरी तरह से निगम के ऊपर निर्भर है। राज्य के परिवहन मंत्री और जयपुर के विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि गायों की मौत के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी,अक्षय पात्र की कहीं कमी रही तो उनसे भी बात की जाएगी।

  • अंबाला शहर : कश्मीरी छात्रों को 24 घंटे में गांव छोड़ने का मुलाना गांव के सरपंच ने सुनाया फरमान

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    अंबाला। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुलाना के सरपंच नरेश चैहान का आरोप है कि दो महीने पहल गांव में रहने वाले कुछ कश्मीरी छात्र गलत गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। उस दौरान उन्होंने ऐलान करवाया था कि ये लोग अपनी आईडी प्रूफ पंचायत में जमा करा दें लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया। सरपंच ने यह भी आरोप लगाया कि इन छात्रों ने पुलवामा हमले के बाद फेसबुक पर पोस्ट कर खुशी का इजहार किया। इसके बाद गांववालों ने फैसला लिया कि कश्मीरी छात्रों को अब यहां नहीं रहने दिया जाएगा।

    इस बीच पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवालों को मुलाना गांव के ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि देने के लिए रोष मार्च निकाला। इस दौरान सरपंच नरेश चैहान ने गांव में किराये पर रह रहे कश्मीरी छात्रों को गांव छोड़ देने की चेतावनी दी। सरपंच ने इन छात्रों के आतंकियों के साथ संबंध के भी आरोप लगाए। इस बारे में बजरंग दल के नेता भानु प्रताप ने बताया कि उनके पास इन कश्मीरी छात्रों के फेसबुक की तस्वीरें हैं। जिनसे इनकी भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में पता चल रहा है। अंबाला की महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई कश्मीरी छात्र मुलाना गांव में किराये पर रहते हैं। शनिवार को गांव के सरपंच द्वारा इन छात्रों को 24 घंटे के भीतर गांव छोड़ने का आदेश दिया गया है।

    ग्रामीणों और बजरंग दल ने पुलिस से शिकायत की है कि ये कश्घ्मीरी छात्र आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देशवासियों में गम और गुस्सा व्याप्त है। इन सबके बीच अंबाला में एक ऐसी घटना ने तूल पकड़ लिया है जिसमें सरपंच द्वारा कुछ कश्मीरों छात्रों को 24 घंटे के भीतर गांव छोड़ने की चेतावनी दी गई है। मुलाना गांव के सरपंच का आरोप है कि अंबाला की महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले इन कश्मीरी छात्रों के तार आतंकी संगठनों से जुड़े हैं।

    सरपंच और बजरंग दल ने इस मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरें पुलिस को सौंपी हैं। ये तस्वीरें फेसबुक पर पोस्घ्ट की गई थीं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस संबंध में महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी विशाल गर्ग ने बताया कि कश्मीरी छात्रों ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को कश्मीरी छात्रों को कैंपस में ही हॉस्टल उपलब्घ्ध कराने के लिए कह दिया है।

    ट्रस्टी विशाल गर्ग ने आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों द्वारा हॉस्टल में लड्डू बांटने की बात को सिरे से नकार दिया। कश्मीरी छात्रों द्वारा फेसबुक पर किए गए पोस्ट भारत विरोधी थे, इसलिए पंचायत के लोग और बजरंग दल के नेता मुलाना थाना पहुंचे और पुलिस को सारे मामले से अवगत करवाया। पुलिस ने गांव के सरपंच को समझाया कि वह इस तरह किसी भी कश्मीरी छात्र को गांव में रहने से नहीं रोक सकते। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगर इन कश्मीरी छात्रों की किसी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता मिलेगी तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • अब यह खास तरह का कपड़ा पत्थरबाजों से सुरक्षित रखेगा जवानों को

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    नई दिल्ली। लड़ाई के दौरान अब सेना के जवान चाकू, पत्थर आदि के वार से घायल नहीं होंगे. उत्तरी भारत टेक्स्टाइल शोध संघ (एनआईटीआरए) ने जवानों के लिए एक खास तरह का कपड़ा तैयार किया है जो जवानों को सुरक्षित रखेगा. इस कपड़ों से बनी वर्दी पहने जवानों पर अगर पत्थर या छुरी फेंका जाएगा, तो वह फिसल जाएगा और जवानों को कोई चोट नहीं पहुंचेगी. नॉर्दर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन की ओर से आयोजित 58वीं संयुक्त प्रौद्योगिकी नेशनल सेमिनार में इस खास प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल के बारे में जानकारी दी गई।

    निटरा के साइंटिस्टों ने इस कपड़े को ‘स्टैब रेजिस्टेंट टेक्सटाइल’ का नाम दिया गया है. साइंटिस्टों ने बताया कि सेना के जवानों को चाकू, पत्थर जैसे होने वाले वारों से बचाने के लिए यह खास तरह का कपड़ा बनाया है. उन्होंने बताया कि यह खास कपड़ा इतना मजबूत होगा कि उसे सामने वाला काट नहीं पाएगा. उन्होंने बताया कि इस कपड़े से तैयार वर्दी सेना को पत्थरबाजों से सुरक्षा प्रदान करेगी. इसका परीक्षण जारी है और काफी हद तक इसमें सफलता प्राप्त हुई है।

    नहीं लगेगी टेंट में आग

    कई बार सेना और अर्द्धसैनिक बलों को टेंट में रहना पड़ता है. बहुत सारे काम ऐसे भी होते है जिनसे आग लगने की संभावना ज्यादा रहती है. इसी को ध्यान में रखते हुए अग्नि रोधक कपड़े को विकसित किया गया है जिसकी टेस्टिंग जारी है. इस कपड़े का टेंट बनाए जाने पर टेंट में आग नहीं लगेगी।