Category: national

  • कांग्रेस का यह दांव क्या गुल खिलाएगा, जानिये!

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    लखनऊ। मिशन यूपी का जिम्मा संभालने के लिए सोमवार को चार दिवसीय दौरे पर लखनऊ आ रही राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का स्वागत त्यौहार की तरह करने में कांग्रेस कार्यकर्ता जुट गए है। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने प्रमुख नेताओं की बैठक मेें प्रियंका गांधी के रोड शो का मार्ग फाइनल करते हुए आसपास के जिलों से भीड़ जुटाने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था चाकचैबंद करने के लिए एसपीजी ने मुख्यालय में डेरा डाल दिया। साज सज्जा का काम भी तेजी से कराया जा रहा है।

    लगभग बुरे दौर से धीरे धीरे उबर रही कांग्रेस को  प्रियंका की ताजपोशी ने करंट देने का काम किया है। बेसुध हो चुके कार्यकर्ता और कांग्रेसी नेताओं में प्रियंका के पदाधिकारी बनते ही उत्साह का संचार हुआ है। उत्तर प्रदेश में बसपा और समाजवादी पार्टी से तिरस्कार पाने के कांग्रेस का यह कदम बहुजन समाज पार्टी की ‘‘ बुआ ’’, समाजवादी पार्टी के ‘‘ बबुआ ’’ के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के ‘‘ नमो ’’ के लिए टेंशन देने वाला साबित होगा। उत्तर प्रदेश की लगभग एक तिहाई सीटों के साथ प्रियंका गांधी का चेहरा इन्दिरा की परछाई की तरह मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार सहित कम से कम एक दर्जन से अधिक राज्यों में कांग्रेस के लिए संजीव साबित होने संकेत दे रहा हैं।

    आगामी लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी कांग्रेस के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश में जहां सपा-बसपा ने आपस में गठबंधन कर कांग्रेस को बेसहारा छोड़ दिया था, ऐसे में प्रियंका की पार्टी में एंट्री कांग्रेस के लिए बड़ा सहारा बन सकती है। पार्टी उनके करिश्माई अंदाज के दम पर मोदी के जादू को फीका करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि राजनीति में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार जहां उत्तर प्रदेश में पार्टी के पुराने बोट बैंक बीएमडी ( ब्राताण, मुस्लिम व दलित ) को फिर से कांग्रेस की झोली में लाने की कोशिश करेंगी, वहीं पूरे देश में वह अपनी दादी इंदिरा गांधी की छवि को भुनाने का प्रयास करेंगी।

    जिस तरह से प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है, वह कम चैंकाने वाला नहीं है। इस पूर्वी उत्तर प्रदेश से पिछले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भाजपा के कई बड़े नेता चुनावी समर में उतरे थे। कांग्रेस की रणनीति यह है कि प्रियंका के जादू के बूते प्रधानमंत्री मोदी को वाराणसी में घेरा जाए या फिर उन्हें सीट बदलने पर मजबूर किया जाए। यदि ऐसा होता है, तो मनोवैज्ञानिक तौर पर चुनावी समर का पहला चरण कांग्रेस के खाते में जाएगा।

    प्रियंका को उतारकर कांग्रेस ने सपा-बसपा जैसी पार्टियों को भी यह संदेश देने की कोशिश की है कि उसे कमतर समझना दोनों दलों की भारी राजनीतिक भूल थी। लोगों को याद होगा कि 16 साल की प्रियंका का यह पहला सार्वजनिक भाषण था। इस भाषण के 31 साल बाद तक कांग्रेस समर्थक पार्टी को उबारने के लिए जिस संजीवनी की मांग करते रहे हैं, वो अब पूरी हो गई है। प्रियंका गांधी का सक्रिय राजनीति में पदार्पण हो चुका है। उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का महासचिव बनाकर पार्टी ने तुरुप का इक्का चल दिया है।

    लोकसभा चुनाव से ऐन पहले उन्हें उत्तर प्रदेश के उन इलाकों की जिम्मेदारी मिली हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र पड़ते हैं और कांग्रेस यहां मृतप्राय है। ऐसे में प्रियंका के लिए सब कुछ बहुत आसान नहीं रहने वाला है, लेकिन इंदिरा गांधी के करिश्माई व्यक्तित्व को लेकर जब उनकी तुलना होने लगती है तो सारी चुनौतियां छोटी पड़ने लगती है और उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने-समझने की इच्छा होती है।

    कांग्रेस का यह दांव क्या गुल खिलाएगा यह तो चुनाव बाद पता चलेगा, लेकिन इतना साफ है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की लिए बड़ी संभावनाएं सोचकर चल रहे हैं और मोदी सरकार को सत्ता से बाहर रखने के लिए उन्होंने अपने तुरुप के इक्के को चल दिया है। एक बात साफ नजर आ रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की पहली कोशिश उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के सारे कार्यकर्ता को जगाने की है और इस काम में प्रियंका के अलावा उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। कांग्रेसियों को प्रियंका में इंदिरा गांधी का अक्श नजर आता है और यही प्रियंका की सबसे बड़ी ताकत है।

    पूर्वी उत्तर प्रदेश में दो दर्जन से ज्यादा सीटें हैं और इनमें से ज्यादातर पर कभी कांग्रेस का एकछत्र राज्य हुआ करता था। प्रियंका के सहारे कांग्रेस यहां अपनी खोई जमीन वापस लाने की तैयारी में है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रमुख लोकसभा सीटों में अमेठी, रायबरेली, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, बलिया, बलरामपुर, बहराइच, बस्ती, भदोही, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, गोरखपुर, गोंडा, जौनपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, मिर्जापुर, संत कबीरनगर, सुल्तानपुर, सोनभद्र, वाराणसी, डुमरियागंज, श्रावस्ती हैं। इस क्षेत्र में विधानसभा की 150 सीटें आती हैं।

    जातिगत समीकरण को देखें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 से 24 प्रतिशत दलित, 8 से 15 प्रतिशत ब्राताण और 10 से 27 प्रतिशत मतदाता मुस्लिम हैं। प्रियंका के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक की वापस पार्टी की झोली में डालने की है। प्रियंका का अंदाज, हाजिरजवाबी और आम आदमी से संबंध बनाने की कला बिल्कुल इंदिरा जैसी है। उनका करिश्माई अंदाज कांग्रेस में न केवल नए सिरे से जान फूंक सकता है, बल्कि मोदी-शाह की जोड़ी के लिए निर्णायक चुनौती भी पेश कर सकता है। प्रदेश के कांग्रेसी प्रियंका में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गांधी का अक्स देख रहे हैं।

    उनका मानना है कि प्रियंका के आने के बाद यूपी में कांग्रेस की राजनीति गरमाएगी और इसका खास असर दिखेगा। उनका भरोसा है कि प्रदेश में हाशिये पर पहुंच चुकी कांग्रेस में नयी जान आ जाएगी और लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को अब उम्मीद से ज्यादा सीटों पर सफलता मिलेगी। केन्द्र की सत्ता के साथ ही उत्तर प्रदेश में हाशिये पर पहुंच चुकी कांग्रेस ने अब गांधी परिवार की एक और सदस्य प्रियंका को भी आखिरकार राजनीति में उतार ही दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब प्रदेश में सपा और बसपा ने अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव को मिलकर लड़ने का निर्णय लिया है।

    दोनों दलों ने कांग्रेस को अकेला छोड़ दिया, जबकि कांग्रेस सहित अधिकतर विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा को हराने के लिये महागठबंधन की बात कर रहे हैं।हालांकि, उत्तर प्रदेश में लगभग तीस वर्षो से सत्ता से दूर बैठी कांग्रेस के नेता प्रियंका को राजनीति में उतारने की मांग काफी पहले से करते आ रहे थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को मिली जबरदस्त हार के बाद यह र्चचा होने लगी थी कि कांग्रेस को अब इस स्थिति से प्रियंका ही उबार सकती हैं। कांग्रेसी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गांधी की छवि प्रियंका में देखते हैं और यह मानते हैं कि उनके आने के बाद कांग्रेस में एक बार फिर इन्दिरा गांधी के जमाने की याद ताजा हो जाएगी।

    प्रियंका को सक्रिय भूमिका देने की लंबे समय से मांग कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में श्री गांधी के इस फैसले से निश्चित रूप से उत्साह और जोश बढ़ेगा और उनकी सक्रियता बढ़ेगी, लेकिन पार्टी से छिटक गये मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने के लिये उन्हें और पार्टी को कड़ी मशक्कत करनी होगी।बीते चुनावों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चुनाव क्षेत्र इसी हिस्से में है। इस तरह प्रियंका को उन दोनों की चुनौतियों के साथ-साथ सपा-बसपा का सामना भी करना होगा।

    कांग्रेस ने राज्य में पिछला विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन इस गठबंधन को भारी पराजय का सामना करना पड़ा था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन की बात की जाये, तो 1984 के बाद से उसका ग्राफ लगातार नीचे गिरता रहा है। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए आम चुनाव में कांग्रेस ने राज्य की 85 में से 83 सीटें जीती थीं तथा उसे 51 प्रतिशत से अधिक मत मिले थे। उसके बाद से उसकी स्थिति लगातार खराब होती रही है।

    न केवल उसकी सीटें घटती गयीं बल्कि उसे मिलने वाले मतों में भी भारी गिरावट आयी। पांच चुनावों में तो उसकी सीटों की संख्या दो अंकों तक में नहीं पहुंच सकी। पार्टी 1998 के आम चुनाव में राज्य में एक भी सीट नहीं जीत पायी थी।पिछले लोकसभा चुनाव में भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी अपनी सीटें बचा पाने में सफल हुये थे। पिछले तीन दशक में पार्टी को सबसे अधिक 21 सीटें 2009 के लोकसभा चुनाव में मिली थीं।

    भले ही पहली बार प्रियंका को पार्टी में कोई पद मिला है, लेकिन वह अपनी मां एवं कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली और अपने भाई राहुल के चुनाव क्षेत्र अमेठी में चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। प्रियंका के कांग्रेस में सक्रिय भूमिका में आने के बाद प्रदेश के राजनीतिक माहौल में निश्चित रूप से बड़ा बदलाव आएगा। लेकिन इसके लिए पार्टी के कार्यकर्ता से ज्यादा आलसी नेताओं को सक्रिय होना पड़ेगा।साभार: जीएनएस

  • ट्रेन 18 यानि वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया लगभग हवाई जहाज के बराबर !

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    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस या ट्रेन-18 के प्रस्तावित किराये को घटाने की घोषणा की। अभी चेयर कार का किराया उतनी ही दूरी तय करने वाली शताब्दी ट्रेनों के किराये से 1.4 गुणा अधिक है और एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया प्रीमियम ट्रेन में एसी फर्स्ट क्लास के किराये से 1.3 गुणा अधिक है। ट्रेन में टिकटों की दो क्लास है। एक एक्जीक्यूटिव और दूसरी चेयर कार।

    फिलहाल इस ट्रेन का किराया इतना ज्यादा है कि इसका किराया लगभग हवाई जहाज के बराबर है। महंगा किराया होने के कारण किराए को तर्कसंगत बनाते हुए रेलवे ने दिल्ली-वाराणसी सफर के लिए एसी चेयर कार का किराया अब 1850 रुपये की जगह 1760 रुपये, जबकि एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 3520 रुपये की जगह 3310 रुपये करने की घोषणा की है।

    वहीं वापसी की यात्रा में चेयर कार के टिकट का किराया 1700 रुपये होगा और एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 3,260 रुपये पड़ेगा। दोनों किराये में कैटरिंग का शुल्क भी शामिल है। दोनों किराये में कैटरिंग का शुल्क भी शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 फरवरी को सेमी-हाई स्पीड ट्रेन को रवाना करेंगे।

    इस ट्रेन में दो तरह के टिकट यात्रियों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। एक्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार। सूत्रों कहा कहना है कि इस ट्रेन में खाने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा।

  • टल्ली लेडी डॉक्टर के कारनामे से छूटे पुलिस के पसीने

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    चंडीगढ़। जानकारी के मुताबिक मामला चंडीगढ़ का है। हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर नशे में धुत 40 वर्षीय एक लेडी डॉक्टर ने जमकर हंगामा किया। महिला पूरी तरह से नशे में थी। फौरन महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उसे काबू करने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस को देख महिला भड़क उठी और शराब पीने की मांग करने लगी।

    वहीं मामले को देखने के लिए लोग तमाशबीन बने हुए थे। इसके बाद पुलिस ने महिला को समझा बुझाकर किसी तरह मामले को शांत किया गया। लेडी डॉक्टर ने बीच सड़क ऐसा कारनामा कर दिया कि उसे संभालने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। वहीं लोग तमाशबीन बने रहे, लंबा जाम भी लग गया। ।

    पुलिस से लेडी डॉक्टर ने और शराब पीने की मांग कर डाली। चैक पर हंगामा होते देख मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने फौरन महिला को काबू करना चाहा, लेकिन महिला और भड़क गई। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने लेडी डॉक्टर को बमुश्किल काबू किया और उसे थाने लेकर पहुंचीं।

    महिला डॉक्टर की कार को जब्त कर लिया गया। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर शराब के नशे में धुत एक महिला हंगामा कर रही है। सूचना पर पीसीआर और मनीमाजरा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। इस दौरान मौके पर लंबा जाम लग गया था।

    इसके बाद पुलिस महिला और उसकी कार को थाने लेकर आई और कार का चालान काट दिया। इसके बाद पुलिस ने महिला का मेडिकल करवाकर उसके परिजनों को सूचित कर दिया। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि महिला रायपुररानी स्थित एक डिस्पेंसरी में बतौर डॉक्टर है।

    बता दें कि पिछले वर्ष रायपुररानी स्थित अस्पताल में रात के समय ड्यूटी पर तैनात एक महिला डॉक्टर ने शराब के नशे में जमकर हंगामा किया था। रात के समय इलाज कराने आए मरीजों से बदतमीजी की गई थी। शिकायत के बाद विभागीय जांच के बाद उसे सस्पेंड कर दिया था।

  • लोकसभा में हो-हल्ले के बीच मुलायम सिंह यादव ने बड़ा दिया बयान – कहा दोबारा बनें प्रधानमंत्री पीएम मोदी

    नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव से पहले देश में जारी सियासी हो-हल्ले के बीच मुलायम सिंह यादव ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व सपा सुप्रीमो और मैनपुरी से सांसद मुलायम ने लोकसभा में कहा है कि नरेंद्र मोदी को फिर से पीएम बनना चाहिए। बजट सत्र के आखिरी दिन उन्होंने यह बात कही। मुलायम ने जब यह बात कही, तब पीएम मोदी भी संसद में मौजूद थे। बकौल मुलायम, मेरी कामना है कि यहां जितने भी सदस्य हैं, वे फिर से चुनकर आएं। हम इतना बहुमत हासिल नहीं कर सकते हैं, इसलिए प्रधानमंत्री जी आप फिर प्रधानमंत्री बनकर आएं।

    मुलायम सिंह के इस बयान के बाद ही सदन ठहाके और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जब मुलायम सिंह यादव यह बयान दे रहे थे तब यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी सदन में उनके साथ बैठीं थीं। मुलायम के इतना कहते ही पूरी लोकसभा जय श्री राम के नारों से गुंजायमान हो गया। उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया और इसमें काफी हद तक सफल भी हुए।

    वहीं लोकसभा में मुलायम सिंह यादव की पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी पर राहुल गांधी ने ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के इस बयान, काश (पीएम मोदी) फिर से पीएम बन जाते पर मैं उनसे असहमत हूं। राजनीति में मुलायम सिंह यादव जी की भूमिका रही है और मैं उनका सम्मान करता हूं।

    मुलायम सिंह के इस बयान पीएम मोदी दोबारा पीएम बनें पर सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने विरोध करते हुए कहा है कि मुझे यह जानकारी नहीं है कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) ने किस संदर्भ में यह बयान दिया है, लेकिन हम केंद्र सरकार की सत्ता में परिवर्तन चाहते हैं। इस बार पीएम मोदी खुद अपने ही लोकसभा क्षेत्र से चुनाव हारेंगे।

    वहीं आपको यह भी बता दें कि जहां एक ओर मुलायम सिंह यादव पीएम मोदी की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुलायम के बेटे और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पीएम मोदी को साल 2019 के लोकसभा चुनावों में रोकने के लिए अपने राजनीतिक दुश्मन बसपा से गठबंधन तक कर लिया है। मीडिया में आए दिन ही अखिलेश पीएम मोदी पर हमलावर रहते हैं।

    2019 के चुनावी रण से पहले मुलायम सिंह यादव का यह बयान बहुत अहम है क्योंकि उनके बेटे और सपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अखिलेश ने मायावती के साथ मिलकर विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं।

  • जंतर-मंतर पर आयोजित रैली में ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा, मैं डरने वालो में से नहीं !

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    नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार पर विपक्षी महागठबंधन कही न कही भरी पड़ता दिख रहा है। आज एक बार फिर दिल्ली में विपक्ष इकठ्ठा हुआ है। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में आहुत विपक्षी एकता रैली में एक बार फिर से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के जंतर-मंतर में केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। आप पार्टी की दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित रैली में ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा की मोदी जी आपने सिर्फ दंगे की राजनीति की है।

    आपने लोगों का खून पिया है, जिसके चेहरे पर खून है, जिसने लोगों का खून पिया है, वह देश पर राज कर रहा है। सीबीआई मामले पर ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे पता है कि इसके बाद मेरे घर पर सीबीआई वाले आएंगे, तो इसके पहले ही बता देना मैं खाना बनाकर रखूंगी। ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और लेफ्ट के साथ मिलकर लड़ेंगी। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सार्वजनिक कमिटमेंट करते हुए कहा कि बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस और लेफ्ट के साथ कंधे से कंधे मिलाकर लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हम कांग्रेस और लेफ्ट के साथ लड़ेंगे। हम राज्य में भले ही अकेले लड़ेंगे, मगर राष्ट्रीय स्तर पर नहीं।

    दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम मोदी की मीटिंग में कितना रुपया पैसा होता है, आप पता कीजिए। मोदी को हमनें बहुत टॉलरेट किया है। आप जो मर्जी चाहे करेंगे, मगर क्या हम बात भी नहीं कर सकते। सभी लोग मोदी से डरने लगे हैं। जैसे वह गब्बर सिंह हों। पहले गब्बर के नाम पर बच्चे को डराते थे, अब आज मोदी के नाम पर मीडिया, किसान और आम लोगों को डराया जा रहा है। हमें गुजरात का दिन पता है।

    जिसके चेहरे पर खून है, जिसने लोगों का खून पिया है वह देश पर राज कर रहा है। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि मुझे मालूम है कि इसके बाद वह मेरे घर पर सीबीआई भेज देंगे, मुझे पहले बता देना मैं खाना बनाकर रखूंगी। हमें डराने की कोशिश की जा रही है, मैं डरने वाली में से नहीं। मेरे लिए कफन इंतजार कर रहा है। मैं कफन के इंतजार में नहीं हूं।

    मोदी सिर्फ झूठ फैला रहे हैं। मोदी एक पैसा नहीं देते। डेमोक्रेसी अब नमोक्रेसी हो गया है। कभी नाम चेंज कभी कुछ और चेंज, यह हालात आपातकाल से भी ज्यादा गंभीर है। सपना देखना आसान है लेकिन सपना देखना आना चाहिए। आपको सिर्फ देश को तोड़ना आता है हमें देश को जोड़ना आता है।

    सभी पार्टियों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि हम सभी को एक साथ आना होगा। मैं देश के लिए अपने जीवन की अहूति देने को तैयार हूं। आज हमें मोदी हटाओ देश बचाओ का नारा लागू करना होगा। नौजवान बचाओ मोदी हटाओ, किसान बचाओ मोदी हटाओ। आज सभी फोन का टैप किया जा रहा है। ऐसा हमारे देश में कभी भी नहीं हुआ।

    मैंने गांधी जी की मूर्ति से भी कहा कि बापू बीजेपी को हटाइये और देश को बचाइये। मोदी जी आपने सिर्फ दंगे की राजनीति की है। आप सिर्फ गुजरात को पहचानते हैं लेकिन अगले चुनाव में आपको गुजरात भी मौका नहीं देगी। मोदी जी आप न लीडर हो ना लेडर (सीढ़ी) हो। 56 ईंच का छाती तो रावण का भी था मोदी जी। मैं सभी मतदाताओं से अनुरोधी करती हूं कि बीजेपी को वोट मत दो।

  • दिल्ली कांग्रेस की मीडिया प्रमुख पद से पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा का इस्तीफा

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    नई दिल्ली । शर्मिष्ठा मुखर्जी पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी ने दिल्ली कांग्रेस मीडिया प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। शर्मिष्ठा ने आज ही अपने पद से इस्तीफा दिया। हालांकि वो महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनी रहेंगी। शर्मिष्ठा की जगह रमाकांत गोस्वामी ने ली है।

    बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बनी कमेटियों में जगह नहीं मिलने के बाद शर्मिष्ठा मुखर्जी ने यह फैसला लिया।

    आम चुनाव के लिए दिल्ली मीडिया कोऑर्डिनेशन कमेटी में शर्मिष्ठा की जगह पर रमाकांत गोस्वामी को चुना गया है। शर्मिष्ठा मुखर्जी के इस्तीफे की यही वजह बताई जा रही है।

  • CM नीतीश कुमार ने लागू की पत्रकार सम्मान पेंशन योजना

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    पटना ।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विधानसभा में सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिये पत्रकार सम्मान पेंशन योजना लागू किये जाने की घोषणा की. कुमार ने सदन में पत्रकार सम्मान पेंशन योजना लागू किये जाने के सरकार के निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि वैसे पत्रकार जिन्होंने एक या एक से अधिक समाचार पत्र, पत्रिकाओं में कम से कम 20 वर्ष तक अपनी सेवा दी हो और उनकी आयु 60 वर्ष पूरी हो गयी हो उन्हें सरकार की ओर से लागू किये जाने वाले पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि न्यूज चैनल, पोर्टल और वेब पत्रकारिता से जुड़े पत्रकारों को भी पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार सम्मान पेंशन योजना का लाभ एक अप्रैल 2019 से ही मिलना शुरू हो जायेगा. पेंशन का लाभ ले रहे वैसे पत्रकारों की मृत्यु होने पर, उनकी पत्नी या पति को भी तीन हजार रूपया प्रतिमाह पेंशन के रूप में आजीवन मिलता रहेगा. इस योजना के तहत पत्रकार, छायाकार, संपादक, समाचार संपादक और व्यंग चित्रकार भी शामिल होंगे. पेंशन की राशि का भुगतान सीधे लाभान्वितों के खाते में किया जायेगा।

    इस बीच इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन (आईजेयू)से सम्बद्ध बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन( बीडब्लूजेयू ) के महासचिव कमल कांत सहाय ने पत्रकार पेंशन योजना लागू करने के लिये मुख्यमंत्री कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है । उन्होंने कहा कि पत्रकारों की ओर से यह मांग लम्बे समय से की जा रही थी जिसे नीतीश सरकार ने पूरा कर पत्रकारों में खुशी की नयी लहर पैदा की है. वहीं बीडब्लूजेयू की अध्यक्ष निवेदिता झा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से सेवा निवृत पत्रकारों को काफी राहत मिलेगा।

  • जम्मू-श्रीनगर : CRPF के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला, 40 जवान शहीद

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    जम्मू । सीआरपीएफ के काफिले को हाईवे पर एक कार में आईईडी लगाकर निशाना बनाया गया। धमाके के बाद आतंकियों ने काफिले पर फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले में जिस बस को निशाना बनाया उसमे 35 जवान सवार थे। जब सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला तो आतंकी मौके से भाग निकले।

    जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश ने बयान जारी करते हुए कहा है कि यह एक फिदायीन हमला था। जिसे गुंडीबाग, पुलवामा के आतंकी आदिल अहमद ने किया है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में उरी से भी बड़ा आतंकी हमला हुआ है।

    हमले में 20 जवानों के शहीद होने की आशंका है। हालांकि अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हमला जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किया गया है। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे।

    यह हमला श्रीनगर-जम्मू हाईवे के अवंतीपोरा में गोरीपोरा इलाके में किया गया है। हमले में अब तक 20 जवानों के शहीद होने की आशंका है। वहीं दर्जनों जवान गंभीर रूप से घायल हैं। सीआरपीएफ का 2500 जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर की तरफ जा रहा था तभी ये हमला हुआ।

    आईजी सीआरपीएफ रविदीप सिंह के मुताबिक, काफिले में कई बसें शामिल थीं, आतंकियों ने आईईडी लगाकर हमला किया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हमले पर शोक जताया। इसके साथ ही उन्होंने डीजी सीआरपीएफ से भी इस घटना को लेकर जानकारी ली।

    संसद भवन पर हमला (दिसंबर, 2001), जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला (अक्टूबर 2001), इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण (दिसंबर 1999), अयोध्या और वाराणसी धमाके। नवंबर, 2007 में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ द्वारा लखनऊ में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह राहुल गांधी के अपहरण के लिए देश में आए थे।

    2015 में जैश से संबंधित घटनाएं
    -15 जनवरी – दक्षिणी कश्मीर के केलर इलाके के गाडरू जंगल क्षेत्र में पांच जैश के आतंकियों को सेना द्वारा एक मुठभेड़ में ढेर किया गया। मारे गए आतंकियों में से एक जैश कमांडर मोहम्मद तोइब था जो पाकिस्तान मुल्तान का रहने वाला था जबकि बाकी के चार स्थानीय आतंकी थे।

    – 20 मार्च – जम्मू संभाग के कठुआ जिले के राजबाग पुलिस थाने पर सेना की वर्दी में फिदायीन हमला हुआ, जिसमें तीन जवान शहीद हुए। इसके अलावा एक स्थानीय नागरिक की भी इसमें मौत हुई। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकियों को भी ढेर किया गया, जबकि 10 लोग इस हमले में घायल हुए थे।

    – 21 मार्च – दो आतंकियों ने जम्मू संभाग के सांबा जिले में सेना के एक कैंप पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने दोनों को ढेर कर दिया।

    – 27 जुलाई – दस लोगों सहित एक एसपी उस समय शहीद हो गए जब हथियारों से लैस तीन आतंकियों ने गुरदासपुर के दीना नगर थाने पर धावा बोला। मरने वालों में तीन आतंकी, तीन स्थानीय नागरिक और चार पुलिस कर्मी थे।

    – 04 अक्टूबर – दक्षिणी कश्मीर के हारी परिगाम ट्त्राल में जैश के दो विदेशी आतंकियों को सेना ने मुठभेड़ के दौरान ढेर किया। इनकी पहचान आदिल पठान और बर्मी के तौर पर हुई थी।

    – 25, नवंबर – उत्तरी कश्मीर के टंगधार में सेना के कैंप पर हुए आत्मघाती हमले में एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई, जबकि तीन आतंकियों को सेना द्वारा ढेर किया गया।

    पुलवामा हमले पर पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह का ट्वीट- जवानों के खून की एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा

    इस घटना के बाद नेताओं के बयान आने शुरू हो गए हैं। इसी सिलसिले में पूर्व सेना प्रमुख और गाजियाबाद से भाजपा सांसद जनरल वीके सिंह ने भी ट्वीट कर इस हमले को कायरतापूर्ण बताया है। उन्होंने ट्वीट किया, एक सैनिक और भारत का एक नागरिक होने के नाते इस तरह की कायरतापूर्ण हरकतों से मेरा खून खौलता है। सीआरपीएफ के 18 बहादुर जवानों ने पुलवामा में अपनी जान गंवा दी। मैं उनके निःस्वार्थ बलिदान को नमन करता हूं और ये वादा करता हूं कि जवानों के खून की एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा।

  • जम्मू शहर में उग्र प्रदर्शन के चलते लगाया कर्फ्यू सेना ने किया फ्लैग मार्च

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    जम्मू । पुलवामा आतंकवादी हमले को लेकर हुए व्यापक प्रदर्शन तथा पथराव एवं आगजनी की घटनाओं के बाद जम्मू शहर में शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया गया और सेना ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में ऐहतियाती उपाय के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयीं। शहर में बंद के दौरान क्रुद्ध लोंगों ने कर्फ्यू को तोड़ते हुए इस आतंकवादी हमले के खिलाफ रैलियां निकाली। पुलिस को रेजीडेंसी रोड, काची छावनी और डोगरा हॉल क्षेत्रों में लोगों को तितर बितर करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा। गुज्जर नगर इलाके में पांच वाहनों में आग लगा दी गयी जबकि प्रदर्शनकारियों ने कई अन्य वाहनों को पलट दिया। प्रदर्शनकारियों कहना था कि जब वे हमले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे उस दौरान छतों से उन पर पथराव किया गया।

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    violence in jammu after the pulwama attack1

    अधिकारियों ने बताया कि सांप्रदायिक झगड़ों की आशंका के चलते जम्मू शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। संभागीय आयुक्त संजय वर्मा ने पीटीआई को बताया कि प्रशासन ने सेना की मदद मांगी गयी । सेना ने गुज्जर नगर एवं शहीद चैक इलाकों में फ्लैग मार्च किया। वर्मा ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किये गये हैं। खबरों के अनुसार हिंसा तब भड़क उठी जब गुज्जर नगर इलाके में रैली निकाली गयी तथा कुछ लोगों ने छत से प्रदर्शनकारियों पर ईंटें फेंकी। छतों से किए जाने वाले पथराव और वाहनों को जलाये जाने के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। पुलिस आनन फानन में मौके पर पहुंची तथा क्रुद्ध भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया गया और लाठियां चलायी गयीं।

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    जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जेसीसीआई) ने बृहस्पतिवार को आतंकवादी हमले का विरोध करते हुए जम्मू में बंद का आह्वान किया था। सड़क पर यातायात नहीं चल रहा था तथा बाजार में दुकानों को बंद रखा गया था। जम्मू शहर में ज्वैल चैक, पुरानी मंडी, रेहारी, शक्तिनगर, पक्का डंगा, जानीपुर, गांधीनगर और बक्शीनगर समेत दर्जनों स्थानों पर लोगों ने पाकिस्तान के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए। जम्मू के पुलिस उपायुक्त रमेश कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमने एहतियाती कदम के तौर पर जम्मू शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया है।’’ अधिकारियों के अनुसार, जम्मू शहर पूरी तरह बंद है और सड़कों पर कोई वाहन नहीं है। सभी दुकानें और बाजार बंद हैं।पाकिस्तान विरोधी, आतंकवादी विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कई सड़कों पर टायर फूंके। प्रदर्शनकारियों ने बदले की मांग करते हुए सड़कों को अवरुद्ध कर दिया।

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    बजरंग दल, शिवसेना और डोगरा फ्रंट के नेतृत्व में लोगों ने शहर में कैंडल मार्च निकाला और पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन किए। पुलवामा हमले का विरोध करते हुए जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय बार संघ ने उच्च न्यायालय और अधिकरणों समेत जम्मू में सभी अदालतों में काम स्थगित कर दिया। जम्मू कश्मीर को तीन भागों में बांटने की पैरवी करते रहे संगठन ने पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। संगठन के संस्थापक हरिओम ने कहा कि राज्य की स्थिति बहुत चिंताजनक हो गयी है। उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों पर बरसते हुए मांग की कि उनकी सुरक्षा हटा ली जानी चाहिए क्योंकि वे मुख्यधारा की राजनीति की आड़ में नरम अलगाववाद को आगे बढ़ा रहे हैं।

  • ईडी ने कुर्क की रॉबर्ट वाड्रा की करोड़ों रुपये की संपत्ति

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    नयी दिल्ली। बीकानेर के तहसीलदार ने इलाके में जमीन के आवंटन में कथित धोखाधड़ी के बारे में शिकायत की थी जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने प्राथमिकी और आरोपपत्र दायर किये थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने बीकानेर जमीन घोटाले के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा की एक कंपनी की 4.62 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है।

    एजेंसी ने कहा, ‘‘कुर्क की गयी संपत्तियों में चार लोगों की 18,59,500 रुपये की चल संपत्तियां और रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी मैसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटलिटी (प्राइवेट) लिमिटेड (अब एलएलपी) के स्वामित्व वाली 4,43,36,550 रुपये कीमत वाली एक अचल संपत्ति, जो नयी दिल्ली के 268, सुखदेव विहार में स्थित है, शामिल हैं।’’ ईडी ने 2015 में सौदे के सिलसिले में आपराधिक मामला दर्ज किया था।

    इस इलाके को भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने की वजह से संवेदनशील माना जाता है। वाड्रा और उनकी मां मौरीन मंगलवार को जयपुर में ईडी के समक्ष पेश हुए थे। कांग्रेस वाड्रा की पत्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उनके साथ जांच एजेंसी के दफ्तर तक गयी थीं।

    ईडी ने विदेश में कथित तौर पर अवैध तरीके से संपत्तियां खरीदने के मामले में वाड्रा के खिलाफ जांच के तहत उनसे दिल्ली में पिछले सप्ताह तीन दिन तक पूछताछ की थी।

    जाने क्या है पूरा मामला ?
    ईडी ने 2015 में सौदे के सिलसिले में आपराधिक मामला दर्ज किया था। बीकानेर के तहसीलदार ने इलाके में जमीन के आवंटन में कथित धोखाधड़ी के बारे में शिकायत की थी जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने प्राथमिकी और आरोपपत्र दायर किये थे।

    बीकानेर के कोलायत जमीन घोटाले में कथित रूप से फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर कई संदिग्ध नामों से जमीन आवंटित करा ली। यह जमीन महाजन फील्ड फायरिंग रेंज से विस्थापित होने वाले लोगों को देने के लिए थे. राजस्थान पुलिस ने इस मामले में पहले 18 चार्जशीट दाखिल किए थे और बाद में दो और चार्जशीट दाखिल किए गए थे।

    इनके एक आरोपियों में अशोक कुमार भी है जो वाड्रा की कंपनी में काम करने वाले महेश नागर का ड्राइवर था. अशोक कुमार को इस घपले की जानकारी थी. 2010 में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने 72 लाख रुपये में यहां 69.55 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी और दो साल बाद इसे एक कंपनी एलीगेनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड को 5.15 करोड़ रुपये में बेच दिया था. इस तरह इस सौदे में सात गुना कुल 4.43 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।