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  • PM मोदी का प्रियंका गांधी की एंट्री पर दिया बड़ा बयान

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    मुंबई । बीजेपी बूथ वर्कर्स से संवाद में बिना नाम लिए पीएम मोदी का प्रियंका गांधी पर निशाना साधा है। कांग्रेस द्वारा पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान प्रियंका गांधी को सौंपने के बाद लगातार नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाम लिए बिना कांग्रेस पर हमला किया है। महाराष्ट्र में बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए परिवार ही पार्टी है पर भाजपा लिए पार्टी ही परिवार है।

    सिर्फ भाजपा में लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन होता है। देश में कुछ अन्य दल भी कांग्रेस के गोत्र के हैं। पीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत से मतलब कांग्रेस कल्चर से है। हमारा विरोध कांग्रेस की संस्कृति से है।

    पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश आज देख रहा है कि माओवाद को हराने की हमारी जो रणनीति वह पूरी तरह से कामयाब हो रही है. माओवाद प्रभावित जिलों में करीब 4.5 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है. कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 2400 मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं. माओवाद से प्रभावित जिलों में 8 नए केंद्रीय विद्यालय खोले जा रहे हैं.।

    पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए हमने छात्रों के लिए प्रमाणपत्रों को सेल्फ अटेस्टेड करने की प्रक्रिया शुरू की. डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देने से भ्रष्टाचार को रोकने में हमें कामयाबी मिली है. आज पासपोर्ट बनवाना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है.।

    पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े गरीबों को दिए गए आरक्षण के पवित्र काम के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पिछले दरवाजे से अदालत में चुनौती देने का प्रयास कर रही है.।

  • आइए जानें, आखिर क्या कहते हैं प्रियंका के सितारे..

    नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने बड़ा धमाका किया है। पार्टी ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए सोनिया गांधी की बेटी और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी को कांग्रेस का महासचिव नियुक्त किया है। इसके बाद कांग्रेस में जहां खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं तमाम राजनीतिक विश्लेषकों ने भी इसके फायदे नुकसान गिनाने शुरू कर दिए हैं।

    थोड़ी देर बाद ही सोशल मीडिया पर प्रियंका की कुंडली का विश्लेषण भी ज्योतिषाचार्यों की ओर से आने लगा कि कांग्रेस का यह तुरुप का पत्ता कितना कारगर साबित होने वाला है.. तो आइए जानते हैं आखिर क्या कहते हैं प्रियंका का सितारे…।  प्रियंका गांधी का जन्म 12 जनवरी 1972 को शाम 5 बजकर 5 मिनट पर नई दिल्ली में हुआ था। उनकी कुंडली मिथुन लग्न की है और राशि वृश्चिक है। जन्मांक के आधार पर उनका मूलांक 3 और भाग्यांक 5 है। 23 जनवरी 2019 को उन्होंने राजनीति में अधिकृत रूप से प्रवेश लिया है।

    यह दिन उनके भाग्यांक 5 से गहरा जुड़ा हुआ है।  दिनांक 23 1 2019 का मूलांक-भाग्यांक दोनों 5 है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो आज का यह निर्णय निश्चित ही उनके लिए बेहद लकी है। ज्योतिष के अनुसार, प्रियंका गांधी की लग्न मिथुन का स्वामी और भाग्यांक का ग्रह बुध है। बुध किशोर व युवा ग्रह माना जाता है।

    उनका व्यक्तित्व भी ऐसा ही है। वे विश्व के सबसे युवा आबादी वाले देश में नई पीढ़ी की आवाज बनकर उभर सकती हैं। उनकी यह प्रभावशीलता भारत के सबसे बड़े मत-वर्ग को गहरा प्रभावित करेगी। संभवतः वे सबसे असरदार ढंग से युवा भारत की आवाज को बुलंद करेंगी।ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, जन्मांक 3 होने से गुरु ग्रह की गरिमा और गंभीरता प्रियंका के व्यक्तित्व में है।

    उन्हें राजनीतिक स्तर पर हल्के में लेना किसी भी दल या व्यक्ति के लिए भूल होगी। वर्ष 2019 भी बृहस्पति के अंक 3 से प्रभावित है। निश्चित इस वर्ष वे उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली हैं। विशेषतः मार्च से मई माह तक उनकी सक्रियता अविस्मरणीय होगी। गुरु उनकी कुंडली में सातवें घर में सूर्य बुध के संग स्वराशिस्थ हैं, जो उन्हें संगठनात्मक क्षमता प्रदान करते हैं।

    सरल शब्दों में समझें तो कांग्रेस पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनसे जुड़ाव अनुभव करेगा और सूझबूझ से वे सबको साथ लेकर आगे भी बढ़ पाएंगी।वर्तमान में उनकी विंशोत्तरी महादशा शुक्र की है। इसमें शनि की अंतरदशा चल रही है. दोनों ही ग्रह मिथुन लग्न में योगकारक हैं। पंचमेश और भाग्येश का संयोग बनाए हुए हैं।

    अर्थात् बुद्धि-विवेक-भाग्य के अद्भुत संयोग में हैं। राशि वृश्चिक है। वर्तमान गोचर में शनि की साढ़ेसाती है। राजनीतिज्ञों के लिए अक्सर साढ़ेसाती बड़े लाभ लाती है। कारण, शनिदेव स्वयं जनता के कारक हैं। साथ ही गुरु का उनकी राशि में गोचर उन्हें धीर गंभीर और जिम्मेदारी का भाव दे रहा है। इनके प्रभाव से वे इस वर्ष पद प्रतिष्ठा को प्राप्त भी होंगी और उनका निर्वहन भी पूरी संजीदगी से करेंगी।

  • 70वां गणतंत्र दिवस: राजपथ पर भारतीय सेना ने किया शौर्य प्रदर्शन, जानिये गणतंत्र दिवस समारोह की 10 मुख्य बातें!

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    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजपथ पर 70वें गणतंत्र दिवस का जश्न कड़ी सुरक्षा के बीच मनाया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा इस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। राजपथ पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेना प्रमुखों के साथ अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। ध्वजारोहण के दौरान बैंड ने राष्ट्रगान बजाया और 21 तोपों की सलामी दी गई. इसी के साथ तिरंगा भी फहराया गया. इस साल गणतंत्र दिवस की थीम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जुड़ी है।

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    Rajpath-70th-Republic-Day-Indian-Army-Bravery

    आज भारत अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली के राजपथ परेड निकाली गई। गणतंत्र दिवस के पर्व भारत की शक्ति और सांस्कृति की झलक दिखी।

     

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राजपथ पर दी जा रही है सलामी, मुख्य युद्धक टैंक टी-90 भीष्म, इंफैंट्री कांबैट व्हीकल बीएमपी-2, के-9 वज्र तोप परेड के मुख्य आकर्षण केंद्र बनी रहीं।

    गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्यातिथि दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा पहुंचे हैं।

    दिल्ली के राजपथ पर मिलिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित बच्चों की झलकी दिखाई गई। वहीं ‘सर्व धर्म समभाव’ और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती गोवा की झांकी दिखाई गई। स्वच्छता का संदेश देती राजपथ पर त्रिपुरा की झांकी दिखाई है। पहली बार असम राइफल्स की महिला कंटिनजेंट ने राजपथ पर मार्च निकाला।

    गोवा की झांकी, जिसकी सेंट्रल थीम थी- अमन जहां पर कायम है।

    दिल्ली और उत्तराखंड की झांकी निकाली गई। दिल्ली की झांकी में महात्मा गांधी और बिरला मंदिर को दिखाया गया। अंग्रेजों भारत छोड़ो  और करो या मरो  की थीम पर आधारित महाराष्ट्र की झांकी निकाली।

    राजपथ पर सीमा सुरक्षा बल के ऊंट सवार दस्ते की सलामी दी। वहीं समुद्री सीमा के कर्तव्यनिष्ठ प्रहरी लेफ्टिनेंट कमांडर अम्बिका सुधाकरण के नेतृत्व में नौसेना का मार्चिंग दस्ता निकला।

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    नौसेना का मार्चिंग दस्ता। जिसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर अंबिका सुधाकरण ने किया।

    इस बार गणतंत्र दिवस पर सेना की परेड निकाली जा रही है। इस बार गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व मेजर जनरल असित मिस्त्री कर रहे हैं।

    लांसनायक नजीर अहमद वाणी को मरनोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया। इस मौके पर उनकी पत्नी ने राष्ट्रपति से ये अवॉर्ड प्राप्त किया।

    लांस नायक नजीर अहमद वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र

    इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजपथ पर तिरंगा फहरा दिया है। वहीं पीएम मोदी ने मोदी ने इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंची और उनका तीनों सेनाओं के प्रमुख ने स्वागत किया।

     

    राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह का आनंद उठाते पीएम नरेंद्र मोदी।

    पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने निजी ट्विटर हैंडल पर  सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं। जय हिन्द!

    वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने पर कहा कि प्रणब दा हमारे वक्त के सबसे उत्कृष्ट राजनेता हैं। उन्होंने दशकों तक देश की निस्वार्थ और अथक सेवा की है और देश की विकास यात्रा पर मजबूत छाप छोड़ी।

     

    कुछ ऐसा है राजपथ का नजारा

    आगे लिखा कि उनकी इस बुद्धिमत्ता और मेधा के सानी से बहुत ही कम लोग वाकीफ होंगे। मुझे प्रसन्नता है कि उन्हें भारत रत्न जैसे सम्मान से सम्मानित किया गया।

     

    राजपथ मोटरसाइकिल स्टंट टीम ने भी कई जाबांजी के करतब दिखाए।

    70वां गणतंत्र दिवस पर सबसे पहले तमिलनाडु के गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित ने झंड फहराया है। आंध्र प्रदेश के गवर्नर, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और ओडिशा गर्वनर ने फहराया झंडा।

    वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में फहराया झंडा। छत्तीसगढ़ के रायपुर में सीएम भूपेश बघेल ने भी झंडा फहराया है।

    जानिये गणतंत्र दिवस समारोह की 10 मुख्य बातें!

    1. इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा रहे। वह अपनी पत्नी डॉक्टर शेपो मोट्सेप और एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ समारोह में मौजूद रहे। वह पहली बार बतौर राष्ट्रपति भारत के दौरे पर हैं। उनका यह दौरा 2 दिनों का है।

    2. देश के सबसे पुराने अर्धसैनिक बल असम राइफल्स की महिला दस्ता ने पहली बार परेड में हिस्सा लिया। इस दस्ते का नेतृत्व लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी ने किया।

    3. सेना के जवानों की बाइकों पर हैरतअंगेज करतबों को देखकर बरबस लोग दांतों लगे उंगलियां दबा लिए। महिला जवान ने भी बाइक पर खतरनाक स्टंट को अंजाम दिया।

    4. इस बार गणतंत्र दिवस परेड में कई चीजें पहली बार हुईं। फ्लाइफास्ट में पहली बार बायोफ्यूल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इसके अलावा पहली बार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नैशनल आर्मी के 4 पूर्व सैनिक भी राजपथ पर दिखाई दिए। सबकी उम्र 90 वर्ष से ऊपर है।

    5. राजपथ पर परेड और झांकियों ने देश की आन, बान, शान और सांस्कृतिक विविधता का मुजाहिरा किया। पहली बार बारूदी सुरंग को डिटेक्ट करने वाले सिस्टम, मध्यम श्रेणी की सरफेस टु एयर मिसाइल के साथ-साथ अर्जुन आर्म्ड रिकवरी ऐंड रिपेयर वीइकल्स भी राजपथ पर दिखाई दिए।

    6. इस साल बापू की 150वीं जयंती है। राजपथ पर 3 साल बाद रेलवे की झांकी निकली, जिसका थीम बापू का श्मोहनदास कर्मचंद गांधी से महात्मा गांधी तक का सफर  रहा।

    7. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी ब्प्ैथ् ने 11 साल बाद रिपब्लिक डे परेड में हिस्सा लिया। ब्प्ैथ् ही दिल्ली स्थित बापू की समाधि राजघाट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। बापू की इस साल 150वीं जयंती है, इसी वजह से ब्प्ैथ् को परेड में शामिल होने का मौका मिला।

    8. पहली बार सेना की गोरखा ब्रिगेड ने परेड में हिस्सा लिया। अपने अदम्य साहस और वीरता की वजह से खास पहचान बनाने वाली गोरखा ब्रिगेड 7 अलग-अलग गोरखा रेजिमेंटों को मिलाकर बनती है।

    9. देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परम वीर चक्र के विजेता भी राजपथ परेड में शामिल रहे। परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर बाना सिंह, सूबेदार योगेंद्र सिंह यादव और सूबेदार संजय कुमार भी परेड में शामिल हुए।

    10. शानदार फ्लाइपास्ट ने राजपथ पर मौजूद भीड़ को रोमांचित कर दिया। सुखोई, जैगुआर, ब्-130श्र सुपर हरक्युलस और मिग-29 विमानों ने हवा में करतब से लोगों का दिल जीत लिया। समारोह का समापन फ्लाइपास्ट के साथ हुआ। आखिर में आसमान में खूबसूरत और रंग-विरंगे गुब्बारे छोड़े गए।

     

  • अंतरिम बजट पेश करेंगे PIYUSH GOYAL , जानिए अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट

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    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट पेश करेंगे. फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली का स्वास्थ्य बेहतर न की वजह से पीयूष गोयल को फाइनेंस मिनिस्‍ट्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. बता दें कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो जाएगा जो कि 13 फरवरी तक चलेगा।

    मोदी सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट

    गौरतलब है कि मोदी सरकार के कार्यकाल का यह अंतिम बजट होगा. अंतरिम बजट में किसानों के मुद्दे को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद है।इससे पहले मीडिया में पूर्ण बजट पेश किए जाने की खबर आई थी, जिसका सरकार ने खंडन कर दिया है।

    मेडिकल चेकअप के लिए अमेरिका में हैं जेटली

    बता दें कि पिछले साल किडनी ट्रांसप्लांट के बाद फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली मेडिकल चेकअप के लिए अमेरिका गए हुए हैं. किडनी ट्रांसप्लांट के बाद जेटली की पहली विदेश यात्रा है. उन्हें पिछले साल अप्रैल में एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां पर वह डायलसिस पर  थे. इसके बाद 14 मई 2018 को उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. उस दौरान भी रेलवे और कोयला मंत्री पीयूष गोयल को ही फाइनेंस मिनिस्‍ट्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

    आम बजट और वोट ऑन अकाउंट में अंतर

    आम बजट एक पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए पेश किया जाता है,  जबकि अंतरिम बजट कुछ ही महीनों के लिए पेश किया जाता है. अंतरिम बजट के कुछ महीनों बाद नई सरकार के गठन के बाद में उनकी ओर से उसी साल का पूर्ण बजट भी पेश किया जाता है.

    अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट में अंतर

    अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट में भी थोड़ा अंतर होता है. दोनों ही कुछ ही महीनों के लिए होते हैं. हालांकि दोनों को पेश करने का जो  तरीका है उसमें अंतर होता है. अंतरिम बजट में केंद्र सरकार खर्च के अलावा राजस्व का भी ब्यौरा देती है, जबकि लेखानुदान में सिर्फ खर्च के लिए संसद से मंजूरी मांगती है।

    क्‍या है अंतरिम बजट और क्‍या हैं मायने

    आमतौर पर चुनावी साल के दौरान सरकारें फुल बजट न पेश करके  अंतरिम बजट पेश करती हैं. दरअसल यह बजट चुनावी साल में नई सरकार के गठन तक खर्चों का इंतजाम करने की औपचारिकता होती  है. इस बजट में ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया जाता है, जो नीतिगत और जिसे पूरा करने के लिए संसद की मंजूरी लेनी पड़े या फिर कानून में बदलाव की जरूरत हो । इस बजट में डायरेक्ट टैक्स में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाता.  हालांकि सरकारें इंपोर्ट, एक्साइज या सर्विस टैक्स में राहत दे देती हैं. आमतौर पर हर सरकार की खुद की योजनाएं होती हैं और वह उसी के मुताबिक धन का आवंटन करती हैं।

  • नरेंद्र मोदी को फिर दिलाएगा सत्ता ये देश ?

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    नई दिल्ली । देश में बीजेपी के अपने चुनावी वादे के अनुकूल रोजगार न पैदा होने से विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। वहीं, दूसरी तरफ चीन में रोजगार की कोई कमी नहीं है, जिसका कारण यह है कि वहां मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़े-बड़े काम हो रहे हैं।

    ऐसे में चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि रोजगार पैदा करने में चीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद कर सकता है। ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि रोजगारों की कमी के कारण जनता में मोदी सरकार के प्रति रोष है और यह चीन के लिए अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि चीन चाहता है कि मोदी फिर सत्ता में आएं।

    ग्लोबल टाइम्स ने कहा, डोकलाम में गतिरोध के एक साल से भी अधिक समय बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति हो रही है। भारत की केंद्र सरकार कमजोर और जनसंख्या व्यापक है। हमें उम्मीद है कि मोदी के प्रति लोगों का नजरिया बदलेगा, जिससे वह आर्थिक सुधार और चीन-भारत के आर्थिक संबंध को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त समर्थन पा सकेंगे।

    समाचारपत्र के मुताबिक, श्ऐसा लगता है कि भारत कशमकश में है। अगर नई दिल्ली चीनी निवेश पर लगाम लगाता है, तो इससे अपरिहार्य तौर पर युवा अबादी के रोजगार में कटौती होगी। चीन का भारत में निवेश मूलतः श्रम-गहन क्षेत्रों जैसे स्मार्टफोन संयंत्रों के निर्माण पर केंद्रित है।

    चीन आउटबॉन्ड इन्वेस्टमेंट में बड़े उछाल का साक्षी रहा है, क्योंकि इसका श्रम लागत से होने वाला लाभ सीमित हुआ है। अगर भारत खुद को चीनी निवेश का एक आकर्षक गंतव्य बनाता है, तो इससे दक्षिण एशियाई देश में रोजगारों के सृजन को समर्थन मिलेगा।श्

    रिपोर्ट में कहा गया है कि आम चुनाव से पहले मोदी सरकार को रोजगार के मोर्चे पर अच्छी खबर की जरूरत है और अधिक से अधिक चीनी निवेश को आकर्षित करने से इसमें मदद मिल सकती है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, श्चीनी कंपनियों को भारत के श्रम-गहन उद्योगों में निवेश के लिए उत्साहित करने से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी और चीनी निवेश में तीव्र वृद्धि से आम चुनाव से पहले मोदी को अपने राजनीतिक रुतबे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।श्

  • अब मंदिर निर्माण का रास्ता होगा साफ, राम मंदिर निर्माण की दिशा में बढ़े सरकार कदम, पढ़े पूरी खबर !

    नई दिल्ली । आरएसएस के नेतृत्व वाले कई संगठन विवादित भूमि पर मंदिर निर्माण के लिए कानून की मांग कर रहे हैं। बीजेपी के एक नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका राम भक्तों और बीजेपी कैडरों की गहरी पीड़ा को दूर करने का प्रयास है।

    इस टिप्पणी से कुछ घंटे पहले ही केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या में विवादित ढांचे के आसपास अधिग्रहित गैर-विवादित भूमि को न्यास और दूसरे मालिकों को लौटाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। आम चुनाव से ठीक पहले अयोध्या मामले में केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले को बीजेपी ने राम मंदिर निर्माण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

    दरअसल, लोकसभा चुनाव में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, इस बीच मंगलवार को केंद्र सरकार ने अयोध्या में गैर-विवादित भूमि उसके मूल मालिकों को लौटाने की पहल की। इसमें राम जन्मभूमि न्यास भी शामिल है। बीजेपी नेताओं ने मोदी सरकार के इस कदम को अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनने का काम शुरू होने से जोड़ा है। आपको बता दें कि 67 एकड़ के गैर-विवादित भूमि में से राम जन्मभूमि न्यास की जमीन 42 एकड़ है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकार जमीन को उसके मूल मालिकों को लौटाना चाहती है और वे वहां राम मंदिर बनाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी हमेशा से कहती रही है कि कानूनी रास्ते से अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाना चाहिए और सरकार का यह फैसला एक कानूनी कदम है। उन्होंने कहा, श्हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि कोर्ट से सरकार को जल्द से जल्द अनुमति मिल जाएगी। गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में हमेशा अयोध्या में उस स्थान पर जहां बाबरी मस्जिद थी, राम मंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता जताई है।

    6 दिसंबर 1992 को ढांचे को गिरा दिया गया था। दरअसल, आम चुनाव से पहले पार्टी अब मानकर चल रही है कि उसे अपने कोर समर्थकों का वोट पाने के लिए मंदिर निर्माण की मंशा स्पष्ट करनी होगी। राजनीतिक जानकार 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के हारने की एक बड़ी वजह भी इसे मानते हैं। नेता ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के हाल में बीजेपी अधिवेशन में दिए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने मंदिर निर्माण को लेकर पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई थी तो हजारों डेलिगेट्स ने जमकर तालियां बजाईं थीं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संक्षिप्त रूप से जिक्र किया था, जिस पर लोगों ने जोर-शोर से खुशी जाहिर की थी। कानून की मांग के बीच मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी लेकिन सुनवाई में देरी से साधुओं और पार्टी के कोर हिंदुत्व समर्थकों में चिंता और भ्रम बढ़ रहा था। सरकार की याचिका के महत्व को स्पष्ट करते हुए पार्टी नेता ने कहा, श्हमें उनकी भावनाओं को लेकर चिंतित होना होगा। राम मंदिर चाहने वाले लोगों ने हमेशा हमें समर्थन दिया है।

    सरकार की तरफ से यह राजनीतिक संदेश दिया जाना चाहिए कि हमें उनकी भावनाओं की परवाह है। उधर, बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि न्यास अयोध्या में राम मंदिर चाहता है।

    गैर-विवादित भूमि के बड़े मालिकों में यह ट्रस्ट एक है, जिसकी जमीन सरकार ने अधिग्रहित की है और अब वापस करने की पेशकश की है। उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि विवादित जगह के आसपास की बढ़ी हुई जमीन को उसके मूल मालिकों को लौटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका से राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

    वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद भी जताई कि गैर-विवादित भूमि पर काम शुरू करने की अनुमति मिल जाएगी। जावड़ेकर ने स्पष्ट कहा कि सरकार चाहती है कि 0.313 एकड़ की जो विवादित जमीन है उस पर यथास्थिति बनी रहे, उसका कानूनी कामकाज और कोर्ट केस पूर्व की तरह चलता रहे।

    इसके अलावा भूमि के जिस हिस्से पर कोई विवाद नहीं है, सरकार उसे ही मूल मालिकों को वापस देना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार विवादित जमीन को नहीं छू रही है।

  • लोकपाल कानून को लेकर अन्ना हजारे करेंगे अनशन, निशाने पर होगी केन्द्र सरकार

    मुंबई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे एक बार फिर आंदोलन करने जा रहे हैं। बुधवार को सुबह 10 बजे वह महाराष्ट्र के अपने गांव रालेगण सिद्धि में अनशन पर बैठेंगे। मंगलवार को उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकपाल कानून बनकर 5 साल हो गए और नरेंद्र मोदी सरकार पांच साल बाद बार-बार बहानेबाजी करती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, श्नरेंद्र मोदी सरकार के दिल में अगर होता तो क्या 5 साल लगना जरूरी था?श्

    अन्ना ने यह भी साफ कहा, ये मेरा अनशन किसी व्यक्ति, पक्ष, पार्टी के विरुद्ध में नहीं है। समाज और देश की भलाई के लिए बार-बार मैं आंदोलन करता आया हूं, उसी प्रकार का ये आंदोलन है।  आपको बता दें कि 2011-12 में अन्ना हजारे के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान पर तत्कालीन   सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन हुआ था।

    उस आंदोलन में शामिल कई चेहरे अब राजनीति में आ चुके हैं लेकिन अन्ना एक बार फिर अनशन पर बैठने जा रहे हैं। हालांकि इस बार आंदोलन का केंद्र दिल्ली न होकर अन्ना का अपना गांव रालेगण सिद्धि ही है।

  • Alert : स्वाइन फ्लू की चपेट में राजस्थान, अबतक 75 लोगों की मौत

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    जयपुर। राजस्थान में स्वाइन फ्लू तेजी से अपना पैर पसारते जा रहा है. राज्य में स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से अबतक 75 लोगों की मौत हो गई है. राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने राज्य के तमाम बस अड्डे और रेलवे स्टेशनों पर स्वाइन फ्लू के संदिग्धों की सघन जांच के आदेश दिए हैं.। उन्होंने वायरस के परीक्षण की व्यवस्था करने के लिए पांच नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 5 करोड़ रुपये की मंजूरी दी. ये कॉलेज भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर और पाली में हैं।

    जानकारी के मुताबिक भरतपुर में और उदयपुर में सोमवार को स्वाइन फ्लू से एक व्यक्ति की मौत हो गई. जबकि पूरे राजस्थान में इस बीमारी की चपेट में आने से अबतक 75 लोगों की जानें जा चुकी है.स्वास्थ्य मंत्री ने संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अस्पतालों के अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सभी 33 जिला अस्पतालों में सैम्पलस के परीक्षण के लिए मशीनें और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

    राज्य में 12 स्थानों पर परीक्षण की सुविधा है – सात मेडिकल कॉलेज, जोधपुर में डेजर्ट मेडिकल रिसर्च सेंटर और चार प्राईवेट प्रयोगशालाएं.रघु शर्मा ने कहा कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई व्यवस्था पर संतोश व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और इलाज शुरू करना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से बीमारी का जल्द पता लगाने और इलाज की व्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया. मंत्री ने कहा कि राज्य में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक लाख टेमीफ्लू टैबलेट्स की आपूर्ति की गई है, और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

  • आप यह जानकर हैरान होंगे कि ये BJP विधायक अपने परिवार के साथ रहते हैं झोपड़ी में , नहीं  है पक्का मकान !

    मुरैना। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं सीताराम आदिवासी, तीसरे प्रयास में दर्ज की है जीत और परिवार के साथ रहते हैं झोपड़ीनुमा कच्चे मकान में। स्थानीय लोग नहीं चाहते कि उनका विधायक झोपड़ी में रहे, लिहाजा लोगों ने आपसी सहयोग से पैसे इकट्ठे किए, जिससे सीताराम का पक्का मकान बन रहा है। यह बात आपको अचरज में डाल सकती है, मगर हकीकत है। वर्तमान दौर में भी इस राज्य का एक विधायक अपने परिवार के साथ झोपड़ी में रहता है। सीताराम भाजपा के विधायक हैं।

    उनका रहन-सहन ठेठ गंवई अंदाज का है। इन दिनों वह शाम के समय अपनी झोपड़ी के बाहर खटोली (छोटी खटिया) पर बैठक कर आग तापते नजर आ जाएंगे, तो सुबह में शॉल ओढ़े और धूप सेंकते हुए अपनों की पंचायत करते हैं। यह नजारा आम है। सीताराम श्योपुर जिले के कराहल विकासखंड के पिपरानी गांव के रहने वाले हैं। इसी गांव में अब उनका दो कमरों का छोटा सा पक्का मकान बनाया जा रहा है। उनकी कोई संतान नहीं है।

    विधायक -सीताराम आदिवासी 1

    अभी हाल में हुए विधानसभा चुनाव में सीताराम ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर नेता रामनिवास रावत को शिकस्त दी। सीताराम का यह तीसरा चुनाव था। वे लगातार दो चुनाव हारे और तीसरे चुनाव में उन्होंने आखिरकार जीत दर्ज कर ही ली।

    सीताराम का कहना है कि उनके पास पैसा नहीं है, इसलिए अपने परिवार के साथ झोपड़ीनुमा कच्चे मकान मे रहते हैं। पहले कभी कांग्रेस के सदस्य हुआ करते थे, वहां महत्व नहीं मिला तो भाजपा में आए, दो चुनाव हारे, तीसरे चुनाव में जीत मिली है।

    विधायक सीताराम को चाहने वाले धनराज का कहना है कि उन लोगों को अच्छा नहीं लगता कि उनका जनप्रतिनिधि झोपड़ीनुमा घर में रहे, यही कारण है कि उनके चहेतों ने चंदा करके पक्का मकान बनाने की योजना बनाई है, इस पर अमल भी शुरू हो गया है। सीताराम कराहल विकासखंड के पिपरानी गांव के रहने वाले हैं। इसी गांव में अब उनका पक्का मकान बनाया जा रहा है। वे स्वयं कहते हैं कि लोगों ने सहयोग के तौर पर 500-1000 रुपए करके दिए हैं।

    इतना ही नहीं, कई स्थानों पर सिक्कों से भी तौला गया है। इस रकम से मकान निमार्ण का शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीताराम हमेशा उनके लिए संघर्ष करते रहे हैं। जब जहां जरूरत होती है, वे साथ जाने से नहीं हिचकते।

    इसीलिए सभी चाहते हैं कि विधायक उनके बीच रहें, यही कारण है कि लोगों ने उनका मकान बनाने के लिए चंदा इकठ्ठा किया है। सीताराम की पत्नी इमरती बाई का कहना है कि उनके पति और परिवार लंबे अरसे से संघर्ष करता आ रहा है। अब दिन फिरे हैं, उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी स्थिति सुधरेगी और जीवन सुखमय होगा। सीताराम तो जनता के काम हो ही अपना काम मानते हैं, इसलिए जनता भी उन्हें अपना मानती है।

  • जींद की जंग में BJP जीती, Congress के कद्दावर नेता सुरजेवाला हारे

    जींद । कांग्रेस के कद्दावर नेता सुरजेवाला तथा उपचुनाव में पार्टी की तरफ से प्रत्याशी बने रणदीप सुरजेवाला ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि सीएम मनोहरलाल खट्टर और कृष्णा मिड्ढा जी जींद के लोगों का सपना पूरा करेंगे। मुझे पार्टी की तरफ से एक जिम्मेदारी दी गई थी, जिसको मैंने पूरी क्षमता के साथ पूरा किया। मैं कृष्णा मिड्ढा जी को बधाई देता हूं। सवाल बन चुके जींद विधानसभा उपचुनाव में विजयी प्रत्याशी बीजेपी के कृष्ण मिड्ढा ने 12 हजार 235 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 50 हजार 566 वोट मिले।

    नतीजों में कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला को मुंह की खानी पड़ी और वह 22740 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वहीं जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के दिग्विजय चैटाला ने कमबैक किया है। उन्होंने 37631 वोटों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं आईएनएलडी को केवल 3454 मत ही हासिल हुए। बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण मिड्ढा ने जीत के बाद कहा, श्मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने पार्टी और मुझे सपॉर्ट किया।

    यह सभी लोगों की जीत है। इस चुनाव में हमारे सामने बड़े नेता भी थे, लेकिन हमने उन्हें भी हरा दिया। हम प्रधानमंत्री के द्वारा लॉन्च की गई योजनाओं को लोगों के बीच ले जाने का काम करेंगे। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा, श्यह शानदार जीत बीजेपी की निरंतर बढ़ रही लोकप्रियता को प्रकट करती है। यह जीत आने वाले लोकसभा, विधानसभा चुनावों के लिए एक इशारा है कि जनता अब बरगलाने वालों की नहीं, बल्कि विकास की राजनीति करने वालों के साथ है।

    यह विजय जनता का हमारी सरकार की व्यवस्था परिवर्तन की नीति, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तथा प्रदेशभर में किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों पर मुहर है। खट्टर ने कहा, श्जींद उपचुनाव में लोगों ने तरह-तरह के ओछे हथकंडे अपनाए तथा जातिवाद की राजनीति की, लेकिन हमारी सरकार हरियाणा एक-हरियाणा एक की सोच के साथ समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चली।

    जनता का जातिवाद से ऊपर उठकर विकास पर मुहर लगाना समाज को बांटने की राजनीति करने वालों को करारा जवाब है। वहीं जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी तथा नतीजों में दूसरे नंबर पर रहे दिग्विजय चैटाला ने कहा, श्मैं बीजेपी को इस जीत के लिए बधाई देना चाहता हूं। हमें ईवीएम में कई खामियां मिलीं, इस मामले को पहले पार्टी मीटिंग में उठाया जाएगा और फिर हम मीडिया में बात को लेकर आएंगे। जींद में 28 जनवरी को हुए बहुकोणीय उपचुनाव में करीब 75 फीसदी मतदान हुए थे।

    यहां से आईएनएलडी से दो बार विधायक रहे हरि चंद मिड्ढा के अगस्त 2018 में निधन के कारण यह उपचुनाव हुआ था। बीजेपी ने दिवंगत हरि चंद मिड्ढा के बेटे कृष्ण मिड्ढा को अपने टिकट पर मैदान में उतारा तो कांग्रेस ने रणदीप सुरजेवाला को प्रत्याशी बनाया। इनके अलावा जेजेपी ने अजय चैटाला के छोटे बेटे दिग्विजय चैटाला को उम्मीदवार बनाया। इसी तरह राजस्थान के रामगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी शाफिया जुबैर खां ने 12,228 वोटों से जीत दर्ज कर ली है।

    उनके खाते में 83,311 वोट आए। राजस्थान विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बीएसपी प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। लोकसभा चुनाव से पहले ये आखिरी उपचुनाव थे, इसलिए उपचुनाव के नतीजे बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बने थे।