Category: national

  • Ram Mandir पर फारूक अब्दुल्ला ने दिया चौंकाने वाला बयान, सभी हुए हैरान

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    नई दिल्ली। अयोध्या में जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा नई बेंच के पास भेजने के फैसले के बाद नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला की तरफ से चौंकाने वाला बयान आया है। अब्दुल्ला ने कहा कि इस मुद्दे को लोगों के साथ टेबल पर चर्चा कर सुलझाया जाना चाहिए। इसे कोर्ट कोर्ट में घसीटने की क्या जरूरत है। मुझे पूरा यकीन है बातचीत के जरिए से इसे सुलझाया जा सकता है। भगवान राम पूरी दुनिया के हैं, सिर्फ हिंदुओं के नहीं। उन्होंने कहा, ‘भगवान राम से किसी को बैर नहीं है और होना भी नहीं चाहिए। कोशिश करनी चाहिए मामले को सुलझाने की और बनाने की। जिस दिन यह हो जाएगा, मैं भी एक पत्थर लगाने जाऊंगा।

    आपको बतां दे कि इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि उसके द्वारा गठित एक उपयुक्त पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना विवाद मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आदेश देगी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने कहा, ‘‘एक उपयुक्त पीठ मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आगे के आदेश देगी।’’ सुनवाई के लिए मामला सामने आते ही प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामला है और इसपर आदेश पारित किया। अलग-अलग पक्षों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरिश साल्वे और राजीव धवन को अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं मिला। मामले की सुनवाई 30 सेकेंड भी नहीं चली।

    दूसरी तरफ, इस मामले में एक पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि इस मामले का समाधान कोर्ट से ही होना चाहिए। अंसारी ने मंदिर मामले पर पीएम मोदी के बयान का समर्थन भी किया, जिसमें उन्होंने कानून प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करने को कहा था।

    वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पीएम मोदी के बयान पर इस मामले पर किसी भी टिप्पणी की जरूरत नहीं रह जाती है। बता दें कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी। 10 जनवरी को मामला सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की स्पेशल बेंच के सामने जाएगा।
    इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वकील हरिनाथ राम की तरफ से दाखिल की गई उस पीआईएल को भी खारिज कर दिया है, जिसमें अयोध्या विवाद की रोजाना सुनवाई की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस कदर भीड़ थी कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी। सीजेआई के सामने जब मामला आया तो उन्होंने कुछ ही सेकंड में 10 जनवरी को सुनवाई की बात कही।

  • सदर अस्पताल में बेड पर मरीजों की जगह आराम फरमा रहे कुत्ते

    नवादा । बिहार के नवादा जिले से नीतीश सरकार की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया करवाने वाले दावे की पोल खोलता हुए एक मामला सामने आया है। यहां सदर अस्पताल में बेड पर मरीजों की जगह कुत्ते आराम फरमा रहे हैं।

    मरीजों के मुताबिक, अस्पताल के इमरजेंसी और सर्जिकल वार्ड में कुत्ते घूमते नजर आते हैं और इंसानों के बेड पर आकर सो जाते हैं। कुत्तों की बेरोकटोक आवाजाही से मरीज और उनके परिजन भी डरे रहते हैं। इस बारे में अस्पताल प्रबंधन से शिकायत के बाद भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।

    वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ये हमें नहीं पता है, लेकिन ऐसा कुछ है तो जांच कर कार्रवाई होगी।वहीं इस मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है।

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि बिहार के नवादा सदर अस्पताल की दुर्लभ तस्वीर जहां मरीजों को बेड नहीं मिलते, लेकिन कुत्ते बेड पर कब्जा कर आराम फरमाते हैं। यहां के सांसद सह केंद्रीय मंत्री हिंदुस्तानियों को पाकिस्तान भेजने में मस्त और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री दूसरे देश-प्रदेश घुमने और मौज मस्ती में व्यस्त हैं।

  • दर्दनाक हादसा : 9 दोस्‍तों की अर्थी एक साथ निकली , सेल्फी देख हर किसी की आंखों से बह निकले आंसू

    नई दिल्ली. गुजरात के कच्छ में हर तरफ मातम पसरा हुआ है। गांव के नौ युवक मकर संक्रांति पर मोटा गुंदाणा गांव अपनी कार से निकले थे. लोरिया गांव के पास उनकी कार की टक्कर एक निजी बस से हो गई।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार सभी नौ युवकों की मौत हो गई. भुज के जब सभी शवों को गांव लाया गया तो हर किसी की हिम्मत ने जवाब दे दिया।

    एक साथ निकली 9 दोस्‍तों की अर्थी1

    कभी कभी कुछ खबरें ऐसी होती है जो इंसान के दिल और दिमाग को हिला कर रख देती हैं. गुजरात के कच्छ में जब नौ युवकों के शव पहुंचे तो हर किसी की आंखों से आंसू बह निकले. गांव में किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि कभी ऐसा दिन देखना पड़ेगा। शव के साथ लाए गए उनके सामान में लड़कों के मोबाइल फोन भी थे।

    मोबाइल में कैद फोटो को देखने के बाद किसी को भी उम्मीद नहीं रही होगी कि यह इन लड़कों की आखिरी सेल्फी होगी. सेल्फी में सभी लड़के काफी खुश नजर आ रहे हैं।

    नौ अर्थियां एक साथ निकलीं तो हर किसी की आंखों से आंसू बह निकले. मरने वाले युवकों में छह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे. इन युवकों में से एक हार्दिक बांभरोलिया की 22 जनवरी को शादी होने वाली थी।

  • बेलगाम अपराधियों ने दिनदहाड़े पत्रकार को मारी गोली

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    मुजफ्फरपुर। बिहार में नितीश कुमार के राज में अपराधी बेलगाम है. सूबे के मुख्यमंत्री के सुशासन में एक बार फिर बदमाशों के हौसले बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं. मुजफ्फरपुर में एक पत्रकार को गोली मारने की खबर सामने आ रही है।

    मिली जानकारी के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने फिरोज अख्तर नाम के पत्रकार को गोली मार दी. पत्रकार को गोली मारने की वारदात औराई में घटी. जानकारी के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर पत्रकार की बाइक, मोबाइल फोन और नकद लेकर फरार हो गए. घायल पत्रकार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

    बिहार में पिछले कई दिनों से आपराधिक घटनाएं सामने आ रही है. 5 जनवरी को बेगूसराय में बदमाशों ने दिन दहाड़े एक कारोबारी को मौत के घाट उतर दिया था. 7-8 की संख्या में आए अपराधियों ने पहले तो उनके गोदाम में काम कर रहे मजदूरों को बंधक बनाया और फिर कारोबारी को उन्हीं के घर में गोलियों से छलनी कर दिया।

    बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र के एक युवक को अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मार दी. घटने के बाद से आरोपी फरार है. वहीं हाजीपुर के जन्दाहा थाना के रामपुर में बाइकसवार तीन अपराधियों ने स्वर्ण व्यवसायी पप्पू कुमार को गोली मारकर फरार हो गए. बता दें कि बिहार में बढ़ते अपराध के बाद विपक्षी पार्टियों ने नीतीश कुमार के सुशासन पर सवाल खड़े कर दिए है।

  • बीजेपी नेता और पालिका अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या

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    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में नगर पालिका अध्यक्ष और बीजेपी नेता प्रह्लाद बंधवार की गोली मारकर हत्या कर दी. यह घटना मंदसौर के नई आबादी में घटी. वारदात को अंजाम देने के बाद अज्ञात हमलावर मौके से फरार हो गए. यह पूरी सनसनीखेज वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई. अज्ञात हमलावरों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने बीजेपी नेता पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थी। शाम 7:10 बजे के करीब यह घटना हुई. सिर पर गोली लगने के कारण बीजेपी नेता की मौत हो गई।

    खून से लहलनबीजेपी नेता को अस्पताल ले जाय गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव फ़ैल गया. कोतवाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ एसएल बोरसी का इस घटना पर बयान सामने आया है।

    उन्होंने कहा, पुलिस की टीम पहुंच चुकी है. बीजेपी नेता का जमीन से जुड़ा विवाद था.’ इस घटना के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी को घेरा. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, हमारी सरकार के समय क़ानून व्यवस्था पर हर समय उंगलियां उठाने वाली कांग्रेस अब उन्ही उँगलियों को होंठो पर रख चुप-चाप बैठ गई है।

    इससे पहले विजय नगर में एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. यह घटना बुधवार को भीड़-भाड़ वाली जगह पर हुई थी. मृतक कारोबारी की पहचान 45 साल के संदीप अग्रवाल के रूप में हुई है।

  • सनसनीखेज खबर: पूरे देश की सियासत में अमेरिकन हैकर के दावे से मचा हड़कंप, कहा – 2014 चुनाव में ईवीएम से हुई थी धांधली, चुनाव आयोग आया एक्शन में

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    लंदन । लोकसभा चुनाव से पहले देश की सियासत में आज एक ऐसा भूचाल आया जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। ये घटनाक्रम हुआ तो लंदन में लेकिन इसकी गूंज देश की राजधानी दिल्ली तक सुनाइ दी। दरअसल लंदन में एक अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट सैयद शूजा ने दावा किया कि 2014 के चुनावों में हैकिंग के लिए भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने संपर्क किया था। यही नहीं ने कहा कि बाद में यही वजह मुंडे की मौत का करण भी बनी।

    शुजा ने यह भी दावा किया है कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी उसने आम आदमी पार्टी के पक्ष में ईवीएम को हैक किया था। शुजा ने कहा कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। हैक कैसी होगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ट्रांसमीटर के जरिए हैक किया जा सकता है।

    हैकर सैय्यज शुजा ने लंदन में प्रेस कांफ्रेंस करके यह सभी जानकारी दी। इस दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी लंदन में ही मौजूद थे। इसके चलते अब लोग सवाल कर रहे हैं कि इस प्रेस कांफ्रेंस में कपिल सिब्बल क्यों थे?

    भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को डिजाइन करने वाले इस एक्सपर्ट ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी धांधली हुई थी। यहां तक कि सूजा का दावा है कि 2014 के आम चुनाव में भी ईवीएम में गड़बड़ी की गई थी। इस हैकथॉन में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद थे।

    उधर, भारतीय चुनाव आयोग ने इस प्रैस कांफ्रेंस के बारे में कहा कि इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाया जाए इस पर मंथन किया जाएगा। आयोग ने कहा कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इन्हें भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड व इलेक्ट्रोनिक्स कारपोरेशन ऑफघ्इंडिया ने बनाया है।घ्इन्हें बनाने के लिए सख्तघ्प्रक्रिया अपनाई गई है।

    सैयद शूजा का दावा है कि सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश ने उनकी स्टोरी चलाने के लिए हामी भरी थी, लेकिन उनकी हत्या कर दी गई।उन्होंने कहा, वो इस स्टोरी के चलने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन उनकी हत्या कर दी गई्य। शूजा की मानें तो उनकी टीम के कई सदस्यों को मार दिया गया। उनको खुद को भी गोली लगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी उनसे संपर्क किया था ताकि वे उनके लिए ईवीएम हैकिंग का डेमो दें।

    एक्सपर्ट सैयद शूजा के दावे
    – इस मशीन को ब्लूटूथ की मदद से हैक नहीं किया जा सकता है।
    -ग्रेफाइट आधारित ट्रांसमीटर की मदद से ही ईवीएम को खोला जा सकता है।
    -इन ट्रांसमीटरों का इस्तेमाल 2014 के चुनाव में भी किया गया था।
    – कोई व्यक्ति ईवीएम के डेटा को मैन्युपुलेट करने के लिए लगातार पिंग कर रहा था।
    – ईवीएम हैक करने में रिलायंस कम्युनिकेशन बीजेपी की मदद करता है।
    – दिल्ली के चुनाव में ट्रांसमिशन रुकने के कारण भाजपा हारी।
    -ट्रांसमिशन को आम आदमी पार्टी के पक्ष में कर दिया था।

    अमेरिका में राजनीतिक शरण चाहने वाले इस भारतीय साइबर विशेषज्ञ ने दावा किया कि भारत में 2014 के आम चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए धांधली हुई थी। उसका दावा है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। स्काईप के जरिये लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शख्स ने दावा किया कि 2014 में वह भारत से पलायन कर गया था क्योंकि अपनी टीम के कुछ सदस्यों के मारे जाने की घटना के बाद वह डरा हुआ था। शख्स की पहचान सैयद शुजा के तौर पर हुई है।

    हैकर ने कहा कि हैकिंग को लेकर हमला भी हो चुका है। इसीलिए उसने अमेरिका में शरण ले रखी है। हैकर ने दावा किया है कि वह ईवीएम बनाने वाली टीम का हिस्सा रह चुका है। इसलिए वह हैकर करने का तरीका जानता है। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि वह इस तरह का दावा करने को लेकर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।

    यह विस्फोटक और धमाकेदार खुलासा बड़े खुफिया अंदाज में किया गया, हालांकि इसकी तत्काल पुष्टि नहीं की जा सकी। उन्होंने दावा किया कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) की टीम का हिस्सा थे जिसने ईवीएम मशीन का डिजाइन तैयार किया था। वह भारतीय पत्रकार संघ (यूरोप) की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए थे।

  • इस शहर से पटौदी परिवार की बहू को लोकसभा प्रत्याशी बनाने की उठी मांग !

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    भोपाल । लोकसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए स्थानीय नेताओं ने क्षेत्र के प्रत्याशी चयन के पहले अपनी पसंद हाईकमान तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। भोपाल से पटौदी परिवार की बहू और अभिनेत्री करीना कपूर को प्रत्याशी बनाए जाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजा गया है। स्थानीय कांग्रेस नेता अपनी इस मांग को लोकसभा चुनाव के लिए प्रभारी बनाए गए पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा के सामने भी रखेंगे।

    कांग्रेस में लोकसभा चुनाव के लिए पिछले सप्ताह प्रभारियों की नियुक्ति की गई थी, जिन्हें क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने के साथ ही चर्चा में चल रहे प्रत्याशियों के नामों की रिपोर्ट देना है। प्रत्याशी चयन की कवायद शुरू हो जाने से स्थानीय स्तर पर संभावित नामों की चर्चा भी शुरू हो गई है।

    भाजपा के प्रभाव वाले भोपाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी पसंद बताना शुरू कर दिया है। नगर निगमपार्षद योगेंद्र सिंह चौहान गुड्डू ने अपनी पसंद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र के माध्यम से पहुंचा दी है। बताया जाता है कि पार्षद योगेंद्र सिंह ने भोपाल लोकसभा सीट से अभिनेत्री करीना कपूर को उतारे जाने की मांग की है। करीना भोपाल नवाब के नाती नवाब मंसूर अली खान पटौदी की पुत्रवधू हैं।

    करीना के ससुर नवाब मंसूर अली खान पटौदी को भी 1991 में भोपाल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया गया था। उन्हें तब दो लाख छह हजार से ज्यादा वोट मिले थे, जबकि उनके सामने खड़े हुए भाजपा के सुशीलचंद्र वर्मा को तीन लाख आठ हजार से ज्यादा मत मिले।

    36 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें स्वामी अग्निवेश भी शामिल थे। नवाब पटौदी के चुनाव प्रचार में तब राजीव गांधी ने भी सभा की थी। उनके अलावा क्रिकेटर कपिल देव और नवाब पटौदी की पत्नी शर्मिला टैगोर भी चुनाव प्रचार के लिए आई थीं।

    लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए स्थानीय नेताओं की मीटिंग लेंगे। चर्चा में संभावित प्रत्याशियों के रूप में जो भी नाम आएंगे, उनसे भी पार्टी हाईकमान को अवगत कराएंगे। – रामेश्वर नीखरा, पूर्व सांसद व भोपाल लोस क्षेत्र प्रभारी

  • मोदी ने महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा, ये बंधन नामदारों का अनोखा गठबंधन है !

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    मुंबई । पश्चिम बंगाल में विपक्ष की महारैली में सीएम ममता समेत कई विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर एक तरफ से हमला बोला है। विपक्षी महारैली के बाद प्रधानमत्री नरेंद्रभाई मोदी आक्रमक मोड़ में आ गए है। और विपक्षी महागठबंधन पर पीएम मोदी कटाक्ष कर रहे है। 2019 लोकसभा चुनाव के लिए ऐक्शन मोड में आ चुके पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को विपक्ष पर करारा तंज कसा।

    पीएम ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने चुनाव से पहले ही हार के बहाने खोज लिए लिए हैं। ये लोग अभी से ईवीएम पर सवाल उठाने लग गए हैं। एक दिन पहले शनिवार को कोलकाता में ममता बनर्जी के मंच पर जुटे विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, ‘उन्होंने भी गठबंधन किया है और हमने भी किया है।

    उन्होंने दलों के साथ गठबंधन किया है और हमने देश की सवा सौ करोड़ जनता से किया है। आप लोग बताइए कौन सा गठबंधन ज्यादा बढ़िया है। मुंबई में कोल्हापुर के बूथ वर्कर्स से बातचीत में पीएम ने ईवीएम को लेकर सवाल उठाने पर विपक्ष को घेरते हुए कहा, ये लोग अभी से ही हार (2019 लोकसभा चुनाव) को लेकर बहाने खोजने लगे हैं। ईवीएम को विलन बताने लगे हैं। यह स्वाभाविक है कि हर राजनीतिक पार्टी चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन जब कुछ दलों को जनता का आशीर्वाद मिलता तो वे परेशान हो जाते हैं।

    वे लोग जनता को बेवकूफ समझते हैं और इसलिए रंग बदल रहे हैं। इस दौरान ममता की रैली पर सवाल उठाते हुए कहा, वहां मंच पर मौजूद नेताओं में ज्यादातर लोग किसी बड़े नेता के बेटे थे। कुछ ऐसे भी थे जो अपने बेटे-बेटी को सेट करने में लगे हैं। उनके पास धनशक्ति है और हमारे पास जनशक्ति है। महागठबंधन पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा, ये गठबंधन एक अनोखा बंधन है। ये बंधन तो नामदारों का बंधन है। ये बंधन तो भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार, घोटालों, नकारात्मकता और असमानता का गठबंधन है। ये एक अद्भुत संगम है।

  • ममता के मंच से मोदी पर जुबानी हमला, जानें किस नेता क्या-क्या कहा !

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    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मोदी विरोधी महारैली हो रही है. इस रैली में शामिल होने के लिए 23 से अधिक पार्टियों के नेता पहुंचे हैं. ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि कोलकाता के ब्रिगेड मैदान पर होने वाली इस रैली में 40 लाख से ज्यादा लोग शिरकत कर रहे हैं. इसके लिए लोग शुक्रवार से ही कोलकाता पहुंचना शुरू हो गए हैं. कोलकाता में सड़क और मेट्रो सेवा के विशेष प्रबंध किए गए हैं. उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ बने समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन के बाद ममता बनर्जी की विपक्षी दलों की रैली और महत्वपूर्ण हो गई है.।

    ममता बनर्जी
    ममता बनर्जी ने कहा- बीजेपी का काम दंगे फसाद करना है और हम वो काम नहीं होने देंगे. उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी को जीरो मिलेगा. एक सीट अहम नहीं बल्कि एक देश अहम है.मंच पर पूरा हिंदुस्तान दिख रहा है.

    यशवंत सिन्हा
    सबका साथ सबका विकास नहीं सबका विनाश किया मोदी सरकार का इरादा देश को तोड़ने का है । मोदी को हटाने के लिए हम सब यहां पर इकट्टा हुए।

    फारुक अब्दुल्ला- देश में लोगों को बांटने का काम हो रहा है. हिन्दू-मुसलमानों को बांटने का काम किया जा रहा है. पूरे देश में आग लगी हुई है.।

    इसे रोकने के लिए हमें कुर्बानी देनी होगी. इस कुर्बानी के लिए लोगों से पहले नेताओं को आगे आना होगा. आज जम्मू कश्मीर जिस हालत में है उसकी जिम्मेदार भी बीजेपी है.

    मायावती
    ममता बनर्जी की रैली पर मायावती ने कहा-हम सब एकजुट हैं।

    जिग्नेश मेवाणी
    किसान, मजदूर और दलितों का शोषण हो रहा है। देश को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट
    बीजेपी को सत्ता से हटाना है।

    अभिषेक मनु सिंघवी
    विरोध करने वाला देशद्रोही बन जाता हैं. इस रैली में शामिल होने के लिए कई दिग्गज नेता पहुंचे हैं. जिसमें पूर्व पीएम देवेगौड़ा, तीन मुख्यमंत्री- चंद्रबाबू नायडू, एचडी कुमारस्वामी और अरविंद केजरीवाल, 6 पूर्व मुख्यमंत्री- अखिलेश यादव, फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, बाबूलाल मरांडी, मायावती (उनके प्रतिनिधि सतीश मिश्रा हिस्सा लिया) और गेगांग अपांग और 5 पूर्व केंद्रीय मंत्री- शरद यादव, शरद पवार, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और राम जेठमलानी हैं. इसके अलावा भाजपा के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी रैली में पहुंचे हैं।

    चंद्रबाबू नायडू-आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ममता के मंच से बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पीएम ने कई वादे किए लेकिन कुछ भी पूरा नहीं हुआ. वो पब्लिसिटी पीएम हैं न कि परफॉर्मिंग पीएम. किसान परेशान हैं।

    मल्लिकार्जुन खड़गे
    खड़गे ने कहा कि सोनिया गांधी ने इस सभा के लिए एक संदेश भेजा है कि किसान से लेकर जवान तक, युवाओं को रोजगार से लेकर आर्थिक विकास के रास्ते पर सरकार विफल रही है.।

    पीएम मोदी का काम समाज को तोड़ना है, वो बोलते हैं कि मैं न खाउंगा न खाने दूंगा, लेकिन इसके बावजूद वो अडानी, अंबानी को खिला रहे हैं. राफेल घोटाले में 30 हजार करोड़ का मुनाफा इन्होंने अंबानी को दिलाने का काम किया.।

    शत्रुघ्न सिन्हा
    शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा लोग मुझसे लोग सवाल करते हैं कि जब आप बीजेपी में हैं तो बीजेपी के खिलाफ क्यों बोलते हैं? क्या आप बागी हैं? तो मैं कहता हूं कि अगर अगर सच कहना बगावत है तो हां मैं बागी हूं.।

    अरविंद केजरीवाल
    केजरीवाल ने कहा कि पिछले पांच साल में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश का कबाड़ा कर दिया. आज देश का युवा परेशान है, उसके पास नौकरी नहीं है, पीएम मोदी ने नौकरी के नाम पर झूठ बोलकर धोखा दिया।

    अखिलेश यादव
    सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि जो बात बंगाल से चलेगी वो देश में दिखाई देगी, लोग सोचते थे कि हमारा गठबंधन नहीं होगा लेकिन गठबंधन हो गया. वो (भाजपा) कहते हैं कि विपक्ष के पास दूल्हे बहुत हैं, तो जनता जिसे चुनेगी वो ही पीएम बनेगा, लेकिन भाजपा बताए कि उनके पास विफल पीएम के अलावा किसका चेहरा है।

    बीएसपी लीडर सतीश चंद्र मिश्रा
    सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा केंद्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है. किसान, गरीब, मजदूरों और दलितों को परेशान किया है, करोड़ों लोगों को इनके कामों की वजह से बेरोजगार होना पड़ा है।

    इसलिए ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना जरूरी है, इसके लिए विपक्ष को एक होना है और सपा-बसपा ने गठबंधन कर इसकी शुरुआत कर दी है।

    इस रैली में कांग्रेस से लेकर  , नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी,   बीएसपी और टीडीपी, आम आदमी पार्टी समेत कम से कम 20 दलों के नेता, कई मुख्यमंत्री, कई पूर्व मुख्यमंत्री और दर्जनों पूर्व मंत्री ब्रिगेड के मैदान में अपनी लोकप्रियता का इम्तिहान देंगे. सबके निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे।

    विपक्ष का ऐसा जमावड़ा 41 साल बाद देखने को मिलेगा. इससे पहले ज्योति बसु ने कांग्रेस को उखाड़ फेंकने के लिए 7 जून, 1977 को संयुक्त विपक्ष की मुट्ठी तान दी थी. इसके बाद इस ऐतिहासिक मैदान में उतने लोग कभी नहीं आए।

  • टीचर शराब पीकर पंहुचा स्कूल , नाराज बच्चों ने मिलकर की पिटाई

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    जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में जगदलपुर के एक स्कूल में टीचर शराब पीकर पहुंचा तो नाराज बच्चों ने मिलकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि यह घटना दरभा ब्लॉक के दुकारूपारा स्कूल की है। यहां के टीचर खेमसिंह कंवर हमेशा की तरह नशे में धुत्त होकर स्कूल पहुंचे।
    यहां वो आकर सो गए।

    जब बच्चों ने उन्हें जगाने की कोशिश की तो वो नहीं उठे। इस बीच स्कूल समन्वयक सत्यनारायण सोनवानी औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। उन्होंने देखा कि टीचर खेमसिंह कंवर नशे में धुत्त होकर स्कूल में सो रहा है और उसे बच्चे जगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद वो नहीं उठ रहा है तो उन्होंने बच्चों के हाथ में छड़ी थमा दी और नशेड़ी टीचर की पिटाई करवानी शुरू कर दी।

    इस घटना की जानकारी मिलने के बाद दरभा के तहसीलदार मनहरण राठिया भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से पहले टीचर का मेडिकल कराया। शराब पीने की पुष्टि होने के बाद टीचर पर कार्रवाई की। स्कूल स्टाफ का कहना है कि टीचर खेमसिंह कंवर हमेशा नशे में धुत्त होकर स्कूल पहुंचते हैं। लेकिन विडंबना यह है कि इन क्षेत्रों में अधिकारी जांच करने कभी नहीं पहुंचते।

    इसलिए शिक्षक व कर्मचारी मनमानी किया करते हैं। गौरतलब है कि इसी तरह का मामला छत्तीसगढ़ में पहले भी सामने आया था। यहां के बस्तर जिले में स्कूल का इंस्पेक्शन करने पहुंची टीम ने एक महिला टीचर को नशे में टुन्न होकर पढ़ाती मिलीं थी। इतना ही नहीं इंस्पेक्शन टीम को पता चला कि आरोपी महिला टीचर रोजाना ही शराब पीकर पढ़ाने आती थीं। इसके बाद इंस्पेक्शन टीम ने आरोपी महिला टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी।