Category: national

  • देश का यह पहला राज्य होगा जो पत्रकारों की सुरक्षा लिये बनायेगा ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’

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    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में पहल की है। कार्यभार संभालने के तीसरे दिन ही मुख्यमंत्री ने इस कानून का प्रारूप बनाने के निर्देश जारी किए हैं। बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जिसने कानून बना कर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    कांग्रेस पार्टी ने अपने जन घोषणा पत्र में यह वादा किया था कि पार्टी की सरकार बनी तो पत्रकारों की सुरक्षा उसकी बड़ी प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह निर्देश दिए हैं कि इस बारे में विभिन्न राज्यों में पत्रकार सुरक्षा के प्रावधानों का अध्ययन करने के साथ ही पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, विधि विशेषज्ञों आदि से सलाह कर इस कानून का एक प्रारूप शीघ्र उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

  • अनूठी पहल : अब नहीं होगा मृत्यु भोज इस गांव में, सामूहिक रूप से ग्रामीणों ने ली शपथ

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    खगड़िया।  मृत्युभोज जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए सामूहिक रूप से  जिले के रामपुर गांव के सैकड़ों युवाओं ने गांव के बाबा थान में संकल्प लिया। रामपुर के मुखिया कृष्णानंद यादव ने इन युवाओं और ग्रामीणों को इसकी शपथ दिलाई। बीते मंगलवार को शपथ लेते हुए युवाओं ने कहा कि वे मृत्युभोज का बहिष्कार तो करेंगे ही साथ ही इसके खिलाफ अभियान भी चलाएंगे। लोगों को जागरूक भी करेंगे।

    सामाजिक जागरूकता का यह कारवां कभी नहीं रुकेगा। बता दें कि एक साल पूर्व गोगरी के ही उसरी के लोगों ने कटिहारी भोज नहीं खाने का निर्णय लिया था। यह परंपरा अब भी वहां जारी है। कुल मिलाकर यह सामाजिक बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।

    मृत्युभोज से मुक्ति की कसमसाहट रामपुर के लोगों को काफी पहले से चल रही थी। मंगलवार की रात रामपुर मुखिया की अगुवाई में ग्रामीणों की बैठक भी हुई। बैठक में यह बताया गया कि मृत्युभोज समाज में फैली कुरूति है। यह समाज के लिए अभिशाप है। मुखिया यादव ने कहा कि किसी भी धर्मग्रंथ में मृत्युभोज का विधान नहीं है।

    इस मौके पर मृत्युभोज बहिष्कार करने का प्रस्ताव लाया गया। इस प्रस्ताव को ग्रामीणों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। ग्रामीण धर्मेन्द्र कुमार यादव, भूदेव सहनी, रणवीर यादव, प्रसादी सहनी, सुरेश साह, डॉ. दिलीप कुमार, संतोष कुमार आदि ने कहा कि रामपुर गांव में आज से मृत्युभोज पर पाबंदी रहेगी।

  • दिल्ली में खतरनाक स्तर पर प्रदूषण, इंडस्ट्री और कंस्ट्रक्शन बंद

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    नई दिल्ली  । राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते खतरनाक स्तर को देखते हुए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दो दिन तक औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 450 के बेहद गंभीर स्तर को पार कर गया था और आज यह मामूली सुधार के साथ 448 पर रहो। इसे देखते हुए सीपीसीबी ने कई कड़े कदम उठाए हैं। सीपीसीबी के अध्यक्ष एस पी सिंह परिहार ने कहा कि राजधानी तथा आस पास के इलाकों में बुधवार तक किसी भी तरह की औद्योगिक तथा निर्माण गतिविधि की इजाजत नहीं होगी।

    उन्होंने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने के लिए सार्वजनिक तेल वितरण कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रविवार से समूचा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक सर्वाधिक 478, नोएडा में 457 , फरीदाबाद में 444 तथा गुरूग्राम में 306 के स्तर तक पहुंच गया।

    परिहार ने बताया कि इस साल प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीपीसीबी तथा स्थानीय निकायों एवं अन्य एजेंसियों ने अच्छा काम किया है। समीर ऐप के माध्यम से 01 नवंबर से अब तक प्रदूषण फैलाने की 7,600 शिकायतें मिली हैं जिनमें 5,600 यानी करीब 74 प्रतिशत पर शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें कूड़े को लेकर मिली थीं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण फैलाने वालों पर जुर्माने के अलावा प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

    दिल्ली मेट्रो तथा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को भी नोटिस दिए गए हैं। मिश्रा ने कहा कि आम तौर पर जाड़े के मौसम में आग ज्यादा जलाई जाती है। इसमें खेतों में पराली जलाना और अलाव के लिए आग जलाना भी शामिल है। इस मौसम में हवा में आद्र्रता ज्यादा होने और हवा की रफ्तार कम रहने से प्रदूषक तत्त्व कम ऊंचाई तक ही एकत्र होते रहते हैं। रविवार से समूचा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। बुधवार को गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक सर्वाधिक 478, नोएडा में 457, फरीदाबाद में 444 तथा गुरुग्राम में 306 के स्तर तक पहुँच गया।

  • NIA का बड़ा खुलासा : रची गई थी बड़े आतंकी हमले की साजिश, दिल्ली-यूपी में 17 जगह छापे, 7.5 लाख कैश, 100 मोबाइल और 135 सिम कार्ड बरामद

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    नई दिल्ली । एनआईए ने बुधवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश की कई जगहों पर छापेमारी कर बड़े आतंकी हमले को नाकाम करने में कामयाबी हासिल की है। एनआईए के डीजी ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कुल 17 जगहों पर हमने छापेमारी की है।

    छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए संदिग्धों के पास से 7.5 लाख रुपए कैश, करीब 100 मोबाइल फोन, 135 सिम कार्ड्स और लैपटॉप बरामद किए हैं।  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के नए मॉड्यूल ‘हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम’ के सिलसिले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 17 ठिकानों तलाशी ली है।

    इस संबंध में NIA के IG आलोक मित्तल ने बताया कि हमने दिल्ली के सीलमपुर और उत्तर प्रदेश के अमरोहा, हापुड़, मेरठ और लखनऊ में तलाशी ली गई है। यहां से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है, जिनमें देसी रॉकेट लॉन्चर भी शामिल हैं।

    उन्होंने आगे बताया कि ठिकानों से कुल 7.5 लाख रुपए, करीब 100 मोबाइल फोन, 135 सिम कार्ड, लैपटॉप और मेमोरी कार्ड जब्त किए गए हैं। सर्च अभियान अभी चल रहा है। इस संबंध में 16 संदिग्धों से पूछताछ की गई है जिनमे से 10 आरोपियों को गिरफ्तार करने का फैसला लिया गया है।

    आरोपियों ने राजनेता और अन्य अहम शख्सियतें और महत्वपूर्ण और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाए हुए थे। IG आलोक मित्तल ने आगे बताया कि इनकी तैयारियों का देखकर ऐसे संकेत मिले हैं कि ये सभी नजदिकी भविष्य में रिमोट कंट्रोल या फिदायीन हमलों के जरिये विस्फोट करने की योजना बना रहे थे।

    हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम आईएसआईएस से प्रेरित नया मॉड्यूल है। यह मॉड्यूल एक विदेशी एजेंट से संपर्क में था फिलहाल पहचान होनी वाकी है। मॉड्यूल के गैंग लीडर को मुफ्ती सोहैल कहा जाता है। मुफ्ती सोहैल दिल्ली रहता है और उत्तर प्रदेश के अमरोहा का मूल निवासी है जहां पर वह मस्जिद में काम करता है।

  • मासूम बच्चियों के साथ शेल्टर होम में हैवानियत, सजा के तौर पर सबके सामने प्राइवेट पार्ट में डाल देते है मिर्ची पाउडर

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    नई दिल्ली। लड़कियों की आपबीती सुनकर कमिटी के सदस्य भी हैरान रह गए. तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई. इसके बाद शेल्टर होम के स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई ।शेल्टर होम में सजा देने के लिए लड़कियों को जबरन मिर्च पाउडर खिलाया जाता है. सबके सामने प्राइवेट पार्ट में मिर्च पाउडर डाला जाता है.’ यह शिकायतें और आरोप द्वारका के एक प्राइवेट शेल्टर होम की लड़कियों ने लगाए हैं । लड़कियों ने दिल्ली महिला आयोग की कमिटी के दौरे पर अपनी कहानी बताई. इस शेल्टर होम में 6 से 15 साल की लडकियां रहती हैं ।

    आयोग ने बताया है कि सरकार इस मामले में जल्द जांच बैठा सकती है. दिल्ली सरकार की सलाह पर दिल्ली महिला आयोग ने सभी सरकारी और प्राइवेट शेल्टर होम की जांच करने और उनमें सुधार की सलाह देने के लिए एक्सपर्ट कमिटी बनाई है. गुरुवार को कमिटी मेंबर्स ने नाबालिग लड़कियों के लिए द्वारका में चल रहे प्राइवेट शेल्टर होम का दौरा किया।

    कमिटी ने शेल्टर होम में रहने वालीं अलग-अलग एज ग्रुप की लड़कियों से उनके अनुभवों पर बात की। बड़ी उम्र की लड़कियों ने बताया कि उनको शेल्टर होम में सारे घरेलू काम करने पड़ते हैं. स्टाफ बहुत कम है, इसलिए बड़ी लड़कियां ही छोटी लड़कियों की देखभाल करती हैं. बड़ी लड़कियों से बर्तन धुलवाए जाते हैं. कमरे और टॉइलट साफ करवाए जाते हैं. 22 लड़कियों के लिए एक ही रसोइया है।

    खाने की क्वॉलिटी भी खराब होती है| बड़ी लड़कियों ने बताया कि कोई बात नहीं मानने पर छोटी बच्चियों को कड़ी सजा दी जाती थी, जिससे सब लडकियां डर कर रहती हैं।अनुशासन के नाम पर शेल्टर होमवाले उन्हें जबरदस्ती मिर्च खिलाते हैं. महिला स्टाफ बच्चियों के प्राइवेट पार्ट में मिर्ची डाल देती हैं. कमरा साफ नहीं करने, स्टाफ की बात नहीं मानने पर स्केल से भी पीटा जाता है. गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों में घर नहीं जाने दिया जाता है। द्वारका स्थित इस शेल्टर होम में 6 से 15 साल की 22 बच्चियां रह रही हैं।

    कमेटी की जांच के बाद मालीवाल ने गुरुवार रात शेल्टर होम का निरीक्षण किया और पुलिस को मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘‘इस बारे में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री को भी सूचना दे दी गई है। फिलहाल हमारे काउंसलर हर वक्त शेल्टर होम में रुके हुए हैं। वहीं, सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। फिलहाल बच्चियों को दूसरे शेल्टर होम में शिफ्ट करने पर विचार नहीं किया गया है, क्योंकि यह गैर जरूरी है। वहीं, कुछ बच्चियां नजदीक स्थित स्कूलों में पढ़ने जाती हैं। दूसरी जगह शिफ्ट करने पर उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

  • आगस्ता वेस्टलैण्ड हेलिकॉप्टर घोटाला : मिशेल ने लिया सोनिया गांधी-राहुल गांधी का नाम: ED

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    नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में कथित बिचैलिए क्रिश्चियन मिशेल ने अपने बयान में यूपीए की चेयरमैन सोनिया गांधी का नाम लिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि क्रिश्चियन मिशेल ने श्रीमती गांधी का नाम लिया है। हालांकि ईडी ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि मिशेल ने सोनिया गांधी का नाम किस संदर्भ में लिया है। इसके अलावा, ईडी का दावा है कि मिशेल ने ‘इटली की महिला के बेेटे’ का जिक्र किया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने कहा है कि मिशेल पर सरकारी एजेंसियों द्वारा दबाव डाला गया है। इस बीच, कोर्ट ने मिशेल को सात दिन के लिए ईडी की कस्टडी में भेजने का आदेश दे दिया है। ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि मिशेल ने ’इटली की महिला के बेटे’ का भी जिक्र किया और बताया कि वह देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।

    प्रवर्तन निदेशालय ने पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि मिशेल ने यह भी जानकारी दी कि किस तरह डील से एएचएल को बाहर किया गया और उसकी जगह टाटा को लाया गया। ईडी ने कोर्ट से यह भी मांग की कि मिशेल को उसके वकील से न मिलने दिया जाए क्योंकि उसे बाहर से सिखाया जा रहा है। इस पर उसके वकील एल्जो के. जोसेफ ने अदालत में स्वीकार किया कि मिशेल ने उन्हें कुछ पेपर दिए थे, लेकिन यह ईडी की गलती है कि उसने ऐसा होने दिया। मिशेल द्वारा कथित तौर पर सोनिया गांधी का नाम लेने पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर. पी. एन. सिंह ने कहा, श्मिशेल पर एक परिवार विशेष का नाम लेने का दबाव है। चैकीदार क्यों सरकारी एजेंसियों पर एक परिवार का नाम लेने का दबाव डाल रहे हैं?

    कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के स्क्रिप्ट राइटर इस समय लंबे वक्त से काम कर रहे हैं। कोर्ट ने मिशेल को 7 दिन के लिए ईडी की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। ईडी ने कोर्ट से मिशेल की 8 दिन की कस्टडी की मांग की थी। म्क् ने कोर्ट से कहा कि क्रिस्चन मिशेल और दूसरे लोगों के बीच हुई बातचीत में एक बड़े आदमी का जिक्र है और उन्हें श्आरश् से संबोधित किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि वह बड़ा आदमी श्आरश् कौन है। इसके लिए मिशेल की कस्टडी की जरूरत है। पटियाला हाउस कोर्ट ने मिशेल के वकील को उनसे मुलाकात के दौरान एक दूरी कायम रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने हर सुबह और शाम में मिशेल से मिलते समय वकील के लिए 15 मिनट का समय सीमित कर दिया है।

  • मोदी सरकार ने अपनी प्रसिद्धि के लिए जनता के व्यय किए 5200 करोड़!!

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    नई दिल्ली।केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 4 साल के अपने कार्यकाल में अब तक सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार में कुल 5245.73 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इतना पैसा अगर किसानो के पीछे लगाया होता तो आज की सूरत कुछ और होती। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने लोकसभा में संबोधित करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में कुल 5245.73 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह धनराशि वर्ष 2014 से लेकर सात दिसंबर 2018 तक की अवधि के दौरान खर्च हुई है। लोकसभा में इस मामले से जुड़े एक सवाल का जवाबा देते हुए राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं को लाभार्थियों के बीच पहुंचाने के लिए इस राशि को खर्च किया गया है।

    इन योजनाओं के बारे में प्रचार और जागरूकता के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और आउटडोर मीडिया का सहारा लिया गया है। केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह ने सरकार की ओर से प्रचार पर खर्च की गई राशि की जानकारी लोकसभा में दी और बताया कि प्रचार-प्रसार में सर्वाधिक खर्च वर्ष 2017-18 में खर्च किया गया, इस वर्ष कुल 1313.57 करोड़ रुपए खर्च किए गये। जिसमें से 636.09 करोड़ रुपए प्रिंट माध्यम, 468.93 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, 208.55 करोड़ रुपए आउटडोर पब्लिसिटी पर खर्च किए गए हैं।

    बता दें कि सरकार ने जो आंकड़ा जारी किया है, वह 7 दिसंबर तक 2018 तक का है। सरकार द्वारा जारी आंकड़े पर गौर करें तो साल 2014-15 में सरकार ने करीब 980 करोड़ (979.78 करोड़) रुपये विज्ञापनों पर ख़र्च किए थे। 2017-18 आते-आते इसमें करीब 33-35 फीसदी का इजाफा हुआ और यह रक़म बढ़कर करीब 1,314 करोड़ रुपये (1313.57) हो गई। सरकार ने बताया है कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं के प्रचार पर सूचना, शिक्षा और संचार के माध्यम से खर्च किए गए हैं।

  • राम मंदिर पर पीएम मोदी ने कहा, कानूनी प्रक्रिया खत्म होने से पहले अध्यादेश नहीं

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    नई दिल्ली।पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर को लेकर बेहद अहम बयान दिया है। पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कोई अध्यादेश तभी लाया जा सकता है, जब इस पर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाए। एक इंटरव्यू में उन्होंने राम मंदिर को लेकर अदालती कार्यवाही में देरी को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं, इसके चलते राम मंदिर मसले की सुनवाई की गति धीमी हो गई है।राम मंदिर के अब भी बीजेपी के लिए इमोशनल मुद्दा होने के सवाल पर मोदी ने कहा, ‘हमने अपने मेनिफेस्टो में हमने कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा।

    बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण चाहती है। बता दें कि बीते कुछ दिनों में पार्टी के भीतर से ही और आरएसएस के द्वारा यह कहा जाता रहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द रास्ता साफ होना चाहिए।

  • कमलनाथ सरकार मायावती की मांग के सामने झुकी, 15 सालों में बीजेपी ने लगाए केस लेगी वापस

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    भोपाल । बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की नाराजगी के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने दलितों के खिलाफ दर्ज हुए केस वापस लेने का फैसला लिया है। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने राज्य के सभी राजनीतिक मुकदमे हटा लेने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, एससी/एसटी ऐक्ट 1989 को लेकर 2 अप्रैल 2018 को हुए भारत बंद के दौरान लगाए गए केसों के साथ-साथ इस तरह के सभी केस जो पिछले 15 सालों में बीजेपी ने लगाए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा।

    जानकारी के लिए बता दें कि मायावती ने सोमवार को कहा था कि अगर कांग्रेस सरकार राजनीतिक द्वेष से लगाए गए केस वापस नहीं लेती है तो वह सरकार को समर्थन देने के फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है। बीएसपी ने ये धमकी इसी साल अप्रैल में एससी/एसटी एक्‍ट को लेकर हुए भारत बंद के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग पर दी थी। पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी राज में राजनीतिक और जातिगत विद्वेष से निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे।

    गौरतलब है कि 2018 में 2 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में एससी/एसटी ऐक्ट को लेकर दलितों का आंदोलन हुआ था, इस दौरान राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा केस दर्ज किए गए थे।

  • New Year जश्न के नशे में चूर इस BJP नेता की गोली महिला के सिर के हुई पार

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    नई दिल्ली। नए साल की पार्टी के दौरान गोली चलने से एक महिला घायल हो गई. गोली महिला के सिर में लगी है. महिला को फिलहाल वसंत कुंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.। फतेहपुर बेरी स्थित जदयू के पूर्व विधायक के घर 31 दिसम्बर की रात को नए साल का जश्न चल रहा था। इसी दौरान पूर्व विधायक ने अचानक दो से 3 राउंड फायरिंग कर दी। पार्टी में राजू सिंह के दोस्त विकास गुप्ता भी अपनी पत्नी के साथ आए थे। फायरिंग के दौरान एक गोली विकास की पत्नी अर्चना के सिर में लग गई। गंभीर हालत में उन्हें वसंत कुंज स्थित फोर्टिज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    फतेहपुर बेरी पुलिस आईपीसी की धारा 307/201/34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि देर शाम तक आरोपी राजू सिंह को गिरफ्तार नहीं किया गया था। बताया जा रहा है कि घटना के बाद राजू सिंह फरार चल रहे हैं।

    राजू सिंह को बिहार से जदूय पार्टी पूर्व विधायक बताया जा रहा है। आरोपी ने वर्ष 2010 में जदयू के टिकट पर चुनाव जीता था, हालांकि वर्ष 2015 में आरोपी ने भाजपा में शामिल हो गए थे,जिसके बाद वह चुनाव हार गये थे।

    डीसीपी विजय सिंह ने बताया कि घायल महिला की पहचान अर्चना (42)के रूप में हुई है। उनके पति विकास गुप्ता राजू सिंह के दोस्त हैं। अर्चना पेशे से आर्किटेेक्ट का काम करती हैं।

    पुलिस को अर्चना के पति ने शिकायत देते हुए बताया कि वह जदयू नेता राजू सिंह के फार्म हाउस पर पार्टी करने के लिए पहुंचे थे, जिस दौरान सभी लोग खास-पी रहे थे।

    न्यू-ईयर के आगाज के ठीक पहले आरोपी राजू सिंह ने 3 राउंड गोलियां चलाई और गोली चलने के साथ ही अर्चना धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ी। किसी को कुछ समझ आता, इससे पहले ही उन्होंने अर्चना के सिर से खून निकलते हुए देखा।

    उसके बाद तुरंत अर्चना को उपचार के लिए फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर अभी भी हालत गंभीर बताई जा रही है। जिस फार्म हाउस पर पार्टी का आयोजन किया गया था, वह राजू सिंह की मां के नाम पर है और राजू सिंह अपने परिवार के साथ वहां रहता था। आरोपी के साथ ही उसके दो अन्य भाई भी रहते हैं।