Category: national

  • उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए छोड़ी, मोदी कैबिनेट से दिया इस्तीफा

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    नई दिल्ली। लोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। कुशवाहा केंद्र में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया। कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोदीजी प्रधानमंत्री बने तो बिहार को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन, मोदीजी दलितों-ओबीसी की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कुशवाहा ने कहा कि हम एनडीए से अलग हुए हैं। हमारे लिए कई विकल्प खुले हुए हैं। महागठबंधन और थर्ड फ्रंट पर भी विचार कर सकते हैं।

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    Upendra-Kushwaha

    लोकसभा 2019  चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने से नाराज रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पीएम मोदी ने बिहार के लिए स्पेशल पैकेज देने की घोषणा की थी. लोगों का लगा था कि बिहार के अच्छे दिन आएंगे. लेकिन नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना पर हजारों करोड़ रुपये फूंक दिए गए लेकिन नतीजे नहीं लाए गए. ऐसे में ओबीसी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है. मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद RLSP अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार को स्पेशल पैकेज नहीं मिला।

    ओबीसी और दलितों को न्याय नहीं मिल रहा है.। कुशवाहा ने अपना इस्तीफा पीएम नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र मंगलवार से शुरू हो रहा है. कुशवाहा के इस्तीफे से बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं. आपको बता दें कि कुशवाहा अभी केंद्र में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री हैं और काफी समय से नाराज चल रहे हैं.।

    राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख पिछले कुछ सप्ताहों से बीजेपी और उसके अहम सहयोगी दल के नेता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे थे. रालोसपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने के भाजपा के संकेतों के बाद से कुशवाहा नाराज चल रहे थे. दूसरी ओर भाजपा और जदयू के बीच बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बन रही।

    रालोसपा के एक वरिष्ठ नेता ने सुबह ही बता दिया था कि कुशवाहा आज बीजेपी से अपनी राह अलग करने की घोषणा कर सकते हैं. वह केंद्रीय मंत्री के पद से भी इस्तीफा दे देंगे. रालोसपा विपक्ष से हाथ मिला सकती है जिसमें लालू प्रसाद की राजद और कांग्रेस शामिल हैं. बिहार से लोकसभा में 40 सांसद आते हैं। उधर, रविवार को दिल्ली रवाना होने के पूर्व पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में यह पूछे जाने पर कि क्या वह एनडीए की बैठक में शामिल नहीं होंगे, इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था।

    . सिर्फ इतना कहा कि जा तो रहे हैं, पर देखिए. यह भी कहा कि दिल्ली जा रहे हैं तो समझ लीजिए कि क्यों जा रहे होंगे. गौरतलब है कि इससे पहले कुशवाहा ने कहा कि वह 10 दिसम्बर को नई दिल्ली में एनडीए की होने वाली बैठक में शामिल होंगे. इसके लिए उनको एक केन्द्रीय मंत्री का बुलावा भी आया है. वहीं, एक अन्य सवाल पर उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि वह अब सीट शेयिरंग पर कोई बात नहीं करेंगे. यह भी कहा कि उनका गठबंधन जदयू के साथ नहीं बल्कि भाजपा से है।

  • हीरा कारोबारी की रहस्यमय हत्या, राजनेता और फेमस अभिनेत्री गिरफ्तार

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    मुंबई  । हीरा कारोबारी  राजेश्वर उदानी की रहस्यमय हत्या के बाद मुंबई पुलिस ने एक राजनेता को गिरफ्तार किया है और एक प्रमुख मॉडल और टीवी अभिनेत्री देबोलिना भट्टाचार्य  को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की है. अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि राजनीतिज्ञ सचिन पवार कथित तौर पर मृतक का करीबी परिचित था. वह पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ा हुआ था. इसके पहले अभिनेत्री देबोलिना भट्टाचार्य से घाटकोपर में पुलिस ने कई घंटों पूछताछ की. लापता उदानी का शव इसके तीन दिन पहले रायगढ़ जिले से लगे जंगलों में पाया गया था. अधिकारियों ने इस मामले में भट्टाचार्य की भूमिका के बारे में हालांकि कुछ नहीं बताया, लेकिन संकेत दिया कि मनोरंजन उद्योग की कुछ और महिलाओं को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

    उदानी (57) अपने कायार्लय से 28 नवंबर को लापता हो गए थे. पुलिस ने गुमशुदगी का एक मामला दर्ज किया था और उनकी तलाश शुरू की थी. उनका मोबाइल नवी मुंबई के राबाले में होने का पता चला, और उसके बाद उसका सिग्नल गायब हो गया. लगभग एक सप्ताह बाद चार दिसंबर को पुलिस ने अपहरण का एक मामला दर्ज किया, क्योंकि उनका कोई पता नहीं लग पाया और परिवार को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ. उनके ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उदानी ने उसे पंत नगर माकेर्ट के पास छोड़ने के लिए कहा, जहां एक दूसरा वाहन आया और वह उसमें बैठ गए।

    उदानी का बुरी तरह सड़ा हुआ शव पांच दिसंबर को पाया गया. शव पर किसी चोट का कोई निशान नहीं था, और न तो ऐसा कोई कागजात था, जिससे शव की पहचान की जा सके. उनके पुत्र ने कपड़े और जूते से उनकी पहचान की. जांचकतार्ओं को संदेह है कि उदानी के अपहतार्ओं ने किसी दूसरे स्थान पर उनकी हत्या की होगी और उसके बाद शव पनवेल के जंगल में फेंक दिया होगा. पुलिस जांच और काल डेटा रिकॉर्ड से पता चला है कि उदानी कुछ बारों में नियमित जाते थे और सचिन पवार के जरिए ग्लैमर व मनोरंजन उद्योग की महिलाओं सहित कई महिलाओं के संपर्क में थे. पवार महाराष्ट्र के मंत्री प्रकाश मेहता का सहायक रह चुका है. मेहता ने शुक्रवार शाम इस बात को स्वीकार किया कि पवार 2004 से 2009 तक उनके साथ था, लेकिन जब उसने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बीएमसी का चुनाव लड़ा, तब से उन्होंने उससे सारे संबंध तोड़ लिए थे और उसे भाजपा से निकाल दिया गया था।

    पुलिस दो दर्जन लोगों से पूछताछ कर चुकी है और उस वाहन की तलाश में है, जिसमें वह लापता होने की रात बैठे थे. डांसर-मॉडल भट्टाचार्य (28) पुरस्कार विजेता अभिनेत्री हैं और वह कई टीवी धारावाहिकों और रियलिटी शोज में दिख चुकी हैं. इनमें लोकप्रिय धारावाहिक साथ निभाया साथिया में गोपी बहू का किरदार उल्लेखनीय है।

  • BIG खबर : रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा, इस्तीफे के पीछे बताई निजी वजह

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    नई दिल्ली। इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. RBI के गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के पीछे उन्होंने निजी कारणों को जिम्मेदार बताया है.आपको जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था. भारत सरकार ने अगस्त 2016 में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल को नया गवर्नर घोषित किया था। उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी.उनका कार्यकाल 3 साल का था. 28 अक्टूबर 1963 को जन्मे उर्जित ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बीए किया है।

    उर्जित पटेल ने कहा है कि उन्होने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है. उर्जित पटेल ने अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक में काम करना सम्मान की बात है. सेक्शन 7 के तहत सरकार रिजर्व बैंक को आम जनता के हितों को लेकर निर्देश दे सकती है. इस सेक्शन का अब तक उपयोग नहीं हुआ था. सरकार और उर्जित पटेल के विवाद के बाद रिजर्व बैंक ने बोर्ड बैठक भी बुलाई थी. इसमें कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

    बीच में ऐसी खबरें भी आई थी कि सरकार ने रिजर्व बैंक के रिजर्व से 3.6 लाख करोड़ रुपए की मांग की है. इस पर भी वित्त मंत्रालय के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सफाई दी थी कि ऐसा कुछ नहीं है. जानकारों के मुताबिक उर्जित पटेल के इस्तीफे का बड़ा असर शेयर बाजार पर पड़ेगा. शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है. उर्जित पटेल से पहले पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के भी सरकार से मतभेद रहे हैं. इसमें एनपीए भी शामिल है. इससे पहले पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराम का भी तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम से भी विवाद रहा था।

  • एमजे अकबर और तरुण तेजपाल एडिटर गिल्ड से निलंबित

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    नई दिल्ली. पूर्व केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर एवं विख्यात पत्रकार तरुण तेजपाल को एडिटर गिल्ड से निलंबित कर दिया गया है. दोनों पत्रकारों पर यौन शोषण का आरोप है. एडिटर गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) ने आज पत्रकार-से-राजनेता बने एमजे अकबर को निलंबित करने का फैसला किया. बताया गया है कि जबतक अकबर मीटू मामले में महिलाओं के द्वारा लगाए गए आरोपों का सामना कर रहे हैं तबतक उन्हें इस संगठन से निलंबित रहना होगा.

    गिल्ड के सूत्रों से मिली खबर में बताया गया है कि आज गिल्ड की एक बैठक में ईजीआई के पदाधिकारियों ने यह फैसला लिया. आपको बता दें कि अकबर को महिला पत्रकार के द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद अपना मंत्री पद छोडऩा पड़ा था. अकबर नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन की सरकार में विदेश राज्यमंत्री का पद संभाल रहे थे.

    उनके उपर उनकी पूर्व सहयोगी प्रिया रमनी ने मीटू के तहत यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था. ईजीआई ने पूर्व तहलका के संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ भी ऐसा ही फैसला लिया है. तेजपाल इन दिनों बलात्कार के एक मामले में जेल की सजा काट रहे हैं.

  • मायावती का भाजपा के खिलाफ एलान-ए- जंग, मायावती ने खुलेआम किया कांग्रेस का समर्थन

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    नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने खुलेआम कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए वह कांग्रेस पार्टी का पूरा समर्थन देने के लिए तैयार हैं। बसपा प्रमुख मायवती ने कहा कि बीजेपी गलत नीतियों की वजह से हारी है। बीजेपी से जनता परेशान हो चुकी है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों के शासन में यहां काफी उपेक्षा हुई है।

    आजादी के बाद केंद्र और राज्य में ज्यादातर यहां कांग्रेस ने ही राज किया है. मगर कांग्रेस के राज में लोगों का भला नहीं हो पाया। अगर कांग्रेस बाबा साहब अंबेडकर के साथ मिलकर विकास का काम सही से किया होता तो बसपा को अलग पार्टी बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए हमारी पार्टी ने यह चुनाव लड़ा था। दुख की बात है कि हमारी पार्टी इसमें उस तरह से कामयाब नहीं हो पाई।

    बीजेपी अभी भी सत्ता में आने के लिए जोर-तोड़ कर रही है। इसलिए हमने कांग्रेस पार्टी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का वादा किया है। बीजेपी को सत्ता से दूर रखने का यही तरीका है. अगर राजस्थान में भी जरूरत हुई, तो वहां भी बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए बसपा समर्थन दे सकती है। हम बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी को विधानसभा चुनावों में मसलन, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बड़ा झटका लगा है।

    2019 लोकसभा चुनाव से पहले तीन राज्यों की सत्ता से बेदखल हो जाना भारतीय जनता पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, मगर बीजेपी एंटी इनकंबेंसी के लहर को खत्म नहीं कर पाई और कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर आई. मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 114 सीटें और बीजेपी को 109 सीटें मिली हैं। आज राजस्थान में कांग्रेस विधायक दलों की बैठक है और कांग्रेस सरकार बनाने का दावा कर सकती है और अपने मुख्यमंत्री का चेहरा भी चुन सकती है।

    कांग्रेस ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ को जीत लिया है, वहीं मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो है, मगर बहुमत के आंकड़े से 2 सीट दूर रह गई है। राजस्थान में कांग्रेस को 99 सीटें मिली हैं मगर अजीत सिंह की पार्टी आरएलडी ने अपनी एक सीट से समर्थन देना का वादा किया है, जिससे यह तह है कि कांग्रेस बहुमत के लिए 100 का आंकड़ा छू लेगी और आसानी से सरकार बना लेगी। वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को क्लीन स्वीप कर दिया है।

  • MP में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगी BJP और कांग्रेस 

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    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के घोषित नतीजों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद अब नयी सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भी सक्रिय दिखायी दे रहे हैं। मध्‍य प्रदेश चुनाव में कांटे की टक्‍कर के बाद किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। कल देर रात नतीजों के रुझानों में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरता हुआ दिख रहा था, लेकिन सभी नतीजे घोषित होने के पहले ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर उनसे मिलने के लिए समय मांगा, ताकि वे कांग्रेस की सरकार बनाने के संबंध में दावा पेश कर सकें। भाजपा को स्पष्ट बहुमत के लिए सात और विधायकों की आवश्यकता है।

    वहीं देर रात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने एक ट्वीट में कहा ‘प्रदेश में कांग्रेस को जनादेश नहीं है। कई निर्दलीय और अन्य भाजपा के संपर्क में हैं। कल राज्यपाल महोदय से मिलेंगे।’ सिंह के ट्वीट के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय सहस्त्रबुद्धे, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह चुनाव नतीजों और नयी सरकार के गठन के मुद्दे पर गहन मंथन करते रहे। ये नेता आज तड़के मुख्यमंत्री निवास से वापस लौटे और सुबह से फिर भाजपा नेताओं के बीच बैठकों का दौर और मंथन शुरू हो गया। सूत्रों का कहना है कि पार्टी नतीजों पर मंथन के साथ ही एक बार फिर से सरकार बनाने के मुद्दे पर भी विचार कर रही है।

    मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना बुधवार सुबह 8.15 बजे तक चली। चुनावी नतीजों में कांग्रेस पार्टी को 114, बीजेपी को 109, बीएसपी को 2, समाजवादी पार्टी को 1 सीट तथा 4 निर्दलीय चुनाव जीते हैं। इस बीच दोनों ही प्रमुख दलों कांग्रेस और बीजेपी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलकर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने की बात कही है।

    मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य में सीएम पद के दावेदारों में शामिल कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया जाए ताकि वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर सकें। कमलनाथ ने दावा किया कि उन्हें निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है।

     

    उधर, बहुमत से 6 सीटें दूर रह गई बीजेपी ने भी कहा है कि वह राज्यपाल से मिलेगी और सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष राकेश सिंह ने मंगलवार देर रात को ट्वीट कर कहा, प्रदेश में कांग्रेस को जनादेश नहीं है। कई निर्दलीय और अन्य बीजेपी के संपर्क में हैं। कल (बुधवार) राज्यपाल महोदया से मिलेंगे।

    कमलनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को लिखे अपने पत्र में कहा, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसे बहुसंख्यकों का समर्थन हासिल है। सभी निर्दलीयों ने भी कांग्रेस को समर्थन देने का आश्वासन दिया है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने उन्हें अंतिम चुनाव परिणाम आने तक इंतजार करने को कहा है। बता दें कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी वर्ष 2013 के 8.5 फीसदी वोटों का अंतर खत्म करने में कामयाब रही है।

    उधर, इस चुनाव में लाल सिंह आर्या समेत शिवराज सरकार के कई मंत्री चुनाव हार गए हैं और उन्होंने हार ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया है। आर्या ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में शिवराज द्वारा दिए गए कोई माई का लाल रिजर्वेशन खत्म नहीं कर सकता. बयान और एससी/एसटी ऐक्ट को लेकर आए अध्यादेश की वजह से चुनाव में उनकी हार हुई है।

  • Congress ने बहुमत से दर्ज की जीत, CM रमन ने सौंपा इस्तीफा, दी जीत की बधाई

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    रायपुर।  राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव परिणामों के लिए वोटों की गणना पूरी हो चुकी है। छत्तीसगढ़ के रुझानों में कांग्रेस अपनी जीत दर्ज की है। चुनाव में बीजेपी की हार अब तय हो चुकी है। इस हार के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अपनी प्रेस वार्ता में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने राज्य में पार्टी की हार की भी जिम्मेदारी ली है।

    जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने कहा, मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं क्योंकि चुनाव मेरे नेतृत्व में लड़ा गया था। हम लोग एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और राज्य के विकास के लिए काम करेंगे। पार्टी के हारने की वजह को लेकर उन्होंने कहा कि इसका विश्लेशण किया जाएगा। वहीं विधानसभा चुनाव नतीजों का 2019 के लोकसभा चुनाव पर असर पड़ने की बात को उन्होंने खारिज कर दिया। सीएम रमन सिंह ने कांग्रेस को जीत की बधाई दी है और अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है।

    कांग्रेस की ओर से कौन मुख्यमंत्री पद का दावेदार होगा? कांग्रेस सूत्रों के हवाले से शाम चार बजे के आसपास टीवी रिपोर्ट्स में कहा गया कि सीएम के लिए फिलहाल दो नामों की चर्चा हो रही है। इनमें टीएस सिंह देव और भूपेश बघेल शामिल हैं। देव अंबिकापुर से जीते हैं, जबकि बघेल छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष हैं।

    पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला कांग्रेस के राजनंदगांव में मुख्यमंत्री रमन सिंह के पीछे हट रही थीं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह राजनंदगांव निर्वाचन क्षेत्र में 3,120 मतों के अंतर से आगे बढ़ रहे हैं जबकि कांग्रेस राज्य में नेतृत्व कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी मारवाही सीट में अग्रणी हैं जबकि उनकी पत्नी रेणु जोगी कोटा निर्वाचन क्षेत्र में आगे हैं।

    छत्तीसगढ़ में, मुख्यमंत्री रमन सिंह राजनंदगांव विधानसभा क्षेत्र में 1,200 मतों के अंतर से आगे बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने लगभग 65 निर्वाचन क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ में, पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस नेता अजीत जोगी मारवाही (एसटी) में 10,543 मतों से अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे हैं।

  • Notebandee के हीरो शक्तिकांत दास बने आरबीआई ने नए गर्वनर, तीन साल का होगा कार्यकाल

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    नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए गवर्नर शक्तिकांत दास के नियुक्त किया गया। शक्तिकांत दास पूर्व वित्त सचिव रह चुके हैं और वर्तमान में वित्त आयोग के सदस्य हैं। आपको बता दें कि सोमवार को उर्जित पटेल ने आरबीआई गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद सरकार की टेंशन बढ़ गई। इससे पहले आर्थिक मामलों के सचिव का कहना है कि आज ही गवर्नर के नाम पर फैसला हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल गवर्नर की रेस में शक्तिकांत दास के नाम की चर्चा तेज हो गई है।

    पूर्व वित्तीय सचिव और वित्तीय आयोग के मौजूदा सदस्य शक्तिकांत दास को सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया गवर्नर नियुक्त किया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने यह खबर दी है। दास का कार्यकाल तीन साल के लिए होगा।

    शक्तिकांत दास इस समय वित्त आयोग के सदस्य हैं। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान के समय दास वित्त सचिव थे। उन्होंने नोटबंदी की पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी। सोमवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही शक्तिकांत दास को नए गवर्नर की रेस में सबसे आगे माना जा रहा था। बताया जाता है कि उनकी इस पद पर नियुक्ति से पहले मंगलवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच मुलाकात हुई थी।

    शक्तिकांत दास का जन्म 26 फरवरी 1957 को हुआ था। उन्होंने इतिहास में एमए किया है और तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वो फिलहाल भारत के 15 वें वित्त आयोग और भारत के शेरपा जी -20 में सदस्य हैं। शक्तिकांत ने भारत के राजस्व सचिव, भारत के आर्थिक मामलों के सचिव और भारत के उर्वरक सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने नई दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से मास्टर्स डिग्री ली है।

    गौरतलब है कि सोमवार को उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। पटेल ने इसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया था। उर्जित पटेल सितंबर 2016 में आरबीआई के 24वें गवर्नर नियुक्त किए गए थे। उन्हें रघुराम राज का कार्यकाल खत्म होने के बाद तीन साल के लिए नियुक्त किया गया था।

     

  • UK कोर्ट का बड़ा फैसला, मंजूर किया प्रत्यर्पण, अब भारत लाया जाएगा ‘भगोड़ा’ माल्या

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    नई दिल्ली. भारत के बैंकों से पैसे लेकर लंदन भाग गए भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी मिल गई है. लंदन की कोर्ट ने माल्या के प्रत्यर्पण को हामी भर दी है. कोर्ट की सुनवाई में जाने से पहले मीडिया से बातचीत में माल्या ने कहा, ‘मैंने किसी का पैसा नहीं चुराया. मैंने बैंकों का पूरा पैसा चुकाने की बात की थी।

    बकाया चुकाने का प्रत्यर्पण से कोई लेना-देना नहीं है।’ सुनवाई से पहले माल्या ने पुरानी बातों को दोहराते हुए कहा कि उसने कर्नाटक हाईकोर्ट में सेटलमेंट की पेशकश की थी. माल्या ने कहा कि कोर्ट जो भी फैसला देगी, उसे उसकी लीगल टीम देखेगी. उसके बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा. माल्या ने कहा, ‘हमने जमा पैसे कर्मचारियों को देने के लिए कोर्ट में कई आवेदन दिए हैं. अगर कोर्ट हमारे प्रस्ताव को स्वीकार करने को तैयार है, तो मैं कर्मचारियों को भुगतान करने का इच्छुक हूं।

    ‘किंगफिशर एयरलाइन्स के मालिक रहे 62 वर्षीय विजय माल्या पिछले साल अप्रैल से बेल पर है. अभी तक सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा इस सुनवाई में शामिल हो रहे थे, लेकिन विवाद के बाद अस्थाना से सभी अधिकार वापस लेते हुए उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है. माल्या पर तकरीबन 9 हजार करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप है. इससे पहले विजय माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि वे बैंकों का पूरा पैसा लौटाने के लिए तैयार है, लेकिन उसने कहा था कि वो मूलधन देने को तैयार है।

    कब क्या हुआ.

    • – दो मार्च 2016 को विजय माल्या भारत छोड़कर फरार हो गए.
    • – 18 अप्रैल 2016 को माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ.
    • – 24 अप्रैल 2016 को विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द हुआ.
    • – 29 अप्रैल 2016 को भारत ने ब्रिटेन से माल्या को लौटाने के लिए कहा.
    • – नवंबर 2016 को PMLA स्पेशल कोर्ट ने माल्या को भगोड़ा घोषित किया.
    • – 18 अप्रैल 2017 को विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार किया गया, लेकिन तुरंत जमानत मिल गई.
    • – जून 2017 से लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट में सिलसिलेवार सुनवाई शुरू हुई. मामले की हर सुनवाई में सीबीआई, ईडी और भारतीय उच्चायुक्त मौजूद रहे.
    • – तीन अक्टूबर 2017 को विजय माल्या को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया और फिर जमानत मिल गई.
    • – 27 अप्रैल को मामले में आखिरी बार सुनवाई हुई. लंदन की अदालत आज की सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी.

  • कर्नाटक : Mandir का प्रसाद खाने से 12 की मौत, 90 लोगों की तबीयत बिगड़ी,अस्पताल में भर्ती

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    बेंगलुरु. कर्नाटक के एक जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मंदिर का प्रसाद खाने के बाद करीब 90 लोगों की तबीयत बिगड़ गई है. जिनमें से दस लोगों की मौत हो गई जबकि 80 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक प्रसाद खाने वालों में 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है.

    जिले के एसपी धर्मेंद्र कुमार मीना ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और बीमार लोगों को कामागेरे, कोलेगल और मैसुरु के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों की माने तो खाने में कुछ गड़बड़ी की वजह से लोगों की जान गई है.

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चमराजनगर स्वास्थ्य प्रशासन को सहायता प्रदान करने के लिए मंड्या और मैसूर के डीएचओ को निर्देश दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अधिकारी 108 कॉल सेंटर पर कॉल की निगरानी कर रहे हैं और एम्बुलेंस की भी व्यवस्था है. राज्य के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचने पर निकल चुके हैं.