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  •  कांग्रेस और भाजपा धुर विरोधी इस राज्य में कर सकते है गठबंधन !

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    नई दिल्ली। ऐसे कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे के घुर विरोधी हैं लेकिन देश का एक राज्य ऐसा भी है जहां दोनों मिल कर सरकार बना सकते हैं। इसकी संभावना अभी से व्यक्त की जाने लगी है। मसलन यह पहली बार होगा और इसे नया प्रयोग भी कहा जा रहा है।

    आपको बता दें कि देश के 5 राज्यों-मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। मिजोरम उत्तरपूर्व का एकमात्र राज्य है, जहां कांग्रेस की सरकार बची हुई है और भाजपा को वहा अभी अपना खाता खोलना बांकी है। उत्तर-पूर्व के रुझान को देखें तो भाजपा इन दिनों वहां मजबूत हुई है। लिहाजा मिजोरम विधानसभा का चुनाव इस बार काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

    कांग्रेस जहां उत्तर पूर्व के इस एकमात्र राज्य में अपनी सरकार बचाने की पूरी कोशिश कर रही है, वहीं कई उत्तर पूर्वी राज्यों में अपनी जीत दर्ज करा चुकी जी-जान लगाकर मैदान में उतर चुकी है। यही वजह है कि भाजपा ना सिर्फ मिजोरम में अपनी जीत का खाता खोलने के बारे में सोच रही है, बल्कि वह यहां सरकार बनाने की संभावनाएं भी लताशना शुरू कर दी है।

    भाजपा नेता एवं असम के कैबिनेट मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने बताया है कि उनकी पार्टी चुनावों के बाद कांग्रेस के विधायकों के साथ ही कांग्रेस नेता और मिजोरम के मुख्यमंत्री पी. ललथनहवला से भी बातचीत कर सकती है।

    ईसाई बहुल इस पर्वतीय प्रदेश में भाजपा अकेले चुनाव मैदान में है और कभी भी यहां से उसका एक भी उम्मीदवार आजतक नहीं जीत पाया है। भाजपा भी ये बात जानती है और चुनाव के बाद गठबंधन के सभी विकल्पों पर विचार करना जरूरी है। भाजपा नेता हेमंत बिस्वा सरमा ने भी बातचीत में इसी ओर इशारा किया है। यहां की पस्थिति को ध्यान में रखकर सरमा का बयान बेहद महत्व रखता है।

    ऐसी भी खबरें हैं कि भाजपा मिजोरम के मुख्य विपक्षी दल एमएनएफ से भी चुनावों के बाद गठबंधन कर सकती है। गठबंधन की पुष्टि मिजोरम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने भी की है। मिजोरम के भाजपा अध्यक्ष जेवी लूना ने साफ-साफ कहा है कि हम कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने का विकल्प भी खोल कर रखे हुए हैं। इस बयान के बाद प्रदेश और देश में भूचाल आ गया है।

    उत्तर पूर्व में अपना एकमात्र किला बचाने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक रैली भी की। इस रैली में राहुल गांधी ने भाजपा को जमकर निशाने पर लिया। वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मिजोरम के दौरे पर हैं। आगामी 22 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मिजोरम दौरा करेंगे। बता दें कि मिजोरम में 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे, जिसके लिए चुनाव प्रचार चरम पर है।

    हालांकि भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे के घुर विरोधी हैं लेकिन इस राज्य की पस्थिति ही कुछ ऐसी है कि दोनों दलों को अपनी प्रतिबद्धताओं से समझौता करना पड़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह भारत के राजनीतिक इतिहास का पहला मौका होगा।

  • अयोध्या : ठाकरे कानून को हाथ में लेकर मंदिर बनाने का प्रयास करेंगे ?

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    अयोध्या। विश्व हिन्दु परिषद, राष्ट्रीय स्वंय संघ और भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर एक फिर एकजुट होकर सुनियोजित तरीके से काम कर रही है। धर्म सभा के बहाने भले ही वर्ष 1992 जैसा महौल बनाए जाने की कोशिश हो रही हो लेकिन यह सम्भव नही है। सन् 1992 के दौरान जनता में जुनुन था लेकिन अब विश्व हिन्दु परिषद, राष्ट्रीय स्वंय संघ और भाजपा के लोग ही इसमें भागीदारी कर रहे है आम राम भक्त इस धर्मसभा से दूर है। इसके बावजूद जिस तरह से विश्व हिन्दु परिषद, राष्ट्रीय स्वंय संघ और भाजपा ने माहौल बनाया है उससे अल्पसंख्यक समुदाय भयभीत है। 
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    संभावना इस बाॅत की जताई जा रही है कि कही माहौल 2002 में गुजरात में हुए दंगे की तर्ज पर भड़क न जाए। इस धर्म सभा में गरम और नरम दल के लोग पहुंच रहे है। पर्याप्तय फोर्स के बावजूद अगर स्थिति बिगड़ जाए तो कोई बड़ी बाॅत नही है। केवल संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक का कहना है कि राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर 90 के दशक में हुए आंदोलन और अब के हालात में बहुत अंतर है। 1992 में हुए बाबरी विध्वंस के पहले जनचेतना को तैयार करने में वर्षों लगे थे। अशोक सिंघल की अगुआई में रामरथ और राम ज्योति यात्रा समेत विभिन्न कार्यक्रमों के चलते बड़े पैमाने पर जनता को भावानात्मक रूप से जोड़ा गया था। इसलिए उस समय आंदोलन को संगठित रूप देना आसान था।
    दूसरे बाबरी विध्वंस के बाद भी जनमानस के मन में नीति या कार्यक्रम को लेकर कोई प्रश्न नहीं था। इसके पीछे कारण यह था कि उस समय राम मंदिर निर्माण को लेकर सामने कोई और विकल्प ही नहीं था। इसलिए कारसेवा को ही अंतिम विकल्प मान लिया गया था। अब स्थितियां दूसरी हैं। राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट से भी रास्ता निकलने की उम्मीद है। मोदी-योगी सरकार के सुर भी मंदिर के पक्ष में है। ऐसी स्थिति में अगर वहां कुछ भी श्अनापेक्षितश् होता है तो उसका संदेश अच्छा नहीं जाएगा।
    सोशल मीडिया के दौर में उनका प्रसार रोकना भी संभव नहीं होगा। यही वजह है कि संघ ने अनुशासन की दृष्टि से वरिष्ठ स्वयंसेवकों को खास तौर पर लगाया है। नजर इस पर विशेष तौर पर रहेगी कि संघ से जुड़े संगठनों की अगुआई में आई भीड़ में अराजक लोग न शामिल हों। सभा के दौरान भी उत्तेजक घटनाक्रम या कोई भी शारीरिक प्रदर्शन जैसी स्थितियां न होने पाए। राम मंदिर को लेकर भाजपा के सबसे शक्तिशाली नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मंदिर निर्माण को लेकर स्पष्ट कह चुके है कि भाजपा मंदिर निर्माण के लिए संकल्पबंद्ध है। देश की राजनीतिक पार्टियों का सबसे पसंदीदा मुद्दा बन चुका अयोध्या में राम मंदिर इन दिनों खास तौर पर राजनीति के परवान चढ़ रहा है। लोकसभा के चुनाव नजदीक आते ही इस मुद्दे पर सियासतें गरमाने लग जाती हैं। हर कोई खुद को राम भक्त साबित करने की लाइन में लग जाता है।
    सियासी बयान बाजियों का बाजार सजने लगता है। इसी तरह का माहौल इस वक्त बनता हुआ दिखाई दे रहा है। कभी मंदिर की चैखट पर कदम ना रखना वाले भी राम नाम के नारों के साथ मैदान नें दिखाई दे रहे हैं। लिहाजा इस बात से एक ही प्रश्न हमारे जहन में आता है कि क्या हकीकत में मंदिर बनवाने की तैयारी हो रही है या फिर सियासी मैदान की रणनीति तैयार की जा रही है। भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का ‘‘जरूरत पड़ने पर 1992यय दोहराने जैसे संकल्प न संघ को सुहा रहे हैं और न ही भाजपा को। संघ के सामने चुनौती यह भी है कि 90 की दशक की भाजपा और आज की भाजपा में काफी बदलाव हो चुका है।
    आंदोलन में पर्दे के पीछे से जो विधायक, सांसद या दूसरे नेता लगे हैं, उनका जुड़ाव भावनात्मक होने से अधिक सियासी है। इसलिए वे सवाल उठा रहे हैं कि जब सब संसाधन हमें ही देने हैं तो इस आंदोलन को भाजपा ने अपने हाथ में क्यों नहीं लियाध् ऐसे में संघ को इन्हें भी समझाना पड़ा रहा है। वहीं, भाजपा और सरकार की चिंता यह है कि केंद्र और प्रदेश दोनों में ही सरकार होने के कारण अगर कानून-व्यवस्था को लेकर कोई दिक्कत पैदा होती है तो जनता, विपक्ष और सुप्रीम कोर्ट तीनों को ही जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि हमारी सरकार अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाने के लिए कटुबद्ध हैं।
    हम अपने वादे से इंच भर भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये हमारा देश की जनता से वादा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सरताज योगी आदित्यनाथ ने कहा है संबैधानिक दायरे में रहकर मामले का हल हम लोग निकालेंगे। इस पर कांग्रेस ने भी सियासी पलटवार करने में देर नहीं की। उन्होंने कहा कि मंदिर बनाना बीजेपी पहले हमसे सीखे, उनका राम मंदिर से कोई लेना देना नहीं है। ये बस ये बस वोट बटोरने के लिए इस मुद्दे को भुनाना चाहते हैं। इन सब बातों के बीच दिलचस्प बात है कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ गठबंधन वाली पार्टी सिवसेना ने शिवाजी पार्क से अयोध्या के लिए राम मंदिर का मुद्दा साथ लेकर के कूच कर दिया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 25 नवंबर को अयोध्या आ रहे हैं।
    जिसके लिए जोरदार तैयारियां शुरु हो गयी हैं। काफी बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। संत समाज भी इसके लिए नजरे गड़ाए बैठा है। इसे एक बात तो साफ हो गई है कि मंदिर को लेकर लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भारतीय जनता पार्टी काफी लंबे समय से अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात कहती आ रही है। हालांकि फिलहाल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस मामले में कूद कर बीजेपी पर भारी पड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इन सब बातों के बीच प्रश्न उठता है कि जब मामला सर्वोच्च अदालत में है तो ठाकरे कानून को हाथ में लेकर मंदिर बनाने का प्रयास करेंगे?

  • नया ऑफर : 100 रुपये का पेट्रोल खरीदकर 5 लीटर फ्री में एेसे पा सकते हैं

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    नई  दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण भारतीय बाजार में पेट्रोल और इस के दामों में गिरावट का सिलसिला जारी है. एेसे में आप आसानी से मात्र 100 रुपये का पेट्रोल खरीदकर 5 लीटर फ्री में पा सकते हैं.

    अॉनलाइन ट्रांजेक्शन पर पेटीएम, पेएप जैसे कई एप कैशबैक का अॉफर दे रहे है. वहीं अब इंडियन ऑयल ने पूरे देश में एक नया ऑफर लांच किया है. आपको इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर जाकर कम से कम 100 रुपये का पेट्रोल खरीदना होगा. इस का भुगतान कैश में न करके केवल भीम एसबीआई यूपीआई ऐप से करना होगा. इसके बाद आपको 12 डिजिट ट्रांजेक्शन नंबर और तारीख को इस फॉर्मेट में 9222222084 पर एसएमएस के जरिए भेजना होगा. इंडियन ऑयल और एसबीआई ने कहा है कि प्रत्येक दिन 10 हजार लोग विजेता बनेंगे. यह स्कीम केवल 23 नवंबर तक लागू है. अगर आपका चांस आया तो आपको 5 लीटर मुफ्त पेट्रोल मिल सकता है. अगर आप इस अॉफर में विजेता बनते है तो आपको अापके नंबर पर एक मैसेज कि जरिए जानकारी दी जाएगी.

    फ्री पेट्रोल पाने का स्टेट बाय स्टेप तरीका

    एसबीआई के इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए आपको भीएम एप से कम से कम सौ रुपए का पेमेंट करना होगा। भीएम एप के जरिए किए गए भुगतान का नंबर में लिखकर 9222222084 पर SMS भेजना होगा। इसके बाद अगर आपका चांस आया तो आपको 5 लीटर मुफ्त पेट्रोल मिल सकता है। अगर आप इस ऑफर के लिए चुने जाते हैं तो आपको फोन नबंर के जरिए जानकारी दे दी जाएगी।

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  • धर्मसभा में हुंकार: अध्यादेश की नौबत आई तो काशी और मथुरा भी लेंगे

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    अयोध्या। जनभावनाओं और भारी भीड़ के तेज में धर्म सभा के वक्ताओं ने संकल्प लिया कि अगर राम मंदिर के लिए अध्यादेश की नौबत आई तो यह तय मान लिया जाए कि काशी और मथुरा भी छीन लेगें। श्रीराम जन्मभूमि भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प के लिए अयोध्या की बड़े भक्तमाल की बगिया में रविवार को आयोजित विराट धर्मसभा में देश भर के 127 संप्रदायों के साधु-संतों और अखाड़ों के महामंडलेश्वरों ने एक साथ हुंकार भरी। सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाया कि या तो कानून से या अध्यादेश से किसी भी तरह मंदिर बने।

    लेकिन, सबसे नई बात यह हुई कि धर्मसभा की अध्यक्षता कर रहे निरंजनी अखाड़ा, हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद महाराज ने मुस्लिम समुदाय और वक्फ बोर्ड से अपील करते हुए चेतावनी दे दी श्वे लोग स्वेच्छा से मंदिर बनने का रास्ता साफ कर दें। अगर अध्यादेश की नौबत आयी तो फिर अयोध्या ही नहीं, काशी और मथुरा भी लेंगे। इसके पहले प्रस्तावना में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने भी जोर देकर कहा कि केवल मंदिर, केवल मंदिर, केवल मंदिर चाहिए। हालांकि चित्रकूट से आये पद्म विभूषण, तुलसी पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी राम भद्राचार्य महाराज ने केंद्र सरकार के एक वरिष्ठतम मंत्री से बातचीत के हवाले से दावा किया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार 11 दिसंबर को मंदिर निर्माण का रास्ता खोज लेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसके लिए बैठक करेंगे।   विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि मुस्लिम समाज ने वचन दिया है कि अगर अयोध्या में मंदिर सिद्ध हो गया तो हम दावा छोड़ देंगे। मेरा कहना है कि मुस्लिम वक्फ बोर्ड मुकदमा वापस ले ले और स्वेच्छा से यह स्थान हिंदू समाज के लिए छोड़ दे। भारत सरकार भी अपने वचन का पालन करे। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संत समाज के धर्मादेश से यह नारा गूंजा था कि संतों का धर्मादेश-कानून बनाएं या अध्यादेश। यह आयोजन उस नारे से भी आगे था। इसीलिए प्रस्तावना में मुसलमानों से ही पहल करने और जमीन सौंपने का अनुरोध हुआ।

    हमें मोदी-योगी पर भरोसा

    राम मंदिर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद मोदी से संतों से मांग की। उन पर और योगी पर भरोसा भी जताया। रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष और मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि मोदी और योगी से आशा है। मोदी को चाहिए कि वह मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें। जगदगुरु रामानुजाचार्य वासुदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि भारतीय संविधान की पहली प्रति पर भगवान राम, सीता और हनुमान की तस्वीर छपी है। यह देश अभी तक अघोषित हिंदू राष्ट्र है लेकिन, अब घोषित हिंदू राष्ट्र बनने वाला है क्योंकि नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से हुआ है। यह उनका तंज था लेकिन, प्रधानमंत्री से उन्होंने कहा कि शिवाजी की तलवार पर समर्थ गुरु रामदास ने सान चढ़ाई थी। मोदी जी आप शिवाजी की तरह तैयार हो जाइए और मंदिर बनवा दीजिए। वासुदेवाचार्य ने तो यहां तक कहा कि जैसे आबूधाबी में आपने मंदिर बनवा दिया वैसे ही वहां के सुलतान को बुलाकर यहां भी मंदिर का शिलान्यास करा दीजिए। ऐसा मौका फिर मिलने वाला नहीं है क्योंकि राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति अपने और देश-प्रदेश में अपनी ही सरकार है।

    सरकार रहे न रहे मंदिर बनाओं

    भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से आये संत बालक दास ने कहा कि मन की बात बहुत हुई, मत ज्ञान बांटिए मोदी जी। सरकार गिरती है तो गिरने दो लेकिन, मंदिर बनवा दो मोदी जी। हरिद्वार महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत रवींद्र पुरी ने तो पूरी तैयारी बयां कर दी। कहा, शिलापूजन हो चुका, नींव खुद गई है और नींव के पत्थर तैयार है। बस अब मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाए। स्वामी अनंताचार्य महाराज ने भी मोदी-योगी की सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि मंदिर बन जाना चाहिए। प्रतापगढ़ से आये पूर्व प्रचारक सियाराम गुप्ता ने मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया। यह चेक राम मंदिर निर्माण न्यास के अध्यक्ष और मणिराम छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास को भेंट किया गया।

    नौ दिसंबर को दिल्ली कूच करेगें संत

    इसके पहले जगदगुरु रामानंदाचार्य हंसदेवाचार्य ने इशारों से कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण में सबसे बड़े विरोधी कुर्ते के ऊपर जनेऊ पहनने वाले तथाकथित हिंदू हैं। उन्होने कहा कि कपिल सिब्बल और राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई रोकने में अवरोध पैदा किया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राम मंदिर हमारी प्राथमिकता में नहीं है। उन्होंने सरकार का बचाव किया कि यह सरकार की नाकामी नहीं है। कहा, सरकार राष्ट्रपति के जरिये सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखे और वरीयता के आधार पर मंदिर मामले में फैसला दे।

  • Child पॉर्नोग्राफी Whatsapp पर देखी या फॉरवर्ड की तो मिलेगी ये सख्त सजा

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    मुंबई । चाइल्ड पॉर्नोग्राफी एक गंभीर अपराध है। वॉट्सऐप या फेसबुक के जरिए ऐसे अश्लील क्लिप्स देखना या फॉरवर्ड करना गंभीर गुनाह है। बता दें कि आजकल मोबाइल या फेसबुक पर बच्चे-बच्चियों के अश्लील फोटो या विडियो देखना और इसे दोस्तों या ग्रुप्स में सर्कुलेट करना चलन बन गया है। गोरेगांव के 12वीं का छात्र राहुल (बदला हुआ नाम) उस वक्त हैरान रह गया जब उसकी 6 साल की बहन का शौचालय में नहाने का विडियो वॉट्सऐप पर वायरल हो गया। राहुल ने बहन से जब पूछा तो उसने सहेली के घर नहाने की बात कही।

    शक है कि वहां किसी ने उस बच्ची की मासूमियत का फायदा उठाकर मोबाइल से विडियो बना लिया होगा, जो एक से दूसरे मोबाइल होते हुए वायरल हो गया। राहुल की तरह सरिता शिरसाट की भी कहानी है, जिसने छोटी बहन का अश्लील विडियो बनाकर उसे दोस्तों को वॉट्सऐप के जरिए शेयर करने वाले शातिर पड़ोसी के खिलाफ साइबर पुलिस में मामला दर्ज कराया था। सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे वॉट्सऐप या फेसबुक या इंस्टाग्राम पर छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों का अश्लील विडियो या फोटो देखना आजकल चलन हो गया है। लोग न सिर्फ ये अश्लील चीजें देखते हैं, बल्कि एक-दूसरे को फॉरवर्ड भी करते हैं। इसे चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कहते हैं।

    वॉट्सऐप पर अश्लील विडियो और फोटो देखने या सर्कुलेट करने से सावधान रहनी चाहिए। खासतौर से बच्चे-बच्चियों से संबंधित मामले काफी गंभीर होते हैं। भारत सरकार चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के व्यवसायिक इस्तेमाल, संबंधित विडियो देखना, संग्रह करना और इसे सर्कुलेट करने को गंभीर अपराध मान रही है। सरकार इस प्रस्तावित कानून में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के व्यवसायिक इस्तेमाल को लेकर काफी सख्त हैं। पहले इस कानून में तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को सिर्फ 3 साल तक की ही सजा होती थी, लेकिन अब इसे संशोधित कर पांच साल कर दिया गया है। इसके अलावा, आरोपी यदि दूसरी बार दोषी पाया जाता है, तो उसकी सजा सात साल तक बढ़ सकता है।

    इस कानून में संशोधन होने के बाद अगर आपके मोबाइल पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से संबंधित विडियो और फोटो मिलने पर अगर आप इसकी जानकारी छुपाते हैं, तो आप भी दोषी ठहराए जा सकते हैं। आपको भी सजा हो सकती है। इसलिए मोबाइल यूजर को वॉट्सऐप पर आने वाले अश्लील विडियो या फोटो को डाउनलोड करने, देखने या सर्कुलेट करने से बचना चाहिए।

    साइबर क्राइम विभाग के   अनुसार, फेसबुक या वॉट्सऐप के माध्यम से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को सर्कुलेट करना या फॉरवर्ड करना अपराध है। इस प्रकार के मामले सामने आने पर पुलिस केस दर्ज करती है। इसके अलावा, भारत सरकार ने ऑनलाइन तरीके से ऐसे मामलों को दर्ज कराने के लिए भी सहूलियत दे रखी है। इसके लिए लोगwww-cybercrime-gov इस पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। बच्चों के अलावा महिलाओं को प्रताड़ित करने से संबंधित मामले भी इस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन लोग दर्ज कर सकते हैं।

    बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित पॉक्सो ऐक्ट को लेकर भी भारत सरकार गंभीर है। सरकार पॉस्को ऐक्ट में संशोधन करने जा रही है, जो अभी प्रस्तावित है। नए नियम के बाद अब इस ऐक्ट में पांच साल तक की कैद और जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसके अलावा, यह अपराध गैर जमानती अपराध भी है।

  • पाकिस्तान तरसेगा पानी के लिए, भारत कर रहा है ये काम

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    नई दिल्ली। पाकिस्तान में सिंधु नदी के पानी को रोकने के लिए भारत बहुत जल्द 3 परियोजनाओं पर काम करना प्रारंभ करेगा। मिली खबर में बताया गया है कि इन तीन परियोजनाओं में शाहपुर कांडी बांध परियोजना, पंजाब में दूसरा सतलुज-ब्यास संपर्क और जम्मू-कश्मीर में ऊझ बांध शामिल हैं।

    पाकिस्तान के साथ हुई द्विपक्षीय सिंधु जल संधि के तहत अपने हिस्से के इस्तेमाल न किए जाने वाले पानी को पड़ोसी देश में बहने से रोकने और उसका उपयोग खुद करने के लिये भारत ने दो बांधों समेत तीन परियोजनाओं के काम में तेजी लाने का फैसला किया है। सरकार के एक विश्वस्थ सूत्र से मिली खबर में बताया गया है कि जल्द से जल्द सरकर इन तीनों परियोजनाओं पर काम प्रारंभ कर देगी।

    उन्होंने कहा कि इन तीन परियोजनाओं में शाहपुर कांडी बांध परियोजना, पंजाब में दूसरा सतलुज-ब्यास संपर्क और जम्मू-कश्मीर में ऊझ बांध शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो ये परियोजनाएं लाल फीताशाही और अंतरराज्यीय विवादों में उलझी थीं लेकिन अब इन परियोजनाओं के काम में तेजी लाने का फैसला किया गया है।

    आपको बता दें कि सिंधु जल संधि के तहत सिंधु की तीन सहायक नदियों-सतलुज, ब्यास और रावी से बहने वाला पानी भारत को आवंटित किया गया है जबकि चेनाब, झेलम और सिंधु के जल को पाकिस्तान को आवंटित किया गया है।

    कुल 16.8 करोड एकड़ फीट में से भारत के हिस्से में आवंटित नदियों का पानी 3.3 करोड़ एकड़ फीट पानी है, जो लगभग 20 प्रतिशत है। एक अधिकारी ने बताया कि भारत सिंधु जल संधि के तहत अपने हिस्से का करीब 93-94 फीसदी पानी इस्तेमाल करता है। बाकी पानी का कोई इस्तेमाल नहीं होता और यह पाकिस्तान चला जाता है। इन परियोजनाओं के माध्यम से भारत अपने हिस्से के पूरे पानी का उपयोग कर पाएगा।

  • विस चुनाव: मप्र- 230, मिजोरम- 40 सीटों पर वोटिंग जारी , शिवराज पहुंचे नर्मदा की शरण में

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    भोपाल. मध्य प्रदेश  की सभी 230 और मिजोरम  की 40 सीटों पर वोटिंग जारी है. मिजोरम में मतदान की शुरुआत सुबह सात बजे हुई. मध्य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने मताधिकार को प्रयोग किया. वे बुधनी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इधर , छतरपुर, इंदौर और भोपाल में कई बूथों पर ईवीएम खराब होने की शिकायत आ रही है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इवीएम में खराबी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि कई ऐसे मतदान केंद्रों पर जो कांग्रेस के पक्ष के हैं, ईवीएम खराब होने की खबरें आ रहीं हैं.

    वोटर्स शाम सात बजे तक मतदान कर सकेंगे. वहीं, मध्य प्रदेश में 230 में से 227 सीटों पर वोटिंग सुबह सात बजे शुरू हो गई जबकि अन्य सीटों पर आठ बजे मतदान शुरू हुआ. मध्य प्रदेश में तकरीबन 65 हजार मतदान केंद्र बनाए गए हैं. पांच करोड़ से अधिक मतदाता मध्य प्रदेश में अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे. मध्य प्रदेश में मतदाता चुनाव मैदान में मौजूद 2899 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे. मतदाताओं में दो करोड़ 63 लाख 01 हजार 300 पुरूष और दो करोड़ 41 लाख 30 हजार 390 महिलाएं शामिल हैं. सर्विस वोटर की संख्या 62 हजार 172 है. वहीं, मिजोरम में 40 सीटों पर 209 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 15 महिला प्रत्याशी शामिल हैं.

    मध्य प्रदेश: उज्जैन में दो खराब ईवीएम होने की खबर है, अलीराजपुर में 11 वीवीपीएटी मशीनों, बुरहानपुर में पांच वीवीपीएटी और दो ईवीएम मशीनों को बदलने का काम किया गया है. 9 बजे तक मिजोरम में 15% वोटिंग रिकार्ड की गयी.-मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने शिवपुरी में किया अपने मताधिकार को प्रयोग. वह कांग्रेस के सिद्धार्थ लाडा के खिलाफ मैदान में हैं. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि आज मध्य प्रदेश में मतदान का दिन है. प्रदेश के सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे पूरे उत्साह के साथ लोकतंत्र के महापर्व में भाग लें और भारी संख्या में मतदान करें. कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के हनुमान मंदिर में सुबह-सुबह पूजा अर्चना कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें जीत का भरोसा है.

  • हेडमास्टर स्कूली बच्चियों को दिखाता था अश्लील फिल्म

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    सीहोर। स्कूलों को ज्ञान का मंदिर कहा जाता है। अच्छी बातें सीखने के लिए लोग अपने बच्चों को स्कूल में भर्ती कराते हैं लेकिन मध्य प्रदेश के एक स्कूल में जो कुछ भी हुआ है उसे जानने के बाद लोग स्कूलों को भी शक की नजर से देखने लगेंगे। खबर मध्य प्रदेश की है। राज्य के सीहोर जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में एक हेडमास्टर ने मासूम स्कूली बच्चियों को मोबाइल पर अश्लील फिल्म दिखाई। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हेडमास्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, आरोपी फरार है।

    सीहोर जिले के गोपालपुर थाने की प्रभारी उमा मरावी ने बताया कि पांडागांव के प्राथमिक विद्यालय का हेडमास्टर रामभरोसे स्कूली बच्चियों को अश्लील फिल्में दिखाता था। स्कूल की छात्राओं ने अपने परिजनों को हेडमास्टर की इस हरकत के बारे में बताया। इसके बाद जब इस पर परिजनों ने हेडमास्टर से बात की तो उसने माफी मांगकर बात टाल दी। छात्राओं के परिजनों ने पुलिस को बताया कि कई दफा बच्चियों द्वारा शिकायत किए जाने पर उन्होंने हेडमास्टर से इस बारे में बात की। इसके बाद हेडमास्टर ने उनसे माफी मांग ली।

    स्कूल के छात्राओं के परिजनों ने कहा कि माफी मांगने के बाद उन्होंने उसे माफ भी कर दिया लेकिन कुछ ही दिनों बाद हेडमास्टर ने फिर वही हरकत शुरू कर दी। बार-बार की शिकायत से परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने पुलिस थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। मामला दर्ज होने के बाद से ही हेडमास्टर फरार है। थाना प्रभारी मरावी ने बताया कि आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उसकी तलाश जारी है। जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • Kalka-Howrah Express में लगी आग, पंजाब-दिल्ली रूट बंद, 5 यात्री गंभीर

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    कुरुक्षेत्र ।आज (मंगलवार) सुबह दिल्ली-अमृतसर ट्रैक पर एक बड़ा रेल हादसा होते होते टल गया। दरअसल कालका-हावड़ा एक्सप्रेस में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी.हादसा तड़के तीन बजे हुआ। घटना कुरुक्षेत्र के पास डाेडा खेड़ी में हुआ। हादसे में आठ यात्री  घायल हाे गए और इनमें तीन महिलाएं व तीन बच्‍चे हैं। घटना से हड़कंप मच गया। घायल यात्रियों को अस्‍पताल में दाखिल कराया गया है। ट्रेन कालका से हावड़ा जा रही थी। आग लगने का तुरंत पता लगने से बड़ा हादसा टला। या‍त्रियों का कहना है कि यदि इसमें देर हो जाती तो कालका हावड़ा एक्‍सप्रेस बर्निंग ट्रेन बन सकती है। हादसे के कारण कई घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार प्रातः 4 बजे के करीब जब कालका-हावड़ा एक्सप्रेस धीरपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंची तो उसकी SLR बोगी में शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई. इसके बाद रेलवे कर्मियों ने आग पर काबू पाया और शाॅर्ट सर्किट के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं. फिलहाल घटना के बाद से ही इस ट्रैक को बंद कर दिया गया है. इसी कारण करनाल से पंजाब और पंजाब से दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनों की आवाजाही रूक गई है.

  • BJP महिला प्रत्याशी ने कहा -‘मुझे जिताओ- बाल विवाह कराओ ‘

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    जयपुर। प्रत्याशी चुनाव जीतने के किसी हद जाने को तैयार रहते हैं। यह तो बिलकुल ही नहीं सोचते है कि हम क्या बोल रहे हैं। यूपी के सीएम योगी जी भगवान हनुमान को दलित बता दिया। जिसको लेकर दलित समाज हनुमान मंदिरों पर अपना दावा करने लगे हैं। बात यहीं खत्म नहीं होती राजस्थान में चुनावी सरगर्मियों के बीच प्रत्याशी बौखलाहट में अजीबो-गरीब वादों पर उतर आए हैं। राजस्थान में समाज के लिए संताप बन चुकी परम्परा बाल विवाह को लेकर एक प्रत्याशी ने कहा ‘हमें जिताओ बाल विवाह कराओ’ । ताजा मामला पाली जिले के एक भाजपा प्रत्याशी का जिन्होंने जोश-जोश में न केवल पार्टी के मुसीबत खड़ी कर दी है वहीं उनके खिलाफ पुलिस ने जांच भी बैठा दी है।

    पाली जिले की सोजत (सुरक्षित) सीट से प्रत्याशी शोभा चैहान ने मतदाताओं को लुभाने के लिए अजीबो-गरीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर वह इस चुनाव में जीतती हैं तो पुलिस बाल विवाह के किसी भी मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकेगी। उनका विवादित बयान सामने आने के बाद जहां उनकी आलोचना शुरू हो गई है वहीं भाजपा ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शोभा आईएएस अधिकारी राजेश चैहान की पत्नी हैं और पाली की सोजत सीट से दूसरी बार चुनाव लड़ रही हैं।

    शोभा ने चुनाव के लिए आयोजित सभा में कहा है कि अगर वह सत्ता में आएंगी तो उनके क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को बाल विवाह के मामले में पुलिस परेशान नहीं करेगी। इस भाषण का विडियो सामने आने के बाद पाली जिले के कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं।

    जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम सुधीर कुमार शर्मा ने बयान के आने के बाद तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। यही नहीं पुलिस इस मामले में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है इसलिए वायरल हो रहे वीडियो की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। और अगर यह वीडियो सही साबित होता है तो भाषण देने वाली महिला प्रत्याशी पर कानून के अनुसार कार्रवाई कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है और 11 दिसंबर को वोटों की गिनती की जाएगी। राजस्थान में बाल विवाह बहुत बड़ी समस्या है और इससे जुड़े मामले पहले भी कई बार सामने आते रहे हैं।