Category: national

  • फ्रीलांस पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी को लंदन प्रेस फ्रीडम अवार्ड से किया गया सम्मानित

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    नई दिल्ली । भारतीय पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी को साहस के लिए लंदन प्रेस फ्रीडम अवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया है। सत्ताधारी भाजपा की आईटी सेल को लेकर खोजी पत्रकारिता के लिए उन्हें इस अवार्ड के लिए चुना गया। उन्हें यह पुरस्कार ऑनलाइन ट्रोलिंग और उत्पीड़न का साहस के साथ सामना करने और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल का खुलासा करने के लिए दिया गया है। वे ’आई एम ए ट्रोल: इनसाइड द सीक्रेट वर्ल्ड ऑफ द बीजेपीज डिजिटल आर्मी’ पुस्तक की लेखिका भी हैं। इस पुरस्कार के लिए नामित इटली, तुर्की और मोरक्को के पत्रकारों को मात देकर उन्होंने इस पुरस्कार को हासिल किया है।

    आरएसएफ यूके ब्यूरो के निदेशक रेबेका विंसेंट ने कहा कि अच्छी पत्रकारिता को पहचानना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एकजुटता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि एक अंतर्राष्ट्रीय समुदाय फ्री मीडिया के लिए हमेशा खड़ा होगा, चाहे वह किसी के द्वारा ही खतरे में क्यों न हो। बता दें कि इस समारोह में पिछले महीने इस्तांबुल में सऊदी दूतावास में सऊदी अरब पत्रकार जमाल खशोगगी की हत्या के मद्देनजर पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस स्वतंत्रता के महत्व पर भी चर्चा की गई।

    पुरस्कार जीतने पर स्वाति ने कहा, ‘यह मेरे लिए काफी अहमियत रखता है। मुझे नहीं लगता कि पत्रकारों ने अपना काम करना बंद कर दिया है, लेकिन पूरे दुनिया की सरकारें अपनी आलोचना को लेकर असहिष्णु हो गई हैं। मुझे ऑनलाइन काफी धमकियां दी गईं, लेकिन मैंने इसकी परवाह नहीं की। अगर मैं ऐसा करती तो अपना काम नहीं कर पाती।’ इस कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार रात रिपोर्ट्स सैंस फ्रंटियर्स (आरएसएफ) और रिपोर्ट्स विदआउट बॉर्ड्स ने किया था।

    इन दिनों सोशल मीडिया ट्रोलिंग आम फिनोमिना बन चुका है। इसके तहत जैसे ही आप सत्ता सरकार को जायज और जरूरी मुद्दों पर घेरने का प्रयास करते हैं या अपनी बात स्वतंत्रतापूर्वक रखने का प्रयास करते हैं, वैसे ही एक खास विचारधारा वाले लोगों की आईटी फौज आप पर टूट पड़ती है। वे आपके बारे में भद्दे और अश्लील शब्दों, गालियों और ऊल-जलूल कुतर्कों से रौंदने का प्रयास करने लगते हैं। इसके पीछे सोची-समझी साजिश होती है, जिसका मकसद होता है, देश के नागरिकों का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाकर किन्हीं सतही मुद्दों जैसे आपसी घृणा और वाद-विवाद में उलझा देना।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018: प्रचार थम गया , पहले चरण की वोटिंग 12 नवंबर को

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    रायपुर. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले दौर की 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने-अपने दलों के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंकी. इन नेताओं ने उन सीटों को ही चुना, जहां सबसे पहले वोट डाले जाने हैं. इधर चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 10 नवंबर की शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लग गई. अब केवल प्रत्याशी घर-घर जाकर सादगी के साथ जनसंपर्क कर सकेंगे.

    छत्तीसगढ़ में पहले चरण के लिए 12 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए 10 नवंबर को शाम पांच बजे तक प्रचार थम गया. सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों ने 10 नवंबर को दोपहर तीन बजे तक और सवेरे आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान वाले क्षेत्रों के प्रत्याशियों ने शाम पांच बजे तक प्रचार किया. इसके बाद उम्मीदवार केवल व्यक्तिगत प्रचार एवं घर-घर जनसंपर्क कर सकेंगे. मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले से सार्वजनिक मंचों से प्रचार-प्रसार प्रतिबंधित रहेगा.

    मोदी रमन जगदलपुर तो राहुल कांकेर, डोंगरगढ़ राजनांदगांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बस्तर संभाग की सीटों पर पार्टी के चुनावी अभियान के आखिरी दौर में जाकर एक बार फिर ताकत दिखाई. नरेंद्र मोदी ने बस्तर संभाग के जगदलपुर में सभा की, तो मुख्यमंत्री भी उनके साथ थे. इधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बस्तर संभाग के कांकेर जिले के पखांजुर में सभा की. वे डोंगरगढ़ भी गए. इसके बाद राजनांदगांव आकर यहां पार्टी प्रत्याशी करुणा शुक्ला के पक्ष में एक रोड शो भी किया. इसके बाद उन्होंने यहीं से कांग्रेस का जनघोषणा पत्र भी जारी किया.

    राजनीति प्रेक्षकों का कहना है कि पहले दौर के चुनाव में जिन 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को मतदान होना है. उनमें अधिकतर सीटों पर भाजपा कांग्रेस के बीच सीधे मुकाबले की संभावना है. 2013 के चुनाव में बस्तर संभाग में कांग्रेस का प्रदर्शन भाजपा से बेहतर रहा था. इसी तरह पहले दौर में राजनांदगांव जिले की 6 सीटों के लिए मतदान होगा. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव से इस बार भी प्रत्याशी हैं. भाजपा कांग्रेस के साथ इस बार जोगी-बसपा गठबंधन तथा आम आदमी पार्टी भी चुनाव मैदान पर है, लेकिन चुनाव प्रचार अभियान की दौड़ में इन दलों से आगे भाजपा व कांग्रेस रही. मोटे तौर पर जो तस्वीर सामने आ रही है, उसके मुताबिक 18 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला होता दिख रहा है.

  • नक्सलवाद के हमले में अपने बड़े नेताओं को खोया है कांग्रेस ने : राहुल गांधी

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    जगदलपुर ।  प्रथम चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बस्तर संभाग के जगदलपुर और चारामा में जनसभा की। उन्होंने प्रधानमंत्री के कांग्रेस पर आरोप का जवाब देते हुए कहा कि नक्सलवाद के चलते झीरम घाटी हमले में कांग्रेस ने अपने बड़े नेताओं को खोया है। वह कांग्रेस नक्सलियों का समर्थन कैसे कर सकती है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री भले ही जनता को बरगलाने की कोशिश करें, लेकिन जनता सच जानती है।

    उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर कई सौगातें देने की भी घोषणा की। वहीं एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल ने भाषण की शुरुआत मोदी पर निशाना साथ कर किया। उन्होंने मोदी पर राफेल डील में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। राहुल को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लाल बाग मैदान में लोगों की भीड़ उमड़ी। इसी मैदान में शुक्रवार को भाजपा के स्टार प्रचारक मोदी ने भी जनसभा की थी।

    राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी की यहां सरकार आने वाली है। मैं आपसे झूठा वादा करने नहीं आया। छत्तीसगढ़ के किसानों को कहता हूं आप सबेरे चार बजे उठते हो मेहनत करते हो। 10 दिन के भीतर कांग्रेस पार्टी आप का सारा कर्ज माफ कर देगी। रमन सिंह ने किसानों का बोनस छीना कांग्रेस पार्टी आप को बोनस देगी। जिन किसानों को दो साल का बोनस नहीं दिया गया। कांग्रेस पार्टी उन दो सालों का बोनस भी देगी।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोलेगी, हर ब्लाक जिले में जाकर अपनी सब्जियां फल फूड प्रोसेसिंग यूनिट में देगा। वहां किसानों के बेटों को भी रोजगार मिलेगा। राहुल ने कहा, “हम पंजाब की तरह छत्तीसगढ़ को कृषि का सेक्टर बनाना चाहते हैं, वहां छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार देंगे।”

    कांग्रेस प्रमुख ने आदिवासियों और किसानों की जमीन अधिग्रहण पर मोदी और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पेसा कानून के तहत आदिवासियों को उनकी जमीन का हक देंगे। किसान को बगैर पूछे जमीन नहीं ली जाएगी। अगर किसान ने जमीन देने का मन बनाया तो बाजार से 4 गुना दर पर पैसा देंगे। मोदीजी आए, रमन सिंह आए तो आदिवासी किसानों को बगैर पूछे उनकी जमीन छीनी जाने लगी। हमारी सरकार आएगी फिर हम कानून लाएंगे। अगर किसान की जमीन ली गई और अगर पांच साल तक उद्योग लगा नहीं तो जमीन किसान को वापस की जाएगी।”

    राहुल ने कहा कि यहां टाटा स्टील प्लांट के लिए सरकार ने आदिवासियों से उनकी जमीनें छीनकर टाटा को जमीन दे दी, लेकिन सालों बीत गए, यहां टाटा ने कुछ भी नहीं किया। कांग्रेस की सरकार बनते ही टाटा स्टील प्लांट के लिए जो 4 हजार एकड़ जमीन सरकार ने ली, उसे सरकार बनते तत्काल वापस किया जाएगा।

  • आस्था और आराधना के प्रमुख राम मंदिर के दर्शन करायेगी ये विशेष ट्रेन , इतना होगा खर्च

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    आस्था और आराधना के प्रमुख केंद्र राम मंदिर का सबसे पहला निर्माण कब और कहां हुआ होगा इसके बारे में कुछ कहना मुश्किल है, लेकिन अब पूरे देश सहित श्रीलंका में जहां-जहां प्रभु श्रीराम के चरण पड़े, उन जगह के दर्शन करना अब आसान हो गया है। भारतीय रेलवे और इंडियन कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) 14 नवंबर से एक विशेष ट्रेन को शुरू करने जा रहे हैं। यह ट्रेन भारत में चलेगी और यात्री चाहें तो श्रीलंका में भी जाकर के घूम सकते हैं। हालांकि श्रीलंका जाने के लिए एकमात्र विकल्प हवाई सफर है, जिसके लोगों को अलग से पैसा खर्च करना पड़ेगा।

    16 दिन का है पैकेज
    रेलवे ने इस ट्रेन का नाम श्री रामायण एक्सप्रेस रखा है। ट्रेन अपना पूरा सफर 16 दिन में पूरा करेगी। इसके लिए यात्रियों को प्रति यात्री 15120 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं श्रीलंका के लिए यात्रियों को 36970 रुपये प्रति यात्री खर्च करने होंगे।

    दिल्ली से शुरू होगा सफ
    इस विशेष ट्रेन का सफर 14 नवंबर को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होगा। सबसे पहले ट्रेन अयोध्या जाएगी। अयोध्या में हनुमान गढ़ी-रामकोट-कनक भवन मंदिर के दर्शन होंगे। ट्रेन रामायण सर्किट के महत्वपूर्ण स्थलों जैसे नंदीग्राम, सीतामढ़ी, जनकपुर, वाराणसी, प्रयाग, श्रृंगपुर, चित्रकूट, नासिक, हम्पी और रामेश्वरम को कवर करेगी। टूर पैकेज में धर्मशालाओं में भोजन, आवास, दर्शनीय-स्थलों की सैर की व्यवस्था होगी।

    5 रात 6 दिन का होगा श्रीलंका टूर
    अगर यात्री इसके बाद श्रीलंका जाना चाहते हैं तो उनको अलग से शुल्क देना होगा। 5 रात और 6 दिन के इस सफर में यात्रियों को कैंडी, नुवारा एलिया, कोलंबो और नेगोंबो जैसे गंतव्य शामिल होंगे। इसके लिए यात्रियों को चेन्नई या फिर रामेश्वरम से उड़ान लेनी होगी। यात्रा के दौरान आईआरसीटीसी की तरफ से टूर मैनेजर साथ में रहेंगे।

  • 1 करोड़ बेरोजगारों की लगने वाली है लाटरी, मोदी सरकार ने बनाया है ये मैगा प्लान

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    नई दिल्ली । चुनावी साल में 1 करोड़ बेरोजगारों की लाटरी लगने वाली है। मोदी सरकार देशभर में 14 बड़े राष्ट्रीय रोजगार क्षेत्र (मेगा नैशनल एंप्लॉयमेंट जोन) स्थापित करेगी। इन पर 1 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी और इन जोनों को बनाने का मकसद तीन साल में युवाओं को नौकरी देना है। अगर योजना को अमलीजामा पहनाया जाता है तो देशभर के बेरोजगारों को रोजगार के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार ने जो प्रारूप तैयार किया है उसके तहत जो 14 जोन बनेंगे उनकी आर्थिक रूप से पूरी मदद की जाएगी। जैसे कि टैक्स से छूट, कैपिटल सब्सिडी। इसके अलावा सरकार प्रयास करेगी इन संस्थानों की कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस को ही शामिल करे।

    इन इंडस्ट्रीज को मिल सकता है बूस्ट
    एक अंग्रेजी वेबसाइट के अनुसार इन एंप्लाॅयमेंट जोन में युवाआें को टैक्स छूट, कैपिटल सब्सिडी आैर सिंगल विंडो क्लियरेंस जैसे कर्इ तरह के खास इन्सेन्टिव्स दिए जाएंगे। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इन जोन में खाने, सीमेंट, फर्नीचर आैर इलेक्ट्राॅनिक्स के करीब 35 इंडस्ट्रियल क्लस्टर होंगे। इनमें गार्मेंट, लेदर आैर जेम्स एंड ज्वेलरी की कपंनियां भी हाेंगी। शिपिंग मिनिस्ट्री के तरफ से शुरुआती तैयारियों में नोट एक्सपेंडिंचर फाइनेंस कमिटी को अप्रुवल भेजना भी है। इसके अप्रुवल के बाद मिनिस्ट्री के तरफ से एक कैबिनेट नोट भी पेश किया जाएगा। इन जोनों पर आने वाले खर्च को  केंद्र और संबंधित राज्य सरकार आधा-आधा हिस्सा वहन करेंगी। साथ ही, राज्य सरकार को कम-से-कम 2000 एकड़ का एक प्लॉट देना होगा।

    खर्चा आधा-आधा करना होगा वहन
    सूत्रों के मुताबिक इन क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से श्रमिक आधारित वस्त्र, चमड़ा एवं रत्ना-आभूषण जैसे क्षेत्रों के अलावा फूड, सीमेंट, फर्निचर, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों के 35 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स होंगे।

    घोषणा पत्र में किया था वादा
    मोदी सरकार ने 2014 के लोकसभा चुनाव घोषणा पत्र में हर वर्ष रोजगार के 2 करोड़ अवसर पैदा करने का वादा किया था। कांग्रेस नीत विपक्ष बार-बार सरकार पर निशाना साधते हुए कह चुका है कि बेरोजगारों को रोजगार देने में सरकार सफल साबित नहीं हुई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पीएम नरेंद्र मोदी को रोजगार मुहैया करवाने में फेल करार दे चुके हैं।

  • पहाड़ों की साफ और ताजी हवा चाहिए तो जेब करनी होगी कुछ ढीली

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    नई दिल्ली । दिल्ली की हवा में अगर आपको अपना दम घुटता सा लगता है तो आप यहीं बैठे-बैठे देश-विदेश के पहाड़ों की साफ और ताजी हवा ले सकते हैं। हालांकि इसके लिए जेब कुछ ढीली करनी होगी। दरअसल, कुछ देसी और विदेशी कंपनियों ने फ्रेश एयर की बोतलें दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च की हैं। इनमें हवा लीटर के हिसाब से मिलती हैं। ये कंप्रैस्ड रूप में होती है। फिलहाल ये ऑनलाइन या फोन पर ही उपलब्ध हैं। जल्द ही इन्हें मार्केट में लाया जाएगा।

    ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी दो साइजों में बोतलें लेकर आई है। 7.5 लीटर की बोतल 1499 रुपये में और 15 लीटर की बोतल 1999 रुपये में बेची जा रही है। कंपनी से संपर्क किया गया तो बताया गया कि अभी फोन पर या ऑनलाइन ऑर्डर करना होगा। इसी तरह, एक इंडियन कंपनी उत्तराखंड की पहाड़ियों की हवा बेचने का दावा कर रही है। उसकी 10 लीटर की बोतल की कीमत 550 रुपये है। इससे 160 बार हवा ली जा सकती है।

    कैसा होता है इस्तेमाल
    ताजी हवा की बोतल के साथ एक पंप मिलता है, जो मास्क की तरह होता है।
    इस मास्क को मुंह में फिट करके बॉटल का बटन पुश करना होता है।
    इससे स्प्रे की तरह ताजी हवा सांसों के जरिए शरीर में ली जा सकती है।

  • बीजेपी का पुराना खिलाड़ी ‘रानी’ को देगा मात?

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    नई दिल्ली। कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 32 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की जिसमें सबसे प्रमुख नाम पूर्व सांसद मानवेंद्र सिहं का है जो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को झालरापाटन विधानसभा में चुनौती देंगे। भाजपा ने मानवेंद्र की उम्मीदवारी को ज्यादा तवज्जो नहीं देने की कोशिश करते हुए कहा कि इससे झालरापाटन में मुख्यमंत्री की जीत की संभावना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरी तरफ, मानवेंद्र ने कहा कि वह वसुंधरा के खिलाफ चुनौती स्वीकार करते हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उन्हें ‘बाहरी चेहरा’ करार दिया है। झालरापाटन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सीट है जहां से उन्होंने अपना नामांकन शनिवार को दाखिल किया। कांग्रेस ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की जिसमें 32 नाम हैं। इसमें सबसे प्रमुख नाम मानवेंद्र सिंह का है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह इसी अक्टूबर माह में कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
     कांग्रेस ने 15 नवंबर की रात 152 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इस तरह पार्टी अब तक 184 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। पहली सूची में अशोक गहलोत, सचिन पायलट और सी पी जोशी जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नाम थे। गहलोत सरदारपुरा विधानसभा सीट से, सचिन पायलट टोंक से और सीपी जोशी नाथद्वारा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य की 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए आगामी सात दिसंबर को मतदान होगा।
    मानवेंद्र को वसुंधरा के खिलाफ उतारने के कांग्रेस के कदम पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा हम सीट जीतेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘राजपूत घराने में ही जन्म लेने से कोई बड़ा नहीं हो जाता, बड़ा तो गुणों से होता है। यह (मानवेंद्र) कोई बडाघ् नाम नहीं। हम सीट जीतते आए हैं और जीतेंगे।’’
    वहीं, झालरापाटन में नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि कांग्रेस को उनके सामने कोई स्थानीय चेहरा नहीं मिल रहा था इसलिए वह बाहरी (मानवेंद्र) को ले आयी। उन्होंने समर्थकों से कहा,‘‘झालावाड़ (जिले) में किसी परिवार की लड़ाई नहीं है बल्कि पूरे राजस्थान की लड़ाई है।’ उनकी सरकार द्वारा करवाए गए विकास कार्यों की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा,‘‘अभी तो ट्रेलर देखा है पूरी फिल्म बाकी है।’’ इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन भी उनके साथ थे।
    मानवेंद्र सिंह ने कहा कि वसुंधरा के खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती उन्हें स्वीकार है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री या किसी दूसरे पद के दावेदार नहीं हैं। उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मानवेंद्र ने दिल्ली में ‘भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘राहुल गांधी और केंद्रीय चुनाव समिति ने मुझ पर विश्वास जताया है। मैं उनका आभारी हूं। यह एक चुनौती है जिसे स्वीकार करता हूं।’’
    झालरापाटन की सीट पारंपरिक रूप से भाजपा के खाते में रही है। मुख्यमंत्री राजे 2003 से यहां से तीन बार विधायक चुनी जा चुकी हैं और चैथी बाद दावेदारी कर रही हैं। 2013 के पिछले विधानसभा चुनाव में वह 60869 वोटों से जीती थीं। उन्हें 63.14ः वोट मिले तो दूसरे स्थान पर रही मीनाक्षी चंद्रावत की झोली में 29.53ः वोट आए थे। इस सीट पर कुल लगभग ढाई लाख मतदाता हैं।
    मानवेंद्र सिंह के पिता और भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक रहे जसवंत सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। पार्टी ने 2014 में जसवंत सिंह को टिकट नहीं दिया था। माना जाता है कि मानवेंद्र व उनके परिवार की मुख्यमंत्री राजे से रिश्ते अच्छे नहीं थे। मानवेंद्र ने अक्टूबर में बाड़मेर में ‘स्वाभिमान’ रैली की और भाजपा से औपचारिक रूप से अलग हो गए। इसके बाद वह पिछले महीने कांग्रेस में शामिए हुए।

  • जानिये अडल्ट फिल्मों का काला सच इस महिला पोर्नस्टार से

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    नई दिल्ली. पोर्न फिल्म करना आसान नहीं है. बेहद नीजि संबंधों को सार्वजनिक करना कितना कठिन होता है इसका खुलासा 35 वर्षीय एक ऑस्ट्रेलियाई पोर्न स्टार ने किया है. मसलन इन दिनों  एक पोर्न स्टार की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उसने अडल्ट फिल्मों के काले सच से लोगों को रूबरू कराया. 35 साल की ऑस्ट्रेलियन पोर्न स्टार मैडिसन मिसिना का कहना कि आपको देखने में जैसा लगता है, पोर्न मूवीज की सच्चाई उससे बिल्कुल उलट होती हैं. सच कहा जाए तो इन फिल्मों में सिर्फ  औरतों के शरीर का शोषण किया जाता है.

    मैडिसन ने कहा कि दो लोगों के बीच सबसे निजी संबंधों को इस तरह कैमरे के सामने पेश करना आसाना नहीं होता. उन्होंने कहा कि इस काम के लिए महिलाओं को कई प्रकार की दवा खानी होती है. मैडिसन ने तो यहां तक कहा कि हमारे मेल पार्टनर  नशे में होते हैं और हमें भी इसी प्रकार की प्रतिक्रिया देनी होती है. हम एक तरह से मशीन की तरह काम करते हैं, ये अनुभव अकल्पनीय होता है. कई बार बेहद दर्दनाक दौर से भी गुजरना होता है लेकिन हम काम को बीच में रोक नहीं सकते.

    18 साल से पोर्न इंडस्ट्री में 200 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी मैडिसन ने आगे कहा, कैमरे को सही शॉट देने के चक्कर में हम अपने शरीर का कुछ ज्यादा इस्तेमाल कर बैठते हैं, जो हमें बहुत तकलीफ देता है, लिहाजा सही शॉट लेने के लिए हमें कई बार अन-नेचुरल शॉट भी देने पड़ते हैं. इसकी वजह से बेहद दर्द होता है. उन्होंने कहा कि हमे ऐसा करना पड़ता है.

    साथ ही हमारे अंडाशय और गर्भाशय पर इसका बहुत बुरा असर होता है. कई बार किसी पोर्न स्टार को गर्भाशय में गांठ होती है तो शूटिंग के दौरान फूट जाती है. ऐसे में अगर दर्द भी हो रहा होता है, तो कट नहीं किया जा सकता क्योंकि मूवी में लंबे सीन शूट किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म की शूटिंग से पहले प्रस्तावित स्क्रिप्ट के हिसाब से फोटोग्राफी की जाती है, जिससे शूट किए जाने वाले सीन हमें याद हो जाएं. फोटोग्राफी के कई घंटों के बाद हम असली शूट कि लिए तैयार होते हैं, जो सुबह से शाम तक चलता है.

    मैडिसन ने अपने अनुभव बताते हुए कहा. एक गर्ल पोर्नस्‍टार को सुबह 9 बजे उठना पड़ता है. और घर से तैयार होकर 10 से 11 बजे तक स्टूडियो पहुंचना होता है. वहां कागजी कार्रवई के बाद 1 घंटे तक हेयर और मेकअप में टाइम लग जाता है. 12 बजते ही सोलो फोटोग्राफी होती है और पोर्न स्टार को सबके सामने अंग प्रदर्शन करना होता है. उस दौरान स्टूडियो में क्रू समेत दो दर्जन से ज्यादा लोग होते हैं. फोटोग्राफी होने तक मेल अडल्ट स्टार शूटिंग के लिए पहुंच जाता है, फिर 2 घंटे तक मूवी शूट की जाती है. कई बार सही सीन नहीं मिलने पर बार-बार दोहराया जाता है. ऐसे में कई बार शाम हो जाती है. शूट खत्म होने के बाद दोबारा फोटोग्राफी करके दिन का काम खत्म होता है.

    अडल्ट स्टार ने कहा कि हर पोर्न मूवी में अडल्ट स्टार्स तरह-तरह की दवाईयां खाते हैं. कुछ स्टार्स दर्द की दवा खाते हैं, तो ज्यादातर मेल स्टार्स वियाग्रा जैसी दवा लेते हैं. कुछ कॉन्फिडेंस के लिए हमेशा नशे में रहते हैं. अडल्ट स्टार्स को हर 10वें दिन मेडिकल टेस्ट कराने होते हैं. इनमें एचआईवी और सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिसीज को लेकर बार-बार टेस्ट किए जाते हैं. अगले एनओसी के बाद ही कोई भी स्टार अगला शूट कर पाता है.

  • सूचना आयुक्त ने पीएमओ, रिजर्व बैंक से कहा, कर्ज न चुकाने वालों के नाम का करें खुलासा

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    नई दिल्लीः केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने रिजर्व बैंक (आरबीआई) और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से एक बार फिर फंसे कर्ज के बारे में रघुराम राजन की चिट्ठी और जानबूझकर कर्ज अदा नहीं करने वालों के नाम का खुलासा करने को कहा है।आयोग ने अपने 66 पेज के विस्तृत आदेश में रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन द्वारा फंसे कर्ज के बारे में भेजी गई चिट्ठी का खुलासा करने के निर्देश का पालन नहीं करने को लेकर पीएमओ की खिंचाई की है।

    सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु ने कहा कि मामले में यदि कोई आपत्ति जानकारी देने को लेकर मिली हुई छूट पर आधारित है तो पीएमओ को ऐसे प्रावधान के बारे में बताना चाहिए और इनकार करने के पीछे के तर्क को बताना चाहिये। उन्होंने कहा कि पीएमओ ने राजन की चिट्ठी का खुलासा करने के निर्देश को जिन तर्को के आधार पर नहीं माना है वे वैध नहीं हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

    आचार्युलु जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों के नाम का ब्यौरा मांगने वाले संदीप सिंह  की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री कार्यालय का यह नैतिक, संवैधानिक और राजनीतिक दायित्व बनता है कि वह देश के नागरिकों को जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों का नाम बताये और यह भी जानकारी दी जानी चाहिए कि देश के करदाताओं के धन से उन्हें जो कर्ज दिया गया उसकी वसूली के लिए बैंकों ने क्या कदम उठाए हैं।

    सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना की कई श्रेणियों को रिजर्व बेंक ने बताने योग्य नहीं माना है। रिजर्व बैंक ने अपनी प्रकटीकरण नीति के तहत यह कहा है इसके लिये आरटीआई कानून के विशिष्ट प्रावधानों का उल्लेख भी किया है।

  • खुलासा : 9 बच्चियों का अपहरण , फिर रेप कर उनकी हत्या के खुलासे ने पुलिस के भी रोंगटे खड़े कर दिये

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    गुड़गांव । गुड़गांव के सेक्टर-66 में 3 साल की बच्ची से रेप के बाद दरिंदगी और हत्या के मामले में पकड़े गए युवक के खुलासे ने पुलिस के होश भी उड़ा दिए हैं। पूछताछ में युवक ने अब तक 9 मासूम बच्चियों से रेप और हत्या की बात कबूली है। इन बच्चियों की उम्र 3 से 8 साल के बीच थी। इनमें 3 मामले गुड़गांव के, 1 ग्वालियर, 1 झांसी और 4 दिल्ली की बच्चियां शामिल हैं। गुड़गांव पुलिस अब दिल्ली, ग्वालियर व झांसी पुलिस से संपर्क कर केस की जानकारी जुटा रही है।

    12 नवंबर की सुबह सेक्टर-66 एरिया में तीन साल की मासूम का शव सड़क किनारे मिला था। वह 11 नवंबर की दोपहर से गायब थी। रेप के बाद बर्बरता कर उसकी हत्या की गई थी। वारदात का आरोप पास की ही झुग्गी में रहने वाले युवक सुनील पर लगा था। पुलिस ने उसके जीजा और बहन और मां से पूछताछ की। इसके बाद शनिवार देर रात उसे झांसी के मगरपुर गांव से अरेस्ट किया गया। गुड़गांव में 3, दिल्ली में 4 और ग्वालियर व झांसी के 2 मामलों का खुलासा हुआ है। सभी में उसने रेप के बाद बच्चियों की हत्या कर दी। उससे पूछताछ कर सबूत जुटाए जा रहे हैं। सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच की टीम को 2 लाख रुपये का इनाम व प्रशंसापत्र दिया जाएगा।

    दरिंदे ने किया खुलासा
    पूछताछ में पता चला कि नवंबर 2016 और जनवरी 2017 में उसने गुड़गांव में दो बच्चियों से रेप कर उनकी हत्या की थी। नवंबर 2016 में उसने सिविल लाइंस स्थित पीर बाबा मजार पर भंडारा खाने पहुंची बच्ची का अपहरण कर रेप किया और फिर मार डाला। कुछ दिन बाद बच्ची का शव राजीव चैक के पास सीवर लाइन से बरामद किया गया था। इसके साथ ही जनवरी 2017 में उसने सोहना रोड शनि मंदिर पर आयोजित भंडारे से इसी तरह एक बच्ची को अपने साथ लिया और रेप के बाद मार डाला। बच्ची के शव को उसने ओमेक्स मॉल के पीछे खाली जमीन में डाल दिया था। इसके अलावा दिल्ली के 4, ग्वालियर व झांसी के 2 मामलों का खुलासा हुआ है। सभी में उसने रेप के बाद बच्चियों की हत्या कर दी थी।

    9 बच्चियों से रेप के बाद हत्या करने वाले दरिंदे सुनील का वारदात करने का तरीका भी रोंगटे खड़े कर देने वाला है। भंडारे या अन्य सुनसान स्थान से वह बच्ची को कुरकुरे या चॉकलेट दिलाने के बहाने साथ ले जाता था और सुनसान स्थान पर ले जाकर वह सबसे पहले बच्ची की टांग तोड़ देता था, ताकि वह भागने न पाए। इसके बाद दरिंदगी से रेप करता और फिर सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर देता। शव को कभी मौके पर तो कभी अगल बगल फेंक देता था। वारदात के बाद वह शराब पीकर एंजॉय करता था।

    पुलिस ने लगाए भंडारे, 2 हजार लोगों से पूछताछ
    जांच में पुलिस को पता चला कि युवक सड़क किनारे कहीं भी सो जाता है तो कभी मजदूरी करने लगता है। उसे भंडारे में खाना खाने का शौक है। अकसर वह ऐसा करता है। उसे फंसाने के लिए पुलिस ने मंगलवार को गुड़गांव के एक हनुमान मंदिर में, गुरुवार को सांई मंदिर में और शनिवार को शनि मंदिर में भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने करीब 2 हजार लोगों को चेक किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    पत्रकारों से डीसीपी क्राइम सुमित कुमार ने बताया कि पूछताछ में युवक ने खुलासा किया कि वारदात के बाद वह ओल्ड गुड़गांव गया। गुरुद्वारा में भंडारा खाकर वह कमला नेहरू पार्क में सो गया। अगली सुबह ट्रेन पकड़ दिल्ली गया। 13 नवंबर को दिनभर वह दिल्ली में घूमता रहा और रात में निजामुद्दीन स्टेशन के पास पुल के नीचे सो गया। अगली सुबह ट्रेन से झांसी गया। तब से वहीं घूमता रहा। उन्होंने बताया, श्गुड़गांव में 3, दिल्ली में 4 और ग्वालियर व झांसी के 2 मामलों का खुलासा हुआ है। सभी में उसने रेप के बाद बच्चियों की हत्या कर दी। उससे पूछताछ कर सबूत जुटाए जा रहे हैं। सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच की टीम को 2 लाख रुपये का इनाम व प्रशंसापत्र दिया जाएगा।