Category: national

  • जाने क्यों : Gujarat के 72 गांववाले PM modi के आगमन पर उनका स्वागत नही करेंगे

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    Statue of Unity के लोकार्पण पर 31 अक्‍टूबर को गुजरात जायेगे मोदी

    नई दिल्‍ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार यानी 31 अक्‍टूबर को गुजरात में सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की प्रतिमा ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ का लोकार्पण करेंगे. इस दौरान वहां कार्यक्रम आयोजित होगा. पूरी दुनिया की नजरें इस कार्यक्रम पर होंगी क्‍योंकि सरकार का दावा है कि यह प्रतिमा अमेरिका की स्‍टैच्‍यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची है. लेकिन गुजरात का एक गांव ऐसा भी है जो इस कार्यक्रम के लिए वहां पहुंचने वाले पीएम मोदी का स्‍वागत नहीं करेंगे. यह गांव है यहां का केवडि़या गांव.

    सरदार सरोवर बांध के आसपास बसे करीब 22 गांवों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा है. इसमें उन्‍होंने पीएम मोदी के इस कार्यक्रम का बहिष्‍कार किया है. उन्‍होंने उसमें लिखा है ‘हम आपका स्‍वागत नहीं करेंगे.’ उनका कहना है कि इससे इस पूरे इलाके में प्राकृतिक संसाधनों को बहुत बड़ा नुकसान होगा. इस पत्र में सभी गांव प्रमुखों के हस्‍ताक्षर भी हैं.

    पत्र में लिखा है ‘इस इलाके में मौजूद जंगल, नदियां, झरने, भूमि और कृषि ने हम लोगों को पीढि़यों से मदद दी है. हम इन्‍हीं पर आश्रित थे. लेकिन अब सबकुछ तबाह हो गया है और यहां समारोह का आयोजन हो रहा है. क्‍या यह किसी रिश्‍तेदार की मौत पर खुशी मनाने जैसा नहीं है, हम तो यही महसूस करते हैं.’ गांववालों ने पत्र में पीएम मोदी से कहा है कि हम सभी 31 अक्‍टूबर को यहां आपका स्‍वागत नहीं करेंगे.

    गांववालों ने पत्र में स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी को आम लोगों के पैसों की बर्बादी बताया है. उनका कहना है कि आम लोगों द्वारा कड़ी मेहनत से कमाए गए पैसों को इस तरह की प्रोजेक्‍टों पर बर्बाद किया जाता है. जबकि अभी भी इस इलाके के कई गांव आज भी स्‍कूल, अस्‍पताल और पेयजल की समस्‍या से जूझ रहे हैं.

    उन्‍होंने लिखा है ‘अगर सरदार पटेल खुद अपनी आंखों से प्राकृतिक संपदा को बर्बाद होते और हमारे साथ अन्‍याय होते देखते तो वह भी रोते. जब हम अपनी समस्‍याएं उठाते हैं तो हमें पुलिस से प्रताड़ना मिलती है. आप हमारी गंभीर स्थिति को समझते क्‍यों नहीं हैं.’

    इससे पहले यहां के जनजाति सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घोषणा की थी कि सरदार सरोवर बांध के आसपास के 72 गांवों के लोग 31 अक्‍टूबर को खाना न पकाकर अपना विरोध जताएंगे. इनमें से एक जनजाति के मुखिया आनंद माजगावोकर ने बताया कि उन्‍होंने पूर्वी गुजरात की जनजातियों से अनुरोध किया है कि 31 अक्‍टूबर को वे सभी हमारे विरोध प्रदर्शन में शामिल हों. हमें पूरा विश्‍वास है कि सभी जनजातियां हमारा साथ देंगी.

    कुछ लोगों ने विरोध स्‍वरूप पीएम मोदी और सीएम विजय रुपाणी के पोस्‍टर भी लगाए थे. इस पर आनंद का कहना है कि ऐसा इसलिए हुआ क्‍योंकि यहां के लोग नाराज हैं. उन्‍हें किसी ने उकसाया नहीं था. हमने सिर्फ बंद को लेकर आह्वान किया था. गुजराज कांग्रेस ने भी बीजेपी सरकार पर नर्मदा नहर नेटवर्क पूरा न करने को लेकर निशाना साधा था.

  • कांग्रेस नेता शशि थरूर के बिगड़ैल बोल, पीएम की तुलना बिच्छू से कर डाली

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    नई दिल्ली : दिग्गज कांग्रेसियों के बोल फिर से बिगड़ैल होने लगे हैं। आज कांग्रेस नेता शशि थरूर ने तो सभी हदें पार करते हुए पीएम मोदी की तुलना शिवलिंग पर बैठे बिच्छू से कर दी। किसी कार्यक्रम में भाग लेने बेंगलुरू पहुंचे थरूर ने एक विदेशी पत्रकार से बातचीत का हवाला देते हुए थरूर ने कहा, उन्हें पत्रकार ने बताया कि पीएम मोदी को लेकर संघ (आरएसएस) की हालत कुछ ऐसी हो गई है कि मोदी शिवलिंग पर बैठे बिच्छू जैसे हैं, जिसे हाथ लगाने पर डंक मारने का खतरा है और अगर चप्पल से उसे मारने की कोशिश करते हैं तो देश के लोगों की धार्मिक भावना आहत होगी और गुस्से का सामना करना पड़ेगा।

    उधर, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि खुद को शिवभक्त कहने वाले राहुल गांधी को थरूर की इस टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रसाद ने कहा, एक तरफ राहुल गांधी खुद को शिवभक्त होने का दावा करते हैं, दूसरी तरफ उनके छोटे नेता चप्पल से हमले का जिक्र कर एक तरह से शिवलिंग की पवित्रता और भगवान महादेव का अपमान करते हैं।

  • BJP और शिवसेना साथ में मिलकर लड़ेंगी 2019 का चुनाव – मुख्यमंत्री फडणवीस

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    मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सहयोगी पार्टी शिवसेना द्वारा केन्द्र और महाराष्ट्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकारों की लगातार आलोचनाओं के बावजूद उम्मीद जताई है कि दोनों पार्टियां 2019 के आम चुनाव और राज्य विधानसभा चुनाव साथ मिल कर लड़ेंगी.

    उन्होंने कहा कि शिवसेना इस राजनीतिक तथ्य से वाकिफ है कि अगर दोनों पार्टियां अलग अलग चुनाव लड़ती हैं तो उन्हें नुकसान होगा, क्योंकि कांग्रेस, राकांपा तथा अन्य के एकसाथ आने से विपक्ष का वोट बैंक संगठित हो गया है. बुधवार को फडणवीस सरकार के चार साल पूरे हो रहे हैं.

    मुख्यमंत्री ने सोमवार को देर रात चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आम चुनाव और राज्य विधानसभा चुनाव एकसाथ होंगे और महाराष्ट्र भाजपा ने इस विचार का विरोध किया है.

    इस दौरान उन्होंने हाल की मीडिया की उन रिपोर्टों को बकवास बताया जिसमें दिल्ली की एक एजेंसी के सर्वेक्षण के हवाले से कहा गया है कि भाजपा के छह सांसद और 50 विधेयक अपने खराब प्रदर्शन के कारण चुनाव में हार का सामना कर सकते हैं.

    इससे विपरीत उन्होंने कहा कि भाजपा का आंतरिक सर्वेक्षण उत्साहजनक हैं. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अधिक से अधिक विधायक चुने जाएंगे.

  • बड़ा हमला: भारतीय सेना का पाक अधिकृत कश्मीर में एक और सर्जिकल स्ट्राइक, कई आतंकी लॉन्च पैड ध्वस्त

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    नई दिल्ली। पाकिस्तान की ओर से लगातार होने वाली उकसावे की कार्रवाई के बीच भारतीय सेना ने पीओके में एक बड़ा हमला बोला है। भारतीय सेना ने आतंकियों के लॉन्चिंग पैड को निशान बनाकर बड़ा हमला किया।

    ये लॉन्चिंग पैड पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हजीरा और रावलकोट सेक्टर में मौजूद हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान इन्हीं के जरिए भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराता है। सर्जिकल स्ट्राइक सरीखे भारतीय सेना के इस हमले में आतंकियों के कई लॉन्चिंग पैड तबाह हो होने की सूचना है।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सेना के अधिकारी लगातार पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे थे। गत शुक्रवार को ही सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आए, वरना भारतीय सेना के पास सारे विकल्प खुले हुए हैं। पाक की हर नापाक कोशिश का भारतीय सेना माकूल जवाब देगी।

    पाकिस्तानी आतंकियों ने 18 सितंबर, 2016 को कश्मीर के उड़ी में सैन्य शिविर पर हमला कर करीब 20 सैनिकों को शहीद कर दिया था। उसके बाद 28 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने नौशहरा के कलाल सेक्टर के सामने भिंबर सेक्टर व मेंढर के तत्तापानी सेक्टर के सामने सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके साथ ही कई आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया था।

    इससे पहले भारत की ओर से सितंबर में पाक के ठिकानों पर हमला किया गया था। भारत की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक की तर्ज पर ये दूसरी बड़ी कार्रवाई थी। इस दौरान एक घंटे से भी कम समय में पाकिस्तानी सेना के कई बंकर तबाह करने और लगभग 15 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर करने के बाद भारतीय जांबाज सुरक्षित अपने क्षेत्र में लौट आए।

  • Superstar Amitabh Bachchan ने पहनी वकील जैसी पोशाक, बार काउंसिल ने भेजा Legal Notice

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    नई दिल्ली । बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को बार काउंसिल ने लीगल नोटिस भेजा है। दरअसल एक वीडियो में अमिताभ वकील की पोशाक पहने नजर आए थे और दिल्ली की बार काउंसिल ने इसे अनुचित ठहराते हुए कहा कि इस वीडियो दिखाया जाना बंद किया जाए। दरअसल ये वीडियो एक विज्ञापन है। इस बारे में दिल्ली बार काउंसिल के चेयरमैन के.सी. मित्तल ने कहा, “यह मसाला के एक कॉमर्शियल एड के बारे में है जिसमें वह (अमिताभ) वकील जैसी पोशाक पहने नजर आते हैं। उन्होंने कहा, “उन्होंने काला कोट और पैंट पहना है। वह पोशाक को इस तरह नहीं पहन सकते हैं।”

    वहीं दूसरी ओर गुरुवार को ही अमिताभ ने एक ट्वीट किया है जिसे इस मामले से जोड़ कर देखा जा रहा है। अमिताभ ने लिखा है- “जिसकी कामयाबी रोकी नहीं जा सकती, उसकी बदनामी शुरू की जाती है !!” गौरतलब है कि अमिताभ जल्द ही फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान में नजर आएंगे। इस फिल्म में वह पहली बार आमिर खान के साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है और इसे लोगों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है। अमिताभ इस वक्त छोटे पर्दे के अपने शो कौन बनेगा करोड़पति में व्यस्त हैं। केबीसी का यह 10वां सीजन है और इस बार शो को एक करोड़पति मिल चुका है।

  • एजेंट को पैसे दिए बिना घर बैठे बनवाए आनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस

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    नई दिल्ली. डिजिटल इंडिया स्कीम के तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए एजेंट्स के पास जाने की जरूरत नहीं होगी. आप नजदीक के लोक मित्र केंद्र जाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा पाएंगे.

    इस पहल के पीछे का उद्देश्य लोगों को एजेंट्स से मुक्त करना है जो लाइसेंस बनाने के लिए आम आदमी से ज्यादा पैसे ले लेते हैं.

    लोक मित्र केंद्र में जाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए न तो अधिक पैसे खर्च करने होंगे और न ही चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होगी. लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस घर पर ही आ जाएगा.

  • राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करने के लिए स्टिंग आपरेशन जरूरी: हाईकोर्ट

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    नैनीताल । आईएएस स्टिंग केस में उत्तराखंड सरकार को बड़ा झटका लगा है। नैनीताल हाईकोर्ट ने स्टिंग प्रकरण में प्रवीण साहनी और सौरभ साहनी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदेश से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ऐसे स्टिंग की जरूरत है। राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करने के लिए ये सही कदम है। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने इस केस में राहुल भाटिया की गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी थी। वहीं शुक्रवार को एक अन्य फैसले में हाईकोर्ट ने जमरानी बांध को तीन साल के अंदर बनाने के आदेश भी दे दिए हैं। जमरानी बांध के संबंध में रवि शंकर जोशी की जनहित याचिका पर आज हाईकोर्ट द्वारा आदेश पारित करते हुए याचिका निस्तारित कर दी गई है। कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एक माह के भीतर बांध का प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजेंगे। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय इस प्रपोजल को छह माह के भीतर इसको स्वीकृत करेंगे।
    स्टिंग प्रकरण में निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद अन्य की तलाश में जुटी पुलिस को बृहस्पतिवार को करारा झटका लगा था। सीएम और अपर मुख्य सचिव के स्टिंग के प्रयास में शामिल दर्शाए गए राहुल भाटिया ने नैनीताल हाईकोर्ट से राहत पाकर पुलिस चक्रव्यूह को भेद दिया। माना जा रहा है कि अन्य आरोपी भी राहत पाने को हाईकोर्ट की शरण ले सकते हैं। मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव का स्टिंग करने में नाकाम रहे आयुष गौड़ को धमकाने के मामले में निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार की गिरफ्तारी का आपरेशन सफल होने के कारण पुलिस और सरकार के रणनीतिकार बेहद उत्साहित थे। पुलिस 79 दिन तक मुकदमा छिपाने के साथ उमेश की गिरफ्तारी को लेकर अपनी पीठ थपथपाने से थक नहीं रही थी। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश चलने का दावा भी पुलिस कर रही थी।
    पुलिस को स्टिंग आपरेशन की कमान संभालने वाले राहुल भाटिया से काफी कुछ मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर हाईकोर्ट से राहत पाने में कामयाब हो गया। राहुल भाटिया की गिरफ्तारी पर रोक लगने से पुलिस को जोर का झटका धीरे से लगा है। अब पुलिस के सामने अन्य आरोपियों आयुर्वेद विश्वविद्यालय के निलंबित कुल सचिव मृत्यंजय मिश्रा, प्रवीण साहनी और सौरभ साहनी की घेराबंदी तेज करने की चुनौती बढ़ गई है। अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि पुलिस अन्य आरोपियों पर कब तक और कितना शिकंजा कस पाती है। वहीं आईएएस स्टिंग और ब्लैकमेलिंग के आरोपी चैनल के सीईओ उमेश शर्मा को रिमांड में लेने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। पुलिस उमेश कुमार से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लाइसेंसी असलहा बरामद करना चाहती थी, लेकिन गुरुवार को मसूरी रोड स्थित उसके घर पर पड़ताल के बाद भी कुछ नहीं मिला।
    एसओ राजपुर अरविंद कुमार ने बताया कि सात घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान उससे लगभग चार घंटे पूछताछ की गई। पहले जेल अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इसके बाद उसे वापस जेल लेजाया गया। आरोपी की जमानत याचिका पर अब कल शुक्रवार को सुनवाई होगी।
    बता दें कि न्यायालय ने चैनल के सीईओ आरोपी उमेश शर्मा की सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक सात घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर दी थी। गौरतलब है कि 28 अक्तूबर को पुलिस ने उमेश शर्मा को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद अगले दिन 29 अक्तूबर को एसीजेएम तृतीय रिंकी साहनी की अदालत ने उमेश को आठ नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
    इसके साथ ही पुलिस ने उमेश से कुछ अहम चीजें बरामद करने के लिए न्यायालय से पांच दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। मंगलवार को उमेश के अधिवक्ता एमएम लांबा ने जमानत अर्जी भी दाखिल की थी। बुधवार को न्यायालय में अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों के प्रार्थनापत्रों पर बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएम लांबा ने पुलिस रिमांड को गैर जरूरी बताया। अपने तर्कों में बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस पहले ही सर्च वारंट लेकर उमेश के घर की तलाशी ले चुकी है। पुलिस का तर्क था कि वह उमेश से पासवर्ड बरामद करना है। ऐसे में बचाव पक्ष ने इस पर भी तर्क दिया कि सभी इलेक्ट्रोनिक आइटमों को फोरेंसिक लैब भेजा जाना है, लिहाजा वहां की रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें कोई निर्णय लिया जा सकता है।

  • Scam : 600 करोड़ का घोटला,संदेह के घेरे में ये बीजेपी नेता

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    बेंगलुरु । चर्चित खनन कारोबारी और बीजेपी नेता जी जनार्दन रेड्डी 600 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के मामले में पुलिस के संदेह के घेरे में आ गए हैं। रेड्डी पर निवेश धोखाधड़ी के मामले में आरोपी सैयद अहमद फरीद की मदद करने का आरोप है। पुलिस ने कहा है कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि रेड्डी और उनके सहयोगी अली खान को ईडी के अधिकारियों से सौदा करने के लिए फरीद से 57 किलो सोना मिला था।

    फरीद और उनके बेटे सैयद अहमद आफाक पर दिसंबर 2016 में अपनी ऐम्बिडेंट मार्केटिंग कंपनी के जरिए हजारों निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार ने कहा, श्क्राइम ब्रांच कई लोगों की शिकायत के बाद ऐम्बिडेंट मार्केटिंग कंपनी के वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। लोगों का आरोप है कि कंपनी ने उनके साथ धोखाधड़ी की है।

    कुमार ने कहा, हमने बैंक खातों को सीज कर दिया है और उनकी जांच कर रहे हैं। 18 करोड़ के एक ट्रांजैक्शन को लेकर संदेह पैदा हो गया है। इसलिए हमने जी जनार्दन रेड्डी, अली खान और अन्य को पूछताछ के लिए बुलाया है। इस बीच पुलिस ने रेड्डी के अपार्टमेंट पर बुधवार को तलाशी अभियान चलाया था और कुछ दस्तावेज जब्त किए थे।

    आरटी नगर से काम करने वाली ऐम्बिडेंट मार्केटिंग कंपनी ने 15 हजार निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया जिनमें से ज्यादातर मुस्लिम हैं। उनसे वादा किया कि कंपनी उन्हें इस पैसे पर इस्लामिक तरीके से रिटर्न मुहैया कराएगी। कंपनी ने 30 से 40 फीसदी रिटर्न देने का वादा किया। शुरू में निवेशकों को कुछ लाभ दिया गया लेकिन कुछ महीने बाद ही कंपनी पैसे के भुगतान से आनाकानी करने लगी।

    इसके बाद निवेशकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और प्रदर्शन किया। इस साल जनवरी महीने में ईडी के अधिकारियों ने कंपनी पर छापा मारा। बाद में क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू की और फरीद को अरेस्ट कर लिया। कुमार ने कहा, हमने पाया कि एक कंपनी ने 18 करोड़ रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए हैं। जांच में पता चला कि यह पैसा सोने के कारोबारी रमेश कोठारी को ट्रांसफर किया गया है।

    उन्होंने कहा, कोठारी से पूछताछ में पता चला कि उसे 57 किलोग्राम सोना बेल्लारी के राजमहल फैंसी जूलर्स के रमेश को सौंपने का निर्देश मिला था। हमने रमेश को पकड़ा तो उससे पूछताछ में अली खान के बारे में जानकारी मिली जो रेड्डी का सहायक है। रमेश ने बताया कि यह सोना उसने अली खान को दिया था।

     

  • इस महिला आईएएस अफसर को पीएम मोदी से ज्यादा मिलते हैं लाइक्स

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    नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने वाली यूपी काडर की एक महिला आईएएस अधिकारी ने सोशल मीडिया पर फैन्स फॉलोइंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं, बल्कि कई नामी फिल्म स्टार्स को भी पीछे छोड़ दिया है. आईएएस की लोकप्रियता का आलम यह है कि हाल में सोशल मीडिया पर मोदी के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पोस्ट के जवाब में चंद्रकला की फोटो पर डबल लाइक्स आए।

     

    उनकी इस जबर्दस्त फैंस फॉलोइंग का कारण है हमेशा सच्चाई का पक्ष लेना. मोदी ने 31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के साथ अपनी एक फोटो फेसबुक पर लगाई थी. उसे एक लाख 82 हजार लोगों ने लाइक किया. लेकिन जब चंद्रकला ने फेसबुक पर अपनी तस्वीर लगाई।

    इस पर दो लाख 45 हजार लोगों के लाइक्स मिल गए. एक वायरल वीडियो ने पहुंचाया बुलंदी पर तेलंगाना के करीमनगर जिले की रहने वाली बी चंद्रकला इस वक्त केंद्र सरकार में कार्यरत हैं। दरअसल 2014 में जब चन्द्रकला बुलंदशहर में डीएम थी, उस दौरान उनका वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह सड़क निर्माण के लिए घटिया सामग्री इस्तेमाल करने पर ठेकेदार और इंजीनियर को डांट रही थी।

    वीडिओ में वे बार-बार कह रही हैं- भ्रष्टाचार करते शर्म नहीं आती? बी चंद्रकला ने भ्रष्टाचारियों को ऐसी फटकार लगाई कि उनका वीडियो वायरल हो गया था. लोगों ने उनकी वाहवाही के साथ उनके इस वीडिओ को खूब शेयर किया था. इसके बाद चंद्रकला के सोशल मीडिया फॉलोवर्स की तादाद बढ़ती गई।

  • उर्जित पटेल RBI के बोर्ड की बैठक में इस्तीफा देंगे ?

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    नई दिल्ली। विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बीच चल रहे मतभेद का पटाक्षेप 19 नवंबर को केंद्रीय बैंक के बोर्ड की होने वाली बैठक में हो सकता है। आरबीआई के डेप्युटी गवर्नर विरल आचार्य द्वारा एक संबोधन में केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को केंद्र सरकार द्वारा खतरा जताए जाने के बाद दोनों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।

    बीते 23 अक्तूबर को हुई आरबीआई की बैठक बेनतीजा रही थी। बोर्ड की अगली बैठक में केंद्र द्वारा उठाए गए मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच रस्साकशी से ज्यादा कुछ देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि केंद्र सरकार यह साफ कर चुकी है कि केंद्र के आरबीआई के गवर्नर के साथ पहले भी मतभेद रहे हैं और गवर्नर उर्जित पटेल को पद से नहीं हटाया जाएगा।

    बैठक के दौरान सरकार बोर्ड में अपने नामित सदस्यों के जरिये अपने उन मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करने का दबाव डालेगी, जिन्हें उसने बीते दिनों के दौरान उठाए हैं और उन पर ठोस फैसला हो। इसके कारण दोनों पक्षों के बीच रस्साकशी की स्थिति पैदा हो सकती है।

    मौजूदा परिस्थितियों में आरबीआई गवर्नर के पास दो ही विकल्प हैं। या तो वह इस्तीफा दें या सरकार की मांगों को मान लें। पटेल एक हद तक ही सरकार का विरोध कर सकते हैं। सरकार आरबीआई ऐक्ट के सेक्शन 7 का इस्तेमाल कर पटेल को अपनी मांगें मानने को मजबूर कर सकती है। अगर पटेल सरकार से सहमति नहीं जताते हैं और सेक्शन 7 का इस्तेमाल होता है, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि सरकार 19 नवंबर को होने वाली बैठक में अपने चुने हुए सदस्यों के जरिये आरबीआई गवर्नर पर दबाव डालेगी। हालांकि, इस बात साफ नहीं हुई है कि बोर्ड आरबीआई पर शर्तें थोप सकता है या नहीं।