Category: national

  • इस फैसले ने सभी को चौंका दिया कि ये साहब कांग्रेस में शामिल होकर भाजपा के खिलाफ लड़ेगें चुनाव !!

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    नई दिल्ली। अभिनंदन पाठक पीएम नरेंद्र मोदी के हमशक्ल जल्द ही राजनीति में कदम रखने वाले हैं. हाल ही में उन्होंने इस बात का ऐलान करते हुए कहा कि वह बतौर प्रधानमंत्री के हमशक्ल और निजी तौर पर उनके मुरीद रहते हुए भी बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ने की सोची है. पाठक के इस फैसले ने सभी को चैंका दिया है।

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    पीएम नरेंद्र मोदी के हमशक्ल अभिनंदन पाठक

    उन्होंने एएनआई से हुई अपनी बातचीत में बताया कि इसके अलावा अभिनंदन पाठक का कहना है कि लोग अब उनसे ये सवाल करने लगे हैं कि अच्छे दिन कब आएंगे? वह बीजेपी के कार्यकाल से खुश नहीं हैं. उनका मानना है कि प्रधानमंत्री जो भी सोचते हैं या करने का मन बनाते हैं, उनकी पार्टी यानी बीजेपी इसके ठीक विपरीत काम करती है. पीएम मोदी जैसा दिखने के कारण मुझे मजाक का भी सामना करना पड़ा है. लोग मुझसे पूछते हैं, अच्छे दिन कब आएंगे? 15 लाख रुपए कब मिलेंगे?

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    पीएम नरेंद्र मोदी के हमशक्ल अभिनंदन पाठक

    गौरतलब है कि अभिनंदन पाठक पी एम मोदी के समान ही दिखाई देते हैं और राजनीति भी करते हैं। हाल में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया है कि मुझे पीएम मोदी के जैसे दिखना अब परेशानीयां उत्पन्न करने लगा है और भाजपा के कार्यकाल से वे बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। वहीं उनका मानना है कि प्रधानमंत्री जो भी सोचते हैं या करने का मन बनाते हैं, भाजपा पार्टी इसके विपरीत काम करती है। इसके अलावा वे कहते हैं कि पीएम मोदी जैसे दिखने के चक्कर में उन्हें लोगों की खराब प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ता है।

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    पीएम नरेंद्र मोदी के हमशक्ल अभिनंदन पाठक

    यह बात बहुत ही दिलचस्प है कि कांग्रेस में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि करने से पूर्व अभिनंदन बीजेपी कैंपेन का भी हिस्सा रह चुके हैं. साथ ही वह पीएम मोदी की रैलियों में भी शरीक हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि वह पीएम मोदी को पसंद करते हैं, लेकिन वह उनकी सरकार के खिलाफ कैंपेन करने को मजबूर हैं क्योंकि सरकार ने अपनी कही बातों को पूरा नहीं किया।

  • पीएम मोदी की हत्या की धमकी, असम से आया ई मेल दिल्ली पुलिस कमिश्नर का मिला

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    नई दिल्ली । लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा की लहर को रोकने के लिए एक तरफ जहां विपक्ष ने महागठबंधन की पूरी तैयारी कर ली है, तो वहीं पीएम की जान को भी खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक को एक ईमेल मिला है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी दी गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। इस बाबत एक धमकी भरा मेल दिल्ली पुलिस कमिश्नर को मिला है।

    एक लाइन के मेल में पीएम मोदी को न केवल जान से मार देने की बात लिखी है, बल्कि इसका समय तय करते हुए 2019 के किसी महीने का ईमेल में जिक्र भी है। यह धमकी भरा ईमेल देश के पूर्वोत्तर राज्य असम के किसी जिले से भेजा गया है। इस ई-मेल के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पीएम बनने से पहले ही नरेंद्र मोदी आतंकियों के निशाने पर हैं। पुलिस का कहना है कि यह मेल असम के किसी जिले से भेजा गया है। मेल मिलने के बाद ही पुलिस इसकी तफ्तीश में जुट गई है।

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    पीएम मोदी की हत्या की साजिश रचे जाने का इससे पहले भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद नक्सलियों की ओर से सनसनीखेज खुलासा हुआ था। नक्सलियों के संपर्क में रहने के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किए गए रोना जैकब विल्सन के पास से मिली चिट्ठी से साजिश का खुलासा हुआ था। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि किसी ने पीएम मोदी को जान से मारने की धमकी दी हो। इससे पहले 2014 में मोदी के पीएम बनते ही उनकी सुरक्षा व्घ्यवस्घ्था को काफी मजबूत कर दिया गया है।

    पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी की सुरक्षा घेरा को लगभग अचूक बना दिया गया है. पीएम मोदी जहां भी जाते हैं, वहां जमीन से लेकर आसमान तक चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाती है। मोदी की सिक्युरिटी मनमोहन सिंह की तुलना में तकरीबन दोगुनी है। उनकी सुरक्षा में विभिन्न घेरों के तहत एक हजार से ज्यादा कमांडो तैनात रहते हैं।

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    भारत में राजनीतिक या अन्य दौरों और कार्यक्रमों के दौरान एसपीजी के जवान तैनात रहते हैं। इससे पहले मोदी के काफिले में चलने वाली कारों की एसपीजी अच्छी तरह जांच करती है। बता दें कि पीएम मोदी के काफिले में एक जैमर से लैस गाड़ी रहती है, जिसमें दो एंटिना फिट रहते हैं। ये सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर की दूरी तक रखे बिस्फोटक को निष्क्रिय कर सकते हैं।

  • गंगा रक्षा के लिए 113 दिनों से उपवास कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के अंतिम दर्शन के लिए एम्स ने नहीं दी इजाजत

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    ऋषिकेश : स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के अंतिम दर्शन को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में खासा विवाद हुआ। एम्स प्रशासन ने साफ तौर पर कह दिया है कि सानंद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए नहीं रखा जाएगा। जिसके बाद उनके परिजन, अनुयायी और गंगा संकल्प यात्रा के सहयोगी नाराज हो गए। एम्स ने मातृ सदन की ओर से आए उनके शरीर को तीन दिन आश्रम में रखने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। हालांकि बाद में बिगड़ते हालात को देखते हुए एम्स प्रशासन ने मीडिया को छोड़कर कुछ लोगों को अंतिम दर्शन की इजाजत दे दी।

    गंगा रक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाए जाने की मांग को लेकर तप कर रहे 86 वर्षीय स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद (आइआइटी कानपुर के रिटायर्ड प्रो. जीडी अग्रवाल) का गुरुवार को ऋषिकेश एम्स में निधन हो गया। सानंद पिछले 113 दिनों से हरिद्वार के मातृ सदन आश्रम में उपवास कर रहे थे।

    बीती नौ अक्टूबर को उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया था, जिसके बाद दस अक्टूबर को हरिद्वार जिला प्रशासन ने उन्हें ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया था। स्वामी सानंद ने एम्स में भी अपना व्रत जारी रखा, जिसके चलते शुक्रवार को उनका पोटेशियम लेवल निम्न स्तर पर आ गया और हृदयघात से उनकी मौत हो गयी।

    स्वामी सानंद ने पूर्व में ही अपना शरीर एम्स ऋषिकेश को दान करने का संकल्प लिया था।

    उनकी मृत्यु के बाद परिजनों की सहमति मिलने पर एम्स प्रशासन ने गुरुवार को ही पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को वैज्ञानिक विधि से संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। गुरुवार को स्वामी सानंद के परिजनों ने एम्स प्रशासन से उनके पार्थिव शरीर को परिजनों और उनके अनुयायियों के दर्शनाथ रखने के लिए आग्रह किया था। जिस पर एम्स प्रशासन ने मौखिक सहमति भी दे दी थी, लेकिन शुक्रवार को पूरा घटनाक्रम बदल गया।

    एम्स के निदेशक प्रो. रविकांत ने शव को अंतिम दर्शन के लिए रखने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद का पार्थिव शरीर अब एम्स की संपत्ति है, लिहाजा उसे सार्वजनिक रूप से अंतिम दर्शन के लिए नहीं रखा जा सकता। एम्स प्रशासन के इस फैसले के बाद उनके परिजनों और अनुयायियों ने काफी मिन्नतें की। लेकिन एम्स निदेशक अपने फैसले से पीछे नहीं हटे और दोपहर एक बजे वहां से चलते बने।

    इससे पहले मातृ सदन हरिद्वार से स्वामी दयानंद ब्रह्मचारी भी एक पत्र लेकर एम्स पहुंचे। पत्र में मातृसदन ने दो दिन के लिए स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को आश्रम में दर्शन के लिए ले जाने का आग्रह किया था। मगर, एम्स प्रशासन ने उन्हें भी इसकी इजाजत नहीं दी। जिससे स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन की इच्छा लेकर यहां पहुंचे लोग नाराज हो गए। स्वामी सानंद के अधिकांश परिजन इस निर्णय के बाद यहां से चले भी गए थे। जबकि कुछ लोगों ने एम्स प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

    धरने के बाद बैकफुट पर आया प्रशासन

    स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन न कराए जाने से नाराज गंगा संकल्प यात्रा के सदस्य जल पुरुष राजेंद्र सिंह व उनके सहयोगियों ने एम्स निदेशक के कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ एम्स पहुंचे और वह भी गंगा संकल्प यात्रा के सदस्यों के साथ धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने उन्हें उठाने की कोशिश की, मगर सभी लोग स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन की मांग पर अड़े रहे।

    मामला बिगड़ता देख पुलिस व स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया। स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद एम्स प्रशासन ने गंगा संकल्प यात्रा के सदस्यों व अनुयायियों को स्वामी सानंद के दर्शन की इजाजत दी। जिसके बाद पुलिस के कड़े पहरे के बीच मीडिया को छोड़कर कुछ लोगों को एम्स के शारीरिक संरचना विभाग में लेजाकर स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के दर्शन करवाए गए।

  • केबीसी में 25 लाख की रकम जीती पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की बेटी प्रियंका सिंह ने

    मुंबई। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की बेटी प्रियंका सिंह ने रियल्टी शो कौन बनेगा करोड़पति कार्यक्रम में 13 सवालों का सही जवाब देकर मंगलवार को 25 लाख रुपये की रकम जीत ली है। अमिताभ बच्चन के सामने 14वें सवाल का जवाब न देने पर प्रियंका ने गेम बीच में ही छोड़ दिया। हालांकि प्रियंका सवाल के साथ काफी देर तक जुझती रहीं।

    प्रियंका सिंह पेशे से एक वकील हैं और ज्यूडिशरी की तैयारी कर रही हैं। कौन बनेगा करोड़पति शो पर प्रियंका सिंह ने अमिताभ बच्चन से गेम के दौरान बताया कि वह कोर्ट रूम में जाती हैं और ऊंची कुर्सी पर जज को बैठे देखती हैं तो यही सोचती हैं कि मुझे उस कुर्सी तक पहुंचना है। इसके लिए वह काफी समय से तैयारी भी कर रही हैं।

    प्रियंका ने शो के दौरान अपने निजी जीवन से जुड़े कई किस्से भी शेयर किए। मसलन, उन्होंने कहा कि उन्हें खाना बनाना पसंद नहीं है। इस पर जब अमिताभ ने प्रियंका के पति से पूछा तो उन्होंने कहा कि सही कह रही हैं। प्रियंका मुश्किल से सप्ताह में तीन दिन ही खाना बनाती हैं। हालांकि, उनके पति ने यह भी कहा कि जिस दिन बनाती हैं उस दिन काफी अच्छा खाना बनाती हैं।

    पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह भी बेटी की जीत पर खुद को गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि उनकी बेटी देश के कुछ चुनिंदा लोगों में से एक जिसने अमिताभ बच्चन के कठिन सवालों का जवाब देकर उनका सिर गर्व से ऊपर कर दिया है।

  • गुरूग्राम हत्याकांड: सुरक्षा गार्ड ने गोलीकांड क्यों किया- इस राज का खुलासा किया जज की पत्नी ने अस्पताल में मौत से पहले !!

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    गुड़गांव। जज कृष्णकांत की पत्नी ने अस्पताल में मौत से पहले यह जानकारी दी थी। जज की पत्नी और बेटे को गनर ने कार ड्राइविंग के विवाद में गोली मारी थी। उन्होंने कृष्णकांत को बताया था कि गनर महिपाल और बेटे धु्रव के बीच कार की चाबी के लिए झगड़ा हुआ था। आक्रोशित होकर गनर महिपाल ने गोली चला दी। जज की पत्नी रितु की अस्पताल में रविवार को मौत हो गई, जबकि बेटे धु्रव को मेदांता के डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। आर्केडिया मार्केट के बाहर शनिवार दोपहर जज के गनर वारदात को अंजाम दिया था। जज ने यही बात पुलिस को भी बताई और गनर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मार्केट की सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों से भी ऐसी ही बात पता चली है।

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    गनर ने कार ड्राइविंग के विवाद में गोली मारी थी

    शनिवार दोपहर आर्केडिया मार्केट के बाहर अडिशनल सेशन एवं डिस्ट्रिक्ट जज कृष्णकांत शर्मा के बेटे धु्रव का गनर महिपाल (सिपाही) से कार की ड्राइविंग को लेकर विवाद हुआ था। बात इतनी बढ़ी कि गुस्से में बेकाबू हुआ महिपाल कुछ मिनट बाद हीेकार से बाहर निकला और ध्रुव को गालियां देने लगा। पीछे की सीट पर बैठीं ध्रुव की मां रितु बीच-बचाव के लिए बाहर निकलीं तो महिपाल ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। ध्रुव उन्हें बचाने के लिए महिपाल से उलझ गया, तभी महिपाल ने रितु को 2 गोलियां मार दीं। ध्रुव आगे बढ़ा तो उसके सिर में पहली गोली मारी, फिर दो और गोलियां गर्दन के पास में मारीं। यह कहानी सोमवार को चश्मदीदों और मार्केट में लगी सीसीटीवी फुटेज से सामने आई है।

    एक युवक ने जो मार्केट में फूड शॉप चलाने वाले ने बताया कि दोनों को गोली मारने के बाद गनर कार में बैठ भागने लगा। वारदात के बाद रोड पर जाम लग गया। फिर उसने कार बैक की और नीचे उतरकर गालियां देने लगा। बेसुध पड़े ध्रुव को खींचकर कार में डालने की कोशिश की। सफल नहीं हुआ तो सड़क पर ही फेंककर कार लेकर भाग गया।

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    गनर ने कार ड्राइविंग के विवाद में गोली मारी थी

    सीसीटीवी फुटेज के अनुसार कार से तीनों करीब 3 बजे मार्केट पहुंचे। पार्किंग में कार खड़ी कर महिपाल आसपास ही टहल रहा था। करीब 3.30 बजे रितु और धु्रव शॉपिंग कर आए। महिपाल ने पीछे का गेट खोलकर रितु को बैठाया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गया। इसी बीच फिर बाहर आया और 5 मिनट में रितु और ध्रुव को 5 गोली मारकर भाग गया। मार्केट की मेन्टिनेंस एजेंसी के मैनेजर और अन्य कर्मचारी घटना के बाद एसएचओ को सूचना दी। एसएचओ ने उन्हें तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाने को कहा। गनर की कॉल आने के बाद जज कृष्णकांत ने रितु के मोबाइल पर कॉल किया तो मौके पर मौजूद लोगों ने उनका फोन उठाकर घटना की सूचना दी।

    जज की पत्नी व बेटे को गोली मारने वाला गनर महिपाल शनिवार शाम से ही पुलिस को अलग-अलग कहानियां सुना रहा है। उसने बताया कि ईसाई बनने के बाद हॉलिवुड मूवी देखने लगा। ऐसी ही एक मूवी में उसने शैतान को मारने की कहानी देखी। रितु और ध्रुव दोनों उस फिल्म के शैतान की तरह ही दिखे। दोनों ही मुझे उसी शैतान की तरह परेशान करते थे। पुलिसवालों ने उससे मूवी का नाम पूछा तो बोला नाम नहीं याद है।

  • MJ अकबर ने #MeToo कैंपेन के तहत यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार पर ठोका मानहानी का मुकदमा

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    नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार के खिलाफ कोर्ट पहुंच गए हैं. एमजे अकबर ने महिला पत्रकार प्रिया रमाणी के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का केस किया है. आपराधिक मानहानि यानी IPC 499, 500 में दो साल तक की सजा का प्रावधान है. इससे पहले कल विदेश दौरे से लौटने के बाद एमजे अकबर ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के लगे तमाम आरोपों से सिरे से खारिज कर दिया था. विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि रमानी ने एक साल पहले एक पत्रिका में लेख लिखकर उनके खिलाफ अभियान छेड़ा था.

    अकबर ने कहा कि ‘हालांकि उन्होंने मेरा नाम नहीं लिया था क्योंकि वह जानती थीं कि यह गलत खबर है. हाल ही में जब पूछा गया कि उन्होंने मेरा नाम क्यों नहीं लिया तो उन्होंने एक ट्वीट में जवाब दिया कि कभी नाम नहीं लिया क्योंकि उन्होंने कुछ नहीं किया था.’ उन्होंने कहा कि ‘अगर मैंने कुछ नहीं किया, तो इसमें खबर कहां है और क्या है. कोई खबर नहीं है, यह तो शुरूआत में कबूल कर लिया गया था. लेकिन किसी ऐसी चीज के इर्दगिर्द अटकलों और आक्षेपों का अंबार लगा दिया गया जो कभी हुई ही नहीं.’

    आपको बता दें कि कई प्रमुख समाचार पत्रों में काम कर चुकीं प्रिया रमाणी ने एमजे अकबर पर होटल के कमरे में बुलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने अक्टूबर 2017 के अपने एक लेख में उस अनुभव को साझा किया था. उन्होंने लिखा कि उनकी उम्र उस समय 23 साल थी और अकबर की 43 साल. संपादक ने उन्हें एक जॉब के इंटरव्यू के सिलसिले में मुंबई के एक होटल में बुलाया था, जहां वे अक्सर ठहरते थे. वे कहती हैं, “जब मैं वहां पहुंची, मुझे इंटरव्यू कम और डेट ज्यादा लगा. मुझे ड्रिंक ऑफर किया गया. हिंदी फिल्मों के गाने गए गए. बेड पर बैठने को कहा गया.’ रमाणी ने पिछले सोमवार को उस लेख के लिंक को ट्वीट कर कहा, “मेरा यह अनुभव एमजे अकबर के साथ रहा है. पहले मैंने उनका नाम नहीं दिया, क्योंकि मैं कुछ करना नहीं चाहती थी. लेकिन कई महिलाओं के साथ उत्पीड़न हुआ है, शायद वे भी अपने अनुभव को साझा करेंगी.’

    एमजे अकबर ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा था कि ‘मेरे खिलाफ लगाए गये दुर्व्यवहार के आरोप झूठे और मनगढंत हैं. इन झूठे और बेबुनियाद आरोपों से मेरी छवि को अपूर्णीय क्षति पहुंची है. मैं इन आरोपों पर जल्द जवाब नहीं दे सका क्योंकि मैं विदेश की आधिकारिक यात्रा पर था.’ उन्होंने कहा कि ‘इस बात पर भरोसा करना भी अजीब लगता है कि उस छोटी सी जगह में कुछ हो सकता था और तिस पर भी पास में बैठे किसी सहकर्मी को पता नहीं चलेगा. ये आरोप झूठे, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं.’ एम जे अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि 2019 में होने वाले आम चुनावों से कुछ महीने पहले ‘मी टू’ तूफान क्यों उठा है? उन्होंने कहा कि‘आम चुनाव से पहले यह तूफान क्यों उठा है? क्या कोई एजेंडा है? आप ही फैसला करें.’

    पत्रकार से नेता बने एमजे अकबर पर कम से कम 10 महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर चल रहे #MeToo कैंपेन के तहत यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. सभी आरोप तब के हैं जब एमजे अकबर मीडिया संस्थानों में ऊंचे ओहदे पर थे. प्रिया रमानी, गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजु भारती और शुतापा पॉल जैसी पत्रकारों ने अकबर पर आरोप लगाए हैं.

  • MeToo: इस मॉडल ने कहा-Salman Khan ने भाइयों संग कई बार किया Rape

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    मुंबई. सोशल मीडिया पर इन दिनों चल रहे मी टू कैंपेन के लपेटे में बॉलीवुड के कई दिग्गज आते नजर आ रहे हैं. इस बीच अब इंडस्ट्री के दबंग हीरो कहे जाने वाले सलमान खान पर भी एक मॉडल ने रेप के आरोप लगाए हैं. जी हां, मॉडल पूजा मिश्रा ने सलमान खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. पूजा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डालकर केवल सलमान ही नहीं, बल्कि उनके दोनों भाईयों सोहेल और अरबाज पर भी ये आरोप लगाए हैं. इसके अलावा पूजा ने अपने जमाने के मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा पर भी यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है.

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    बिग बॉस की 5वें सीजन की प्रतियोगी रह चुकी पूजा ने सोशल मीडिया में अपने वीडियो जारी किए हैं, जिनमें वह ये आरोप लगाती नजर आ रही हैं. उसने इंस्टाग्राम पर इस बात का खुलासा किया की फिल्म ‘सुल्तान’ के वक्त दोनों परिवारों ने मिलकर उनके साथ यौन उत्पीड़न किया था. इंस्टाग्राम पर जारी किए अपने एक के बाद एक वीडियो में पूजा ने सलमान के पूरे परिवार को निशाने पर लिया है. पूजा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में सलमान, अरबाज और सोहेल ने कई बार बेहोशी की हालत में उनका रेप किया.

    पूजा यहीं नहीं रुकी और उसने आरोप लगाया कि शश्रुघ्न सिन्हा और उनकी पत्नी ने उनपर काला जादू किया था. उस टाइम दिल देके देखों से मैं बहुत फेमस हो गई थी, इसी कारण वो मेरे अपार्टमेंट के ऊपर वाले अपार्टमेंट में आकर रहने लगे और उन्होंने ब्लैक मैजिक कर मुझ पर भूत चढ़ाया और फिर अपनी बेटी सोनाक्षी सिन्हा को इंडस्ट्री में लॉन्च करवाया. हालांकि पूजा मिश्रा के इन आरोपों को लेकर सलमान खान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

    गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट रह चुकी पूजा ने सलमान पर ऐसे आरोप लगाए हैं. इससे पहले भी साल 2016 में वो सलमान पर बलात्कार का आरोप लगा चुकी हैं. बता दें कि इन दिनों सलमान फिल्म भारत की शूटिंग में व्यस्त हैं. इस फिल्म कैटरीना कैफ मुख्य किरदार में हैं.

  • जानिए 3 राज्यों में किसे मिली कमल खिलाने की जिम्मेदारी

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    दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के  नामों पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के लिए 77 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसके साथ तेलंगाना की 38 सीटों और मिजोरम की 13 सीटों की घोषणा की गई। दोपहर को दिल्ली में हुई  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई चुनाव समिति की अहम बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने यह घोषणा की। बैठक बीजेपी मुख्यालय में हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पहुंचे थे।

    इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, बीजेपी महासचिव राम माधव और अन्य नेता मौजूद रहे। इस बैठक में पांच राज्घ्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अहम निर्णय लिए जाएंगे।

    भाजपा ने छत्तीसगढ़ की 90 में से 77 सीटों पर प्रत्याशी फाइनल कर दिए हैं। इनमें पहले चरण की 18 में से 17 सीटों के प्रत्याशी भी शामिल हैं। रमशीला को छोड़कर बाकी मंत्रियों को टिकट मिल गया है। राजनांदगांव से मुख्घ्यमंत्री रमन सिंह, रायपुर दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम से राजेश मूणत, बिलासपुर से अमर अग्रवाल, बिल्हा से भाजपा प्रदेश अध्घ्यक्ष धरमलाल कौशिक टिकट मिला है।

    कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में आने वोल रामदयाल उईके को पालीतनाखार से टिकट दिया गया है। भाजपा की राष्घ्ट्रीय महाघ्सचिव सरोज पांडे के भाई राकेश पांडेय को वैशाली नगर से टिकट मिला है। खरसिया सीट से चर्चित आइएएस ओपी चैधरी को टिकट मिला है। यह सीट कांग्रेस की नंद कुमार पटेल की मौत के बाद आइटी एक्घ्सपर्ट उमेश कुमार पटेल के पास है, जो कांग्रेस के आइटी सेल को देखते हैं।

    यहां भाजपा ने मंत्री समेत 14 विधायकों को फिर मौका नहीं दिया है। इस बार 14 महिला उम्मीदवारों को टिकट मिला है। इस बार जिनका टिकट कटा है, उनमें दुर्ग ग्रामीण से मंत्री रमशिला साहू, वैशाली नगर से विद्यारतन भसीन, आरंग से नवीन मारकंडेय, चंद्रपुर से युद्धवीर सिंह जुदेव, तखतपुर से राजू क्षत्रिय, लैलूंगा से सनीती राठिया, अंतागढ़ से भोजराज नाग शामिल हैं। युद्धवीर सिंह की जगह उनकी पत्नी को टिकट दिया गया है।

    ये हैं छत्तीसगढ़ के 77 भाजपा उम्मीदवार

    रायपुर दक्षिण- बृजमोहन अग्रवाल
    रायपुर पश्चिम- राजेश मूणत
    रायपुर ग्रामीण- नंदे साहू
    रायपुर उत्तर- अभी घोषणा नहीं हुई है।
    अभनपुर- चंद्रशेखर साहू
    आरंग- संजय ढीढी
    धरसींवा- देवजीभाई पटेल
    दुर्ग शहर- चंद्रिका चंद्राकर
    दुर्ग ग्रामीण- जागेश्वर साहू
    वैशालीनगर- राकेश पांडेय
    भिलाईनगर- प्रेमप्रकाश पांडेय
    पाटन- मोतीराम साहू
    अहिवारा- सांवलाराम डहरे
    साजा- लाभचंद बाफना
    बेमेतरा- अवधेश चंदेल
    नवागढ़ दृ दयालदास बघेल
    राजनांदगांव- डाॅ.रमन सिंह
    डोंगरगढ़- सरोजनी बंजारे
    खैरागढ़- कोमल जंघेल
    जगदलपुर- संतोष बाफना
    नारायणपुर- केदार कश्यप
    बीजापुर- महेश गागड़ा
    बस्तर- सुभाऊ कश्यप
    चित्रकोट- लच्छूराम कश्यप
    कोंटा- धनीराम बारसे
    दंतेवाड़ा- भीमा मंडावी
    अंतागढ़- विक्रम उसेंडी
    भानुप्रतापपुर- देवलाल दुग्गा
    कोंडागांव- लता उसेंडी
    केशकाल- हरिशंकर नेताम
    डोंगरगांव- मधुसूदन यादव
    खुज्जी- हिरेंद्र साहू
    मोहला-मानपुर- कंचनमाला भूआर्य
    कवर्धा- अशोक साहू
    पंडरिया- मोतीलाल चंद्रवंशी
    बिलासपुर- अमर अग्रवाल
    बिल्हा- धरमलाल कौशिक
    तखतपुर- हर्षिता पांडेय
    मरवाही- अर्चनो पोर्ते
    मस्तुरी- कृष्णमूर्ति बांधी
    मुंगेली- पुन्नूलाल मोहिले
    लोरमी- तोखन साहू
    मरवाही- अर्चना पोर्ते
    बेलतरा- रजनीश सिंह
    जांजगीर-चांपा- नारायण चंदेल
    अकलतरा- सौरभ सिंह
    सक्ती- मेघराम साहू
    चंद्रपुर- संयोगिता सिंह जूदेव
    पामगढ़- अंबेश जांगड़े
    रायगढ़- रोशनलाल अग्रवाल
    खरसिया- ओमप्रकाश चैधरी
    सारंगढ़- केराबाई मनहर
    धरमजयगढ़- लीनफ राठिया
    कोरबा- विकास महतो
    रामपुर- ननकी राम कंवर
    कटघोरा- लखन देवांगन
    पाली-तानाखार- रामदयाल उइके
    अंबिकापुर- अनुराग सिंहदेव
    सीतापुर- रामगोपाल भगत
    प्रतापपुर- रामसेवक पैकरा
    सामरी- सिद्धनाथ पैकरा
    लुंड्रा- विजय नाथ सिंह
    भटगांव- रजनी त्रिपाठी
    बैकुंठपुर- भैयालाल राजवाड़े
    मनेंद्रगढ़- श्याम बिहारी जायसवाल
    भरतपुर सोनहत- चंपादेवी पावले
    जशपुर- गोविंद राम
    पत्थलगांव- शिवशंकर पैकरा
    कुनकुरी- भरत साय
    राजिम- संतोष उपाध्याय
    बिंद्रा नवागढ़- डमरूधर पुजारी
    धमतरी- रंजना साहू
    कुरूद- अजय चंद्राकर
    नगरी सिहावा- पिंकी शिवराज शाह
    खल्लारी- मोनिका साहू
    कसडोल- गौरीशंकर अग्रवाल
    भाटापारा- शिवरतन शर्मा
    बिलाईगढ़- डाॅ. सनम जांगड़ा

    तेलंगाना और मिजोरम की लिस्ट

    बता दें कि मध्यप्रदेश में 231, छत्तीसगढ़ में 90 और राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। फिलहाल इन तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है।

  • जानिये ऐसा क्या है कि PM मोदी पहली बार 21 अक्टूबर को लाल किले की प्राचीर से फहरायेगें तिरंगा,!!

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    नई दिल्ली । लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी 21 अक्टूबर को तिरंगा फहराने वाले हैं। अबतक स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को ही पीएम ध्वजारोहण करते रहे हैं। ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि 21 अक्टूबर को भी लाल किले से तिरंगा फहराया जाएगा। पीएम मोदी ने खुद इसकी घोषणा की है। पीएम ने कहा कि कुछ लोग इसकी भी आलोचना करेंगे, न जाने मेरे बाल नोच भी लें।

    ऐसा करने वाले वे देश के संभवत पहले पीएम होंगे

    पीएम ने बताया है कि सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाली आजाद हिंद सरकार की 75वीं जयंती के मौके पर 21 अक्टूबर को लाल किले में आयोजित होने वाले झंडारोहण समारोह में शामिल होंगे। बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ एक विडियो संवाद के दौरान मोदी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों से जिन शख्सियतों को अनदेखा किया उनकी सरकार उनके योगदान का जश्न मनाएगी। पीएम ने ऐसे कार्यों की चर्चा भी की। इस दिन आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ है, जिसे मोदी सरकार भव्य तरीके से आयोजित कर रही है। मोदी इसी मौके पर एक संग्रहालय का भी उद्घाटन करेंगे, जिसमें आजाद हिंद फौज और सुभाष चंद्र बोस के सामान रखे जाएंगे। इस मौके पर रिटायर सैन्य अधिकारी और आजाद हिंद फौज से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे।

    सरदार पटेल की प्रतिमा को लेकर कांग्रेस द्वारा उनकी और गुजरात की बीजेपी सरकार की आलोचना किये जाने का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल असल में पटेल का अपमान कर रहा है क्योंकि देश के पहले गृह मंत्री को लेकर उसमें हमेशा अवमानना का भाव रहा है जिन्हें सैकड़ों रियासतों का भारत में विलय करवाने का श्रेय दिया जाता है।इस परियोजना को श्मेड इन चाइना बताए जाने की टिप्पणी पर विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि इतिहास जानता है कि पटेल के लिये कांग्रेस के मन में बेहद अवमानना थी । पीएम ने कहा कि वह कभी उनके कामों को पहचान मिलने की बात बर्दाश्त नहीं कर सकती।

    अंबेडकर, पटेल के बाद सुभाष चंद्र बोस का सियासी फायदा उठाने की जुगत में भाजपा
    स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में आजाद हिंद फौज और सुभाष चंद्र बोस की अहम भूमिका दर्ज है, लेकिन भाजपा ने हमेशा कांग्रेस पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। भाजपा आजाद हिंद फौज के वर्षगांठ के बहाने जहां सुभाष चंद्र बोस को अपनाने की कोशिश की है, वहीं उसकी नजर पश्चिम बंगाल की सियासत पर भी है।

    ममता बनर्जी और वाम दलों के गढ़ को ढहाने में नेता जी भाजपा के लिए संबल बन सकते हैं। यही कारण है कि पांच साल की मोदी सरकार अब जब अपने अंतिम चरण में है, तब उसे सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज की याद आई है। इसके पहले भाजपा ने सरदार पटेल और भीम राव अंबेडकर को अपना बनाया और उनका जबरदस्त सियासी फायदा उठाया। मोदी 30 अक्टूबर को अंडमान-निकोबार के पोर्ट ब्लेयर भी जाएंगे।

  • सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हिंसा जारी, आज 12 घंटे राज्यव्यापी बंद का ऐलान

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    तिरुवनंतपुरम. भारत के केरल में स्थित प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बावजूद महिलाओं को मंदिर में जाने नहीं दिया जा रहा। केरल के कई इलाकों में जमकर हिंसा हो रही है। जिसकों देखते हुए कई जगहों पर धारा 144 लागू कर दी गई है।

    सबरीमाला संरक्षण समिति ने गुरुवार को 12 घंटे राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है।  यह बंद श्रद्धालुओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया है। प्रदेश के निल्लकल, पंपा, एल्वाकुलम, सन्निधनम में धारा-144 लागू कर दी गई है।

    इस इलाके में एकसाथ चार से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकते हैं। केरल बीजेपी के नेता श्रीधरन पिल्लई ने मीडिया से कहा कि भगवान अयप्पा के भक्तों पर पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ उन्होंने पार्टी वर्कर्स से इस बंद में शामिल होने की अपील की है।

    टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष पी. गोपालकृष्णन ने कहा कि सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हम केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग करते हैं। वहीं, कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि कुछ मंदिरों की परंपरा का जरूर पालन किया जाना चाहिए।

    मंदिर परिसर के बाहर तनाव का माहौल है। बुधवार को कई महिलाओं को भगवान अयप्पा के दर्शन किए बिना ही लौटा दिया गया था। यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना कुछ महिला पत्रकारों को भी करना पड़ा। हिंसक प्रदर्शन में 10 मीडियाकर्मी घायल हुए और उनके उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया।