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  • PM मोदी का भविष्य इस व्यक्ति के हाथ में है, ऐसा दावा इस किताब ने किया है

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    नई दिल्ली। किंगशुक नाग द्वारा लिखी गई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की नई जीवनी में कहा गया है कि 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता केवल और केवल आरएसएस की वजह से मिली और अगर भाजपा 2019 में भी जीत हासिल करती है तो वह भी आरएसएस की ही वजह से होगा.।

    वे 8 पुस्तकें लिख चुके हैं, जिसमें दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी भी शामिल है. ‘मोहन भागवत: इंफ्लूएंसर इन चीफ’ नाम की किताब में दावे के साथ कहा गया है कि नरेंद्र मोदी का भविष्य मोहन भागवत के हाथों में है.।

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    लेखक किंगशुक नाग ने आरएसएस के वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से लिखाा है कि आरएसएस का पुख्ता यकीन है कि भाजपा को सत्ता न तो मोदी की लोकप्रियता से मिली है और न ही कांग्रेसनीत संप्रग सरकार की गड़बड़ियों से. रूपा प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तक में कहा गया है, बजाए इसके, यह पिछले वर्षो में आरएसएस के निरंतर किए कार्यो द्वारा बना सामाजिक बदलाव था, जिसने भाजपा के लिए माकूल माहौल तैयार किया. भागवत, मोदी को काबू में  रखने में विश्वास रखते हैं.।

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    लेखक किंगशुक नाग ने 240 पृष्ठों वालों किताब में लिखा है, हालांकि 2019 में चीजें अलग हो सकती हैं, 2014 चुनावों के लिए मोदी, भागवत की पहली पसंद नहीं थे. आरएसएस ने मोदी को बतौर भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में इसलिए पेश क्योंकि उसे एहसास हो गया था कि वह ही एकमात्र शख्स हैं जो पार्टी की जीत की ओर ले जा सकते हैं. 2014 चुनाव से पहले आरएसएस को संदेह था कि भाजपा स्पष्ट जीत हासिल करेगी लेकिन प्रदर्शन उसकी अपेक्षाओं से कहीं ज्यादा बेहतर निकला.।

    नाग ने कहा कि मोदी के लिए यह करो या मरो की लड़ाई थी, भागवत के लिए भी कुछ ऐसा ही था लेकिन कारण अलग अलग थे. उन्होंने कहा, मोदी के लिए यह जीत उनके राजनीतिक करियर और आकांक्षा के लिए सर्वोच्च जीत थी लेकिन भागवत के लिए हिंदू राष्ट्र की रचना के लिए यह जरूरी (लेकिन पर्याप्त नहीं) था।

  • फर्जी खबरों पर अंकुश के लिए कानून तैयार, सोशल मीडिया पर कसेगा शिकंजा!

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    नई दिल्ली । सरकार ने अफवाह या फेक न्यूज पर अंकुश लगाने के लिए नया कानून बना लिया है और उसे कैबिनेट से पास कराने की तैयारी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार नए कानून के बाद फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकेंगी। हाल में सोशल मीडिया पर फैले फेक न्यूज और उसके प्रतिकूल असर के मद्देनजर सरकार ने मौजूदा आईटी ऐक्ट के तहत धारा-79 में संशोधन का प्रस्ताव बना दिया है।

    पीएमओ ने आईटी मिनिस्ट्री के इस संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और अब इसे कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा जिसके बाद यह बदलाव प्रभावी हो जाएगी। इस संशोधन में कहा गया कि गूगल, फेसबुक, वॉट्सऐप जैसी कंपनियां भी फेक न्यूज या अफवाह से जुड़े कंटेट को फैलाने के लिए जिम्मेदार होगी।

    अभी कंटेट के प्रसार का मीडियम बनने वाली इन सोशल मीडिया कंपनियों को इसके लिए सीधे जिम्मेदार नहीं माना गया है। सरकार के अनुसार इसके लिए इन कंपिनयों के जिम्मेदार बनाने के बाद वे इन बातों पर गंभीरता से लेंगे।

    सूत्रों के अनुसार सरकार की सबसे बड़ी चिंता है कि हाल में सोशल मीडिया के लगातार बढ़ते दुरुपयोग के बीच इससे जुड़ी कंपनियां इसे रोकने की दिशा में बिल्कुल गंभीर नहीं है। अब इस मामले को पीएमओ ने खुद अपनी निगरानी में लिया है। सरकार के लगभग एक दर्जन लेटर का इन कंपनियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

    इसके बाद पीएमओ ने इनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए आईटी मिनिस्ट्री को कानून बनाने को कहा था। धारा-79 में बदलाव के अलावा इन सभी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए भारत से जुड़े यूजर्स का डाटा भारत में ही रहे इसके लिए भी ड्राफ्ट कानून जल्द पेश किया जाएगा।

  • नए CJI बने रंजन गोगोई, इनके पास न car है, न house और न ही कोई Loan

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    नई दिल्ली । जस्टिस गोगोई इस समय सुप्रीम कोर्ट के उन 11 न्यायाधीशों में शामिल हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक कर दिया है. अटर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने सोमवार को जब यह कहा कि जजों की सैलरी तिगुनी होनी चाहिए तो शायद उनके दिमाग में सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा संपत्ति को लेकर दिया गया घोषणापत्र रहा होगा।

    खासकर विदा हो रहे सीजेआई दीपक मिश्रा और नए सीजेआई रंजन गोगोई की संपत्तियां उनके जेहन में रही होंगी। बता दें कि जस्टिस रंजन गोगोई ने बुधवार को 46वें सीजेआई (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया यानी भारत के प्रधान न्यायाधीश) के तौर पर शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में सुबह पौने 11 बजे के करीब उन्हें राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शपथ दिलाई। वह सीजेआई बनने वाले पूर्वोत्तर से पहले जज हैं। उनके पिता असम के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

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    राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने  जस्टिस रंजन गोगोई ने  को शपथ दिलाई

    जब गोगोई के पिता ने की भविष्यवाणी
    हाल ही में रिलीज हुई एक किताब गुवाहाटी हाईकोर्ट, इतिहास और विरासत में जस्टिस गोगोई के बारे में खघस जानकारी दी गई है।ये किताब उस किस्से का जिक्र करती है जब एक बार जस्टिस गोगोई के पिता केशब चंद्र गोगोई (असम के पूर्व मुख्यमंत्री) से उनके एक दोस्त ने पूछा कि क्या उनका बेटा भी उनकी ही तरह राजनीति में आएगा? इस सवाल पर जस्टिस गोगोई के पिता ने कहा कि उनका बेटा एक शानदार वकील है और उसके अंदर इस देश के मुख्य न्यायाधीश बनने की क्षमता है. ।

    साल 2001 में, जस्टिस गोगोई को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया. इसके बाद 2010 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था.एक साल बाद, उन्हें वहां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2012 में सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में लाया गया था.वह उत्तर-पूर्व से आने वाले भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश होंगे.डिब्रूगढ़ में बड़े होने वाले जस्टिस गोगोई ने दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज में इतिहास में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. उसके बाद उन्होंने क़ानून के संकाय में अध्ययन किया.

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    नए CJI बने रंजन गोगोई

    संपत्तियां कुछ भी नहीं हैं
    इससे पहले, पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा उच्च न्यायपालिका में स्थायी जज के तौर पर 21 सालों की सेवा के बाद रिटायर हुए। इनमें से 14 साल वह अलग-अलग हाई कोर्ट में जज रहें। दूसरी तरफ, जस्टिस गोगोई 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी हाई कोर्ट के जज बने थे और 23 अप्रैल 2012 को सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में शपथ ली। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बतौर जज लंबे कार्यकाल के बावजूद इनकी निजी संपत्तियां मामूली ही बनी रहीं। कामयाब वरिष्ठ वकीलों के मुकाबले तो इनकी संपत्तियां कुछ भी नहीं हैं।

    अगर इनके बैंक बैलेंस में जीवनभर की बचत और दूसरी संपत्तियों को एक साथ करके भी देखें तो यह तमाम वरिष्ठ वकीलों की एक दिन की कमाई से भी कम होगी। सीजेआई गोगोई के पास सोने की एक भी जूलरी नहीं है, वहीं उनकी पत्नी के पास भी जो कुछ भी जूलरी हैं, वो शादी के वक्त उनके माता-पिता, रिश्तेदारों और दोस्तों की तरफ से भेंट में दी गई हैं। पूर्व सीजेआई मिश्रा के पास सोने की 2 अंगुठियां हैं, जिन्हें वह पहनते हैं। इसके अलावा उनके पास एक गोल्ड चेन है। उनकी पत्नी के पास जस्टिस गोगोई की पत्नी के मुकाबले थोड़ी सी ज्यादा जूलरी है। जस्टिस मिश्रा और जस्टिस गोगोई दोनों के ही पास अपनी कोई व्यक्तिगत गाड़ी नहीं है। शायद इसकी वजह उन्हें मिली सरकारी गाड़ी हो।

    जस्टिस गोगोई के सामने चुनौतियां
    मुख्य न्यायाधीश के लिए अपना नाम घोषित होने से पहले गोयनका मेमोरियल लेक्चर के दौरान उन्होने कहा कि न्याय व्यवस्था उम्मीद की आखघ्रिी किरण है और इसे निष्पक्ष रहते हुए संस्थागत गरिमा को बनाए रखना चाहिए.।
    उन्होंने कहा, इस समय न्याय व्यवस्था एक ऐसा मजदूर नहीं है जो अपने औजारों को दोष देता है. बल्कि ये एक ऐसा मजदूर है जिसके पास औजार ही नहीं हैं।
    मुख्य न्यायाधीश बनने पर वो जजों की नियुक्ति करने और न्याय व्यवस्था के ढांचे में सुधार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर काम करेंगे.।
    बीते कुछ समय से भारत में जाति और संप्रदाय आधारित हिंसा देखने को मिल रही है।

    सीजेआई गोगोई पर कोई कर्ज या दूसरी देनदारियां नहीं हैं। वहीं, पूर्व सीजेआई मिश्रा ने दिल्ली के मूयर विहार में एक फ्लैट खरीदने के लिए 22.5 लाख रुपये का लोन लिया है, जिसकी किस्तें वह चुका रहे हैं। मिश्रा के पास कटक में एक अन्य घर भी है, जिसे उनके हाई कोर्ट का जज बनने से एक दशक पहले बनाया गया था। जस्टिस मिश्रा और जस्टिस गोगोई दोनों ने ही 2012 में अपनी संपत्तियों की घोषणा की थी।

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    पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा

    एलआईसी पॉलिसी समेत सीजेआई गोगोई और उनकी पत्नी के पास कुल मिलाकर 30 लाख रुपये बैंक बैलेंस है। जुलाई में उन्होंने शपथपत्र में घोषणा की थी कि उन्होंने गुवाहाटी के बेलटोला में हाई कोर्ट का जज बनने से पहल ही 1999 में एक प्लॉट खरीदा था। उन्होंने अपने घोषणापत्र में बताया है कि उस प्लॉट को उन्होंने जून में 65 लाख रुपये में बेच दिया था। उन्होंने खरीदार के नाम का भी जिक्र किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां ने जून 2015 में गुवाहाटी के नजदीक जैपोरिगोग गांव में जमीन का एक प्लॉट उनके और उनकी पत्नी के नाम ट्रांसफर किया था।

    दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट के सफल वरिष्ठ वकील एक दिन में ही 50 लाख रुपये से ज्यादा कमा लेते हैं। सोमवार को सीजेआई के तौर पर मिश्रा के विदाई समारोह में जब अटर्नी जनरल वेणुगोपाल जजों की सैलरी पर बोल रहे थे तो शायद उनके दिमाग में सुप्रीम कोर्ट के जजों की एक लाख रुपये प्रति महीने की सैलरी रही हो। हालांकि जजों को सैलरी के अलावा भत्ते और शानदार आवास जैसी दूसरी अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। लेकिन बात अगर पैसों की करें तो जज सीनियर ऐडवोकेट्स के मुकाबले बहुत पीछे हैं।

  • आप बेरोजगार है तो बनें आयुष्मान मित्र, वेतन 15000 प्रतिमाह, यह है न्यूनतम योग्यता !

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    नई दिल्ली. पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत की है. 25 दिसंबर से यह योजना देशभर में लागू होगी. यह बेशक एक स्वास्थ्य योजना है लेकिन, इससे रोजगार भी मिलेगा. केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान  भारत के तहत पांच साल के दौरान रोजगार के करीब 10 लाख अवसर पैदा होंगे. यह अनुमान स्वास्थ्य मंत्रालय का है. सरकारी और निजी अस्पतालों में सीधे तौर पर एक लाख आयुष्मान मित्र तैनात होंगे. इन आयुष्मान मित्रों को 15 हजार रुपए महीना का वेतन भी मिलेगा. इनकी भर्ती के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय व कौशल विकास मंत्रालय के बीच एक करार भी हुआ है. 20 हजार आयुष्मान मित्र इस वर्ष में तैनात कर दिए जाएंगे.

    देशभर के 20 हजार पद 

    योजना लागू होने के बाद डॉक्टर, नर्स, स्टाफ, टेक्नीशियन जैसे कुछ अन्य पदों पर भी नौकरियों को अवसर बनेंगे. फिलहाल, इस योजना से देशभर के 20 हजार अस्पतालों को जोड़ा जा रहा है. आयुष्मान मित्रों को हर लाभार्थी पर 50 रुपए का इंसेंटिव भी मिलेगा.

    आयुष्मान मित्र क्या करेंगे 

    1.आयुष्मान भारत पोर्टल की जानकारी हासिल करनी होगी.

    2.मरीजों को लाभ देने के लिए तैयार हो रहे सॉफ्टवेयर पर काम करना होगा.

    3.क्यूआर कोड के मुताबिक लाभार्थी के पहचान पत्र की सत्यता भी जांचनी होगी.

    4.मरीज का जिस अस्पताल में इलाज होना है उसे जानकारी देनी होगी.

    5.मरीज के डिस्चार्ज होने पर स्टेट एजेंसी को जानकारी देनी होगी.

    ट्रेनिंग सरकार का कौशल विकास मंत्रालय देगा

    आयुष्मान मित्र के पद के लिए जिनका चयन होगा, उन लोगों को एक ट्रेनिंग दी जाएगी. यह ट्रेनिंग सरकार का कौशल विकास मंत्रालय देगा. ट्रेनिंग में उन्हें काम से जुड़ी तमाम जानकारी और बारिकियां दी जाएंगी. ट्रेनिंग पूरी होने पर स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत एक परीक्षा भी आयोजित होगी. इस परीक्षा में पास होने वाले लोगों को ही आयुष्मान मित्र के पद के लिए नियुक्त किया जाएगा. वहीं, राज्य की जरूरत के मुताबिक उन्हें नौकरी दी जाएगी.

    आयुष्मान मित्र के पद के लिए न्यूनतम योग्यता

    आयुष्मान मित्र बनने के लिए सरकार की ओर से योग्यता तय की गई है. आयुष्मान मित्रों के पदों पर कैंडिडेट की न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होगी. इसके साथ ही उम्मीदवार को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी होनी चाहिए. अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है. न्यूनतम उम्र 18 साल होगी.

    आयुष्‍मान भारत योजना की खास बातें

    1. 5 लाख रुपये का हेल्‍थ इंश्‍योरेंस देने वाली यह सबसे बड़ी योजना है.

    2. केंद्र और राज्‍य सरकार मिलकर करेंगे इस योजना की फंडिंग.

    3.  10 करोड़ से ज्‍यादा परिवारों यानी 50 करोड़ से ज्‍यादा लोगों को मिलेगा इसका लाभ.

    4. अभी तक देशभर के 13,000 से अधिक अस्पताल जुड़ चुके हैं.

    5. 5 लाख तक का जो खर्च है उसमें अस्पताल में भर्ती होने के अलावा जरुरी जांच, दवाई, भर्ती से पहले का खर्च और इलाज पूरा होने तक का खर्च भी शामिल है.

    6. 30 राज्‍य 443 जिलों को मिली प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना की सुविधा.

    7. 86% ग्रामीण परिवारों का कोई हेल्‍थ इंश्‍योरेंस नहीं.

    8.  प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना या आयुष्‍मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं.

    9. आधार कार्ड वोटर आईडी कार्ड या राशन कार्ड दे सकते हैं.

    10. बीमा योजना से जुड़े सभी अस्‍पतालों में एक आयुष्‍मान मित्र लोगों की मदद के लिए होगा.

    11. महंगे इलाज के कारण गरीबी से बाहर नहीं निकल पाती जनता.

  • Petroleum के दाम बढ़ने के बाद अब CNG और बिजली के दाम भी बढ़ सकते हैं, 10% प्राकृतिक गैस के दाम बढेगें

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    नई दिल्ली : सड़क पर चलना अब और महंगा हो सकता है. पेट्रोल और डीजल की कीमतें उछलने के बाद सरकार ने घरेलू प्राकृतिक गैस का दाम 10% बढ़ाने की घोषणा की है. यह बढ़ोतरी एक अक्टूबर से लागू होगी. सरकार के इस कदम से सीएनजी की कीमतें बढ़ सकती हैं और विद्युत व यूरिया उत्पादन की लागत भी बढ़ेगी. पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार, प्राकृतिक गैस के अधिकांश घरेलू उत्पादकों को दी जाने वाली कीमत मौजूदा 3.06 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 3.36 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दी गई है.

    छह महीने प्रभावी रहेगी यह कीमत
    प्राकृतिक गैस की कीमतें गैस की अधिक्ता वाले देशों जैसे अमेरिका, रूस और कनाडा की औसत दरों के आधार पर हर छह महीने में संशोधित की जाती हैं. भारत आधे से अधिक गैस का आयात करता है जिसकी लागत घरेलू दर के दो गुने से अधिक होती है. संशोधित दर एक अक्टूबर से अगले छह महीने के लिए प्रभावी होगी. यह दर अक्टूबर 2015 से मार्च 2016 की अवधि के दौरान 3.82 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के बाद सर्वाधिक होगी.

    बिजली उत्‍पादन लागत बढ़ेगी
    कीमत वृद्धि से ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी उत्पादक कंपनियों की कमाई बढ़ेगी लेकिन सीएनजी की कीमतों में तेजी के साथ ही यूरिया तथा बिजली उत्पादन लागत भी बढ़ जाएगी. यह करीब 3 साल में की गई दूसरी वृद्धि है. सूत्रों ने कहा कि प्राकृतिक गैस की कीमत में यदि एक डॉलर की वृद्धि होती है तो ओएनजीसी का राजस्व सालाना आधार पर चार हजार करोड़ रुपये बढ़ जाता है.

    ओएनजीसी को होगा फायदा
    ओएनजीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शशि शंकर ने कहा कि एक अक्टूबर से लागू होने वाली प्राकृतिक गैसों की नई कीमतों से किसी तरह उसकी उत्पादन लागत निकल जाएगी. शंकर ने बताया कि 2017-18 में उनकी गैस की औसत उत्पादन लागत 3.59 डॉलर प्रति इकाई रही जो इस वर्ष कम हो सकती है और नयी दर से उत्पादन लागत केवल बराबर भर हो सकेगी.

  • जन्म लेते ही बच्चे को 3 घंटे में मिल गया पासपोर्ट

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    सूरत : गुजरात के सूरत जिले के पुणापाटिया इलाके में रहने वाले मनीष कापड़िया और उनकी पत्नी नीता कापड़िया के घर बुधवार को नवरात्रि के पहले दिन दोपहर 11 बजकर 42 मिनट पर बेटे का जन्म हुआ था. जन्म के कुछ वक्त के बाद ही उसके पिता ने बेटे ऋग्वेद का पासपोर्ट लेने के लिए ऑनलाइन अर्जी कर दी थी. जिसके बाद बच्चे के जन्म के केवल तीन घंटे में ही पासपोर्ट पाकर उन्होंने सबसे कम वक्त में पासपोर्ट जारी होने का रिकॉर्ड बनाया.

    जन्म के तीन घंटे के भीतर जारी हो गया पासपोर्ट
    जानकारी के मुताबिक सूरत के ऊनापाणी रोड पर स्थित अस्पताल में ऋग्वेद के जन्म के बाद 12.15 बजे तक सूरत महानगर पालिका से उसका (ऋग्वेद का) बर्थ सर्टिफिकेट निकलवा लिया गया था. जिसमें 12.20 बजे दोपहर ऋग्वेद के पासपोर्ट के लिए फॉर्म भरने के बाद 2.30 बजे दोपहर सूरत पासपोर्ट ऑफिसर अंजनी कुमार पांडे के हाथों से ऋग्वेद के पिता मनीष कापड़िया को उसका (ऋग्वेद का) पासपोर्ट दे दिया गया था.

    एक दिन पहले ही ऋग्वेद का नाम तय कर लिया गया था

    मनीष और नीता कापड़िया के बेटे अथर्व के बाद दूसरी संतान के तौर पर ऋग्वेद का जन्म हुआ था. तीन घंटे में पासपोर्ट के बाद अब वे लोग लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रयास करेंगे.

    एक सॉफ्टवेयर कंपनी के साथ जुडे मनीष और उनके परिवार को एक दिन पहले ही नवजात के पासपोर्ट को लेकर विचार आया था. जिसमें बेटी होने पर उसका नाम रिवा और बेटे के होने पर ऋग्वेद नाम रखने का निर्णय किया गया था. उसी के आधार पर तीन घंटे में पासपोर्ट तैयार कर दिया गया था.

    यूनीक थी अर्जी इसलिए तत्काल बना पासपोर्ट
    गौरतलब है कि पासपोर्ट के लिए सबूत जरूरी हैं. ऋग्वेद के जन्म के सर्टिफिकेट समेत सारे सबूत पेश किए गए थे. 1 साल से छोटी उम्र का बच्चा हो तो माता-पिता दोनो में से किसी एक की मौजूदगी जरूरी होती है. जानकारी के मुताबिक इसी वजह से ऋग्वेद के पिता ने पासपोर्ट के लिए अर्जी की थी. पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि ऐसी यूनीक अर्जी के आधार पर उन्होंने तत्काल पासपोर्ट बनवाया.

  • मां गंगा की स्वच्छता को लेकर एक और गंगापुत्र ने त्याग दिए प्राण, Read Full Story

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    देहरादून । ऋषिकेश। गंगा को बांधों से मुक्त कराने और गंगा एक्ट की मांग को लेकर 111 दिनों से अनशन कर रहे पर्यावरणविद प्रोफेसर जी डी अग्रवाल उर्फ ज्ञानस्वरूप सानंद का आज निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। उन्होंने मंगलवार को ही जल त्याग दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर ऋषिकेश के एम्स में भर्ती करवाया।

    आईआईटी में प्रोफेसर रह चुके जीडी अग्रवाल इंडियन सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में सदस्य भी रह चुके थे। हालांकि अब वह संन्यासी का जीवन जी रहे थे।लंबे समय से मां गंगा की स्वच्छता और रक्षा की मांग कर रहे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल की गुरुवार को मौत हो गई। उन्हें स्वामी सानंद के नाम से जाना जाता था।

    स्वामी सानंद पिछले 112 दिनों से अनशन पर थे और उन्होंने 9 अक्टूबर को जल भी त्याग दिया था। उन्होंने ऋषिकेश में दोपहर एक बजे अंतिम सांस ली। वह 87 साल के थे। सानंद गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर प्रयासरत थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिख चुके थे।

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    स्वामी सानंद ने ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में प्राणों की आहुति दे दी। स्वामी सानंद पिछले 22 जून से अनशन पर थे, उन्होंने 9 अक्टूबर को जल भी त्याग दिया था। 2011 में स्वामी निगमानंद की हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट में मौत के बाद गुरुवार की दोपहर गंगा के एक और लाल ने प्राण त्याग दिए। स्वामी सानंद के ऋषिकेश एम्स में निधन की खबर मिलते ही गंगाप्रेमियों में शोक की लहर फैल गई।

    स्वामी सानंद ने इस खत में लिखा था पीएम मोदी को कि 2014 के लोकसभा चुनाव तक तो तुम भी स्वयं मां गंगाजी के समझदार, लाडले और मां के प्रति समर्पित बेटा होने की बात करते थे, लेकिन यह चुनाव मां के आर्शीवाद और प्रभु राम की कृपा से जीतकर अब तो तुम मां के कुछ लालची, विलासिता-प्रिय बेटे-बेटियों के समूह में फंस गए हो। उन नालायकों की विलासिता के साधन (जैसे अधिक बिजली) जुटाने के लिए, जिसे तुम लोग विकास कहते हो, कभी जलमार्ग के नाम से बूढ़ी मां को बोझा ढोने वाला खच्चर बना डालना चाहते हो।

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खुला खत : प्रोफेसर जीडी अग्रवाल यानी स्वामी सानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 24 फरवरी 2018 को जो खुला खत लिखा था, उसको काशी में ही सार्वजनिक किया था। इस खुले खत में अफसोस जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा था आपकी सरकार द्वारा गंगा मंत्रालय गठन के साथ जो उम्मीदें जगी थीं, वह चार साल में धराशायी हो गई हैं, इसलिए गंगा दशहरा यानी 22 जून 2018 से हरिद्वार में निर्णायक अनशन करने का फैसला किया है।

    गंगा में खनन रोकने : स्वामी सानंद ने अपने अनशन से पूर्व प्रधानमंत्री को कई पत्र लिखकर गंगा में खनन रोकने समेत तमाम मुद्दों को रखते हुए लिखे, लेकिन उनकी अनसुनी होते देख वे अनशन पर बैठ गए। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने भी उनके जीवन को सुरक्षित रखने और उनको अपनी मांग के संबंध में आंदोलन करने देने को लेकर निर्देश दिए थे। सुबह गंगा के लिए अनशन कर रहे प्रफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद ने एक पत्र लिखकर अपना शरीर एम्स को दान करने के लिए संकल्प पत्र लिखा।

    ज्ञानस्वरूप सानंद पूर्व प्रोफेसर के 9 अक्टूबर से जल का त्याग करते ही जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे और प्रशासन ने बुधवार दोपहर बाद स्वामी सानंद को जबरन अनशन से उठाते हुए उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स में भर्ती करा दिया था। उन्हें मातृसदन आश्रम से पुलिस और प्रशासन की टीम ने चिकित्सकों की मौजूदगी में एम्बुलेंस से ऋषिकेश एम्स भिजवाया। ऐसा करने से पहले प्रशासन ने आश्रम और उसके पास धारा 144 भी लागू कर दी थी।

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    जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद गंगा रक्षा के लिए 22 जून से तपस्यारत थे। उनकी मांग गंगा पर बन रही विद्युत परियोजनाओं को निरस्त करने और नई परियोजना नहीं बनाने समेत गंगा को लेकर साल 2012 में तैयार किए ड्राफ्ट पर संसद में गंगा ऐक्ट लाने की थी। इसके अलावा उत्तराखंड की भागीरथी, मंदाकिनी, अलकनंदा, पिंडर, धौली गंगा और विष्णु गंगा नदी पर निर्माणाधीन व प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाओं पर रोक लगाने, गंगा क्षेत्र में वनों के कटान और खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गंगा से जुड़े अहम फैसलों के लिए गंगा भक्त परिषद का गठन करने।

    अपनी मांगों को पूरी न होते देख सानंद ने अन्न का त्याग कर दिया था, जिसके बाद से वह जल, नमक, नींबू और शहद ले रहे थे। मंगलवार देर रात पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक सानंद से बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनने पर सानंद ने पूर्व घोषणा के अनुसार मंगलवार रात से जल का भी त्याग कर दिया था। उनके जीवन रक्षा का हवाला देते हुए डीएम दीपक रावत के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह और सीओ स्वप्न किशोर पुलिस बल के साथ पहुंचे।

    पुलिस ने मातृसदन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती और सांनद से उन्हें उपचार के लिए ऋषिकेश में भर्ती होने का आग्रह किया। स्वामी शिवानंद ने तो अपनी अनुमति प्रदान कर दी, लेकिन सानंद ने सहमति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी डॉक्टर या उपचार की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके बाद प्रशासन और चिकित्सकों की टीम उन्हें ऋषिकेश एम्स लेकर चली गई। इस दौरान सानंद ने कहा कि वह कोई उपचार नहीं लेंगे, उनका तप जारी रहेगा। सुबह उन्होंने अपना शरीर दान देने की भी घोषणा की थी।

  • Uttar pradesh को छोड़कर केंद्र ने पेट्रोल – डीज़ल के दाम घटाए,2.5 रुपये सस्ता हुआ

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    नई दिल्‍ली । गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि गुजरात भी पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 2.50 रुपये की कटौती करेगा। इसलिए गुजरात में आज आधी रात से पेट्रोल और डीजल 5 रुपये सस्ता हो जाएगा।

    छत्‍तीसगढ़ और त्रिपुरा सरकार ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमत पर 2.50 रुपये कटौती की घोषणा की है। वहां भी 5 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल सस्‍ता हो जाएगा। वहीं महाराष्‍ट्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल को सस्‍ता करने की विचार करने की बात कही है।

    उधर, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने उड़ीसा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक से अपील की है कि वह भी अन्‍य राज्‍यों की तरह 2.50 रुपये की कटौती करें, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके।

    इससे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी से लोगों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को 2.50 रुपये प्रति लीटर कम किए जाने की घोषणा की है।

    अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद मीडिया को इस फैसले की जानकारी देते हुए जेटली ने कहा, ‘केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर 1.50 रुपये की कटौती की जाएगी। इसके अलावा तेल कंपनियां प्रति लीटर एक रुपये की कटौती करेंगी। इस तरह पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 2.50 रुपये प्रति लीटर की कमी की जाएगी।’

    वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय एक्साइज में कटौती से सरकार के राजस्व पर 10,500 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। जेटली ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकारों से पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 2.50 रुपये कम करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकारों को यह चिट्ठी लिखने जा रहे हैं कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल दोनों पर प्रति लीटर 2.50 रुपये की कटौती करने जा रही है, इसलिए उन्हें भी ऐसा करना चाहिए।

    गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला वैट राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में आने वाला कर है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो पिछले चार सालों के दौरान कीमतों में आई सबसे बड़ी उछाल है।

  • Tanushree Dutta ने नाना पाटेकर पर लगाया Sexual harassment का आरोप, FIR दर्ज, मामले की जांच शुरू की

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    मुंबई  । तनुश्री ने नाना के खिलाफ 2008 में एक फिल्म के सेट पर उनका यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी के संबध में अपनी जांच शुरू कर दी है।  बुधवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 353 और 503 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    तनुश्री के वकील नितिन सत्पुते ने आईएएनएस से कहा, “हमने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है- नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, फिल्म निर्माता समी सिद्दीकी और निर्देशक राकेश सारंग। अब, पुलिस मामले की जांच कर रही है। इन लोगों को पुलिस के सामने उपस्थित होना है और यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।”

    अभिनेत्री की सुरक्षा को लेकर पूछे गए प्रश्न पर सत्पुते ने कहा, “तनुश्री को पुलिस सुरक्षा प्रदान कर रही है। जिस इमारत में उनका निवास है, वहां भी सुरक्षा प्रदान की गई है।” तनुश्री ने पहली बार 2008 में नाना के कथित दुर्व्यवहार के बारे में बात की थी। दो हफ्ते पहले, उन्होंने यौन उत्पीड़न के खिलाफ वैश्विक मुहिम हैशटैगमीटू के तहत अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि यहां फिल्मस्तान स्टूडियो में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक नृत्य की शूटिंग के दौरान अभिनेता ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।

  • Modi अपनी पत्नी से लेंगे डाइवोर्स, 200 करोड़ रुपये देगें गुजारा भत्ता

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    अहमदाबाद। मोदी अपनी पत्नी मोनिका मोदी से (divorce) डाइवोर्स लेने जा रहे हैं। भारत की दिग्गज फार्मा कंपनी कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के चेयरमैन राजीव मोदी ने शनिवार को अहमदाबाद की फैमिली कोर्ट में मोदी दंपती ने एक दूसरे की सहमति से तलाक की अर्जी लगाई।

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    Rajiv Modi

    26 साल के दांपत्य जीवन के बाद इस जोड़े ने अलग होने का फैसला किया है। तलाक के बदले राजीव पत्नी मोनिका को 200 करोड़ रुपए देंगे। ये पैसे तलाक अर्जी के साथ ही एस्क्रो एजेंट (एक तरह से कस्टोडियन) के खाते में ट्रांसफर हो गए हैं।

    उनकी शादी को 26 साल हो गए हैं। लेकिन पिछले दो महीने से राजीव और मोनिका दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। यह मामला पुलिस तक भी पहुंचा था, जिसके बाद दोनों के बीच मनमुटाव की बात उजागर हुई। उनका एक 17 साल का बेटा भी है, जो राजीव मोदी के साथ ही रहेगा।

    वकील सुधीर नानावटी ने बताया कि तलाक की अर्जी में दोनों ने एक दूसरे पर किसी भी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है। अर्जी में लिखा गया है  अब हमें साथ रहना पसंद नहीं है, इसलिए हम तलाक चाहते हैं। स्त्रोत: अमर उजाला, भाष्कर