Category: national

  • चुनावी गणित के रणनीतिकार प्रशांत किशोेर बनेंगे जेडीयू का हिस्सा

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    पटना , चुनावी गणित के माहिर और रणनीतिकार प्रशांत किशोेर रविवार से अपने सियासी सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं। जी हां, प्रशांत किशोर बिहार से राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। वह आज पटना में जेडीयू का हिस्सा बनेंगे। प्रशांत किशोर जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार की मौजूदगी में जनता दल यूनाइटेड में विधिवत रूप से शामिल होंगे। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार खुद उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलवाएंगे। प्रशांत किशोर ने खुद भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह रविवार से अपना राजनीतिक सफर शुरु करने जा रहे हैं। उन्होंने एक ट्वीट कर खुद इस बात की तस्दीक कर दी है कि वह अब पूरी तरह से राजनीति में आ गये हैं। प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीट में कहा- बिहार से नई यात्रा शुरू करने के लिए काफी उत्साहित हूं।

    बता दें कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने हेतू पटना में आज जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू की राज्यकार्यकारिणी की बैठक है। इस बैठक में पार्टी के नेता, विधायक, सासंद सभी शामिल होंगे। लोकसभा चुनावों के मद्देनजर जेडीयू की ये बैठक अहम मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि खुद नीतीश कुमार बैठक में चुनाव की रणनीति के बारे में बताएंगे। ऐसे में इस बैठक मे प्रशांत किशोर का शामिल होना भी अपने आप में खास है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उन्होंने अपनी नीतियों के दम पर देश के बड़े दलों की झोली जीत का जश्न से भरी है।

    प्रशांत किशोर 2014 में बीजेपी, 2015 में महागठबंधन और 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के लिये काम कर चुके हैं। एक वक्त ऐसा भी था जब प्रशांत किशोर जीत की गारंटी बन चुके थो और हर तरप उनकी चर्चा थी। ये वक्त था जब 2014 के चुनाव प्रचार में बीजेपी के प्रचार को उन्होंने ‘मोदी लहर’ में बदल दिया था। उसके बाद उनके बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मतभेद की खबरें आईं और उन्होंने साल 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस के महागठबंधन के प्रचार की कमान संभाल ली। इस चुनाव में बीजेपी को तगड़ी हार का सामना करना पड़ा था।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 68वां जन्मदिन, ऐसे दे सकते हैं बधाई आप भी

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    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 68वां जन्मदिन मना रहे हैं. सोशल मीडिया पर राजनीतिज्ञों को अलावा फिल्मी जगत से जुड़ी हस्तियों सहित आम जन भी अपने  पीएम को जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और अनुपम खेर सहित कई दिग्गज हस्तियों ने पीएम को बधाई संदेश भेजे हैं.

    वहीं PMO ने भी मोदी के जन्मदिन को खास बनाने और आम आदमी अपने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई संदेश भेज सके इसके खास प्रबंध किया है. इसके आपको प्रधानमंत्री मोदी के पेज narendramodi.in पर जाना होगा और पर आप अपना बधाई संदेश सीधे पीएम मोदी को भेज सकते हैं. सबसे पहले आपको इस पेज पर लॉग इन करना होगा. इस पेज पर मोदी के बचपन से जुड़ी कई रोचक बातों के बारे में भी जानकारी दी गई है. उल्लेखनीय है कि नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को तत्कालीन बंबई राज्य (वर्तमान गुजरात) में मेहसाणा जिले के वाडनगर में हुआ था.

  • Public के करोड़ों लूट कर भागे 23 भगोड़ों की सूची कांग्रेस ने जारी की , PM MODI से मांगा जवाब

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    नई दिल्ली. कांग्रेस ने जनता के 90,000 करोड़ रुपयों की लूट और विजय माल्या, नीरव मोदी व मेहुल चोकसी सहित 23 भगोड़ों को बचाए जाने पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली से जवाबदेही तय करने की मांग की और इसकी निष्पक्ष जांच करने की भी मांग की. कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आम आदमी से ज्यादा चोरों, भगोड़ों की भक्त है. प्रधानमंत्री मोदी देश में व्यापार सरल करने की अपेक्षा भारत को लूटकर भागने की नीति का प्रचार कर रहे हैं.

    पार्टी ने इस सरकार के कार्यकाल में भारत छोड़ विदेशों में बसने वाले 23 भगोड़ों की सूची भी जारी की.शेरगिल ने कहा, कानून तोड़ने और सरकार द्वारा आयोजित माल्या, नीरव मोदी और चोकसी को भगाने के कार्यक्रम से यह शक खत्म हो गया है कि मोदी सरकार जनता के धन की रक्षक नहीं है, बल्कि बैंक ऋण बकाएदारों को सुरक्षित विदेश जाने की सुविधा प्रदान करने वाली ट्रैवल एजेंसी है. उन्होंने कहा, भाजपा ने सभी बकाएदारों को देश के लोगों के रुपयों को लेकर भागने के लिए चोर दरवाजा उपलब्ध कराया है.

    पार्टी ने कहा कि 2014-18 से बैंक धोखाधड़ी से कुल 23,000 हजार मामले हुए. पार्टी ने कहा, बैंक घोटालों में कुल राशि 90,000 करोड़ रुपये है. 2014-15 में 19,455 करोड़ रुपये, 2015-16 में 18,698 करोड़ रुपये, 2016-17 में 23,933 करोड़ रुपये, 2017-18 में 25,459 करोड़ रुपये के घोटाले हुए. शेरगिल ने कहा, यही समय है कि मोदी सरकार पर राजनीतिक और न्यायिक जवाबदेही बनती है कि कैसे और किसके निर्देशों पर कानूनी एजेंसियों ने आसानी से यह फैसला लिया, जबकि 23 भगोड़े देश छोड़कर चले गए.

  • 10 लाख रुपये रिश्वत लेते आयुष मंत्रालय का अवर सचिव  गिरफ्तार

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    नई दिल्ली ।  रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई के तहत आयुष मंत्रालय के अवर सचिव आरके खत्री को 10 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

    आरके खत्री ने ये रिश्वत शिकायतकर्ता के पेंडिंग बिलों को क्लीयर करने और भविष्य में उसके काम को चालू रखने के लिए मांगे थे।

    शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत सीबीआई के पास की। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई टीम ने ट्रैप लगाया और आज जैसे ही खत्री ने रिश्वत ली टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

    सूत्रों के अनुसार खत्री को टीम साथ ले गई है और उनसे पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में कई और मामले खुलने की संभावना है। बताया जाता है जल्द ही इस मामले में पूरा खुलासा किया जाएगा।

  • जानिये किन्नरों के जैसा वेष क्यों बनाया क्रिकेटर गौतम गंभीर ने ?

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    नई दिल्ली। क्रिकेटर गौतम गंभीर हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में जब माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा ओढ़े हुए नजर आए तो हर कोई उन्हें देखकर हैरान रह गया. दरअसल गंभीर किन्नरों के प्रति समर्थन जताने के लिए इस कार्यक्रम में पहुंचे थे. उनकी इस पहल की देशभर में सराहना हासिल हुई है. गौरतलब है कि गौतम सामाजिक और चैरिटी कार्यों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करते रहे हैं।

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    क्रिकेटर गौतम गंभीर

    मैदान पर भले ही वे आक्रामक तेवरों वाले क्रिकेटर के रूप में नजर आते रहे हों, लेकिन राष्ट्र से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी राय अथवा उनकी ओर से उठाए गए कदमों में परिपक्वता देखने को मिली है.छत्तीसगढ़ में पिछले साल अप्रैल में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए 25 जवानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का ऐलान करके उन्होंने देश के प्रति अपने कर्तव्य भाव का अहसास कराया था. समाज में उपेक्षा और भेदभाव के शिकार किन्नर समाज के प्रति समर्थन जताने के लिए जब गौतम पहुंचे तो किन्नर समाज ने दुपट्टा ओढ़ाकर और बिंदी लगाकर उनका स्घ्वागत किया।

    जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. इस घटना को लेकर देशभर में भारी गुस्सा देखने को मिला था. देश के इस गुस्से में अपनी आवाज को भी शामिल करते हुए उन्होंने तीखे सवाल किए थे. गंभीर ने इस मामले को लेकर दो ट्वीट किए थे. पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा था, भारतीय चेतना का उन्नाव और फिर कठुआ में रेप किया गया. अब इसकी हमारे सड़ चुके सिस्टम में हत्या की जा रही है।

    सामने आओ, मिस्टर सिस्टम, मैं आपको चुनौती देता हूं. यदि हिम्मत है तो दोषियों को सजा दो. एक अन्य ट्वीट में गौतम ने लिखा था, उन लोगों को, खासकर वकीलों को शर्म आनी चाहिए जो कठुआ की हमारी पीड़ित बेटी की वकील को चुनौती दे रहे और रोक रहे हैं. बेटी बचाओ से क्या हम बलात्कारी बचाओ हो गए हैं।

    टिप्पणियां कश्मीर में मानवाअधिकार के कथित उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी का इसी माह अप्रैल में बयान आया था, इसका भी गौतम गंभीर ने मुंहतोड़ जवाब दिया था.गंभीर ने अफरीदी के बयान के आधार पर उन्हें अपरिपक्व व्यक्ति बताया था. गौरतलब है कि गंभीर ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर अफरीदी के ट्वीट के जवाब में यह बात कही है।

    ध्यान हो कि शाहिद अफरीदी ने ट्वीट कर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के मारे जाने पर दुख जताया था. उन्घ्होंने कहा था कि कि कश्मीर में मौजूदा स्थिति चिंताजनक और भयानक है. इस ट्वीट के जबाव में ही गंभीर ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था कि हमारे कश्मीर और संयुक्त राष्ट्र को लेकर किए गए शाहिद अफरीदी के ट्वीट पर रिएक्शन के लिए मीडिया की ओर से मुझे कॉल आए. इसमें क्या कहना है? अफरीदी सिर्फ यूएन की ओर देख रहे हैं, जिसका मतलब उनके शब्दकोश में अंडर-19 है. मीडिया इसे हल्के में ही ले. अफरीदी नो बॉल पर आउट होने का जश्न मना रहे हैं.

  • चुनावी घोषणापत्र : कांग्रेस मैदान से लेकर पहाड़ तक चढ़ी और अब पाताल में भी उतरी , Read Full Story !

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    नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ में चुनावी घोषणापत्र तैयार करने के लिए कांग्रेस मैदान से लेकर पहाड़ तक चढ़ी और अब पाताल में भी उतर गई है। घोषणापत्र तैयार करने की जिम्मेदारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव की है। कोयला मजदूरों की समस्या जानने के लिए वे गमबूट और हेलमेट पहनकर कोयले की खतरनाक भूमिगत खदानों में उतर गए। कांग्रेस उन सभी जगहों पर पहुंच रही है जहां जनता की समस्याओं को समझने की गुंजाइश है।

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    Singdev singh

    इसी आधार पर इस बार जमीनी घोषणापत्र बनाने की कवायद की जा रही है। छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस बहुत कुछ पहली बार कर रही है। चाहे वह संगठन का बूथ स्तर तक विस्तार हो या प्रत्याशी चयन का formula या फिर चुनावी घोषणापत्र तैयार करने की मशक्कत। इस बार घोषणापत्र के मुद्दे जुटाने के लिए कांग्रेस ने मैदानी इलाकों में बिलासपुर, जांजगीर-चांपा का दौरा किया, वहीं पहाड़ी इलाकों में सरगुजा और बस्तर के गांवों की यात्र की।

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    Singdev singh

    कोरिया जिला पहुंचे तो सिंहदेव चिरमिरी के भूमिगत कोयला खदान में उतर गए। सुरक्षा के लिए गमबूट और हेलमेट भी पहना। पार्टी की कोशिश है कि ऐसा कोई भी वर्ग न बचे, जिससे घोषणापत्र के लिए उसका सुझाव न लिया गया हो। कांग्रेस हाईकमान से घोषणापत्र बनाने की जिम्मेदारी मिलने के बाद सिंहदेव ने पहले तो एक कार्यालय खुलवाया, जहां जनता से सुझाव मंगाए।

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    Singdev singh

    बात कुछ जमी नहीं तो खुद ही एक-एक जिलों के दौरे पर निकल पड़े। 27 में से 16 जिलों का दौरा वे कर चुके हैं। हर जिले के प्रबुद्ध वर्ग डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, बड़े व्यापारियों, शिक्षक आदि से सुझाव लिया जा रहा है, तो फुटपाथ पर मनियारी (चूड़ी-बिंदी) का सामान या सब्जी बेचने वाले छोटे व्यापारी, मजदूर, किसान से लेकर रिक्शा व ठेले चलाने वालों तक से उनकी जरूरत पूछी जा रही है।

    विधानसभा के प्रतपिक्ष सरगुजा के महाराजा टीएस सिंहदेव ने आज सामंतवादी सीमाओं को तोड़कर समाज के सबसे निचले वर्ग के स्वीपरों के साथ भी खाना खाया।

    कमजोर वर्ग के लोग चर्चा में संकोच न करें, इसके लिए किसी के साथ खेत में रोपा लगाया तो कहीं साथ बैठकर खाना खाया। सूत्रों का कहना है कि इस माह तक सभी जिलों का दौरा पूरा हो जाएगा। उसके बाद जनता की जरतों और सुझावों को सूचीबद्ध किया जाएगा। सामान्य लगने वाले मुद्दे अलग किए जाएंगे, जो कि पहली प्राथमिकता के साथ घोषणापत्र में शामिल होंगे।

  • PM Modi काल अपने जन्मदिन पर वाराणसी में रहेंगे, नई योजनायों की घोषणा भी होगी

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    वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल अपने 68वें जन्मदिन पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रहेंगे। इस दौरान उनकी सुरक्षा के घेरा काफी मजबूत रहेगा। एसपीजी के साथ ही प्रदेश पुलिस के एडीजी भी उनकी सुरक्षा की निगरानी में रहेंगे। वाराणसी को कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन पर 534 करोड़ रुपए की सौगात भी देंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल वाराणसी में अपने जन्मदिन पर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वाराणसी शहर में कई करोड़ की बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ कुछ नई योजना की घोषणा भी करेंगे। इस मौके पर उनके साथ गर्वनर राम नाईक व सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में जमीन से आसमान तक अभेद्य सुरक्षा के इंतजाम हैं। उनकी सुरक्षा में 8000 जवानों की तैनाती की जा रही है। इस लंबे चौड़े दस्ते में 20 आइपीएस अफसर भी हैं। आज से ही उनके हर कार्यक्रम स्थल को एसपीजी ने अपने हाथ में ले लिया है। केंद्र के साथ ही यूपी पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल काशी विश्वनाथ मंदिर में के पूजन-दर्शन के बाद पीएम डीरेका के ऑडिटोरियम में शहर के करीब 5000 बच्चों के साथ अपने जीवन की प्रेरणा से जुड़ी फिल्म ‘चलो जीते हैं’ भी देखेंगे। इस दौरान पीएम मोदी बाबतपुर-शिवपुर फोरलेन, रिंग रोड फेज वन और इसके अलावा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में कुछ नई योजनाओं की शुरुआत करेंगे। वहां पर प्रधानमंत्री मोदी जल्द होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियों से जुड़ी व्यवस्था की समीक्षा भी करेंगे ।

    अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा पूरी व्यवस्था पर नजर रखेंगे। पीएम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 20 पुलिस अधीक्षक, 30 एडिशनल एसपी, 70 डिप्टी एसपी, 540 इंस्पेक्टर सब इंस्पेक्टर, 18 थानाध्यक्ष, 510 हेड कांस्टेबल, 3350 कांस्टेबल, 60 महिला सब इंस्पेक्टर, 235 महिला कांस्टेबल सहित 265 यातायात पुलिसकर्मी और 2500 होमगार्ड तैनात रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आठ कंपनी पीएसी, 14 कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स भी पीएम की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मदिन पर रिटर्न गिफ्ट के तौर पर काशीवासियों को 534 करोड़ की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी वाराणसी एयरपोर्ट से हेलीकाप्टर से डीरेका जाएंगे। वहां से वे काशी विद्यापीठ ब्लाक के नरउर जाएंगे जहां प्राथमिक पाठशाला के बच्चों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन मनाएंगे और उनसे संवाद करेंगे। बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मनाने के बाद पीएम डीरेका आएंगे।

    डीरेका में जिला प्रशासन पीएम मोदी को काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण, वाराणसी में बीते चार साल में हुए अब तक के बदलाव, प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियों व शहर में चल रहे विकास कार्यों के बाबत प्रेजेंटेशन देगा। डीरेका के छविगृह में पीएम मोदी बच्चों के साथ फिल्म ‘चलो जीते हैं’ फिल्म देखेंगे। देर रात पीएम मोदी बाबा दरबार जाएंगे दर्शन-पूजन करने। रात्रि विश्राम के बाद पीएम मोदी अगले दिन बीएचयू के एम्फी थियेटर में जनसभा को संबोधित करेंगे।

    इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे जिसमें अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, नागेपुर ग्राम पेयजल योजना के अलावा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही पीएम बीएचयू में बनने वाले वेद विज्ञान केंद्र व रीजनल इंस्टीट्यूट आफ आफ्थेल्मोलाजी का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

    इन योजनाओं का होगा लोकार्पण

    – शहरी विद्युत सुधार कार्य, पुरानी काशी- 36200 लाख रुपये

    – 3722 मजरो में विद्युतीकरण का काम- 8461 लाख रुपये

    – सिंगल फेज के 90 हजार मीटर लगाने का काम- 990 लाख रुपये

    – 33 गुणे 11 केवी विद्युत उपकेंद्र बेटावर का निर्माण- 280 लाख रुपये

    – 33 गुणे 11 केवी विद्युत उपकेंद्र कुरुसातो का निर्माण- 258 लाख रुपये

    – नागेपुर ग्राम पेयजल योजना- 274 लाख रुपये

    – अटल इन्क्यूबेशन सेंटर 2000 लाख रुपये।

    इन परियोजना का करेंगे शिलान्यास

    – बीएचयू में वैदिक विज्ञान केंद्र की स्थापना- 1200 लाख रुपये।

    – रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ आफ्थेल्मोलाजी- 3800 लाख रुपये।

  • कैग रिपोर्ट में खुलासा : अखिलेश सरकार में 97 हजार करोड़ रुपए के सरकारी धन की बंदरबांट

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    नई दिल्ली. अखिलेश सरकार में सरकारी धन की जमकर लूट हुई है. सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जीवाड़ा कर 97 हजार करोड़ रुपए के सरकारी धन की बंदरबांट किए जाने का कैग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है. यह धनराशि कहां और कैसे खर्च हुई इसका इन विभागों के पास कोई लेखा जोखा मौजूद नहीं है. खास बात यह है कि पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग ने अकेले करीब 26 हजार करोड़ रुपए की लूट खसोट की गई है. देश की सबसे बड़ी ऑडिट एजेसी कैग ने 31 मार्च 2017-18 तक यूपी में खर्च हुए बजट की जांच की है.

    वर्ष 2018 की अगस्त में आई इस रिपोर्ट में कैग ने इस पूरे गड़बड़झाले को उजागर किया है. इसमें सीएजी ने कहा है कि धनराशि खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने से यूपी में बड़े पैमाने पर धनराशि के दुरुपयोग और खर्च में धोखाधड़ी की आशंका है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपी में 2014 से 31 मार्च 2017 के बीच हुए करीब ढाई लाख से ज्यादा कार्यों का उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है. यूपी में धनराशि के उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा न करने का मामला कई बार शासन के सामने लाया गया, मगर कोई सुधार नहीं हुआ है.

    यह  है नियम?

    वित्तीय नियम कहते हैं कि जब किसी विशेष मकसद या योजना के तहत विभागों को बजट जारी होता है तो तय-सीमा बीतने के बाद उन्हें उपयोगिता प्रमाणपत्र(यूसी) जमा करना होता है. बजट जारी करने वाले विभाग पर यह सर्टिफिकेट लेने की जिम्मेदारी है. जब तक विभाग सर्टिफिकेट नहीं देते तब तक उन्हें बजट की दूसरी किश्त नहीं जारी की जा सकती. यह व्यवस्था इसलिए है, ताकि पता चल सके कि बजट का इस्तेमाल संबंधित कार्यों के लिए ही हुआ है. उपयोगिता प्रमाणपत्र से पता चलता है कि बजट का कितना हिस्सा कहां और किस तरह खर्च हुआ. इस प्रमाणपत्र की जांच से बजट के दुरुपयोग की गड़बड़ी पकड़ में आ जाती है. यह सख्त निर्देश है कि बिना उपयोगिता प्रमाणपत्र जारी किए दोबारा बजट जारी नहीं हो सकता. नियम के मुताबिक विभाग संबंधित संस्थाओं से यह प्रमाणपत्र लेने के बाद उसकी क्रास चेकिंग कर महालेखाकार(ऑडिटर जनरल) को भेजते हैं. मगर जांच के दौरान पता चला कि यूपी में बिना यूसी हासिल किए ही आंख मूंदकर विभागों को बजट जारी होता रहा.

     

  • राफेल पर सियासी जंग: फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने राफेल पर किया नया खुलासा, Read Full Story

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    नई दिल्ली । चुनाव से पहले देश में राफेल पर छिड़ी सियासी जंग के बीच एक नया मोड़ आ गया है। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा है कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और दैसॉ एविएशन कंपनी के पास दूसरा विकल्प नहीं था। फ्रांस की एक पत्रिका में छपे इंटरव्यू के मुताबिक ओलांद ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से ही रिलायंस का नाम दिया गया था।

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    इसे चुनने में दैसॉ एविएशन की भूमिका नहीं है। ओलांद ने कहा, भारत की सरकार ने जिस सर्विस ग्रुप का नाम दिया, उससे दैसॉ ने बातचीत की। दैसॉ ने अनिल अंबानी से संपर्क किया। हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। हमें जो वार्ताकार दिया गया, हमने स्वीकार किया।श् ओलांद की यह बात सरकार के दावे को खारिज करती है जिसमें कहा गया था कि दैसॉ और रिलायंस के बीच समझौता एक कमर्शल पैक्ट था जो कि दो प्राइवेट फर्म के बीच हुआ।इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।

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    कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस आर्टिकल को रीट्वीट करते हुए ओलांद से पूछा, श्कृपया आप हमें यह भी बताएं कि राफेल की 2012 में 590 करोड़ की कीमत 2015 में 1690 करोड़ कैसे हो गई। मुझे पता है कि यूरो की वजह से यह कैलकुलेशन की दिक्कत नहीं है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा दिए गए बयान वाली रिपोर्ट की पुष्टि की जा रही है।

    यह फिर से दोहराया जाता है कि इस समझौतै में न तो भारत सरकार और न ही फ्रांस सरकार की कोई भूमिका थी। बता दें कि कांग्रेस इस बात को लेकर सरकार को घेरती रही है कि इस डील में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को क्यों नहीं शामिल किया गया। इसपर वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री सीतारमण ने जवाब दिया कि यह समझौता दो प्राइवेट कंपनियों के बीच हुआ था। इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं था।

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    एचएएल के पूर्व प्रमुख टी सुवर्णा राजू ने कहा था कि लड़ाकू विमान बना सकती है। रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा कि विमान बनाने वाली सरकारी कंपनी इस विमान को बनाने में तकनीकी रूप से कई मामलों में सक्षम नहीं है। टीएस राजू का कहना है कि फ्रांस की कंपनी को विमान बनाने का ठेका इसलिए दिया गया ताकि वह इसे सस्ते में बनाकर दे।

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर राफेल मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था। विपक्षी दल ने हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पूर्व प्रमुख टी सुवर्णा राजू के बयान का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगा था।

  • Modi का नाम लिए बगैर राहुल गांधी ने अपमानजनक शब्द बोले

    जयपुर: राजस्थान दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक शब्द कहे हैं. राहुल गांधी ने भाषण के दौरान नारा लगाया, ‘गली-गली में शोर है हमारा चौकीदार चोर है.’ ज्ञात हो कि पीएम मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि वे चौकीदार हैं. राहुल गांधी के इस नारे को पीएम मोदी पर तंज के रूप में देखा जा रहा है.

    इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को एक विशेष विमान से उदयपुर पहुंचे. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी उनके साथ मौजूद थे. उदयपुर के डबोक हवाई अड्डे पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने उनका स्वागत किया. राहुल गांधी डूंगरपुर जिले के सांगवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित किया. राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं और अगस्त में जयपुर में पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत के बाद राहुल की यह पहली चुनावी सभा होगी.

    एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस द्वारा पिटाई को लेकर बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार एवं रमन सिंह सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि तानाशाही अब एक पेशा बन चुकी है. गांधी ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘नरेंद्र मोदी की हुकूमत में तानाशाही एक पेशा बन गई है. बिलासपुर में रमन सिंह की सरकार द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मौलिक अधिकारों पर बुज़दिली से किए गए इस प्रहार को वहाँ की जनता सियासी ज़ुल्म के रूप में याद रखेगी.’

    बिलासपुर में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कथित रूप से पिटाई की जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव घायल हो गये. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है. खबरों के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निकाय मंत्री अमर अग्रवाल के घर पर प्रदर्शन करने गए थे जहां उनकी पिटाई की गई.

    दरअसल, कुछ दिन पहले अमर अग्रवाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कचरा कह दिया था जिससे भड़के पार्टी कार्यकर्ता विरोध स्वरूप मंत्री के घर पर कचरा फेंकने पहुंचे थे.