Category: national

  • स्वतंत्रता दिवस: जानिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की बड़ी बातें…!!

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    नई दिल्ली। आज भारत आजादी की 72वीं वर्षगांठ मना रहा है। लालकिले से लेकर देश का हर शहर जश्न-ए-आजादी के रंग में रंगा है। पीएम मोदी लाल किले से देश को संबोधित किया। जानिए प्रधानमंत्री के भाषण की प्रमुख बातें।

    -तीन तलाक के कारण मुस्लिम महिलाओं के साथ गंभीर अन्याय होता है। इस कुप्रथा को खत्म करने के लिये हम प्रयासरत हैं लेकिन कुछ लोग इसे खत्म नहीं करने देना चाहते। मैं मुस्लिम बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि हम उन्हें न्याय दिलाने के लिये पूरा प्रयास करेंगे।

    -साल 2022 से पहले ही, भारतीय वैज्ञानिकों ने मानवसहित गगनयान लेकर अंतरिक्ष में तिरंगे के साथ जाने का संकल्प लिया है, यदि संभव हुआ तो भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला दुनिया का चैथा देश होगा। आजादी के 75 साल पूरे होने पर, वर्ष 2022 तक भारत का बेटा या बेटी अंतरिक्ष में जाएगी।

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    -राक्षसी प्रवृत्ति पर प्रहार करने की आवश्यकता है, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को अक्षुण्ण रखने के लिये किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। महिला अधिकारियों के शॉर्ट कमीशन सर्विस के माध्यम से चयन की आज लालकिले से मैं घोषणा करता हूं।

    -जम्मू-कश्मीर के लिए अटल जी का आह्वान था- इंसानियत, कश्मीरियत, जम्हूरियत। मैंने भी कहा है, जम्मू- कश्मीर की हर समस्या का समाधान गले लगाकर ही किया जा सकता है। हमारी सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

    -छह करोड़ फर्जी लोगों के नाम पर विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया जा रहा था, इसे रोका गया। इससे देश को 90,000 करोड़ रुपये की बचत हुई।

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    15 aug 2018_day_pmmodi_

    -पिछले चार साल में बहुत काम हुए। वर्ष 2013 की रफ्तार से चलते तो गांवों तक बिजली पहुंचाने में एक-दो दशक और लग जाते, उसी रफ्तार से काम करते तो गरीबों को एलपीजी चूल्हा उपलब्ध कराने में 100 साल भी कम पड़ जाते।

    -पिछले चार साल में प्रत्यक्ष कर देने वालों की संख्या चार करोड़ से बढ़कर 6.75 करोड़ हो गयी, वहीं अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या जहां पहले 70 लाख थी, जीएसटी लागू होने के एक साल में ही बढ़कर 1.16 करोड़ पर पहुंच गयी।

    -वर्ष 2014 से पहले दुनिया की गणमान्य संस्थाएं और अर्थशास्त्री हमारे देश के लिए कहते थे कि हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था में बहुत जोखिम है। वही लोग आज हमारे सुधारों की तारीफ कर रहे हैं।
    दुनिया भर के अर्थशास्त्री अब मानने लगे हैं कि भारत अगले तीन दशक तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देता रहेगा ।

    -बदलाव का ही नतीजा है कि दुनिया के नेतृत्वकर्ता भारत के लिये कह रहे हैं कि सोया हुआ हाथी अब जाग चुका है, आने वाले तीन दशक तक भारत विश्व को गति देगा। ऐसा विश्वास आज भारत के लिये पैदा हुआ है।

    -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। हम चाहते हैं कि दुनिया में भारत की न केवल अपनी साख हो बल्कि उसकी धमक भी हो । शुरू में कठिनाइयों के बावजूद देश ने जीएसटी को अपनाया और व्यपारियों का भरोसा बढ़ा है।

    -भ्रष्टाचारियों और कालाधन रखने वालों को माफ नहीं किया जाएगा, उन्होंने देश को बर्बाद करने का काम किया है, आज देश में सत्ता के दलालों की बात नहीं बल्कि गरीबों की आवाज सुनी जाती है।

    -मैं देश को आगे ले जाने, बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने, गरीबों को समुचित स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराने, देश की अगुवाई में आईटी क्रांति को आगे बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने, क्षमता तथा संसाधन का पूरा लाभ उठाने के लिये बेचैन हूं।

    -संसद का मानसून सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित था, जहां दलित, शोषित, पीड़ित वंचित वर्ग के हितों पर संवेदनशीलता का परिचय दिया गया और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक पारित हुआ।

    -भारी वर्षा के कारण जिन लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा, उनके साथ पूरा देश खड़ा है। गरीबों को न्याय मिले, जन जन को आगे बढ़ने का मौका मिले, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने में कोई समस्या न आये, यह हमारा प्रयास है। वर्ष 2014 से अब तक मैं अनुभव कर रहा हूं कि सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर रुके नहीं, बल्कि वे देश बनाने में जुटे हैं।

    -जन जन को आरोग्य की सुविधा मुफ्त में मिले, इसके लिये ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान’ के तहत 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये का बीमा कवर देने का फैसला किया गया है। आगामी 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय जयंती पर पूरे देश में इसे लागू करेंगे।

    -देश आज ईमानदारी का उत्सव मना रहा है, अगर कल्याणकारी योजनाओं से किसी को पुण्य मिलता है तो सरकार को नहीं बल्कि ईमानदार करदाताओं को मिलता है, उनके पैसे से गरीब परिवारों को सस्ता भोजन मिलता है।

  • Lokshaba के साथ 11 राज्यों के भी चुनाव करवाए जा सकते !

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    नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के साथ 11 राज्यों में चुनाव संभव है. सूत्रों के मुताबिक सरकार का कहना है कि इसके लिए संविधान संशोधन की जरूरत नही हैं. लोकसभा के साथ हरियाणा, झारखंड, मिजोरम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में चुनाव संभव हो सकते हैं. अगर राज्यों की सरकारें और राजनीतिक पार्टियां तैयार हो जाएं तो चुनाव हो सकते हैं. सरकार का कहना है कि सभी दल तैयार हो तो चुनाव आयोग को परेशानी नहीं होगी . केंद्र सरकार अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ ही 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव करा सकती है. इसके लिए सभी पार्टियों की बैठक बुलाई जा सकती है.

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    Lok-Sabha-elections,including-Madhya-Pradeshelections,11-states,constitution,

    इस तरह से चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन कराने की जरूरत भी नहीं है. बता दें कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एक देश एक चुनाव की पैरवी करती रही है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा के चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ ही होते हैं. वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में लोकसभा चुनावों में छह महीने बाद विधानसभा के लिए वोट डाले जाने वाले हैं.ऐसे में इन राज्यों के चुनाव कुछ महीनों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है.

    जम्मू कश्मीर में अभी किसी की सरकार नहीं है. पीडीपी बीजेपी के अलग होने के बाद से वहां पर राज्यपाल का शासन है. ऐसे में वहां पर भी अगले साल चुनाव कराया जा सकता है. वहीं महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में समय से पहले चुनाव कराए जा सकते हैं. 2013 में इन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम. 2014 में इन राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश.

  • जानिये, गैंगस्टर अरुण गवली इस परीक्षा में बना टॉपर !!

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    नागपुर. हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर अरुण गवली ने महात्मा गांधी के आदर्शों पर आयोजित परीक्षा में सभी को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है. नागपुर केंद्रीय कारागार में बंद गवली ने परीक्षा में 80 में से 74 अंक अर्जित किए हैं. गैर सरकारी संगठनों-सहयोग ट्रस्ट, सर्वोदय आश्रम और मुम्बई सर्वोदय मंडल द्वारा पिछले साल अक्तूबर में आयोजित परीक्षा में लगभग 160 कैदी शामिल हुए थे. सहयोग ट्रस्ट के न्यासी रवींद्र भुसारी ने बताया कि परीक्षा का परिणाम पिछले सप्ताह घोषित किया गया. भुसारी ने कहा कि परीक्षा में बैठना अनिवार्य नहीं होता और कैदी अपनी मर्जी से इसमें शामिल होते हैं.

    परीक्षा में कैदियों को 80 सवालों के वस्तुनिष्ठ जवाब देने होते हैं. उत्तीर्ण होने वालों को पुरस्कार के रूप में प्रमाणपत्र और खादी के वस्त्र मिलते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षा से पहले जेल में गांधी जी की किताबों से संबंधित पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई थी. परीक्षा में दोषी, विचाराधीन और सजा काट रहे कैदी शामिल हुए.

    गवली वर्ष 2007 में हुई शिवसेना के पार्षद कमलाकर जामसंदेकर की हत्या के मामले में नागपुर केंद्रीय कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहा है. उसे वर्ष 2012 में 11 अन्य लोगों के साथ मामले में दोषी ठहराया गया था. आपराधिक मामलों की लंबी सूची रखने वाले गवली की यह पहली दोषसिद्धि थी. मुम्बई के दगड़ी चॉल इलाके में ‘डैडी’ के नाम से चर्चित गवली बाद में राजनीति के मैदान में उतरा था और उसने अखिल भारतीय सेना के नाम से अपनी पार्टी बनाई थी. पिछले साल उसके जीवन पर एक फिल्म आई थी. अभिनेता अर्जुन रामपाल ने ‘डैडी’ शीर्षक वाली इस फिल्म में गवली की भूमिका निभाई थी.

  • मौत से ठन गई… एम्स में लाइफ सपॉर्ट पर अटल

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    नई दिल्ली। अपनी वाककला से विरोधियों को भी निशब्द कर देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। दिल्ली के एम्स में उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। देर रात से उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं है। हर कोई उनके स्वास्थ्य को लेकर बेचैन है। अभी तक पीएम मोदी समेत 7 केंद्रीय मंत्री अटल का हालचाल लेने के लिए एम्स जा चुके हैं।

    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बिगड़ने की खबरों के बीच बुधवार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स पहुंचे। पीएम मोदी ने करीब एक घंटे तक एम्स के डॉक्टरों से वाजपेयी के स्वास्थ्य पर चर्चा की। वहीं एम्स मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया कि पिछले 24 घंटों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बिगड़ी है। वह अभी लाइफ सपॉर्ट सिस्टम पर हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू गुरुवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देखने एम्स अस्पताल पहुंचे।

    बुधवार को पूरा देश उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने को उत्सुक रहा। इस दौरान एम्स के बाहर मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। बुधवार दोपहर भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत खराब होने की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एम्स पहुंच कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इसके बाद वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए शाम को एम्स के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। शाम करीब सात बजे वाजपेयी की कुशलक्षेम पूछने पीएम मोदी बिना ट्रैफिक रूट के ही अचानक एम्स पहुंचे और करीब आठ बजे तक रुके।

    प्रधानमंत्री के एम्स से जाने के बाद दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी रोमिल बनिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी को देखने आए थे। उनका स्वास्थ्य स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं। बाद में पूर्व प्रधानमंत्री को देखने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, हर्षवर्धन, सुरेश प्रभु, जितेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार चैबे और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन भी एम्घ्स पहुंचे।

    एम्स के सूत्रों के मुताबिक बुधवार सुबह वाजपेयी को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें जरूरी दवाइयां दी गई थीं। दोपहर तक उनकी तबीयत स्थिर हो गई थी। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री पिछले दो माह से एम्स में भर्ती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्हें सांस लेने में परेशानी, यूरीन व किडनी में संक्रमण होने के कारण 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था। .
    एम्स के निदेशक डा. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि सुबह से अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत नाजुक बताई जा रही है। एक्घ्स के अनुभवी डॉक्घ्टरों की टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।

  • PM Modi का लाल किले से आखिरी भाषण जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर 3 तलाक,OBC और 2013 से 2018 के मुद्दे रहे

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    देश को आज़ादी मिले 71 साल पूरे हो गए हैं. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश का कोना-कोना सज गया है. हर जगह चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह 7.30 बजे लाल किले के प्राचीर पर तिरंगा फहराया. PM ने राजघाट पहुंच राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. जिसके बाद प्रधानमंत्री ने देश को लालकिले से देश को संबोधित किया, उन्होंने करीब 82 मिनट का भाषण दिया. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी का ये लाल किले के प्राचीर से आखिरी भाषण रहा. प्रधानमंत्री ने भाषण के बाद लालकिले के पास मौजूद बच्चों से मुलाकात की.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा भाषण

    7.33 AM: लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश आज नई ऊंचाईयों को पार कर रहा है. आज का सूर्योदय नए उत्साह को लेकर कर आया है. हमारे देश में 12 साल में एक बार नीलकुरिंज का पुष्प उगता है, इस साल ये पुष्प तिरंगे के अशोक चक्र की तरह खिल रहा है.

    PM ने कहा कि आज देश के कई राज्यों की बेटियों ने सात समंदर को पार किया और सभी को तिरंगे से रंग दिया. उन्होंने कहा कि आज हम आजादी का पर्व उस समय मना रहे हैं, जब आदिवासी बच्चों ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है.

    उन्होंने कहा कि अभी-अभी संसद के दोनों सदनों के सत्र खत्म हुए हैं, हमारे कोशिश है कि सदन से हमने देश में सामाजिक व्यवस्था के न्याय को आगे बढ़ाने का काम किया है. ओबीसी आयोग को हमने संवैधानिक दर्जा देकर उन्हें बराबरी का हक दिया है. प्रधानमंत्री बोले कि आज हर भारतीय इस बात का गर्व कर रहा है आज हम दुनिया की छठीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. देश की आजादी के लिए कई महापुरुषों ने अपनी जान दी है, मैं उन सभी को नमन करता हूं.

    पीएम ने इस दौरान देश के सभी जवानों को सलाम किया और देश की सेवा के लिए उनका धन्यवाद किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में कई जगह अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन कई जगह बाढ़ के हालात हैं. जहां पर भी मुसीबत है वहां सरकार सहायता कर रही है.

    PM मोदी ने कहा कि अगले साल जलियांवाला बाग कांड को सौ साल पूरे हो रहे हैं, ऐसे में हम उन सभी शहीदों को नमन करते हैं. उन्होंने दक्षिण के कवि सुब्रामणियम भारती की कुछ पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत दुनिया को नया रास्ता दिखाएगा. PM ने कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया में साख और धाक हो.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में लोगों ने सिर्फ नई सरकार नहीं बनाई है, जबकि उन्होंने देश को बनाने के लिए काम किया है. आज देश में 125 करोड़ हिंदुस्तानी नया देश बनाने में जुटे हैं. PM बोले कि हमें ये देखना होगा कि हम कहां से चले थे और कहां पर पहुंचे थे ये हमें देखना होगा. अगर हम 2013 को इसका आधार मानें और अगर 2014 के बाद से देश की रफ्तार देखें तो आपको हैरानी होगी ।

    प्रधानमंत्री बोले कि आज देश में शौचालय बनाने, गांव में बिजली पहुंचाने, गरीबों को एलपीजी गैस कनेक्शन देने, ऑप्टिकल फाइबर बिछाने की रफ्तार सबसे तेज हुई है. अगर 2013 की रफ्तार से चलते तो ऐसा करने में दशकों लग जाते. पीएम ने कहा कि देश, व्यवस्था, अधिकारी, लोग सब वही हैं लेकिन आज देश बदलाव महसूस कर रहा है. आज देश में दोगुनी रफ्तार से हाइवे बन रहे हैं वहीं चोगुनी रफ्तार से गांव में घर बना रहे हैं.

    लालकिले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हम दिव्यांग भाइयों-बहनों के लिए कॉमन साइन डिक्शनरी पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज सेना में इतना दम है कि वह सर्जिकल स्ट्राइक करती है. उन्होंने कहा कि हमें बड़े लक्ष्यों को लेकर आगे चलना होगा.

    PM ने अपने भाषण में किसानों को बढ़े हुए एमएसपी मिलने का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि हमने पुरानी मांग को पूरा किया. जीएसटी लागू किया गया है, शुरू में थोड़ी कठिनाइयां आने के बाद भी छोटे व्यापारियों ने इसको अच्छी तरह से लिया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बेनामी संपत्ति को जब्त करना, OROP जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं.

    उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को उम्मीद की नज़रों से देख रही है, लेकिन 2014 से पहले भारत को अच्छी नज़र से नहीं देखा जाता था. आज ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में अच्छी रैंकिंग पर पहुंचे हैं, हर कोई आज भारत की रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म नीति की तारीफ कर रहा है.

    PM ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में आज दुनिया कह रही है कि सोया हुआ हाथी अब जग चुका है और दौड़ने के लिए तैयार है. हमें जिन संस्थाओं में कभी जगह नहीं मिलती थी, आज हम उनके अहम सदस्य हैं. भारत अब अरबों डॉलर के निवेश का केंद्र बन गया है.

    उन्होंने कहा कि आज देश में नॉर्थ ईस्ट से हमेशा अच्छी खबरें आ रही हैं, पहले ऐसी खबरें आती थीं जो कोई पढ़ना नहीं चाहता था. पहले देश में सिर्फ बड़े शहरों की चर्चा होती थी, लेकिन अब छोटे शहर-गांव भी अहम रोल निभा रहे हैं. पीएम ने कहा कि देश में अभी तक 13 करोड़ मुद्रा लोन दिए जा चुके हैं, जिनमें 4 करोड़ वो लोग हैं जिन्होंने जिंदगी में पहली बार कोई लोन लिया है. उन्होंने कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की गति बढ़ी है.

    PM मोदी ने लाल किले से कहा कि 2022 जब आजादी के 75 साल होंगे, तब या उससे पहले देश का कोई भी बेटा या बेटी अतंरिक्ष में हाथ में तिरंगा लेकर जाएंगे. चाहे चांद हो या मंगल अब हम मानवसहित गगनयान लेकर जाएंगे. ये पूरी तरह से मेड इन इंडिया होगा. उन्होंने कहा कि हम मक्खन नहीं पत्थर पर लकीर खींचते हैं.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान के कारण करीब 3 लाख बच्चों की जान बची है. पहले स्वच्छता अभियान का मज़ाक उड़ाया गया था. पीएम ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान शुरू करने का फैसला किया है, ये आयुष्मान भारत की योजना के तहत 10 करोड़ परिवार को लाभ मिलेगा. करीब 50 करोड़ नागरिकों को 5 लाख रुपए देने की सालाना हेल्थकेयर सुनिधा की योजना है, 25 सितंबर यानी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से योजना पूरे देश में लागू होगी. ये जनसंख्या अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको से भी ज्यादा है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सरकार की ओर से पैसे जाते थे, लेकिन जनता तक नहीं पहुंचते थे. करीब 6 करोड़ लोग ऐसे थे, जो कभी पैदा ही नहीं हुए और उनके नाम से सरकारी पैसा जा रहा था. इस भ्रष्टाचार को हमारी सरकार ने रोका है, इससे 90 हजार करोड़ रुपए सरकार के बचे हैं. ये सारा पैसा बिचौलिए खा जाते थे.

    PM ने कहा कि 2013 तक डायरेक्ट टैक्स देने वालों की संख्या सिर्फ चार करोड़ थी, लेकिन अब ये संख्या पौने सात करोड़ हो गई है. मैं टैक्स दाताओं को विश्वास दिलाता हूं कि आप टैक्स के पैसों से गरीब को फायदा पहुंचा जा रहा है, करीब 3 गरीब परिवार हर एक करदाता के कर से खाना खाता है.

    प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि शॉर्ट सर्विस कमिशन में अब महिलाओं की स्थाई रूप से एंट्री मिलेगी. पहले ये लाभ सिर्फ पुरुषों को ही मिलता था. देश में आज भी महिला शक्तियों को चुनौतियां देने वाली राक्षसी प्रवृति की मानसिकता वाले लोग गलत काम कर रहे हैं, बलात्कार काफी पीड़ा दायक है. समाज को इससे मुक्त कराना होगा, पिछले दिनों मध्यप्रदेश में बलात्कार के आरोपी को पांच दिन में फांसी की सज़ा दी गई.

    पीएम बोले कि तीन तलाक की कुरीतियों ने हमारे देश की मुस्लिम बहनों को काफी परेशान किया है, हमने इस सत्र में इसको लेकर संसद में बिल लाने का काम किया लेकिन कुछ लोग अभी इसे पास नहीं होने दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज देश में नक्सलियों की मुश्किल बढ़ी है, जो नक्सली पहले 125 जिलों में फैले हुए थे अब वह काफी कम रह गए हैं.

    जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हम अटल बिहारी वाजपेयी की नीति पर ही आगे बढ़ना चाहते हैं, हम जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत को ही आगे बढ़ाना चाहता हैं. कश्मीर में हम गोली-गाली से आगे नहीं बढ़ना चाहते बल्कि गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं. पूरे जम्मू-कश्मीर में समुचित और समान विकास करना चाहते हैं. PM ने कहा कि हमारी सरकार आज भी सबका साथ-सबका विकास की नीति पर आगे बढ़ना चाहती है.

    उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हाउसिंग फॉर ऑल, पावर फॉर ऑल, सैनिटेशन, वाटर, कुकिंग, इंश्योरेंस और कनेक्टविटी का सपना पूरा करना है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं ये स्वीकार करता हूं कि मैं बेसब्र हूं कि कई देश हमसे आगे निकल चुके हैं. मैं अपने देश को इन देशों से आगे ले जाना चाहता हूं. मैं बेचैन, व्याकुल, अधीर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8.54 बजे अपना भाषण खत्म किया.

  • आरक्षण: जानिये पीएम मोदी ने क्या कहा आरक्षण पर !!

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    नई दिल्ली. मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर विपक्ष अक्सर दलित विरोधी व आरक्षण विरोधी होने के आरोप लगाता रहता है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण खत्म नहीं होगा और इस पर किसी को शक करने की जरूरत नहीं है.

    समाचार एजेंसी एएनआई को दिये इंटरव्यू में पीएम मोदी ने यह बातें कहीं. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे संविधान का उद्देश्य और डॉ भीमराव अंबेडकर का सपना आज भी अधूरा है. यह हम सभी की जिम्मेवारी है कि उनके सपने को पूरा करें और इसके उद्देश्य को पूरा करने के लिए आरक्षण काफी अहम औजार है. आरक्षण बना रहेगा. इसे लेकर किसी को शंका करने की जरूरत नहीं है.

    उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सपने इस देश की मजबूती हैं और हम सभी इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमारा मंत्र है सबका साथ, सबका विकास और इसे पूरा करने के लिए गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, हाशिये पर रहने वाले लोगों, जमीन से जुड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सबसे अहम है.

    आगे पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी अहम चुनाव से पहले निहित स्वार्थ वाले लोगों के समूह यह मुद्दा उठाते हैं कि बीजेपी आरक्षण को खत्म करेगी और मीडिया का एक वर्ग भी इसे बढ़ा चढ़ा कर पेश करता है. जो लोग इस बेबुनियाद खबरों को लगातार फैला रहे हैं और इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं, वे वही लोग हैं जिन्होंने हमेशा बाबासाहेब के सपने को कुचला है. वे समाज के कमजोर वर्गों में संदेह और अविश्वास के बीज बोने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, भारत के लोग बुद्धिमान हैं और वे इस प्रचार पर विश्वास नहीं करेंगे.

  • बशीरन बेगम अपराध की गॉड मदर गिरफ्तार, 113 केस दर्ज, 8 बेटे भी अपराध की दुनिया में

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    नई दिल्ली। दिल्ली की टॉप-5 महिला बदमाशों की लिस्ट में शामिल बशीरन बेगम को संगम विहार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 8 महीने से उसकी तलाश जारी थी। पुलिस का कहना है कि उसके 8 बेटे हैं, सभी बदमाशी में शामिल हैं।

    बशीरन पर कई केस हैं। इनमें से एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जुड़ा है। इस मामले में एक शख्स की हत्या के बाद शव को जला दिया गया था। बशीरन और उसके परिवार पर लूट, हत्या, फिरौती, अवैध रूप से शराब बेचने, झपटमारी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जुड़े 113 मामलों में शामिल है।

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    बशीरन बेगम अपराध की गॉड मदर

    साउथ दिल्ली के डीसीपी रोमिल बानिया ने बताया कि बशीरन उर्फ ममी (62) को संगम विहार इलाके में गॉडमदर कहा जाता था। 8 महीने से इसकी जोर-शोर से तलाश की जा रही थी। वह फरार थी।

    उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। पुलिस ने कोर्ट की मदद से उसके घर को भी सील कर दिया था। सील खुलवाने के लिए बशीरन ने हाई कोर्ट और निचली अदालत में दो ऐप्लिकेशन लगाई थीं। पुलिस के पुरजोर विरोध करने पर दोनों अपील कोर्ट ने खारिज कर दी थीं।

    डीसीपी ने बताया कि बशीरन को शुक्रवार को संगम विहार थाने के एसएचओ उपेंद्र सिंह और उनकी टीम ने गिरफ्तार किया। उसके एक बेटे शमीम उर्फ गूंगा पर मकोका भी लगा हुआ है।

    पुलिस ने बताया कि पिछले साल सितंबर में उसने 60 हजार रुपये लेकर एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग कराई थी। शव को जंगल में जला दिया गया था।

    पुलिस को अधजला शव मिला था। बाद में मृतक की पहचान होने पर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि यह काम बशीरन ने कराया था। इसके बाद से उसकी इस केस में भी तलाश थी। वह फरार चल रही थी। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके घर तक को सील करा दिया था। उसे संगम विहार इलाके से ही गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस ने बताया कि आगरा जिले की रहने वाली बशीरन की शादी धौलपुर (राजस्थान) के रहने वाले मलखान से हुई थी। 1982 के आसपास वह अपने परिवार के साथ गोविंदपुरी नवजीन कैंप झुग्गी में आकर बस गई थी। इसके बाद यह संगम विहार इलाके में शिफ्ट हो गई। बशीरन के बेटों के नाम वकील, शकील, शमीम, सलमान, फैजल, सनी और राहुल हैं।

    पुलिस के अनुसार, बशीरन बेगम की गिनती दिल्ली के टॉप 5 बदमाशों में से की जाती है। उस पर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, लूटपाट, धमकाने, जबरन वसूली जैसे कई केस दर्ज हैं। अपराध की इस दुनिया में उसके साथी उसके बेटे थे।

    बशीरन के 8 बेटों में से एक अभी नाबालिग है। बशीरन उर्फ ममी ने दिल्ली हाई कोर्ट और साकेत कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है।

  • केरल : जलप्रलय की जद में जिंदगी की जंग

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    तिरुवनंतपुरम। देश का दक्षिणी राज्य केरल भारी बारिश और बाढ़ से बेहाल है। जिधर देखो, पानी ही पानी है। कुछ इलाकों में बाढ़ से हालात इतने खराब हो गए हैं कि घर की छत तक पानी पहुंच गया है। सड़कों पर नाव चल रही है। इंसानों के साथ-साथ जानवरों और पशु-पक्षियों की जान भी खतरे में है।

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    People being rescued from a flood-affected region

    इस बीच, NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और तीनों सेनाओं के जवान प्राकृतिक आपदा में फंसे लोगों के लिए श्देवदूतश् बनकर पहुंचे हैं। NDRF का कहना है कि उसने अब तक का सबसे बड़ा बचाव अभियान शुरू किया है।

    राज्य के 14 में से 11 जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। NDRF ने अब तक 10,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। बड़े पैमाने पर राज्य में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लोगों की जान बचाने के लिए जवान चॉपर को भी छत पर उतारने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

    आपको बता दें कि तिरुवनंतपुरम, कसारागोड़ और कोल्लम में रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। राज्य में बाढ़ के चलते 9 अगस्त से अब तक कुल 187 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।

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    kerla- modi

    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के मुताबिक, राज्य को तकरीबन 19512 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा पर सीएम ने कहा कि यह राशि काफी कम है। वहीं, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी केरल की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। दिल्ली, हरियाणा, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भी मदद का ऐलान किया है। साथ ही आम आदमी पार्टी के सभी नेताओं ने अपनी एक महीने की सैलरी बाढ़ से जूझ रहे राज्य केरल की मदद के लिए देने का फैसला किया है।

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    भारतीय सेना अभी तक राज्य में 13 अस्थायी पुल बना चुकी है जिनसे करीब 38 दूरस्थ इलाकों को जोड़ गया है। सेना करीब 3627 लोगों को बचा चुकी है जिनमें 22 विदेशी भी शामिल हैं।बाढ़ के चलते सूबे में करीब 2.23 लाख लोग और 50,000 परिवार बेघर हो गए हैं। इन लोगों को 1.568 रिलीफ कैंपों में शिफ्ट किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में सूबे में बारिश कम होने की उम्मीद है। हालांकि कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रहने की आशंका है। शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम ने 82,000 लोगों को बचाया।

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    flood

    बाढ़ से प्रभावित केरल के लिए भारतीय रेलवे 7 लाख लीटर पीने का पानी भेजेगा। केरल जानेवाले वॉटर स्पेशल ट्रेन के 14 वैगन पुणे में भरे जा रहे हैं। 15 लोडेड वैगन रतलाम से आ रहे हैं, जो शनिवार को दोपहर तक पुणे पहुंच जाएंगे। रतलाम से 15 वैगन आ जाने के आधे घंटे बाद वॉटर स्पेशल को पुणे से केरल के लिए रवाना कर दिया जाएगा।

    अस्थायी पाइपलाइनों के साथ त्वरित समय में स्थापित 15 एचपी पंप तुरंत इन वैगनों को भरने के लिए रखे गए हैं। पुणे का फायर ब्रिगेड भी इसमें मदद कर रहा है। भेजे जानेवाले पानी की जांच कर ली गई है।

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    एनडीआरएफ के महानिदेशक संजय कुमार ने बताया, 8 टीमों को आठ प्रभावित जिलों में तैनात कर दिया गया है। हमने 170 लोगों का बचाया और 7000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। यदि आवश्यकता हुई तो और टीमें तैनात की जाएंगी।श् एनडीआरएफ के अलावा आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और इंडियन कोस्ट गार्ड की टीमें भी लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

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    केरल 50 हजार परिवारों के करीब 2.23 लाख लोग इस समय बेघर हैं, जो राज्य भर में बने 1568 राहत शिविरों में रह रहे हैं। 700 सैनिक स्पेशलाइज्ड इंजिनियरिंग टास्क फोर्स बोट और जरूरी इक्विपमेंट के साथ बचाव कार्य में लगे हैं। पिछले 9 दिनों में करीब 5000 लोगों को बचाया जा चुका है।

  • कालजयी श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी बेटी ने मुखाग्नि दी

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    पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) पंचतत्व में विलीन हो गए हैं. गुरुवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर नई दिल्ली के एम्स में पूर्व पीएम वाजपेयी ने अंतिम सांस ली. शुक्रवार शाम को नई दिल्ली के राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने शाम पांच बजे मुखाग्नि दी ।

    इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी समेत बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं. सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सलामी दी.

    भूटान नरेश जिग्मे खेसर, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के विदेश मंत्रियों समेत कई विदेशी नेताओं ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.

    गुरुवार शाम से उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास पर रखा गया था, जहां दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. शुक्रवार सुबह नौ बजे उनके पार्थिव शरीर को भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय लाया गया, जहां पर आम लोगों समेत वीवीआईपी लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए.

    शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय से शुरू हुई जो स्मृति स्थल जाकर रुकी.

    अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत बीजेपी के कई दिग्गज शामिल हुए. ये सभी नेता पूरी अंतिम यात्रा में आम लोगों के साथ पैदल बीजेपी मुख्यालय से स्मृति स्थल पहुंचे.

    बड़े अपडेट्स: –

    04.57 PM: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने मुखाग्नि दी.

    04.39 PM: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू, मंत्रोच्चार किया जा रहा है.

    04.29 PM: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पार्थिव शरीर से तिरंगा वापस लपेटा गया. अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू.

    04.25 PM: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.

    04.19 PM: भूटान नरेश ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को अंतिम श्रद्धांजलि दी.

    04.15 PM: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्मृति स्थल पहुंच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.

    04.05 PM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.

    04.00 PM: तीनों सेना प्रमुखों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सलामी दी ।

    03.56 PM: सेना के तीनों अंगों के जवानों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सलामी दी.

    03.51 PM: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद समेत कई बड़े नेता स्मृति स्थल पहुंचे.

    03.46 PM: स्मृति स्थल पहुंचा अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर

    03.40 PM: अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी स्मृति स्थल पर पहुंचे.

    03.25 PM: दिल्ली स्थित ब्रिटिश हाई कमीशन ने अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में झंडे को झुकाया.

    03.01 PM: कुछ ही देर में अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा स्मृति स्थल पहुंचेगी.

    02.49 PM: दिल्ली गेट पहुंची अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा, लाखों की भीड़ शामिल.

    02.37 PM: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में लाखों की भीड़ है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पैदल अंतिम यात्रा में लाखों लोगों के साथ चल रहे हैं. बीजेपी मुख्यालय और स्मृति स्थल के बीच करीब 4 किलोमीटर का अंतर है.

    02.32 PM: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा ITO पहुंची, लाखों की भीड़ जुटी.

    02.25 PM: अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़, अंतिम यात्रा में शिवराज सिंह चौहान, देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेता शामिल.

    02.13 PM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अंतिम यात्रा में शामिल. आम जनता के साथ पार्थिव शरीर के पीछे पैदल चल रहे हैं दोनों नेता.

    01.59 PM: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा शुरू. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत बीजेपी के तमाम नेता अंतिम यात्रा में मौजूद ।

    आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भारत सरकार ने सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है, इसके अलावा कई राज्य सरकारों ने भी सात दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब समेत कई राज्यों ने एक दिन की सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है.

    अटल जैसा कोई नहीं…

    अटल बिहारी वाजपेयी देश की सक्रिय राजनीति में पांच दशक से ज्यादा समय तक रहे. वे देश के पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री थे. उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1952 में लड़ा, हालांकि पहली जीत उन्हें 1957 में मिली. तब से 2009 तक वे लगातार संसदीय राजनीति में बने रहे. 1977 में वे पहली बार मंत्री बने, जबकि 1996 में वे 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री भी रहे.

    हालांकि 1998 में उन्हें एक बार फिर पीएम बनने का मौका मिला. उनकी ये सरकार भी सिर्फ 13 महीने चली लेकिन इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के बहुमत वाली सरकार बनी और वाजपेयी ने पीएम के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया. 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में वे लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए.

  • इस वजह से अटल बिहारी वाजपेयी सदा अविवाहित रहे !!

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    राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी हमारे देश के एक ऐसे राजनेता थे जिनकी तारीफ उनके पक्ष के सदस्यों सहित विपक्षी नेता भी करते थे। अटल बिहारी वाजपेयी लगातार तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। देश में यह मुकाम पाने वाले वह पहले गैर कांग्रेसी नेता हुए। अटल जी का जीवन राजनीति, कविता और सादगी के बीच बीता। बीते दो महीनों से किडनी में संक्रमण के कारण वह दिल्ली स्थिति एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। हालत नाजुक है। अटल जी के जीवन से जुड़ा एक सवाल ऐसा है, जिसका सही-सही जवाब और ठोस कारण किसी को नहीं पता! सवाल यह कि अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी शादी क्यों नहीं की?

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    राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी

    ‘अविवाहित हूं, कुंवारा नहीं’
    जब कभी अटल जी और उनके अविवाहित होने का जिक्र होता है, तो सदन में उनका वह बयान याद आ जाता है। विपक्ष के हमलों के बीच तब अटल जी ने बड़ी साफगोई के साथ संसद में कहा था, ‘मैं अविवाहित जरूर हूं, लेकिन कुंवारा नहीं।’ ऐसा भी नहीं है कि आजीवन अविवाहित रहने का सवाल अटल जी से नहीं पूछा गया। हालांकि, जब कभी भी यह सवाल आया उन्घ्होंने एक ही जवाब दिया।
    कहा यह भी जाता है कि अटल जी अपनी इस महिला मित्र से प्रेम करते थे। कुछ जानकार और किताबें इस बात का भी हवाला देती हैं कि वाजपेयी जी ने कॉलेज के दिनों में कौल को एक चिट्ठी लिख प्यार का इजहार भी किया था। लेकिन उसका कोई जवाब उन्घ्हें कभी नहीं मिला। हालांकि, बताया यह भी जाता है कि अटल जी ने चिट्ठी जिस किताब में रखबर लाइब्रेरी में छोड़ा था, उसी किताब में राजकुमारी कौल ने जवाब भी लिखा। लेकिन वह कभी अटल जी तक पहुंचा ही नहीं। अटल जी पर लिखी गई किताब ‘अटल बिहारी वाजपेयीः ए मैन ऑफ आल सीजंस’ में इस घटना का जिक्र है।

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    राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी

    लेखक और पत्रकार किंगशुक ननाग ने अटल अपनी किताब में अटल जी की लव स्टोरी का भी जिक्र किया था और इसके लिए उन्होंने खुद राजकुमारी कौल से बात की थी. राजकुमारी ने बताया था कि उन्होंने अटल बिहारी के खत का जवाब दिया था लेकिन वो उनतक पहुंच नहीं पाया था. इसी बीच राजकुमारी के पिता ने उनकी शादी एक सरकारी अफसर से करवा दी थी और अटल जी को ये खबर मिलते ही धक्का लगा था.।

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    राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी

    सादगी से कहते- व्यस्तता के कारण नहीं हो पाया
    सार्वजनिक जीवन से लेकर कई इंटरव्यूज में अटल बिहारी से यह सवाल पूछा जाता। इस पर वह बड़ी शांति और संयमित अंदाज में जवाब देते, ‘व्यस्तता के कारण ऐसा नहीं हो पाया।’ हां, यह भी जरूर था कि हर बार यह कहकर वह धीरे से मुस्कुरा देते थे। उनके करीबियों का भी यही मानना है कि राजनीतिक सेवा को खुद को समर्पित कर देने के कारण वह आजीवन अविवाहित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लिए आजीवन अविवाहित रहने का निर्णय लिया था।

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    नमिता कौल के परिवार के साथ अटल बिहारी वाजपेयी (स्रोतः ट्विटर)

    कॉलेज की वो महिला मित्र
    अटल जी राजनीतिक जीवन में कभी ग्वालियर तो कभी लखनऊ से चुनाव लड़ते। ग्वालियर में ही 25 दिसंबर 1924 को उनका जन्म हुआ था। वहीं विक्टोरिया कॉलेज से उन्होंने पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों से ही उनकी एक महिला मित्र थीं राजकुमारी कौल, जो अपने आखिरी समय तक अटल जी के साथ थीं। दोनों ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज) में सहपाठी थे। अटल जी कॉलेज के दिनों में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रचारक और जनसंघ की राजनीति में सक्रिय रहे।

    बहरहाल, जीवन की गाड़ी आगे बढ़ी। अटल जी मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय हो गए और इसी बीच राजकुमारी कौल के पिता ने उनकी शादी एक कॉलेज प्रोफेसर ब्रिज नारायण कौल से कर दी। शादी के बाद राजकुमारी कौल का परिवार दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज कैम्पस में रहने लगा। कहा जाता है कि दिल्ली में अटल जी और राजकुमारी कौल की दोस्ती फिर से गहरी हो गई। राजकुमारी कौल ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैंने और अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी इस बात की जरूरत नहीं महसूस की कि इस रिश्ते के बारे में कोई सफाई दी जाए।’ शादी के कुछ साल बाद राजकुमारी कौल के पति की मृत्यु हो गई थी और इस दौरान अटल बिहारी ने राजकुमारी कौल समेत उनकी बेटियों को भी अपना लिया था. राजकुमारी अपने अंतिम समय तक अटल बिहारी के साथ ही रह रही थीं और साल 2014 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

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    राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी

    एक प्रखर वक्ता, दृढ़ राजनेता और कवि हृदय वाले अटल बिहारी को कई राजनीतिक जानकार ‘आदर्श प्रेमी’ की भी संज्ञा देते हैं। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैय्यर ने अटल जी और राजकुमारी कौल के संबंध को ‘देश के राजनीतिक हलके में घटी सबसे सुंदर प्रेम कहानी’ बताया है। दिलचस्प बात यह रही कि अटल जी और राजकुमारी कौल का संबंध कभी चर्चा का कारण नहीं बना। हालांकि जब 2014 में राजकुमारी कौल की मौत हुई तो देश के कई बड़े अखबारों ने इसे प्रमुखता से छापा। कई बड़े अखबार समूह ने तो राजकुमारी कौल को अटल जी के जीवन की डोर तक बताया।

    कुलदीप नैय्यर ने टेलीग्राफ में लिखा था, ‘संकोची मिस कौल अटल की सबकुछ थीं। उन्होंने जिस तरह अटल की सेवा की, वह कोई और नहीं कर सकता था। वह हमेशा उनके साथ रहीं।’ दक्षिण भारत के पत्रकार गिरीश निकम ने बताया था कि अटल जी जब प्रधानमंत्री नहीं थे, तब भी मैं उनके घर पर फोन करता था तो वही फोन उठाती थीं और कहती थीं- मैं मिसेज कौल बोल रही हूं। दोनों की दोस्घ्ती की नैतिकता ऐसी थी कि राजकुमारी कौल के पति ब्रिज नारायण कौल को भी इस पर कोई ऐतराज नहीं था। राजकुमारी कौल ने 80 के दशक में एक मैगजीन को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने कहा, ‘अटल के साथ अपने रिश्ते को लेकर मुझे कभी अपने पति को स्पष्टीकरण नहीं देना पड़ा। हमारा रिश्ता समझबूझ के स्तर पर काफी मजबूत था।’

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    राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी

    किताब ‘अटल बिहारी वाजपेयीः ए मैन ऑफ आल सीजंस’ में राजकुमारी कौल के एक परिवारिक करीबी के हवाले से कहा गया है, ‘वास्तव में वह अटल से शादी करना चाहती थीं, लेकिन घर में इसका जबरदस्त विरोध हुआ। हालांकि अटल ब्राह्मण थे, लेकिन कौल अपने को कहीं बेहतर कुल का मानते थे। मिसेज कौल की सगाई के लिए जब परिवार ग्वालियर से दिल्ली आया, उन दिनों यहां 1947 में बंटवारे के दौरान दंगा मचा हुआ था। इसके बाद शादी ग्वालियर में हुई।’

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    नमिता कौल के परिवार के साथ अटल बिहारी वाजपेयी (स्रोतः ट्विटर)

    नमिता कौल के परिवार के साथ अटल बिहारी वाजपेयी (स्रोतः ट्विटर)
    मोरारजी देसाई की सरकार में जब अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री हुए तो कौल परिवार लुटियंस जोन में उनके साथ ही रहता था। अटल बिहारी वाजपेयी जब पीएम बने तो उनके सरकारी निवास पर भी राजकुमारी कौल अपनी बेटी नमिता और दामाद रंजन भट्टाचार्य के साथ रहती थीं। अटल जी ने नमिता को दत्तक पुत्री का दर्जा दिया था और कौल परिवार ही उनकी देखरेख करता था। जिस वक्त मिसेज कौल का निधन हुआ, अटल बिहारी वाजपेयी अल्जाइमर रोग से ग्रस्त हो चुके थे। बावजूद इसके मिसेज कौल के अंतिम संस्कार में लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज मौजूद रहे। ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके अंतिम संस्कार में पहुंचे।

    (स्रोतः ट्विटर, साभार : navbharattimes.indiatimes.com, newstracklive.com)