Category: national

  • एयरहोस्टेस की मौत या सुसाइड मामले में शव की दोबारा जांच होगी

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    दिल्ली के हौज खास इलाके में एक एयर होस्टेस की संदिग्ध हालत में मौत के मामले में परिजनों द्वारा मौत का आरोप लगाए जाने के बाद अब पुलिस ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया है. दिल्ली पुलिस लुफ्थांसा एयरलाइंस में काम करने वाली 39 वर्षीय एयरहोस्टेस अनिशिया बत्रा के शव के दोबारा पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवा रही है. इस बीच फोरेंसिक लैब की एक टीम भी हौज खास के पंचशील पार्क इलाके में स्थित अनिशिया के फ्लैट पर पहुंच चुकी है.

    मायके वालों द्वारा दहेज हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद अनिशिया की मौत का मामला उलझता नजर आ रहा है. पहले अनिशिया के पति मयंक सिंहानिया ने बताया था कि अनिशिया ने घर की छत से कूदकर खुदकुशी की. शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि अनिशिया ने घटना से कुछ ही घंटे पहले अपने घरवालों को मैसेज कर हेल्प मांगी थी.

    पुलिस आज अनिशिया के पति मयंक से पूछताछ भी कर सकती है. पुलिस ने अनिशिया, उसके पति मयंक और उसके परिवार वालों के बैंक अकाउंट सीज कर दिए हैं. इन बैंक खातों की भी जांच की जाएगी.

    दहेज में दी थी BMW कार, डायमंड रिंग
    फ़िलहाल दिल्ली पुलिस ने अनिशिया की मां की शिकायत पर मयंक और उसके माता पिता के खिलाफ IPC की धारा 304 B के तहत दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. अब तक मयंक के परिवार से कौई भी अपना पक्ष रखने सामने नही आया है.

    पुलिस का कहना है कि अनिशिया के परिजनों ने ससुराल वालों पर अनिशिया को परेशान करने की शिकायत की है. घरवालों का आरोप है कि मयंक सिंहानिया ने अपनी पहली शादी की बात छिपाकर अनिशिया से शादी की थी. पुलिस ने अनिशिया और मयंक के मोबाइल जब्त कर लिए हैं. पुलिस के मुताबिक, अनिशिया के परिवार वालों ने मयंक को दहेज में BMW कार और डायमंड रिंग दी थी. उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.

    अनिशिया की मां के साथ भी हो चुकी है मारपीट

    अनिशिया के भाई करण बत्रा का कहना है कि मयंक, मयंक के पिता राजेन्द्र सिंघवी और मां सुषमा सिंघवी शुरुआत से ही उसकी बहन के साथ मारपीट करते थे. पिछले महीने बात इतनी बिगड़ गई की अनिशिया के माता-पिता को आना पड़ा. आरोप है कि तब मयंक ने अनिशिया की मां के साथ भी मारपीट की थी. अनिशिया के पिता ने 27 जुन को इसे लेकर मयंक और उसके परिजनों के खिलाफ हौज खास थाने में लिखित शिकायत भी दी थी.

    अनिशिया के पिता ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा था कि मयंक उनकी बेटी के साथ मारपीट करता है, गाली गलौज करता है और उसका शारीरिक मानसिक शोषण करता है. करण बत्रा ने बताया कि वह अपनी बहन की सुरक्षा को लेकर परेशान था. अनिशिया के पिता ने दो महीने पहले पुलिस में दर्ज शिकायत में यह भी कहा था कि अगर उनकी बेटी के साथ कुछ अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार मयंक और उसके माता-पिता ही होंगे.

    पुलिस पर लापरवाही, गुमराह करने का आरोप

    करण बत्रा ने पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि बहन की मौत की खबर सुनकर जब से वह दिल्ली आए हैं इंसाफ के लिए भटक रहे हैं, लेकिन पुलिस एक नही सुन रही. पुलिस ने FIR दर्ज करने में भी वक्त जाया किया. यहां तक कि पुलिस ने उनसे झूठ भी बोला कि मौका-ए-वारदात को सील कर दिया गया है. जबकी अगले दिन जब वे मयंक के घर गए तो घर सील नहीं था.

    करण बत्रा ने मयंक वहां आया और कपड़े चेंज किए. यहां तक कि मयंक अगले दिन फिर आया और अपनी गाड़ी की चाबी और कुछ सामान भी लेकर गया. करण बत्रा का आरोप है कि मौका ए वारदात से काफी सबूत मिटा दिए गए हैं. मयंक ने अपने सभी सोशल मीडिया आकाउंट भी डीलिट कर दिए हैं. करण बत्रा का कहना है कि SDM के निर्देश के बावजूद पहली बार जब शव का पोस्टमार्टम किया गया तो उसकी वीडियोग्राफी नहीं कराई गई.

    यह था अनिशिया का आखिरी मैसेज, मांगी थी हेल्प

    वहीं अनिशिया की मां ने बताया कि घटना वाले दिन यानी 13 जुलाई को दोपहर 12:11 बजे उन्होंने अनिशिया को मैसेज किया, लेकिन अनिशिया ने कोई जवाब नहीं दिया. उससे पहले 11:40 बजे अनिशिया ने उन्हें मैसेज किया था कि मयंक घर पर है और उसे दूसरे कमरे में बंद कर दिया है. फिर शाम करीब 2:13 बजे और 2:23 बजे मयंक ने उन्हें दो मैसेज किए, जिसमें उसने अभद्र भाषा लिखी थी.

    अनिशिया की मां ने बताया कि इसके कुछ ही देर बाद अनिशिया के पिता को सिंघवी परिवार के करीबी से फोन पर जानकारी मिली कि उनकी बेटी ने तीसरी मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली है. अनिशिया के घरवालों ने मयंक पर शादी के बाद भी बार-बार पैसे मांगने का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि शादी के बाद जब अनिशिया और मयंक हनीमून के लिए दुबई गए हुए थे, तो वहां भी मयंक ने अनिशिया के साथ मारपीट की थी.

    अनिशिया के भाई करण बत्रा ने बताया कि घटना वाले दिन अनिशिया ने उन्हें मैसेज भेजकर हेल्प मांगी थी ।

  • केंद्र सरकार का आदेश- मिशनरीज के देशभर के शिशु गृहों की जांच करें सरकारें

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    नयी दिल्ली. मिशनरीज ऑफ चैरिटी से बच्चे बेचने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने संस्था के देशभर में सभी शिशु गृहों की तुरंत जांच के आदेश जारी किये हैं. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मामले में स्वतः संज्ञान लेकर राज्य सरकारों को जांच के आदेश दिए हैं. गांधी ने राज्यों से महीनेभर के अंदर सभी बाल देखभाल केंद्रों का रजिस्ट्रेशन करने और उन्हें सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) के साथ जोड़ने के आदेश भी दिये हैं.

    संशोधित जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत सभी बाल देखभाल केंद्र कारा के साथ जोड़ना अनिवार्य हैं. वर्तमान में करीब 4000 केंद्र कारा के साथ जोड़ने शेष हैं. यहां चर्चा कर दें कि झारखंड की राजधानी रांची के मिशनरीज ऑफ चैरिटी से बच्चे बेचने का मामला चर्चा में है.

    मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय संस्था की सिस्टर कोंसीलिया और कर्मी अनिमा इंदरवार से पुलिस अधिकारियों की टीम ने बच्चा चोरी कर बेचने के मामले में उनकी संलिप्तता के बारे में पूछताछ की. पूछताछ में दोनों ने बच्चे को अवैध तरीके से बेचने और इसके एवज में रुपये लेने में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है.

    पुलिस अधिकारियों ने रिकॉर्ड के अनुसार, संस्था में दाखिल हुई 120 महिला और उनके जन्मे बच्चों के बारे में पूछताछ शुरू की. तब दोनों खामोश हो गयी. मामले में दोनों ने अभी किसी अन्य की संलिप्तता की जानकारी नहीं दी. हालांकि, पुलिस संस्था से जुड़ी अन्य लोगों के संलिप्तता के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है.

    मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पिछले दिनों प्रोजेक्ट भवन में मिशनरीज ऑफ चैरिटी से जुड़े मामले की समीक्षा की और रांची के डीसी-एसएसपी से मामले की जानकारी ली. उन्होंने वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जांच का दायरा बढ़ायें. रांची की तरह प्रदेश में और भी संस्थाएं हैं, जो बच्चों की देखभाल करती हैं. इन संस्थाओं की भी जांच करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ियों को होने से रोका जा सके.

  • दाऊद का शूटर वरुण गांधी को मारना चाहता था, अबु धाबी में गिरफ्तार

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    अबु धाबी में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के शार्प शूटर राशीद मालबारी की गिरफ्तारी के बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है. राशीद मालबारी ने छोटा शकील के कहने पर श्रीराम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथालिक और बीजेपी नेता वरुण गांधी को मारने का प्लान बनाया था, लेकिन साजिश को अंजाम देने से पहले उसके शूटर गिरफ्तार हो गए थे.

    राशीद साल 2014 में मंगलूरु कोर्ट से बेल जंप कर नेपाल के रास्ते इंडिया से फरार हो गया था. वह छोटा शकील का सबसे खास गुर्गा है. अंडरवर्ल्ड के नेपाल का सारा काम राशीद मालबारी ही देखता है. बैंकाक में साल 2000 में छोटा राजन पर हमले में राशीद मालबारी भी शामिल था. हमले में छोटा राजन को गोली लगी थी, लेकिन वो फरार हो गया था.

    इस हमले में छोटा राजन का करीबी रोहीत वर्मा हमले में मारा गया था. उस वक्त राशीद मालबारी ने भी छोटा राजन पर गोली चलाई थी. उस पर हत्या और रंगदारी के कई मुकदमें दर्ज हैं. मंगलूरु कोर्ट में बेल जंप होने के बाद जब ये फरारा हुआ था, तब पुलिस ने इसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था. इसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी हो चुका था.

    राशीद डी गैंग का इंडिया में सबसे बड़ा गुर्गा माना जाता है. इसने छोटा राजन पर हमले के अलावा क्वालालम्पुर में छोटा राजन के करीबी की हत्या शकील के कहने पर की थी. सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तारी के बाद से राशीद को भारत लाने की कोशिश कर रही हैं. राशीद की गिरफ्तारी की पुष्टी खुद छोटा शकील ने की है.

    दुबई से गिरफ्तार हुआ था फारूक टकला

    बताते चलें कि पिछले कुछ वर्षों से अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास लोगों की गिरफ्तारी लगातार हो रही है. इससे पहले उसके भाई सहित कई खास गुर्गे गिरफ्तार हुए हैं. इसमें फारूक टकला का नाम प्रमुख है, जिसे दुबई से गिरफ्तार किया गया था. वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में भी था.

    डी कंपनी के लोगों की करता था मदद

    वह अक्सर दुबई और कराची के बीच यात्रा करता था. वो पाकिस्तान आने वाले डी कंपनी के लोगों की मदद भी करता था. एजेंसियों का मानना है कि फारूक टकला ने संयुक्त अरब अमीरात में अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया था. वो दाऊद के इशारे पर संयुक्त अरब अमीरात में गैंग के सदस्यों के हर तरह की मदद मुहैया कराता था.

    1993 धमकों के बाद से फरार था टकला

    टकला दुबई में दाऊद के अवैध कारोबार की देखरेख भी करता था. मुंबई धमाकों की सुनवाई के दौरान आरोप पत्र दायर होने के बाद फारूक की भूमिका का पता चला था. वह मोहम्मद अहमद मोहम्मद यासीन मंसूरी उर्फ लांगड़ा का भाई है. उसे डी कंपनी का प्रबंधक भी माना जाता है. 1993 के धमाकों के बाद से ही टकला फरार चल रहा था.

  • एयरफोर्स को बदनाम कर रहा था यह अधिकारी, सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया

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    नई दिल्‍ली: एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने अपनी चंद हसरतों को पूरा करने के लिए एयरफोर्स के नाम को बदनाम कर रहा था. दरअसल, यह मामला कानपुर के चकेरी एयरफोर्स स्‍टेशन का है. यह अधिकारी चकेरी एयरफोर्स स्‍टेशन के लैंड डिपार्टमेंट में बतौर एलडीसी तैनात था. चकेरी एयरफोर्स स्‍टेशन पर तैनात इस अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक फैक्‍टरी के मालिक से लाखों रुपए की रिश्‍वत मांगी थी. रिश्‍वत न देने पर कानपुर विकास प्राधिकरण की मदद से फैक्‍टरी को गिराने की धमकी दे रहा था. सीआईएसएफ ने चकेरी एयरफोर्स स्‍टेशन पर तैनात इस अधिकारी को एक लाख रुपए की रिश्‍वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है. चकेरी एयरफोर्स स्‍टेशन पर तैनात इस अधिकारी के साथ सीबीआई ने कानपुर विकास प्राधिकरण के एक असिस्‍टेंट इंजीनियर को भी गिरफ्तार किया है.

    लेदर एक्‍सपोर्ट फैक्‍टरी के मालिक से मांगी थी 15 लाख की रिश्‍वत
    सीबीआई के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, सेंट्रल ब्‍यूरो आफ इंवेस्‍टीगेशन (सीबीआई) ने इंडियन एयरफोर्स स्‍टेशन चकेरी में बतौर एलडीसी तैनात अधिकारी सहित कानपुर विकास प्राधिकरण के असिस्‍टेंट इंजीनियर के खिलाफ एक लाख रुपए की रिश्‍वत लेने का मामला दर्ज किया है. उन्‍होंने बताया कि इनके खिलाफ पीसी एक्‍ट 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्‍होंने बताया कि कानपुर में लेदर एक्‍सपोर्ट फैक्‍टरी चलाने वाले एक शख्‍स ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि एयरफोर्स स्‍टेशन पर तैनात यह अधिकारी उससे 15 लाख रुपए की रिश्‍वत मांग रहा है. उसने बताया कि उसने एयरफोर्स स्‍टेशन के लैंड डिपार्टमेंट में अपनी फैक्‍टरी के लिए नो आब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन दिया था.

    जांच में मिली केडीए के इंजीनियर की संलिप्‍तता
    इस आवेदन को पास करने के एवज में एयरफोर्स स्‍टेशन में तैनात यह अधिकारी उससे 15 लाख रुपए की रिश्‍वत मांग रहा है. रिश्‍वत नहीं देने पर उसने धमकी दी है कि वह कानपुर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी की मदद से उसकी फैक्‍टरी को तुड़वा देगा. सीबीआई ने शिकायत के आधार पर अपना जाल बिछाया और एक लाख रुपए की रिश्‍वत लेते हुए एयरफोर्स स्‍टेशन के इस अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान कानपुर विकास प्राधिकरण के असिस्‍टेंट इंजीनियर का इस मामले में संलिप्‍तता पाई गई. जिसके बाद इस असिस्‍टेट इंजीनियर को भी गिरफ्तार कर लिया गया. सीबीआई ने दोनों आरोपियों को आज लखनऊ की कोर्ट समक्ष पेश किया है.

  • 2019 के आमचुनाव में भाजपा रणनीति में कर रही बड़ा बदलाव , इन चेहरों पर लगायेगी बड़ा दांव !

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    भारतीय जनता पार्टी ने 2019 के आमचुनाव की तैयारियां शुरू कर दीं हैं लेकिन इस बार पार्टी एक बड़े बदलाव के साथ चुनाव में नजर आएगी। इस बार करीब 150 सीटों पर उन नेताओं को टिकट नहीं मिलेंगे जिन्हे 2014 में दिए गए थे। इनमें से कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह 2019 लोकसभा चुनाव में बॉलीवुड स्टार, युवा उद्यमी, पद्म अवार्ड विजेता, खिलाड़ी और अन्य लोकप्रिय चेहरों को टिकट देने की रणनीति बना रहे हैं।

    बॉलीवुड स्टार

    खबरों के अनुसार भाजपा बालीवुड अभिनेता अक्षय कुमार, अनुपम खेर और नाना पाटेकर को 2019 में टिकट दे सकती है। इनमें से अक्षय कुमार को पंजाब या दिल्ली, अनुपम खेर को दिल्ली और नाना पाटेकर को महाराष्ट्र से उम्मीदवार बना सकती है। भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनावों में भी भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी, गायक बाबुल सुप्रियो, बॉलीवुड अभिनेत्री किरण खेर, अभिनेता परेश रावल, ओलंपिक विजेता राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़, पूर्व आर्मी चीफ वी के सिंह, पूर्व गृह सचिव आर के सिंह, स्तंभकार प्रताप सिन्हा, पूर्व आईपीएस अफसर औप मुंबई के पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह, पूर्व नौकरशाह उदित राज को चुनावी मैदान में उतारा था। इनमें से सभी ने जीत हासिल की थी।

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    वहीं खबरों के अनुसार भाजपा लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर ही टिकट देगी। इसी के तहत नमो ऐप पर एक सर्वे शुरू किया गया था। इस सर्वे में लोगों से भाजपा के वर्तमान सांसदों के कामकाज के बारे में राय लेने का काम किया गया है। लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर डेटा संकलन कया जाएगा। जानकारी के अनुसार पीएम की शासन की ज्यादातर रणनीति आम जनता की राय पर निर्भर रहा है। वह कल्याणकारी योजनाओं और अन्य सरकारी कार्यक्रम और यहां तक की लोगों से रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम में प्रतिक्रियाएं मांगते हैं। उन्घ्हीं प्रतिक्रियाओं के आधार पर उन्घ्होंने कई अहम निर्णय भी लिए।

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    बता दें कि भाजपा के पास राजस्थान में 25 सीटें, हिमाचल में 4, दिल्ली में 7, उत्तर प्रदेश में 80 सीटों में से 71, छत्तीसगढ़ में 11 में से 10, मध्य प्रदेश में 29 में से 27 सीटें हैं। भाजपा को डर है कि इन राज्यों में पार्टी की सीटें आधी हो सकती हैं। यही कारण है की पार्टी 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है।

  • Big News : नौकरीपेशा लोगों को झटका, वेतन नियमों में होगा बदलाव, घटेगी सैलरी , जानिये!

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    नई दिल्ली. नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। मोदी सरकार वेतन नियमों में बदलाव करने के लिए ससंद के मॉनसून सत्र में ‘कोड ऑन वेजेज’ का संशोधित प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव से नौकरी पेशा लोगों को परेशानी हो सकती है और इसका असर उनकी आने वाली इन हैण्ड सैलरी पर होगा। इस प्रस्ताव के तहत सरकार आपको मिलने वाले हाउस रेंट अलाउंस और एलटीए जैसे भत्तों की अधिकतम सीमा तय की जा सकती है।

    अगर ऐसा हो जाता है तो हर महीने आपको मिलने वाली सैलरी घट सकती है और आपको टैक्स अधिक देना पड़ सकता है। दरअसल सरकार अपने इस प्रस्ताव से कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती देना चाहती है।

    जानकारी के अनुसार सरकार भत्तों की कुल रकम मूल वेतन के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं रखने का प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव से एक तरफ आपकी सैलरी तो घट ही जाएगी वहीं इस फैसले से पीएफ और बीमा में आपका योगदान बढ़ जायेगा, और टैक्स के नाम पर आपसे ज्यादा पैसे वसूले जायेंगे, जिससे आपकी इन हैण्ड सैलरी कम हो जाएगी।

    सूत्रों की मानें तो मानसून सत्र में पेश होने इस प्रस्ताव में इसके अलावा भी कुछ नए बदलाव इसका हिस्सा बन सकते हैं। लेकिन, अभी यह साफ नहीं है कि कोड ऑन वेजेज के प्रस्ताव में क्या नए बदलाव किए गए हैं।

  • पत्रकार उपेंद्र राय सीबीआई हिरासत में, आरोप लगा जबरन 15 करोड़ रुपये की कथित वसूली, पढे़ पूरी स्टोरी

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    नई दिल्ली । कथित भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के नए मामले में लिया है। सीबीआई के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पांच मई को दर्ज किया गया यह ताजा मामला मुंबई के एक बिल्डर से 15 करोड़ रुपये की कथित वसूली से जुड़ा है। इसमें उपेंद्र राय को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई के मुताबिक मुंबई की व्हाइट लायन रियल एस्टेट डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशकों में से एक बलविंदर सिंह मल्होत्रा ने राय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

    इससे पहले उपेंद्र राय को हवाईअड्डा आने-जाने का पास हासिल करने में नियमों को तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसमें राय पर आरोप है कि उन्होंने इस काम के लिए एक विमानन कंपनी के साथ अपने संबंधों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया। एक अधिकारी ने कहा कि राय को 16 जुलाई को विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा क्योंकि सोमवार को उनकी पुलिस रिमांड खत्म हो जाएगी।

    उपेंद्र राय खुद को संपादक तो कहते हैं लेकिन आज तक न उन्होने कोई संपादकीय लिखा न कभी रिपोर्टर्स को कोई खास स्टोरी करने के लिए जोर दिया। वो 2019 में यूपी के बलिया से चुनाव लड़ना चाहते थे, एक टेलिविजन चैनल शुरु करना चाहते थे जिसके लिए जैन टीवी और अधिकारी ब्रदर्स के साथ उनकी सौदेबाजी जारी थी, बल्कि नोएडा में तो इसके लिए उन्होने जगह भी हासिल कर ली थी, और दिल्ली में तमाम लोगों की तरह वो भी अपना एक न्यूज पोर्टल चला ही रहे थे ।

    राय दरअसल पत्रकारिता के नए ‘शो मैन’ बनने की ख्वाहिश रखते थे, वो चाहते थे कि बतौर चैनल हेड उनकी तस्वीरों वाली होर्डिंग भी दिल्ली-नोएडा के सनसनाते फ्लाईवे पर नजर आएं। लेकिन उनका ये दांव शायद उल्टा पड़ा।
    राय जो लंबे वक्त से जांच एजेंसियों के राडार पर थे, उस शाम बमुश्किल कॉफी की कुछ चुस्कियां ले पाए थे कि सीबीआई के 27 अफसरों की एक जांच टीम दक्षिण दिल्ली के उनके शानदार ऑफिस-कम-रिहायशी बंगले में प्रवेश करती है। और जांच शुरु ….

    वहां से बरामद कागजात के साथ एक चैंकाने वाली डायरी भी बरामद होती है, राय का कहना है कि वो डायरी बतौर पत्रकार, उन्हें उनके सूत्रों के जरिए हासिल हुई। लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि इसी डायरी की एक और प्रति मुंबई में कभी एक और छापे के दौरान बरामद हो चुकी थी, जिसने एक बड़े उद्यमी घराने को थर्रा दिया था। एक ऐसा बड़ा केस जिस पर दिल्ली की अदालत में सुनवाई चल ही रही है।

    राय लगातार कहते रहे कि वो पत्रकार हैं, लेकिन वो बता नहीं सके कि कौन सा संपादक इस तरह निजी हवाई जहाजों में सफर करता है, बड़े उद्यमियों को जमीनें खरीदने में मदद करता है, विशाल कॉरपोरेट घरानों के टैक्स बचाने के जुगाड़ सेट करता है। जांच करने वालों को यहां तक पता था कि राय को उस मैगजीन के मालिक ने क्यों निकाला जो खुद ही तमाम मामलों में प्रवर्तन निदेशालय के राडार पर था।

    उपेंद्र राय, राजधानी दिल्ली के सत्ता के गलियारों में तमाम लोगों के लिए डॉन क्विकजोट के मशहूर किरदार के ‘सांचो पैंजा’ की तरह थे। (सांचो पैंजा एक ऐसा मामूली चरित्र है, जिसका इस्तेमाल बड़े-बड़े और गैरमामूली लोग करते हैं और वो अपने मुनाफे के मुताबिक उनकी मदद करता है या कह सकते हैं खुद को इस्तेमाल होने देता है)

    तो ‘सांचो पैंजा’ राय की फेहरिश्त में राजधानी के लालची अफसरशाहों से लेकर अय्याश सियासत दान तक शामिल थे, वो जहां जाते हमेशा सहयोगियों का लव लस्कर उनके साथ साथ चलता था।

    बहरहाल राय को 12 घंटे की गहन पड़ताल और लंबे सवाल-जवाब के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान जो लोग उनसे मिलने पहुंचे सीबीआई ने उन्हें भी हिरासत में लेकर पूरी रात बिठाए रखा, ये रेड दिल्ली और यूपी में कुल 11 जगहों पर एक ही वक्त पड़ी और एक साथ जारी थी।

    लेकिन इस पूरी कार्रवाई का सबसे अफसोसनाक पहलू ये था कि राय जांच कर्ताओं को लगातार तर्क दे रहे थे कि वो तहलका मैगजीन के चीफ एडीटर थे। किस्म-किस्म की जगहों पर जाना और किस्म-किस्म के लोगों से मिलना उनके काम का हिस्सा था। उनके पास से बरामद एयरपोर्ट के कथित ‘ऑल एक्सेस पास’ के लिए भी उनके पास यही तर्क था।

    (ये ऑल एक्सेस पास जिसे तकनीकी जबान में एयरोड्रम एंट्री पास कहते हैं सिर्फ अति वीवीआईपी लोगों के पास होता जो पूरे देश में महज कुछ सौ लोग भी नहीं होंगे, या फिर एयरपोर्ट के तकनीकी स्टाफ के पास। ये उन्हें कैसे हासिल हुआ ये अब भी एक पहेली है) हालांकि तहलका के तमाम पूर्ववर्ती संपादकों के लिए ये बेहद अफसोसनाक क्षण था, और खोजी पत्रकारिता को एक नया अवतार देने वाली (trail blazer journalism) इस चर्चित मैगजीन के लिए मरणांतक आघात।

  • UP में इन BJP सांसदों पर लटकी तलवार , कट सकता है टिकट

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    लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी के एक-तिहाई से अधिक सांसदों का टिकट कटना तय है। इस खतरे को भांपते हुए एक दर्जन से अधिक सांसदों ने एसपी-बीएसपी में अपनी संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। खासकर इन पार्टियों को छोड़कर आने के बाद टिकट पाने वाले नेता फिर वापसी के जुगाड़ में जुट गए हैं।

    साल 2014 में मोदी लहर में कुछ ऐसे चेहरे भी सांसद बन गए, जिनकी अपनी कोई जमीन नहीं है। पार्टी ने 20 से अधिक टिकट ऐसे चेहरों को दिए थे जो एसपी, बीएसपी या कांग्रेस छोड़कर ताजा-ताजा भाजपाई बने थे। इनमें से बहुतों ने जीतने के बाद अपने क्षेत्र का रुख ही नहीं किया।

    कुछ का अब तक बीजेपी कार्यकर्ताओं से या तो संघर्ष चलता आ रहा है या उन्होंने पार्टी के स्टैंड के खिलाफ अपना श्स्टैंडश् रखना शुरू कर दिया। अब इनका पत्ता कटना तय है। इसको देखते हुए इन्होंने एक बार फिर नई पार्टी तलाशनी शुरू कर दी है। एसपी और बएसपी में वरिष्ठ स्तर पर कुछ सांसदों की मुलाकातें भी शुरू हो चुकी हैं।

    सावित्री बाई फुले

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिस आजमगढ़ में रैली हुई, उसके पास के क्षेत्र से जुड़े अति पिछड़ी जाति के एक सांसद एसपी के लगातार संपर्क में हैं। कुछ दिन पहले योगी सरकार के एक मंत्री के खिलाफ उनकी चिट्ठी भी वायरल हुई थी। अवध क्षेत्र की बात करें तो बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले पहले ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी हैं। वहीं, उनके पास की ही सीट के एक सांसद के सुर भी आजकल तल्ख हैं। उनके भी दल बदलने की चर्चा तेज है।

    मोदी की संसदीय सीट वाराणसी के बगल के क्षेत्र के एक सांसद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। वह भी दूसरे दलों में संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। मुलायम के गढ़ से आने वाले एक सांसद का भी पत्ता कटना तय है। जिस कुंभ की ब्रैंडिंग के जरिए बीजेपी यूपी में अपना भविष्य संवारने में लगी है, वहां के सांसद का भी बीजेपी में भविष्य असुरक्षित माना जा रहा है।

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    kalraj misra

    वेस्ट यूपी में भी आगरा की पड़ोस की एक सीट के सांसद का भी टिकट कटना तय माना जा रहा है। पास की ही एक सीट के श्धनबलीश् सांसद को भी पार्टी दोबारा टिकट देने के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चैपाल के दौरान भी कार्यकर्ताओं और जनता ने उनकी जमकर शिकायत की थी। ऐसे समय में इन लोगों ने दूसरी पार्टियों में जगह बनाने की जुगत तेज कर दी है।

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    sakshi-maharaj-

    यूपी में बीजेपी के कुछ सांसदों को पार्टी मार्गदर्शक बनाकर सक्रिय राजनीति से किनारे करने का मन बना चुकी है। मसलन देवरिया से पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, कानपुर से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी की विदाई तय है। झांसी से उमा भारती भी चुनाव न लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। उन्नाव से साक्षी महाराज का भी टिकट कटना तय माना जा रहा है।

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    Murli-Manohar-Joshi-

    इसी तरह फूलपुर सीट से उपचुनाव लड़ने वाले कौशलेंद्र सिंह पटेल और गोरखपुर सीट से प्रत्याशी रहे उपेंद्र दत्त शुक्ल को 2019 में भी मौका मिलेगा, इसकी तस्वीर साफ नहीं है। सुलतानपुर के सांसद वरुण गांधी भी इलाहाबाद में दो साल पहले हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति के बाद  एकला चलो की राह पर हैं।

    पार्टी की बैठकों और कार्यक्रमों से उनकी और उनके कार्यक्रमों से पार्टी की दूरी बनी हुई है। ऐसे में उनकी अगली दावेदारी को लेकर भी संशय के बादल हैं। स्थितियों को देखते हुए इन सीटों पर भी बीजेपी के अंदर दावेदारों ने अपनी दौड़ तेज कर दी है।

  • विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार का यह है सुपर प्लान, जानिये

    नई दिल्ली। लोकसभा में 535 में से एनडीए के पास 312 सांसद होने के कारण मोदी सरकार  को अविश्वास प्रस्ताव से निपटने को लेकर कोई चिंता नहीं है। सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के जरिए पिछले चार वर्षों में अपनी उपलब्धियों की जानकारी संभावित मतदाताओं तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही वह बहुत से राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को भी घेरेगी।

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    बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि सरकार अपने प्रभावशाली वक्ताओं को विपक्ष पर हमला करने के लिए उतारेगी। वक्ताओं के नाम अभी तक तय नहीं किए गए हैं। सरकार केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज ़ के साथ ही रविशंकर प्रसाद को बीजेपी के विरोधियों का मुकाबला करने के लिए तैनात कर सकती है। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान दलित मुद्दों पर सरकार का पक्ष रख सकते हैं, जबकि अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर सरकार की ओर से जानकारी देंगी।

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    बहस के अंतिम वक्ता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जोरदार भाषण देने की विशेषता का प्रदर्शन होगा। मोदी इसमें तीन तलाक, किसानों की समस्याएं दूर करने के लिए सरकार की कोशिशों, कांग्रेस को निशाना बनाने और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष के एकजुट होने जैसे मुद्दों को शामिल कर सकते हैं।

    बीजेपी ने सदन में अपने नेताओं की मीटिंग कर उन्हें सहयोगियों और समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत करने का निर्देश दिया है। पार्टी को विश्वास है कि उसके लिए पिछले कुछ समय से मुश्किलें पैदा कर रहे 18 सांसदों वाले सहयोगी दल शिव सेना के साथ ही टीआरएस (11 सांसद) और एआईएडीएमके (37 सांसद) उसके पक्ष में वोट देंगे। टीआरएस ने कांग्रेस के साथ नहीं जुड़ने का संकेत दिया है। 20 सांसदों वाली बीजेडी भी कांग्रेस से अपनी दूरी बरकरार रख सकती है। एआईएडीएमके का बीजेपी को लेकर नरम रवैया है क्योंकि पार्टी ने उसे डेप्युटी स्पीकर का पद दिया था।

    टीडीपी के बाहर निकलने के बाद एनडीए से 16 सांसद घट गए थे। जेडी (यू) के एनडीए में शामिल होने से केवल दो सांसद आए हैं। बीजेपी को पीएमके (1 सांसद), स्वाभिमान पक्ष (1 सांसद), 3 निर्दलीय सांसदों और दो एंग्लो इंडियन सांसदों का समर्थन मिलने की भी उम्मीद है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा, श्एनडीए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ एकजुटता से वोट देगा। हमें विश्वास है कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के कारण हमें एनडीए के बाहर भी समर्थन मिलेगा।

    यह देखना होगा कि पूरा विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर वोट देता है या वॉक आउट किया जाता है। बीजेपी के एक सांसद ने कहा, बहस से विपक्ष को भी नीरव मोदी और बैंकिंग स्कैम, अर्थव्यवस्था की स्थिति और भीड़ की ओर से पीटकर मारने की घटनाओं जैसे मुद्दों पर अपना गुस्सा निकालने का मौका मिलेगा, लेकिन इससे हमें सत्र का बाकी हिस्सा आसानी से चलाने में मदद मिलेगी।

  • लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इन ‘हथियारों’ से मोदी को घेरने की कर रही है तैयारी

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    लखनऊ । आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस पूरी तरह जुट गई है। इसके लिए पार्टी ने खास प्लान बनाया है। कांग्रेस अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों से उन्हें निशाने पर लेने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने इसके लिए पीएम मोदी के भाषण, स्लोगन और वादों को निकालने शुरू कर दिए हैं। पीएम ने अपने कार्यकाल के दौरान गंगा, बेरोजगारी, काला धन, विकास, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, मंहगाई, अर्थव्यवस्था, देश की सुरक्षा को लेकर जो बयान दिए थे, उन पर अब कांग्रेस सवाल खड़ा करेगी।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवा दल टीम सावधानी से प्रधानमंत्री ़ मोदी के इन बयानों को निकाल रही है और इसे श्जुमलों का संग्रहश्, श्नारे और वादेश् नाम से तैयार कर रही है। ये बुकलेट प्रदेश के पदाधिकारियों के सामने बैठक में रखी जाएगी। यह बैठक बुधवार को आयोजित हो रही है और इसमें सेव दल के मुख्य आयोजक लालजी देसाई हिस्सा लेने आ रहे हैं।

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    सेवा दल के वॉलनटिअर्स  ने इस बैठक का मुद्दा 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए रखा है। सूत्रों ने बताया कि यह बुकलेट सेवा दल के वॉलनटिअर्स की चुनाव के दौरान बीजेपी और आरएसएस पर सवाल खड़े करने में मदद करेगी।

    इस बुकलेट  में हर मुद्दा, सरकारी आंकड़े और अखबारों की क्लिपिंग्स होंगी। उदाहरण देते हुए एक पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी वाराणसी गए थे। यहां उन्होंने कहा था, श्मुझे मां गंगा ने बुलाया है और मैं चला आया…. मैं काशी को साबरमती बना दूंगा…श्, लेकिन हकीकत है कि न तो गंगा बदली और न काशी।

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    काशी  में कुछ नहीं बदला बल्कि वाराणसी में इतना बड़ा पुल हादसा हुआ। इतने सारे निर्दोष लोगों की मौत हुई लेकिन पीएम मोदी को इतना समय नहीं मिला कि वह सांत्वना देने आ जाते। यूपी सेवा दल के मुखिया प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश कमिटी के अध्यक्ष राज बब्बर भी शामिल होंगे। पदाधिकारी ने कहा, हमारी क्षेत्रीय टीम बैठक में शामिल होगी ताकि हाइकमान द्वारा बनाए गए प्लान को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। जहां सेवा दल चुनाव प्रचार संभाल रही है, वहां के सदस्यों का सीट के चुनाव के लिए फीडबैक  भी दिया जाएगा।