Category: national

  • Principal, दो शिक्षक और 15 छात्र, 7 महीने से स्कूल में कर रहे थे छात्रा से Rape , 10वीं की छात्रा ने लगाया आरोप

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    छपरा। बिहार के सारण से एक दिल दहला देनेवाली घटना सामने आई है। यहां एक प्राइवेट स्कूल में पढ़नेवाली नाबालिग लड़की ने स्कूल के प्रधानाध्यापक, 2 शिक्षक और 15 विद्यार्थियों पर सात महीने से गैंगरेप करने का आरोप लगाया है। दसवीं की छात्रा के बयान पर सारण पुलिस ने शुक्रवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जिनमें प्रिंसिपल और एक शिक्षक समेत दो छात्र शामिल हैं।

    पीड़िता के मुताबिक, उसके साथ दिसंबर महीने से ही हैवानियत की जा रही थी, लेकिन पुलिस के पास वह शुक्रवार को जा पाई क्योंकि उसके पिता कुछ महीनों से जेल में थे। पीड़िता ने अपनी एफआईआर में 18 लोगों को आरोपी बनाया है।

    मेडिकल जांच के लिए छपरा लाई गई पीड़िता ने मीडिया को बताया कि दिसंबर में स्कूल के कुछ छात्रों ने स्कूल के शौचालय में उसका सामूहिक बलात्कार किया और विडियो बना लिया। पीड़िता को यह भी पता नहीं कि शौचालय में उसके साथ कितने लड़कों ने बलात्कार किया था। तब से लड़के विडियो के जरिए ब्लैकमेल करते हुए स्कूल में ही उससे सामूहिक दुष्कर्म करते रहे।

    पीड़िता ने बताया कि उसने इस घटना की शिकायत स्कूल के प्रिंसिपल से की, लेकिन प्रिंसिपल कार्रवाई करने के बदले खुद भी दो शिक्षकों के साथ उसका रेप करने लगा। सारण एसपी हर किशोर राय ने कहा कि पीड़िता ने 18 लोगों के नाम बताए, जिनमें 15 छात्र शामिल हैं। एसपी ने कहा,  14 आरोपी भागे हुए हैं, लेकिन उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

    फिलहाल मेडिकल जांच के लिए लड़की को सारण से छपरा लाया गया। शनिवार को कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता का पिता कुछ दिन पहले ही जमानत पर जेल से निकले हैं।

  • बुराड़ी आत्महत्या कांड – महिला तांत्रिक गीता हिरासत में ली गयी

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    नई दिल्ली । बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की रहस्‍यमय तरीके से फांसी लगाने के मामले में पुलिस जांच में रोज हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को क्राइम ब्रांच ने एक महिला तांत्रिक गीता माता को पकड़ा है। महिला तांत्रिक को बुराड़ी इलाके के करीब हरित विहार से क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि तांत्रिक गीता माता के घर में किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद सामने आया था कि वह न केवल पूरे कांड के तथाकथित मास्टरमाइंड ललित को जानती थी, बल्कि ललित का उसके पास आना-जाना भी था। स्टिंग ऑपरेशन में गीता ने यह दावा किया था कि ललित शनिवार (30 जून) को उनसे मिलने के लिए आने वाला था।

    इस स्टिंग ऑपरेशन के बाद शुक्रवार दोपहर दिल्ली पुलिस हरित विहार स्थित गीता के घर पर पहुंची और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले कर गई है। इस मामले में गीता ऐसी पहली पात्र है जो सामने आया है। जानकारी सामने आ रही है कि गीता माता को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

    इससे पहले शुक्रवार सुबह से ही घटना वाले इलाके में क्राइम ब्रांच ने अपना डेरा डाला हुआ था। टीम में शामिल जांचकर्ताओं ने सबूत जुटाने की कड़ी में लोगों से पूछताछ भी की, वहीं इसके बाद फांसी लगाने के दौरान इस्तेमाल स्टूल को भी सबूत के तौर पर अपने साथ ले गई।

    आरोप है कि 30 जून और 1 जुलाई की रात को 11 लोगों ने मोक्ष पाने के लिए फांसी लगा ली थी और सुबह उनके शव पाए गए थे। इससे पहले पुलिस को जांच में पता चला है कि बुराड़ी के संत नगर में फंदा लगाने में इस्तेमाल दुपंट्टा भी ललित के परिजन बाजार से खरीदकर लाए थे। क्राइम ब्रांच को इस बात की जानकारी मिली है। साथ ही घर से मिले रजिस्टर में भी इस बात का जिक्र है कि विशेष साधना के सातवें दिन 30 जून की आधी रात बरगद की जटाओं की तरह फंदे पर लटकने के लिए नए कपड़े का इस्तेमाल किया जाए।

    पुलिस के अनुसार जो 10 लोग फंदे से लटके हुए मिले थे उनमें से अधिकतर ने अलग-अलग रंग के नए दुपंट्टे व कुछ ने टेलीफोन के तार का इस्तेमाल किया था। ऐसे में क्राइम ब्रांच यह मान रही है कि ये दुपंट्टे घर के आसपास के किसी कपड़े की दुकान से खरीदे गए।

    फंदे पर लटकने के लिए सभी ने मिलकर जुटाई थे सामान

    बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच की टीम सुबह से शाम तक कपड़े की दुकान ढूंढ़ने की काशिश की, लेकिन पता नहीं लग पाया। इससे पहले बुधवार को क्राइम ब्रांच को संत नगर के गली नंबर 2 में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिलने से यह साफ हो गया कि किसी ने घर में घुसकर 11 लोगों की हत्या नहीं की, बल्कि ललित के अंधविश्वास में पड़कर परिवार के सदस्यों ने खुद फंदे पर लटककर जान दी थी। फंदे पर लटकने के लिए सभी ने मिल जुलकर सामान जुटाए थे।

    फांसी लगाने के लिए खरीदे गए थे चार प्लास्टिक के स्टूल

    30 जून की शाम से लेकर एक जुलाई की सुबह तक की सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि भुवनेश की पत्नी श्वेता व उसकी छोटी बेटी नीतू घटना वाली रात 10.20 बजे उसी गली के अंतिम छोर पर स्थित फर्नीचर की दुकान से चार प्लास्टिक के स्टूल खरीदकर घर ले जा रही है। दूसरी फुटेज में ललित का बेटा शिवम दुकान के पास से ही टेलीफोन का तार निकालकर घर ले जा रहा है और तीसरे में दोनों भाई भुवनेश व ललित अपनी-अपनी दुकानें बंद कर टेलीफोन के तार व सुतली लेकर घर जाते दिखे।

    घटना की रात से रात पहले पूरा परिवार जुटा था सामान जुटाने में

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि हो सकता है घटना वाले दिन सुबह से ही ललित व उसके परिजन फंदे पर लटकने व पूजा की क्रियाओं में इस्तेमाल सामान जुटाने लगे थे। घटना वाली रात 10:57 बजे ललित पालतू टॉमी को घुमाने पहली मंजिल से नीचे आया था। एक जुलाई को सुबह 5:35 बजे एक डिलीवरी वैन आई थी, जिससे दूध, ब्रेड व अन्य सामान ललित की दुकान के बाहर उतारने के बाद चला गया था। उसके 7 मिनट बाद सामने रहने वाले गुरवचन सिंह जब दुकान के पास आए तो उन्होंने देखा कि कई लोग सामान लेने दुकान के पास खड़े थे। 6:15 बजे जब वह पहली मंजिल पर ललित को बुलाने गए तो 10 लोगों को फंदे पर लटके हुए देखकर उनके होश उड़ गए। वह तुरंत चिल्लाते हुए वापस नीचे आए और लोगों को घटना से अवगत कराया।

  • पीएम मोदी जी नोएडा में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घघाटन करेंगे

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन आज नोएडा को दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री की सौगात देने जा रहे हैं. अब से कुछ देर बाद पीएम मोदी और साउथ कोरिया के राष्ट्रपति नोएडा में इस मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे. इस दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ रहेंगे ।

    ये फैक्ट्री बेहद खास है. नोएडा के सेक्टर 81 में स्थित सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की यह फैक्ट्री करीब 35 एकड़ में फैली है. देश में 1990 के दशक की शुरुआत में पहला इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण केंद्र स्थापित हुआ जिसमें 1997 में टीवी बनना शुरू हुआ. मौजूदा मोबाइल फैक्ट्री 2005 में लगाई गई.

    ये हैं खासियत:

    -पिछले साल जून में दक्षिण कोरियाई कंपनी ने 4,915 करोड़ रुपये का निवेश कर नोएडा प्लांट में विस्तार करने का ऐलान किया, जिसके एक साल बाद नई फैक्ट्री अब दोगुना उत्पादन करने के लिए तैयार है.

    – भारत में कंपनी इस समय 6.7 करोड़ स्मार्टफोन बना रही है और नए प्लांट के चालू हो जाने पर तकरीबन 12 करोड़ मोबाइल फोन की मैन्यूफैक्चरिंग होने की संभावना है.

    – नई फैक्ट्री में न सिर्फ मोबाइल बल्कि सैमसंग के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे रेफ्रिजरेटर और फ्लैट पैनल वाले टेलीविजन का उत्पादन भी दोगुना हो जाएगा और कंपनी इन सारे सेगमेंट में नंबर वन की भूमिका में बनी रहेगी.

    – सैमसंग के भारत में दो विनिर्माण संयंत्र, नोएडा और तमिलनाडु के श्रीपेरुं बदूर में हैं. इसके अलावा पांच रिसर्च एंड डेवलेपमेंट सेंटर और नोएडा में एक डिजाइन केंद्र हैं जिनमें 70 हजार लोग काम करते हैं. कंपनी ने अपने नेटवर्क को बढ़ाया है और 1.5 लाख रिटेल आउटलेट खोले हैं.

    गौरतलब है कि यहां सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री लगाने जा रहा है. कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में दुनिया के मैप पर सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री होने का टैग चीन या दक्षिण कोरिया के पास नहीं है और अमेरिका के पास भी नहीं है, बल्कि अब उत्तर प्रदेश के शहर नोएडा को यह उपलब्धि हासिल होने जा रही है.

  • पाकिस्तान युद्ध की तैयारी में है भारत के विरुद्ध! सीमा पर तैनात कर रहा फाइटर प्लेन

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    नयी दिल्ली. पाकिस्तान एक बार फिर से गुजरात के सौराष्ट्र कच्छ क्षेत्र से जुड़ी सीमा पर सक्रिय होता नज़र आ रहा हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबकि पाकिस्तान ने सिंध प्रांत के हैदराबाद जिले के भोलारी में एक आधुनिक सैन्य हवाई क्षेत्र विकसित किया है. इस हवाई क्षेत्र में पाकिस्तान की वायु सेना चीन द्वारा प्राप्त जेएफ-17 लड़ाकू विमानों को तैनात करने जा रही है.

    सूत्रों के मुताबिक यह हवाई क्षेत्र पहले से मौजूद था, लेकिन हाल ही में इसे लड़ाकू विमानों के उड़ानों के लिए उपयोग किया जाने लगा है. अपनी पूर्वी सीमा पर भारतीय वायुसेना की ताकत का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तानी वायुसेना बड़ी संख्या में चीन निर्मित जेएफ-17 विमान शामिल कर रही है.

    पाकिस्तानी वायु सेना नें पिछले साल ही 16 नए जेएफ-17 थंडर जेट विमान शामिल किए थें. इन लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर बनाया है. पाकिस्तान में पहले से ही 70 से ज्यादा जेएफ-17 थंडर जेट हैं. जेएफ-17 लड़ाकू विमान भारत में बने लड़ाकू विमान तेजस की भांति ही लाइट कॉम्बेट जेट है.

    पाकिस्तान के हैदराबाद बेस से कुछ दूर पाकिस्तानी मरीन के एसएसजी कमाण्डो ने अपना बेस तैयार किया है जहां से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को समुद्री रास्ते से हमले करने की ट्रेनिंग दी जाती है.

    पाकिस्तान की तरफ से इस विस्तार को देखते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारण ने गुजरात के दीसा में नए हवाई क्षेत्र के निर्माण को हरी झंडी दे दी है. इस हवाई क्षेत्र से पाकिस्तान की तरफ से होने वाले खतरे का मुकाबला किया जा सकेगा, लेकिन इसका निर्माण होने में तीन से चार साल लगेंगे. सुरक्षा मामले की कैबिनेट समिति ने इसी साल इस हवाई क्षेत्र को मंजूरी दी थी.

  • शिव के वास्तु से खेल रही है सरकार,नष्ट हो जाएगी काशी ,क्योटो कॉरिडोर के लिए 50 मंदिरों पर चला बुलडोज़र

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अपने संसदीय क्षेत्र काशी को क्योटो बनाने की बात कही तब काशी को जानने और समझने वालों के ज़ेहन में यह सवाल बार-बार आया कि इतिहास से भी पुरानी नगरी काशी को कोई 600 साल पुराने इतिहास वाले क्योटो के समान क्यों बनाना चाहता है? क्या यह घोषणा सोच समझकर की गई या इसके पीछे सिर्फ काशी और क्योटो की शाब्दिक तुकबंदी भर थी ?

    काशी को क्योटो बनाने के इसी क्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए बनारस के ललिता घाट से विश्वनाथ मंदिर तक दो सौ से अधिक भवन चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें तोड़ा जा रहा है. इनमें लगभग 50 की संख्या में प्राचीन मंदिर व मठ शामिल हैं. ये सभी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की ज़द में आने वाले मंदिर हैं.

    इन प्राचीन मंदिरों, देव विग्रहों की रक्षा के लिए आंदोलनरत शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 12 दिन के उपवास पर बैठे हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि काशी का पक्का महाल ऐसे वास्तु विधान से बना है जिसे स्वयं भगवान शिव ने मूर्तरूप दिया था. ऐसे में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के कारण पक्का महाल के पौराणिक मंदिरों और देव विग्रहों को नष्ट करने से काशी ही नष्ट हो जाएगी.

    नष्ट हो जाएगी काशी

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का aajtak.in से खास बातचीत में कहना है कि पक्का महाल ही काशी का मन, मस्तिष्क और हृदय है. पक्का महाल ऐसे वास्तु विधान से बना है जिसे स्वयं भगवान शिव ने मूर्तरूप दिया था. ऐसे में इसके नष्ट होने से काशी के नष्ट होने का खतरा है. यह सिर्फ काशी के एक हिस्से पक्का महाल या यहां रहने वालों की बात नहीं है बल्कि सवा सौ करोड़ देशवासियों की आस्था का प्रश्न है. देश के अलग-अलग हिस्सों से पुराणों/ग्रंथों में पढ़कर लोग अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन करने काशी आते हैं. ऐसे में जब वे काशी आएंगे तब जरूर पूछेंगे कि उनके देवी देवता कहां गए?

    राम मंदिर से भी बड़ा है मुद्दा

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आगे कहते हैं कि यह विषय रामजन्म भूमि से भी बड़ा है. क्योंकि अयोध्या में सिर्फ एक मंदिर की बात है. लेकिन यहां हमारे पुराणों के उपरोक्त परंपरा से पूजित अनेक मंदिरों की बात है. अभी हम शास्त्रों के अनुसार ही विरोध कर रहे हैं. लेकिन यदि सरकार राजनीति से प्रेरित होकर यह अपेक्षा करेगी कि वह जनदबाव से ही मानेगी तब हम जनता का आह्वान भी करेंगे. ऐसे में यह सवाल जरूर उठेगा कि जो पार्टी मंदिर बनाने के नाम पर सत्ता में आई थी, उसने मंदिरों को क्यों तोड़ा?

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि हम सरकार की किसी योजना के विरोध में नहीं हैं. सरकारें जनता के हित में ही कोई योजनाएं लाती हैं. हमारा विरोध सिर्फ इतना है कि किसी भी विग्रह और मंदिरों को अपमानित ना किया जाए, अपूजित ना रखा जाए, उनके स्थान से उन्हें न हटाया जाए. इतना सुरक्षित रखते हुए यदि कॉरिडोर का निर्माण हो तो हमें कोई आपत्ति नहीं.

    क्या है पक्का महाल का महत्व ?

    पक्का महाल की अवधारणा काशी के गंगा तट पर अस्सी से राजघाट तक की है. कहा जाता है कि काशी को जानना समझना हो तो पक्का महाल को समझना ज़रूरी है. यह इलाका खुद में कई संस्कृतियों को समेटे हुए है. देश का ऐसा कोई राज्य नहीं जिसका प्रतिनिधित्व पक्का महाल न करता हो. अलग-अलग राज्यों की रियासतों की प्राचीन इमारत व वहां पूजे जाने वाले पौराणिक मंदिर और देव विग्रह इसी क्षेत्र में स्थित हैं. जिनके दर्शन करने पूरे देश से लोग आते हैं. पक्का महाल में बंगाली, नेपाली, गुजराती, दक्षिण भारतीय समुदायों के अपने अपने मुहल्ले हैं.

    काशी में विकास के बहुत से कार्य हुए हैं लेकिन पौराणिक महत्व रखने वाले धरोहरों को कभी नष्ट नहीं किया गया, न ही इन्हे छेड़ा गया. लेकिन आज काशी का यही पक्का महाल विकास की भेंट चढ़ने जा रहा है. हजारों हजार साल पुरानी विरासत को मिटाने की साजिश को विकास जामा पहना दिया गया है. जिससे काशी का हृदय कहे जाने वाला पक्का महाल इन दिनों सहमा सा है. क्योंकि इसके वजूद पर संकट खड़ा हो गया है !

  • 59 बच्चियां भूखी-प्यासी 5 घंटे तक तहखाने में इसलिए रही कैद, पैरंट्स ने लगाया आरोप

    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के बल्लीमारान स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में कथित तौर पर फीस जमा नहीं करने की वजह से बच्चियों को घंटों बेसमेंट में बंधक बनाकर रखा गया। पैरंट्स इस बात से हैरान हैं कि महज फीस न चुकाने पर तहखाने (बेसमेंट) में बंधक बनाकर 59 बच्चियां 5 घंटे तक कैद रखी गईं। 40 ड्रिग्री तापमान में भूखी-प्यासी बच्चियां दोपहर होने का इंतजार कर रही थीं, ताकि जल्दी से उनके माता पिता आकर ले जाएं। जब पैरंट्स पहुंचे, देखते ही बच्चे बुरी तरह रो पड़े।

    परिजनों का आरोप है कि बेसमेंट में रूम के बाहर की कुंडी लगाई हुई थी। जब बच्चियों को लेने स्कूल पहुंचे तो स्टाफ भी संतुष्टि भरा जवाब नहीं दे सका। बच्चियों का गर्मियों में भूख-प्यास से बुरा हाल था। अपने बच्चों की हालत देखकर परिजन भी बिफर गए। स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने जूवेनाइल जस्टिस ऐक्ट की धारा 75 के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मामले ने मंगलवार को उस वक्त तूल पकड़ा जब इस हैरतअंगेज घटना का विडियो और तस्वीरें भी सामने आई। इसमें दिख रहा है कि छात्राओं को बेसमेंट में बंद किया गया है। ये विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। विडियो सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अभिभावकों में गहरा रोष है। विडियो में देखा जा सकता है कि लड़कियां बेसमेंट में फर्श पर बैठी हैं।

    आरोप था कि वहां पंखा भी नहीं थे। पैरंट्स का दावा है कि उन्होंने जब तहखाने के दरवाजे खोले तो बच्चियां जमीन पर बैठी हुईं थीं। अपने परिजनों को देखकर बच्चियों ने रोना शुरू कर दिया। बच्चियों को बेसमेंट में बैठाने के पीछे स्कूल का तर्क था कि उनकी जून महीने की फीस अब तक जमा नहीं की गई है, जबकि अभिभावकों ने स्कूल के आरोपों को खारिज करते हुए फीस समय पर जमा कराने की रसीदें भी पुलिस को दिखाई हैं। 40 ड्रिग्री तापमान में 5 घंटों से भूखी प्यासी थीं और जब इसको लेकर बच्चियों के मां-बाप ने हेड मिस्ट्रेस फरहा डीबा खान से बात की तो उन्होंने बेहद ही बदतमीजी से बात की और स्कूल से बाहर निकाल देने की धमकी दी।

  • देह व्यापार का खुलासा : एक मिस्ड कॉल और इस तरह तबाह हो गई जिंदगी

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    गाजियाबाद। पश्चिम बंगाल के हावड़ा से लापता हुई किशोरी की तलाश में निकली पुलिस ने गाजियाबाद से मेरठ तक फैले मानव तस्करी और देह व्यापार के काले कारोबार का खुलासा किया है। किशोरी का पैकेज में सौदा किया गया था और उसे बंगाल से छब्त् के बीच में कई बार बेचा गया। पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सिहानी गेट थाना और एसएसपी द्वारा गठित अल्फा टीम की मदद से मंगलवार को नंदग्राम से गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार कर इनके चंगुल से दो लड़कियों को मुक्त कराया। इनमें लापता किशोरी और झारखंड की एक युवती है। तीन आरोपी पहले ही बंगाल से गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

    दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नंदग्राम से आरोपियों को धर दबोचा। इनमें चार महिलाएं और 3 पुरुष हैं। इनकी पहचान भारती शर्मा, सोनिया, संतो, रुचि, राकेश, मुकेश और रवेंद्र के रूप में हुई है। सीओ सेकंड आतिश सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर आरोपियों को अपने साथ ले जाएगी।

    गिरोह के कब्जे से छुड़ाई गई हावड़ा की रहनेवाली 17 वर्षीय किशोरी ने बताया कि मिस्ड कॉल के जरिए उसकी पहचान अशरफुल नामक शख्स से हुई थी। दोनों में बातें होने लगीं। अशरफुल मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है। उसने खुद को बहुत अमीर बताया था। पीड़िता उसके झांसे में आ गई और 4 अप्रैल को उसके साथ फरार हो गई। इस बारे में हावड़ा के उलेबेरिया थाने में केस दर्ज है। किशोरी का कहना है कि अशरफुल ने उसे अपने बाबू नाम के दोस्त के पास छोड़ा था। दो दिन बाद बाबू उसे दिल्ली में शादी कराने का झांसा देकर गाजियाबाद पहुंचा था।

    बंगाल पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया है कि बाबू ने 30 हजार रुपये में सोनिया के साथ किशोरी का सौदा किया था। अगले ही दिन उसे 70 हजार रुपये में मेरठ में बेच दिया गया। इसके बाद गाजियाबाद में एक बार फिर 30 हजार रुपये में उसे बेचा गया। इस पूरी खरीद-फरोख्त में भारती शर्मा, सोनिया और उसका पति राकेश प्रमुख रूप से शामिल थे। किशोरी को एक पैकेज के रूप में कई लोगों को दिया गया। इन लोगों ने मेरठ से गाजियाबाद के बीच उससे देह व्यापार कराया। पीड़िता कुछ दिन मेरठ में रखी जाती तो कुछ दिन गाजियाबाद। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। बाबू, उसकी पत्नी और अशरफुल पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।

    पुलिस ने बताया कि गैंग के एजेंट पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से लड़कियों की तस्करी कर यहां लाते थे। गाजियाबाद से मेरठ के बीच फैले देह व्यापार के दलाल इन लड़कियों को 20 से 40 हजार रुपये में खरीदते थे। इनका एक नहीं कई बार सौदा होता। हर बार बोली बढ़ती जाती और पांच लाख रुपये तक पहुंच जाती थी।

    एक पीड़िता ने बताया कि उसके अलावा वहां कई अन्य लड़कियां भी थीं। हर लड़की के साथ रोजाना 5-6 पुरुषों को भेजा जाता था। उनसे मिलने वाले रुपये गैंग के लोग रख लेते थे। पश्चिम बंगाल पुलिस ने बताया कि छापेमारी में कुछ और लड़कियां भी मिली थीं, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। ऐसे में उन्हें केस में शामिल नहीं किया गया है।
    सीओ सेकंड आतिश सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल में अशरफुल और बाबू की गिरफ्तारी के बाद वहां की एक टीम गाजियाबाद आई थी। यहां से जानकारी मिली कि गैंग के सदस्य मेरठ में छिपे हैं। हालांकि आरोपियों को पुलिस कार्रवाई की पहले ही जानकारी मिल चुकी थी। वे लोग नंदग्राम में छिप गए थे। गाजियाबाद पुलिस की मदद से पश्चिम बंगाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

  • BJP-RSS के इशारे पर काम कर रहा पर्सनल लॉ बोर्ड

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    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा उठाए जाने वाले कदम बीजेपी और आरएसएस के लिए खाद पानी की तरह होते हैं. फिर चाहे मुद्दा तीन तलाक का हो, बाबरी मस्जिद का या फिर शरिया अदालत (दारुल कजा) बनाए जाने का फैसला हो. बोर्ड के स्टैंड से मुसलमानों को कम संघ और बीजेपी को कुछ ज्यादा ही फायदा मिलता दिख रहा है. ऐसे में मुस्लिम संगठन ही AIMPLB के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं.

    मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ शिया वक्फ बोर्ड पहले से अभियान चला रहा है. इसके बाद अब सुन्नी समुदाय का बरेलवी फिरका भी नाराज दिख रहा है. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा शरिया अदालत बनाए जाने के कदम से गुस्से में हैं.

    मौलाना तौकीर रजा ने आजतक से बातचीत में कहा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बीजेपी और आरएसएस गोद में बैठ गया है और उसी के इशारे पर खेल रहा है. लोकसभा चुनाव से पहले हिंदू-मुस्लिम को आमने सामने लाने का काम हो रहा है. बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए शरई अदालतों का मुद्दा उठाया गया है.

    तौकीर रजा ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड प्री प्लान चुनावी साल में शरई अदालतों की बात कर रहा है. जबकि मजहबी फैसलों को लिए दारुल इफ्ता पहले से हैं, जहां शरई फैसले होते हैं. इसके बावजूद बोर्ड के द्वारा शरई अदलतों की बात करना साफ है कि संघ के इशारे पर सब कुछ हो रहा है.

    मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को दिल्ली में बैठक करके देश में नए 10 शरई अदालत (दारुल कजा) को हरी झंडी दी है. इनमें से 6 को जल्द बनाए जाने के लिए बोर्ड ने काम भी शुरू कर दिया है. इनमें दो यूपी, एक महाराष्ट्र, एक गुजरात और दो अन्य राज्य बनाए जाएंगे.

    मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कहीं न कहीं ये मानता है कि उनके फैसले पर संघ और बीजेपी राजनीति करती हैं. AIMPLB के सदस्य जफरयाब जिलानी खुद कहते हैं कि आरएसएस और बीजपी शरई अदालत के नाम पर राजनीति कर रही हैं. इससे साफ है कि AIMPLB के फैसले पर जमकर सियासी रोटिंया सेंकी जाती हैं.

    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के विरोध में ही मौलाना तौकीर रजा ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ‘जदीद’ के नाम से अलग संगठन पहले बना रखा है. वहीं शिया समुदाय भी अरपा शिया पर्सनल लॉ बोर्ड चला रहा है. इससे साफ है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर सभी एकमत नहीं हैं.

  • ग्रेटर नोएडा में दो इमारतें ढहीए राहत और बचाव कार्य जारी

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    ग्रेटर नोएडा । देश की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दो इमारतें ढह जाने से कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. अब तक मलबे से दो शव निकाले जाने की पुष्टि हो चुकी है। शाह बेरी गांव में यह हादसा रात आठ से साढ़े आठ बजे के कघ्रीब हुआ. ढहने वाली इमारतों में से एक निर्माणाधीन थी जबकि दूसरी वाली दो साल पहले बनकर तैयार हुई थी.अभी तक आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिल पाया है कि यहां कितने लोग रहते थे और कितने लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे दबे हुए लोगों की संख्या 10 से भी कम हो सकती है.मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स की मदद भी ली जा रही है।

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    ढहने वाली इमारत निर्माणाधीन थीa

    निर्माणाधीन इमारत छह मंजिला थी और एक पांच मंजिला इमारत उससे सटी हुई थी.उन्होंने कहा कि पुरानी इमारत में ज्यादा लोग नहीं रहते थे और शाम को एक महिला और एक बच्ची ही उन्हें नजर आई थी.मूलतरू किशनगंज की रहने वालीं आरसी बेगम इस इलाकघ्े में लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती हैं. वह बताती हैं कि यह हादसा उनकी आंखों के सामने ही हुआ.

    लोगों ने बताया कि मैंने इमारत को अपनी आंखों से गिरते देखा. मैंने देखा कि पहले नई वाली बिल्डिंग धड़ाम से गिरी और धूल का गुब्बार उठा. इसके बाद हम लोग यहां से भाग गए. थोड़ी ही देर बाद पुरानी वाली इमारत भी गिर गई.। विरोधाभासी दावेखघ्ुद को प्रत्यक्षदर्शी बता रहे लोगों के घटना को लेकर किए जा रहे दावों में विरोधाभास भी देखने को मिल रहा है.।

    अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इमारतों के ढहने की वजह क्या थी. इन इमारतों के मालिक के बारे में भी अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है.। घटनास्थल पर प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम के सदस्य बचाव और राहत कार्य में लगे हुए हैं. आसपास रहने वाले लोग भी यहां पहुंचे हैं और कघ्रीब 300 लोग जमा हैं.

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    ढहने वाली इमारत निर्माणाधीन थी

    मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स की मदद भी ली गई है मगर अभी तक किसी के जिंदा होने के संकेत नहीं मिले हैं.।
    केंद्रीय संस्कृति मंत्री और गौतम बुद्ध नगर के सांसद महेश शर्मा भी यहां पहुंचे. उन्होंने बीबीसी को बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद सीधे वह यहां आए हैं और अभी तक पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि कितने लोग दबे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि पहले हमारी प्राथमिकता मलबे को हटाने की है. उत्त प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी गई है.।

    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने भी ट्वीट करके कहा है कि घटना के लिए दोषी पाए जाने वालों के खघ्लिाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
    उधर गौतम बुद्ध नगर के जिला अधिकारी वीएन सिंह ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा, ष्मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है. एनडीआरएफ ने काम शुरू कर दिया है और सभी अधिकारी हरकत में आ गए हैं. अभी हम यह नहीं बता सकते कि कितने लोग इसमें दबे हो सकते हैं।

  • बीजेपी सांसद को मारना चाहता था ये Underworld का डॉन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नई दिल्ली। अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहीम के शार्प शूटर राशीद मालबारी को गिरफ्तार करने के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। पूछताछ में राशीद मालबारी ने खुलासा किया है की छोटा शकील के कहने पर भाजपा के बड़े नेता वरुण गांधी और श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथालिक को मारने का प्लान बनाया गया था, लेकिन उससे पहले ही उसके शूटर गिरफ्तार हो गये।

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    बता दें कि नेपाल में अंडरवर्ल्ड का सारा काम राशीद ही देखता है। 2014 में राशीद मंगलूरु कोर्ट से बेल जंप कर नेपाल फरार हो गया था। बैंकाक में छोटा राजन पर हमला किया गया था जिसमे राशीद साल 2014 में मंगलूरु कोर्ट से बेल जंप कर नेपाल के रास्ते इंडिया से फरार हो गया था।

    दाउद का शार्प शूटर राशिद

    राशीद मालबारी पर हत्या लूट और वसूली के कई मुकदमे दर्ज है। कोर्ट से फरार हो जाने के बाद इसपर लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। राशीद मालबारी के गिरफ्तारी की पुष्टि खुद छोटा शकील ने ही की है। गिरफ्तारी के बाद इसे भारत लाने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। ऐसा माना रहा है की उसका संपर्क आईएसआई से भी था।