Category: national

  • 2.25 लाख मुखौटा कंपनियों की जांच में हो सकता है राजनीतिक दलों के काले धन का बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली। मोदी सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर बड़ा एक्शन किया है। इसके तहत ऐसी 2.25 लाख मुखौटा कंपनियों को नोटिस दिया जा चुका है, जिनमें इलीगल एक्टिविटी का आशंका है। इस बारे में केंद्रीय मंत्री पीपी चैधरी ने जानकारी दी है। इस बारे में केंद्रीय मंत्री पीपी चैधरी ने गड़बड़ी करने वाली कंपनियों को कठोर चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी कंपनी की स्वायत्तता निवेशकों के हितों की कीमत पर नहीं हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कंपनियों की स्क्रूटनी में कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    असल में यह केंद्र सरकार द्वारा मुखौटा कंपनियों के खिलाफ अभियान का अगला चरण है, जिसमें इन 2.25 लाख मुखौटा कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस कदम से मुखौटा कंपनियों के जरिए कालेधन को सफेद करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा लगा सकेगा। सरकार की ओर से कहा गया है कि उद्देश्य है कि कंपनियों के फंक्शनिंग में यह तय किया जा सके कि मनी लॉन्ड्रिंग या दूसरे अनैतिक गतिविधियों के लिए इनका मिसयूज न हो सके।

    सरकार की ओर से कहा गया है कि जो 2.25 लाख कंपनियां सरकार के निशाने पर हैं, उनमें लंबे समय से बिजनेस एक्टिविटीज नहीं हो रही हैं। इन कंपनियों ने लंबे समय तक फाइनेंशियल स्टेटमेंट या एनुअल रिटर्न फाइल नहीं किया है। ऐसे में आशंका है कि इनका इस्तेमाल काले धन को सफेद करने के लिए किया जा रहा है। इससे पहले वित्त वर्ष 2017-18 में रजिस्ट्रार्स ऑफ कंपनीज (आरओसी) मुखौटा कंपनियों की पहचान कर 2,26,166 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर चुकी है। मुखौटा कंपनियों के खिलाफ यह कदम कंपनीज एक्घ्ट, 2013 के तहत उठाया गया।

    [object Promise]
    notebandi

    उन्होंने कहा , ‘‘मैं सुनिश्वित हूं। निजी तौर पर मुझे लगता है कि जब हम खारिज की जा चुकी कंपनियों की जांच करेंगे, कुछ जानकारियां जरूर बाहर आएंगी। ये जानकारियां राजनीतिक दलों के बारे में हो सकती हैं यह निजी लोगों के बारे में हो सकती हैं, यह लेकिन तय है कि ये जानकारियां उन लोगों से जुड़ी होंगी जिन्होंने लंबे समय तक देश में शासन किया है।’’

    केंद्र सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद मुखौटा कंपनियों की पहचान कर उनके खिलाफ एक्शन लेने का अभियान शुरू किया था। सरकार का मानना है कि मुखौटा कंपनियों के जरिए कालेधन को सफेद करने का काम किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कालेधन के खिलाफ अभियान के तहत मुखौटा कंपनियों का नेटवर्क खत्म करने की बात कही है।

  • सरकारी विज्ञापनों के प्रभाव को मापने की योजना बना रहा है डीएवीपी

    नई दिल्ली. अखबार, टीवी में लंबे-चौड़े सरकारी इश्तिहार तो आए दिन आते ही रहते हैं. इस कड़ी में सूचना प्रसारण मंत्रालय लोगों पर इन सरकारी विज्ञापनों के प्रभाव को मापने की योजना बना रहा है. सूत्रों ने कहा कि इस कवायद का उद्देश्य प्रचार कार्य के लिये खर्च होने वाली रकम के न्यायोचित इस्तेमाल के लिये रणनीति बनाना है. यह पहल 2019 के अहम लोकसभा चुनावों से पहले सामने आई है.

    आम चुनावों के लिये सरकार के लोगों तक पहुंचने और बीते चार साल में किये गए अपने कामों को लोगों तक पहुंचाने के लिये सरकार के इस दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है. केंद्र सरकार की तरफ से विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी सहायता प्राप्त स्वायत्त संस्थानों के प्रचार के लिये विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) नोडल एजेंसी है. ये विज्ञापन प्रिंट और विजुअल मीडिया में विभिन्न मंचों पर लिये जाते हैं.

    सूत्रों के अनुसार इस अध्ययन से इस बात को समझने में मदद मिलेगी कि बेहतर प्रभाव के लिये किस सरकारी योजना का इस्तेमाल किस माध्यम में किया जाए? पिछले साल डीएवीपी को क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय (डीएफपी) और गीत एवं नाटक प्रभाग के साथ मिलाकर एक नई संस्था ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन बनाया गया था जिससे सरकार के प्रचार के काम को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिये बेहतर तालमेल हो सके.

  • केन्द्र के सहयोग से नई ऊॅचाईयाॅ हासिल करेगा उत्तर प्रदेशः आदित्यनाथ योगी

    [object Promise]

    लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में कल्चरल सेंटर राष्ट्रपति भवन के सभागार में नीति आयोग की शासी परिषद की चतुर्थ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सहित विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, केन्द्रीय मंत्रियों एवं नीति आयोग के उपाध्यक्ष द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि केन्द्र तथा राज्य सरकार के समन्वित प्रयास प्रदेश की समस्याओं के ससमय निराकरण तथा राज्य को नई ऊॅचाईयों पर ले जाने में सहायक होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ सबका विकास‘ की अवधारणा पर प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ, समर्थ तथा सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिये कृतसंकल्पित है। प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिये राज्य सरकार द्वारा ‘साफ नीयत, सही विकास‘ के संकल्प को साकार किया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आमदनी दोगुनी करने की प्रतिबद्वता को पूरा करने केे लिये किसानों को नवीन तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। इसके लिये प्रदेश में 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्र तथा 100 कृषि कल्याण केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। किसानों के लिये बाजार को व्यापक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिये ई-नाम योजना प्रदेश की 100 मण्डी समितियों में लागू गयी है, जो देश में सर्वाधिक है। इस योजना में, देश के किसी भी राज्य की तुलना में, प्रदेश में सर्वाधिक 28 लाख किसानों तथा 31 हजार व्यापारियों को पंजीकृत किया गया है। देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की भागीदारी 20 प्रतिशत है। साथ ही, दुग्ध, गेहूं, गन्ना और आलू उत्पादन में राज्य का देश में पहला स्थान है।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की मदद के लिये पूरी तरह से प्रतिबद्व है। अब तक 32,940 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जा चुका है। प्रदेश में दो चीनी मिलों की स्थापना की जा रही है तथा दो चीनी मिलों की पेराई क्षमता में विस्तार किया गया है। इस वर्ष प्रदेश में 1,101 लाख मीट्रिक टन गन्ने की रिकार्ड पेराई की गयी, जो गत वर्ष की कुल पेराई 827 लाख मीट्रिक टन से 33.12 प्रतिशत अधिक है। केन्द्र सरकार द्वारा देश में चिन्हित लगभग 22,000 ग्रामीण हाट बाजारों को अवस्थापना सुविधाओं से युक्त करने एवं उनके आधुनिकीकरण की नीति तैयार की जा रही है। इस सम्बन्ध में प्राप्त दिशा निर्देशों को समयबद्ध ढंग से लागू किया जायेगा। प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 132 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्र का निर्माण कराया जा चुका है।

    इसके अतिरिक्त ऋण मोचन योजना के लिये 36 हजार करोड़ रुपये का बजट प्राविधान करते हुये 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानों का ऋण मोचन किया गया। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूूल्य दिलाने के लिये अभियान चलाकर गत वर्ष 36.99 लाख मी.टन गेहूं की खरीद की गयी, जो पहले की अपेक्षा 4 गुना तथा प्रदेश के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक खरीद थी। इसी प्रकार गतवर्ष में किसानों से सीधे 42.90 लाख मी0टन धान खरीद कर 6663.32 करोड़ रुपए का भुगतान कृषकों के खाते में कराया गया है।

    इसके अलावा प्रदेश में विमान सुविधा को बढ़ावा देने के दृष्टिगत जनपद गौतमबुद्धनगर के जेवर में एक इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की स्थापना की जा रही है। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अन्तर्गत प्रदेश के 12 एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है तथा 22 एयर रूट को चयनित किया गया है। प्रयाग कुम्भ-2019 के मद्देनजर इलाहाबाद को भी कुछ शहरों के साथ विमान सेवा से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किए जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 16 नई नीतियां बनाई गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

    इनमें से कुछ महत्वपूर्ण नीतियों में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017, नागर विमानन प्रोत्साहन नीति 2017, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2017, सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप नीति 2017, इलेक्ट्राॅनिक्स विनिर्माण नीति 2017, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन नीति 2017, सौर ऊर्जा नीति 2017, पर्यटन नीति 2017, औषधि उद्योग नीति आदि हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत प्रथम चरण के कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गये हैं। प्रदेश के चयनित 08 महत्वाकांक्षी जनपदों में ग्राम स्वराज अभियान को सघनता से लागू कराया जायेगा।

    गरीबी रेखा सेे नीचे जीवन-यापन करने वाले सभी वर्गांे के परिवारों की पुत्रियों की शादी हेतु मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विवाह संस्कार हेतु 35,000 रुपए की धनराशि की व्यवस्था है। गत वित्तीय वर्ष में इस योजना से 14,580 पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है।मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी एवं अन्य सभी महानुभावों को प्रयाग कुम्भ-2019 में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रयाग कुम्भ-2019 का अयोजन 6 वर्ष के अन्तराल पर हो रहा है। इस अवधि में जनसंख्या वृद्धि के दृष्टिगत सभी मूलभूत सुविधाओं यथा-पेयजल, प्रकाश, सफाई, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन हेतु सड़क आदि का विकास-विस्तार प्राथमिकता पर कराया जा रहा है।

  • घाटी में आतंकियों के खिलाफ शुरू होगा ‘ऑपरेशन ऑलआउट’

    [object Promise]

    नई दिल्ली. रमजान के महीने में ऑपरेशन बंद रखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां दोहरी ताकत के साथ आतंकियों के सफाए में जुट जाएंगी. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महीने तक आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन बंद रहने के दौरान घाटी के सुरक्षा हालात की जानकारी दी. राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को बता दिया कि सुरक्षा एजेंसियां नए सिरे से ऑपरेशन ऑलआउट शुरू करना चाहती हैं. प्रधानमंत्री के साथ विचार-विमर्श के बाद हुए फैसले के बारे में राजनाथ सिंह रविवार को एलान कर सकते हैं.

    उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को बताया कि किस तरह रमजान के महीने में ऑपरेशन बंद करने से घाटी के आम लोगों में सही संदेश गया है. इससे घाटी के लोगों को अहसास हुआ है कि सरकार सचमुच घाटी में शांति चाहती है. पिछले एक महीने में घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में आई कमी इसका सबूत है. यही नहीं पिछले हफ्ते घाटी के दौरे के दौरान लोगों में बेहद उत्साह भी देखने को मिला. लेकिन पाकिस्तान की शह पर चंद लोग घाटी में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. ईद से ऐन पहले पत्रकार और सैनिक की हत्या कर दहशतगर्दी फैलाने के आतंकियों के प्रयास ने सरकार को और भी सख्त कर दिया है.

    बताया जाता है कि राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को सुरक्षा बलों की चिंता से भी अवगत कराया. उनके अनुसार, सुरक्षा बल लंबे समय तक आतंकियों और उनके समर्थकों को तक खुली छूट नहीं दे सकते. खासतौर पर अगले महीने शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा को देखते हुए यह खतरनाक हो सकता है. यही कारण है कि सुरक्षा बल आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑलआउट शुरू करने के पक्ष में है. मालूम हो कि गुरुवार को राजनाथ सिंह ने उच्चस्तरीय बैठक कर कश्मीर के हालात की समीक्षा की थी. जिसमें एनएसए, आइबी निदेशक, गृह सचिव, अर्द्धसैनिक बलों के प्रमुखों के साथ-साथ गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. बैठक में सभी अधिकारी आतंकियों से सख्ती से निपटने के पक्ष में थे.

    दरअसल, पिछले साल जनवरी में शुरू किए गए ऑपरेशन ऑलआउट के दौरान सुरक्षा बलों ने रिकॉर्ड संख्या में आतंकियों को मार गिया था. पिछले साल 200 से अधिक आतंकी घाटी में मारे गए थे. वहीं, इस साल अभी तक लगभग 70 आतंकी मारे जा चुके हैं. ऑपरेशन ऑलआउट की सफलता को देखते हुए सुरक्षा बल रमजान के महीने में भी इसे बंद करने के पक्ष में नहीं थे. लेकिन अंततः उन्हें सरकार के फैसले को मानना पड़ा था.

  • जानिये, क्यों सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन से किया इन्कार ?

    [object Promise]

    नई दिल्ली/ । बीजेपी के खिलाफ 2019 चुनाव में उत्तर प्रदेश में बन रहे महागठबंधन को झटका लग सकता है। एसपी ने संकेत दिए है कि वो महागठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं करना चाहते है। सूत्रों के मुताबिक एसपी कांग्रेस को सिर्फ रायबरेली और अमेठी की सीट देना चाहती है।

    इस मामले में एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को दिल्ली आएंगे और इस बारे में कई विपक्षी दलों से बात कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि एसपी रायबरेली और अमेठी में गांधी परिवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। एसपी सूत्रों का कहना है कि राज्य में गठबंधन के लिए बीएसपी और आरएलडी का साथ बातचीत पूरी कर ली गई है। सूत्रों का कहना है कि 2017 में हुए चुनाव से सबक लेते हुए एसपी एस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है।

    गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और एसपी के बीच गठबंधन हुआ था। खबरों के अनुसार बीएसपी गठबंधन के लिए राजी है। एसपी को लगता है कि बीएसपी के साथ गठबंधन करने से उसे कांग्रेस से ज्यादा लाभ मिलेगा। सूत्रों का ये भी कहना है कि अखिलेश दलित, पिछड़ों और मुस्मिल गठजोड़ बनाना चाहती है और उनके हिसाब से कांग्रेस इसमें फीट नहीं बैठती है।

  • ‘दुष्कर्मी’ महाराज ने चाणक्यपुरी क्राइम ब्रांच में किया सरेंडर, जांच में यह डरावना सच आया सामने

    [object Promise]

    नई दिल्ली . दिल्ली के छतरपुर स्थित शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज ने चाणक्यपुरी क्राइम ब्रांच में सरेंडर कर दिया है। दुष्कर्म मामले में नाम सामने आने के बाद दाती महाराज ने जांच में सहयोग करने की बात कही है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दुष्कर्म मामले में पेश होने के लिए दाती महाराज को बुधवार तक का समय दिया था। दाती महाराज पर अपनी एक शिष्या के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दाती महाराज के दिल्ली और राजस्थान स्थित आश्रमों में उसका यौन उत्पीड़न किया गया था।

    इस बीच मामले में कई सनसनखेज तथ्य भी सामने आए हैं। 25 वर्षीय पीड़ित युवती के साथ न केवल शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज ने दुष्कर्म किया, बल्कि उसके तीन सौतेले भाई भी पीड़िता को हवस का शिकार बनाते रहे। युवती इन्हें दाती के खास शिष्य समझती थी, मगर क्राइम ब्रांच की जांच में यह जानकारी सामने आने के बाद सच का पता चला है।

    क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दाती महाराज के आरोपी सौतेले भाइयों के नाम अनिल, अशोक और अर्जुन हैं। ये तीनों सगे भाई हैं और दाती महाराज के दिल्ली तथा राजस्थान स्थित आश्रम, कॉलेज और अस्पताल के प्रबंधन का कामकाज देखते हैं। इसके अलावा ये तीनों रुपयों का लेखाजोखा भी रखते हैं। क्राइम ब्रांच ने दाती व उसके तीनों सौतेले भाइयों को नोटिस भेजकर बीते शनिवार को ही जांच में शामिल होने को कहा था, लेकिन कोई भी जांच में शामिल नहीं हुआ।

    रविवार को जांच के सिलसिले में क्राइम ब्रांच की 15 सदस्यीय टीम एसीपी तथा इंस्पेक्टर रितेश कुमार के नेतृत्व में राजस्थान के पाली स्थित आश्रम गई थी। वहां आश्रम के खास सेवक ने क्राइम ब्रांच को आश्वासन दिया था कि दाती महाराज सोमवार को दोपहर दो बजे चाणक्यपुरी स्थित इंटर स्टेट सेल में पहुंचकर जांच में शामिल होगा। क्राइम ब्रांच को उम्मीद थी कि दाती सोमवार को जांच में शामिल होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसके बाद अब मंगलवार को दाती क्राइम ब्रांच के सामने पहुंचा है।

    इस बीच क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों में प्रारंभिक जांच के दौरान काफी सबूत जुटा लिए हैं। आसोला गांव स्थित दाती के आश्रम के दो कमरों और पाली स्थित आश्रम के दो कमरों में ही दाती और उसके तीनों सौतेले भाई युवती के साथ दरिंदगी करते रहे। इन चारों कमरों का मुआयना कर फर्द निशानदेही तैयार कर ली गई है। साथ ही डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

     

  • Modi सरकार ने बनाई डिजिटल लाइब्रेरी, अब आप मुफ्त में पढ़ सकते हैं एक करोड़ सत्तर लाख डिजिटल पुस्तकें

    नई दिल्ली।. ज्ञान के खजाने राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय को आज राष्ट्र के नाम समर्पित कर दिया गया और अब देश का हर नागरिक इन्टरनेट या मोबाइल फोन पर मुफ्त में पुस्तकें एवं शोध ग्रन्थ तथा पत्रिकाएं पढ़ सकता है. इस पुस्तकालय में एक करोड़ सत्तर लाख डिजिटल पाठ्य सामग्री हैं और ऑडियो पुस्तकों के अलावा वीडियो लेक्चर भी हैं. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी) खड़गपुर द्वारा तैयार इस डिजिटल पुस्तकालय में 200 भाषाओं में यह पाठ्य सामग्री है जिसे सिंगल विंडो पर चैबीसों घंटे पढ़ा जा सकता है. मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आज यहाँ विज्ञानं भवन में इस डिजिटल पुस्तक को राष्ट्र के नाम समर्पित किया.।

    National Digital Library

    जावड़ेकर ने कहा कि पहले ज्ञान के लिए गुरु होते थे. अब बिना गुरु के ज्ञान ग्रन्थ द्वारा प्राप्त कर सकते हैं यानी गुरु ही ग्रन्थ है और यह ग्रन्थ आपके दरवाजे पर है, पिछले एक साल से शुरू यह डिजिटल पुस्तकालय अब तक केवल शिक्षकों और छात्रों के लिए खुला था लेकिन आज से यह हर किसी के लिए निः शुल्क खुल गया है यानी ज्ञान का खजाना अब आपके सामने खोल दिया गया है और यह पुस्तकालय आपके मोबाइल में आपकी जेब में है. यह पुस्तालय हमेशा मुफ्त रहेगा और यह जनता का अधिकार है जो हमेशा रहेगा,आप कहीं भी कभी भी दुनिया की किसी किताब को पढ़ सकते हैं.।

    [object Promise]
    National Digital Library

    उन्होंने कहा कि अभी 35 लाख लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं और एक साल में इसके सदस्यों की संख्या बढ़ाकर साढ़े तीन करोड़ करने का इरादा है. उन्होंने कहा कि पहले किताबों के लिए एक दूसरे कालेज के पुस्तकालयों या शहरों में भटकना होता था पर इस पुस्तकालय से वह समस्या दूर हो गयी है. इसमें किताबों, शोध ग्रंथों और पत्रिकाओं के अलावा प्रतियोगितायों के प्रश्नपत्र भी है.। उन्होंने बताया कि यह पुस्तालय मोबाइल एप्प में भी है और अभी यह एप्प तीन भाषाओं में हैं. उन्होंने प्राचीन भारत में नालंदा विश्वविद्यालय की विशाल लाइब्रेरी को आक्रमण कारियों द्वारा जलाये एवं नष्ट किये जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि डिजिटल पुस्तालय नष्ट नहीं किया जा सकता है यहाँ तक कि बम हमले से भी इसे नुकसान नहीं पहुँचाया जायेगा,इस तरह ज्ञान हमेशा सुरक्षित रहेगा.। केन्द्रीय संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि जब वह चिकित्सा की पढ़ाई पढ़ रहे थे तो उनके 35 साल पहले उनके पिता की मासिक आय 160 रुपए थी और तब डाक्टरी की किताब 600 रुपये में मिलती थी और हमारे पास किताब खरीदने के पैसे नहीं होते थे लेकिन तब डिजिटल पुस्तकालय नहीं होते थे. आज यह समस्या नहीं है, अब किताबें उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल पुस्तालय से ज्ञान का प्रचार प्रसार होगा इसलिए इस डिजिटल आन्दोलन को आपस में मिलकर आगे बढ़ाने की जरूरत है.।

    उन्होंने इस क्षेत्र में केरल के पी एन पणिक्कर फाउंडेशन के योगदान को रेखांकित किया. उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और विद्या में फर्क है. ज्ञान तो रोशनी के सामान है जिस तरह सूरज की रोशनी को कैद नहीं किया जा सकता,उस तरह ज्ञान को भी कैद नहीं किया जा सकता. आयी आयी टी खड़गपुर के निदेशक डॉ पार्थम चटर्जी ने कहा कि इस पुस्तकालय में दिव्यांगों के लिए भी विशेष व्यवस्था है और इसमें मल्टी मीडिया भी है. इसमें 12 स्कूल बोर्ड की किताबें भी हैं और पांडुलिपियाँ भी है और डाटा बैंक भी है, अन्तराष्ट्रीय डिजिटल कॉपी राइट नीति के बनने से यह पुस्तकालय और समृद्ध होगा. ।

  •  यात्रियों को फ्री में खाना देने की तैयारी में रेलवे

    नई दिल्ली । जल्द ही ट्रेन लेट होने पर रेलवे फ्री में यात्रियों के खाने-पीने की व्यवस्था करेगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी। हालांकि फ्री खाने की सुविधा मेगा ब्लॉक की वजह से ट्रेन लेट होने पर ही मिलेगी, साथ ही अगर मेगा ब्लॉक के दौरान यदि खाने का वक्त यानी लंच या डिनर का समय होता है तभी यह सुविधा यात्रियों को दी जाएगी। खाने-पीने की व्यवस्था आईआरसीटीसी को करनी होगी। मरम्मत कार्यों की वजह से ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को हो रही परेशानी पर पूछे गए एक सवाल के बाद रेल मंत्री ने यह जानकारी दी।

    गोयल ने पत्रकारों को बताया कि चूंकि मेगा ब्लॉक केवल रविवार को किए जाएंगे, इसलिए फ्री खाने की सुविधा रविवार को मेगा ब्लॉक की वजह से ट्रेन लेट होने पर ही मिलेगी। फिलहाल रिजर्व कैटिगरी के यात्रियों को ही यह सुविधा दी जाएगी, अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों को यह सुविधा देने के बारे में रेल मंत्री का कहना है कि इसपर भी विचार किया जाएगा, लेकिन अनारक्षित श्रेणी में यात्रियों की वास्तविक संख्या का पता लगाने में थोड़ी परेशानी होगी।

    रेल मंत्री की ताजा घोषणा को आप यूं समझ सकते हैं, मान लें कि रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक मेगा ब्लॉक की वजह से ट्रेन किसी स्टेशन पर खड़ी रहती है। अब चूंकि इस अवधि में यात्रियों के लंच का वक्त भी शामिल होगा तो आईआरसीटीसी को अपनी तरफ से यात्रियों के लिए लंच और पीने के पानी की व्यवस्था करनी होगी। रेलवे की योजना अब मरम्मत के लिए ब्लॉकिंग के कार्य को पहले से प्लान करके करने की है, इससे यात्रियों को पहले ही इस बात की जानकारी रहेगी, साथ ही आईआरसीटीसी को यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करने में आसानी होगी।
    रेल मंत्री ने कहा कि उनका जोर ट्रेनों को तय समय से चलाने और स्वच्छता पर है, जिससे कि यात्रियों की परेशानी को कम किया जा सके। इलाहाबाद-मुगलसराय के बीच तीसरी लाइन बनाने के प्लान पर गोयल ने कहा कि इस रूट के ट्रैक पर दबाव 200 फीसदी से भी ज्यादा है, इसलिए तीसरे ट्रैक का निर्माण जरूरी है। रेल मंत्रालय के अनुसार तीसरे ट्रैक को बनाने में लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

     

  • आखिरकार टूट गया तीन साल पुराना गठबंधन, BJP ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस लिया

    [object Promise]

    नई दिल्‍ली । जम्‍मू-कश्‍मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्‍स डेमोक्रेटिक पार्टी का तीन साल पुराना गठबंधन आखिरकार टूट गया है। भाजपा ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। भाजपा जम्‍मू-कश्‍मीर प्रभारी राम माधव ने इस बात की जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि हमने सबकी सहमति से आज यह निर्णय लिया है कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा अपनी भागीदारी को वापस लेगी। 87 सीटों वाली जम्‍मू-कश्‍मीर विधानसभा में भाजपा के पास 25 सीट और पीडीपी के पास 28 सीटें हैं। महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्‍तीफा राज्‍यपाल नरेंद्र नाथ वोहरा को सौंप दिया है।

    [object Promise]
    Mehbooba

    मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भाजपा द्वारा राज्य में सत्तासीन गठबंधन सरकार से अलग होने का एलान करने के बाद अपना इस्तीफा राज्यपाल एनएन वोहरा को सौंप दिया। राज्य सरकार के प्रवक्ता और सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर ने महबूबा मुफ्ती द्वारा इस्तीफा दिए जाने की पुष्टि की है। इस बीच, उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता ने भी भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री महबूबा मुफती के मंत्रीमंडल में शामिल सभी मंत्रियों के इस्तीफों की पुष्टि करते हुए कहा कि अब हम गठबंधन से अलग हो चुके हैं। इसलिए मंत्रीमंडल और सरकार में बने रहने का कोई औचित्य नहीं हैं। हमने अपने इस्तीफे मुख्यमंत्री को सौंप दिए हैं।

    [object Promise]
    Mehbooba_Amit

    भाजपा के महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने कहा, ‘हम खंडित जनादेश में साथ आए थे। लेकिन मौजूदा समय के आकलन के बाद इस सरकार को चलाना मुश्किल हो गया था। महबूबा मुफ्ती हालात संभालने में नाकाम साबित हुईं। हम एक एजेंडे के तहत सरकार बनाई थी। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार की हर संभव मदद की। गृहमंत्री समय पर राज्य का दौरा करते रहे। सीमा पार से जो भी पाकिस्तान की सभी गतिविधियों को रोकने के लिये सरकार और सेना करती रही। लेकिन हालात सुधर नहीं रहे हैं।

    amit-mufti_

    उन्‍होंने कहा कि हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या कर दी गई। राज्य में बोलने और प्रेस की आजादी पर खतरा हो गया है। राज्य सरकार की किसी भी मदद के लिये केंद्र सरकार करती रही। लेकिन राज्य सरकार पूरी तरह से असफल रही। जम्मू और लद्दाख में विकास का काम भी नहीं हुआ। कई विभागों ने काम की दृष्टि से अच्छा काम नहीं किया। भाजपा के लिये जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन आज जो स्थिति है उस पर नियंत्रण करने के लिये हमने फैसला किया है कि हम शासन को राज्यपाल का शासन लाएं।

  • आईबी ने जारी किया रेड अलर्ट, आतंकी संगठन कर सकते है राजधानी दिल्ली में बड़ा हमला

    राष्ट्रीय राजधानी में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। इस संबंध में आईबी ने हाल में ही अलर्ट जारी किया है। बताया गया है कि प्लंबर के रूप में 3 आतंकवादी दिल्ली में किसी सरकारी इमारत में घुस सकते हैं।

    डर यह भी है कि वे आईजीआई एयरपोर्ट या फिर किसी भीड़-भाड़ वाले रेलवे स्टेशन, मॉल या फिर बड़े स्कूल को निशाना बना सकते हैं। ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हो सकते हैं।

    सूत्रों ने बताया कि इस बार के अलर्ट में सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें आतंकवादियों की संख्या और संगठन की भी जानकारी दी गई है। देश की खुफिया एजेंसी इस अलर्ट को काफी गंभीरता से ले रही है। यह भी कहा गया है कि इस बार 15 अगस्त को भी अधिक खतरा है।

    इस वजह से दिल्ली पुलिस समेत पैरा मिलिट्री फोर्सेज से तैयार रहने को कहा गया है। दिल्ली पुलिस उन लोगों का भी पता लगा रही है, जो हाल ही में दिल्ली आए हैं।

    तमाम आरडब्ल्यूए से भी कहा जा रहा है कि वह अपने-अपने एरिया में अजनबियों पर ध्यान रखें और किसी भी शख्स को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के नौकरी पर या फिर किराए पर न रखें। व

    हीं, आईजीआई एयरपोर्ट के संबंध में आगाह करते हुए कहा गया है कि अगर विमानों के रास्ते में या फिर रनवे पर अगर कोई ड्रोन या इस तरह का कोई फ्लाइंग ऑब्जेक्ट दिखाई देता है, जो एयर ट्रैफिक के लिए खतरा साबित हो सकता है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाए।

    सूत्रों का कहना है कि इस बार जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली में कुछ बड़ा करने की फिराक में हैं। किसी भी तरह का कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता।

    कुछ आतंकवादी संगठन दिल्ली में 15 अगस्त या इससे पहले कुछ करने की फिराक में हैं। इस वजह से पूरी दिल्ली में उन तमाम जगहों पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है जहां भीड़भाड़ रहती है।

    ADS