Category: national

  • जब सुषमा स्वराज के विमान का संपर्क पूरी दुनिया से 15 मिनट के लिए कट गया!

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    भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का विमान उस समय 15 मिनट के लिए गायब हो गया। जब मारिशस के हवाई सीमा में घुसते ही सुषमा स्वराज के वीवीआईपी विमान का संपर्क एटीसी से टूट गया। हांलाकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने सुषमा स्वराज के लापता विमान के बारे में कोई पुष्टि नहीं की। हम आपको बता दें कि शनिवार को भारतीय विमान प्राधिकरण में उस समय हड़कंप मच गया जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के विमान का संपर्क पूरी दुनिया से 15 मिनट के लिए कट गया।

    खबरों के अनुसार मॉरिशस ने चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल ही एम्ब्रायर ईआरजे 135 ‘मेघदूत’ से आखिरी बार संपर्क में था। एएआई के अधिकारी ने बताया कि विमान ने 4 बजे त्रिवेन्द्रम से उड़ान भरी थी। 4 बजकर 44 मिनट पर अलार्म बजने के बाद संबंधित लोग विमान को लेकर सतर्क हो गए। अधिकारी के अनुसार अनियमित वीएचएफ कॉम्युनिकेशन की वजह से समुद्री इलाकों में इस तरह की समस्या अक्सर आती है।

    बता दें कि वीवीआईपी विमान मेघदूत का संपर्क हवाई क्षेत्र में पहुंचने के बावजूद मॉरीशस एयर ट्रैफिक कंट्रोल से नहीं हो सका। करीब 13-15 मिनट तक विमान से संपर्क टूटा रहा। इस दौरान मॉरीशस ने अलर्ट भी जारी किया जिसके बाद सुषमा स्वराज के प्लेन से दोबारा संपर्क हो गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल का काम देखने वाली एयरपोर्ट्स अथॉरिटी इंडिया के सूत्र के अनुसार एटीसी आमतौर पर समुद्री एयरस्पेस के ऊपर 30 मिनट तक इंतजार करने के बाद विमान के गायब होने का ऐलान कर देता है।

    विदेश मंत्री के विमान ने जब मॉरीशस के एयरस्पेस में प्रवेश किया तो वहां के एटीसी के साथ करीब 12 मिनट तक विमान का संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद मॉरिशस ऑथरिटी को इमरजेंसी अलार्म बटन दबाया गया।

  • PM Modi के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को आप भी कर सकते हैं योग, यहां कराएं रजिस्ट्रेशन और जानें पूरी आवेदन प्रक्रिया

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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को पूरे भारत में मनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को योग दिवस भी कहते हैं। योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम इस साल देहरादून में होगा। देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योग करेंगे।
    अगर आप पीएम मोदी के साथ योग करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको पहले से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। बिना रजिस्ट्रेशन के आपको इस जगह एंट्री नहीं मिलेगी।

    देहरादून में यहां होगा मुख्य कार्यक्रम
    दरअसल योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम देहरादून के भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में होगा। इस कार्यक्रम में जाने के लिए ऑनलाइ पास लेना पड़ेगा। ऑनलाइन पास पाने के लिए आप ‘उत्तराखंड ऑफिशियल ई-गेट पास पोर्टल’ रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पोर्टल पर रिजस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    रजिस्ट्रेशन कराने पर मिलेंगे पास
    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक पास ‘उत्तराखंड ऑफिशियल ई-गेट पास पोर्टल’ के माध्यम से मिलेंगे, ये जानकारी एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने दी है।

    ये है पूरी आवेदन प्रक्रिया
    रजिस्ट्रेशन के लिए आपको कुछ जरूरी जानकारियां और फोटो अपलोग करना पड़ेगा। इसके बाद आपका डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी (आईटीडीए) के द्वारा चेक होगा और मेल पर पास भेज दिया जाएगा।

    5 बजे से पहले पहुंचे
    मेल पर आए पास का प्रिंटआउट लेकर आपको एफआरआई गेट पर जाना होगा, जहां क्यूआर कोड से चेकिंग के बाद आपको एंट्री मिल जाएगी। ध्यान रहे कि एफआरआई गेट पर आपको सुबह 5 बजे से पहले पहुंचना पड़ेगा और इस तरह आप पीएम मोदी के साथ योग करने का मौका मिलेगा।

    ये है वेबसाइट का लिंक https://egatepass-uk.in/yoga_pass.phpP

  • आज देश बीजेपी के 2-3 लोगों और आरएसएस का गुलाम हो गया है – राहुल गांधी

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    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह दूसरों के काम का क्रेडिट लेते हैं। इसके अलावा उन्होंने मोदी सरकार पर कुछ मुट्ठीभर अमीरों के लिए काम करने का आरोप लगाया। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि जिनके पास हुनर है, जो काम करते हैं, उन्हें सम्मान नहीं मिलता बल्कि फायदा किसी और को मिलता है। राहुल ने कहा कि आज देश बीजेपी के 2-3 नेताओं और आरएसएस का गुलाम हो चुका है लेकिन अब बदलाव आ रहा है। जल्द ही उन्हें समझ में आएगा कि हिंदुस्तान को 2-3 लोग नहीं चला पाएंगे।’

    कांग्रेस अध्यक्ष ने ओबीसी समुदाय को भरोसा दिया कि कांग्रेस उन्हें उनका हक दिलाएगी। राहुल ने कहा, ‘हम आपको आपका हक देंगे। हम बस की चाबी आपको देना चाहते हैं। हम एक साथ काम करेंगे।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी के 2-3 नेता और आरएसएस पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के 2-3 नेताओं और आरएसएस ने देश को गुलाम बना दिया है लेकिन जल्द ही यह स्थिति बदलेगी। राहुल गांधी ने कहा, ‘हम लोकसभा में बैठे हैं, विधानसभा में बैठे हैं लेकिन हमारी कोई नहीं सुनता। सिर्फ आरएसएस की बात सुनी जाती है।’ कांग्रेस और बीजेपी के कामकाज के तरीके में अंतर को समझाते हुए गांधी ने कहा, ‘हम सभी एक बस में बैठते हैं और चाबी आम जनता को दे देते हैं। लेकिन बीजेपी सबको बस में बैठाकर चाबी आरएसएस को दे देती है।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ 15 सबसे अमीर लोगों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन उनका कर्ज माफ नहीं होगा। राहुल गांधी ने कहा, ‘हिंदुस्तान में जो काम करता है, वह पिछले कमरे में छिपा रहता है…जो दर्जी का काम करता है, धोबी, बढ़ई का काम करता है, वह छिपा रहता है…काम कोई करता है और फायदा किसी और को मिलता है…यह है हिंदुस्तान की सच्चाई…हुनर किसी के पास और फायदा किसी और को। जो काम करता है, खून-पसीना देता है, जिसके पास स्किल है, उसे हिंदुस्तान सम्मान नहीं देता है। किसान दिनभर काम करेगा लेकिन नरेंद्र मोदी के ऑफिस में किसान कभी नहीं दिखेगा। कर्ज माफ होगा तो 15 लोगों का, किसान आत्महत्या भले ही कर लें लेकिन उनका कर्ज माफ नहीं होगा।’

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में हुनरमंद लोगों की कमी नहीं है लेकिन उन्हें बैंकों से मदद नहीं मिलती। राहुल गांधी ने कहा, ‘कोकाकोला वाला शिकंजी बेचता था। मैकडॉनल्ड वाला ढाबा चलाता था। फोर्ड, मर्सेडीज, होंडा को किसने शुरू किया। मकैनिक थे तीनों। आप हिंदुस्तान में कोई ऑटोमोबाइल कंपनी बता दो जिसे मकैनिक ने शुरू किया हो। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के दौर पर हर कोई खुलकर अपनी बात रख देता था लेकिन आज लोग कुछ भी कहने से डरते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘4 साल में हिंदुस्तान के छोटे दुकानदार, बढ़ई, नाई, मोची, दलित, गरीब सब देख रहे हैं कि हुआ क्या? प्रेस वाले भी देख रहे हैं कि क्या हो रहा है… कांग्रेस के समय में हम जो चाहते थे, वह कह देते थे लेकिन आज कोई खुलकर बोल नहीं पाता।

  • OLA कैब में महिला से छेड़छाड़, कपड़े उतरवाकर ली फोटो

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    बेंगलुरु : बेंगलुरु में ओला कैब के ड्राइवर ने एक महिला को बंधक बनाकर उसके साथ छेड़छाड़ की और फिर उसके कपड़े उतरवाकर फोटो खींच ली। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिला पेशे से आर्किटेक्‍ट है और उसने एक जून को सुबह एयरपोर्ट जाने के लिए कैब बुक की थी। ड्राइवर ने जल्‍दी पहुंचने की बात कहकर दूसरा रास्‍ता ले लिया। महिला ने आगे बताया कि कार जब सुनसान जगह पहुंच गई तो ड्राइवर ने उससे छेड़छाड़ की। ड्राइवर ने गाड़ी के दरवाजे लॉक कर दिए और उसे धमकाया।

    उसने कई अन्‍य लोगों को बुलाकर गैंगरेप करने की धमकी भी दी। इसके बाद आरोपी ने कपड़े उतारने और फोटो के लिए पोज देने को कहा। जब महिला ने इसके लिए मना किया तो उसने गला दबाने कोशिश की। काफी विरोध के बाद उसे बात माननी पड़ी और वॉट्सऐप के जरिए फोटो देनी पड़ी। मामले की जांच कर रहे पुलिसकर्मी ने बताया कि आरोपी ने पुलिस में शिकायत करने पर फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देने की भी धमकी दी।

    घटना के बाद महिला फ्लाइट से मुंबई चली गई थी और उसने ईमेल के जरिए बेंगलुरु के कमिश्‍नर को शिकायत भेजी। जिसके बाद पुलिस ने शिकयत दर्ज करके मामले में कार्रवाई शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

  • पतांजलि ने उ.प्र. में फूड प्रोसेसिंग पार्क रद्द करने की घोषणा की!

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    पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित मेगा फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट को रद्द करने का घोषणा कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा रामदेव से फोन पर बात की। रामदेव ने योगी को आश्वस्त किया है कि प्रोजेक्ट यूपी में ही रहेगा।

    इससे पहले पतंजलि के एक अधिकारी ने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को जमीन हस्तांतरण के लिए राज्य सरकार से जरूरी मंजूरी नहीं मिली। वहीं यूपी के फूड प्रोसेसिंग सचिव जेपी मीणा ने कहा कि जरूरी शर्तों को पूरा करने के लिए पतंजलि काे चार माह का समय दिया गया था।

    इससे पहले पतंजलि आयुर्वेद के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट करके कहा, “यूपी सरकार से जरूरी मंजूरी नहीं मिलने के कारण हम इस प्रोजेक्ट को रद्द कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अब हम किसी अन्य राज्य में इस प्रोजेक्ट को ले जाएंगे।

    जमीन और बैंक लोन सहित चार-पांच शर्तें फूड पार्क खोलने की इच्छुक किसी भी पार्टी के लिए जरूरी हैं

  • सरकारी कर्मचारियों को मोदी सरकार ये तोहफे देने की कर रही है तैयारी !

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    नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने 4 साल के कार्यकाल में सरकारी कर्मचारियों को 5 अलग-अलग तोहफे दिए हैं। अब खबर आ रही है कि पीएम मोदी 15 अगस्त 2018 को दो नए तोहफों की घोषणा कर सकते हैं। अगले साल लोकसभा चुनाव को देखते हुए पीएम यह कदम उठा सकते हैं।

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    पहली बड़ी घोषणा यह हो सकती है कि सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में बढ़ौतरी की जाा सकती है। दूसरी घोषणा यह कि रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 62 साल हो सकती है। इसका फायदा करीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों को होगा। राजनीतिक पंडितों की मानें तो इस ट्रंप कार्ड को मोदी सरकार ने अब तक बचा कर रखा है। इस घोषणा का असर सीधे तौर पर 2019 के आम चुनाव पर पड़ेगा, जिसे जीतने के लिए बीजेपी पुरजोर कोशिश कर रही है।

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    जनवरी 2016 में बढ़ा था 14ः वेतन
    जनवरी 2016 में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 14 फीसदी की बढ़ौतरी की गई थी। हालांकि कर्मचारी इस बढ़ौतरी से खुश नहीं थे क्योंकि कॉस्ट ऑफ लिविंग और बढ़ती महंगाई में यह बढ़ौतरी ऊंट के मुंह में जीरेश् के समान थी। सरकारी कर्मचारियों ने सरकार से मांग की थी कि न्घ्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया जाए। यह बढ़ौतरी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से इतर की जानी चाहिए लेकिन केंद्र सरकार ने यह मांग नकार दी।

    50 लाख कर्मचारी इंतजार में
    खबर के मुताबिक सरकार ने अब तक 50 लाख कर्मचारियों का न्घ्यूनतम वेतन नहीं बढ़ाया है लेकिन ग्रामीण अंचल में तैनात कर्मचारियों की सैलरी में 56 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। जून की शुरूआत में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सरकार ने गांवों में तैनात पार्ट-टाइम Poastel service Stop  का वेतन 56 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया था। उन्घ्हें 1 जनवरी, 2016 से एरियर मिलेगा।

  • जानिये दाती महाराज के कृत्यों के हैरान करने वाले राज

    नई दिल्ली। दिल्ली के छतरपुर स्थित शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज (असली नाम मदन लाल) और उसके दो शिष्यों के खिलाफ 25 वर्षीय युवती ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पीड़िता आरोपित बाबा की शिष्या रह चुकी है। उसका आरोप है कि दाती महाराज और उसके शिष्यों ने दिल्ली व राजस्थान में स्थित शनि मंदिर के आश्रम में कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, उसके साथ राजस्थान के पाली स्थित आश्रम में भी सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

    यहां पर बता दें कि राम रहीम और आसाराम की तरह ही अब दाती महाराज पर भी उसी तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। इन तीनों बाबाओं के कृत्यों में कई समानताएं हैं। सबसे पहला तो यही कि तीनों ही मामलों में आश्रम के भीतर ही शिष्याओं (साध्वियों) के साथ दुष्कर्म किया गया। तीनों मामलों में एक नाबालिग थी तो दो युवतियां थीं।
    दाती महाराज का मामला सामने आने के बाद देखा जाए तो आसाराम, राम रहीम और दाती महाराज के मामले एक जैसे लग रहे हैं। तीनों ही मामलों में दूसरी सबसे बड़ी समानता तो यही है कि दुष्कर्म के मामलों में बिचैलियों की भूमिका महिलाओं ने निभाई, जो पहले से ही बाबाओं की चेली थीं।

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    हालांकि, दाती महाराज पर युवती से अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप भी लगा है। एक और मामले में दाती महाराज का मामला अलग हो जाता है कि बाबा के अलावा, उसके शिष्यों ने भी युवती को अपनी हवस का शिकार बनाया। यह भी कहा जा रहा है कि युवती से सामूहिक दुष्कर्म में दाती महाराज की सहमति थी। सबसे बड़ी बात की तीनों मामलों में पीड़िताओं को जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी, लेकिन सभी पीड़िताओं ने मामला दर्ज कराया। दो में फैसला चुका है, जबकि दाती महाराज के मामले में गिरफ्तारी होना बाकी है।

    वहीं, छतरपुर स्थित शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज (असली नाम मदन लाल) और उसके दो शिष्यों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती परिवार के साथ अभी राजस्थान में रहती है। उसके परिजनों ने करीब 10 साल पहले पढ़ाई के लिए उसे बाबा के राजस्थान के पाली स्थित बालग्राम गुरुकुल आश्रम में भेज दिया था। बाद में उसे दिल्ली के छतरपुर स्थित आश्रम में भेज दिया गया।
    पीड़िता का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले दाती महाराज ने छतरपुर के फतेहपुरबेरी स्थित शनिधाम मंदिर के आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म किया था। यहां बाबा के दो शिष्यों ने भी उससे कई बार दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। उसने आश्रम में रहने वाली पुरानी शिष्या को आपबीती सुनाई तो उसने कहा कि बाबा की बात सभी शिष्यायें मानती हैं। उसे भी माननी होगी।

    इसके बाद कई बार वही शिष्या जबरदस्ती बाबा के कमरे तक ले जाने लगी। परेशान होकर पीड़िता आश्रम छोड़कर घर चली गई, लेकिन बाबा के डर से उसने शिकायत नहीं की। बड़ी हिम्मत जुटाकर उसने घरवालों को पूरी बात बताई तो उन्होंने एफआइआर दर्ज कराने को कहा। बुधवार को उसने राजस्थान से दिल्ली पहुंचकर फतेहपुरबेरी थाने में बाबा, उसके दोनों शिष्यों व महिला के खिलाफ शिकायत दी।

    पुलिस के अनुसार बाबा ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया, लेकिन कई अहम सुराग मिलने पर रविवार को मामला दर्ज कर लिया गया। सोमवार को पीड़िता का धारा 164 के तहत बयान दर्ज होना था, लेकिन किसी कारण से टल गया। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि दुष्कर्म के बाद बाबा व उसके दोनों शिष्य उसे जान से मारने और गायब करने की धमकी देते थे। मामला दर्ज कराने के बाद तो ये लोग और पीछे पड़ जाएंगे। पीड़िता ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद से भी गुहार लगाई कि उसे राजस्थान से दिल्ली आने-जाने के दौरान जाना का खतरा हो सकता है। इसलिए उसे पुलिस सुरक्षा प्रदान करवाई जाए।

    मामला दर्ज होने के बाद से बाबा फरार हो गया है। हालांकि, सूत्रों से पता चला है कि रविवार रात दो बजे तक वह दिल्ली स्थित आश्रम में ही था, लेकिन सोमवार अलसुबह वह फरार हो गया। दिल्ली पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगा दी गई हैं। जल्द ही पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। चूंकि बाबा व उसके शिष्यों ने पीड़िता से राजस्थान स्थित आश्रम में भी दुष्कर्म किया है, इसलिए राजस्थान पुलिस अलग से भी एफआइआर दर्ज कर सकती है। दिल्ली पुलिस की कुछ टीमें बाबा की तलाश में राजस्थान भी भेजी गई हैं। इस संबंध में आरोपित दाती महाराज का पक्ष जानने के लिए दैनिक जागरण के वरिष्ठ संवाददाता ने उन्हें फोन किया तो उन्होंने कहा कि अभी मोबाइल में नेटवर्क नहीं आ रहा है। बाद में बात करुंगा। सोमवार को बाबा के आश्रम पर मौजूद अजरुन नाम के सेवादार ने बताया कि अभी बाबा राजस्थान में हैं। कुछ लोगों ने बताया कि अजरुन बाबा का छोटा भाई है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

  • APY के तहत पेंशन सीमा बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह तक करने पर विचार

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    नई दिल्ली : सरकार अटल पेंशन योजना (APY) के तहत पेंशन सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसका मौजूदा स्लैब 5,000 रुपये प्रतिमाह है। वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव मदनेश कुमार मिश्रा ने यहां पीएफआरडीए द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एपीआई के तहत पेंशन मूल्य बढ़ाए जाने की जरूरत है। मिश्रा ने कार्यक्रम के अवसर पर अलग से बताया,‘हमने पेंशन मूल्य को बढ़ाकर 10,000 रुपये तक करने के (पीएफआरडीए द्वारा भेजे गए) प्रस्ताव को देखा है। हम इस पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं।’ पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन हेमंत जी कॉन्ट्रैक्टर ने कहा कि एपीआई का ग्राहक आधार बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया था। उन्होंने कहा ,‘इस समय पेंशन के पांच स्लैब 1,000-5,000 रुपये प्रतिमाह से है।

    बाजार से अधिक पेंशन राशि को लेकर कई आग्रह/सुझाव मिले हैं क्योंकि कई लोगों को मानना है कि आज से 20-30 साल बाद 60 साल की उम्र में 5,000 रुपये की राशि पर्याप्त नहीं होगी।’ कॉनट्रैक्टर ने कहा,‘हमने इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा है कि इस राशि को बढ़ाकर 10,000 रुपये तक किया जाना चाहिए।’ पीएफआरडीए ने दो और प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे हैं जिनमें एपीआई के लिए स्वत: नामांकन और इस योजना में शामिल होने की अधिकतम आयु बढ़ाकर 50 साल किया जाना शामिल है।

    मिश्रा ने कार्यक्रम के अवसर पर अलग से बताया, ‘हमने पेंशन मूल्य को बढ़ाकर 10,000 रुपए तक करने के (पीएफआरडीए द्वारा भेजे गए) प्रस्ताव को देखा है। हम इस पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं।’ पेंशन कोष नियामक व विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन हेमंत जी कांट्रेक्टर ने कहा कि एपीआई का ग्राहक आधार बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया था। उन्होंने कहा, ‘इस समय पेंशन के पांच स्लैब 1,000-5,000 रुपए प्रतिमाह से है।

    बाजार से अधिक पेंशन राशि को लेकर कई आग्रह/सुझाव मिले हैं क्योंकि कई लोगों को मानना है कि आज से 20-30 साल बाद 60 साल की उम्र में 5,000 रुपए की राशि पर्याप्त नहीं होगी।’ कांट्रेक्टर ने कहा, ‘हमने इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा है कि इस राशि को बढ़ाकर 10,000 रुपए तक किया जाना चाहिए।’ पीएफआरडीए ने दो और प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे हैं जिनमें एपीआई के लिए स्वतः नामांकन तथा इस योजना में शामिल होने की अधिकतम आयु बढाकर 50 साल किया जाना शामिल है।

  • तेल की बढ़ती कीमतों से जनता को कैसे मिलेगी राहत ?

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    नई दिल्ली । तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम जन से लेकर सरकार तक हर कोई परेशान है। हालांकि, कई दिनों से तेल की कीमतों में कटौती हो रही है लेकिन पैसे-पैसे की कटौती ने अभी तक बमुश्किल एक रुपये की राहत लोगों को दी है। इसी बीच, मांग उठने लगी है कि तेल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। जीएसटी के दायरे में लाने के लिए भी राज्यों की सहमति जरूरी है, लेकिन लगता है कि अब राज्य भी तेल के मामले को लेकर कोई खास राहत देने के मूड में नहीं हैं।

    हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि तेल की कीमतों को लेकर सरकार गंभीर और जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है, बशर्ते सभी राज्य सहमत हों। इसी बीच खबर आई थी कि कुछ राज्य सहमत नहीं हैं। वहीं, इसी दौरान केरल ने तेल की कीमतों में एक रुपये की कटौती कर दी। लेकिन सभी राज्यों के साथ ऐसा नहीं लगता।

    तेलंगाना के वित्तमंत्री इटाला राजेंद्र ने कहा कि शराब और पेट्रोल जीएसटी के दायरे में नहीं आने चाहिएं। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र ऐसा करता है, तो राज्य सरकारों को बहुत आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। वित्तमंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की ओर से जारी कुछ निर्देशों से तेलंगाना सरकार सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का फैसला सही नहीं है। यह फैसला संघीय ढांचे को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से राज्य सरकारों की आय और भी कम हो जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि तेल और शराब जीएसटी के दायरे में नहीं लाए जाने चाहिएं। राज्यों को खुद से कुछ कमाई करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

    केंद्र सरकार कम करे एक्साइज ड्यूटी
    तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए वित्त मंत्री इटाला ने एक और तरीका सुझाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों से वैट कम करने को कहने की बजाय केंद्र सरकार को चाहिए कि वह एक्साइज ड्यूटी घटाए ताकि तेल के दाम कम हो सकें। उन्होंने कहा कि हम केंद्र से मांग करते हैं कि वो लगातार बढ़ रहे केंद्रीय टैक्स (सेंट्रल एक्साइज) को कम करे। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि आम आदमी को राहत देने की केंद्र सरकार की भी जिम्मेदारी है। बता दें कि तेल पर राज्य और केंद्र सरकार अलग- अलग कर लगाते हैं, जिसके बाद कीमत तय होती है।

    क्यों नहीं चाहते राज्य ऐसा
    बहुत से राज्य ऐसे हैं, जो कि तेल और शराब को जीएसटी के दायरे में लाने से इनकार कर सकते हैं। इसकी बड़ी वजह इन दोनों (तेल और शराब) से होने वाली राज्य सरकारों को कमाई है। राज्य सरकारों की आमदनी में सबसे बड़ा जरिया तेल और शराब पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स हैं। हालांकि राज्य सरकार की कमाई के अन्य साधन भी हैं लेकिन तेल और शराब के जरिए अरबों का राजस्व राज्य को मिलता है।

  • सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका , एसएससी से 57 हजार सिपाहियों की होगी भर्ती

    New Delhi. कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) केंद्रीय सुरक्षा बलों में कांस्टेबल जीडी-2017 सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और असम राइफल में सिपाही के लिए खाली हुए 56717 पदों पर जल्द भर्ती करेगा।

    आयोग की ओर से इन पदों के लिए शैक्षिक योग्यता 10वीं पास और आयुसीमा 18 से 23 वर्ष के बीच रखी गई है। इस महीने के अंत तक कांस्टेबल जीडी-2017 के लिए आवेदन जारी कर दिया जाएगा। एसएससी की बड़ी परीक्षाओं में से एक कांस्टेबल जीडी में शैक्षिक योग्यता दसवीं पास होने के कारण इस परीक्षा में 35 से 40 लाख परीक्षार्थी दावेदारी करते हैं।

    पूर्व में फरवरी में होनी थी पदों की घोषणा

    आयोग के कैलेंडर में पहले कांस्टेबल जीडी-2017 के लिए पदों की घोषणा फरवरी में होनी थी। पूर्व में आवेदन की तिथि के आधार पर आयोग ने सिपाही भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा के लिए 13 जून से सात जुलाई 2018 के बीच का समय तय किया था। अब आवेदन मांगे जाने में देरी के चलते परीक्षा तिथि बाद में घोषित की जाएगी।

    एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक राहुल सचान ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा को लेकर कुछ तकनीकी बदलाव के चलते आवेदन में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही आवेदन जारी होंगे। सिपाही भर्ती में लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक मानकों की जांच, मेडिकल टेस्ट, शारीरिक दक्षता की जांच होगी।