Category: national

  • जानिये क्यों छिना गया स्मृति ईरानी से सूचना प्रसारण मंत्रालय !

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    नई दिल्ली: 2019 लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अचानक फेरबदल कर दिया। किडनी ट्रांसप्लाट और ऑपरेशन के चलते केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की जगह पीयूष गोयल वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

    जेटली से मंत्रालय लिया जाना स्वाभाविक माना जा रहा है, लेकिन स्मृति ईरानी से सूचना प्रसारण मंत्रालय वापस लेना बड़ा फैसला माना जा रहा है। स्मृति से इससे पहले भी एचआरडी मंत्रालय छीना गया था। सूचना प्रसारण मंत्रालय में ही राज्यमंत्री के रूप में काम देख रहे राज्यवर्धन सिंह राठौर ही अब पूरी तरह से सूचना प्रसारण मंत्रालय का कामकाज संभालेंगे।

    ईरानी अब केवल टेक्सटाइल मंत्रालय की प्रभारी रहेंगी। ये दूसरी बार है जब स्मृति ईरानी से हाई प्रोफाइल मंत्रालय लिया गया हो। इससे पहले उनसे मानव संसाधन मंत्रालय लिया गया था और प्रकाश जावड़ेकर ने उनकी जगह ली थी।

    अपने फैसलों को लेकर स्मृति ईरानी अक्सर विवादों में रहती हैं। हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फेक न्यूज (फर्जी खबरों) पर अंकुश लगाने के उपायों के तहत बयान जारी कर कहा था कि अगर कोई पत्रकार फर्जी खबरें करता हुआ या इनका दुष्प्रचार करते हुए पाया जाता है तो उसकी मान्यता स्थायी रूप से रद्द की जा सकती है।

    बयान में कहा गया था कि पत्रकारों की मान्यता के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों के मुताबिक अगर फर्जी खबर के प्रकाशन या प्रसारण की पुष्टि होती है तो पहली बार ऐसा करते पाए जाने पर पत्रकार की 6 महीने के लिए मान्यता निलंबित की जाएगी। जबकि दूसरी बार ऐसा करते पाए जाने पर उसकी मान्यता 1 साल के लिए निलंबित की जाएगी। वहीं तीसरी बार अगर इसका उल्लंघन होता है तो पत्रकार (महिला/ पुरुष) की मान्यता स्थायी रूप से रद्द कर दी जाएगी।

    प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमओ) ने स्मृति ईरानी के फैसला पलटते हुए कहा है कि इसे पूरी तरह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) के ऊपर छोड़ देना चाहिए। पीएमओ के इस फैसले से स्मृति ईरानी पर सवाल खड़े होने लगे थे।

    स्मृति ईरानी को अपने विवादित बयानों के कारण कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। मंत्री बनने के बाद से लगातार उनका किसी न किसी विवाद में नाम आता रहता है।

     चर्चित विवाद

    स्मृति ईरानी के शिक्षा मंत्री बनने के बाद यूजीसी के निर्देश पर दिल्ली यूनिवर्सिटी को चार साल का डिग्री कोर्स वापस लेना पड़ा था।

    शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी पर दो अलग चुनावी शपथपत्र में अपनी शिक्षा के बारे में अलग-अलग जानकारी देने के आरोप लगे।

    एचआरडी मंत्रालय की तरफ से संचालित सेंट्रल स्‍कूलों में जर्मन की जगह संस्‍कृत भाषा लाने के उनके फैसले पर भी काफी बवाल मचा था।

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर विरोध जताकर मंत्रालय विवादों में आ चुका है।

     हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी पर भी स्मृति के मंत्रालय की किरकिरी हो चुकी है। यूनिवर्सिटी के कुछ दलित छात्रों के खिलाफ बीजेपी के छात्र संगठन एबीवीपी के एक छात्र नेता की पिटाई का आरोप लगा था।

     जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में महिषासुर दिवस मनाए जाने और दुर्गा को लेकर इरानी ने संसद में एक पर्चा पढ़ा था, जिस पर विवाद हो गया था। तब स्मृति ने कथित तौर पर कहा था कि दलित और पिछड़े वर्ग के छात्र मां दुर्गा का अश्लील चित्रण करते हैं। इस पर कई दिनों तक उनके खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ था।

  • किसान हड़ताल : 10 जून तक बंद करेंगे शहरों में दूध और सब्जियों की सप्लाई

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    नई दिल्ली. मेट्रो शहरों में रहने वाले लोगों के लिए 1 से 10 जून तक मुश्किलें बढ़ जाएगी क्योंकि अनदाता किसान हड़ताल करने वाले हैं. दरअसल पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के किसानों ने इस दौरान गांव बंद करने का फैसला किया है. किसान मुकम्मल तौर पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं. किसानों ने ऐलान किया है कि 1 से 10 जून तक गांव से खाने पीने की वस्तु लिहाजा दूध, सब्जियों और फल की सप्लाई शहरों में नहीं की जाएगी और न ही किसान शहरों से कोई सामान अपने गांव में लेकर आएंगे.

    इस बार के आंदोलन में खास बात ये है कि कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा किसानों के साथ इस आंदोलन में पूरा योगदान दे रहे हैं. किसान नेता देवेंद्र शर्मा के साथ मिलकर आंदोलन की अपनी योजना तैयार कर रहे हैं. देवेंद्र शर्मा ने कहा, किसान नेताओं ने 1 से 10 जून तक अपने गांव को सील करने और शहर में कोई भी सामान जैसे सब्जियां, फल और दूध न भेजने का ऐलान किया है. इस दौरान गांवों को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा और किसी को भी गांव से बाहर सामान सप्लाई करने की अनुमति नहीं होगी.

    कृषि विशेषज्ञ ने बताया, जब तक कोई बहुत ही जरूरी काम नहीं होगा किसान और उनके परिवार भी गांव में ही रहेंगे. किसान नेताओं का कहना है कि पिछले लंबे वक्त से वे स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू कराने और किसानों की आमदनी को बेहतर कराने की लगातार सरकार से गुहार लगाते रहे हैं. इस संबंध में किसान आंदोलन भी कर चुके हैं लेकिन सरकार ने इन किसानों की सुध नहीं ली है. जिस वजह से किसान आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं.

     

     

  • पीएनबी महाघोटाले में चौकसी की कंपनी के 85 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त

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    नई दिल्ली. पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) के 13,000 करोड़ रुपये के महाघोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि समूह के 85 करोड़ रुपये के 34,000 आभूषण जब्त किए हैं.

    एजेंसी के मुताहित ये आभूषण दुबई से खरीदे गए थे. इन आभूषणों को मनी लॉन्ड्रिंग रोधक कानून के तहत जब्त किया गया है. एक बयान में कहा गया है, ईडी ने मेहुल चौकसी के नियंत्रण वाली गीतांजलि ग्रुप से मनी लॉन्ड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत 85 करोड रुपये के 34,000 आभूषण जब्त किए हैं.

    ये आभूषण दुबई से खरीदे गए थे. चौकसी और उनके भांजे नीरव मोदी पीएनबी घोटाले में ईडी की जांच के घेरे में हैं. मोदी, चौकसी और अन्य की ईडी और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी ने इस मामले में दो-दो प्राथमिकी दर्ज की हैं.

    सीबीआई ने इसी सप्ताह इस मामले में मुंबई की अदालत में दो आरोपपत्र दायर किए हैं. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपनी ओर से अभियोजन शिकायत दर्ज किए जाने की उम्मीद है. ईडी की शिकायत या आरोपपत्र मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू पर केंद्रित होगी. अपने खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने से पहले ही मोदी और चौकसी देश से बाहर जा चुके थे.

  • पास्को कानून बनने के बाद बलात्कार के दोषी को फांसी की पहली सजा!

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    म.प्र. के इंदौर के राजबाड़ा के मुख्य गेट के पास ओटले पर माता-पिता के बीच सोई चार माह की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्यायालय ने एक शख्स को फांसी की सजा सुनाई। जज ने 7 दिन तक सात-सात घंटे सिर्फ इसी केस को सुना और 21 दिन में सुनवाई पूरी होने के बाद 23 वें दिन शनिवार को फैसला सुनाया। बता दें कि नया कानून पॉक्सो बनने के बाद किसी आरोपी को फांसी की सजा सुनाने का यह पहला मामला है।
    हाल ही में केंद्र सरकार ने पॉस्को कानून में संशोधन कर 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों के खिलाफ मौत की सजा के कानून को मंजूरी दी थी। नए कानून के तहत अब यदि बलात्कार के मामले में लड़की की आयु 12 साल से कम होगी, तो बलात्कारी को मौत की सजा होगी। यह घटना 20 अप्रैल की है। बच्ची अपने माता-पिता के साथ सो रही थी।
    तभी दोषी नवीन उर्फ अजय गड़के ने बच्ची को उठाकर श्रीनाथ पैलेस बिल्डिंग के बेसमेंट में ले गया था, जहां उसके साथ 15 मिनट तक दुष्कर्म किया। फिर बिल्डिंग की छत से फेंककर उसकी हत्या कर दी। नवीन पीड़ित बच्ची का मौसा है और वह बच्ची के माता-पिता के साथ ही रहता था। इस मामले में  28 अप्रैल से ट्रॉयल शुरू हुआ। 1 मई से जिला कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। 8 मई को 29 गवाहों के बयान लिए गए। 9 मई को आरोपी का बयान हुआ।
    इस दौरान कोर्ट ने दोषी से 80 सवाल किए। आरोपी ने कहा कि मेरे खिलाफ सभी आरोप झूठे हैं। 10 मई को आखिरी बहस हुई और कोर्ट ने 12 मई तक फैसला सुरक्षित रख लिया।

  • यह उद्योग इस साल एक लाख नौकरियां देगा !

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    नई दिल्ली : भारतीय आईटी उद्योग इस साल आठ प्रतिशत की वृद्धि के साथ 167 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है। साथ ही इस साल यह उद्योग एक लाख नौकरियां देगा। विधि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने शुक्रवार को यह बात कही।

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    IT industry

    प्रसाद ने ट्वीट किया , ‘नास्कॉम की अध्यक्ष देवजानी घोष ने आज मुझसे मुलाकात की। हमारे बीच आईटी उद्योग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि 2018 में भारतीय आईटी उद्योग आठ प्रतिशत की वृद्धि के साथ 167 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। इस साल उद्योग में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 39.7 लाख पर पहुंच जाएगी , जो 2017 की तुलना में 1,05,000 अधिक होगी। ’

    साफ्टवेयर सेवा उद्योग के संगठन नास्कॉम के अनुसार 2018-19 में इस क्षेत्र का निर्यात 137 अरब डॉलर रहेगा , जो 2017-18 में 126 अरब डॉलर था। शुक्रवार को ही एक अन्य कार्यक्रम में देबजानी घोष व ब्रिटेन के मंत्री मैट हेनकुक ने भारत-ब्रिटेन टेक रॉकेटशिप अवार्ड के चौथे संस्करण की शुरुआत की।

  • अब हिंदी माध्यम में भी होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई , सरकार ने दी हरी झंडी

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    नई दिल्ली। इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी माध्यम में भी होगी। तकनीकी संस्थानों को इससे जुड़े कोर्सो को अब हिंदी माध्यम में पढ़ाने की भी स्वतंत्रता मिलेगी। सरकार ने इसे लेकर तकनीक संस्थानों को सहूलियत दी है। साथ ही इसे प्रोत्साहित करने के लिए इंजीनियरिंग से जुड़ी किताबों को हिंदी में तैयार करने की पहल भी की है। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों में इंजीनियरिंग को लेकर रुझान और बढ़ेगा, क्योंकि अभी भाषाई दिक्कत के चलते बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई से कतराते है।

    एआईसीटीई से जुड़े किसी भी कोर्स को हिन्दी में पढ़ाने पर अब कोई प्रतिबंध नहीं है। कोई भी संस्थान हिंदी माध्यम में इसकी पढ़ाई करा सकते है; प्रो. अनिल सहत्रबुद्धे, अध्यक्ष, एआईसीटीई।

    इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी माध्यम में कराने की यह पहल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने की है। हाल ही में सरकार ने भी इसे मंजूरी दी है। हालांकि संस्थानों पर इसे जबरन नहीं थोपा जाएगा, बल्कि वह अपनी मर्जी से अपने संस्थान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी में से किसी भी माध्यम में कराने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।

    एआईसीटीई का मानना है कि यह पहल काफी पहले होनी चाहिए थी, लेकिन इसकी राह में सबसे बड़ी बाधा पाठ्य पुस्तकों की कमी थी। जिसे अब दूर करने की कोशिश की जा रही है। इंजीनियरिंग से जुड़ी किताबों को हिंदी में तैयार करने वाले लेखकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने इसी कड़ी में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबों को तैयार करने वाले लेखकों को पुरस्कृत भी किया है।

    माना जा रहा है कि सरकार की इस पहल से इंजीनियरिंग संस्थानों को उबारने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि मौजूदा समय में देश में इंजीनियरिंग संस्थान बड़ी संख्या में सीटों के खाली रहने से बंद हो रहे है।

    गौरतलब है कि तकनीकी शिक्षा से जुड़े आईआईटी और इंजीनियरिंग कालेजों का संचालन एआईसीटीई के नियमों के तहत होता है। इन्हें अपने यहां संचालित होने वाले प्रत्येक कोर्स को एआईसीटीई से अनुमति लेनी जरूरी है।

  • मुख्यमंत्री से भी ज्यादा अमीर हैं इस जिले के एसएसपी

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    जालंधर। हाल ही में वेस्ट बंगाल क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने पूर्व आइपीएस भारती घोष के 3 ठिकानों पर छापा मारा, जहां से 2.5 करोड़ रुपए बरामद हुए। ऐसे केसों की वजह लोगबाग पुलिस को भ्रष्टाचार से लिप्त माना जाता है। लेकिन हमारे देश में कुछ पुलिसवाले ऐसे भी हैं जो ईमानदारी से करोड़पति हैं और बिना किसी डर के अपनी समस्त संपत्ति सरकार के सामने शो करते हैं।

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    ऐसा ही एक उदाहरण हैं पंजाब में जहां कई पीढ़ियां एक ही प्रोफेशन में उच्च पदों पर रही हैं, लेकिन ऐसा शायद ही कहीं हुआ हो कि किसी जिले में एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) पद पर दादा भी रहे हों, बेटा भी और पोता भी। जी हां, जालंधर में इस समय नियुक्त एसएसपी (देहात) गुरप्रीत सिंह भुल्लर के पिता गुरइकबाल सिंह भुल्लर व दादा गुरदयाल सिंह भुल्लर भी इसी जिले में इसी पद पर तैनात रह चुके हैं।

    गुरप्रीत सिंह भुल्लर के बारे में एक और दिलचस्प तथ्य यह भी है कि वे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पूर्व उप मुख्यमंत्री और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से भी अमीर हैं। गत चुनावों के दौरान भरे गए नामांकन में कैप्टन ने अपनी संपत्ति 48 करोड़ व सुखबीर सिंह बादल ने 102 करोड़ घोषित की थी, जबकि गुरप्रीत सिंह भुल्लर 152 करोड़ की अचल संपत्ति के मालिक हैं।

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    इस संपत्ति का आंकड़ा उन्होंने मोहाली में एसएसपी पद पर नियुक्ति के वक्त दिया था। यह खुलासा उनके द्वारा हाल ही में गृह मंत्रालय की वेबासाइट पर दी गई जानकारी में हुआ है। इसके अनुसार मोहाली में सबसे लंबे समय तक एसएसपी रहे भुल्लर के पास कुल 16 संपत्तियां हैं जिनमें से 8 आवासीय, 4 कृषि योग्य और 3 व्यवसायिक प्लॉट हैं। साभार: : भास्कर, जागरण, नई दुनिया

  • गोपनीय पत्र लीक, मुख्यमंत्री के निजी सचिव समेत दो हटाए गए

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    राष्टपति से लेकर मुख्यमंत्री की हवाई यात्रा का दस्तावेज कैसे होता लीक

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने निजी सचिव पीताम्बर यादव को हटा दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल के पीए शिशुपाल को भी हटा दिया गया है। आरोप है कि इन दोनों ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले बचाने के लिए दिए गए गोपनीय पत्र को लीक किया है। लेकिन सरकार शायद अपनी सुरक्षा को लेकर इतनी सर्तक नही है। राष्टपति से लेकर मुख्यमंत्री तक के हवाई कार्यक्रम की सूचना सोशल मीडिया में वायरल होना भी बड़ी चूक बन सकती हैै। वैसे तो आला अफसर से किसी खबर पर बाॅतचीत की जाए तो वह जबाब देने से कतराता है। ऐसे में राष्टपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हवाई कार्यक्रम की दस्तावेजी प्रतिलिपि सोशल मीडिया में कैसे वायरल हो जाती है।

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    गोपनीय पत्र लीक, मुख्यमंत्री के निजी सचिव समेत दो हटाए गए

    बता दें कि गुरुवार 16 मई को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी से उनके आवास पर मुलाकात कर एक पत्र सौंपा था। इस पत्र में मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव के सरकारी बंगले को बचाने का तरीका लिखा गया था। यही पत्र अब लीक हो गया है, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से पिताम्बर यादव और शिशुपाल को हटा दिया गया है। सीएम कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक इन पर शासन के निर्णयों के संबंध में गोपनीयता भंग करने का आरोप था। ये सीएम ऑफिस की एक्टिविटी और निर्णयों को अम्ल में आने से पहले ही एक बड़े कद्दावर नेता को लीक कर देते थे और वह नेता मामले से संबंधित ट्वीट कर दिया करते थे।इसका असर ये होता था कि ट्वीट के बाद जब सरकार कार्रवाई करती थी तो जनता में ये मैसेज जाता था कि उनके (कद्दावर) के ट्वीट के बाद हरकत में आई सरकार।

    बता दें कि पीताम्बर यादव अखिलेश यादव की सरकार में मुख्यमंत्री के निजी सचिव के पद पर तैनात थे। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचम तल पर आकर अपना काम संभाला तो पिताम्बर यादव अपनी तैनाती बरकरार रखने में कामयाब रहे। वैसे भी ज्ञात हो कि बड़ी और सनसनी खेज रिपोर्टिग के नाम पर सचिवालय स्तर के अधिकारियों से दोस्ती कर कुछ लोगों ने राष्टपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हवाई कार्यक्रम का दस्तावेज तक सोशल मीडिया में वायरल करना शुरू कर दिया है। क्या यह सुरक्षा की दृष्टि से गलत नही है। सरकार को छोटी मोटी बाॅते छोडकर सुरक्षा सम्बंधी दस्तावेजों के प्रति ज्यादा सर्तक रहना होगा।

  • हरियाणा सरकार ने कहा फैसले तक दिल्ली को पानी की आपूर्ति जारी रखेगा

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    पानी विवाद मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया कि मामले के निपटारे तक वह दिल्ली को पानी की आपूर्ति जारी रखेगा। पानी की आपूर्ति में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होनी है। दिल्ली और हरियाणा के बीच पानी को लेकर चल रहे विवाद से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान 23 अप्रैल को अदालत के सामने दोनों राज्यों के चीफ सेक्रटरी पेश हुए थे।

    कोर्ट ने हरियाणा और दिल्ली के चीफ सेक्रटरी और जल संसाधन मंत्रालय के सेक्रटरी से कहा था कि वह तुरंत मीटिंग करें और यमुना में पानी सप्लाई को लेकर चल रहे मुद्दे को सुलझाएं। 19 अप्रैल को हरियाणा और दिल्ली के चीफ सेक्रटरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। पिछली सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि हथिनी कुंड बैराज से 50 फीसदी पानी कम आ रहा है।

    अप्रैल 2017 की तुलना में इस साल पानी 50 फीसदी कम है। ऐसे में मामले की सुनवाई के दौरान इस पहलू पर भी गौर किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी. लोकूर की अगुवाई वाली बेंच के सामने हरियाणा सरकार ने हालांकि ये भी कहा था कि वह 15 मई तक 150 क्यूसेक पानी सप्लाई करेगी।

  • भविष्य में दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर होगा दिल्ली

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    संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के नये अनुमानों के मुताबिक 2028 के आसपास दिल्ली के दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बनने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र के यहां जारी नये अनुमानों के अनुसार 2050 तक दुनिया की शहरी आबादी में भारत का योगदान सबसे अधिक होने के आसार हैं। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (यूएन डीईएसए) के जनसंख्या प्रभाग द्वारा पेश विश्व शहरीकरण संभावनाओं के पुनरावलोकन 2018 रिपोर्ट को यहां जारी किया गया।

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    इसमें कहा गया है कि 2050 तक दुनिया की 68 प्रतिशत जनसंख्या के शहरी क्षेत्रों में रहने का अनुमान है। इस समय दुनिया की 55 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में दुनिया की शहरी जनसंख्या का आकार बढने की उम्मीद है। भारत , चीन और नाइजीरिया 2018 और 2050 के बीच दुनिया की शहरी आबादी के अनुमानित विकास का 35 प्रतिशत हिस्सा होंगे। 2050 तक, यह अनुमान लगाया गया है कि भारत 41 करोड़ 60 लाख शहरी निवासियों, चीन 25 करोड़ 50 लाख और नाइजीरिया 18 करोड़ 90 लाख शहरी निवासियों को जोड़ेगा।

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    तोक्यो तीन करोड़ 70 लाख निवासियों के समूह के साथ दुनिया का सबसे बड़ा शहर है। इसके बाद नई दिल्ली दो करोड़ 90 लाख, दो करोड़ 60 लाख के साथ शंघाई, और मेक्सिको सिटी और साओ पाउलो, प्रत्येक दो करोड़ 20 लाख निवासी है। काहिरा, मुंबई, बीजिंग और ढाका में लगभग दो-दो करोड़ निवासी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2028 के आसपास दिल्ली के दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बनने का अनुमान है।

    इसमें कहा गया है कि 2028 में नई दिल्ली की अनुमानित आबादी का आकार लगभग 3.72 करोड़ है , जो तोक्यो के 3.68 करोड़ से अधिक है। भारत की सबसे बड़ी ग्रामीण आबादी (89.3 करोड़) है। इसके बाद चीन की (57.8 करोड़) है।